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चिन्यालीसौड़ नगर पालिका में करोड़ों के कार्यों पर सवाल, प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में सामने आई अनियमितताएं, उच्च स्तरीय जांच की संस्तुति

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उत्तरकाशी। नगर पालिका परिषद चिन्यालीसौड़ में विकास कार्यों, वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर सभासदों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। उपजिलाधिकारी स्तर पर गठित जांच समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपते हुए पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने की संस्तुति की है।

नगर पालिका के सातों सभासदों ने शपथ पत्र देकर आरोप लगाया था कि बोर्ड बैठकों में उनकी अनदेखी की जा रही है, विकास कार्यों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही तथा निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है। सभासदों ने नगर पालिका द्वारा कराए गए सीसीटीवी, स्ट्रीट लाइट, निर्माण कार्यों और कूड़ा प्रबंधन से जुड़े सभी कार्यों का विवरण सार्वजनिक करने, बोर्ड बैठकों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने और उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की थी।

कई बार टली जांच, फिर सामने आए तथ्य
शिकायत मिलने के बाद अप्रैल 2026 में जांच शुरू की गई, लेकिन बहुउद्देशीय शिविर, चारधाम यात्रा और मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों के कारण कई बार जांच स्थगित करनी पड़ी। अंततः 23 अप्रैल को समिति ने चिन्यालीसौड़ पहुंचकर अभिलेखों की जांच की तथा 6 मई को अध्यक्ष, सभासदों और अधिशासी अधिकारी का पक्ष सुना।

जांच के दौरान अध्यक्ष मनोज कोहली “श्याम” ने अधिशासी अधिकारी को राजनीतिक दबाव के चलते निदेशालय से संबद्ध किए जाने का आरोप लगाया और कहा कि अधिकारी की अनुपस्थिति से विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। वहीं सभी सभासदों ने अपनी शिकायतों की पुष्टि करते हुए निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग दोहराई।

वाहनों की लॉग बुक में मिलीं खामियां
समिति को नगर पालिका के कई वाहनों की लॉग बुक में गंभीर कमियां मिलीं। जांच में पाया गया कि कई वाहनों में प्रतिदिन संबंधित अधिकारी या चालक के हस्ताक्षर नहीं किए गए थे।

वाहन संख्या UK07CA4695 की लॉग बुक में 25 जनवरी 2025 से 27 फरवरी 2026 के बीच 23 दिनों तक जनपद से बाहर यात्रा दर्ज थी, लेकिन नगर पालिका केवल तीन यात्राओं का ही सत्यापन प्रस्तुत कर सकी। शेष 20 यात्राओं का कोई विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया, जिसके चलते समिति ने उन यात्राओं की पुष्टि करने से इंकार कर दिया।

निविदा और कार्य आवंटन पर उठे सवाल
रिपोर्ट में निविदा प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर टिप्पणियां की गई हैं। समिति के अनुसार कई मामलों में कोटेशन जमा करने की अंतिम तिथि बिना स्पष्ट कारण बढ़ाई गई। कुछ कार्यों में एक ही ठेकेदार को एक साथ कई कार्य आवंटित किए गए।

6 मार्च 2026 को जारी निविदा में कुल 33 कार्य आवंटित किए गए, जिनमें से कई कार्य सीमित संख्या के ठेकेदारों को दिए गए। जांच में सामने आया कि एक ठेकेदार को चार, दूसरे को तीन और तीसरे को दो कार्य दिए गए। समिति ने इसे प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया की भावना के विपरीत माना। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कुछ ठेकेदारों और फर्मों को बार-बार कार्य आवंटित किए जाने की शिकायत जांच में सही पाई गई।

