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उत्तराखंड में फ्लाईओवर पर टकराई गाड़ियां, दो में लगी आग, महिला की मौत की आशंका

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देहरादून: देहरादून से एक धार्मिक कार्यक्रम से वापस लौट रही श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली का एक ट्रक और बस से जोरदार टकराव हो गया। इस भीषण दुर्घटना में ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपर (ट्रक) में आग लग गई, जिससे इलाका दहशत में आ गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में एक महिला की मौत होने की आशंका जताई जा रही है, जबकि कई अन्य लोग घायल हो सकते हैं।

हादसा देहरादून के आसपास के किसी प्रमुख मार्ग पर हुआ, जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली धार्मिक आयोजन से लौट रहे लोगों को लेकर जा रही थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहनों में तुरंत आग भड़क उठी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के लोग भी सहम गए।

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाने के लिए तेजी से प्रयास शुरू किए। राहत एवं बचाव कार्य जारी है। पुलिस ने आसपास के इलाके को सील कर दिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। घायलों को निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। मृतक महिला की पहचान और अन्य घायलों की स्थिति की पुष्टि होने के बाद ही अधिक जानकारी दी जाएगी।

उत्तराखंड : दरबार साहिब में जयकारों के साथ हुआ श्री झंडे जी का आरोहण, इनको मिला दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का सौभाग्य

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देहरादून: प्रेम, सद्भाव और आस्था के प्रतीक ऐतिहासिक झंडे जी का रविवार को श्री गुरु राम राय दरबार साहिब में विधि-विधान के साथ आरोहण किया गया। पुराने झंडे जी को उतारने, पूजा-अर्चना और गिलाफ चढ़ाने की दिनभर चली धार्मिक प्रक्रिया के बाद दरबार साहिब के सज्जादाशीन महंत देवेंद्र दास महाराज की अगुवाई में 94 फीट ऊंचे नए झंडे जी का विधिवत आरोहण कराया गया। इस अवसर पर देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालु और संगत इस शुभ क्षण के साक्षी बने। इस वर्ष देहरादून के व्यापारी अनिल कुमार गोयल के परिवार को दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

सुबह लगभग सात बजे विशेष पूजा के बाद पुराने झंडे जी को उतारने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके बाद नए झंडे जी को दूध, दही और गंगाजल से स्नान कराया गया। सुबह 10 बजे से सादे गिलाफ चढ़ाने की रस्म शुरू हुई, जबकि दोपहर एक बजे दर्शनी गिलाफ चढ़ाया गया। इस दौरान महंत देवेंद्र दास महाराज ने संगत को आशीर्वाद दिया और पारंपरिक विधि के अनुसार झंडे जी का आरोहण कराया।

परंपरा के अनुसार होली के पांचवें दिन चैत्र मास की कृष्ण पंचमी को दरबार साहिब में झंडे जी के आरोहण के साथ ऐतिहासिक झंडे जी मेला का शुभारंभ हो जाता है। इस वर्ष मेला 27 मार्च को रामनवमी तक चलेगा। मेले के धार्मिक आयोजन 25 फरवरी से ही शुरू हो चुके हैं, जबकि 28 फरवरी से उत्तराखंड के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और विदेशों से संगतों के पहुंचने का सिलसिला जारी है।

दरबार साहिब में श्रद्धालुओं की मान्यता है कि यहां आने वाले भक्तों की मन्नतें पूरी होती हैं। इसी आस्था के चलते हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस पावन अवसर का इंतजार करते हैं और मेले में शामिल होने के लिए देहरादून पहुंचते हैं। 10 मार्च को सुबह 7:30 बजे दरबार साहिब से नगर परिक्रमा भी निकाली जाएगी।

बताया जाता है कि गुरु राम राय महाराज, सिखों के सातवें गुरु गुरु हर राय के बड़े पुत्र थे। उनका जन्म वर्ष 1646 में पंजाब के होशियारपुर जिले के किरतपुर में हुआ था। बाद में उन्होंने देहरादून को अपनी तपस्थली बनाया और यहां दरबार साहिब की स्थापना की। लोक कल्याण और आस्था के संदेश के साथ उन्होंने एक विशाल ध्वजदंड स्थापित किया, जिससे श्रद्धालु झंडे जी के माध्यम से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

