Home Blog

होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर: भारतीय जहाज पर फायरिंग, वैश्विक तेल सप्लाई पर खतरा

0

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने अब समुद्री मार्गों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। ईरान की नौसेना द्वारा भारतीय झंडा लगे जहाजों को रोकने और कथित तौर पर फायरिंग करने की घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।

जानकारी के मुताबिक, संकट के बीच कुछ समय के लिए होर्मुज मार्ग को खोला गया था, जिसके बाद कई जहाज वहां से गुजरने लगे। लेकिन अचानक ईरान ने अपना रुख बदलते हुए इस मार्ग को बंद करने का फैसला किया और क्षेत्र में मौजूद जहाजों को रोकना शुरू कर दिया। इसी दौरान भारत के दो जहाजों को भी रोका गया।

सबसे बड़ा विवाद उस समय सामने आया जब भारतीय सुपरटैंकर ‘सनमार हेराल्ड’, जो इराक से करीब 20 लाख बैरल तेल लेकर गुजर रहा था, पर ईरानी गनबोट्स द्वारा गोलीबारी किए जाने की खबर सामने आई। इस घटना से जुड़ा एक ऑडियो क्लिप भी सामने आया है, जिसमें जहाज के कप्तान को ईरानी अधिकारियों से तीखी नाराजगी जताते हुए सुना जा सकता है।

ऑडियो में कप्तान सवाल उठाते हैं कि पहले मार्ग की अनुमति देने के बाद अचानक हमला क्यों किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके जहाज को पहले से क्लियरेंस सूची में शामिल किया गया था। इस घटना की पुष्टि यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने भी की है, जिसमें ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) से जुड़े गनबोट्स का जिक्र किया गया है।

स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब ईरान की ओर से रेडियो संदेश जारी कर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह बंद घोषित कर दिया गया और चेतावनी दी गई कि कोई भी जहाज अब यहां से नहीं गुजर सकता। इसके बाद इलाके में समुद्री गतिविधियां लगभग ठप हो गई हैं।

भारत ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी राजदूत को तलब किया और औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय ने भारतीय जहाजों और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा है कि इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

हालांकि राहत की बात यह है कि ‘सनमार हेराल्ड’ के सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं। शिपिंग महानिदेशालय लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में मौजूद अन्य भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू, ओंकारेश्वर मंदिर से निकली पंचमुखी डोली

0

रुद्रप्रयाग: विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने की प्रक्रिया आज विधिवत शुरू हो गई। भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल उत्सव विग्रह डोली शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर से भव्य रूप में धाम के लिए रवाना हुई।

वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच डोली ने मंदिर की परिक्रमा की, जिसके बाद यात्रा आगे बढ़ी। इस दौरान पूरा क्षेत्र “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा। डोली प्रस्थान के समय सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने पुष्प वर्षा कर बाबा केदार का आशीर्वाद लिया, वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालु डोली के साथ पैदल यात्रा पर भी निकले।

मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। ओंकारेश्वर मंदिर को करीब आठ कुंतल फूलों से सजाया गया। इससे पहले शनिवार रात्रि को भैरवनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार डोली ऊखीमठ से प्रस्थान कर गुप्तकाशी पहुंचेगी, जहां विश्वनाथ मंदिर में कुछ समय विश्राम कर श्रद्धालुओं को दर्शन देगी। इसके बाद डोली फाटा के लिए रवाना होगी, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा।

यात्रा के अगले चरण में 20 अप्रैल को डोली फाटा से प्रस्थान कर गौरीकुंड स्थित गौरीमाई मंदिर पहुंचेगी और वहीं रात्रि विश्राम करेगी। 21 अप्रैल को डोली गौरीकुंड से केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान कर मंदिर भंडार पहुंचेगी।

इसके पश्चात 22 अप्रैल को सुबह आठ बजे शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। इसके साथ ही केदारनाथ यात्रा का विधिवत शुभारंभ होगा।

यात्रा को सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन, पुलिस और मंदिर समिति द्वारा सभी आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुले

0

देहरादून: पवित्र अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर आज से उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का विधिवत आगाज़ हो गया। वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठानों और “जय मां गंगा” व “जय मां यमुना” के गगनभेदी जयकारों के बीच गंगोत्री धाम और यमुनोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए।

इस पावन अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं मौजूद रहे और इस दिव्य क्षण के साक्षी बने। गंगोत्री धाम में कपाट खुलने के समय हजारों श्रद्धालु मंदिर प्रांगण में उपस्थित रहे। “हर-हर गंगे” और “मां गंगा की जय” के जयकारों से पूरा धाम भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।

निर्धारित शुभ मुहूर्त के अनुसार दोपहर 12:15 बजे गंगोत्री मंदिर के कपाट खोले गए। इस दौरान श्रद्धालुओं के स्वागत में हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा भी की गई, जिसने माहौल को और भी भव्य बना दिया।

इससे पूर्व रविवार तड़के मां गंगा की उत्सव डोली भैरव घाटी से गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई। भैरव घाटी में विशेष पूजा-अर्चना के बाद विधि-विधान के साथ डोली यात्रा आगे बढ़ी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

चारधाम यात्रा के शुभारंभ के साथ ही प्रदेश में धार्मिक पर्यटन की रौनक बढ़ने की उम्मीद है और लाखों श्रद्धालुओं के आगमन का सिलसिला शुरू हो गया है।

धराली में सजी लोकसंस्कृति की अनुपम झलक: ध्याणी-मैती मिलन समारोह बना आस्था और एकजुटता का केंद्र

0

बड़कोट: उत्तरकाशी जिले के नौगांव ब्लॉक के धराली गांव में उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब धराली गांव में “ध्याणी-मैती मिलन समारोह” यानी “ध्याणियों का मेला” पूरे हर्षोल्लास और भव्यता के साथ आयोजित किया गया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र रहा, बल्कि सामाजिक समरसता, पारिवारिक संबंधों की मजबूती और परंपराओं के संरक्षण का भी सशक्त माध्यम बना।

IMG 20260419 WA0001

मायके लौटी ध्याणियों का भावनात्मक मिलन

इस विशेष अवसर पर दूर-दराज क्षेत्रों से ध्याणियां अपने मायके पहुंचीं। वर्षों बाद मायके की दहलीज पर लौटने का यह अवसर उनके लिए भावनाओं से भरा रहा। पारंपरिक वेशभूषा में सजी ध्याणियों ने अपने बचपन की यादों को ताजा किया और रिश्तों की गर्माहट को फिर से महसूस किया।

IMG 20260419 WA0002

इष्टदेवों के प्रति श्रद्धा और भव्य अर्पण

समारोह के दौरान ध्याणियों ने अपने इष्टदेवों के प्रति गहरी आस्था प्रकट करते हुए विशेष भेंट अर्पित की।

  • तटेश्वर महादेव के लिए सोने के चार छत्र।
  • भगवती नागणी देवी को चांदी की माला।
  • पांच पांडव के लिए चांदी की कटोरी।
  • पोखू देवता को चांदी का छत्र।
  • भगवान श्री कृष्ण के लिए चांदी का मुंदड़ा।
  • केदारेश्वर महादेव को घंटा अर्पित।

ये सभी अर्पण न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं, बल्कि स्थानीय समाज की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान और परंपरागत विश्वासों की गहराई को भी दर्शाते हैं।

IMG 20260419 WA0004

लोक संस्कृति की गूंज और रंगारंग कार्यक्रम

पूरे आयोजन के दौरान पारंपरिक वाद्य यंत्रों की ध्वनि, लोकगीतों की मधुरता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को भक्तिमय और उत्सवमय बना दिया। महिलाओं और युवाओं ने लोकनृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में रंग भर दिया, वहीं पारंपरिक गीतों ने पुरानी पीढ़ी की यादों को जीवंत कर दिया।

सम्मान समारोह: परंपरा के संरक्षकों को सलाम

ग्राम सभा की और से ध्याणियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। वहीं, इस अवसर पर ध्याणियों की ओर से गांव के बुजुर्गों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। साथ ही पुरोहितों और बागियों (पारंपरिक सेवाओं से जुड़े लोग) को भी सम्मान देकर उनके योगदान को सराहा गया। यह पहल समाज में आपसी सम्मान और परंपराओं के प्रति आदर की भावना को मजबूत करती है।

IMG 20260419 WA0003

नई पीढ़ी के लिए सांस्कृतिक पाठशाला

यह मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के लिए अपनी जड़ों को समझने और उनसे जुड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है।

आज के आधुनिक दौर में, जब पारंपरिक मूल्य धीरे-धीरे कम होते जा रहे हैं, ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी संस्कृति, रीति-रिवाजों और सामाजिक मूल्यों से परिचित कराते हैं।

सामाजिक एकता और रिश्तों की मजबूती का प्रतीक

“ध्याणी-मैती मिलन समारोह” उत्तराखंड की उस परंपरा का प्रतीक है, जिसमें विवाहित बेटियों का मायके से अटूट संबंध बना रहता है। यह आयोजन न केवल पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करता है, बल्कि समाज में एकजुटता और भाईचारे की भावना को भी बढ़ावा देता है।

महिला आरक्षण बिल: NDA को चाहिए 360 वोट, पास हैं 293, क्या करेगी मोदी सरकार?

0

मोदी सरकार के लिए आज लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन बिल पर वोटिंग का दिन बेहद चुनौती भरा है। NDA के पास लोकसभा में कुल 293 सांसद हैं, जबकि संवैधानिक संशोधन बिल पास करने के लिए दो-तिहाई बहुमत यानी करीब 360 वोटों की जरूरत है। लोकसभा की कुल सदस्य संख्या 540 है (कुछ सीटें खाली)। कल बिल पेश करने के प्रस्ताव पर वोटिंग में NDA को 251 वोट मिले थे जबकि 185 विरोध में पड़े, जो संख्या की कमी को साफ दिखाता है।

सरकार ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को 2029 लोकसभा चुनाव से पहले लागू करने के लिए तीन बिल पेश किए हैं – संविधान (131वां संशोधन) बिल 2026, परिसीमन बिल 2026 और केंद्र शासित प्रदेश संशोधन बिल। इनका मकसद लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना है, जिसके लिए जनगणना और परिसीमन जरूरी है। परिसीमन से लोकसभा सीटें 543 से बढ़कर 850 तक हो सकती हैं, लेकिन विपक्ष खासकर दक्षिणी राज्यों (तमिलनाडु, आदि) इसे उत्तर के पक्ष में मानकर विरोध कर रहा है। कांग्रेस समेत INDIA गठबंधन महिला आरक्षण का समर्थन करता है, लेकिन परिसीमन को अलग करने की मांग कर रहा है।

राज्यसभा में भी NDA के पास कमी है (142-145 बनाम जरूरी 163)। सरकार YSRCP जैसे दलों से समर्थन या विपक्ष के एब्सटेंशन (अनुपस्थिति/वॉकआउट) की उम्मीद कर रही है, जिससे प्रभावी वोटिंग संख्या घट जाए और 2/3 का आंकड़ा आसान हो सके। कुछ निर्दलीय और छोटे दल भी निर्णायक साबित हो सकते हैं। आधी रात को 2023 के मूल अधिनियम को 16 अप्रैल 2026 से लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी गई है, जो अगर नया बिल फेल हो गया तो बैकअप प्लान के रूप में काम कर सकता है।

पीएम मोदी ने इसे ‘नारी शक्ति सशक्त भारत’ की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है और विरोध करने वालों को चेतावनी दी है। शाम 4 बजे वोटिंग होने वाली है। पास होने पर यह महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने वाला बड़ा कदम होगा, लेकिन परिसीमन विवाद से क्षेत्रीय असंतुलन और राजनीतिक तनाव भी बढ़ सकता है। संसद की कार्यवाही पर सबकी नजर बनी हुई है।

संविधान संशोधन विधेयकों पर लोकसभा में बहस जारी, आज राहुल गांधी रखेंगे विपक्ष का पक्ष

0

नई दिल्ली: संसद के विशेष सत्र में केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए संविधान संशोधन से जुड़े तीन अहम विधेयकों पर लोकसभा में चर्चा आज भी जारी रहेगी। इन विधेयकों पर विपक्ष का पक्ष रखते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज सदन में अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।

इससे पहले विशेष सत्र के पहले दिन लोकसभा में इन विधेयकों पर लंबी बहस हुई, जो रात करीब 12 बजे तक चली। चर्चा की शुरुआत केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने की, जिन्होंने विधेयकों के प्रावधानों की जानकारी सदन के सामने रखी।

बहस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब 35 मिनट के अपने संबोधन में महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे अहम मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने सांसदों के साथ-साथ देशवासियों से भी अपील की कि इस ऐतिहासिक अवसर पर एकजुटता और सर्वसम्मति के साथ आगे बढ़ा जाए।

वहीं, पहले दिन की चर्चा में असदुद्दीन ओवैसी और प्रियंका गांधी सहित कई नेताओं ने भी अपने विचार रखते हुए विधेयकों के विभिन्न प्रावधानों पर सवाल और सुझाव दिए।

आज की कार्यवाही में इन तीनों विधेयकों के प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा जारी रहेगी, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राहुल गांधी अपने संबोधन में किन मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं और सरकार की ओर से उसका क्या जवाब आता है।

महिला आरक्षण पर सियासी घमासान: गौरव गोगोई ने परिसीमन को बताया ‘राजनीतिक हथियार’

0

नई दिल्ली: लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन विधेयकों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परिसीमन प्रक्रिया का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में कर रही है और महिला आरक्षण को इससे जोड़कर लागू करने में देरी कर रही है।

संसद में ‘संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर चर्चा की शुरुआत करते हुए गोगोई ने कहा कि महिला आरक्षण को मौजूदा 543 लोकसभा सीटों के आधार पर ही 2029 से लागू किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि कांग्रेस पहले भी इस बात पर जोर दे चुकी है कि महिला आरक्षण को परिसीमन से अलग रखा जाए।

गोगोई ने याद दिलाया कि सोनिया गांधी ने भी पहले महिला आरक्षण के समर्थन के साथ इसे परिसीमन से न जोड़ने की बात कही थी, लेकिन सरकार ने उस समय विपक्ष की बात नहीं मानी। उन्होंने कहा कि यदि 2023 में विपक्ष के सुझावों पर ध्यान दिया गया होता, तो महिला आरक्षण पहले ही लागू हो सकता था।

कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर असल में परिसीमन को आगे बढ़ाना चाहती है। उन्होंने कहा, “यह विधेयक महिला आरक्षण के लिए नहीं, बल्कि परोक्ष रूप से परिसीमन लागू करने की राजनीतिक मंशा को दर्शाता है।”

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 815 करने का आधार क्या है। गोगोई के अनुसार, सरकार ने इस पर कोई स्पष्ट तर्क नहीं दिया है।

गोगोई ने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ना देश के संघीय ढांचे और संवैधानिक संतुलन के लिए नुकसानदायक हो सकता है। उन्होंने सरकार से अपील की कि महिला आरक्षण को बिना किसी शर्त के जल्द लागू किया जाए।

साथ ही, उन्होंने दावा किया कि हाल के वर्षों में जम्मू-कश्मीर और असम में हुए परिसीमन के उदाहरण यह दिखाते हैं कि इस प्रक्रिया का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है।

गोगोई ने निष्कर्ष में कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग नहीं होना चाहिए और सरकार को पारदर्शी तरीके से इस दिशा में कदम उठाने चाहिए।

चारधाम यात्रा से पहले बदरीनाथ पहुंचे CDS अनिल चौहान, तैयारियों का लिया जायजा

0

चमोली: उत्तराखंड में 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही चारधाम यात्रा से पहले Anil Chauhan ने Badrinath Temple पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा की और जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

सीडीएस अनिल चौहान सबसे पहले बदरीनाथ हेलीपैड पहुंचे, जहां स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्हें सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, तीर्थयात्रियों की सुविधाओं और आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी गई।

बैठक के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जाएं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था और पर्यटन का प्रमुख आधार है, इसलिए श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलना बेहद जरूरी है।

चारधाम यात्रा : कपाट खुलने के तिथियां 

  • 19 अप्रैल को Yamunotri Temple और Gangotri Temple के कपाट खुलेंगे।
  • 22 अप्रैल को Kedarnath Temple के कपाट खुलेंगे।
  • 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

यात्रा को लेकर सभी संबंधित विभागों द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।

भीषण अग्निकांड: झुग्गियों में लगी आग, छह बच्चों के लापता होने की आशंका

0

गाजियाबाद: Indirapuram थाना क्षेत्र के कनवानी गांव में गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते सैकड़ों झुग्गियां इसकी चपेट में आ गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें दूर से ही दिखाई दे रही थीं। आग लगने के बाद झुग्गियों में रखे रसोई गैस सिलेंडर एक-एक कर फटने लगे, जिससे धमाकों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा और लोगों में दहशत फैल गई।

सैकड़ों परिवार बेघर

इस अग्निकांड में बड़ी संख्या में झुग्गियां जलकर राख हो गईं, जिससे सैकड़ों परिवारों का आशियाना उजड़ गया। लोगों के पास खाने-पीने और रहने का कोई साधन नहीं बचा है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

बच्चों के लापता होने की आशंका

स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना के समय कई लोग काम पर गए हुए थे और छोटे बच्चे झुग्गियों में मौजूद थे। आग के बाद कुछ बच्चों के लापता होने की आशंका जताई गई है, हालांकि प्रशासन ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।

दमकल और पुलिस ने संभाला मोर्चा

सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने के लिए कई दमकल गाड़ियों और वाटर टेंडरों को लगाया गया। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया, जबकि कूलिंग का कार्य जारी है।

कारणों की जांच जारी

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग कबाड़ के गोदाम से शुरू होकर झुग्गियों तक फैल गई। हालांकि, आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।

प्रशासन का बयान

जिलाधिकारी Ravindra Kumar Mandad ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और आग को फैलने से रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी के लापता होने की शिकायत मिलती है, तो उसकी जांच की जाएगी।

वहीं, डीसीपी सिटी धवल जयसवाल के अनुसार, कूलिंग के बाद पूरे क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया जाएगा। फिलहाल किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

CBSE Class 10th Result 2026 OUT: सीबीएसई सेकेंडरी रिजल्ट जारी, DigiLocker एवं SMS से करें चेक, 93.70% पास

0

नई दिल्ली: Central Board of Secondary Education (CBSE) ने कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए हैं। लाखों छात्रों का इंतजार खत्म हो गया है और अब विद्यार्थी आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। छात्र अपने रोल नंबर की मदद से cbse.gov.in और cbseresults.nic.in पर परिणाम देख सकते हैं। इसके अलावा DigiLocker और UMANG App जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी मार्कशीट डाउनलोड की जा सकती है।

पास प्रतिशत में शानदार प्रदर्शन

इस वर्ष CBSE 10वीं परीक्षा में कुल 93.70% छात्र-छात्राएं सफल रहे हैं।

  • लड़कों का पास प्रतिशत: 92.69%।
  • लड़कियों का पास प्रतिशत: 94.99%।
  • नतीजों में एक बार फिर लड़कियों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया है।

प्रोविजनल होगी ऑनलाइन मार्कशीट

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन उपलब्ध मार्कशीट केवल प्रोविजनल होगी। छात्र इसे अस्थायी रूप से डाउनलोड कर सकते हैं, लेकिन आधिकारिक दस्तावेज के रूप में मान्य मूल मार्कशीट स्कूल से ही प्राप्त करनी होगी। CBSE ने छात्रों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट या मान्यता प्राप्त प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से ही अपना रिजल्ट देखें और किसी भी फर्जी लिंक से सावधान रहें।