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आईपीएल 2027 से पहले बड़ा धमाका: ऋषभ पंत की दिल्ली में घर वापसी, कुलदीप यादव लखनऊ सुपर जाएंट्स से जुड़े

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नई दिल्ली। आईपीएल 2027 शुरू होने से पहले ही लीग में एक बड़ा खिलाड़ी ट्रेड चर्चा का विषय बन गया है। दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जाएंट्स के बीच हुए हाई-प्रोफाइल ट्रेड के तहत स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत एक बार फिर दिल्ली कैपिटल्स की जर्सी में नजर आएंगे, जबकि अनुभवी स्पिनर कुलदीप यादव अब लखनऊ सुपर जाएंट्स का हिस्सा होंगे।

इस ट्रेड की सबसे खास बात ऋषभ पंत की सैलरी में आई बड़ी कटौती है। लखनऊ सुपर जाएंट्स में 27 करोड़ रुपये की सैलरी पाने वाले पंत अब 15 करोड़ रुपये में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलेंगे। यानी दिल्ली वापसी के लिए उन्होंने 12 करोड़ रुपये की कटौती स्वीकार की है। दूसरी ओर, कुलदीप यादव 13.5 करोड़ रुपये की मौजूदा फीस पर लखनऊ सुपर जाएंट्स से जुड़ेंगे।

ऋषभ पंत का दिल्ली कैपिटल्स से पुराना और भावनात्मक रिश्ता रहा है। उन्होंने 2016 से 2024 तक लगातार नौ सीजन दिल्ली के लिए खेले और टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रहे। इस दौरान उन्होंने 111 मुकाबले खेले, जो किसी भी खिलाड़ी द्वारा दिल्ली के लिए सबसे अधिक हैं। 2021 से 2024 के बीच उन्होंने टीम की कप्तानी भी संभाली थी।

सूत्रों के अनुसार, पंत की वापसी के साथ उन्हें दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी भी सौंपी जा सकती है। पिछले दो सीजन में अक्षर पटेल टीम की कमान संभाल रहे थे, लेकिन टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा।

दूसरी तरफ, कुलदीप यादव का दिल्ली कैपिटल्स के साथ सफर भी काफी सफल रहा। 2022 से टीम का हिस्सा रहे कुलदीप ने पांच सीजन में 65 मैचों में 72 विकेट हासिल किए। उनकी कलाई की स्पिन और मध्य ओवरों में विकेट निकालने की क्षमता ने दिल्ली को कई अहम मुकाबलों में जीत दिलाई।

लखनऊ सुपर जाएंट्स को उम्मीद है कि कुलदीप यादव के आने से उसकी गेंदबाजी इकाई और मजबूत होगी। खासकर इकाना स्टेडियम जैसी स्पिन-अनुकूल परिस्थितियों में कुलदीप विपक्षी बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं।

यह ट्रेड सिर्फ दो खिलाड़ियों की अदला-बदली नहीं, बल्कि दोनों फ्रेंचाइजियों की रणनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। दिल्ली ने अपने पुराने स्टार खिलाड़ी को वापस लाकर बल्लेबाजी और नेतृत्व दोनों मोर्चों पर मजबूती हासिल की है, जबकि लखनऊ ने भारतीय स्पिन आक्रमण को धार देने के लिए कुलदीप यादव जैसे मैच विजेता गेंदबाज को टीम में शामिल किया है।

दिलचस्प बात यह भी है कि लखनऊ सुपर जाएंट्स के पूर्व कप्तान केएल राहुल और ऋषभ पंत अब दिल्ली कैपिटल्स की ओर से एक साथ खेलते नजर आ सकते हैं, जिससे आगामी सीजन और भी रोमांचक होने की उम्मीद है।

BIG BREAKING: देहरादून में अनियंत्रित सिटी बस का कहर, छह लोगों को कुचला!

