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तमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस खत्म, IUML समर्थन के बाद विजय के पास बहुमत

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चेन्नई। तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर जारी सियासी उठापटक के बीच अभिनेता से नेता बने विजय की राह अब लगभग साफ होती नजर आ रही है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के दो विधायकों के समर्थन के बाद टीवीके गठबंधन का आंकड़ा 120 तक पहुंच गया है, जो बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों से अधिक है। इसके साथ ही विजय के मुख्यमंत्री बनने की संभावनाएं तेज हो गई हैं।

तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) ने हालिया विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद सरकार गठन के लिए समर्थन जुटाने की कवायद शुरू की थी। कांग्रेस, भाकपा, माकपा और वीसीके जैसे दलों ने पहले ही टीवीके को समर्थन देने के संकेत दिए थे। वहीं वीसीके नेता थोल थिरुमावलवन की ओर से भी समर्थन का औपचारिक एलान किए जाने के बाद समीकरण पूरी तरह विजय के पक्ष में जाते दिखे।

इस बीच सरकार गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज रहीं। कांग्रेस ने संभावित टूट-फूट की आशंका के बीच अपने विधायकों को हैदराबाद भेज दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, मेलूर विधायक पी. विश्वनाथन इन विधायकों के साथ मौजूद हैं। माना जा रहा है कि सरकार बनने की स्थिति में उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।

दूसरी ओर, एएमएमके महासचिव टीटीवी दिनाकरण ने टीवीके पर उनके विधायक के समर्थन का फर्जी पत्र इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। गुइंडी पुलिस थाने में दर्ज शिकायत में कहा गया है कि टीवीके ने बहुमत साबित करने के लिए गलत दस्तावेज पेश किए। हालांकि टीवीके ने इन आरोपों को खारिज करते हुए एक वीडियो जारी किया, जिसमें विधायक एस. कामराज कथित समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर करते दिखाई दे रहे हैं।

राज्यपाल की ओर से सरकार गठन के लिए निमंत्रण में हो रही देरी को लेकर भी विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राजभवन जानबूझकर फैसला टाल रहा है। चेन्नई, मदुरै और कोयंबटूर समेत कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन भी किया।

उधर, डीएमके नेता टीकेएस एलंगोवन ने कहा कि विजय को सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते शुरुआत में अकेले सरकार बनाने का दावा पेश करना चाहिए था। उनके अनुसार, गठबंधन के साथ दावा पेश करने की वजह से राज्यपाल पूर्ण बहुमत का इंतजार कर रहे थे।

अब बहुमत का आंकड़ा पार होने के बाद माना जा रहा है कि जल्द ही राजभवन की ओर से विजय को सरकार गठन का न्योता दिया जा सकता है। तमिलनाडु की राजनीति में यह घटनाक्रम एक बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

उत्तराखंड: तीन बहनों की दिल को झकझोरने वाली कहानी, एक साल में उजड़ा पूरा परिवार, दादी की भी जिम्मेदारी

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गोपेश्वर। पहाड़ के छोटे से गांव में बना वह घर अब दर्द की ऐसी कहानी बन चुका है, जिसे सुनकर हर आंख नम हो जाती है। एक साल के भीतर पिता, चाचा, दादा और फिर मां को खो चुकी तीन नाबालिग बहनें आज जिंदगी के सबसे कठिन मोड़ पर खड़ी हैं। घर में अब सिर्फ लकवाग्रस्त दादी बची हैं, जिनके कांपते हाथ और भीगी आंखें ही बच्चियों का आखिरी सहारा हैं।

बनाला गांव में रहने वाली 15 वर्षीय नीमा, 13 वर्षीय सोनाक्षी और 10 वर्षीय सुहानी की जिंदगी पिछले एक साल में पूरी तरह बदल गई। कभी इस घर में पिता भवान सिंह नेगी की मेहनत और मां बीना देवी की ममता से खुशियां बसी थीं। खेतों में काम कर परिवार चलाने वाले भवान सिंह अपनी बेटियों को पढ़ाकर बड़ा सपना पूरा करना चाहते थे, लेकिन अचानक हुई उनकी मौत ने परिवार को तोड़ दिया।