परंपरा के अनुसार होली के पांचवें दिन चतुर्वेदी पंचमी को गुरु राम राय महाराज का जन्मोत्सव मनाया जाता है और इसी अवसर पर ऐतिहासिक झंडे जी मेले का आयोजन होता है।

इस वर्ष देहरादून के पार्क रोड निवासी व्यापारी अनिल कुमार गोयल के परिवार ने दर्शनी गिलाफ चढ़ाया। गोयल पीपल मंडी में ‘पीतांबर दास एंड संस’ के नाम से फुटकर और थोक व्यापार करते हैं। मेले में पहुंचे बाहरी राज्यों के श्रद्धालुओं का कहना है कि वे हर वर्ष यहां आते हैं और गुरु महाराज के आशीर्वाद से उनके परिवारों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

पायलट को मिला तकनीकी खराबी का अलर्ट, राज्यपाल के हेलीकॉप्टर ने श्रीनगर गढ़वाल में की इमरजेंसी लैंडिंग

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श्रीनगर गढ़वाल (पौड़ी): उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह के हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी आने से इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। टिहरी झील महोत्सव से लौटते हुए रविवार दोपहर करीब 1 बजे हेलीकॉप्टर श्रीनगर क्षेत्र में पहुंचा तो पायलट को तकनीकी समस्या का अलर्ट मिला। पायलट ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए जीबीके (GVK) हेलीपैड पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई।

राज्यपाल गुरमीत सिंह हेलीकॉप्टर से उतरकर पुलिस विश्राम गृह पहुंच गए हैं। सभी सुरक्षित हैं और कोई हताहत नहीं हुआ है। उनके आगे के कार्यक्रम और गैरसैंण पहुंचने के बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

बताया जा रहा है कि राज्यपाल टिहरी महोत्सव में शामिल होने के बाद ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के लिए रवाना हुए थे, जहां सोमवार 9 मार्च से विधानसभा का बजट सत्र शुरू होना है। हेलीकॉप्टर में आई अचानक तकनीकी खराबी के कारण यह आपात लैंडिंग जरूरी हो गई।

केदारनाथ धाम की पवित्र रूप छड़ को लेकर गहराया विवाद, सरकार ने दिए जांच के आदेश, बीकेटीसी मौन?

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देहरादून: केदारनाथ धाम के अत्यंत पवित्र धार्मिक प्रतीक रूप छड़ (जिसे धर्म दंड भी कहा जाता है) के गायब होने से हड़कंप मच गया है। यह चांदी का बेशकीमती प्रतीक बाबा केदारनाथ का स्वरूप माना जाता है और इसका दर्शन केदारनाथ के दर्शन के समान पुण्यदायी होता है। बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) की जिम्मेदारी है कि ऐसे सभी प्रतीकों को सुरक्षित रखे, लेकिन हाल ही में भंडार गृह में यह नहीं मिलने पर मामला सुर्खियों में आ गया।

धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने इस लापरवाही पर सख्त नाराजगी जताई और जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा, “धर्म दंड बेहद महत्वपूर्ण है। इसे इस तरह गायब नहीं होना चाहिए। यह कहीं बाहर नहीं ले जाया जा सकता। पूरी पड़ताल होगी कि यह कहां गया और कैसे गया।”

जानकारी के अनुसार, केदारनाथ के मुख्य रावल भीमाशंकर लिंग ने महाराष्ट्र के नांदेड़ में पट्टा अभिषेक रजत महोत्सव में भाग लेने के लिए 21 जनवरी 2026 को रूप छड़ को वहां ले जाने की अनुमति ली थी। बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय थपलियाल ने 19 जनवरी 2026 को ही यह अनुमति प्रदान कर दी थी। इसके बाद रूप छड़ महाराष्ट्र पहुंचा, लेकिन बीकेटीसी के खजाने में वापस नहीं लौटा, जिससे विवाद खड़ा हो गया।

