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40 घंटों की पूछताछ के बाद फिर एक बार ईडी के सामने पेश होंगे राहुल, इस मामले में होगी…

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बीते कुछ समय से ईडी एक के बाद एक बड़े नेता के खिलाफ कार्यवाई कर रही है। पिछले कुछ समय में मनी लांड्रिंग के मामले में ईडी ने कई बड़े नेताओं को सलाखों के पीछे भी डाल दिया है और अब उसके निशाने पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी आ गए हैं। ईडी ने मनी लांड्रिंग के मामले में राहुल गांधी से हाल ही पूछताछ की थी। जिसको लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा आंदोलन किया गया था। नेताओं की मांग थी कि राहुल गांधी से पूछताछ न की जाए। लेकिन उनकी इस मांग को खारिज करते हुए ईडी ने राहुल गांधी से करीब 40 घंटे तक पूछताछ की।

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 40 तक पूछताछ के बाद राहुल की मांग पर उनको एक दिन की मोहलत दी गई थी। राहुल का कहना था कि उनकी मां की तबीयत ठीक नहीं है। जिसके चलते ईडी उनको एक दिन का ब्रेक दें। वह अपनी मां के साथ रहना चाहते हैं। राहुल की इस मांग को पूरा करते हुए ईडी ने उनको सोमवार तक की मोहलत दी थी। जिसके बाद अब एक बार और उनको पूछताछ के लिए ईडी के कार्यालय वापस बुला लिया गया है।

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समझा जाता है कि ‘यंग इंडियन’ की स्थापना, ‘नेशनल हेराल्ड’ के संचालन और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को कांग्रेस द्वारा दिए गए कर्ज तथा मीडिया संस्था के भीतर धन के हस्तांतरण से जुड़े सवाल राहुल गांधी से पूछे गए गए हैं। गोरतलब हैं कि राहुल के बाद कांग्रेस के कई बड़े नेताओं से भी पूछताछ की जाएगी। इनमें सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी का भी नाम शामिल है।

फिर एक बार बढ़ी महाराष्ट्र सरकार की मुसीबत, शीर्ष नेता 11 अन्य पार्टी विधायकों समेत…

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महाराष्ट्र में इन दिनों सियासी तापमान काफी बढ़ा हुआ दिखाई दे रहा है। राज्यसभा में हार का सामना करने के बाद उद्धव ठाकरे की शिवसेना गुस्से से भड़क उठी है। इसके साथ ही पार्टी को एमएलसी चुनाव की भी टेंशन है। दरअसल, भाजपा लगातार बदलाव की ओर बढ़ती जा रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि उद्धव ठाकरे के हाथ फिर एक बार हार लग सकती है। इस बीच बड़ी खबर है कि शिवसेना के शीर्ष नेता एकनाथ शिंदे ने अचानक से बाजी पलट दी है। उनको 11 पार्टी विधायकों के साथ गुजरात के सूरत के एक होटल में देखे जाने की खबरें सामने आई हैं।

अगर ये खबरें सही हैं तो उद्धव ठाकरे की सरकार काफी मुसीबत में पड़ सकती है। बताया जा रहा है कि एकनाथ शिंदे पार्टी के किसी भी विधायक के संपर्क में नहीं हैं। सूत्रों के अनुसार वह जल्दी ही एक कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं। इस कॉन्फ्रेंस में वह मीडिया को संबोधित करेंगे। गोरतलब हैं कि शिंदे शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। पिछले कुछ दिनों से वह पार्टी से काफी नाराज़ चल रहे थे। सिर्फ शिवसेना से ही नहीं बल्कि कांग्रेस और एनसीपी से भी उनका कनेक्शन कुछ अच्छा नहीं था।

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हालांकि महा विकास अघाड़ी के नेताओं का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं हैं। शिंदे अब भी उनके संपर्क में हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता महेश तापसे का कहना है कि “महा विकास अघाड़ी सरकार का भविष्य बिल्कुल सुरक्षित है।” वहीं, शिवसेना के पूर्व नेता नारायण राणे का कहना है कि “ऐसी चीजों पर कोई टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए।” बताते चलें कि नारायण राणे भी अब भाजपा में शामिल हो चुके हैं।

अग्निपथ योजना के विरोध में युवाओं ने किया भारत बंद का ऐलान, इन राज्यों ने बढ़ाई सुरक्षा…