पिता के जाने के बाद चाचा महेंद्र सिंह नेगी ने बच्चियों की जिम्मेदारी संभाली, मगर कुछ ही महीनों बाद उन्होंने भी दुनिया छोड़ दी। दुखों का सिलसिला यहीं नहीं रुका। पोतियों के सिर पर हाथ रखकर उन्हें संभालने वाले बुजुर्ग दादा रणजीत सिंह नेगी भी एक माह पहले चल बसे।

इसके बाद मां बीना देवी मजदूरी कर किसी तरह बेटियों का पालन-पोषण कर रही थीं। दिनभर मेहनत और रातभर चिंता ने शायद उनके शरीर को भीतर से तोड़ दिया था। पंद्रह दिन पहले उन्होंने भी अंतिम सांस ले ली।

अब घर में सिर्फ 60 वर्षीय दादी गोदांबरी देवी बची हैं, जो पिछले तीन वर्षों से लकवे से पीड़ित होकर बिस्तर पर हैं। वह ठीक से बोल भी नहीं पातीं, लेकिन उनकी आंखों का दर्द सब कुछ कह देता है।

सबसे बड़ी बेटी नीमा अब मां की तरह घर संभाल रही है। छोटी बहनों को स्कूल भेजना, दादी की सेवा करना और घर के काम करना उसकी दिनचर्या बन गई है। सोनाक्षी चुपचाप मां की पुरानी तस्वीर को देखती रहती है, जबकि सबसे छोटी सुहानी आज भी दरवाजे की ओर उम्मीद भरी नजरों से देखती है, जैसे मां कहीं से लौट आएंगी।

तीनों बहनें राजकीय इंटर कॉलेज थिरपाक में पढ़ाई कर रही हैं। गांव के लोग अपनी ओर से मदद कर रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह सहारा स्थायी नहीं है। बच्चियों को सरकारी संरक्षण, आर्थिक सहायता और सुरक्षित भविष्य की जरूरत है।

 

ईमेल में QR कोड बन रहे साइबर ठगी का नया हथियार, जारी की चेतावनी

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टेक्नोलॉजी डेस्क। साइबर अपराधियों ने अब लोगों का डेटा और लॉगिन जानकारी चुराने के लिए QR कोड को नया हथियार बना लिया है। Microsoft के साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों ने हाल ही में तेजी से बढ़ रहे एक खतरनाक स्कैम को लेकर अलर्ट जारी किया है। कंपनी के मुताबिक, हैकर्स फर्जी ईमेल, PDF फाइल और नकली CAPTCHA पेज के जरिए लोगों को झांसे में लेकर उनकी संवेदनशील जानकारी चुरा रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, ये ईमेल बेहद प्रोफेशनल दिखते हैं और इनमें अकाउंट ब्लॉक होने, कंप्लायंस समस्या या जरूरी वेरिफिकेशन जैसे बहाने बनाकर यूजर्स पर तुरंत कार्रवाई का दबाव डाला जाता है। ईमेल में दिए गए QR कोड को स्कैन करते ही यूजर नकली लॉगिन पेज पर पहुंच जाता है, जहां दर्ज की गई जानकारी सीधे साइबर ठगों तक पहुंच जाती है।

तेजी से बढ़ रहे QR कोड फिशिंग अटैक

साइबर अपराधियों द्वारा अपनाया जा रहा “QR कोड फिशिंग” तरीका अब सबसे आम ऑनलाइन ठगी में शामिल हो गया है। पहले जहां फर्जी लिंक भेजे जाते थे, वहीं अब QR कोड के जरिए लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, क्योंकि अधिकांश लोग इन्हें सुरक्षित मान लेते हैं।