रूप छड़ केदारनाथ धाम

पंडा-पुरोहितों और जानकारों का कहना है कि यह रावल का निजी कार्यक्रम था। केदारनाथ के धार्मिक प्रतीकों को किसी अन्य स्थान या प्रयोजन के लिए ले जाना परंपरा के विरुद्ध है। कपाट बंद होने के बाद सभी प्रतीक बीकेटीसी के खजाने में सुरक्षित रखे जाते हैं और इन्हें बाहर नहीं ले जाया जा सकता। साल 2000 में भी रावल द्वारा दक्षिण भारत ले जाने की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन तब बीकेटीसी ने स्पष्ट रूप से मना कर दिया था, यह कहते हुए कि ऐसी कोई परंपरा या दस्तूर नहीं है।

केदारनाथ के पुरोहित प्रवीन तिवारी ने बताया, “रूप छड़ महाराष्ट्र ले जाने की जानकारी बीकेटीसी को थी, लेकिन अब यह उत्तराखंड वापस आ चुका है और सुरक्षित है। गुम या चोरी होने की कोई बात नहीं। हालांकि, बिना उचित प्रक्रिया के इसे ले जाना उचित नहीं था।”

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी और सीईओ विजय थपलियाल ने मामले पर चुप्पी साध रखी है। मीडिया से संपर्क करने की कई कोशिशों के बावजूद कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि चारधामों में धार्मिक प्रतीकों के साथ छेड़छाड़ की कोई परंपरा नहीं है। अनुमति किसने और क्यों दी? बीकेटीसी की चुप्पी से साफ है कि समिति में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा।

“मां, अगले जन्म में मुझे प्यार करना”…परिवार से तंग आकर यूट्यूबर अनुराग डोभाल ने की जान देने की कोशिश?

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देहरादून: बिग बॉस 17 के फेमस कंटेस्टेंट और मशहूर यूट्यूबर अनुराग डोभाल उर्फ UK07 Rider ने शनिवार को इंस्टाग्राम लाइव के दौरान अपनी जान देने की कोशिश की। लाइव स्ट्रीम में भावुक होते हुए उन्होंने कहा, “मां, अगर अगले जन्म में आऊं तो बस प्यार दे देना… बहुत जरूरत थी प्यार की।” इसके बाद उन्होंने “फाइनल ड्राइव” पर चलते हुए अपनी टोयोटा फॉर्च्यूनर कार को 150 किमी/घंटा से अधिक की रफ्तार में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (या दिल्ली-देहरादून हाईवे) पर डिवाइडर से टकरा दिया।

हादसे का पूरा वाकया लाइव कैमरे में कैद हो गया, जिसमें अनुराग आंसुओं के साथ परिवार से परेशानी और मानसिक प्रताड़ना की बात कर रहे थे। उन्होंने पेरेंट्स पर मेंटल हैरासमेंट का आरोप लगाया और कहा कि अगर कुछ होता है तो इसके लिए उनके परिवार जिम्मेदार होंगे। लाइव में करीब 80,000 से अधिक लोग उन्हें देख रहे थे, जब अचानक कार डिवाइडर से जा टकराई और लाइव बंद हो गया।

दुर्घटना के बाद अनुराग गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें ICU में भर्ती कराया गया है। उनकी कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मैनेजर और टीम ने अपडेट देते हुए बताया कि वे फिलहाल निगरानी में हैं और हालत स्थिर है, लेकिन गंभीर हैं।

यह घटना अनुराग की दूसरी ऐसी कोशिश बताई जा रही है, क्योंकि हाल ही में भी वे डिप्रेशन और पारिवारिक मुद्दों से जूझ रहे थे। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद फैंस और लोग उनकी मानसिक स्थिति को लेकर चिंतित हैं। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है, जबकि यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह जानबूझकर की गई आत्महत्या की कोशिश थी या दुर्घटना।

उत्तराखंड विधानसभा बजट सत्र की सुरक्षा व्यवस्था पूरी, अपर पुलिस महानिदेशक ने दी ब्रीफिंग

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देहरादून: सोमवार से शुरू हो रहे उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के लिए पुलिस प्रशासन की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) ने तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए ड्यूटी पर तैनात सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को विस्तृत ब्रीफिंग दी।

ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि ड्यूटी के दौरान पूरी सतर्कता बरती जाए, किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही न हो और महानुभावों की सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का 100% अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

