Home Blog Page 2

उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, 11 मई से बारिश और तेज हवाओं के आसार

0

उत्तराखंड में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। कहीं तेज धूप, कहीं बादलों की आवाजाही और कई क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने से मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में प्रदेश के मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ने के साथ पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है।

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक डॉ. चंद्र सिंह तोमर ने बताया कि 8 मई से 10 मई तक मैदानी क्षेत्रों में तापमान में बढ़ोतरी होने के आसार हैं। वहीं पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा आकाशीय बिजली को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है।

उन्होंने बताया कि 11 मई से प्रदेश में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसके प्रभाव से राज्य के अधिकांश जिलों में बारिश, तेज आंधी और बिजली कड़कने की संभावना बनी हुई है। 11 और 12 मई को पश्चिमी विक्षोभ का असर अधिक देखने को मिल सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार बारिश और तेज हवाओं के चलते तापमान में गिरावट आएगी, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्कता बरतने और विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सावधानी अपनाने की अपील की है।

फेसबुक पर युवती से दोस्ती पड़ी महंगी, डोईवाला के ठेकेदार से 1.20 करोड़ की साइबर ठगी

0

डोईवाला में एक ठेकेदार साइबर ठगी का शिकार होकर करीब 1.20 करोड़ रुपये गंवा बैठा। फेसबुक पर हुई एक युवती से दोस्ती के बाद निवेश के नाम पर उससे करोड़ों रुपये की ठगी कर ली गई। मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

पीड़ित ठेकेदार के अनुसार जुलाई 2025 में फेसबुक पर सरोज मिश्रा नाम की युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। रिक्वेस्ट स्वीकार करने के बाद दोनों के बीच फेसबुक मैसेंजर और बाद में व्हाट्सएप पर बातचीत शुरू हुई। युवती ने खुद को बेंगलुरु निवासी बताया।

कुछ समय बाद युवती ने ठेकेदार को “रियो चेन” नामक निवेश प्लेटफॉर्म के बारे में जानकारी दी और दावा किया कि उसे इस प्लेटफॉर्म से लाखों रुपये का लाभ हुआ है। भरोसा दिलाने के लिए युवती ने देवराज प्रताप नाम के व्यक्ति का नंबर भी साझा किया, जिसने पीड़ित को लिंक भेजकर प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन कराया।

पीड़ित ने 13 जुलाई 2025 को 10 हजार रुपये से निवेश शुरू किया। शुरुआती निवेश पर मुनाफा दिखाए जाने के बाद उसने धीरे-धीरे बड़ी रकम निवेश करनी शुरू कर दी। जुलाई 2025 से फरवरी 2026 के बीच उसने अलग-अलग तारीखों में कुल 1 करोड़ 20 लाख रुपये जमा कर दिए।

जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो साइबर ठगों ने अतिरिक्त धनराशि जमा करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। ठगों ने कहा कि उसकी फाइल आरबीआई अधिकारियों के पास है और रकम निकालने के लिए 18 प्रतिशत जीएसटी जमा करना होगा। शक होने पर पीड़ित ने और पैसे देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया।

मामले में अजय सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज किया गया है। जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की गई है, उनकी जांच की जा रही है।

पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर अनजान लोगों के झांसे में न आने और किसी भी ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से पहले उसकी सत्यता जांचने की अपील की है।

केदारनाथ धाम में बीपीसीएल अस्पताल का लोकार्पण, श्रद्धालुओं को मिलेंगी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं

0

रुद्रप्रयाग: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को श्री केदारनाथ धाम में भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) अस्पताल का लोकार्पण किया। स्वामी विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसाइटी द्वारा संचालित यह अस्पताल उच्च हिमालयी क्षेत्र में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को त्वरित और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देगा।

उन्होंने कहा कि केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। यात्रा मार्ग पर चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वास्थ्य जांच केंद्रों, ऑक्सीजन सुविधाओं और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार “स्वस्थ उत्तराखंड, समृद्ध उत्तराखंड” के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रदेशभर में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुधार की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत अब तक लगभग 61 लाख आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से लाखों मरीजों को निशुल्क उपचार मिल रहा है। साथ ही प्रत्येक जनपद में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी कार्य किए जा रहे हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा केदार के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि सेवा और मानवता का भी प्रतीक है।कार्यक्रम में केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि यह अस्पताल सेवा, समर्पण और जनकल्याण का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो भविष्य में लाखों श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

