नयी दिल्ली : विपक्षी पार्टियों की मांग पर आज राज्यसभा में कश्मीर मुद्दे पर एक बार फिर चर्चा शुरू हुई है. चर्चा की शुरुआत विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने की. कश्मीर मुद्दे पर चर्चा के लिए राज्यसभा के प्रश्नकाल को रद्द कर दिया गया है. कांग्रेस के सांसद और नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घेराबंदी करते हुए कहा कि वजीर-ए-आजम सदन चलने के दौरान हर दिन समय पर 10 बजे संसद परिसर स्थित अपने कमरे में पहुंच जाते हैं और शाम छह बजे तक रहते हैं. मैं रोज उनकी गाड़ी को आते देखता हूं. और, उनके कमरे से लोकसभा की दूरी महज कुछ सेकेंड की है, जबकि राज्यसभा मुश्किल से पौने मिनट की दूरी पर है, लेकिन ऐसा लगता है कि सेकेंडों की यह दूरी हजारों किलोमीटर की दूरी से अधिक बड़ी है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कि मध्यप्रदेश आखिर कब से देश की राजधानी हो गयी है? ध्यान रहे कि कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्यप्रदेश दौरे पर ही पहली बार कश्मीर मुद्दे पर बयान दिया था और कहा था कि कश्मीर समस्या का समाधान वाजपेयी के सिद्धांतों के अनुरूप जम्हूरिय, इंसानियत और कश्मीरियत के आधार पर किया जायेगा.
गुलाम नबी आजाद ने गृहमंत्री द्वारा कश्मीर पर चर्चा के लिए राजी होने को सार्थक पहल बताया. आजाद ने कश्मीर मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा कि संसद परिसर में रहने के बाद भी इस गंभीर मुद्दे पर वे सदन में आकर बयान क्यों नहीं देते.
आजाद ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कश्मीर के हालात जैसे गंभीर मुद्दे पर मध्य प्रदेश में बयान दिया. उन्होंने संसद में बयान देना जरूरी नहीं समझा. आजाद ने व्यंगात्मक अंदाज में कहा कि मध्य प्रदेश देश की राजधानी कब बन गयी? आजाद ने कहा कि कश्मीर को केवल उसकी सुंदरता के लिए नहीं याद किया जाना चाहिए.
आजाद ने कहा कि कश्मीर के रूप में हमारा ताज जल रहा है. इसकी तपन दिल तक ना सही सिर तक तो मिलती ही होगा. कश्मीरी आवाम को लेकर उन्होंने कहा कि उनके बारे में चिंता करनी चाहिए. आजाद ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि आपका काम आग लगाना है. आप जहां भी कदम रखते हैं, वहां आग लग जाती है.
आजाद ने कहा 20-22 साल पहले से आतंकवादियों के उपद्रव के कारण जम्मू कश्मीर को शांत करने का काम केवल वहां की स्थानीय पुलिस का नहीं रह गया. पुलिस और अर्द्धसैनिक बल पर वहां शांति बहाल करने का जिम्मा है. उसका उपयोग सरकार सही ढंग से करे. आजाद ने कहा कि आतंकवाद केवल आतंकवाद होता है. आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता.
आजाद के बोलने के क्रम में सदन में सत्तापक्ष के सांसदों ने आग लगने वाले उनके बयान पर कड़ी आपत्ति जतायी. इस दौरान हस्तक्षेप करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कश्मीर आज एक संवेदनशील स्थिति का सामना कर रहा है. हमें कश्मीर मुद्दे पर एक सुर में बात करनी चाहिए और इस पर चर्चा के लिए राष्ट्रीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए.
कश्मीर : मोदी पर नबी के तीखे कटाक्ष, क्षण भर की दूरी हजारों किमी से अधिक
PM मोदी का आदेश, फोन पर बात करना कम कर दें सभी सांसद
पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलावर को हुई संसदीय दल की बैठक में अपने सांसदो की क्लास ली. पीएम ने इस बैठक में सांसदों को फोम पर कम बात करने को कहा. पीएम ने सांसदो से कहा की आप सभी बहुत काम करते है. लेकिन एक बार आप मोबाइल फोन पर दिनभर में जितनी बात करते है, उसका डाटा निकाल लीजिए. फिर दिनभर में फोन पर बात करने में 25 प्रतिशत की कटौती कर दीजिए. उसके बाद आप अपने कामों को समय से पूरा कर दिया करेंगे. इससे आपकी ऊर्जा भी बचेगी और आप ज्यादा से ज्यादा लोगों से मिल सकेगें.
इसके बाद पीएम मोदी ने मीटिंग में अपने सांसदो से कहा की आपको सांसद बने और सरकार को बने दो साल से ज्यादा हो गए हैं. सरकार ने अपने दो साल के कामों की रिपोर्ट जनता के सामने रख दी हैं. लेकिन आप में ज्यादातर लोगों ने अभी तक अपने क्षेत्र में किए गए काम की, सरकार की योजनाओं से आपके क्षेत्र की जनता को कितना लाभ मिला है, उसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं दी हैं. ये चिंता का विषय है, इसलिए जल्दी से जल्दी अपनी रिपोर्ट ऑनलाइन जमा कराइए.
इस साल बजट सत्र के दौरान भी पीएम मोदी ने बीजेपी संसदीय दल की बैठक में कहा था कि इस बात का ध्यान सबको रखना चाहिए की सिर्फ सरकार और मेरे सांसद के तौर पर दो साल पूरे नहीं हो रहे हैं, बल्कि आपके भी दो साल पूरे हो रहे हैं. अब समय आ गया है कि कार्यकर्मों के जरिए हम जनता के बीच जाकर सरकार की योजनाओं का और सरकार की उपलब्धियों के बारे में जाकर बताए. साथ ही अपने दो साल के कामों की रिपोर्ट तैयार करे और पार्टी फोरम पर जमा कराए. पिछले तीन महीनों ये दूसरा मौका है जब पीएम ने सांसदो की क्लास ली हों.
संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा की आप लोगों को फोन पर बात करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि कोई आपकी बात को रिकॉर्ड तो नहीं कर रहा है. 2005 में कुछ सांसदो का स्टिंग ऑपरेशन किया गया था, उसके बाद उन सांसदो की सदस्यता रद्द हो गई थी. कुछ लोग आपको लालच देकर फंसाने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए आप उनकी साजिश में ना फंसे.
कोई कुछ भी कहे लेकिन पीएम मोदी खुद भी काम करना चाहते है, और अपनी पार्टी के सांसदों से भी काम करवाना चाहते है. लेकिन बीजेपी के सांसद हैं कि पीएम मोदी की बात भी सुनने को तैयार नहीं हैं. मोदी को जानने वाले कहते हैं कि जब टिकट काटने पर आते हैं, तो बड़े से बड़े नेता की टिकट काटने में तनिक भी देरी नहीं करते है.
चलती ट्रेन में छत काटकर चुराए 5 करोड़, RBI को भेजे जा रहे थे 342 करोड़
तमिलनाडु के ट्रेन में चलती ट्रेन में फिल्मी स्टाइल में डकैती का मामले सामने आया है. डकैतों ने इस वारदात को ट्रेन की छत काटकर अंजाम दिया. इस ट्रेन के कोच से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को 340 करोड़ रुपये कैश भेजे जा रहे थे. डकैताें ने इसमें से 5 करोड़ रुपये चुरा लिए.
आरबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि ट्रेन से 340 करोड़ रुपये फटी पुरानी नकदी 226 पेटी में सलेम से चेन्नई भेजी जा रही थी. ट्रेन के यहां पहुंचने के बाद 226 पेटी में नकदी से भरी चार पेटी से छेड़छाड़ की घटना सामने आने के कुछ घंटे बाद आईजीपी एम रामसुब्रमणि ने बताया कि पांच करोड़ रुपये की चोरी हुई है.
अधिकारी ने कहा, ‘सलेम से चेन्नई पहुंचने के बाद लकड़ी की 226 पेटी में से चार पेटी में छेड़छाड़ पाई गई.’ पुलिस ने बताया कि नकदी पेटी से भरे तीन मालवाहक डिब्बों में एक का एयरवेंट टूटा हुआ पाया गया जिससे संदेह है कि कोई ऊपर से घुसा.
पुलिस को संदेह है कि अपराधी सलेम-वृद्धाचलम खंड पर कोच में घुसे होंगे जहां पर ट्रेन बिजली पर नहीं बल्कि डीजल इंजनों पर चलती है जिससे लुटेरों के लिए उपर से रास्ता बनाना आसान हो गया होगा. पुलिस ने बताया कि वे कई एंगल से जांच कर रहे हैं कि नकदी के लिए मुहैया करायी गयी पुलिस सुरक्षा के बावजूद चोरी कैसे हुई. पेटी में 2005 से पहले की नकदी के साथ ही कटे-फटे नोट भी थे.
नवाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र को लिखा पत्र, फिर उठाया कश्मीर मुद्दा
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर कश्मीर के मुद्दे को उठाया है। शरीफ ने इस मसले पर संयुक्त राष्ट्र (यूएन) को पत्र लिखा है। पत्र में नवाज ने भारतीय सुरक्षाबलों पर कश्मीर में हिंसा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने यूएन से इसे रोकने की मांग की है।
एक अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, शरीफ ने यह लेटर संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून और मानवाधिकार मामलों पर संयुक्त राष्ट्र के हाई कमिश्नर प्रिंस जाएद अल हुसैन को लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि कश्मीर में मानवाधिकार का जो लगातार उल्लंघन हो रहा है, उस पर रोक लगाई जाए। इसके साथ ही शरीफ ने यह भी मांग की, कि इस बारे में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव को लागू किया जाए, जो जनमत संग्रह के जरिए कश्मीरियों को आत्मनिर्णय की क्षमता प्रदान करता है।
शरीफ ने इस लेटर में कश्मीर में मानवाधिकारों के हनन के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि हालिया हिंसा के दौरान 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 3500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं जिनमें से 400 की हालत नाजुक है। बता दें कि इससे पहले मंगलवार को ही शरीफ ने कहा था कि कश्मीर के उत्पीडि़त लोगों की आवाज बनना उनका दायित्व है और वह घाटी के लोगों की स्थिति के बारे में दुनिया को समझाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे।
शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र की आगामी महासभा की तैयारी के लिए आयोजित एक बैठक के दौरान ऐसा कहा था। इस बैठक में विदेश मामलों पर उनके सलाहकार सरताज अजीज, विदेश मामलों पर विशेष सहायक तारिक फातमी, विदेश सचिव एजाज अहमद चौधरी, संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की स्थायी प्रतिनिधि मलीहा लोधी और अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत जलील अब्बास जिलानी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
दक्षिण चीन सागर पर किए गए वादे से पीछे हट रहा है चीन: अमेरिका
वॉशिंगटन। अमेरिका का कहना है कि विवादित दक्षिण चीन सागर के एक मानव निर्मित द्वीप पर चीन की सैन्य मौजूदगी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के इस क्षेत्र के बारे में दिए बयान पर सवाल खड़े करती हैं। विदेश विभाग की प्रवक्ता एलिजाबेथ ट्रूडो ने संवाददाताओं से कहा कि इस तरह की दोहरी निर्माण गतिविधि से क्षेत्र में तनाव बढ़ा है।
उन्होंने चीन की पिछले सितंबर में राष्ट्रपति शी के दिए उस बयान का अनुपालन करने की इच्छा पर भी सवाल उठाया जिसमें कहा गया था कि चीन अपनी बाहरी चौकियों का सैन्यीकरण करने की कोई इच्छा नहीं रखता। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां क्षेत्रीय सहयोगियों के उस भरोसे को कमतर करती हैं कि चीन विवादित मुद्दों का समाधान जबरन बल प्रयोग का तरीका अपनाए बिना ही करना चाहता है।
एलिजाबेथ हाल में वॉशिंगटन स्थित एक विचारक मंडल की ताजा रिपोर्ट के संदर्भ में पूछे गए सवाल का जवाब दे रही थी। इस रिपोर्ट में उपग्रह से खींची गई तस्वीरों के जरिए यह बताया गया है कि चीन ने दक्षिण चीन सागर स्थित अपने मानव निर्मित द्वीप पर सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी हैं।
उन्होंने कहा कि दक्षिण चीन सागर पर अपना अपना दावा पेश करने वाले सभी देशों से गुजारिश है कि वे विवादित क्षेत्र में धरती पर कब्जा करना और वहां नई सैन्य सुविधाओं का विस्तार करना बंद करें और इसकी जगह 12 जुलाई को आई अंतरराष्ट्रीय अदालत की व्यवस्था के जरिए पेश अवसर का लाभ उठाकर आपसी समझदारी से विवाद का समाधान करें।
सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक इंटरनेशनल स्टडीज के अनुसार ताजा उपग्रह तस्वीरें दिखाती हैं कि चीन ने इस कृत्रिम द्वीप पर विमानों को रखने वाले हैंगर बना लिए हैं। एलिजाबेथ ट्रूडो ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां चीन द्वारा जताई उस इच्छा पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं कि वह राष्ट्रपति शी के इस संबंध में दिए बयान का पालन करने की मंशा रखता है।
तीसरा टेस्ट: केएल राहुल करेंगे ओपनिंग, सीरीज जीतने की तैयारी में भारत
भारतीय कप्तान विराट कोहली ने सोमवार को साफ़ कर दिया है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टेस्ट में भी टीम इंडिया के ओपनिंग पेयर में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इसका साफ़ मतलब है कि कोहली इस मैच में भी चोटिल मुरली विजय की जगह लोकेश राहुल से ही पारी कि शुरूआत कराने वाले हैं। राहुल ने पिछले मैच में विजय की जगह खेलते हुए 158 रन बनाये थे।
कोहली ने मैच से पहले आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि ये अच्छी बात यह है कि तीनों सलामी बल्लेबाज अच्छा खेल रहे हैं। बुरी बात यह है कि इनमें से दो को ही चुना जा सकता है। हमें टीम प्रबंधन के रूप में यह फैसला लेना है। अच्छी बात यह है कि विजय फिट हो रहा है और उसने नेट अभ्यास भी किया। कोहली ने आगे कहा कि चोट पर किसी का बस नहीं है। आईपीएल में भी एक मैच में मनदीप फिट था और उसका खेलना तय था। टॉस के समय उसे चोट लग गई और राहुल को मौका मिला। इसके बाद से राहुल ने मुड़कर नहीं देखा।
वेस्टइंडीज के कप्तान जैसन होल्डर ने कहा कि उनकी टीम के शीर्ष क्रम को सेंट लुसिया में मौजूद कैरेबिया की सर्वश्रेष्ठ पिच पर अच्छा प्रदर्शन करने की और पिच का फायदा उठाने की जरूरत है। तीसरा टेस्ट मंगलवार को यहां के डेरेन सामी स्टेडियम में शुरू होगा।
होल्डर ने सोमवार को यहां कहा, अगर आप पहले दो टेस्ट मैचों पर ध्यान दें तो अंतर यह था कि शीर्ष क्रम अच्छे प्रदर्शन में नाकाम रहा। उन्होंने कहा, मुक्षे लगता है कि उन्हें अच्छे प्रदर्शन के लिए थोड़ी और मेहनत करने की जरूरत है। एक बार वह फॉर्म में आ गए जैसे कि डेरेन ब्रावो, क्रेग ब्रैथवेट और मर्लोन सैमुअल्स तो हम सब को पता है कि एक बार अच्छी शुरूआत मिलने पर वह क्या कर सकते हैं। बस अच्छी शुरूआत मिलने की देरी है और वह लय में आ जाए, मैच को वहां से आगे ले जाएं।
अभिनव बिंद्रा के प्रदर्शन से खुश हैं उनके ट्रेनर, बोले, 'मेडल से ज्यादा कोशिश का महत्व'
रियो डि जेनेरो: अभिनव बिंद्रा के तकनीकी ट्रेनर हेंज रेंकेमियर ने ओलिंपिक पदक के लिए भारतीय मीडिया के ‘जुनून’ की निंदा करते हुए कहा कि पदक के बिना भी इस निशानेबाज का प्रदर्शन अच्छा था. शूट ऑफ में पिछड़ने के बाद 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में बिंद्रा चौथे स्थान पर रहे.
रियो में चौथे स्थान पर रहने के साथ ही बिंद्रा के शूटिंग रेंज को अलविदा कहने के बाद जर्मनी के हेंज ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं आपको स्पष्ट कर दूं. यह मीडिया की समस्या है. वे आते हैं और स्वर्ण पदक चाहते हैं. उनकी खेलों या व्यक्तिगत खिलाड़ियों में रुचि नहीं है. वे सिर्फ स्वर्ण चाहते हैं, स्वर्ण और सिर्फ स्वर्ण.’’ भारत के एकमात्र ओलिंपिक व्यक्तिगत स्वर्ण पदक विजेता बिंद्रा अपने दूसरे ओलिंपिक पदक से चूक गए लेकिन हेंज ने कहा कि वे प्रदर्शन से खुश हैं.
उन्होंने कहा, ‘‘शायद यह सिर्फ भारत में ही होता है. आप खिलाड़ियों को भेजते हैं जिन्हें यूरोप या संभवत: चीन जैसी अच्छी ट्रेनिंग नहीं मिलती है और आप पूछते रहते हैं कि आपको स्वर्ण पदक क्यों नहीं मिला. यह समझने की कोशिश कीजिए कि अच्छे प्रदर्शन की अपनी अहमियत होती है. मेरे लिए आज का प्रदर्शन काफी अच्छा था.’’
बिंद्रा को उक्रेन के सेरही कुलीश ने शूट आफ में 0 . 5 अंक से पछाड़ा जिसके बाद वह चौथे स्थान पर रहे. हेंज ने कहा कि भाग्य बिंद्रा के साथ नहीं रहा. उन्होंने कहा, ‘‘साल दर साल खिलाड़ियों में बदलाव आ रहे हैं और प्रतियोगिता में भी. हम भी जरूरी बदलाव करते हैं. अगर हम आज की तुलना करें तो वह शायद पदक से दो या तीन 10 अंक के शॉट से दूर थे. बीजिंग में भाग्य उनके अधिक साथ था.’’ उन्होंने कहा, ‘‘एथेंस में वह शानदार फार्म में थे लेकिन भाग्य उनके साथ नहीं था. निशानेबाजी में 20 लड़के एक ही स्तर पर होते हैं. अगर आप इसे 20 बार दोहराओगे तो आपको 10 अलग विजेता मिलेंगे. आज हम भाग्यशाली नहीं थे. लेकिन हम दोनों संतुष्ट हैं.’’
कपिल शर्मा ने एक बार फिर शो के बीच में कर दी नवजोत सिंह सिद्धू की खिंचाई
कॉमेडी सीरियल की जब भी बात होती है तो सबसे पहले द कपिल शर्मा शो का नाम आता है। शो के होस्ट कपिल शर्मा का मजाक करने का अंदाज लोगों को खूब पसंद आता है। आम आदमी के रोजमर्रा के जीवन से जुड़ी बातों से वह ऐसी बातों को निकाल कर लाते हैं और हस्तियों से सवाल पूछते हैं कि लोग कायल हो जाते हैं। वहीं, इस शो में बतौर होस्ट गेस्ट या कहे मेंटर की भूमिका में बैठे क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की बेबाकी भी लोगों के दिल को छूती है। सिद्धू की मौके पर ही की गई शायरी, लोगों को खूब भा रही है।
बोलने में सिद्धू का जवाब नहीं, उन्हें पकड़ पाना आसान नहीं माना जाता। जब वह कमेंट्री भी करते थे तब भी लोग यही बोलते थे और जब टीवी पर वह शो में बैठते हैं तब भी लोग ऐसा ही बोलते थे।
लेकिन, एक बार फिर रविवार को ही द कपिल शर्मा शो में कॉमेडी के ठहाकों के बीच अचानक कपिल शर्मा ने बतौर मेहमान शो में आए बॉलीवुड एक्टर ऋतिक रोशन और आशुतोष गोवारीकर से इशारों इशारों में राजनीतिक सवाल पूछ लिया। कपिल शर्मा ने मेहमानों से सवाल किया कि सिद्धू जी किसके हैं। इनके, इनके या फिर ‘आप’के।
कपिल ने यह सवाल क्या किया, मेंटर की सीट पर बैठे सिद्धू के चेहरे से हंसी गायब हो गई और वह फिर गुस्से में आ गए. उन्होंने सवाल के बाद टेबर पर रखा मोबाइल जैसा कुछ उठाया और लगभग कपिल शर्मा की ओर फेंकने जैसा एक्शन ही किया, लेकिन फेंका नहीं. कपिल शर्मा ने शो में ही एक सवाल के जवाब में बोला कि इस प्रश्न के जवाब में कपिल शर्मा ने कहा कि यह सवाल देश की मीडिया के लोगों के लिए यह सवाल पूछा है.
इससे पहले दो बार और कपिल शर्मा, अपने शो के मेंटर नवजोत सिंह सिद्धू पर इसी मुद्दे पर दो बार तंज कसा. एक बार उन्होंने सिद्धू से राज्यसभा से इस्तीफा देने का कारण पूछ डाला था जब वह मीडिया से मुखातिब नहीं हुए थे.
इसके बाद दूसरी बार कपिल शर्मा ने पूछा था कि सिद्धू ने पार्टी (बीजेपी) क्यों छोड़ी. कपिल ने जैसे ही यह पूछा था तब नवजोत सिंह सिद्धू के चेहरे से जैसे हवाइयां उड़ गई थीं, वे अपनी कुर्सी पर खड़े हो गए थे. सीधे शो के डायरेक्टर को बोलने लग गए थे, कट कट कट.
सिद्धू ने एक बार इसे शो से बाहर का मुद्दा करार देने की कोशिश भी की थी। यह भी कहा कि ऐसे मामलों पर यहां सवाल नहीं किया जाना चाहिए.
सूत्रों के हवाले से राजनीतिक हल्कों में यह खबर है कि सिद्धू पंजाब चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी में जा सकते हैं. राज्य में होने वाले चुनाव में पार्टी अपनी मजबूत दावेदारी पेश करना चाहती है. पार्टी का मानना है कि वह राज्य में चुनाव जीतने की स्थिति में है। ऐसे में पार्टी को राज्य से कद्दावर नेता चाहिए.
बता दें कि नवजोत सिंह सिद्धू ने 2014 के लोकसभा चुनाव में अमृतसर लोकसभा सीट अरुण जेटली के लिए छोड़ी थी, तब से वह पार्टी से नाखुश थे. सिद्धू पार्टी से काफी दिनों से नाराज चल रहे थे, लेकिन मीडिया के सामने उन्होंने कभी भी खुलकर यह नहीं कहा था.
अमिताभ बच्चन की फिल्म 'पिंक' का लोगो हुआ रिलीज
मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने सोशल मीडिया पर अपनी आने वाली थ्रिलर फिल्म ‘पिंक’ का लोगो शेयर किया. दिल्ली में फिल्माई गई इस फिल्म में 73 साल के बच्चन एक वकील की भूमिका निभाते दिखेंगे.
फिल्म का निर्माण फिल्म ‘पीकू’ के निर्देशक शूजीत सरकार सरकार द्वारा किया जा रहा है. इस फिल्म के जरिए बंगाली फिल्म निर्देशक अनिरूद्ध रॉय चौधरी हिंदी सिनेमा में एंट्री कर रहे हैं.
पोस्ट किए गए चमकीले गुलाबी लोगो में गुलाबी रंग के पन्नों से बने अक्षर आई और के को दो हाथों से पकड़े हुए दिखाया गया है. बच्चन ने इसे पोस्ट करते हुए लिखा, ‘फिल्म ‘पिंक’ का लोगो शेयर करने पर हमें गर्व है.’
न्होंने इसके साथ 17 सेकंड के वीडियो का लिंक भी पोस्ट किया है. इस फिल्म का ट्रेलर मंगलवार को रिलीज होगा. बच्चन के अलावा इस फिल्म में तापसी पन्नू, अंगद बेदी, कीर्ति और एंड्रिया तरियांग मुख्य भूमिका में है. यह फिल्म 16 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.
स्वतंत्रता दिवस को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, पुलिस ने किया मॉक ड्रिल
मुंबई: 15 अगस्त यानि स्वतंत्रता दिवस को लेकर देश में सुरक्षा की तैयारियां सख्त की जा रही हैं. बड़े शहरों पर आतंकी खतरे को देखते हुए मुंबई के अंधेरी स्टेशन पर कल रात अचानक काफी अफरातफरी मच गई. लोगों को लगा कि आतंकी हमला हो गया है. हकीकत में आतंकी हमले से निपटने की तैयारियों की जांच के लिए मुम्बई पुलिस और क्विक रिस्पांस टीम ने मॉक ड्रिल किया.
देर रात मुम्बई के अंधेरी मेट्रो स्टेशन इलाके में अचानक हुई घेराबंदी से लोगों में घबराहट फ़ैल गई. मुम्बई पुलिस के साथ मिलकर क्विक रिस्पांस टीम ने पूरे इलाके को कब्जे में ले लिया और बंदूकों से लैस जवान सर्च ऑपरेशन में जुट गए.
स्थिति तब नियंत्रण में आई जब लोगों को पता चला की ये कोई आतंकी हमला नहीं बल्कि मॉक ड्रिल है. दरअसल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रही मुम्बई पुलिस जगह-जगह इसी तरह मॉक ड्रिल कर रही है.
मॉक ड्रिल से जवानों में सतर्कता और आम लोगों में भी जागरूकता निर्माण करने में मदद मिलती है. हमेशा आतंकियों की हिटलिस्ट पर रहने वाली मुम्बई में अंधेरी मेट्रो स्टेशन काफी अहम और भिडभाड़ वाला इलाका माना जाता है.