विधानसभा गेट पर तैनात पुलिस कर्मियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि आने-जाने वाले सभी व्यक्तियों और वाहनों की गहन जांच की जाए। केवल अधिकृत व्यक्तियों और वैध पासधारकों को ही परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जाए।

इसके अलावा, पुलिस बल को निर्देशित किया गया है कि ड्यूटी के दौरान व्यवहार संयमित, मर्यादित और संवेदनशील रखा जाए। किसी भी असामान्य स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अपने प्रभारी अधिकारी को दी जाए, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

यह बजट सत्र भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में आयोजित होने जा रहा है, जहां सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए पुलिस की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

दर्दनाक हादसा : 7 साल की मासूम को तेज रफ्तार जीप ने मारी टक्कर, मौके पर ही मौत

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दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार को खुशहालपुर (सहसपुर कोतवाली क्षेत्र) में एक दर्दनाक हादसा हुआ। गुरुद्वारे के निकट सड़क पार कर रही 7 वर्षीय मासूम तसमीया को बिना नंबर प्लेट वाली काली रंग की तेज रफ्तार जीप ने जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर में बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे के बाद जीप का चालक मौके से फरार हो गया। गुस्साए ग्रामीणों ने बच्ची का शव सड़क पर रख दिया, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगभग एक घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

जानकारी के अनुसार, तसमीया के पिता रफाकत खुशहालपुर में घर के पास अंडे की ठेली लगाते हैं। बच्ची उसी के आसपास खेल रही थी और सड़क पार करने लगी थी, तभी देहरादून दिशा से आ रही तेज रफ्तार जीप ने उसे टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चालक जस्सोवाला रोड की ओर भाग गया।

घटना की सूचना मिलते ही सहसपुर कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक विकास रावत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने चालक की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शव अपने कब्जे में लिया।

सीसीटीवी फुटेज में दुर्घटना वाली जीप दिख रही है, लेकिन उस पर नंबर प्लेट नहीं है। कोतवाली प्रभारी शंकर सिंह बिष्ट ने बताया कि पीड़ित परिवार शिकायत दर्ज कराने से इनकार कर रहा है। फिर भी पुलिस चालक की तलाश में जुट गई है। जस्सोवाला से जमनीपुर और बरोटीवाला तक के रास्तों के आसपास के सीसीटीवी की जांच की जा रही है तथा आसपास के थानों में सूचना दी गई है।

हादसे के बाद तसमीया के पिता रफाकत अपनी लहूलुहान बेटी को देखकर बेहोश हो गए। माता-पिता का रोना नहीं थम रहा है। गांव के प्रधान आजम, शाहनवाज खान, अलादीन, शहजाद, नदीम आदि ने पुलिस से चालक के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ रात में वाहनों की जांच बढ़ाने की मांग की है।

केदारनाथ से कन्याकुमारी तक घुसपैठ पर होगी सख्ती : गृहमं

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बोले, केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिया

जन-जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम के तहत हरिद्वार में आयोजित विशाल जनसभा को किया संबोधित

हरिद्वार/ देहरादून: 7 मार्च।केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्रीIMG 20260307 WA0037 अमित शाह ने शनिवार को हरिद्वार के बैरागी कैम्प में ‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया।
केंद्रीय गृह मंत्री ने संबोधन की शुरुआत उत्तराखंड राज्य आंदोलन से करते हुए कहा कि, उत्तराखंड के युवाओं को अपनी पहचान, संस्कृति बचाने के साथ ही अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा, लेकिन इसके लिए उन्हें रामपुर तिराहा कांड जैसी हिंसा का सामना करना पड़ा। इसके बाद केंद्र में भाजपा सरकार बनने पर तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने उत्तराखंड के साथ ही झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का निर्माण करने का निर्णय लिया, आज ये तीनों राज्य तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने कहा था कि उत्तराखंड को अटल जी ने बनाया है, अब इसे संवारने का काम मोदी जी करेंगे, इसी क्रम में 2017 से 2026 तक का कालखंड, उत्तराखंड के विकास को समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि बीते चार सालों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की सभी समस्याओं को चुन- चुन कर समाप्त करने का काम किया है। इस कारण उत्तराखंड अब दोगुनी रफ्तार से विकास के रास्ते पर बढ़ रहा है।