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देश के युवाओं द्वारा आज यानि 20 जून को भारत बंद का ऐलान किया है। जिसको देखते हुए देश भर के राज्यों में काफी सुरक्षा का इंतजाम कर लिया है। पिछले कुछ दिनों से अग्निपथ योजना के खिलाफ कई राज्यों में युवाओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा देखने को मिली। सरकारी संपत्तियों का भी खूब नुकसान किया गया। जिसको मद्देनजर रखते हुए राज्य सरकारों ने भारत बंद के दौरान कड़ी सुरक्षा का प्रबंध कर लिया गया है। जगह जगह पर पुलिस तैनात कर दी गई है। बता दें कि अब तक बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में अग्निपथ योजना के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन भी हुए हैं।

इसको देखते हुए ही राज्य सरकारों ने सुरक्षा को बढ़ा दिया है। यूपी नोएडा पुलिस के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि “गौतम बुद्ध नगर में धारा 144 पहले ही लागू है, ऐसे में कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की किसी भी कोशिश से सख्ती से निपटा जाएगा। ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे में शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन को लेकर 200 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।” इनके अलावा फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता सुबे सिंह ने भी बयान जारी कर राज्य में बढ़ाई गई सुरक्षा का जिक्र किया है।

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उन्होंने कहा है कि “हमने भारत बंद को लेकर सभी तरह की तैयारी कर रखी है. हम इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि बंद के दौरान शहर में किसी तरह की कोई घटना ना हो. साथ ही हम आम जनता से अनुरोध करते हैं कि वो अग्निपथ योजना को लेकर किसी तरह की अफवाह को ना फैलाएं। हमने शहर में जगह-जगह ब्लॉक्स लगाएं हैं साथ ही सभी एसीपी को बंद के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष निर्देश भी दिए गए हैं।”

MLC चुनाव से पहले भाजपा ने बढ़ाई उद्धव ठाकरे की परेशानी, इतनी सीटों पर…

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कई राज्यों की सरकार पर भाजपा भारी पड़ती नजर आ रही है। पिछले कुछ दिनों पहले ही देखा गया था कि राज्यसभा चुनाव में किस तरह महाराष्ट्र सरकार को हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन अब फिर एक बार भाजपा की चुनाव रणनीति की वजह से महाराष्ट्र सरकार को हार का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान उद्धव ठाकरे की शिवसेना सतर्क हो गई है और चुनाव को जीतने की तैयारियों में जुट गई है। सिर्फ शिवसेना ही नहीं बल्कि उनके समर्थक दल, एनसीपी और कांग्रेस भी चुनाव रणनीति बनाने में लग चुके हैं।

दरअसल, सोमवार को महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव होने हैं। इस चुनाव को जीतने के लिए शिवसेना एड़ी से चोटी तक का जोर लगा देगी। आपको बता दें कि इस बार महाराष्ट्र विधान परिषद की 10 सीटों के लिए कुल 11 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें शिवसेना और कांग्रेस ने मिलकर 4 उम्मीदवारों को मैदान में उतारने का फैसला किया है। जबकि बीजेपी पांच उम्मीदवारों को मैदान में उतारने को तैयार है। ऐसे में माना जा रहा है कि भाजपा के 9 उम्मीदवारों को आसानी से जीत मिल जाएगी।

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इसके साथ ही आखरी सीट पर भी कांग्रेस के मुंबई अध्यक्ष भाई जगताप और बीजेपी के प्रसाद लाड के बीच जबरदस्त टक्कर होने की संभावना है। जिसके चलते उद्धव ठाकरे की परेशानियां और भी ज्यादा बढ़ चुकी हैं। अगर इस दौरान निर्दलीय विधायकों का समर्थन भाजपा को मिल जाता है तो इस सीट पर भी भाजपा की जीत पक्की है। कुछ दिनों पहले हुए राज्यसभा चुनाव को लेकर उद्धव ठाकरे ने एक बयान भी जारी किया। उन्होंने कहा कि “राज्यसभा चुनाव में हार दुर्भाग्यपूर्ण थी। राज्यसभा चुनाव में शिवसेना के वोट नहीं बंटे थे। हमें अंदाजा है कि क्या गलत हुआ। एमएलसी चुनाव दिखाएगा कि हमारे बीच कोई फूट नहीं है।”

