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20 से 23 जून तक उत्तराखंड में बारिश के आसार, पर्वतीय जिलों के लिए अलर्ट जारी, मानसून को लेकर बड़ा अपडेट 

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देहरादून। उत्तराखंड में आगामी दिनों में मौसम का मिजाज बदला रह सकता है। मौसम विभाग ने 20 से 23 जून के बीच प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। इसे देखते हुए पर्वतीय जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम वैज्ञानिक रोहित थपलियाल के अनुसार, इस अवधि में उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर समेत पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है।

मौसम विभाग ने पर्वतीय जिलों में आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि होने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।

मानसून की स्थिति पर जानकारी देते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल बिहार तक पहुंच चुका है। हालांकि अगले चार से पांच दिनों में उत्तराखंड में मानसून के प्रवेश की संभावना कम है। तब तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियों के तहत स्थानीय स्तर पर बारिश और मौसम में बदलाव का दौर जारी रहने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने रेलवे बोर्ड अध्यक्ष से की चर्चा, रेल परियोजनाओं में तेजी लाने पर जोर

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर राज्य में रेलवे अवसंरचना के विस्तार और विभिन्न रेल परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे कनेक्टिविटी का सुदृढ़ीकरण उत्तराखंड के विकास, पर्यटन, तीर्थाटन, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।

बैठक में मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को राज्य की महत्वाकांक्षी और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए इसे निर्धारित समय सीमा में पूरा करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना चारधाम यात्रा, विशेषकर बदरीनाथ और केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवागमन को अधिक सुगम बनाएगी।

बैठक में टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि परियोजना का सर्वेक्षण और डीपीआर तैयार हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने नवंबर 2026 तक परियोजना पर ठोस प्रगति सुनिश्चित करने की अपेक्षा जताई। साथ ही कर्णप्रयाग-बागेश्वर और किच्छा-खटीमा रेल लाइन परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की, हल्द्वानी, काठगोदाम, रामनगर और टनकपुर रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक यात्री सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया। आगामी कुंभ और कांवड़ मेले को देखते हुए हरिद्वार, ऋषिकेश और रुड़की स्टेशनों पर विशेष व्यवस्थाएं विकसित करने की आवश्यकता भी बताई।

उन्होंने हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि रेलवे नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण से राज्य में निवेश, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

उत्तरकाशी : दिशा बैठक में केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा, अनुपस्थित अधिकारियों पर सांसद सख्त

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उत्तरकाशी। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक शुक्रवार को जिला सभागार में टिहरी गढ़वाल सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान पीएमजीएसवाई और ब्रिडकुल के अधिशासी अभियंताओं की अनुपस्थिति पर सांसद ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए दोनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करने तथा उनके तबादले की संस्तुति करने के निर्देश दिए।

बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान जनप्रतिनिधियों ने नौगांव, बड़कोट और पुरोला में चिकित्सकों एवं सफाई कर्मियों की तैनाती का मुद्दा उठाया। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों के पोस्टमार्टम की सुविधा सीएचसी चिन्यालीसौड़ और पुरोला में उपलब्ध कराने की मांग की। सांसद ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए।

दूरसंचार सेवाओं की समीक्षा के दौरान सांसद ने सीमांत और दुर्गम क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की खराब स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कई मोबाइल टावर स्थापित होने के बावजूद नेटवर्क उपलब्ध नहीं है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बंद एवं प्रभावित टावरों को शीघ्र संचालित कर नेटवर्क व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।

कृषि विभाग की समीक्षा में जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान को रोकने के लिए खेतों की घेरबाड़ सहित प्रभावी उपाय करने को कहा गया। वहीं उद्यान विभाग को बागवानी को बढ़ावा देने और किसानों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सर्व शिक्षा अभियान, समेकित बाल विकास योजना, उज्ज्वला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन सहित विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य करें, ताकि आम जनता को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।

उत्तराखंड में हादसा, वाहन खाई में गिरा, तीन घायल

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रुद्रप्रयाग। जिले के बजीरा-जखोली मोटर मार्ग पर शुक्रवार सुबह एक वाहन अनियंत्रित होकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में वाहन में सवार तीन लोग घायल हो गए, जिनमें एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है।