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देहरादून। राजधानी देहरादून के पटेलनगर थाना क्षेत्र के लालपुर इलाके में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। एक अनियंत्रित सिटी बस ने सड़क किनारे चल रहे लोगों को टक्कर मार दी, जिससे छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और क्षेत्र में लंबा जाम लग गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सिटी बस अचानक नियंत्रण खो बैठी और सड़क किनारे चल रहे लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई लोग सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल भिजवाया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे के बाद घायल काफी देर तक सड़क पर पड़े तड़पते रहे, लेकिन उन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए शुरुआत में कोई वाहन चालक तैयार नहीं हुआ। ऐसे में पुलिस को राह चलते वाहनों को रुकवाकर घायलों को अस्पताल भेजना पड़ा।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस चालक को वाहन चलाते समय अचानक दौरा पड़ गया था, जिसके कारण वह बस पर नियंत्रण नहीं रख सका। पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घायलों का उपचार अस्पताल में चल रहा है और दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।

नीलम अग्रवाल स्मृति ट्रस्ट का सराहनीय संकल्प, वर्ष में चार निशुल्क स्वास्थ्य शिविर होंगे आयोजित, सूर्यकांत धस्माना ने ट्रस्ट की पहल की सराहना 

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देहरादून। स्वर्गीय नीलम अग्रवाल की स्मृति को जनसेवा से जोड़ते हुए डॉ. सुनील अग्रवाल ने एक अनूठी पहल की है। उनकी स्मृति में गठित नीलम अग्रवाल स्मृति ट्रस्ट ने शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में जरूरतमंद लोगों की सहायता का बीड़ा उठाया है। ट्रस्ट ने प्रत्येक वर्ष चार निशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने का संकल्प लिया है, साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए सहयोग भी प्रदान किया जाएगा।

रविवार को कैंट रोड स्थित अग्रवाल परिसर में ट्रस्ट द्वारा आयोजित तीसरे निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। शिविर में सैकड़ों लोगों ने स्वास्थ्य जांच कराई तथा उन्हें निशुल्क दवाएं भी वितरित की गईं।

इस अवसर पर सूर्यकांत धस्माना ने ट्रस्ट की पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज को आज ऐसी निस्वार्थ सेवा भाव से कार्य करने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गरीब, वंचित और बीमार लोगों की सेवा ही सच्ची ईश्वर भक्ति है। उन्होंने रामचरितमानस की चौपाई “हरि व्यापक सर्वत्र समाना, प्रेम ते प्रगट होहिं मैं जाना” का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रेम, करुणा, दया और सेवा ही मानव जीवन के सर्वोच्च मूल्य हैं।

ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. सुनील अग्रवाल ने बताया कि पहला स्वास्थ्य शिविर 3 जनवरी को उनके जन्मदिन पर, दूसरा 26 मई को स्वर्गीय नीलम अग्रवाल के जन्मदिवस पर तथा तीसरा 22 जून को वैवाहिक वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया। चौथा स्वास्थ्य शिविर 20 जुलाई को उनकी पुण्यतिथि पर आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम में देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल, पूर्व मेयर सुनील उनियाल गामा, अशोक वर्मा, शमशेर सिंह बिष्ट, सचिन जैन, मधु जैन, मनमोहन शर्मा, प्रमोद गुप्ता, इंदु शर्मा, अनिल वर्मा, योगेश अग्रवाल सहित अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। ट्रस्ट के शोभित जैन, राघव गोयल, अक्षय अग्रवाल, अमित अग्रवाल, आयुष अग्रवाल, डॉ. मयंक रावत, डॉ. रितु बडोनी, डॉ. शैली गुप्ता और डॉ. सार्थक अग्रवाल ने शिविर के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: पांच साल के ऑडिट की सिफारिश, जांच में खुल सकती हैं नई परतें

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अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेरफेर और धन की चोरी के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में पिछले पांच वर्षों के चढ़ावे का व्यापक ऑडिट कराने की सिफारिश की है।

सूत्रों का कहना है कि एसआईटी को जांच के दौरान ऐसे संकेत मिले हैं जिनसे आशंका व्यक्त की जा रही है कि चढ़ावे में अनियमितताओं का सिलसिला लंबे समय से चल रहा हो सकता है। हालांकि, इसकी पुष्टि विस्तृत ऑडिट और आगे की जांच के बाद ही हो सकेगी।

एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में चढ़ावा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने, वित्तीय निगरानी को मजबूत करने तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए कई सुझाव भी दिए हैं। रिपोर्ट में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में आवश्यक सुधार करने की भी अनुशंसा की गई है।

सूत्रों के मुताबिक जांच रिपोर्ट शीघ्र ही मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी, जिसके बाद सरकार इस मामले में आगे की कार्रवाई और सिफारिशों पर निर्णय लेगी। रिपोर्ट के आधार पर आधिकारिक बयान जारी किए जाने की भी संभावना है।

इस बीच, धर्मसेना के अध्यक्ष संतोष दुबे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर संबंधित ट्रस्ट को तत्काल भंग करने और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने आरोपों को गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

उधर, प्रशासनिक और धार्मिक हलकों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजरें मुख्यमंत्री के निर्णय और जांच रिपोर्ट पर होने वाली आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

मसूरी नगर पालिका को विस्फोट की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

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मसूरी: मसूरी नगर पालिका परिषद और प्रशासन को ई-मेल के माध्यम से बम विस्फोट की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। धमकी भरे ई-मेल में मसूरी नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी के कार्यालय सहित देहरादून और दिल्ली के विभिन्न सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की बात कही गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह ई-मेल नगर पालिका परिषद मसूरी और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मसूरी के आधिकारिक ई-मेल पते पर भेजा गया। ई-मेल में दावा किया गया है कि मसूरी नगर पालिका कार्यालय में दोपहर 3:11 बजे विस्फोट किया जाएगा। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा कई सरकारी कार्यालयों, धार्मिक स्थलों, रेलवे स्टेशनों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर हमले की धमकी भी दी गई है।

धमकी मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस विभाग तत्काल सक्रिय हो गए। सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और साइबर विशेषज्ञों की टीम ई-मेल की जांच में जुट गई है तथा ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने बताया कि उन्हें भी इस प्रकार का धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ है। वहीं, मसूरी कोतवाल देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि एसडीएम कार्यालय से सूचना मिलने के बाद सभी महत्वपूर्ण संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार फिलहाल ई-मेल की सत्यता की जांच की जा रही है। प्रशासन ने आम जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू से जांच कर रही हैं और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

उत्तराखंड: खाई में गिरी स्कॉर्पियो, शिवपुरी चौकी प्रभारी विनोद शर्मा की दर्दनाक मौत

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ऋषिकेश। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में शिवपुरी चौकी प्रभारी विनोद शर्मा की मौत हो गई। उनकी निजी स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी, जिससे मौके पर ही उनकी जान चली गई।

जानकारी के अनुसार, थाना मुनिकीरेती क्षेत्र के शिवपुरी चौकी प्रभारी विनोद शर्मा सुबह थाने से अपनी चौकी की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान शिवपुरी से पहले बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर उनकी स्कॉर्पियो अचानक अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई।

हादसे की सूचना राहगीरों ने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचा तथा खाई से वाहन और शव को बाहर निकाला। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स ऋषिकेश भेज दिया गया।

विनोद शर्मा मूल रूप से रानीपोखरी क्षेत्र के निवासी थे। वह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे और वर्तमान में शिवपुरी चौकी प्रभारी के पद पर तैनात थे। घटना के बाद पुलिस विभाग और क्षेत्र में शोक की लहर है। उनके निधन पर अधिकारियों, सहकर्मियों और स्थानीय लोगों ने गहरा दुःख व्यक्त किया है।

काल बनी भीषण आग: अलीगंज कोचिंग सेंटर में 15 छात्र-छात्राओं की जलकर मौत, मुख्यमंत्री और रक्षामंत्री पहुंचे मौके पर, SIT गठित

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में सोमवार दोपहर एक रूह कंपा देने वाला महाहादसा सामने आया है। यहाँ के सेक्टर-डी स्थित एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में शॉर्ट सर्किट और एसी (AC) का कंप्रेसर फटने से लगी भीषण आग ने 15 घरों के चिरागों को हमेशा के लिए बुझा दिया। हादसे में एनीमेशन कोर्स और कोचिंग करने वाले 15 छात्र-छात्राओं की दम घुटने और जलने से दर्दनाक मौत हो गई।

जान बचाने के लिए तीसरी मंजिल से नीचे कूदे कई छात्रों समेत 9 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) में भर्ती कराया गया है। हादसे की भयावहता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही रद्द कर सीधे घटनास्थल पहुंचे। वहीं, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी दिल्ली से लखनऊ पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और संवेदना व्यक्त की।

ग्राउंड फ्लोर से भड़की आग

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, दोपहर करीब ढाई बजे इस तीन मंजिला इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित पेट शॉप के वेयरहाउस में अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया।

  • भीतर ही फंस गए मासूम: दूसरी और तीसरी मंजिल पर ‘थ्री-डी एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर’, गेमिंग जोन और 12वीं तक की कोचिंग चल रही थी, जहां दर्जनों छात्र मौजूद थे।

  • दम घुटने से गई अधिकांश जान: सीढ़ियों पर धुआं और आग फैलने के कारण छात्र भीतर ही फंस गए। दम घुटने के कारण ज्यादातर छात्र-छात्राओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। करीब दो घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पुलिस, दमकल और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने 15 शवों को बाहर निकाला।

40 मिनट देरी से पहुंची दमकल

अग्निकांड के दौरान प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं की बेहद शर्मनाक और बड़ी लापरवाही सामने आई, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है:

  1. देरी से पहुंची फायर ब्रिगेड: स्थानीय निवासियों का आरोप है कि आग लगते ही लगातार दमकल विभाग को फोन किया गया, लेकिन पहली गाड़ी पहुंचने में पूरे 40 मिनट लग गए, तब तक आग पूरी तरह बेकाबू हो चुकी थी। बाद में हाइड्रोलिक प्लेटफार्म मंगाना पड़ा।

  2. एंबुलेंस का तमाशा: घायलों को ले जाने के लिए जब 102 हेल्पलाइन पर कॉल किया गया, तो उन्होंने 108 पर कॉल करने को कहा, जबकि 108 वालों ने वापस 102 का नंबर थमा दिया। इस खींचतान के कारण एंबुलेंस भी बेहद देरी से पहुंची।

मृतकों के परिवारों को 7-7 लाख रुपये का मुआवजा

इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया है। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से सहायता राशि की घोषणा की गई है:

  • पीएम राहत कोष से: प्रत्येक मृतक के परिजन को 2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये।

  • राज्य सरकार की ओर से: प्रत्येक मृतक के आश्रितों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केजीएमयू अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और ढांढस बंधाते हुए कहा, “हम किसी की जिंदगी तो वापस नहीं लौटा सकते, लेकिन विश्वास दिलाते हैं कि इस क्रूर लापरवाही के दोषी किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे।”

चार अधिकारी निलंबित, 4 गिरफ्तार

हादसे के बाद मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई उच्चस्तरीय बैठक के बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है।

  • 4 अधिकारी सस्पेंड: प्रथम दृष्टया घोर लापरवाही बरतने के आरोप में बिजली विभाग के एक्सईएन गौरव कुमार, फायर विभाग के एफएसएसओ कमलेंद्र कुमार सिंह, एलडीए के एई अनिल कुमार और जेई प्रमोद पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

  • 4 मुख्य आरोपी गिरफ्तार: पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, पेट शॉप मालिक रामकृष्ण उपाध्याय, एनीमेशन सेंटर संचालक कृष्णा जायसवाल और किरायेदार सुरेश कुमार शाहू को गिरफ्तार कर लिया है। फरार आरोपी धीरेंद्र और सुरेंद्र शुक्ला की तलाश जारी है।

7 दिन में मांगी रिपोर्ट

मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। इस दो सदस्यीय जांच दल में संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ के एडीजी जोन प्रवीण कुमार शामिल हैं। सरकार ने एसआईटी को सात दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री को सौंपने का सख्त निर्देश दिया है। एलडीए की 5 सदस्यीय आंतरिक कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद कई अन्य बड़े अधिकारियों पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है।

इन्होंने ने गंवाई जान

हादसे में जान गंवाने वाले पहचाने गए प्रमुख छात्रों में सुखमनी (24, लखनऊ), आदित्य श्रीवास्तव (24, सीतापुर), मोहम्मद अम्मार (24, बाराबंकी), नीलेश (27, लखनऊ), अब्दुल रहमान (24, सीतापुर), संयम विज (27, कानपुर), शहजान सिद्दीकी (18, लखनऊ), अनुक्षा (24, शांतिनगर) समेत सागर, ज्योति, जैनिल, सौमाल्या, भविष्य, सूरज सिंह और अनामिका शामिल हैं। अधिकांश शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है।

लखनऊ के कोचिंग सेंटर में भीषण आग, दम घुटने से दो की मौत, कई घायल

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लखनऊ: राजधानी लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार को एक निजी कोचिंग संस्थान में भीषण आग लगने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई छात्र घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में पुलिस, दमकल तथा प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए।

जानकारी के अनुसार उषा मेहता मार्ग स्थित एक बहुमंजिला इमारत में संचालित कोचिंग संस्थान के दूसरे तल पर अचानक आग लग गई। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है। आग लगते ही इमारत में धुआं भर गया, जिससे अंदर मौजूद छात्र-छात्राओं में भगदड़ मच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ छात्रों ने जान बचाने के लिए इमारत के छज्जों से छलांग लगा दी, जिससे कई छात्र घायल हो गए। बताया जा रहा है कि इमारत की छत का रास्ता बंद होने के कारण छात्रों को बाहर निकलने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा।

सूचना मिलते ही दमकल विभाग की आठ गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत एवं बचाव कार्य के दौरान दो लोगों के शव बरामद किए गए। आशंका जताई जा रही है कि उनकी मौत धुएं में दम घुटने से हुई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने तथा घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए। वहीं उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक भी घटनास्थल पर पहुंचे और अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली।

घायलों को उपचार के लिए विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर और बर्न यूनिट को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और आग लगने के कारणों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

हादसे के बाद कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने भवन में सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की मांग की है।

उत्तराखंड : 27 जून तक पहाड़ के इन जिलों में हो सकती है बारिश, ऐसा रहेगा मैदानी क्षेत्रों का मौसम

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देहरादून। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने 27 जून तक के लिए राज्य का मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार आगामी दिनों में उत्तराखंड के अधिकांश पर्वतीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि मैदानी जिलों हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा। मौसम विभाग ने 22 और 23 जून के लिए राज्य के आठ जिलों में येलो अलर्ट भी जारी किया है।

पहाड़ी जिलों में बारिश की संभावना

सोमवार को गढ़वाल मंडल के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली तथा कुमाऊं मंडल के बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, देहरादून, अल्मोड़ा और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की वर्षा दर्ज की जा सकती है।

हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में नहीं होगी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार राज्य के दो मैदानी जिले हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में सोमवार को मौसम शुष्क रहेगा तथा वर्षा की संभावना नहीं है। इन क्षेत्रों में सामान्य मौसम बने रहने का अनुमान है।

23 जून को भी जारी रहेगा बारिश का सिलसिला

मंगलवार 23 जून को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। अन्य पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं बादलों की गर्जना के साथ हल्की बारिश हो सकती है। मैदानी जिलों हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में इस दिन भी मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।

24 जून से सभी पर्वतीय जिलों में बारिश के आसार

बुधवार 24 जून को राज्य के सभी पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान बादलों की गर्जना भी सुनाई दे सकती है। हालांकि हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में मौसम शुष्क बना रहेगा।

