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राष्ट्रीय खेलों के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर जोर

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राज्य में प्रस्तावित 38वें राष्ट्रीय खेलों के लिए खेल इन्फा्रस्ट्रक्चर एवं खेल सुविधाओं का विकास पर फोकस

देहरादून: 16 फरवरी।राज्य में प्रस्तावित 38वें राष्ट्रीय खेलों के साथ ही दूरदर्शी योजना के साथ उत्तराखण्ड में लम्बी अवधि के लिए खेल इन्फा्रस्ट्रक्चर एवं खेल सुविधाओं का विकास पर विशेष बल देते हुए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने राज्य में विश्व स्तरीय खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर व सुविधाएं निर्धारित समयसीमा में विकसित करने के निर्देश खेल विभाग को सचिवालय में 38वें राष्ट्रीय खेलों के लिए गठित उच्चाधिकार समिति (एचपीसी) की बैठक के दौरान दिए हैं। प्रस्तावित नेशनल गेम्स के इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास से सम्बन्धित 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों का आयोजन उत्तराखण्ड को ग्रीन स्पोर्ट्स तथा ग्रीन टूरिज्म के विश्व स्तरीय मेजबान के रूप में स्थापित करने का स्वर्णिम अवसर है। उन्होंने निर्देश दिए कि खेल सुविधाओं एवं खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास इस प्रकार किया जाना चाहिए ताकि राज्य के खिलाड़ी एवं युवा भविष्य में लम्बी अवधि तक इन सुविधाओं का लाभ उठा सके तथा राज्य में स्पोर्ट्स स्प्रिट एवं खेल संस्कृति का विकास हो।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य में प्रस्तावित राष्ट्रीय खेलों को एण्टी ड्रग्स अभियान, ग्रीन नेशनल गेम्स तथा राज्य में खेल संस्कृति विकसित करने के अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। प्रस्तावित राष्ट्रीय खेलों को ग्रीन नेशनल गेम्स के रूप में आयोजित करने अवधारणा पर बल देते हुए मुख्य सचिव ने रिसाइक्लड मेडल के उपयोग के निर्देश दिए हैं। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध किया है कि विभिन्न अवसरों पर अधिकारियों को मिलने वाले स्मृति चिन्ह् इस कार्य के लिए दान किये जा सकते हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने प्रस्तावित राष्ट्रीय खेलों के स्टेडियम एवं खेल स्थलों को ग्रीन कॉन्सेप्ट तथा सेल्फ सस्टेनबल की अवधारणा पर विकसित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्टेडियम तथा खेल स्थलों पर उरेडा के सहयोग से सोलर लाइट आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रस्तावित राष्ट्रीय खेलों के दृष्टिगत सड़कों के सुधार एवं मजबूती के लिए इस सम्बन्ध में लोक निमार्ण विभाग तथा अन्य सम्बन्धित विभागों के साथ एक बैठक तत्काल आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होनें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के दौरान इंटरनेट सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में विशेष प्रमुख सचिव खेल एवं युवा कल्याण अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली सहित खेल विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

12 मई को खुलेंगे श्री बदरीनाथ धाम के कपाट

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श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 12 मई को खुलेंगे।

 

•नरेंद्रनगर (टिहरी) स्थित राजदरबार में हुई कपाट खुलने की तिथि घोषित ।

 

नरेंद्रनगर( टिहरी: 14 फरवरी।विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट रविवार 12 मई कोे प्रात: 6 बजे खुलेंगे।आज बसंत पंचमी को राजदरबार नरेंद्र नगर में आयोजित धार्मिक समारोह में पूजा-अर्चना तथा पंचांग गणना के पश्चात विधि-विधान से यात्रा वर्ष 2024 के लिए कपाट खुलने की तिथि की घोषणा की गयी जबकि तेल-कलश यात्रा की भी तिथि 25 अप्रैल को तय हुई।इस दौरान राजमहल में कई विशिष्टजन एव बड़ी संखा में श्रद्धालुगण मौजूद रहे।

टिहरी राजदरबार नरेंद्रनगर में आज प्रातः से कपाट खुलने की तिथि घोषित करने के लिए कार्यक्रम शुरू हआ महाराजा मनुजयेंद्र शाह,सांसद रानी माला राज्यलक्ष्मी शाह सहित श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर(बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय, राजकुमारी शिरजा शाह की उपथिति में पंचांग गणना पश्चात राजपुरोहित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल ने तिथि तय कर महाराजा के सम्मुख रखी तत्पश्चात महाराजा मनुजयेंद्र शाह ने कपाट खुलने की तिथि की विधिवत घोषणा की इस दौरान राजमहल परिसर जय बदरी विशाल के उद्घोष से गूंज उठा।