डस्टबिन और सोलर लाइट खरीद पर सवाल
नगर पालिका द्वारा डस्टबिन खरीद में भी अनियमितता की आशंका जताई गई है। जांच में पाया गया कि 50 डस्टबिन 4200 रुपये प्रति इकाई और 25 डस्टबिन 7600 रुपये प्रति इकाई की दर से खरीदे गए। समिति ने प्रस्तुत नमूनों के आधार पर प्रथम दृष्टया इन्हें अधिक कीमत पर खरीदा जाना प्रतीत होने की बात कही है।
इसके अतिरिक्त वार्ड नंबर-1 स्थित नागराजा मंदिर में 21 सोलर लाइट खरीदने का रिकॉर्ड मिला, जिन पर प्रति यूनिट 18,400 रुपये का भुगतान किया गया।

11.66 करोड़ रुपये के खर्च का विवरण नहीं
जांच रिपोर्ट का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु वित्तीय पारदर्शिता से जुड़ा है। समिति के अनुसार 1 फरवरी 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच नगर पालिका परिषद चिन्यालीसौड़ को विभिन्न मदों में लगभग 11 करोड़ 66 लाख 63 हजार रुपये प्राप्त हुए, लेकिन इसके सापेक्ष व्यय का विस्तृत विवरण जांच समिति को उपलब्ध नहीं कराया गया। समिति ने इसे गंभीर मामला मानते हुए वित्तीय अभिलेखों की गहन जांच की आवश्यकता बताई है।

निविदा प्रकाशन पर भी आपत्ति
जांच में पाया गया कि नगर पालिका ने निविदाओं का प्रकाशन दैनिक भास्कर के उत्तरकाशी संस्करण में कराया। समिति ने टिप्पणी की कि संबंधित समाचार पत्र का जिले में प्रभावी प्रसार नहीं है, जबकि शासनादेश के अनुसार निविदाएं ऐसे माध्यमों में प्रकाशित की जानी चाहिएं जिनका व्यापक स्थानीय प्रसार हो। रिपोर्ट में आशंका व्यक्त की गई कि इससे कुछ विशेष ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का प्रयास हो सकता है।

ठेकेदार के दस्तावेजों पर सवाल
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एक ठेकेदार को तीन से अधिक कार्य आवंटित किए गए। उसके द्वारा प्रस्तुत हैसियत प्रमाण पत्र उपजिलाधिकारी के बजाय राजस्व उपनिरीक्षक द्वारा जारी किया गया था। समिति ने इसे गंभीर अनियमितता माना है।

सभासदों को नहीं मिल रहीं बोर्ड बैठकों की प्रतियां
समिति ने पाया कि बोर्ड प्रस्तावों की प्रतियां सभासदों को उपलब्ध कराए जाने का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं है। कई कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्रों में भी संबंधित वार्ड सभासदों के प्रमाणन का अभाव मिला।

जांच के बाद समिति ने तीन प्रमुख सिफारिशें की हैं। इनमें अध्यक्ष और सभासदों के बीच बने टकराव को दूर कर बोर्ड संचालन में सामंजस्य स्थापित किया जाए। तीन वर्षों से तैनात अधिशासी अधिकारी वीरेन्द्र पंवार के स्थानांतरण पर विचार किया जाए। 7 फरवरी 2025 से 28 मार्च 2026 के बीच नगर पालिका में हुए सभी कार्यों और वित्तीय मामलों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि नगर पालिका परिषद चिन्यालीसौड़ में विकास कार्यों को निष्पक्ष, पारदर्शी, सार्वजनिक और शासनादेशों के अनुरूप कराया जाना अपेक्षित है। अब निगाहें जिला प्रशासन और शासन पर हैं कि रिपोर्ट में उठाए गए सवालों पर आगे क्या कार्रवाई होती है।

दिवंगत निशानेबाज पद्मश्री जसपाल राणा को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी श्रद्धांजलि, त्रयोदशी संस्कार में हुए शामिल