विजय के CM बनने पर सस्पेंस, TVK के 107 MLA ने दी इस्तीफे की धमकी, राज्यपाल के खिलाफ प्रदर्शन

0

नई दिल्ली। तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने बड़ा राजनीतिक उलटफेर करते हुए राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सबको चौंका दिया है। दशकों से सत्ता की धुरी रही डीएमके और एआईएडीएमके को पीछे छोड़ते हुए टीवीके ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटों पर जीत दर्ज की है। हालांकि पार्टी अभी भी बहुमत के जादुई आंकड़े से पीछे है, जिसके चलते राज्य में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता है, जबकि टीवीके को कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन मिलने के बाद भी आंकड़ा 113 तक ही पहुंच पाया। विजय द्वारा अपनी जीती हुई दो सीटों में से एक सीट छोड़ने के बाद यह संख्या 112 रह जाएगी। ऐसे में सरकार बनाने के लिए टीवीके को अभी भी पांच से छह विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी।

राज्यपाल ने मांगा समर्थन का स्पष्ट दावा

राज्यपाल Rajendra Vishwanath Arlekar ने विजय को राजभवन बुलाकर सरकार गठन को लेकर चर्चा की। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि फिलहाल टीवीके के पास सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत का स्पष्ट समर्थन नहीं दिख रहा है। उन्होंने विजय से उन विधायकों की सूची और समर्थन का विवरण मांगा है, जिनके आधार पर पार्टी सरकार बनाने का दावा पेश कर रही है। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा तेज है कि यदि डीएमके या एआईएडीएमके सत्ता गठन की दिशा में आगे बढ़ते हैं, तो विजय अपने सभी 108 विधायकों के सामूहिक इस्तीफे जैसा बड़ा कदम उठा सकते हैं। हालांकि इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

डीएमके और एआईएडीएमके में बढ़ी नजदीकियां

टीवीके के उभार ने तमिलनाडु की पारंपरिक राजनीति को नई दिशा दे दी है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार विजय को सत्ता से दूर रखने के लिए कट्टर प्रतिद्वंद्वी मानी जाने वाली डीएमके और एआईएडीएमके के बीच बातचीत तेज हुई है।

कार्यवाहक मुख्यमंत्री M. K. Stalin ने कथित तौर पर पार्टी विधायकों को जानकारी दी है कि एआईएडीएमके महासचिव Edappadi K. Palaniswami ने सरकार गठन के लिए समर्थन देने का प्रस्ताव रखा है। बताया जा रहा है कि पलानीस्वामी ने राज्यपाल से मिलने का समय भी मांगा है।

सहयोगी दलों ने राज्यपाल के रुख पर उठाए सवाल

टीवीके के सहयोगी दलों, विशेषकर वीसीके और वामपंथी दलों ने राज्यपाल के रवैये पर सवाल उठाए हैं। वीसीके नेता Thol. Thirumavalavan ने आरोप लगाया कि राज्यपाल केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं और सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद विजय को सरकार बनाने का अवसर देने में देरी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि संवैधानिक परंपरा के अनुसार सबसे बड़ी पार्टी को पहले सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए और विधानसभा में बहुमत साबित करने का मौका मिलना चाहिए।

छोटी पार्टियों पर टिकी सत्ता की तस्वीर

तमिलनाडु की मौजूदा राजनीतिक स्थिति में छोटी पार्टियों की भूमिका निर्णायक बन गई है। डीएमके नेतृत्व ने वीसीके और वाम दलों के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं, जिनके पास कुल छह विधायक हैं। दूसरी ओर विजय ने भी सहयोगी दलों से समर्थन जुटाने के लिए संपर्क साधा है।