इससे पहले श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के पदाधिकारी- सदस्यों ने तेल कलश राजदरबार के सुपुर्द किया। इसी कलश में राजमहल से तिलों का तेल पिरोकर 25 अप्रैल तेलकलश यात्रा राजमहल से शुरू होकर कपाट खुलने की तिथि पर भगवान बदरीविशाल के अभिषेक हेतु श्री बदरीनाथ धाम पहुंचेगी।

इस अवसर पर बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय होते ही यात्रा की तैयारियों शुरू कर दी गयी है। मंदिर समिति आगामी बजट में यात्री सुविधाओं हेतु पर्याप्त बजट प्रावधान करेगी।उन्होंने श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय के अवसर पर सबको बधाई दी है।

कपाट खुलने की तिथि तय होने के अवसर मुकुंदानंद महाराज डिमरी पंचायत अध्यक्ष आशुतोष डिमरी,मंदिर समिति सदस्य वीरेंद्र असवाल, श्रीनिवास पोस्ती, पुष्कर जोशी  कृपा राम सेमवाल,भास्कर डिमरी,राजपाल जड़धारी, हरीश डिमरी, विनोद डिमरी,सुरेश डिमरी, मुख्यकार्याधिकारी योगेंद्र सिंह, अनुसचिव धर्मस्व रमेश रावत,धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, अधिशासी अभियंता अनिल ध्यानी, निजी सचिव प्रमोद नौटियाल,मीडिया प्रभारी डा.हरीश गौड़,  राज गुरू माधव नौटियाल, संजय डिमरी, ज्योतिष डिमरी आदि मौजूद रहे।

गाडू घड़ा तेलकलश का ऋषिकेश में भब्य स्वागत

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श्री बदरीनाथ धाम
कपाट खुलने की तिथि तय करने की प्रक्रिया-

• बसंत पंचमी 14 फरवरी बुधवार को तय होगी श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि।

• आज शाम मंगलवार को गाडूघड़ा ( तेल- कलश) पूजा अर्चना पश्चात डिम्मर ( चमोली) से ऋषिकेश पहुंचा रवाना।

• कल 14 फरवरी बुद्धवार को नरेंद्रनगर पहुंचेगा तेलकलश।

ऋषिकेश: 13 फरवरी। बदरीनाथ धाम कपाट खुलने की तिथि तय करने की प्रक्रिया में आज गाडूघड़ा ( तेल- कलश) श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर डिम्मर से चलकर आज मंगलवार शाम को श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति के चंद्रभागा विश्राम गृह ऋषिकेश पहुंच गया । इस अवसर पर श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति तथा श्रद्धालुओं द्वारा तेलकलश लेकर पहुंचे डिमरी पंचायत प्रतिनिधियों का स्वागत किया।

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि नरेंद्र नगर स्थित राजदरबार में बसंत पंचमी बुधवार 14 फरवरी को तय होनी है। श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय करने के कार्यक्रम हेतु मंदिर समिति ने तैयारी शुरू कर दी है। मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह ने तैयारियों के संबंध में निर्देश जारी किये हैं।
ज्ञातब्य है कि 14 फरवरी को ही श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत द्वारा गाडू घड़ा राजमहल को सौंपा जायेगा बाद में राजमहल से गाडू घड़ी में तिलों का तेल पिरोकर कपाट खुलने से पूर्व बदरीनाथ धाम पहुंचता है
कपाट खुलने के बाद यह तेलकलश भगवान बदरीविशाल के नित्य अभिषेक हेतु प्रयोग में लाया जाता है।