पुलिस कंट्रोल रूम को सुबह करीब 10 बजे दुर्घटना की सूचना मिली। सूचना मिलते ही डीडीआरएफ टीम, जखोली पुलिस और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। राहत एवं बचाव दल ने खाई में उतरकर सभी घायलों का रेस्क्यू किया और उन्हें उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जखोली भेजा।

घायलों में वाहन चालक राजीव कुमार (46) निवासी ललूड़ी जखोली, गजेन्द्र सिंह (40) निवासी काण्डई मयाली तथा छुम्मा देवी (55) निवासी बुढना शामिल हैं। इनमें छुम्मा देवी गंभीर रूप से घायल हुई हैं। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।

टी20 विश्व कप में उत्तराखंड की बेटी प्रेमा रावत को मिला मौका

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देहरादून। उत्तराखंड की युवा लेग स्पिनर प्रेमा रावत को आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। उन्हें चोटिल स्टार ऑलराउंडर श्रेयंका पाटिल के स्थान पर टीम में मौका मिला है। श्रेयंका नीदरलैंड्स के खिलाफ मुकाबले के दौरान दाहिने टखने में चोट लगने के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं।

आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 की इवेंट टेक्निकल कमेटी ने श्रेयंका के स्थान पर प्रेमा रावत को भारतीय टीम में शामिल करने की मंजूरी दे दी है। प्रेमा पहले से ही इंडिया-ए टीम के साथ इंग्लैंड दौरे पर थीं और अब वह विश्व कप के शेष मुकाबलों के लिए भारतीय सीनियर टीम से जुड़ेंगी।

24 वर्षीय प्रेमा रावत ने अभी तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण नहीं किया है, लेकिन घरेलू क्रिकेट और महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) में अपने प्रदर्शन से उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया है। वह डब्ल्यूपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम का हिस्सा रही हैं।

prema rawat criketer

हाल ही में महिला एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट में इंडिया-ए की ओर से खेलते हुए प्रेमा ने शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया था। उन्होंने आठ विकेट लेकर टीम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन का ही परिणाम है कि अब उन्हें महिला टी20 विश्व कप जैसे बड़े मंच पर भारतीय टीम का हिस्सा बनने का अवसर मिला है।

प्रेमा के चयन से उत्तराखंड में खेल प्रेमियों और क्रिकेट प्रशंसकों में उत्साह का माहौल है। राज्य की इस प्रतिभावान खिलाड़ी से विश्व कप में भारतीय टीम को मजबूत करने की उम्मीदें जताई जा रही हैं। उत्तराखंड के दुर्गम पर्वतीय जिले बागेश्वर से आने वाली युवा क्रिकेटर प्रेमा रावत ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाली प्रेमा ने सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बावजूद लगातार शानदार प्रदर्शन कर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

घरेलू क्रिकेट, महिला प्रीमियर लीग और इंडिया-ए टीम के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन के बल पर प्रेमा ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम में अपनी जगह बनाई है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल बागेश्वर बल्कि पूरे उत्तराखंड को गौरवान्वित किया है। प्रेमा की सफलता पहाड़ की युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि कठिन परिस्थितियों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का उनका सफर युवा खिलाड़ियों को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगा।

उत्तराखंड : राष्ट्रीय दिशानिर्देशों से पहले SCERT-DIET पुनर्गठन नहीं करने की मांग

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देहरादून। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के तहत शिक्षक शिक्षा में प्रस्तावित बड़े बदलावों को देखते हुए एससीईआरटी के अध्यक्ष विनय थपलियाल ने राज्य में SCERT और DIET के पुनर्गठन की प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित रखने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने अपर सचिव वित्त को ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ-टीई) जारी होने तक कोई स्थायी निर्णय न लेने का आग्रह किया।

विनय थपलियाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) वर्तमान में शिक्षक शिक्षा के नए ढांचे को अंतिम रूप दे रही है। एनईपी-2020 के तहत पारंपरिक डीएलएड और बीएड पाठ्यक्रमों के स्थान पर चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) लागू किया जाना है। नई राष्ट्रीय रूपरेखा में SCERT और DIET की संरचना, कार्यप्रणाली, मानव संसाधन तथा विशेषज्ञों की योग्यता को भी स्पष्ट किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय दिशानिर्देश जारी होने से पहले राज्य स्तर पर संस्थागत पुनर्गठन करना व्यावहारिक नहीं होगा। इससे भविष्य में राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप दोबारा संशोधन और पुनर्संरचना की आवश्यकता पड़ सकती है, जिससे समय, संसाधन और प्रशासनिक ऊर्जा की अनावश्यक पुनरावृत्ति होगी।

उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य सरकार राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा पाठ्यचर्या रूपरेखा और उससे संबंधित अंतिम अनुशंसाओं की प्रतीक्षा करे तथा उसके बाद ही SCERT और DIET के ढांचे, शैक्षणिक दायित्वों और मानव संसाधन व्यवस्था पर निर्णय ले। इससे राज्य की शिक्षक शिक्षा प्रणाली राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अधिक प्रभावी और दीर्घकालिक रूप से सुदृढ़ बन सकेगी। इससे पूर्व उन्होंने इस विषय पर अपर सचिव कार्मिक से भी मुलाकात कर विस्तृत जानकारी एवं सुझाव साझा किए।

उत्तराखंड में पुलिस-बदमाश के बीच एक और मुठभेड़, एक आरोपी के पैर में लगी गोली

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हरिद्वार। जिले के बुग्गावाला थाना क्षेत्र में देर रात चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस और बाइक सवार दो बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार, चेकिंग के दौरान संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया, जिस पर उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लग गई, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।

घायल बदमाश की पहचान लुकमान के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। उसके कब्जे से एक तमंचा, जिंदा कारतूस तथा अमानतगढ़ फैक्ट्री फायरिंग प्रकरण से संबंधित एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है।

फरार आरोपी की पहचान गुलजार के रूप में हुई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा क्षेत्र में व्यापक कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

उत्तराखंड: नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप के बाद देहरादून में बवाल, दुकान और गोदाम में तोड़फोड़

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देहरादून। शहर कोतवाली क्षेत्र में 14 वर्षीय किशोरी से कथित दुष्कर्म के आरोप के बाद गुरुवार को तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों और विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आरोपी पक्ष की दुकान और गोदाम में तोड़फोड़ कर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।

पुलिस के अनुसार, एक परिवार किराये के मकान में रह रहा है। परिवार की ओर से दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मकान मालिक के रिश्तेदार एक किशोर ने बुधवार देर रात नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी किशोर को संरक्षण में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है।

घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में लोग और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। विरोध कर रहे लोगों ने आरोपी पक्ष की सौंदर्य प्रसाधन की दुकान और गोदाम में तोड़फोड़ की। दुकान के भीतर रखा सामान बाहर निकालकर फेंक दिया गया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की। शहर कोतवाली के अलावा प्रेमनगर, क्लेमेंटटाउन, पटेलनगर समेत कई थानों से पुलिस बल बुलाया गया। कुछ समय के लिए बाजार क्षेत्र में भी तनाव का माहौल बना रहा और कई दुकानदारों ने एहतियातन अपनी दुकानें बंद कर दीं।

विरोध प्रदर्शन के बाद बड़ी संख्या में लोग शहर कोतवाली भी पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को शांत कराते हुए निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

सीओ सिटी स्वप्निल मुयाल ने बताया कि पीड़िता की मां की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

राम मंदिर दान घोटाला: अब तक दर्ज नहीं हुई एफआईआर, जांच के घेरे में ट्रस्ट के कई पदाधिकारी

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अयोध्या/लखनऊ। राम मंदिर में चढ़ावे की रकम और दान में मिले जेवरातों में कथित गड़बड़ी के मामले में जांच लगातार गहराती जा रही है। मामले के सामने आने के लगभग दो सप्ताह बाद भी एफआईआर दर्ज न होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पूर्व पुलिस अधिकारियों और कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि चोरी और गबन के प्राथमिक संकेत मिलने के बावजूद मुकदमा दर्ज न होना असामान्य स्थिति है।

जानकारी के अनुसार छह जून को दान राशि में अनियमितताओं का मामला उजागर हुआ था। आरोप है कि ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोगों ने मामले को सार्वजनिक होने से रोकने के लिए संदिग्ध कर्मचारियों से पूछताछ की और उनकी निशानदेही पर रकम भी बरामद की गई। इसके बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।