ये QR कोड अक्सर ऐसे ईमेल में भेजे जाते हैं जो देखने में HR विभाग, IT सपोर्ट या कंपनी मैनेजमेंट की ओर से आए प्रतीत होते हैं। स्कैन करने के बाद यूजर कई वेब पेजों से गुजरता हुआ अंत में फर्जी लॉगिन स्क्रीन तक पहुंचता है, जहां उसका यूजरनेम, पासवर्ड और सेशन टोकन तक चोरी किए जा सकते हैं। कई मामलों में हमलावर टू-स्टेप वेरिफिकेशन होने के बावजूद अकाउंट तक पहुंच बनाने में सफल रहे हैं।

माइक्रोसॉफ्ट के शोधकर्ताओं के मुताबिक, दुनिया भर की करीब 13 हजार कंपनियों के 35 हजार से अधिक यूजर्स इस तरह के हमलों का शिकार बन चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डर और जल्दबाजी पैदा करना ही इस स्कैम की सबसे बड़ी चाल है, जिससे लोग बिना जांच-पड़ताल किए तुरंत कार्रवाई कर बैठते हैं।

ऐसे करें खुद का बचाव

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। किसी अनजान ईमेल या मैसेज में मिले QR कोड को स्कैन करने से बचें। किसी भी लिंक या लॉगिन प्रक्रिया से पहले भेजने वाले की पहचान जरूर सत्यापित करें। ऐसे ईमेल पर तुरंत भरोसा न करें जो अत्यधिक दबाव या डर पैदा करने की कोशिश करते हों।

इसके अलावा मोबाइल और कंप्यूटर की सुरक्षा सेटिंग्स को हमेशा अपडेट रखें और सिक्योरिटी फीचर्स सक्रिय रखें।

गलती से स्कैन हो जाए संदिग्ध QR कोड तो क्या करें?

यदि किसी संदिग्ध QR कोड को स्कैन कर लिया है तो सबसे पहले इंटरनेट कनेक्शन बंद कर दें। इसके बाद संबंधित अकाउंट का पासवर्ड तुरंत बदलें और अन्य महत्वपूर्ण अकाउंट्स के पासवर्ड भी अपडेट करें। टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सक्रिय करें और बैंकिंग व सोशल मीडिया अकाउंट्स की गतिविधियों पर नजर रखें। जरूरत पड़ने पर फोन को फैक्टरी रीसेट करना भी सुरक्षित विकल्प हो सकता है।

पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार, शुभेंदु अधिकारी बने मुख्यमंत्री

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Suvendu Adhikari ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की राजनीति में नया इतिहास रच दिया। आजादी के बाद पहली बार राज्य में Bharatiya Janata Party की सरकार बनी है।
कोलकाता के Brigade Parade Ground में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। समारोह में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक भी शामिल हुए।

शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास पहुंचकर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान मंच पर मौजूद नेताओं ने उनका स्वागत किया।

मुख्यमंत्री के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता Dilip Ghosh समेत चार अन्य विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। हालांकि मंत्रियों के विभागों का बंटवारा अभी नहीं किया गया है।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनना राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से बड़ा बदलाव माना जा रहा है। लंबे समय तक क्षेत्रीय दलों के प्रभाव वाले राज्य में भाजपा की यह जीत पार्टी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।

श्री केदारनाथ धाम में मुख्यमंत्री ने किया आधुनिक अस्पताल का लोकार्पण

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श्री केदारनाथ धाम में आधुनिक अस्पताल की सौगात, मुख्यमंत्री धामी ने किया बीपीसीएल अस्पताल का उद्घाटन

• श्री केदारनाथ मंदिर में किये दर्शन बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मुख्यमंत्री का स्वागत कर बाबा केदारनाथ का प्रसाद भेंट किया।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार 8 मई को श्री केदारनाथ धाम में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ( बीपीसीएल) द्वारा स्थापित आधुनिक अस्पताल का लोकार्पण किया। इस अस्पताल का संचालन स्वामी विवेकानन्द हेल्थ मिशन सोसाइटी द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम देर शाम तक चला।
लोकार्पण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि ऊंचाई वाले कठिन हिमालयी क्षेत्र में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त अस्पताल शुरू होने से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों को भी बेहतर उपचार की सुविधा प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। विभिन्न स्थानों पर चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वास्थ्य जांच केंद्र, ऑक्सीजन सुविधा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुगम बनी रहे।