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देहरादून। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को देहरादून के मझौन स्थित निवास पर पहुंचकर देश के प्रसिद्ध निशानेबाज़ एवं पद्मश्री सम्मानित स्वर्गीय जसपाल राणा के त्रयोदशी संस्कार में भाग लिया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वर्गीय जसपाल राणा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों से भेंट की तथा इस कठिन समय में परिवार को धैर्य और संबल प्रदान करने की कामना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी स्वर्गीय जसपाल राणा को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके खेल जगत में दिए गए अतुलनीय योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि जसपाल राणा ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और उपलब्धियों से न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया। उनका योगदान सदैव नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

त्रयोदशी संस्कार कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, विधायक खजान दास, सांसद डॉ. महेश शर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अजय भट्ट, सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, विधायक पंकज सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और खेल जगत से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने स्वर्गीय जसपाल राणा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

भारी बारिश से भूस्खलन और अचानक आई बाढ़, 3 लोग लापता

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ईटानगर/गुवाहाटी : North East Weather Updates: पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मानसूनी आफत ने दस्तक दे दी है। अरुणाचल प्रदेश के नवगठित केयी पैन्योर (Keyi Panyor) जिले में बुधवार सुबह मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आई भयानक बाढ़ (Flash Flood) ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ के पानी और मलबे की चपेट में आने से निचले इलाकों के 18 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि यजाली सर्कल के तहत पूसा के पास स्थित नीपको (NEEPCO) प्रोजेक्ट कॉलोनी में तीन लोग लापता बताए जा रहे हैं।

दूसरी ओर, नेशनल हाईवे-315 पर कई जगहों पर हुए भीषण भूस्खलन (Landslide) के कारण असम और अरुणाचल प्रदेश का सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है, जिससे सैकड़ों गाड़ियां और यात्री बीच रास्ते में फंस गए हैं।

Retaining Wall गिरने से डूबी NEEPCO कॉलोनी, 3 लोग बहे

राज्य आपदा प्रबंधन सचिव दानी सुलू ने घटना की गंभीरता की पुष्टि करते हुए बताया कि क्षेत्र में बन रही एक सुरक्षा दीवार (Retaining Wall) भारी बारिश के दबाव के कारण अचानक ढह गई। दीवार गिरते ही कॉलोनी और उसके आस-पास के निचले रिहायशी इलाकों में मलबे के साथ लाखों गैलन पानी भर गया। इस हादसे में तीन लोग लापता हो गए हैं, जिनकी तलाश के लिए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें जुटी हुई हैं।

NH-315 पर लैंडस्लाइड: असम-अरुणाचल बॉर्डर पर लगा लंबा जाम

पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण नेशनल हाईवे-315 पर पहाड़ दरकने का सिलसिला जारी है। बुधवार को असम के डिब्रूगढ़ जिले में जॉयपुर के पास और अरुणाचल के तिरप में एनएच-315 (A) के देउमाली-खुंसा कनेक्टिंग पॉइंट पर भारी लैंडस्लाइड हुई है।

  • रात में हाईवे पूरी तरह बंद: पिछले साल चौड़े किए गए जॉयपुर हाईवे पर तीन प्रमुख जगहों पर मलबा आने के कारण गाड़ियों की आवाजाही को सीमित कर दिया गया है। सुरक्षा के लिहाज से रोजाना शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक हाईवे को पूरी तरह बंद रखने का फैसला किया गया है।

  • जनजीवन प्रभावित: अरुणाचल के तिरप जिले के खुंसा, देउमाली, सोहा और नामसांग के हजारों लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों और इलाज के लिए इसी हाईवे के जरिए असम के डिब्रूगढ़ और नाहरकटिया आते-जाते हैं, जो अब पूरी तरह ठप है।

याजाली में महज 3 घंटे में बरसी आफत, 

गुवाहाटी के क्षेत्रीय मौसम केंद्र (RMC) के अनुसार, निचले सुबनसिरी जिले के याजाली स्टेशन पर पिछले 24 घंटों में 72.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें से अधिकांश बारिश बुधवार सुबह 6:00 बजे से 9:00 बजे के बीच यानी मात्र 3 घंटे में हुई।