CUET-UG 2026: परीक्षा से पहले NTA की एडवाइजरी जारी, ड्रेस कोड और जरूरी नियम बताए

0

नई दिल्ली। कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG) 2026 की परीक्षा शुरू होने से पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षार्थियों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। एजेंसी ने ड्रेस कोड, परीक्षा केंद्र पर ले जाने वाले सामान और सुरक्षा जांच से जुड़े दिशा-निर्देश जारी करते हुए उम्मीदवारों से नियमों का पालन करने की अपील की है। एनटीए के अनुसार CUET-UG 2026 का आयोजन 11 मई से 31 मई 2026 तक कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में किया जाएगा। परीक्षा देशभर के विभिन्न केंद्रों के साथ विदेश के 15 शहरों में भी आयोजित होगी। एजेंसी का कहना है कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था और जांच प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने के लिए सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।

पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की अनुमति

गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए एनटीए ने उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र के अंदर पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की अनुमति दी है। हालांकि बोतल पूरी तरह ट्रांसपेरेंट होनी चाहिए और उस पर किसी प्रकार का लेबल या कवर नहीं होना चाहिए। एजेंसी का कहना है कि यह व्यवस्था परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए की गई है।

धार्मिक प्रतीकों और कलावा पहनने की छूट

एनटीए ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थी धार्मिक आस्था से जुड़े वस्त्र और प्रतीक पहन सकते हैं। धार्मिक धागे जैसे कलावा पहनने की भी अनुमति दी गई है। हालांकि ऐसे उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई है, ताकि सुरक्षा जांच और फ्रिस्किंग की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।

हल्के और आरामदायक कपड़े पहनने की सलाह

एजेंसी ने परीक्षार्थियों को हल्के रंग और आरामदायक कपड़े पहनकर आने की सलाह दी है। सफेद या हल्के रंग के कपड़ों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। जरूरत पड़ने पर उम्मीदवार ऊनी कपड़े भी पहन सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें अतिरिक्त समय लेकर केंद्र पहुंचना होगा। एनटीए ने भारी और अधिक परत वाले कपड़ों से बचने की सलाह दी है, क्योंकि इससे जांच प्रक्रिया में अधिक समय लग सकता है।

फुटवियर को लेकर भी जारी हुए निर्देश

परीक्षार्थियों को सामान्य जूते, चप्पल या लो-हील फुटवियर पहनने को कहा गया है। भारी जूते, ऊंची हील या ऐसे फुटवियर जिनकी अतिरिक्त जांच की जरूरत हो सकती है, उनसे बचने की सलाह दी गई है। एजेंसी के अनुसार यह नियम सुरक्षा जांच को सरल और तेज बनाने के उद्देश्य से लागू किया गया है।

सहायता के लिए हेल्पलाइन और ई-मेल जारी

एनटीए ने परीक्षा से संबंधित किसी भी समस्या या जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 011-40759000 जारी किया है। इसके अलावा उम्मीदवार cuet-ug@nta.ac.in पर ई-मेल के जरिए भी अपनी शिकायत या सवाल भेज सकते हैं।

IPL में BCCI का बड़ा एक्शन: खिलाड़ियों को ‘हनी-ट्रैप’ से बचाने के लिए होटल कमरों में होगी सरप्राइज चेकिंग

0

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के दौरान खिलाड़ियों की सुरक्षा और टूर्नामेंट की साख बनाए रखने के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सख्त कदम उठाए हैं। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने सभी 10 आईपीएल फ्रेंचाइजी को सात पन्नों की एडवाइजरी जारी कर खिलाड़ियों और अधिकारियों को संभावित ‘हनी-ट्रैप’ और यौन दुराचार जैसे मामलों से सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

बोर्ड ने साफ किया है कि खिलाड़ियों की गरिमा और आईपीएल की प्रतिष्ठा से जुड़े किसी भी मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नई गाइडलाइन के तहत अब खिलाड़ियों के होटल कमरों में सरप्राइज चेकिंग की जाएगी। इसके लिए बीसीसीआई और आईपीएल ऑपरेशंस टीम के अधिकारियों की एक विशेष टास्क फोर्स बनाई गई है, जो यह सुनिश्चित करेगी कि होटल कमरों में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति की एंट्री न हो।