तीन साल के भीतर मिलेगा न्याय
केंद्रीय गृह मंत्री ने सभी लोगों खासकर अधिवक्ता वर्ग से अपील करते हुए कहा कि वो नई न्याय संहिता पर लगाई गई प्रदर्शनी का जरूर अवलोकन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंग्रेजों के बनाए डेढ़ सौ साल पुराने कानूनों को बदलने का काम किया है, 2028 में नई न्याय संहिता के सभी प्राविधान पूरी तरह अमल में आ जाएंगे। इसके बाद किसी भी मामले में थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट तक फैसला आने में अधिकतम तीन वर्ष का समय लगेगा। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे आधुनिक ओर वैज्ञानिक न्याय सहिंता करार दिया।
केंद्रीय गृह मंत्री ने सीएए कानून के तहत भारत की नागरिकता प्राप्त करने वाले शरणार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि, पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आने वाले हिंदू, सिख, बौध और जैन शरणार्थियों का इस देश पर उतना ही अधिकार, जितना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है। लेकिन अब तक तुष्टिकरण की नीति के चलते उन्हें भारतीय नागरिकता से विंचित रखा गया। ये शरणार्थी अपना धर्म और परिवार की इज्जत बचाने के लिए, भारत में आए हैं, इसलिए वो किसी के भी विरोध के बावजूद, ऐसे लोगों को भारतीय नागरिकता देने के निर्णय पर अडिग रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धारा 370 समाप्त करने, सीएए कानून बनाने, साढे पांच सौ साल बाद अयोद़धा में राम मंदिर बनाने, बद्रीनाथ – केदारनाथ पुननिर्माण, महाकाल लोक और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर कई एतिहासिक कार्य किए हैं।

नकल विरोधी कानून से आई पारदर्शिता
केंद्रीय गृह मंत्री ने शनिवार को उत्तराखंड पुलिस में आरक्षी के तौर पर नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले 1900 युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड में अब बिना पर्चा और बिना खर्चा के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। इसके लिए पुष्कर सिंह धामी कठोर नकल विरोधी कानून लेकर आए हैं। जिससे रोजगार के क्षेत्र में पारदर्शिता कायम हुई है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 2027 में हरिद्वार में कुंभ मेला आयोजित होने जा रहा है। हरिद्वार कुंभ आने वाले सभी रिकॉर्ड तोड़ने का काम करेगा। उन्होने केंद्र सरकार की ओर से जारी वाइब्रेंट विलेज योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सीमांत गांवों को प्रथम गांव का सम्मान दिया है। जिसका मुख्य उद्देश्य सीमांत का पलायन रोकना है, उत्तराखंड के लिए यह योजना विशेषकर लाभकारी होने जा रही है।

केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड में 10 हजार एकड़ सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि, सरकार केदारनाथ से कन्याकुमारी तक एक- एक घुसपैठिया को देश से बाहर निकालने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने यूसीसी लागू करने के लिए भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यूसीसी, डेमोग्राफी में आए अप्राकतिक बदलाव को रोकने का काम करेगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने एसआईआर का उल्लेख करते हुए कहा कि जो भारत का नागरिक नहीं है, उसका नाम वोटर लिस्ट से कटना ही चाहिए, लोकतंत्र की रक्षा के लिए वोटर लिस्ट का शुद़ध होना जरूरी है।

उत्तराखंड के लिए केंद्रीय सहायता बढ़ी
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच उत्तराखंड को केंद्र सरकार से सिर्फ 54 हजार करोड़ मिले, जबकि इसके बाद से उत्तराखंड को केंद्र से एक लाख 87 हजार करोड़ रुपए मिल चुके हैं, इसके अलावा केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में हजारों करोड़ रुपए की ऑलवेदर रोड, दिल्ली – देहरादून इकानॉमिक कॉरिडोर, रेल, सड़क और परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 में उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 25 हजार रुपए थी जो अब बढ़कर 2 लाख 60 हजार हो चुकी है। जीएसडीएपी भी एक लाख 50 हजार करोड़ से बढ़कर तीन लाख पचास हजार करोड़ हो चुकी है।

उत्तराखंड : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बोले, केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिया

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हरिद्वार : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने शनिवार को हरिद्वार के बैरागी कैम्प में ‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया। केंद्रीय गृह मंत्री ने संबोधन की शुरुआत उत्तराखंड राज्य आंदोलन से करते हुए कहा कि, उत्तराखंड के युवाओं को अपनी पहचान, संस्कृति बचाने के साथ ही अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा, लेकिन इसके लिए उन्हें रामपुर तिराहा कांड जैसी हिंसा का सामना करना पड़ा।

इसके बाद केंद्र में भाजपा सरकार बनने पर तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने उत्तराखंड के साथ ही झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का निर्माण करने का निर्णय लिया, आज ये तीनों राज्य तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने कहा था कि उत्तराखंड को अटल जी ने बनाया है, अब इसे संवारने का काम मोदी जी करेंगे, इसी क्रम में 2017 से 2026 तक का कालखंड, उत्तराखंड के विकास को समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि बीते चार सालों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की सभी समस्याओं को चुन- चुन कर समाप्त करने का काम किया है। इस कारण उत्तराखंड अब दोगुनी रफ्तार से विकास के रास्ते पर बढ़ रहा है।

तीन साल के भीतर मिलेगा न्याय
केंद्रीय गृह मंत्री ने सभी लोगों खासकर अधिवक्ता वर्ग से अपील करते हुए कहा कि वो नई न्याय संहिता पर लगाई गई प्रदर्शनी का जरूर अवलोकन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंग्रेजों के बनाए डेढ़ सौ साल पुराने कानूनों को बदलने का काम किया है, 2028 में नई न्याय संहिता के सभी प्राविधान पूरी तरह अमल में आ जाएंगे। इसके बाद किसी भी मामले में थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट तक फैसला आने में अधिकतम तीन वर्ष का समय लगेगा। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे आधुनिक ओर वैज्ञानिक न्याय सहिंता करार दिया।

केंद्रीय गृह मंत्री ने सीएए कानून के तहत भारत की नागरिकता प्राप्त करने वाले शरणार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि, पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आने वाले हिंदू, सिख, बौध और जैन शरणार्थियों का इस देश पर उतना ही अधिकार, जितना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है। लेकिन अब तक तुष्टिकरण की नीति के चलते उन्हें भारतीय नागरिकता से विंचित रखा गया। ये शरणार्थी अपना धर्म और परिवार की इज्जत बचाने के लिए, भारत में आए हैं, इसलिए वो किसी के भी विरोध के बावजूद, ऐसे लोगों को भारतीय नागरिकता देने के निर्णय पर अडिग रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धारा 370 समाप्त करने, सीएए कानून बनाने, साढे पांच सौ साल बाद अयोद़धा में राम मंदिर बनाने, बद्रीनाथ – केदारनाथ पुननिर्माण, महाकाल लोक और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर कई एतिहासिक कार्य किए हैं।

नकल विरोधी कानून से आई पारदर्शिता
केंद्रीय गृह मंत्री ने शनिवार को उत्तराखंड पुलिस में आरक्षी के तौर पर नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले 1900 युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड में अब बिना पर्चा और बिना खर्चा के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। इसके लिए पुष्कर सिंह धामी कठोर नकल विरोधी कानून लेकर आए हैं। जिससे रोजगार के क्षेत्र में पारदर्शिता कायम हुई है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 2027 में हरिद्वार में कुंभ मेला आयोजित होने जा रहा है। हरिद्वार कुंभ आने वाले सभी रिकॉर्ड तोड़ने का काम करेगा। उन्होने केंद्र सरकार की ओर से जारी वाइब्रेंट विलेज योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सीमांत गांवों को प्रथम गांव का सम्मान दिया है। जिसका मुख्य उद्देश्य सीमांत का पलायन रोकना है, उत्तराखंड के लिए यह योजना विशेषकर लाभकारी होने जा रही है।

केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड में 10 हजार एकड़ सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि, सरकार केदारनाथ से कन्याकुमारी तक एक- एक घुसपैठिया को देश से बाहर निकालने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने यूसीसी लागू करने के लिए भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यूसीसी, डेमोग्राफी में आए अप्राकतिक बदलाव को रोकने का काम करेगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने एसआईआर का उल्लेख करते हुए कहा कि जो भारत का नागरिक नहीं है, उसका नाम वोटर लिस्ट से कटना ही चाहिए, लोकतंत्र की रक्षा के लिए वोटर लिस्ट का शुद़ध होना जरूरी है।