इस अचानक आई बाढ़ के कारण पैन्योर लोअर हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (रंगानदी हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट) में पानी का स्तर खतरे के निशान को पार कर गया। डैम की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए तुरंत एक स्पिलवे गेट (Spillway Gate) खोल दिया है।

असम सरकार हाई अलर्ट पर

अरुणाचल के पहाड़ों में हो रही इस भीषण बारिश का सीधा असर असम के मैदानी इलाकों पर पड़ने लगा है। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के निर्देश पर मुख्य सचिव ने हाई-लेवल मीटिंग बुलाई है और राज्य को हाई अलर्ट पर रखा है।

ऊपरी इलाकों से छोड़े गए पानी के कारण असम में ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बाढ़ की यह लहर अगले 24 से 48 घंटों में असम के इन जिलों को सबसे पहले प्रभावित कर सकती है:

  • धेमाजी, लखीमपुर, बिस्वनाथ और सोनितपुर (सबसे ज्यादा संवेदनशील)

  • इसके बाद यह लहर अन्य जिलों से गुजरते हुए धुबरी तक पहुंचेगी। प्रशासन ने एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।

Haridwar Road Accident: दर्दनाक हादसा, सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई स्कूटी, दादा-दादी और 5 साल की पोती की मौत

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हरिद्वार : उत्तराखंड के हरिद्वार से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे पर मंगलवार देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में दादा-दादी और उनकी पांच वर्षीय मासूम पोती शामिल हैं। इस दिल दहला देने वाले हादसे के बाद से पीड़ित परिवार और पूरे गाजीवाली गांव में कोहराम मचा हुआ है।

कांगड़ी फ्लाईओवर के पास हुआ हादसा

श्यामुपर थाना पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, हादसा मंगलवार देर रात का है। श्यामपुर के ग्राम गाजीवाली निवासी वीर सिंह अपनी पत्नी मंजू और पांच साल की पोती शिव सिंह के साथ स्कूटी पर सवार होकर हरिद्वार की तरफ से अपने घर लौट रहे थे। तभी देर रात हाईवे पर कांगड़ी फ्लाईओवर के पास उनकी स्कूटी सड़क किनारे खड़ी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली के पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए और तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

पुलिस के पहुंचने से पहले ही तोड़ा दम

धमाके की आवाज सुनकर आसपास के स्थानीय लोग और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को मामले की सूचना दी। हालांकि, टक्कर इतनी जबरदस्त थी और चोटें इतनी गंभीर थीं कि पुलिस और एंबुलेंस के पहुंचने से पहले ही तीनों दम तोड़ चुके थे। मृतकों की पहचान ग्राम गाजीवाली, थाना श्यामपुर, हरिद्वार के रूप में हुई।

मृतक 

  • वीर सिंह (53), पुत्र मोहर सिंह (दादा)

  • मंजू (50), पत्नी वीर सिंह (दादी)

  • शिव सिंह (5), पुत्र अनुज सिंह (पोती)

अंधेरा और लापरवाही बनी काल:

घटना की सूचना मिलते ही श्यामपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। मामले की जानकारी देते हुए सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रात का अंधेरा होने और हाईवे के किनारे बिना किसी इंडिकेटर या रिफ्लेक्टर के ट्रैक्टर-ट्रॉली का खड़ा होना इस दर्दनाक हादसे की मुख्य वजह हो सकता है। फिलहाल पुलिस ने वाहन को कब्जे में ले लिया है और हादसे के सभी कानूनी व तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।”

सोशल मीडिया पर बढ़ा गुस्सा

हाईवे पर अवैध रूप से खड़े होने वाले भारी वाहनों के कारण उत्तराखंड में यह कोई पहला हादसा नहीं है। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में एनएचएआई (NHAI) और ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर हाईवे पर रात के समय पेट्रोलिंग पुख्ता होती और खड़े वाहनों पर कार्रवाई की जाती, तो आज एक हंसता-खेलता परिवार तबाह होने से बच जाता।

उत्तराखंड में मानसून की दस्तक, इस दिन तक पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश का अलर्ट, मिलेगी राहत