बीसीसीआई ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले खिलाड़ियों या अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि बड़े खेल आयोजनों में खिलाड़ियों को फंसाने और उनकी छवि खराब करने की कोशिशें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में सभी फ्रेंचाइजी को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

नई व्यवस्था के अनुसार टीम मैनेजर्स को अब खिलाड़ियों से मिलने आने वाले सभी मेहमानों और होटल में होने वाली गतिविधियों का पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। बीसीसीआई की निगरानी टीम समय-समय पर इन रिकॉर्ड्स की जांच करेगी।

बोर्ड का मानना है कि इस तरह के कदम आईपीएल की वैश्विक प्रतिष्ठा को सुरक्षित रखने और खिलाड़ियों को किसी भी विवाद से बचाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

चंपावत सामूहिक दुष्कर्म पर कांग्रेस का सरकार पर हमला, मुख्य सचिव को सौंपा आक्रोश पत्र

0

देहरादून। चंपावत में नाबालिग लड़की के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म मामले को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को एआईसीसी सदस्य एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव आनंद वर्धन को आक्रोश पत्र सौंपकर मामले में आरोपित भाजपा नेता और उसके सहयोगियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा कठोर कार्रवाई की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई और प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों पर रोक नहीं लगी तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।

मुख्य सचिव से मुलाकात के दौरान सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ बलात्कार, हत्या और अन्य अपराधों के मामलों में उत्तराखंड हिमालयी राज्यों में सबसे आगे पहुंच गया है, जो पूरे प्रदेश के लिए शर्मनाक स्थिति है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से लेकर चंपावत की हालिया घटना तक कई मामलों में भाजपा पदाधिकारी और सरकार से जुड़े लोग शामिल पाए गए हैं।

धस्माना ने कहा कि कई मामलों में पुलिस की ढिलाई के कारण अपराधियों को बचने और जमानत पाने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और शुक्रवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में सरकार के पुतले दहन किए जाएंगे।

महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने अंकिता भंडारी मामले की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि वीआईपी जांच कर रही सीबीआई की भूमिका अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई ने अब तक उर्मिला सनावर और भाजपा के पूर्व विधायक से पूछताछ तक नहीं की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाओं में भय का माहौल बना हुआ है और इसे समाप्त करने के लिए अपराधियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है।

मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि मामले में पुलिस और प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महासचिव जगदीश धीमान, प्रदेश कांग्रेस श्रम प्रकोष्ठ अध्यक्ष दिनेश कौशल तथा अनुज दत्त शर्मा भी शामिल रहे।

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर सेना का बड़ा बयान, आतंकवाद के खिलाफ भारत की रणनीति और सख्त

0

भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर को देश के सैन्य इतिहास की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। पहलगाम आतंकी हमले के एक साल पूरे होने पर जयपुर में सेना, वायुसेना और नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर इस ऑपरेशन की सफलता और उससे मिले सबकों पर विस्तार से जानकारी दी।

लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, एयर मार्शल अवधेश भारती और वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद और उसके समर्थन तंत्र के खिलाफ भारत की मजबूत इच्छाशक्ति का प्रतीक है। अधिकारियों के अनुसार इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें कई आतंकी ढांचे नष्ट किए गए और रणनीतिक ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा।

लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को केवल एक सैन्य कार्रवाई के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह भारत की रणनीतिक सोच में बदलाव का संकेत है। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में थल, वायु और नौसेना के बीच बेहतरीन समन्वय देखने को मिला और स्वदेशी रक्षा उपकरणों ने अहम भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि सरकार के स्पष्ट निर्देश थे कि आतंकवादी नेटवर्क को कमजोर करना और भविष्य के हमलों को रोकना प्राथमिक उद्देश्य है। एयर मार्शल अवधेश भारती ने कहा कि भारत शांति चाहता है, लेकिन यदि इसे कमजोरी समझा जाए तो सख्त जवाब देना आवश्यक हो जाता है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस अवसर पर सशस्त्र बलों की सराहना करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने आधुनिक सैन्य अभियानों के लिए एक नया मानक स्थापित किया है और यह भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता का प्रमाण है।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर किसी अंत का नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की निरंतर और निर्णायक लड़ाई के एक नए चरण की शुरुआत है।