उत्तराखंड के लिए केंद्रीय सहायता बढ़ी
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच उत्तराखंड को केंद्र सरकार से सिर्फ 54 हजार करोड़ मिले, जबकि इसके बाद से उत्तराखंड को केंद्र से एक लाख 87 हजार करोड़ रुपए मिल चुके हैं, इसके अलावा केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में हजारों करोड़ रुपए की ऑलवेदर रोड, दिल्ली – देहरादून इकानॉमिक कॉरिडोर, रेल, सड़क और परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 में उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 25 हजार रुपए थी जो अब बढ़कर 2 लाख 60 हजार हो चुकी है। जीएसडीएपी भी एक लाख 50 हजार करोड़ से बढ़कर तीन लाख पचास हजार करोड़ हो चुकी है।
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देश विकास और सुशासन की नई गाथाएँ लिख रहा है : मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में वर्ष 2022 में उत्तराखंड की जनता ने सभी मिथकों को तोड़कर प्रचंड बहुमत से सरकार को दुबारा आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर एक भारत, श्रेष्ठ भारत के स्वप्न को साकार किया गया है। नागरिकता संशोधन अधिनियम को लागू कर वर्षों से उपेक्षित हिन्दू शरणार्थियों को सम्मान और सुरक्षा का अधिकार दिलाया गया। भारतीय न्याय संहिता सहित तीन नए कानूनों के माध्यम से न्याय व्यवस्था को भारतीय आत्मा के अनुरूप बनाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा गृह मंत्री के नेतृत्व में देश में आतंकवाद और नक्सलवाद पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है। जिन क्षेत्रों में अशांति और भय होता था, आज वो क्षेत्र विकास के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। कश्मीर के लाल चौक पर कभी तिरंगा फहराना, एक चुनौती माना जाता था, आज वहां गर्व और सम्मान के साथ तिरंगा लहरा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा गृह मंत्री के नेतृत्व में देश, सहकारिता के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में सनातन का जयघोष चारों दिशाओं में गूंज रहा है। अयोध्या जी में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरीडोर, उज्जैन में महाकाल लोक, बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण हो रहा है। मुख्यमंत्री ने केंद्र द्वारा हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ के लिए 500 करोड़ रुपए स्वीकृत करने पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा निश्चित ही आगामी कुंभ सनातन का गौरव बढ़ाने वाला कुंभ होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के समग्र विकास के साथ समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन पर कार्य किया जा रहा है। राज्य में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। वर्ष 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन कर राज्य में 3.56 लाख करोड़ के निवेश समझौते किए। जिसमें 1 लाख करोड़ से ज्यादा के ग्राउंडिंग हो चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक कार्य किए हैं। राज्य में पहली बार जी-20 जैसे वैश्विक सम्मेलन का आयोजन, राज्य में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन, जिसमें राज्य के खिलाड़ियों ने 100 से अधिक मैडल प्राप्त कर राज्य को अंक तालिका में 7वां स्थान प्राप्त हुआ। राज्य में पहली बार वर्षभर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शीतकालीन यात्रा प्रारम्भ, जैसे कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में बीते चार सालों में आर्थिकी में डेढ़ गुना से अधिक वृद्धि हुई है, बीते वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है और प्रतिव्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बीते 4 वर्षों में राज्य बजट का आकार ₹ 60 हजार करोड़ से 1 लाख करोड़ से अधिक हो गया है, राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं। बीते चार वर्षों में राज्य में स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर साढ़े 1700 हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास के इंडेक्स में देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। राज्य में पर्यटन, एविएशन और खेल के विकास से जुड़े क्षेत्रों में भी बेस्ट स्टेट फॉर प्रमोशन ऑफ एविएशन इकोसिस्टम तथा बेस्ट विलेज, बेस्ट डिस्ट्रिक्ट जैसे राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड को नेशनल लॉजिस्टिक्स इंडेक्स, स्टेट स्टार्टअप इकोसिस्टम, ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस, स्टेट एनर्जी एंड ग्रीन इंडेक्स जैसे कई राष्ट्रीय सूचकांकों में भी विभिन्न पुरुस्कार प्राप्त हुए हैं।