धार्मिक रस्म के अंतर्गत बीते मंगलवार को श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत प्रतिनिधि गाडू घड़ा के साथ श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर डिम्मर से रवाना हो गये। किशोर पंवार ने गाडू घड़ा तथा डिमरी पंचायत प्रतिनिधियों को श्री नृसिंह मंदिर के लिए रवाना किया। 13 फरवरी प्रात: को तेलकलश डिम्मर ( चमोली) से शाम मंदिर समिति के चंद्रभागा स्थित धर्मशाला पहुंचा तथा 14 फरवरी बसंत पंचमी को तेलकलश राजमहल नरेंद्र नगर पहुंचेगा जहां गाडू घड़ा तेलकलश यात्रा की भी तिथि निश्चित होगी। आज ही कपाट खुलने की तिथि निश्चय होने के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बदरीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी भी ऋषिकेश पहुंच गये है।
श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व तिलो का तेल पिरोने के बाद गाडू घड़ा तेलकलश नरेंद्रनगर राजदरबार से डिम्मर होते हुए श्री नृसि़ह मंदिर, योग बदरी पांडुकेश्वर के बाद श्री बदरीनाथ धाम पहुंच जायेगा।

ऋषिकेश में गाडूघड़ा पहुंचने के समय बीकेटीसी पूर्व सदस्य हरीश डिमरी सहित डिमरी धार्मिक पंचायत प्रतिनिधि एवं  डिमरीकेंद्रीय  पंचायत पूर्व अध्यक्ष सुरेश डिमरी, ज्योतिष डिमरी, संजय डिमरी, डिमरी केंद्रीय पंचायत  पूर्व अध्यक्ष  विनोद डिमरी (श्रीराम), अरविंद डिमरी, मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़, प्रबंधक विशाल पंवार . रामचंद्र बिष्ट, मनोज रावत, पार्वती देवी, मुन्नी देवी, मनीश पालीवाल मौजूद रहे।

ज्योतिर्मठ में होगी एक हज़ार दंपति की पूजा, लक्ष्मी नारायण स्वरूप होगा

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जोशीमठ, उत्तराखंड:

ज्योतिर्मठ की ओर से लक्ष्मीनारायण भगवान के रूप में एक हज़ार दम्पति का होगा पूजन

त्रि दिवसीय पूजन 16 से 18 फरवरी तक होगा मठ परिसर में

माघ मास की गुप्त नवरात्रि में ज्योतिर्मठ नगर के एक हजार दम्पति (पति-पत्नि) की पूजा की जाएगी । ज्योतिर्मठ प्रबन्धन की ओर से यह धार्मिक अयोजन ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती जी महाराज की प्रेरणा से ज्योतिर्मठ परिसर में आयोजित किया जाएगा।

 

विदित हो कि ज्योतिर्मठ की ओर से वर्ष भर में समय समय पर धार्मिक और सांस्कृतिक एवम सामाजिक कार्य किए जाते हैं । इसी क्रम में शक्ति आराधना के लिए गुप्त नवरात्रि महोत्सव को महापर्व के रूप में माना जाता है । माघ नवरात्रि सहस्र दम्पतिपूजा की जायेगी। जिसमें 1000 से अधिक दम्पति को भगवान लक्ष्मीनारायण स्वरूप मानकर विविध उपहार, वस्त्र, मिष्ठान्न और दक्षिणा देकर ज्योतिर्मठ सहित समस्त विश्व के कल्याण की मंगल कामना की जाएगी ।

इन दिनों माघ शुक्ल प्रतिपदा से दशमी पर्यन्त 10 फरवरी 2024 से 19 फरवरी 2024 पर्यन्त माघ मास की गुप्त नवरात्रि सम्पन्न हो रही है। जिसमें प्रतिदिन देवी राजराजेश्वरी माता की पूजा उपासना की जा रही है ।

नवरात्रि के सभी अनुष्ठानों का माहात्म्य वर्णन पुराणों में बहुत है । एक वाक्य में कहना चाहें यदि तो आप समझिए कि भगवत्कृपा प्राप्त करने के लिए ये एक सरलतम उपाय है ।

ज्योतिर्मठ व्यवस्थापक विष्णुप्रियानन्द ब्रह्मचारी ने बताया कि दम्पति पूजा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं । सभी आस्तिक जनों को प्रवेश पत्र वितरित किया जा रहा है । उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ जी महाराज चाहते हैं कि सनातनी जनता के मन में धर्म भावना विकसित हो । इसलिए यह जरूरी है कि इस तरह के धार्मिक समायोजन होते रहना चाहिए ।

कार्यक्रम विवरण

सहस्र दम्पति पूजन इस बार त्रिदिवसीय अनुष्ठान रूप में मनाया जाएगा ।

माघ शुक्ल सप्तमी – 16 फरवरी
माघ शुक्ल अष्टमी – 17 फरवरी
माघ शुक्ल नवमी – 18 फरवरी
प्रतिदिन दोपहर – 12 बजे से 4 बजे तक पूजन का क्रम सम्पन्न किया जाएगा ।