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देहरादून : उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने प्रदेश में आगामी 29 जून (सोमवार) तक का विस्तृत मौसम पूर्वानुमान जारी कर दिया है। इस पूर्वानुमान के अनुसार, आज बुधवार (24 जून) से लेकर अगले छह दिनों तक राज्य के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में लगातार बारिश का दौर जारी रहेगा। राहत की बात यह है कि इस अवधि के दौरान उमस और गर्मी से बेहाल रहने वाले दो प्रमुख मैदानी जिलों—हरिद्वार और उधम सिंह नगर में भी चार दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

आज और कल सभी जिलों में बरसेगा पानी

  • बुधवार व गुरुवार: राज्य के सभी 13 जिलों में बारिश का अनुमान है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, देहरादून, टिहरी गढ़वाल और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर बादलों की गर्जना और बिजली चमकने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

  • मैदानी क्षेत्र: हरिद्वार और उधम सिंह नगर समेत बाकी जिलों में भी कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की वर्षा होने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।

26 और 27 जून: पहाड़ों में वर्षा जारी

  • शुक्रवार (26 जून): सभी पर्वतीय जिलों में बारिश का सिलसिला बना रहेगा। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि अन्य पहाड़ी जिलों में बहुत हल्की बारिश की संभावना है। हालांकि, इस दिन मैदान के दोनों जिले (हरिद्वार और उधम सिंह नगर) पूरी तरह शुष्क रहेंगे।

  • शनिवार (27 जून): शनिवार को भी मौसम का मिजाज शुक्रवार जैसा ही रहेगा। 11 पहाड़ी जिलों में बारिश होगी, जबकि मैदानी जिलों में मौसम साफ और शुष्क रहने का अनुमान है।

28 और 29 जून: मैदानों में भी होगी वापसी

  • रविवार (28 जून): रविवार से बादल एक बार फिर अपना दायरा बढ़ाएंगे। इस दिन पूरे राज्य में बारिश होगी। 5 प्रमुख पहाड़ी जिलों (उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़) में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि मैदानी जिलों सहित शेष हिस्सों में गर्जना के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

  • सोमवार (29 जून): जून के आखिरी दिनों में बारिश की रफ्तार और तेज होगी। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। वहीं, शेष पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर पानी बरसेगा और हरिद्वार व उधम सिंह नगर में भी कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश दर्ज की जाएगी।

यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए सावधानी की अपील

चारधाम यात्रा मार्ग और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए मौसम विभाग और प्रशासन ने तीर्थयात्रियों व स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषकर उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जैसे ऊंचाई वाले जिलों में यात्रा के दौरान नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर और संभावित भूस्खलन को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।

श्रीराम मंदिर चढ़ावे में अनियमितताओं की न्यायिक जांच की मांग, कांग्रेस ने भाजपा-आरएसएस पर साधा निशाना

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देहरादून। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और वित्तीय अनियमितताओं के कथित मामलों को लेकर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं न्यायिक जांच की मांग की है।

राजीव भवन, देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में आलोक शर्मा ने कहा कि श्रीराम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप अत्यंत गंभीर हैं और इनकी पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा प्रभु श्रीराम के नाम पर राजनीति करती रही है, इसलिए मंदिर से जुड़े विवादों पर उसे अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। उनका आरोप था कि जांच का उद्देश्य वास्तविक दोषियों तक पहुंचने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास प्रतीत होता है।

उन्होंने दावा किया कि मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोगों द्वारा भी चढ़ावे और अन्य वित्तीय मामलों में अनियमितताओं के आरोप उठाए गए हैं। साथ ही उन्होंने पूर्व में भूमि खरीद और निर्माण कार्यों से जुड़े विवादों का भी उल्लेख किया।

आलोक शर्मा ने कहा कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी जांच किसी उच्च न्यायालय अथवा सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराई जानी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि मंदिर ट्रस्ट को भंग किया जाए, कथित रूप से दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हों तथा मंदिर से संबंधित बैंक खातों और सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक किया जाए।