उन्होंने कहा प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू कर सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा हमें गर्व है कि हमने UCC को लागू कर उसे प्रभावी रूप से धरातल पर उतारने का कार्य भी किया है। मुख्यमंत्री ने कहा गृहमंत्री की प्रेरणा से राज्य में ऑपरेशन कालनेमी और सघन सत्यापन अभियान के माध्यम से घुसपैठियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। सख्त भू-कानून बनाकर हमारे पहाड़ी क्षेत्रों में जमीनों की अवैध खरीद फरोख्त पर लगाम लगाकर भू माफियाओं पर अंकुश लगाया है।

भारतीय न्याय संहिता जैसे नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में देश में पहले स्थान पर उत्तराखंड

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उत्तराखंड ने नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में देश में पहला स्थान हासिल किया है। इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) 2.0 के राष्ट्रीय कार्यान्वयन में राज्य ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी CCTNS/ICJS प्रोग्रेस डैशबोर्ड के अनुसार, जनवरी 2026 तक उत्तराखंड ने 93.46 के उच्च स्कोर के साथ देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

इस रैंकिंग में हरियाणा 93.41 स्कोर के साथ दूसरे, असम 93.16 के साथ तीसरे, सिक्किम 91.82 के साथ चौथे और मध्य प्रदेश 90.55 के साथ पांचवें स्थान पर रहा है। यह उपलब्धि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के तकनीक-आधारित न्याय प्रणाली के दूरदर्शी दृष्टिकोण और निरंतर मार्गदर्शन का परिणाम है।

Uttarakhand ranks first in country in effective implementation of new  criminal laws

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का ‘मिशन मोड’ नेतृत्व

उत्तराखंड की इस सफलता का मुख्य श्रेय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व और ‘टॉप-टू-बॉटम’ मॉनिटरिंग को दिया जा रहा है। भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) जैसे नए कानूनों को लागू करने के लिए मुख्यमंत्री ने खुद कमान संभाली। उन्होंने शीर्ष अधिकारियों से लेकर जिला स्तर के फील्ड अधिकारियों तक के साथ नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित कीं, जिससे तकनीकी चुनौतियों को समय पर दूर किया गया और पुलिस विभाग नए कानूनी ढांचे के अनुरूप तैयार हो सका।

‘वन डेटा, वन एंट्री’ की कुशलता

उत्तराखंड की इस उपलब्धि का आधार ICJS 2.0 की “वन डेटा, वन एंट्री” प्रणाली है। इस तंत्र के माध्यम से पुलिस (CCTNS), ई-कोर्ट, ई-जेल, ई-अभियोजन और ई-फॉरेंसिक के बीच डेटा का निर्बाध आदान-प्रदान सुनिश्चित होता है। एक बार डेटा दर्ज होने पर वह सभी संबंधित विभागों में तुरंत उपलब्ध हो जाता है, जिससे कागजी कार्यवाही में कमी आई है और मुकदमों का निस्तारण तेज हुआ है। पारदर्शिता के लिए ‘ई-साक्ष्य’ ऐप के जरिए अपराध स्थल की वीडियोग्राफी और डिजिटल साक्ष्यों का सुरक्षित संग्रहण अनिवार्य किया गया है।

प्रमुख उपलब्धियां

  • प्रदेश के 23,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को नए कानूनों का गहन प्रशिक्षण दिया गया।
  • ‘न्याय श्रुति’ के माध्यम से वर्चुअल अदालती सुनवाई और फॉरेंसिक मोबाइल वैन को प्राथमिकता दी गई।

उत्तराखंड पुलिस के प्रवक्ता एवं पुलिस महानिरीक्षक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) सुनील कुमार मीणा ने इस रैंकिंग की पुष्टि करते हुए कहा कि राज्य ने तकनीकी बुनियादी ढांचे के साथ-साथ रीयल-टाइम डेटा एंट्री में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उच्च स्तरीय बैठकों में उत्तराखंड की “वन डेटा, वन एंट्री” प्रणाली की विशेष सराहना की है।