टिहरी झील क्षेत्र को बनाया जाएगा ग्लोबल डेस्टिनेशन, मुख्य सचिव ने व्यापक प्लान तैयार करने के दिए निर्देश 

0

देहरादून। उत्तराखंड के टिहरी झील क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार ने कवायद तेज कर दी है। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर टिहरी झील रिंग रोड और आसपास के क्षेत्रों को “वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन” योजना के तहत विकसित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “एक राज्य-एक ग्लोबल डेस्टिनेशन” अवधारणा के तहत टिहरी क्षेत्र के लिए एक व्यापक और समग्र कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि टिहरी स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (TADA) इस परियोजना में डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DMO) के रूप में कार्य करेगी।

बैठक में टिहरी झील क्षेत्र को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इनमें टिहरी झील रिंग रोड का निर्माण, आइकोनिक ब्रिज, ग्रीन वॉक-वे, एडवेंचर टूरिज्म, वेलनेस सेंटर, ईको पार्क और प्राकृतिक व्यू प्वाइंट विकसित करने की योजना शामिल है। मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजना का कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा सकता है, लेकिन इसकी योजना समग्र रूप से तैयार की जानी चाहिए।

उन्होंने टिहरी तक एंड-टू-एंड कनेक्टिविटी मजबूत करने, सड़कों के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही नए पर्यटन मार्गों की संभावनाएं तलाशने को भी कहा। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के दौरान क्षेत्र की हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य को किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने दिया जाए। उन्होंने साइट-स्पेसिफिक निर्माण पर जोर देते हुए पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने की बात कही।

बैठक में टिहरी परियोजना में वॉटरड्रोम, वॉटरपोर्ट और सी-प्लेन संचालन की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आइकोनिक पुलों का डिजाइन तैयार करते समय सी-प्लेन परियोजना को ध्यान में रखा जाए। इसके अलावा डोबरा-चांठी पुल के पास स्थित हेलीपैड को हेलीपोर्ट के रूप में विकसित करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना से जुड़े सभी विभाग और संस्थाएं आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि टिहरी को एक विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सके।

थलापति विजय के सीएम बनने पर फंसा पेच, शपथ से पहले तमिलनाडु के राज्यपाल ने रखी ये शर्त

0

चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी टीवीके (TVK) राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। 234 सदस्यीय विधानसभा में पार्टी ने 108 सीटों पर जीत दर्ज की है, लेकिन सरकार गठन को लेकर अब भी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है।

गुरुवार को टीवीके प्रमुख विजय ने तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल ने विजय से बहुमत साबित करने को कहा है। राज्यपाल का कहना है कि स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद ही नई सरकार के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता है। ऐसे में टीवीके अभी बहुमत के आंकड़े से 10 सीट पीछे है। हालांकि कांग्रेस ने विजय की पार्टी को समर्थन देने का ऐलान किया है। कांग्रेस के समर्थन के बावजूद टीवीके को सरकार बनाने के लिए कुछ और विधायकों की जरूरत बनी हुई है।

सूत्रों के मुताबिक, विजय ने राज्यपाल को उन कांग्रेस विधायकों की सूची भी सौंपी है, जिन्होंने समर्थन देने की सहमति दी है। इसके बावजूद राजभवन की ओर से अभी तक सरकार गठन या शपथ ग्रहण को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। बुधवार को विजय ने कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक के बाद सरकार बनाने का दावा पेश किया था। इस दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी उनके साथ मौजूद रहे।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि तमिलनाडु की राजनीति में पहली बार चुनाव लड़कर इतनी बड़ी सफलता हासिल करने वाली टीवीके के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती बहुमत जुटाने की है। वहीं राज्यपाल भी राज्य में स्थिर सरकार सुनिश्चित करने के लिए सभी संवैधानिक पहलुओं पर सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं।