टोक्यों ओलंपिक (Olympics 2020) में भारत के लिए एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। ओलंपिक के खेलों के दौरान महिलाओं ने साबित कर दिया है कि वह पुरुषों से कम नहीं हैं। पहले मीराबाई चानू, मैरीकॉम और पीवी सिंधु ने कमाल दिखाया तो अब भारत की महिला हॉकी टीम (Indian Women Hockey Team) ने भी अपना कारनामा दिखा दिया है। बता दें कि भारत के लिए महिला हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया है। भारतीय पुरुष टीम के 49 वर्ष बाद ओलंपिक सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद सोमवार को महिला टीम ने आस्ट्रेलिया की विश्व में नंबर दो टीम को 1-0 से हराकर अंतिम चार में जगह बना ली है।
कोरोना वायरस के बाद अब ज़ीका वायरस ने बढ़ाई चिंता, केरल के बाद अब महाराष्ट्र में भी…
देश में कोरोना वायरस का खतरा टला नहीं था कि अब एक और वायरस लोगों पर खतरे की तरह मंडरा रहा है। जानकारी के मुताबिक बीते करीब एक महीने से ज़ीका वायरस (Zika Virus) ने सबकी चिंताएं बढ़ा दी हैं। बताया जा रहा है कि ज़ीका वायरस भी कोरोना वायरस की तरह ही एक खतरनाक वायरस है। अभी तक इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति केरल में पाए जा रहे थे। लेकिन शनिवार को इस वायरस से संक्रमित एक मरीज महाराष्ट्र में भी पाया गया है। हम लोगों में बहुत से लोग हैं जो इस वायरस के बारे में नहीं जानते। तो चलिए आज हम आपको इसकी जानकारी देते हैं।
पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर के बयान से बढ़ा सियासी तापमान, बोले “जयराम की सरकार…”
देश फिलहाल कोरोना से लड़ाई कर रहा है। इस बीच देश का हर व्यक्ति इसको खत्म करने के लिए अपना योगदान दे रहा है। लेकिन इस बीच भी देश में नेता बस एक दूसरे पर हमला करने में मसरूफ हैं। कोई भी विपक्ष में हमला करने का एक छोटा सा भी मौका छोड़ना नहीं चाहता। खासतौर पर भाजपा और कांग्रेस के नेता। भाजपा और कांग्रेस की सियासी लड़ाई काफी समय से चल रही है और आगे भी चलती ही रहेगी। खबर है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (Jai Ram Thakur) और जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर (Mahender Singh Thakur) पर सियासी वार कर दिया है।
कल्याण सिंह से मुलाकात के लिए SGPGI पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह, डॉक्टर से जाना हाल…
भाजपा के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह (Former UP CM Kalyan Singh) की तबीयत से जुड़ी कई खबरें सामने आ रही हैं। भाजपा के नेता लगातार उनसे मुलाकात के लिए एसजीपीजीआई पहुंच रहे हैं। इस बीच खबर है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) भी उनकी सेहत से जुड़ी जानकारी लेने के लिए एसजीपीजीआई पहुंचे। बताते चलें कि इस दौरान उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक, प्रोफेसर आरके धीमान से बातचीत के दौरान पता चला कि कल्याण सिंह की हालत अब भी गंभीर है और आने वाले तीन दिन उनके लिए काफी अहम रहेंगे।
देखते ही देखते खाई में बदली दिल्ली की सड़क, आईआईटी फ्लाईओवर के नीचे हुआ…
हादसा होने का कोई समय नहीं होता और न ही किसी को इसकी जानकारी होती है। इसलिए हम सबको हर वक्त सतर्क रहना चाहिए। देश की राजधानी दिल्ली में भी एक हादसा पेश आया है। लेकिन राहत की बात ये है कि इस हादसे में किसी को कोई नुक्सान नहीं पहुंचा है। ये हादसा शनिवार को दिल्ली के आईआईटी फ्लाईओवर (IIT flyover) के नीचे पेश आया है। बता दें कि आईआईटी फ्लाईओवर के नीचे एक गड्ढा था, जो अब एक खाई में तब्दील हो गया है। हालांकि अब इसे बचाव के लिए गड्ढे के चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई है। लेकिन अगर ऐसा नहीं किया जाता तो लोगों का काफी नुकसान होने की संभावना थी।
भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी वंदना कटारिया ने रचा इतिहास, एक ही मैच में किए…
जैसा कि सभी को पता है टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympic 2020) का आगाज हो चुका है। सभी देश के खिलाड़ी अपने देश को आगे लाने के लिए काफी मेहनत कर रहे हैं। बाकी देशों के खिलाड़ियों की तरह भारत के खिलाड़ी भी भारत को आगे लाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इस कोशिशों के बीच भारतीय महिला हॉकी टीम ने कमल कर दिखाया है। बता दें कि भारतीय महिला हॉकी टीम ने अपने आखिरी ग्रुप मैच में दक्षिण अफ्रीका को 4-3 से हरा दिया है और इस मुकाबले को जीतने में भारतीय महिला हॉकी टीम की वंदना कटारिया (Vandana Katariya) का बड़ा योगदान है।
ऑनलाइन गेम की लत का शिकार हुआ 13 साल का छात्र, फांसी लगाकर दी….
आज कल के दौर में टाइमपास करने के लिए बच्चें ऑनलाइन गेम खेलते हैं। इन गेमों की लत इतनी लग चुकी है कि बच्चें गेम के लिए हजारों रुपए खर्च करने को भी तैयार हैं और बहुत से बच्चें तो ऐसा कर भी चुके हैं। हाल ही में मध्य प्रदेश के छतरपुर (Chhatarpur) से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है। छतरपुर में रहने वाले एक 13 साल के छात्र ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। इस छात्र ने आत्महत्या करने से पहले एक पत्र भी लिखा था। इस पत्र के मुताबिक इस बच्चे ने ऑनलाइन गेम फ्री फायर (Free fire) में हजारों रुपए बर्बाद कर दिए थे। जिसकी वजह से उसने अपनी जान दे दी।
सवाल “पापी पेट” का, या “चटोरी जीभ” का? – किशन शर्मा
हमेशा सभी तरह के लोग “पापी पेट” को ही दोषी बताते रहते हैं । कुछ भी करना पडे या सहना पडे तो लोग आमतौर पर यही कहते रहते हैं कि “पापी पेट का सवाल है” । लेकिन मैं यह देख कर और समझकर हैरान रह जाता हूं कि बेचारा पेट तो बिना कारण बदनाम होता रहता है । अगर पेट की भूख ही मिटाने का सवाल होता तो हम लोग पेट भरने के लिये कुछ भी और कैसा भी खा सकते थे । परंतु सच्चाई यह है कि हम अपनी चटोरी जीभ के स्वाद के लिये चीज़ें खाते हैं । किसी भी दावत में यह दृष्य दिखाई देता ही रहता है कि लोग एक चक्कर लगा कर पहले खाने में रखी सब वस्तुओं को देख लेते हैं, फ़िर जो अच्छी और आकर्षक दिखाई दे, उसे चखने लगते हैं; और स्वाद भी पसंद आ जाये तो फ़िर उसे खाने लगते हैं । अर्थात दिखाई देने में आकर्षक और चखने में स्वादिष्ट वस्तुओं को ही अधिकांश लोग खाते रहते हैं ।
अगर केवल पापी पेट का ही सवाल है तो जो भी वस्तु पहले दिखाई दे जाये, उससे ही पेट भरा जा सकता है । मेरी एक मित्र बहुत ही लोकप्रिय अभिनेत्री हैं, उनका विशेष अंदाज़ देखकर मैं वास्तव में चकित रह गया था । वो होटलों में पानी पूरी, चाट, समोसे, कचौरी आदि अलग अलग दिन खाती ही रहती थीं, और कुछ ही मिनट के बाद वहीं के बाथरूम में जाकर उल्टी कर देती थीं । पहले मुझे ऐसा लगा कि उनकी तबीयत खराब हो गई होगी, लेकिन जब बार बार यह क्रम देखा तो मैंने उनसे इस बारे में पूछ ही लिया । वो थोडा मुस्कुराईं और फ़िर बोलीं, “क्या है किशन जी, मुझे चटपटा खाना बहुत पसंद है; खासतौर पर पानी पूरी, दही पूरी, सेव पूरी, समोसे ।
