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उत्तराखंड : SSP ने किए 10 इंस्पेक्टर और 29 उपनिरीक्षकों के तबादले

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रुद्रपुर। उधम सिंह नगर जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने व्यापक स्तर पर तबादले किए हैं। जारी आदेश के अनुसार 10 निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) और 29 उपनिरीक्षकों (दारोगा) को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

आदेश के तहत इंस्पेक्टर राजेश पाण्डेय को प्रभारी एएनटीएफ से हटाकर कोतवाली जसपुर का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। वहीं राजेन्द्र सिंह डांगी को जसपुर से डीसीआरबी का प्रभारी नियुक्त किया गया है। भूपेन्द्र बुजवाल को डीसीआरबी से गदरपुर कोतवाली की जिम्मेदारी दी गई है।

इसी क्रम में संजय पाठक को गदरपुर से नानकमत्ता कोतवाली का प्रभारी बनाया गया है। धीरेन्द्र कुमार को पीआरओ पद से हटाकर कुंडा कोतवाली भेजा गया है, जबकि विक्रम सिंह राठौर को कुंडा से आईटीआई कोतवाली स्थानांतरित किया गया है। रवि सैनी को आईटीआई से किच्छा और प्रकाश दानू को किच्छा से रुद्रपुर कोतवाली की जिम्मेदारी दी गई है। मनोज रतूड़ी को रुद्रपुर से एएनटीएफ तथा मंजू पाण्डेय को नानकमत्ता से एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट में तैनात किया गया है।

inspector trasfer us nagar

उपनिरीक्षकों के स्तर पर भी बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है। हेमंत कठैत को सिडकुल चौकी प्रभारी बनाया गया है, जबकि मनोज देव, पंकज कुमार समेत कई अधिकारियों को नई चौकियों और थानों में तैनाती दी गई है। देवेंद्र सिंह मेहता को बांसफोड़ान से हटाकर अन्य चौकी में भेजा गया है। मेधा शर्मा, राकेश राय और जगदीश तिवारी को विभिन्न चौकियों का प्रभारी बनाया गया है।

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इसके अलावा कई उपनिरीक्षकों को पुलिस लाइन से फील्ड में भेजा गया है, जिससे जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को और सुदृढ़ किया जा सके। महिला उपनिरीक्षक मीना रावत को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूनम रावत को केलाखेड़ा से ट्रांजिट कैंप कोतवाली स्थानांतरित किया गया है। वहीं सुनील सिंह बिष्ट, खुशवंत सिंह और बसंत लाल टम्टा सहित अन्य अधिकारियों को काशीपुर, सितारगंज और अन्य क्षेत्रों में तैनात किया गया है।

एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि यह फेरबदल प्रशासनिक जरूरतों और कार्यकुशलता को ध्यान में रखते हुए किया गया है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तत्काल नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करें। पुलिस महकमे में इस व्यापक तबादले को कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

उत्तराखंड में यहां रोका गया बाल विवाह, प्रशासन की तत्परता से बची नाबालिग

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रुद्रप्रयाग। जनपद के जखोली विकासखंड के एक गांव में मंगलवार को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग बालिका का विवाह रुकवा दिया। समय पर हस्तक्षेप से एक बालिका को बाल वधू बनने से बचाया गया और बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर प्रभावी रोक लगाई गई।

जानकारी के अनुसार, 5 मई को अपराह्न करीब तीन बजे 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन पर सूचना मिली कि क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग लड़की की शादी की तैयारी चल रही है और पौड़ी जिले के कोटद्वार से बारात आने वाली है। सूचना मिलते ही जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र के निर्देश पर चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई।

टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शाम करीब सात बजे मौके पर पहुंचकर विवाह की प्रक्रिया को रुकवा दिया। इस दौरान कुछ लोगों द्वारा टीम पर दबाव बनाने और प्रलोभन देने की कोशिश भी की गई, लेकिन अधिकारियों ने सख्ती और संवेदनशीलता के साथ कानून का पालन सुनिश्चित किया।

अधिकारियों ने दोनों पक्षों को स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका का विवाह कराना बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। सख्त कार्रवाई के चलते कोटद्वार से आई बारात को रात करीब 10 बजे बिना विवाह के ही लौटना पड़ा।

इसके बाद प्रशासनिक टीम ने दोनों पक्षों की करीब तीन घंटे तक काउंसलिंग की। अंततः वर और वधू पक्ष ने लिखित रूप में सहमति दी कि बालिका के 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही विवाह कराया जाएगा।

इस कार्रवाई में चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति और पुलिस विभाग के अधिकारियों व कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।

उत्तराखंड फर्जीवाड़े पर सख्ती: चार अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लाइसेंस निरस्त, जांच तेज

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हरिद्वार। जिले में नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पीसीपीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन के मामलों में चार अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। ये केंद्र एक वर्ष पूर्व पंजीकृत तो हुए थे, लेकिन न तो उनका संचालन शुरू किया गया और न ही वहां योग्य चिकित्सकों की तैनाती की गई थी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके सिंह ने बताया कि कई स्थानों पर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। एक मामले में सील किए जाने के बावजूद अल्ट्रासाउंड मशीन को गायब कर दिया गया। वहीं, कलियर क्षेत्र में एक सेंटर पर तैनात डॉक्टर की डिग्री फर्जी पाई गई। संबंधित मामलों में कार्रवाई करते हुए लाइसेंस निरस्त किए गए हैं और जल्द ही मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।

मंगलवार को रोशनाबाद स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में पीसीपीएनडीटी अधिनियम सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिनियम के सख्त अनुपालन के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी सेंटर को बख्शा नहीं जाएगा और तत्काल कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने नए पंजीकरण और नवीनीकरण से जुड़े प्रस्ताव प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों के पंजीकरण के लिए प्राप्त पांच आवेदनों में से केवल एक को स्वीकृति दी गई, जबकि चार केंद्रों के पंजीकरण निलंबित कर दिए गए, जहां चिकित्सक उपलब्ध नहीं थे।

सीएमओ ने कहा कि जिले में पीसीपीएनडीटी एक्ट का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। बिना अनुमति अल्ट्रासाउंड मशीनों की खरीद-फरोख्त पर पूर्ण प्रतिबंध है। नए सेंटर को अनुमति देने से पहले डॉक्टर और मशीन का भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाता है।

इधर, समिति ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादराबाद और नारसन में अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। साथ ही, पशु चिकित्सा केंद्रों के नवीनीकरण के लिए आए 12 प्रस्तावों में से 11 को स्वीकृति प्रदान की गई, जबकि बहादराबाद पशु चिकित्सालय के नवीनीकरण पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।

पंजाब में फिर धमाका, अमृतसर के आर्मी कैंप के बाहर ब्लास्ट, जालंधर घटना के बाद बढ़ी सतर्कता

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अमृतसर। पंजाब में सुरक्षा को लेकर चिंता एक बार फिर बढ़ गई है। जालंधर में बीएसएफ मुख्यालय के बाहर हुए धमाके के कुछ घंटों बाद मंगलवार देर रात अमृतसर के खासा इलाके में स्थित आर्मी कैंप के बाहर जोरदार विस्फोट हुआ। धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनी गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों से बाहर निकल आए।

जानकारी के अनुसार, यह विस्फोट रात करीब 11 बजे के बाद हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और सेना की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और पूरे क्षेत्र को घेरकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। जांच के लिए फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को भी तैनात किया गया है।

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि धमाके से आर्मी कैंप की बाहरी दीवार पर लगी टीन की चादरों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने या जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।

अधिकारियों के मुताबिक, एहतियात के तौर पर पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है। अमृतसर देहाती के एसपी आदित्य वारियर ने बताया कि सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की गई और मामले की गहन जांच जारी है। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक टीम सबूत जुटा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही विस्फोट के कारणों का स्पष्ट खुलासा किया जा सकेगा।

गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार शाम को जालंधर में बीएसएफ मुख्यालय के बाहर भी धमाका हुआ था, जिसकी जांच अभी जारी है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है।

चुनाव नतीजों के बाद बंगाल में हिंसा, तीन कार्यकर्ताओं की मौत, कई जगह तोड़फोड़

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद राजनीतिक हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार को अलग-अलग घटनाओं में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई, जिससे राज्य में तनाव और बढ़ गया है।

न्यू टाउन इलाके में भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की कथित रूप से टीएमसी समर्थकों द्वारा पिटाई किए जाने के बाद मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, भाजपा के विजय जुलूस के दौरान कहासुनी के बाद उन पर हमला किया गया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आक्रोशित भाजपा समर्थकों ने इलाके में प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दिया और टीएमसी कार्यकर्ताओं के घरों पर हमला किया। हालात को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती करनी पड़ी।

वहीं, बीरभूम जिले के नानूर क्षेत्र में टीएमसी कार्यकर्ता अबीर शेख की कथित रूप से भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक संतोषपुर गांव में विवाद के दौरान उन पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की भी खबर है।

टीएमसी के स्थानीय विधायक विधान माझी ने भाजपा पर इस हत्या का आरोप लगाया है। हालांकि भाजपा नेता श्यामापद मंडल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसके अलावा हावड़ा जिले के उदय नारायणपुर में भाजपा कार्यकर्ता यादव बर की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। उनकी पत्नी ने आरोप लगाया है कि ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाने को लेकर उन पर हमला किया गया।

राज्य के कई अन्य हिस्सों में भी हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। टालीगंज के बिजयगढ़-नेताजी नगर इलाके में पूर्व मंत्री अरूप विश्वास के चुनाव कार्यालय में भीड़ ने जमकर तोड़फोड़ की। कस्बा के रूबी क्रॉसिंग स्थित टीएमसी पार्षद के दफ्तर पर भी हमला हुआ। हावड़ा, उत्तर 24 परगना और मुर्शिदाबाद सहित कई जिलों में पार्टी कार्यालयों में आगजनी और हमले की खबरें हैं, हालांकि इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

टीएमसी ने भाजपा पर सुनियोजित हिंसा फैलाने का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने पलटवार करते हुए इसे टीएमसी के आंतरिक विवादों का परिणाम बताया है। इस बीच निर्वाचन आयोग ने घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस से रिपोर्ट मांगी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

हार के बाद CM ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से किया इनकार, CEC को बताया चुनाव का विलेन

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। टीएमसी प्रमुख ने CEC को चुनाव का “विलेन” बताते हुए कई चुनावी अनियमितताओं के आरोप लगाए।

ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी। उन्होंने कहा, “मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, मैं हारी नहीं हूं… हमें हराने की कोशिश की गई है, लेकिन नैतिक रूप से हम चुनाव जीते हैं।”

मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग पर बीजेपी के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव से पहले विपक्षी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी, अधिकारियों के तबादले और वोटर लिस्ट में कथित बदलाव जैसे कदम उठाए गए। उन्होंने EVM और वोटिंग प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।

ममता बनर्जी ने दावा किया कि मतदान और मतगणना के दौरान उनके कार्यकर्ताओं और एजेंटों के साथ मारपीट की गई, उन्हें कई स्थानों से हटाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया, जब वे घटनास्थल पर पहुंचीं।

विपक्षी गठबंधन INDIA पर बोलते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि गठबंधन के कई नेता उनके संपर्क में हैं और वे एकजुटता बनाए रखने के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि वह आगे भी जनता के मुद्दों के लिए सक्रिय रहेंगी।

सितारगंज में STF की बड़ी कार्रवाई, 1.5 करोड़ रुपये के हाथी दांत समेत दो वन्यजीव तस्कर गिरफ्तार

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देहरादून/सितारगंज। उत्तराखंड एसटीएफ की कुमाऊं यूनिट ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बराकोली रेंज, कल्याणपुर क्षेत्र से दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपियों के कब्जे से करीब 7 किलो 820 ग्राम वजनी एक हाथी दांत बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

एसटीएफ के अनुसार, यह कार्रवाई देर रात वन विभाग के साथ संयुक्त चेकिंग अभियान के दौरान की गई। बरामद हाथी दांत की लंबाई लगभग 3 फीट 3 इंच और गोलाई 13 इंच बताई गई है। हाथी दांत और उसके अंग वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 में शामिल हैं, जिनका शिकार और तस्करी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि टीम को मैन्युअल सूचना के आधार पर तस्करी की जानकारी मिली थी, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर इनपुट विकसित कर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है।

मामले में बराकोली रेंज में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीव तस्करी में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसटीएफ ने आम जनता से भी अपील की है कि वन्यजीव तस्करी से जुड़ी किसी भी सूचना पर तुरंत पुलिस या एसटीएफ से संपर्क करें।

UKPSC ने प्रवक्ता भर्ती की दो परीक्षाएं स्थगित कीं, नई तिथि जल्द जारी होगी

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उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) ने प्रवक्ता भर्ती की दो महत्वपूर्ण परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। अब इन परीक्षाओं की नई तिथि अलग से घोषित की जाएगी। आयोग के परीक्षा नियंत्रक जयवर्धन शर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उत्तराखंड विशेष अधीनस्थ शिक्षा (प्रवक्ता संवर्ग) समूह-ग, सामान्य शाखा एवं महिला शाखा परीक्षा 2025 के तहत—

  • 9 मई को प्रस्तावित प्रवक्ता भौतिक शास्त्र की परीक्षा. 
  • 10 मई को प्रस्तावित प्रवक्ता नागरिक शास्त्र की परीक्षा. 

दोनों को अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है। गौरतलब है कि इन परीक्षाओं का उल्लेख आयोग द्वारा हाल ही में जारी परीक्षा कैलेंडर में भी किया गया था। अब अभ्यर्थियों को नई तिथि की घोषणा का इंतजार करना होगा, जो आयोग अलग से जारी करेगा। अगर चाहें तो मैं इसके कारण, संभावित नई तिथि या तैयारी रणनीति पर भी जानकारी दे सकता हूँ।

राहुल गांधी का निजी सचिव बनकर दिया राजनीतिक पद का झांसा, भावना पांडे से ठगे 25 लाख 

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देहरादून की राजनीति में ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें सत्ता और टिकट के लालच के साथ भरोसे का ऐसा जाल बुना गया कि एक महिला नेता इसके झांसे में आ गईं। 12 अप्रैल को आए एक फोन कॉल से इस पूरी कहानी की शुरुआत हुई, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को राहुल गांधी का निजी सचिव कनिष्क बताया।

उसने कहा कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस की एक टीम देहरादून आ रही है, जिसमें करीब 12 विधायक शामिल होंगे और उनके ठहरने के लिए होटल की व्यवस्था करनी होगी, जिसका खर्च करीब 30 लाख रुपये आएगा।

विश्वास कायम करने के लिए ठग ने फोन पर बड़े नेताओं गणेश गोदियाल, हरीश रावत, हरक सिंह रावत और यशपाल आर्य की कथित आवाजें भी सुनवाईं। इन आवाजों ने भावना पांडे को पूरी तरह भरोसे में ले लिया और उन्हें यकीन हो गया कि वे पार्टी के शीर्ष स्तर से जुड़ी किसी प्रक्रिया का हिस्सा हैं।

इसके बाद ठग ने पैसों की व्यवस्था करने को कहा, जिस पर भावना ने 25 लाख रुपये नकद जुटा लिए। कुछ समय बाद “अजय” नाम का एक व्यक्ति, जिसे विधायक का पीए बताया गया, पैसे लेने पहुंचा और भावना ने बिना संदेह किए रकम उसे सौंप दी।

रकम देने के बाद कुछ दिनों तक बातचीत चलती रही, लेकिन फिर अचानक संपर्क टूट गया, जिससे ठगी का अहसास हुआ। जांच में सामने आया कि इसी ठग ने सोनिया आनंद नाम की एक अन्य महिला को भी निशाना बनाया था और उससे भी मोटी रकम मांगने की कोशिश की थी।

ठग ने भ्रम फैलाने के लिए एक कथित स्क्रीनशॉट भी भेजा, जिसमें गणेश गोदियाल के नाम से संदेश दिखाया गया था कि भावना पांडे को पार्टी में न लाया जाए और इसके बदले पांच करोड़ रुपये देने की बात कही गई थी, हालांकि इस संदेश की पुष्टि नहीं हो सकी।

इस पूरे मामले में यह सवाल भी उठा कि भावना पांडे का नंबर ठग तक कैसे पहुंचा। इस पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष जसविंदर गोगी का नाम सामने आया, लेकिन उन्होंने साफ इनकार किया कि उन्होंने भावना का नंबर साझा किया हो। गोगी के मुताबिक उन्हें भी “कनिष्क” बनकर एक कॉल आया था, जिसमें कुछ सक्रिय कार्यकर्ताओं के नाम और नंबर मांगे गए थे, और उन्होंने केवल राजपुर और रायपुर क्षेत्र के दो-तीन लोगों के नंबर दिए थे।

इस तरह यह मामला सिर्फ आर्थिक ठगी का नहीं, बल्कि राजनीतिक पहचान, भरोसे और तकनीकी चालाकी का इस्तेमाल कर रची गई एक सुनियोजित साजिश का प्रतीक बनकर सामने आया है।

व्हाइट हाउस के पास फायरिंग से हड़कंप, संदिग्ध ढेर, लॉकडाउन के बाद हालात सामान्य

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वॉशिंगटन : अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस के निकट मंगलवार को हुई गोलीबारी की घटना से हड़कंप मच गया। नेशनल मॉल क्षेत्र के पास एक हथियारबंद संदिग्ध और सीक्रेट सर्विस के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियातन व्हाइट हाउस परिसर को कुछ समय के लिए लॉकडाउन कर दिया।

जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 3:30 बजे सादे कपड़ों में तैनात सीक्रेट सर्विस एजेंटों ने एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा, जिसके पास हथियार होने का अंदेशा था। एजेंटों द्वारा घेराबंदी किए जाने पर संदिग्ध कुछ दूरी तक भागा और अचानक सुरक्षाकर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने भी गोली चलाई, जिसमें संदिग्ध गंभीर रूप से घायल हो गया।

घटना के दौरान एक किशोर राहगीर भी गोली लगने से घायल हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों के मुताबिक, राहगीर को लगी गोली संदिग्ध द्वारा चलाई गई थी।

फायरिंग के बाद सुरक्षा कारणों से व्हाइट हाउस परिसर को अस्थायी रूप से लॉकडाउन किया गया और नॉर्थ लॉन पर मौजूद पत्रकारों को अंदर जाने के निर्देश दिए गए। हालांकि कुछ ही समय में स्थिति नियंत्रण में आने पर लॉकडाउन हटा लिया गया।

घटना के वक्त राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में ही एक कार्यक्रम में मौजूद थे, जिसे बाद में जारी रखा गया। वहीं उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का काफिला भी पास के क्षेत्र से गुजर रहा था, लेकिन अधिकारियों ने दोनों नेताओं को किसी सीधे खतरे से इनकार किया है। सीक्रेट सर्विस ने घटनास्थल से हथियार बरामद कर लिया है और मामले की जांच मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग को सौंप दी गई है।