25 से 27 जून तक ऐसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार 25, 26 और 27 जून को भी मौसम का स्वरूप लगभग 24 जून जैसा ही रहेगा। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहने की संभावना है, जबकि मैदानी जिलों हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों से मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।

UPSC में 538 पदों पर भर्ती, प्रोफेसर, वैज्ञानिक और मेडिकल विशेषज्ञों के लिए सुनहरा अवसर

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नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने वर्ष 2026 के लिए बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान की घोषणा की है। आयोग ने प्रोफेसर, वैज्ञानिक, चिकित्सा विशेषज्ञ, प्रशासनिक अधिकारी और अन्य विशेषज्ञ पदों सहित कुल 538 रिक्तियों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। देशभर के योग्य अभ्यर्थी 3 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

यूपीएससी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार आवेदन प्रक्रिया 13 जून 2026 से शुरू हो चुकी है। भर्ती के तहत विभिन्न केंद्रीय विभागों और संस्थानों में नियुक्तियां की जाएंगी। यह भर्ती इंजीनियरिंग, चिकित्सा, शिक्षा, कानून, अनुसंधान और प्रशासनिक क्षेत्रों के पेशेवरों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।

महत्वपूर्ण तिथियां

– अधिसूचना जारी होने की तिथि : 13 जून 2026

– ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ : 13 जून 2026

– आवेदन की अंतिम तिथि : 3 जुलाई 2026

– परीक्षा तिथि : बाद में घोषित की जाएगी

कुल 538 पदों पर होगी भर्ती

भर्ती अभियान के अंतर्गत जूनियर साइंटिफिक ऑफिसर, टेक्निकल ऑफिसर, एयर सेफ्टी ऑफिसर, प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, साइंटिस्ट-बी, साइंटिस्ट-सी, असिस्टेंट लीगल एडवाइजर, पब्लिक प्रॉसिक्यूटर, रिसर्च ऑफिसर, असिस्टेंट डायरेक्टर, मेडिकल ऑफिसर तथा विभिन्न विशेषज्ञ पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

सबसे अधिक 299 पद मेडिकल ऑफिसर, विशेषज्ञ चिकित्सक और सलाहकार श्रेणी के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा 68 पद असिस्टेंट डायरेक्टर एवं रिसर्च ऑफिसर, 59 पद प्रोफेसर एवं शिक्षण श्रेणी तथा 22 पद कानूनी सलाहकार एवं अभियोजन अधिकारी वर्ग के लिए हैं।

शैक्षणिक योग्यता

इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता पदानुसार निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों के पास बी.एड., बीई/बीटेक, एमबीबीएस, एमई/एमटेक, एमएससी, एमसीए, स्नातकोत्तर डिग्री अथवा पीएचडी जैसी योग्यता होना आवश्यक है। अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले विस्तृत अधिसूचना में संबंधित पद की पात्रता अवश्य जांचने की सलाह दी गई है।

आयु सीमा और आवेदन शुल्क

भर्ती के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि अधिकतम आयु सीमा पद के अनुसार 50 वर्ष तक रखी गई है। आरक्षित वर्गों को केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी।

एससी, एसटी, दिव्यांग और महिला अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क पूरी तरह निशुल्क है। अन्य सभी उम्मीदवारों को 25 रुपये आवेदन शुल्क जमा करना होगा।

चयन प्रक्रिया

अभ्यर्थियों का चयन लिखित परीक्षा अथवा कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT), शारीरिक दक्षता परीक्षा (जहां लागू हो), व्यक्तिगत साक्षात्कार, दस्तावेज सत्यापन तथा चिकित्सा परीक्षण के आधार पर किया जाएगा।

कैसे करें आवेदन

इच्छुक उम्मीदवार UPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र भरने से पहले उम्मीदवारों को अपनी शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य पात्रता शर्तों की जांच करने की सलाह दी गई है। आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रखने को कहा गया है।

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह भर्ती एक बड़ा अवसर है, क्योंकि इसमें शिक्षा, चिकित्सा, अनुसंधान और प्रशासनिक क्षेत्रों के अनेक प्रतिष्ठित पद शामिल हैं।