एसआईटी को मिले रिकॉर्ड में कई सवाल

एसआईटी ने चौथे दिन भी ट्रस्ट के पदाधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ जारी रखी। सूत्रों के अनुसार जांच में नकदी और जेवरात से जुड़े रिकॉर्ड में कई खामियां सामने आई हैं। दान में मिले सोने-चांदी और अन्य कीमती आभूषणों का पूरा हिसाब उपलब्ध नहीं कराया जा सका है, जिससे गबन की आशंकाएं और बढ़ गई हैं।

जांच टीम ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और अन्य जिम्मेदार पदाधिकारियों से पूछताछ की। बताया जा रहा है कि कई सवालों पर संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाए हैं।

एफआईआर न होने पर उठ रहे सवाल

मामले में अब तक तीन शिकायतें और तहरीरें पुलिस को दी जा चुकी हैं, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। कानून के जानकारों का कहना है कि यदि चोरी और धन की बरामदगी के तथ्य सामने आ चुके हैं, तो विधिक प्रक्रिया के तहत एफआईआर दर्ज होना चाहिए था। इससे जांच की पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

टिन्नू यादव और अन्य लोगों से दोबारा पूछताछ

एसआईटी ने चंपत राय के ड्राइवर टिन्नू यादव से दोबारा पूछताछ की। जांच एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि दान राशि की गिनती और प्रबंधन की प्रक्रिया में उसकी क्या भूमिका थी। सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की अब गहन जांच की जा रही है।

18 लोगों से पूछताछ

गुरुवार को एसआईटी ने करीब 18 लोगों से पूछताछ की। इनमें ट्रस्ट से जुड़े कर्मचारी, संदिग्ध व्यक्ति और कुछ ऐसे लोग भी शामिल रहे जिनकी मंदिर की व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका बताई जा रही है।

जेवरातों को लेकर भी बढ़ी चिंता

जांच के दौरान कुछ श्रद्धालुओं की शिकायतें भी सामने आई हैं। कर्नाटक के एक श्रद्धालु ने दावा किया कि मंदिर में दान किए गए कीमती हार की उन्हें आज तक कोई रसीद नहीं मिली और उसके संबंध में कोई जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई गई। एसआईटी ऐसे मामलों की भी जांच कर रही है।

जांच पूरी होने के बाद दर्ज हो सकती है एफआईआर

सूत्रों के मुताबिक एसआईटी अपनी जांच पूरी करने के बाद विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंप सकती है। संभावना जताई जा रही है कि रिपोर्ट के आधार पर ही आगे एफआईआर दर्ज करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।

फिलहाल राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन का मामला प्रदेश की सबसे चर्चित जांचों में शामिल हो गया है और एसआईटी की अगली रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

उत्तराखंड : कैबिनेट ने 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को दी मंजूरी, उपनल कर्मचारियों और चारधाम यात्रा से जुड़े बड़े फैसले

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक की शुरुआत उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी और पद्मश्री निशानेबाज जसपाल राणा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रखकर की गई।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंसीधर तिवारी ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा, उपनल कर्मचारियों, चारधाम यात्रा, पर्यटन, कृषि, पशुपालन और कारागार विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है।

कैबिनेट ने उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी प्रदान की। वहीं उपनल कर्मचारियों के समान कार्य-समान वेतन से संबंधित कटऑफ तिथि को 12 नवंबर 2018 से बढ़ाकर 15 अगस्त 2024 कर दिया गया है, जिससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।

मिडिल ईस्ट में जारी संकट के कारण बिटुमेन की कीमतों में वृद्धि को देखते हुए लोक निर्माण विभाग के लिए विशेष व्यवस्था बनाने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा राज्य को पूर्ण साक्षर घोषित करने का फैसला भी लिया गया। सरकार के अनुसार उत्तराखंड की साक्षरता दर 98 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है।

कैबिनेट ने आबकारी विभाग में होलोग्राम संबंधी व्यवस्था में संशोधन, सेलाकुई स्थित सगंध एवं हर्बल केंद्र में मिलावट जांच सुविधा विकसित करने तथा इसके लिए पांच पद सृजित करने को भी मंजूरी दी।

पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय हिमालयन कार रैली के आयोजन को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही उत्तराखंड कारागार नियमावली में संशोधन और कारागार अधीनस्थ सेवा नियमावली को भी मंजूरी दी गई।