ऐसी चीज़ों को देखकर मुंह में पानी भर आता है । तो जीभ के स्वाद के लिये मैं यह सब खा लेती हूं; मगर मुझे अपने पेट और स्वास्थ का ध्यान भी रखना होता है और कहीं मोटी न हो जाऊं यह भी डर लगा रहता है; इसलिये मुंह का स्वाद ले लेती हूं लेकिन इन चीज़ों को पेट में नहीं जाने देती । इसलिये तुरंत उल्टी कर देती हूं” । यह सुनकर मैं आश्चर्यचकित रह गया । ऐसा भी कुछ लोग करते हैं, यह एक नई जानकारी मुझे मिल गई थी । गरीब लोग और भिखारी तो जो मिल जाता है, उसी से अपना पेट भर लेते हैं । उनके लिये स्वाद का कोई महत्व नहीं होता । मैंने अनेक किसानों को प्याज़ और नमक के साथ रोटी खाते हुए देखा है । वे वास्तव में “पापी पेट” को भरने के लिये जो उपलब्ध होता है वही खा लेते हैं ।
भिखारी लोग और उनके बच्चे भी जहां, जो कुछ मिल जाये, वही खाकर अपना पेट भर लेते हैं । परेशानी होती है अमीर, नये ज़माने के, फ़ैशनेबल परिवारों के लोगों की । वे पेट भरने के लिये नहीं बल्कि जीभ के स्वाद के लिये अलग अलग प्रकार के व्यंजन खाते रहते हैं । अगर कभी घर के खाने में स्वाद नहीं आया तो उसे छोड देते हैं और बाहर किसी होटल में अपनी पसंद की चीज़ें खा लेते हैं । कुछ लोग अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए ऐसी चटपटी चीज़ों की मात्रा कम कर देते हैं, परंतु अपनी जीभ के चटोरेपन पर नियंत्रण नहीं रख पाते । दो या तीन पानी पूरी, या आधा समोसा, या कचौरी का एक टुकडा खाकर जीभ को संतुष्टि प्रदान करने के बाद वो लोग अपने पेट को भरने के लिये सादा भोजन खाने लगते हैं ।
मिठाई के बारे में भी ऐसा ही करते हैं अनेक लोग । एक जलेबी, आधा लड्डू, रस पूरी तरह निचोडकर रसगुल्ला खाते हुए मैंने अनेक लोगों को देखा है । एक चम्मच आइस्क्रीम को धीरे धीरे खाकर अपनी जीभ को प्रसन्न करने वाले अनगिनत लोग दिखाई देते रहते हैं । एक से बढकर एक अच्छे, स्वादिष्ट और महंगे पकवान खाने वाले अति अमीर लोग भी जब “पापी पेट का सवाल है” कहकर बेचारे पेट को दोष देने लगते हैं तब वास्तव में मुझे तो उनपर हंसी आने लगती है । आज तक मैंने किसी भी पुरुष, महिला, युवा या बच्चे को अपनी जीभ के चटोरेपन को दोष देते हुए नहीं सुना है । एक बहुत ही अमीर व्यक्ति से मैंने एक बार पूछ लिया कि वे ढेर सारा काम स्वयं ही बहुत देर देर तक क्यों करते रहते हैं, तो उनका छोटा सा उत्तर था, “भाई साहब, पापीपेट का सवाल है । उसके लिये ही इतनी मेहनत करनी पडती है” । मैं आज तक यह समझ नहीं पाया हूं कि आखिरकार सवाल किसका होता है – पापी पेट का, या चटोरी जीभ का, या असीमित धन-वैभव प्राप्त करने की लालसा का ?
किशन शर्मा
901, केदार, यशोधाम एन्क्लेव, प्रशांत नगर, नागपुर-440015;
मोबाइल-8805001042
क्या कानून से ऊपर है ‘शिफ़ाख़ाना इ सैफिया ट्रस्ट’ ?