केंद्र के इस फैसले के खिलाफ युवाओं का प्रदर्शन, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले…

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पिछले कुछ सालों से केंद्र के फैसलों के खिलाफ प्रदर्शन होता देखा जा रहा है। पहले सीएए, एनआरसी के मुद्दे पर जमकर प्रदर्शन हुआ। उसके बाद कई महीनों तक किसानों का आंदोलन जारी रहा और अब एक और बड़े प्रदर्शन का आगाज हो चुका है। केंद्र द्वारा भारतीय सेना में भर्ती के लिए जारी की गई अग्निपथ योजना के खिलाफ हजारों युवा सड़कों पर उतर आए हैं। इस विरोध प्रदर्शन में खास तौर पर बिहार के युवाओं ने हिस्सा लिया है। खबर मिली है कि बिहार के युवा सड़कों के साथ साथ रेलवे ट्रैक पर भी उतर आए हैं।

युवाओं ने रेल रोको आंदोलन शुरू किया है, इसके साथ ही कई हाईवेज को भी ब्लॉक कर दिया है। जानकारी के अनुसार बिहार के युवाओं द्वारा ट्रेन पर पथराव भी किया गया है और साथ ही ट्रेन की बोगी में आग भी लगाई गई है। हालांकि इसके खिलाफ एक्शन लेते हुए बिहार पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर युवाओं को खदेड़ दिया। खबरों के अनुसार प्रदेश के जहानाबाद, नवादा और सहरसा में प्रदर्शन ज्यादा तेज है। एनएच-83 और एनएच-110 को जाम भी कर दिया गया है।

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प्रदर्शन के दौरान कई युवाओं को चोट भी लगी है। पथराव के दौरान ट्रेन का भी काफी नुकसान हुआ है। कई शीशे टूट भी चुके हैं। ऐसे में पुलिस ने अपनी कार्यवाई भी तेज करदी है। प्रदर्शन के दौरान हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जा रही है। बता दें कि पत्थरबाजी जहानाबाद स्टेशन के समीप हुई, जिसके बाद पुलिस ने छात्रों को खदेड़ कर रेलवे ट्रैक को खाली कराया।

एक ही दिन में 12 हजार के पार पहुंचा कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा, हुई इतनी मौतें…

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कोरोना के नए मामलों में उतार चढ़ाव जारी है। लेकिन पीछे कुछ समय से केवल मामलों में बढ़त दिल्ली जा रही है। इस बीच आज सामने आई ताजा रिपोर्ट के अनुसार देश भर में कोरोना के मामलों में काफी बड़ा उछाल आया है। बताते चलें कि पिछले 24 घंटों में कोरोना से संक्रमित होने वाले मरीजों की संख्या 12 हजार के पार पहुंच गई है। ये आंकड़े काफी परेशान करने वाले आंकड़े हैं। सरकार इनको देख काफी परेशान है। माना जा रहा है कि अगर मामलों में इस तरह से ही उछाल आता रहेगा तो भारत में फिर एक बार प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले 24 घंटों में देश भर में कोरोना के 12,213 नए केस दर्ज किए गए हैं। इसके साथ ही इस दौरान 11 लोगों की मौत भी हुई। जिसके चलते देश भर में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 5 लाख 25 हजार के पार पहुंच गई है। वहीं, अगर बात करें कोरोना को मात देकर ठीक होने वाले मरीजों की तो पिछले 24 घंटों में 7,624 लोगों ने कोरोना को मात दी है। जिसके चलते ये आंकड़ा 4,26,74,712 पर पहुंच गया है।

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मौजूदा समय में देश में कोरोना के केवल 58,215 मामले मौजूद हैं। ये संख्या भी पिछले कुछ दिनों में तेजी के साथ बढ़ी है। गोरतलब हैं कि रिकवरी दर वर्तमान में 98.65% है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले 24 घंटों में कोरोना के 5,19,419 टेस्ट किए गए हैं। जबकि अब तक 85.63 करोड़ परीक्षण किए जा चुके हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि आने वालें दिनों में कोरोना के मामलों में और बढ़त हो सकती है।

बोरवेल में फंसे राहुल को बाहर निकालने में सफल भारतीय सेना, 100 घंटों से अधिक…

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बीते शुक्रवार को जांजगीर-चांपा जिले के पिरहिद गांव में अपने ही घर के खुले बोरवेल में गिरे एक बच्चे को बचा लिया गया है। जानकारी के अनुसार इस बच्चे का नाम राहुल है और वह महज 10 साल का है। इस बच्चे को बचाने में सबसे बड़ी परेशानी तो ये रही कि वह ना तो बोल सकता था और न ही सुन सकता था। यह बच्चा 10 जून को 4 बजे करीब इस बोरवेल में गिरा था। जिसके करीब 104 घंटे बाद भारतीय सेना के जवानों की मदद से बाहर निकल लिया गया है और साथ ही उसे अस्पताल भी भेज दिया गया है। जानकारों की माने तो इस दौरान उसके मां बाप भी उसके साथ मौजूद थे।

बता दें कि देश में अब तक बच्चों के बोरवेल में गिरने की बहुत सी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लेकिन ये घटना सबसे ज्यादा लंबे समय तक चली है। इससे पहले साल 2006 में हरियाणा के कुरुक्षेत्र में प्रिंस को 50 घंटों की मुशक्कतों के बाद बाहर निकाला गया था। गोरतलब हैं कि एनडीआरएफ, सेना, स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों सहित 500 से अधिक कर्मी शुक्रवार शाम से चल रहे व्यापक बचाव अभियान में शामिल थे। लेकिन फिर भी राहुल हो बाहर निकलने में इतना टाइम लगा।

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बोरवेल की गहराई 65 फीट बताई जा रही है। बच्चे की जिंदगी को बचाने की इस प्रक्रिया पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पूरी नजर रखे हुए थे। बच्चे के बाहर आते ही उन्होंने ट्वीट किया कि “चुनौती बड़ी थी। हमारी टीम भी कहां शांत खड़ी थी। रास्ते अगर चट्टानी थे। तो इरादे हमारे फौलादी थे। सभी की दुआओं और रेस्क्यू टीम के अथक, समर्पित प्रयासों से राहुल साहू को सकुशल बाहर निकाल लिया गया है। वह जल्द से जल्द पूर्ण रूप से स्वस्थ हो, ऐसी हमारी कामना है।”

राष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में मची हड़कंप, कांग्रेस के विरोध में केसीआर..

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राष्ट्रपति चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू की जा चुकी हैं। भाजपा के साथ साथ विपक्षी दल भी अपनी रणनीति लिए मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। ऐसे में आज विपक्षी दलों की एक अहम बैठक होने जा रही है। जिसमें राष्ट्रपति उम्मीदवार के नाम पर भी चर्चा हो सकती है। जानकारी के अनुसार आज दोपहर 3 बजे तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बैठक करेंगी और इस बैठक में विपक्षी नेताओं की एक कमेटी बनने पर भी विचार किया जा सकता है। सूत्रों की माने तो इस बैठक में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव की पार्टी हिस्सा नहीं लेगी।

इसके साथ ही पता चला है कि के.चंद्रशेखर राव कांग्रेस या भाजपा को समर्थन देने से सहमत नहीं हैं। इस नाराजगी के पीछे की वजह बताते हुए पार्टी ने कहा कि हमें कांग्रेस के बैठक में शामिल होने से आपत्ति है। जिसके चलते ही वह इस बैठक में शामिल नहीं होने वाले। बताते चलें कि हाल ही में एक जनसभा में राहुल गांधी ने बीजेपी के खिलाफ बिना कुछ बोले टीआरएस सरकार पर निशाना साधा था। कहा जा रहा है कि कांग्रेस तेलंगाना में टीआरएस को गिराने के लिए भाजपा का साथ दे रही है।

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इसके अलावा पार्टी का आरोप है कि “लोकसभा चुनाव से लेकर हुजुराबाद उपचुनाव तक, बीजेपी को जिताने के लिए कांग्रेस अपनी जमा पूंजी भी गंवाने को तैयार थी तो किसी भी बिंदु पर ऐसी पार्टी में विश्वास का कोई सवाल नहीं है। उम्मीदवार पहले ही चुन लिया गया और बाद बैठक बुलाई गई है। बताइये ऐसा क्यों किया। सही प्रक्रिया यह होती कि बैठकें आयोजित की जातीं, आम सहमति पर पहुंचे, उम्मीदवार पर स्वीकृति ली जाती और बैठक के बाद नाम की घोषणा की जाती। इसलिए टीआरएस बैठक में हिस्सा नहीं लेगी। हमारी पार्टी राष्ट्रपति चुनाव में किस तरह मतदान करेगी इस बारे में निर्णय और घोषणा बाद में की जाएगी।”

सत्याग्रह मार्च के दौरान कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की पसली में हुआ फ्रैक्चर, ट्विटर पर दिया बयान…

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सोमवार को राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष पेशी के दौरान पार्टी के कई बड़े और छोटे नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान कई पुलिस द्वारा कई नेताओं पर जानलेवा हमला किया जाने की बात कही जा रही है। इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम के साथ भी पुलिस ने बुरा बर्ताव किया, साथ ही उनके साथ धक्का मुक्की भी की गई। जानकारी के अनुसार धक्का मुक्की के बीच उनकी बाईं पसली में फ्रैक्चर हो गया। जिसको लेकर उन्होंने एक ट्वीट भी किया है।

उन्होंने लिखा कि “जब तीन मोटे पुलिसकर्मी आप से टकराते हैं, तो आप यकीनन भाग्यशाली होते हैं कि एक संदिग्ध हेयरलाइन क्रैक मात्र होकर रह जाता है. डॉक्टरों ने कहा है कि अगर हेयरलाइन में कोई क्रैक है, तो यह लगभग 10 दिनों में खुद ही ठीक हो जाएगा।” उनके अलावा कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी एक बयान जारी कर इस घटना का हाल बताया है। उन्होंने बताया है कि सिर्फ पी चिदंबरम ही नहीं बल्कि कई नेताओं को इस दौरान चोट लगी है।

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एक वीडियो जारी के उन्होंने कहा कि “मोदी सरकार बर्बरता की हर हद पार कर गई। पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम के साथ पुलिस की धक्कामुक्की हुई, चश्मा जमीन पर फेंका गया, उनकी बायीं पसलियों में हेयरलाइन फ्रैक्चर है। सांसद प्रमोद तिवारी को सड़क पर फेंका गया। सिर में चोट और पसली में फ्रैक्चर है। क्या यह प्रजातंत्र है? क्या विरोध जताना अपराध है?” जानकारी के अनुसार पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम अब पूरी तरह ठीक हैं और कल से ही काम पर वापसी कर सकते हैं।

एमएसओ और केबल ऑपरेटरों को बंगाल सरकार की सलाह, टीवी पर “सांप्रदायिक टोन” वाली…

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पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी के बाद देश भर में हंगामा मचा हुआ है। देश के कई राज्यों में इसको लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया जा रहा है। हाल ही में पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भी काफी हंगामा देखा गया। इस बीच कोलकाता में हिंसा की खबरें भी सामने आ रही थीं। जिनको देखते हुए अब पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। खबरों की माने तो ममता बनर्जी सरकार ने सोमवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य में सभी मल्टीपल सिस्टम ऑपरेटरों (एमएसओ) और केबल ऑपरेटरों को सलाह दी है।

इसको लेकर जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि राज्य में कई टीवी चैनल्स द्वारा खबरों और घटनाओं को इस तरह से दिखाया जा रहा है, जिसको देखने और सुनने के बाद लोगों में इसका डर बैठ रहा है। सरकार का कहना है कि ऐसा करने से ये न्यूज़ चैनल लोगों की शांति को भंग कर रहे हैं। इसलिए पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने इसको लेकर सभी मल्टीपल सिस्टम ऑपरेटरों और केबल ऑपरेटरों को सलाह दी है कि इस तरह की खबरें न दिखाई जाए।

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बयान में कहा गया कि “राज्य सरकार सभी एमएसओ और केबल ऑपरेटरों को दृढ़ता से सलाह देती है, जो विभिन्न निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों के ऐसे समाचार और कार्यक्रम प्रसारित कर रहे हैं, जो ऐसी किसी भी सामग्री को प्रसारित करने से तुरंत बचना चाहिए जो उपर्युक्त केबल टेलीविजन नेटवर्क अधिनियम, 1995 का उल्लंघन है।” गोरतलब हैं कि सिर्फ पश्चिम बंगाल में ही नहीं बल्कि देश के कई राज्यों में इसको लेकर विवाद जारी है। ये विवाद कई मुस्लिम देशों तक भी पहुंच चुका है। कई मुस्लिम देश तो भारत को बॉयकॉट करने की बात भी कह चुके हैं।