कांग्रेस नेता ने कहा कि धर्म और आस्था के नाम पर किसी भी प्रकार की अनियमितता स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने सभी सनातन धर्मावलंबियों से इस विषय पर आवाज उठाने की अपील की।

हालांकि, समाचार लिखे जाने तक भाजपा, आरएसएस अथवा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

हल्द्वानी के जूता शोरूम में भीषण आग, लाखों का सामान राख

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हल्द्वानी। शहर के व्यस्त मीरा मार्ग स्थित एक जूते के शोरूम में मंगलवार देर रात भीषण आग लगने से लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। दमकल विभाग की तत्परता से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे आसपास की दुकानों को नुकसान होने से बचाया जा सका।

जानकारी के अनुसार समाजवादी पार्टी के नेता अब्दुल मतीन सिद्दीकी के पुत्र सुमेर सिद्दीकी का मीरा मार्ग में “माशा शूज” नाम से शोरूम है। मंगलवार शाम दुकान बंद करने के बाद वे घर चले गए थे। रात करीब 10 बजे स्थानीय लोगों ने दुकान से धुआं निकलते देखा और इसकी सूचना दुकान स्वामी तथा दमकल विभाग को दी।

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। चार दमकल वाहनों की मदद से करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। दमकल कर्मियों की तत्परता से आग को आसपास की दुकानों तक फैलने से रोक लिया गया।

शोरूम संचालक सुमेर सिद्दीकी के अनुसार आग से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। अग्निशमन विभाग मामले की जांच कर रहा है और क्षति का आकलन किया जा रहा है।

बाजार बंद होने के बावजूद जुटी भीड़

घटना के समय बाजार लगभग बंद हो चुका था, लेकिन आग लगने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। मीरा मार्ग शहर का प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र है, जहां दिनभर भारी भीड़ रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आग दिन के समय लगती तो हालात और गंभीर हो सकते थे। वहीं देर से जानकारी मिलने पर आग आसपास की कई दुकानों को भी अपनी चपेट में ले सकती थी।

दमकल विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण रहा दिन

मंगलवार का दिन दमकल विभाग के लिए काफी व्यस्त और चुनौतीपूर्ण रहा। शाम को मुखानी क्षेत्र स्थित हीरानगर के एक स्कूल में लगी आग बुझाने के बाद टीम को राहत भी नहीं मिली थी कि मीरा मार्ग स्थित जूते के शोरूम में आग लगने की सूचना मिल गई। लगातार दो घटनाओं के चलते दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

एहतियातन काटी गई बिजली

अग्निकांड के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर विद्युत विभाग ने मीरा मार्ग क्षेत्र की बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी। आग पर आंशिक नियंत्रण मिलने के बाद कुछ लोगों ने दुकान से सामान निकालने का प्रयास किया, लेकिन अचानक आग दोबारा भड़कने पर दमकल कर्मियों ने लोगों को सुरक्षित दूरी पर कर दिया। एफएसओ मिंदर पाल सिंह ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। साथ ही नुकसान का विस्तृत आकलन भी किया जाएगा।

लाइब्रेरी में गोलीबारी, दो की मौत, 18 वर्षीय युवक गिरफ्तार

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कैलिफोर्निया। अमेरिका के उत्तरी कैलिफोर्निया स्थित एक सार्वजनिक पुस्तकालय में सोमवार शाम हुई गोलीबारी की घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची घायल हो गई। पुलिस ने मामले में 18 वर्षीय संदिग्ध युवक को गिरफ्तार कर लिया है।

चिको पुलिस विभाग के अनुसार यह घटना सोमवार शाम करीब पांच बजे चिको शहर स्थित ब्यूट काउंटी लाइब्रेरी में हुई। गोलीबारी की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पुस्तकालय के पिछले दरवाजे से भागने का प्रयास कर रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी की पहचान 18 वर्षीय ब्रैडली स्कॉट सायर के रूप में की है। उस पर दोहरे हत्या का मामला दर्ज कर ब्यूट काउंटी जेल में रखा गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित रूप से अमेरिका के कुख्यात कोलंबाइन स्कूल नरसंहार से प्रेरित था और उसी तरह की सामूहिक हिंसा को अंजाम देना चाहता था।

चिको पुलिस प्रमुख बिली एल्ड्रिज ने बताया कि आरोपी किसी भी पीड़ित को पहले से नहीं जानता था। जांच के दौरान यह भी पता चला कि उसने कोलंबाइन नरसंहार के आरोपी एरिक हैरिस की तरह कपड़े पहन रखे थे। पुलिस को संदेह है कि वह इंटरनेट पर सामूहिक हत्यारों का महिमामंडन करने वाले ऑनलाइन समूहों से प्रभावित था।

पुलिस के अनुसार हमलावर ने करीब आठ राउंड फायरिंग की। गोलीबारी में 74 वर्षीय रॉबर्ट जॉनसन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 46 वर्षीय कोडी हल को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कोडी हल अपनी एक मित्र की बेटी को लाइब्रेरी घुमाने लेकर आए थे। घटना में उनके साथ मौजूद एक बच्ची कांच के टुकड़े लगने से मामूली रूप से घायल हो गई। प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

जांच के दौरान पुलिस ने लाइब्रेरी परिसर से एक शॉटगन बरामद की है। इसके अलावा आरोपी की कार से दो अन्य हथियार भी मिले हैं। घटना के बाद एहतियातन ब्यूट काउंटी लाइब्रेरी की सभी शाखाओं को मंगलवार के लिए बंद कर दिया गया। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आरोपी के उद्देश्य तथा संभावित संपर्कों की पड़ताल की जा रही है।

उत्तराखंड: आधार कार्ड दिखाया तो कहा बस में नहीं बैठ सकते! सीनियर सिटीजन को बस से उतारने की कोशिश?

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देहरादून/श्रीनगर। उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में वरिष्ठ नागरिकों को दी जा रही निःशुल्क यात्रा सुविधा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता और वरिष्ठ नागरिक गोदांबरी देवी कांडपाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर आरोप लगाया है कि रोडवेज कर्मियों द्वारा उन्हें और अन्य वरिष्ठ नागरिकों को बस में यात्रा करने से रोकने का प्रयास किया गया।

गोदांबरी देवी कांडपाल के अनुसार, वह अपने घर से यात्रा करते हुए पहले श्रीनगर पहुंचीं। जिस बस से वह आई थीं, वह कोटद्वार जा रही थी, जबकि उन्हें देहरादून जाना था। काफी देर इंतजार के बाद उन्हें उत्तराखंड परिवहन निगम की बस संख्या UK 07 PA 6694 मिली। उनके अनुसार बस में भीड़ होने के बावजूद कुछ सीटें खाली थीं।