मामला है ‘सैफी पॉलीक्लिनिक एंड नर्सिंग होम’, घीया कम्पाउंड, दूसरी हसनाबाद रोड, सांताक्रूज़ पश्चिम, मुंबई का जहाँ ‘शिफ़ाख़ाना इ सैफिया ट्रस्ट’ अपनी मनमर्ज़ी चला रहा है। ट्रस्ट एक गैर कानूनी पॉलीक्लिनिक एंड नर्सिंग होम चला रहा है, जिस घीया कम्पाउंड में यह पॉलीक्लिनिक बनाया गया है वह स्थान घीया कम्पाउंड स्थित ‘कंपल्सरी ओपन स्पेस’ में आता है, यानि उस खाली स्थान पर कोई निर्माण कार्य या ईमारत नहीं बनायी जा सकती है। परंतु ट्रस्ट के ट्रस्टीज़ ने नियम कानून की धज्जिया उड़ाते हुए घीया कम्पाउंड में अपनी मनमर्ज़ी चला राखी है।
शिफ़ाख़ाना इ सैफिया ट्रस्ट को किसकी शय है ?
बीएमसी के स्वास्थ्य अधिकारी ने दिनांक १२/०२/२०२० को एक लिखित पत्र द्वारा ‘शिफ़ाख़ाना सैफिया ट्रस्ट’ के ‘सैफी पॉलीक्लिनिक एंड नर्सिंग होम’ को तुरंत अपनी गतिविधियां बंद करने को कहा था। परन्तु, नर्सिंग होम चल रहा है

मुंबई फायर ब्रिगेड विभाग ने अपने इंस्पेक्शन में नर्सिंग होम को नियम कानून और पब्लिक सेफ्टी के विरुद्ध पाया, किसी अनहोनी जैसे आग लगने की स्थिति में यहाँ लोगों की जान को खतरा है। ११/०३/२१ को मुंबई फायर ब्रिगेड विभाग ने ट्रस्ट के ट्रस्टीज को तुरंत नर्सिंग होम बंद करने को कहा था।
परन्तु, नर्सिंग होम चल रहा है
मुंबई फायर ब्रिगेड के ऑफिसर सचिन तलेकर ने बताया कि विभाग ने अपना कार्य किया है सैफी नर्सिंग होम एंड पॉलीक्लिनिक फायर और पब्लिक सेफ्टी नियमों के विरुद्ध चलाया जा रहा है। विभाग ने सांता क्रूज़ पुलिस स्टेशन को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सैफी नर्सिंग होम एंड पॉलीक्लिनिक बंद किया जाये।
बीएमसी (H/W वार्ड) ने दिनांक ०८/०७/२१ को ‘सैफी पॉलीक्लिनिक एंड नर्सिंग होम’ को तोड़ने का ऑर्डर दिया है
Speaking Order from Building and Factory
सांताक्रूज़ पुलिस स्टेशन इंचार्ज न्यानेश्वर गानोर ने बताया कि “पुलिस अपनी करवाई करेगी, हमने सैफी नर्सिंग होम एंड पॉलीक्लिनिक को नोटिस जारी कर दिया है।”
जब हमने नर्सिंग होम को संचालित करने वाली ट्रस्ट के ट्रस्टी जनाब फकरुद्दीन भानपुरवाला से बात करी तो उन्होंने कहा कि वे इसके बारे में कुछ नहीं जानते। खबर के लिखे जाने तक आज भी नर्सिंग होम धड़ल्ले से चल रहा है.
गहलोत-पायलट के बीच सुलह की संभावना, सत्ता-संगठन में पायलट गुट को…
राजस्थान में सियासी तापमान बड़ा हुआ है। लेकिन अब अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) के बयान के बाद मामला ठंडा होने की संभावना है। बता दें कि बीते कुछ समय से राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट (Sachin pilot) के बीच तकरार चल रही है। लेकिन इस बीच अशोक गहलोत ने इसी बात बोल दी है, जिससे जाहिर होता है कि दोनों के बीच जल्दी ही सब ठीक हो जाएगा। खबर के मुताबिक गहलोत ने गुरुवार रात को अपने सरकारी आवास पर पायलट गुट को डिनर (Dinner Diplomacy) दिया था। इस बीच उन्होंने बोला कि पुरानी बातों को भूलकर आगे बढ़ने का समय है।

