श्री बदरीनाथ धाम कपाट खुलने की तिथि तय करने की तैयारी हुई शुरू

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श्री बदरीनाथ धाम
कपाट खुलने की तिथि तय करने की प्रक्रिया- गाडूघड़ा ( तेल- कलश) श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ से पूजा अर्चना पश्चात योग बदरी पांडुकेश्वर रवाना।

जोशीमठ/ पांडुकेश्वर: 11 फरवरी। बदरीनाथ धाम कपाट खुलने की तिथि तय करने की प्रक्रिया में आज गाडूघड़ा ( तेल- कलश) श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ से पूजा अर्चना पश्चात योग बदरी पांडुकेश्वर रवाना। पांडुकेश्वर कुबेर महायज्ञ तथा श्रीमदभागवत कथा में बतौर मुख्य अतिथि पहु़चे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने योग बदरी मंदिर में दर्शन किये तथा तेलकलश का स्वागत किया‌

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि नरेंद्र नगर स्थित राजदरबार में बसंत पंचमी 14 फरवरी को तय होनी है। श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय करने के कार्यक्रम हेतु मंदिर समिति ने तैयारी शुरू कर दी है।
14 फरवरी को ही डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत द्वारा गाडू घड़ा राजमहल को सौंपा जायेगा बाद में राजमहल से गाडू घड़ी में तिलों का तेल पिरोकर कपाट खुलने से पूर्व बदरीनाथ धाम पहुंचता है
कपाट खुलने के बाद यह तेलकलश भगवान बदरीविशाल के नित्य अभिषेक हेतु प्रयोग में लाया जाता है।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि धार्मिक रस्म के अंतर्गत आज रविवार को श्री नृसिंह मंदिर में बीकेटीसी ने तेलकलश को मंदिर भंडार से डिमरी पंचायत प्रतिनिधियों के सुपुर्द किया गया। उसके बाद श्री नृसिंह मंदिर, वासुदेव मंदिर में पूजा अर्चना पश्चात डिमरी पंचायत तथा मंदिर समिति अधिकारी गाडू घड़ा के साथ योग बदरी पा़डुकेश्वर पहुंचे जहां श्री बदरीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी ने पूजा-अर्चना संपन्न की। इससे पहले कुबेर देवरा समिति ने फूलमालाओं से उनका भब्य स्वागत किया‌ तथा बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार ने गाडू घड़ा तथा डिमरी पंचायत प्रतिनिधियों की अगवानी की।

कल 12 फरवरी प्रात: योग बदरी पांडुकेश्वर में पूजा अर्चना पश्चात गाडू घड़ा श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ पहुंचेगा दिन के भोग के बाद गाडू घड़ा श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर डिम्मर पहुंचेगा।13 फरवरी को तेलकलश डिम्मर ( चमोली) से मंदिर समिति के चंद्रभागा स्थित धर्मशाला पहुंचेगा तथा 14 फरवरी बसंत पंचमी को तेलकलश राजमहल नरेंद्र नगर पहुंचेगा बसंत पंचमी को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय हो जायेगी इसी दिन गाडू घड़ा तेलकलश यात्रा की भी तिथि तय होगी।तथा श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व गाडू घड़ा तेलकलश श्री नृसि़ह मंदिर, योग बदरी पांडुकेश्वर होते हुए श्री बदरीनाथ धाम पहुंच जायेगा।

आज इस कार्यक्रम के अवसर पर ब्रिगेड कमांड जोशीमठ ब्रिगेडियर एम एस ढिल्लन सहित बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार, श्रीमद्भागवत कथा व्यास आचार्य भुवन चंद्र उनियाल आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री के निर्देश: बनभूलपुरा में शांति व्यवस्था हो कायम

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मुख्य मंत्री ने बनभूलपुरा हल्द्वानी में शांति- व्यवस्था के निर्देश दिये।

देहरादून 9 फरवरी।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में शान्ति एवं कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एडीजी कानून और व्यवस्था श्री ए.पी अंशुमान को प्रभावित क्षेत्र में कैंप करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अवैध निर्माण को हटाये जाने के दौरान पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों एवं कार्मिकों पर हुए हमले तथा क्षेत्र में अशान्ति फैलाने की घटना को सख्ती से लेते हुए अराजक तत्वों के विरुद्ध सख्त करवाई करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक लेते हुए मुख्यमंत्री ने उच्च अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिलाधिकारी नैनीताल से निरंतर समन्वय बनाकर रखें । उन्होंने एडीजी कानून व्यवस्था और जिलाधिकारी नैनीताल को घटना के दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही कर क्षेत्र में शान्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा आगजनी और पथराव करने वाले एक – एक दंगाई की पहचान कर उन पर करवाई की जाय। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त से सख्त करवाई की जाय।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव/ एडीजी अमित सिन्हा, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव जे. सी कांडपाल उपस्थित थे।

केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री से मिले बीकेटीसी अध्यक्ष

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केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर से मिले बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र

देहरादून। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने नई दिल्ली में केंद्रीय सूचना व प्रसारण, युवा मामलों और खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर से भेंट की।

केंद्रीय मंत्री ठाकुर से भेंट के दौरान बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र ने कहा कि कोविड काल में चारधाम यात्रा पूरी तरह से बाधित हो चुकी थी। मगर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल मार्गदर्शन में विगत दो वर्षों के दौरान चारधाम यात्रा ने नये कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

अजेंद्र ने प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में केदारनाथ व बदरीनाथ धामों में मास्टर प्लान के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की भी केंद्रीय मंत्री से चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को कपाट खुलने पर केदारनाथ व बदरीनाथ धाम की यात्रा का भी आमंत्रण दिया।

चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन की बैठक 14 फरवरी

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चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन की चारधाम यात्रा तैयारी बैठक 14 फरवरी को

ऋषिकेशः 8 फरवरी। आगामी उत्तराखंड चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की मानिटरिंग तथा यात्रा के सुचारू संचालन हेतु इस वर्ष *”चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन“ की बैठक बुद्धवार 14 फरवरी को पूर्वाह्मन 11.30 ( साढ़े ग्यारह) बजे से नगर निगम ऋषिकेश के स्वर्ण जयंती सभागार में आहूत की गयी है।*
प्रदेश सरकार के उच्चस्तरीय दिशा निर्देशों के क्रम में आहूत यह चारधाम यात्रा की अहम बैठक चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन अध्यक्ष/ आयुक्त गढ़वाल मंडल, विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता शुरू होगी।चारधाम यात्रा की इस प्रथम यात्रा बैठक में बीते यात्रा वर्ष की कार्ययोजना के परिणामों की समीक्षा के आधार पर आगामी श्री बदरीनाथ, श्री केदारनाथ, श्री गंगोत्री, श्री यमुनोत्री धाम यात्रा की तैयारियों के विषय में मंथन होगा।

चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन के विशेष कार्याधिकारी/अपर आयुक्त गढ़वाल नरेंद्र सिंह क्विरीयाल ने कहा कि बैठक में बीते यात्रा वर्ष की समीक्षा के आधार पर जिलाधिकारी, पुलिस – प्रशासन के शीर्ष अधिकारी एवं चारधाम यात्रा से संबंधित उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद, पर्यटन-तीर्थाटन,बीआरओ,राजमार्ग, पीडब्लूडी,संचार निगम,स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम,विद्युत,पेयजल खाद्य आपूर्ति विभाग,परिवहन विभाग,श्री बदरी-केदार मंदिर समिति, श्री हेमकुंट गुरूद्वारा सभा, यातायात संगठन,सहित सभी विभागों के आला अधिकारी यात्रा पूर्व व्यवस्थाओं को चाक चौबंद किये जाने की कार्ययोजना बनायेंगे।

चार धाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन ऋषिकेश के वैयक्तिक सहायक ऐके श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि सभी विभागों को चारधाम यात्रा बैठक की सूचना भेज दी गयी है।

उत्तराखंड विधानसभा में यूसीसी पास

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देहरादून, उत्तराखंड:

उत्तराखंड विधान सभा में पारित हुआ यूसीसी 

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक उत्तराखंड 2024 बुधवार को विधानसभा में पारित कर दिया गया। विधेयक पर दो दिनों तक लंबी चर्चा हुई। सत्ता और विपक्ष के सदस्यों ने विधेयक के प्रावधानों को लेकर अपने-अपने सुझाव दिए। इस प्रकार उत्तराखंड विधानसभा आजाद भारत के इतिहास में समान नागरिक संहिता का विधेयक पारित करने वाली पहली विधानसभा बन गई है।

मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता विधेयक उत्तराखंड 2024 को विधानसभा में पेश किया था। आज बुधवार को सदन में विधेयक पर चर्चा के बाद सदन ने इसे पास कर दिया। अब अन्य सभी विधिक प्रक्रिया और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद यूसीसी लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बनेगा। विधेयक में सभी धर्म-समुदायों में विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता और विरासत के लिए एक कानून का प्रावधान है। महिला-पुरुषों को समान अधिकारों की सिफारिश की गई है।अनुसूचित जनजातियों को इस कानून की परिधि से बाहर रखा गया है।

बता दें कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता से किए गए वायदे के अनुसार पहली कैबिनेट बैठक में ही यूसीसी का ड्रॉफ्ट तैयार करने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने का फैसला किया। सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई। समिति ने व्यापक जन संवाद और हर पहलू का गहन अध्ययन करने के बाद यूसीसी के ड्रॉफ्ट को अंतिम रूप दिया है। इसके लिए प्रदेश भर में 43 जनसंवाद कार्यक्रम और 72 बैठकों के साथ ही प्रवासी उत्तराखण्डियों से भी समिति ने संवाद किया।

कुप्रथाओं पर लगेगी रोक

समान नागरिक संहिता विधेयक के कानून बनने पर समाज में बाल विवाह, बहु विवाह, तलाक जैसी सामाजिक कुरीतियों और कुप्रथाओं पर रोक लगेगी, लेकिन किसी भी धर्म की संस्कृति, मान्यता और रीति-रिवाज इस कानून से प्रभावित नहीं होंगे। बाल और महिला अधिकारों की यह कानून सुरक्षा करेगा।

यूसीसी के अन्य जरूरी प्रावधान

-विवाह का पंजीकरण अनिवार्य। पंजीकरण नहीं होने पर सरकारी सुविधाओं से होना पड़ सकता है वंचित।

-पति-पत्नी के जीवित रहते दूसरा विवाह पूर्णतः प्रतिबंधित।

-सभी धर्मों में विवाह की न्यूनतम उम्र लड़कों के लिए 21 वर्ष और लड़कियों के लिए 18 वर्ष निर्धारित।

-वैवाहिक दंपत्ति में यदि कोई एक व्यक्ति बिना दूसरे व्यक्ति की सहमति के अपना धर्म परिवर्तन करता है तो दूसरे व्यक्ति को उस व्यक्ति से तलाक लेने व गुजारा भत्ता लेने का पूरा अधिकार होगा।

-पति पत्नी के तलाक या घरेलू झगड़े के समय 5 वर्ष तक के बच्चे की कस्टडी उसकी माता के पास ही रहेगी।

-सभी धर्मों में पति-पत्नी को तलाक लेने का समान अधिकार।

-सभी धर्म-समुदायों में सभी वर्गों के लिए बेटी-बेटी को संपत्ति में समान अधिकार।

-मुस्लिम समुदाय में प्रचलित हलाला और इद्दत की प्रथा पर रोक।

-संपत्ति में अधिकार के लिए जायज और नाजायज बच्चों में कोई भेद नहीं किया गया है। नाजायज बच्चों को भी उस दंपति की जैविक संतान माना गया है।

-किसी व्यक्ति की मृत्यु के पश्चात उसकी संपत्ति में उसकी पत्नी व बच्चों को समान अधिकार दिया गया है। उसके माता-पिता का भी उसकी संपत्ति में समान अधिकार होगा। किसी महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे के संपत्ति में अधिकार को संरक्षित किया गया ।

-लिव-इन रिलेशनशिप के लिए पंजीकरण अनिवार्य। पंजीकरण कराने वाले युगल की सूचना रजिस्ट्रार को उनके माता-पिता या अभिभावक को देनी होगी।

लिव-इन के दौरान पैदा हुए बच्चों को उस युगल का जायज बच्चा ही माना जाएगा और उस बच्चे को जैविक संतान के समस्त अधिकार प्राप्त होंगे।

हमारे देश के प्रधानमंत्री राष्ट्रऋषि नरेन्द्र मोदी विकसित भारत का सपना देख रहे हैं। भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रही है। उनके नेतृत्व में यह देश तीन तलाक और धारा-370 जैसी ऐतिहासिक गलतियों को सुधारने के पथ पर है

समान नागरिक संहिता का विधेयक आदरणीय प्रधानमंत्री जी द्वारा देश को विकसित, संगठित, समरस और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लिए किए जा रहे महान यज्ञ में हमारे प्रदेश द्वारा अर्पित की गई एक आहुति मात्र है
के इस विधेयक में समान नागरिक संहिता के अंतर्गत जाति, धर्म, क्षेत्र व लिंग के आधार पर भेद करने वाले व्यक्तिगत नागरिक मामलों से संबंधित सभी कानूनों में एकरूपता लाने का प्रयास किया गया है ।

पांडुकेश्वर में कुबेर महोत्सव एवं श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ

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आज बुद्धवार से कुबेर देवरा मंदिर नव निर्माण महोत्सव के अंतर्गत योग बदरी पांडुकेश्वर में श्री कुबेर महायज्ञ तथा श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ।

•बसंत पंचमी को कुबेर महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा का समापन होगा।

पांडुकेश्वर/जोशीमठ/ गोपेश्वर : 7 फरवरी । यात्राकाल में भगवान श्री बदरीश पंचायत में विराजित देवताओं के खजांची श्री कुबेर जी के शीतकालीन प्रवास पांडुकेश्वर स्थित नव निर्मित श्री कुबेर मंदिर में आज बुद्धवार से कुबेर देवरा मंदिर नवनिर्माण महोत्सव के अंतर्गत श्री कुबेर महायज्ञ तथा श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हो गया है।
कुबेर महायज्ञ के शुभारंभ पर श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी है।इस अवसर पर बदरीनाथ स्थित खाक चौक के संस्थापक बालक योगेश्वर दास तथा उनके शिष्यगण विशेष रूप से मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति तथा खाक चोक आश्रम की ओर से श्री कुबेर मंदिर निर्माण में सहयोग प्रदान किया गया है।

आज श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हो गया बदरीनाथ धाम के पूर्व धर्माधिकारी आचार्य भुवन चंद्र उनियाल कथा ब्यास हैं जबकि उपजिलाधिकारी जोशीमठ चंद्रशेखर वशिष्ठ इस अवसर पर मुख्य अतिथि रहे।

इस अवसर पर सैकड़ो श्रद्धालुओं ने भगवान कुबेर तथा योग बदरी मंदिर तथा श्री उद्धव जी के दर्शन किये तथा भागवत कथा सुनी।
गढवाल स्काउट के बैंड के भक्तिमय धुनों के साथ महिला मंगल दल, पांडुकेश्वर तथा स्कूली छात्रों एवं युवाओं ने अलकनंदा तट होते हुए योग बदरी मंदिर तथा कुबेर मंदिर तक पवित्र श्रीमद्भागवत ग्रंथ के साथ जलकलश शोभा यात्रा निकाली तथा योग बदरी मंदिर तथा श्री कुबेर मंदिर में भजन- कीर्तन का भी आयोजन किया इस अवसर पर कुबेर देवरा समिति की ओर से विशाल भंडारा भी आयोजित किया गया।

उल्लेखनीय है कि बीते 12 जनवरी को जल कलश यात्रा तथा शुद्धि हवन महाविद्या पाठ के साथ प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद 15 जनवरी मकर सक्रांति के दिन श्री कुबेर जी नये मंदिर में विराजमान हो गये थे तथा आज से कुबेर देवरा शुरू हो गया है।
उल्लेखनीय है कि श्री उद्धव जी तथा श्री कुबेर जी श्री बदरीनाथ यात्रा समापन के बाद शीतकाल छ: माह श्री पांडुकेश्वर में निवास करते है।

बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार ने कुबेर देवरा समिति की ओर से गणमान्य लोगों को कुबेर महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा में आमंत्रित किया है।
उन्होंने कहा कि योग बदरी पांडुकेश्वर तथा श्री कुबेर मंदिर में कुबेर महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा यज्ञ का 14 फरवरी बसंत पंचमी के दिन समापन होगा।,
इस अवसर पर उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड के पूर्व सदस्य गोविंद सिंह पंवार, बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार, वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश कपरवाण, सुभाष डिमरी सहित कुबेर देवरा समिति अध्यक्ष अनूप भंडारी,उपाध्यक्ष राजेश मेहता,सरपंच जसबीर,ग्राम प्रधान बबीता पंवार आदि मौजूद रहे‌

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