श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्वामी विवेकानंद हैल्थ मिशन संचालित अस्पताल के उदघाटन कार्यक्रम में शामिल होने के बाद बताया कि इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बाबा केदारनाथ के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मुख्यमंत्री को बाबा केदारनाथ का प्रसाद, रुद्राक्ष माला और विभूति भेंट की। कहा कि केदारनाथ धाम में आधुनिक अस्पताल संचालित होने से तीर्थयात्रियों सहित स्थानीय जन-मानस को लाभ होगा तथा यथाशीघ्र उपचार मिलेगा

इस अवसर पर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, संजय खन्ना, डॉ. कृष्ण गोपाल, सुरेश सोनी, दिनेश चंद्र, पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार समिति अध्यक्ष कर्नल अजय कोठियाल, बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, पंकज शुक्ला, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, एसपी निहारिका तोमर, प्रभारी अधिकारी राजन नैथानी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

 

127वीं शहादत दिवस पर याद किए गए अमर क्रांतिकारी वासुदेव हरि चापेकर

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भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत और महान क्रांतिकारी वासुदेव हरि चापेकर को उनकी 127वीं शहादत दिवस पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पुणे के चिंचवड़ निवासी वासुदेव हरि चापेकर, प्रसिद्ध चापेकर बंधुओं में सबसे छोटे थे, जिन्होंने अंग्रेजी शासन के अत्याचारों के विरुद्ध सशस्त्र क्रांति की पहली चिंगारी प्रज्वलित की।

लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के राष्ट्रवादी विचारों से प्रेरित चापेकर बंधु युवाओं में देशभक्ति की भावना जगाने के लिए “चापेकर क्लब” संचालित करते थे, जहां युवाओं को लाठी और भाला चलाने का प्रशिक्षण दिया जाता था।

सन् 1897 में पुणे में फैली प्लेग महामारी के दौरान तत्कालीन प्लेग कमिश्नर डब्ल्यू. सी. रैंड ने महामारी नियंत्रण के नाम पर भारतीयों के घरों में जबरन प्रवेश, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार तथा धार्मिक भावनाओं को आहत करने जैसी घटनाओं को अंजाम दिया। इससे जनता में भारी आक्रोश फैल गया।

22 जून 1897 की रात, महारानी विक्टोरिया की हीरक जयंती समारोह से लौट रहे रैंड पर गणेशखिंड रोड पर चापेकर बंधुओं ने हमला किया। बड़े भाई दामोदर हरि चापेकर ने रैंड को गोली मारी, जबकि वासुदेव हरि चापेकर ने उसके सैन्य एस्कॉर्ट लेफ्टिनेंट आयर्स्ट को मार गिराया। इस घटना ने ब्रिटिश शासन की नींव हिला दी और भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन को नई दिशा दी।

घटना के बाद दोनों भाई फरार हो गए, लेकिन बाद में मुखबिरी के चलते वासुदेव चापेकर और उनके सहयोगी महादेव रानाडे गिरफ्तार कर लिए गए। जेल में वासुदेव ने निर्भीकता से अपना अपराध स्वीकार करते हुए कहा था—

“हमने अत्याचारी को मारा, कोई पाप नहीं किया।”

8 मई 1899 को पुणे की यरवदा जेल में मात्र 19 वर्ष की आयु में वासुदेव हरि चापेकर को फांसी दे दी गई। बाद में उनके बड़े भाई दामोदर चापेकर और मंझले भाई बालकृष्ण चापेकर को भी अंग्रेजों ने फांसी पर चढ़ा दिया।

इतिहासकारों के अनुसार रैंड वध भारत में किसी अंग्रेज अधिकारी की पहली लक्षित हत्या थी, जिसने यह संदेश दिया कि भारतीय अब अत्याचार सहने के लिए तैयार नहीं हैं। चापेकर बंधुओं के बलिदान ने आगे चलकर महाराष्ट्र, बंगाल, पंजाब और अनुशीलन समिति जैसे क्रांतिकारी संगठनों को प्रेरणा दी।

इस अवसर पर स्वतंत्रता आंदोलन यादगार समिति के अध्यक्ष और सिनेमेटोग्राफर प्रशांत सी. बाजपेयी ने कहा कि चापेकर बंधुओं का बलिदान भारतीय युवाओं के लिए आज भी राष्ट्रभक्ति, साहस और त्याग की अमिट मिसाल है।

पश्चिम बंगाल में ‘कमल’ राज: शुभेंदु अधिकारी होंगे नए मुख्यमंत्री, अमित शाह ने की घोषणा

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कोलकाता | पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत हुई। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य में प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुन लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में हुई बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि शुभेंदु अधिकारी ही पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री होंगे।

विधायक दल की बैठक में लगी मुहर

शुक्रवार को न्यूटाउन स्थित बिस्वा बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में नवनिर्वाचित विधायकों, केंद्रीय पर्यवेक्षकों और राज्य के वरिष्ठ नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद सेंट्रल ऑब्जर्वर और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा, “मैं पश्चिम बंगाल भाजपा विधायक दल के नेता के रूप में शुभेंदु अधिकारी के नाम की घोषणा करता हूँ।” इस अवसर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कल ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होगा शपथ ग्रहण

पार्टी सूत्रों के अनुसार, नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल यानी 9 मई को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा।

  • प्रमुख अतिथि: समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और एनडीए शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है।

  • शेड्यूल: अमित शाह के आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक, वे शनिवार सुबह 11:00 बजे समारोह स्थल पहुंचेंगे। दोपहर 12:30 बजे तक शपथ ग्रहण प्रक्रिया संपन्न होने की उम्मीद है।

ममता के गढ़ में दी मात, बने ‘महानायक’

शुभेंदु अधिकारी इस चुनाव में भाजपा के सबसे बड़े चेहरे के रूप में उभरे हैं। उन्होंने न केवल अपनी नंदीग्राम सीट बरकरार रखी, बल्कि तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी को उनके गढ़ भवानीपुर में भी करारी शिकस्त दी। 2021 के बाद यह दूसरी बार है जब शुभेंदु ने सीधे मुकाबले में ममता बनर्जी को पराजित किया है।

चुनाव परिणाम एक नज़र में

पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा (एक सीट रद्द होने के कारण 293 पर चुनाव) के लिए दो चरणों (23 और 29 अप्रैल) में मतदान हुआ था। 4 मई को आए परिणामों ने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया:

  • BJP: 207 सीटें (प्रचंड बहुमत)

  • TMC: 80 सीटें

शुभेंदु अधिकारी अब राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे, जिसके बाद बंगाल में दशकों बाद एक गैर-कांग्रेसी और गैर-वामपंथी विचारधारा वाली सरकार की कमान उनके हाथों में होगी।

तमिलनाडु में सियासी हलचल: विजय की TVK ने हासिल किया ‘जादुई आंकड़ा’, तीन और दलों का मिला समर्थन

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चेन्नई | विशेष संवाददाता अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (TVK) ने तमिलनाडु की सत्ता की ओर अपने कदम मजबूती से बढ़ा दिए हैं। कांग्रेस के बाद अब तीन अन्य प्रमुख दलों—भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), माकपा (CPI-M) और विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) ने भी विजय को अपना समर्थन देने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। इस नए गठबंधन के साथ ही TVK ने 234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए आवश्यक 118 के ‘जादुई आंकड़े’ को छू लिया है।

गठबंधन का गणित

विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था। ताजा घटनाक्रम के बाद सीटों का समीकरण इस प्रकार है:

  • TVK: 107 विधायक

  • कांग्रेस: 05 विधायक

  • CPI: 02 विधायक

  • CPI(M): 02 विधायक

  • VCK: 02 विधायक

  • कुल समर्थन: 118 (बहुमत के लिए जरूरी: 118)

राज्यपाल से मिलेंगे विजय, पेश करेंगे दावा

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, विजय आज शाम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करेंगे। चुनाव नतीजों के बाद यह उनकी तीसरी मुलाकात होगी। इस दौरान विजय सहयोगी दलों के समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपकर सबसे बड़े दल के नेता के तौर पर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।

राजभवन के बाहर प्रदर्शन और तीखी बयानबाजी

एक ओर जहाँ सरकार बनाने की कवायद तेज है, वहीं दूसरी ओर चेन्नई में राजभवन (लोक भवन) के बाहर तनाव का माहौल देखा गया। TVK समर्थकों ने राज्यपाल पर सरकार गठन में देरी करने का आरोप लगाते हुए भारी विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

माकपा महासचिव एम.ए. बेबी ने राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, “राज्यपाल ने जानबूझकर बाधाएं पैदा की हैं। लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत सबसे बड़ी पार्टी को पहले मौका मिलना चाहिए था।” वहीं, CPI विधायक दल के नेता टी. रामचंद्रन ने अपने समर्थन पत्र में स्पष्ट किया कि यह समर्थन राज्य में एक स्थिर, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक शासन सुनिश्चित करने के लिए ‘बिना शर्त’ दिया जा रहा है।

लोकतंत्र की जीत के लिए एकजुट हुए दल

CPI, CPI(M) और VCK के नेताओं का कहना है कि उन्होंने तमिलनाडु के लोगों के हित में और एक चुनी हुई सरकार की स्थापना के लिए विजय के नेतृत्व को समर्थन देने का फैसला किया है। अब सबकी निगाहें राजभवन के अगले कदम पर टिकी हैं कि राज्यपाल विजय को शपथ ग्रहण के लिए कब आमंत्रित करते हैं।

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री धामी ने विकास योजनाओं के लिए ₹1096 करोड़ की भारी-भरकम राशि को दी मंजूरी

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में विकास की गति को तेज करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा, पर्यटन, शहरी एवं ग्रामीण निकायों और आगामी कुम्भ मेला-2027 से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए ₹1096 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

इस वित्तीय अनुमोदन से राज्य के बुनियादी ढांचे और जन-सुविधाओं में बड़े सुधार की उम्मीद है। स्वीकृत धनराशि का मुख्य विवरण निम्नलिखित है:

शिक्षा क्षेत्र के लिए ₹380 करोड़ का प्रावधान

मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को बड़ी राहत देते हुए भारी बजट को हरी झंडी दिखाई है:

  • अशासकीय विद्यालय: प्रारंभिक शिक्षा के तहत सहायता प्राप्त विद्यालयों के कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए ₹160 करोड़ के सापेक्ष ₹80 करोड़ की पहली किस्त जारी की गई है।

  • माध्यमिक शिक्षा: माध्यमिक शिक्षा के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले छह महीनों हेतु ₹300 करोड़ की धनराशि अवमुक्त करने का अनुमोदन किया गया है।

स्थानीय निकायों और पंचायतों को ₹683 करोड़

ग्रामीण और शहरी विकास को मजबूती देने के लिए राज्य वित्त आयोग के तहत बड़ी धनराशि जारी की गई है:

  • शहरी निकाय: समस्त शहरी स्थानीय निकायों को प्रथम त्रैमासिक किस्त के रूप में ₹331.27 करोड़ दिए गए हैं।

  • पंचायतीराज: त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं (जिला, क्षेत्र और ग्राम पंचायत) के लिए कुल ₹352.27 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।

कुम्भ मेला-2027 की तैयारियां तेज

हरिद्वार में होने वाले आगामी कुम्भ मेले की तैयारियों के लिए मुख्यमंत्री ने तीन प्रमुख कार्यों हेतु बजट आवंटित किया है:

  • सड़क नवीनीकरण: हरिद्वार के प्रमुख चौकों (शंकराचार्य, देवपुरा, चन्द्राचार्य और आर्यनगर) के आंतरिक मार्गों के सुधार हेतु ₹6.44 करोड़।

  • सौंदर्यीकरण: रानीपुर मोड़, शिव मूर्ति चौक और झंडा चौक जैसे प्रमुख जंक्शनों के सुधार के लिए ₹6.83 करोड़।

  • स्वच्छता: कुम्भ के दौरान सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए ईवी रोड स्वीपिंग मशीनों हेतु ₹5.95 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।

पर्यटन और स्थानीय विकास (नैनीताल जनपद)

  • कालाढूंगी: कोटाबाग के पतलिया स्थित गुरूणी नाले पर पुल निर्माण के लिए ₹9.43 करोड़।

  • मुक्तेश्वर: मोहन बाजार में कार पार्किंग निर्माण के लिए ₹9.89 करोड़ (प्रथम किस्त ₹3.95 करोड़)।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना है। इन योजनाओं के समयबद्ध पूरा होने से स्थानीय रोजगार और पर्यटन को भी नई संजीवनी मिलेगी।

उत्तराखंड : UKSSSC ने जारी किया भर्ती परीक्षा कैलेंडर, 14 परीक्षाओं की तिथियां घोषित

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देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न विभागों में समूह ‘ग’ के पदों पर होने वाली भर्ती परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया है। आयोग की ओर से जारी परीक्षा कैलेंडर में विज्ञापन प्रकाशन और लिखित परीक्षाओं की संभावित तिथियां घोषित की गई हैं।

आयोग के अनुसार वाहन चालक भर्ती परीक्षा 31 मई 2026 को आयोजित होगी। वहीं स्नातक स्तरीय पुनर्परीक्षा 14 जून और विशेष तकनीकी अर्हता के विभिन्न पदों की परीक्षा 28 जून 2026 को कराई जाएगी। पशुधन प्रसार अधिकारी भर्ती परीक्षा 12 जुलाई तथा कृषि अर्हता आधारित पदों की परीक्षा 26 जुलाई को प्रस्तावित है।

सहायक लेखाकार के 305 पदों के लिए परीक्षा 23 अगस्त 2026 को आयोजित की जाएगी। इसके अलावा वन विकास निगम में स्केलर के 200 पदों के लिए 20 सितम्बर से शारीरिक दक्षता परीक्षा शुरू होगी। सामान्य इंटर स्तरीय भर्ती परीक्षा, जिसमें कनिष्ठ सहायक समेत अन्य पद शामिल हैं, 4 अक्टूबर 2026 को आयोजित होगी।

वैयक्तिक सहायक भर्ती परीक्षा 12 अक्टूबर, आईटीआई और डिप्लोमा अर्हता वाले पदों की परीक्षा 1 नवम्बर तथा पुलिस आरक्षी, वन आरक्षी और सचिवालय रक्षक समेत शारीरिक दक्षता आधारित पदों की प्रक्रिया 16 नवम्बर से शुरू होगी।

इसके अलावा विज्ञान अर्हता आधारित पदों की परीक्षा 29 नवम्बर, स्नातक स्तरीय पदों की परीक्षा 6 दिसम्बर और विशिष्ट अर्हता वाले पदों की परीक्षा 20 दिसम्बर 2026 को प्रस्तावित की गई है।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि रिक्त पदों की संख्या और परीक्षा तिथियां अस्थायी हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर इनमें बदलाव किया जा सकता है। आयोग के सचिव एन.एस. दुनरियाल ने अभ्यर्थियों से आयोग की आधिकारिक सूचनाओं पर नियमित नजर बनाए रखने की अपील की है।