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कांडपाल का आरोप है कि बस में बैठने के बाद परिचालक ने उनसे कहा कि “आधार कार्ड वाले यात्री इस बस में नहीं बैठ सकते, हमें इसके ऑर्डर मिले हैं।” उन्होंने बताया कि बस में उनके साथ दो अन्य वरिष्ठ नागरिक भी थे, जो सरकार की वरिष्ठ नागरिक निःशुल्क यात्रा योजना के तहत यात्रा कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि जब यात्रियों ने परिचालक से इस संबंध में लिखित आदेश या सरकारी निर्देश के बारे में पूछा तो विवाद की स्थिति बन गई। इसी दौरान एक अन्य यात्री भी बातचीत में हस्तक्षेप करते हुए उनसे उलझने लगा और बस से उतर जाने की बात कहने लगा। कांडपाल का आरोप है कि इस व्यवहार से वे स्वयं को असुरक्षित और अपमानित महसूस करने लगीं, जिसके बाद उन्होंने पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में कथित तौर पर बस के भीतर हुई बहस और यात्रियों की आपत्तियां दर्ज हैं। कांडपाल का यह भी आरोप है कि परिचालक उन्हें ऋषिकेश तक तो लेकर आया, लेकिन यात्रा के दौरान लिया गया उनका आधार कार्ड वापस नहीं लौटाया गया।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के साथ होने वाले व्यवहार पर कड़ी निगरानी रखी जानी चाहिए। उनका कहना है कि सरकारी परिवहन में यात्रा करने वाले लोगों को सुरक्षा, सम्मान और सुविधाएं मिलनी चाहिए, लेकिन यदि बुजुर्गों को ही यात्रा से रोका जाएगा तो आम जनता का भरोसा कमजोर होगा।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब पहाड़ के विभिन्न क्षेत्रों से सार्वजनिक सेवाओं और यात्री सुविधाओं को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर लोगों ने सवाल उठाए हैं कि यदि सरकार वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क यात्रा की सुविधा देती है तो क्या परिवहन निगम के कर्मचारी उस व्यवस्था का पालन नहीं कर रहे हैं या फिर कहीं स्तर पर मनमानी हो रही है।

फिलहाल इस मामले में उत्तराखंड परिवहन निगम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि निगम या संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होता है तो समाचार को अद्यतन किया जाएगा।

रंगायन की एक्टिंग पाठशाला का भव्य समापन, प्रशिक्षुओं को मिले प्रशस्ति पत्र, 17-18 जुलाई को देहरादून में होगा दो दिवसीय साहित्य एवं रंगोत्सव

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देहरादून। उत्तराखंड की प्रतिष्ठित साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था रंगायन एसोसिएशन द्वारा आयोजित 10 दिवसीय एक्टिंग पाठशाला का भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं एआईसीसी सदस्य सूर्यकांत धस्माना उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवा कलाकारों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि कला और साहित्य समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार फूलों की खुशबू का कोई धर्म, जाति, भाषा या क्षेत्र नहीं होता, उसी प्रकार कला भी सभी सीमाओं से परे होती है। कला लोगों को जोड़ने और समाज में सकारात्मक संवाद स्थापित करने का माध्यम है।

उन्होंने रंगायन एसोसिएशन की संस्थापक अध्यक्ष निवेदिता बौनठीयाल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के बाद भी उनका उत्तराखंड लौटकर युवा कलाकारों को प्रशिक्षण देना प्रेरणादायक है। उन्होंने राज्य सरकार और सांस्कृतिक विभाग से ऐसे कलाकारों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जो प्रदेश में कला और साहित्य के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं।

कार्यक्रम की संयोजिका एवं रंगायन एसोसिएशन की संस्थापक अध्यक्ष निवेदिता बौनठीयाल ने कहा कि अपने शुरुआती दिनों में उन्होंने वरिष्ठ अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी से प्रेरणा प्राप्त की थी। उन्होंने बताया कि थिएटर, टेलीविजन, फिल्म और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संस्था इप्टा में कार्य करने के दौरान जो अनुभव और ज्ञान अर्जित किया, उसे उत्तराखंड के नवोदित कलाकारों तक पहुंचाने के उद्देश्य से रंगायन एसोसिएशन की स्थापना की गई।

उन्होंने बताया कि रंगायन एसोसिएशन आगामी 17 एवं 18 जुलाई को देहरादून स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम, सर्वे चौक में दो दिवसीय “साहित्य एवं रंगोत्सव” का आयोजन करेगी, जिसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

समापन समारोह में ऋचा रमोला, कुणाल पंवार, रुचि पंवार, गायत्री रावत, शुभम प्रजापति, अमित सेमवाल, रिया जखमोला, अनन्या नेगी, निधि रावत, अमित बहुखंडी, नमन गैरोला, तनिशा डिमरी, प्रभा भंडारी और राहुल सिंह शाह सहित अनेक प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। समारोह में कलाकारों, साहित्य प्रेमियों और अभिभावकों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही।