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सियासी उलटफेर पर आया शरद पवार का बयान, बोले “लंबे समय से चल रही थी तैयारी..”

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महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार गिरने से बवाल मचा हुआ है। बता दें कि उद्धव ठाकरे के इस्तीफा देने के बाद एकनाथ शिंदे को राज्य का नया मुख्यमंत्री बना दिया गया है। हैरानी की बात तो ये रही कि देवेंद्र फडणवीस को राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। जिसको लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने बयान जारी किया है। उन्होंने कहा है कि देवेंद्र फडणवीस उपमुख्यमंत्री का पद मिलने से खुश नहीं हैं। शरद पवार ने कहा कि “मुझे लगता है कि फडणवीस ने खुशी से नंबर दो का स्थान स्वीकार नहीं किया है. उनके चेहरे के भाव ने सब कुछ बयां कर दिया।”

पवार ने देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि “वो नागपुर से हैं और उन्होंने एक ‘स्वयंसेवक’ (आरएसएस के साथ) के रूप में काम किया है और वहां, जब कोई आदेश आता है, तो उसका पालन करना पड़ता है। फडणवीस ने इस ‘संस्कार’ के कारण एक कनिष्ठ पद स्वीकार किया होगा। उद्धव ठाकरे सरकार के खिलाफ बगावत करने के बाद गुवाहाटी में डेरा डाले हुए एकनाथ शिंदे गुट को उम्मीद नहीं थी कि उनके नेता उपमुख्यमंत्री से ज्यादा कुछ बनेंगे।”

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इसके साथ ही पवार ने कहा कि इतना सब कुछ अचानक नहीं हुआ है, इनकी तैयारी लंबे समय से की जा रही थी। उन्होंने आगे कहा कि “शिंदे ने 39 विधायकों को ले जाने की क्षमता दिखाई और सफलता वहीं है। मुझे पता चला कि इसके लिए तैयारी लंबे समय से चल रही थी, सूरत जाने, वहां से गुवाहाटी और फिर गोवा जाना, ये व्यवस्था अचानक नहीं होती है। हमने देखा कि उन्होंने पार्टी संगठन और विधानसभा की सारी जिम्मेदारी शिंदे को दे दी थी। उन्हें बागडोर दी गई थी, और मुझे नहीं पता कि क्या यह घटनाक्रम उसके चलते हुआ।”

सीजन की पहली ही बारिश से बेहाल हुए मुंबई के लोग, पानी में पूरी तरह डूबी सड़कें…

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एक तरफ महाराष्ट्र में सियासी पारा बढ़ा हुआ है और दूसरी तरफ मुंबई में मूसलाधार बारिश हो रही है। इस साल लोग गर्मी से बहुत ज्यादा परेशान थे, लेकिन बारिश के होते ही अब लोगों की परेशानियों में और भी ज्यादा इजाफा हो गया है। हालांकि उन्हें गर्मी से राहत मिल गई है, लेकिन लगातार हो रही बारिश से मुंबई के कई इलाकों में पानी भर गया है। जिसके कारण या तो सभी रास्ते बंद हो चुके हैं या इन रास्तों से बाहर निकलने के लिए लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मुंबई के कई हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मुंबई में बुधवार से ही बारिश जारी है। इस बारिश के कारण मुंबई के निचले इलाकों में पानी इस कदर भर गया है कि लोगों के आने जाने का भी कोई रास्ता नहीं है। पानी के बीच से आवाजाही से कई वाहन खराब भी हो गए हैं, जिससे ट्रैफिक पर और भी ज्यादा असर पड़ा है। बताया जा रहा है कि आज भी मुंबई के कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना है।

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इस बीच एक अधिकारी का कहना है कि “मौसम विभाग ने एक और दो जुलाई को शहर के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भविष्यवाणी करते हुए येलो अलर्ट भी जारी किया है। बता दें कि अब तक हुई बारिश के कारण शहर भर में ट्रेन और बस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। अब आने वाले दो दिनों में शहर में भारी बारिश होने की संभावना है, ऐसे में अब शहर के लोगों की परेशानियों में और भी ज्यादा इजाफा होगा।

फ्लोर टेस्ट से पहले ही उद्धव ठाकरे ने दिया इस्तीफा, जनता को संबोधित कर बोले…

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मुसीबतों से घिरे शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने फ्लोर टेस्ट से पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सुप्रीम कोर्ट में भी उनकी अपील को खारिज करते हुए बुधवार को ही फ्लोर टेस्ट करवाने का आदेश दिया गया था। लेकिन फ्लोर टेस्ट से पहले ही उद्धव ठाकरे ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के बाद वह फेसबुक पर लाइव आए और जनता को संबिधित किया। संबोधन के दौरान उन्होंने बगावत करने वाले सभी नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिसको हमने दिया आज वो खिलाफ हैं और जिसको नहीं दिया वो साथ हैं।

जनता को संबोधित कर उद्धव ठाकरे ने कहा कि “हमने जिन रिक्शा वाले, चाय वालों को नेता, विधायक बनाया, उन्होंने ही हमें धोखा दिया। हमने उन्हें बातचीत का न्योता दिया, लेकिन वो वापस नहीं लौटे। हमने किसानों की कर्जमुक्ति माफी के काम को पूरा किया। हमने उस्मानाबाद का नाम धाराशिव कर दिया है। हमने औरंगाबाद का नाम संभाजीनगर कर दिया है। हमें कुछ नहीं चाहिए, बस आशीर्वाद चाहिए. सीएम पद छोड़ने का मुझे दुख नहीं है।”

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इसके साथ ही उन्होंने कहा कि “मैं दिल से बात कर रहा हूं. चाय वाले, फेरी वाले और रेहड़ी वालों को भी शिवसेना ने अपने साथ जोड़ा और आगे बढ़ाया. अब वो बड़े होकर वो उन्हीं को भूल गए, जिन्होंने उन्हें बड़ा किया। सत्ता आने के बाद वो सारी बातें भूल गए। जब से मैं मातोश्री आया है, तब से लगातार लोग मेरे पास आ गए हैं। एक समय जो विरोध कर रहे थे, वो साथ है,जो साथ थे, वो विरोध में हैं।”

आगे बात करते हुए उद्धव ठाकरे कहते हैं कि “रिक्शावाले (एकनाथ शिंदे), पानवाले को शिवसेना ने मंत्री बनाया, यह लोग बड़े हुए और हमें ही भूल गए। मातोश्री में आने के बाद कई लोग आ रहे हैं और कह रहे है की आप लड़ो, हम आपके साथ हैं। जिन्हें दिया वो नाराज़ हैं, जिन्हें नहीं दिया वो साथ हैं। हमने अच्छा काम किया, लेकिन लगता है कि हमें किसी की नजर लग गई है। हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, लोकतंत्र का हमें पालन करना चाहिए। सूरत जाने के बजाय उन्हें यहां आना चाहिए।”

गर्मी से जल्दी ही मिलेगी दिल्ली वासियों को राहत, मौसम विभाग ने जारी की मॉनसून डेट…

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इस साल देश के कई शहरों में लोगों ने भयंकर गर्मी का सामना किया है। जिसके कारण सभी को मानसून का बेसब्री से इंतज़ार था। जानकारों की मानें तो आने वालें कुछ ही दिनों में लोगों का इंतजार खत्म हो जाएगा। बता दें कि देश की राजधानी दिल्ली में आज सुबह हुई हल्की बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इस हल्की बारिश को मॉनसून की शुरुआत माना जा रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि शुक्रवार तक दिल्ली में मानसून की पहली बारिश होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि मानसून की पहली बारिश काफी तेज होने वाली है।

दिल्ली के साथ साथ कई और शहरों में भी मॉनसून ने आहट दे दी है। इनमें उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ समेत जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्से भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि अगले 48 घंटों में ही इन शहरों में मानसून दस्तक दे देगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उत्तराखंड के भी कई इलाकों में बुधवार को बारिश हुई है। भारी बारिश के कारण राज्य में कई जगहों पर जमीन ढह जाने की खबरें सामने आ रही हैं।

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सूत्रों की मानें तो इस दौरान कई लोग घायल भी हो गए हैं। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि केदारनाथ मार्ग पर बुधवार को भूस्खलन की चपेट में एक वाहन के आने से एक महिला की मौत भी हो गई। इसके अलावा आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक आर. के. जेनामणि का कहना है कि पिछले 62 सालों में मॉनसून 29 बार जून के महीने में और 33 बार जुलाई के महीने में दस्तक दे चुके है। गोरतलब हैं कि ये आंकड़ा राजधानी दिल्ली का दर्ज किया गया है।

शिवसेना ने किया राज्यपाल के फैसले का विरोध, फ्लोर टेस्ट के खिलाफ पहुंची सुप्रीम कोर्ट…

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महाराष्ट्र में लगातार सियासी संकट बढ़ता जा रहा है। आए दिन कोई न कोई ऐसी खबर सामने आ रही है, जिससे शिवसेना की मुसीबत और बढ़ती जा रही है। एकनाथ शिंदे और बाकी के नेताओं द्वारा बगावत करने के बाद से अब तक राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की परेशानियों में सिर्फ इजाफा ही हुआ है। हाल ही में महाराष्ट्र के राज्यपाल की ओर से एक आदेश जारी किया गया था, जिसमें उन्होंने फ्लोर टेस्ट कर महाराष्ट्र सरकार को सदन में बहुमत साबित करनी होगी। लेकिन महाविकास अघाड़ी सरकार राज्यपाल के इस फैसले से सहमत नहीं है।

जिसके चलते महाविकास अघाड़ी सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर कर महाराष्ट्र के राज्यपाल के उस निर्देश को चुनौती दी है। जानकारी के अनुसार आज ही सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर सुनवाई कर सकती है। सूत्रों की मानें तो राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस के कहने पर राज्यपाल ने ये आदेश जारी किया है। बताया जा रहा है कि आदेश जारी करने से पहले ही महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस ने राज्यपाल कोश्यारी से मुलाकात हुई थी।

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राज्यपाल कोश्यारी से मुलाकात से पहले फडणवीस को दिल्ली में देखा गया था। सूत्रों का कहना है कि वह दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने पहुंचे थे। बता दें कि राज्यपाल के इस फैसले के खिलाफ शिवसेना नेता संजय राउत ने भी बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि “हम महाराष्ट्र के राज्यपाल के फ्लोर टेस्ट के लिए बुलाने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं। यह एक गैरकानूनी गतिविधि है, क्योंकि हमारे 16 विधायकों की अयोग्यता का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। राज्यपाल को बस इसी पल का इंतजार था। संविधान की धज्जियां उड़ रही हैं, सुप्रीम कोर्ट को दखल देना चाहिए। महाराष्ट्र में अगर आप गैरकानूनी काम करेंगे तो जनता देख रही है।

पत्रकारी जुबैर की गिरफ्तार पर आया UN के प्रवक्ता का बयान, बोले “जेल नहीं होनी चाहिए…”

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ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर को दिल्ली पुलिस द्वारा सोमवार को गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद उन्हें अगले ही दिन मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। मिली जानकारी के मुताबिक मोहम्मद ज़ुबैर के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप है, जिसके चलते उन्हें गिरफ्तार किया गया है। लेकिन कुछ लोग उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ हैं। ये मुद्दा अब केवल भारत का ही नहीं बल्कि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच चुका है। बता दें कि अब इस मुद्दे पर कई विदेशी लोग भी बयान दे रहे हैं। इस वक्त संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस का बयान चर्चा में हैं।

उनका कहना है कि इस तरह के मुद्दे पर किसी पत्रकार को गिरफ्तार नहीं करना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने अपने बयान में कहा कि “दुनिया भर में किसी भी स्थान पर, ये बहुत महत्वपूर्ण है कि लोगों को स्वतंत्र रूप से खुद को व्यक्त करने की अनुमति दी जाए, पत्रकारों को स्वतंत्र रूप से और बिना किसी उत्पीड़न की धमकी के खुद को व्यक्त करने की अनुमति दी जाए। पत्रकार जो लिखते हैं, जो भी ट्वीट करते हैं या जो भी कहते हैं, उसके लिए उन्हें जेल नहीं होनी चाहिए।”

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अपने इस बयान के कारण वह आज सुर्खियों में बने हुए हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लोग सिर्फ उनके समर्थन में नहीं हैं बल्कि कुछ लोग उनका विरोध भी कर रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार साल 2018 में उन्होंने एक पोस्ट किया था। जिसपर एक यूजर ने आपत्ति जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज की थी। इस यूजर ने मोहम्मद ज़ुबैर पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप लगाया। जिसके चलते उनकी गिरफ्तारी हुई है।

अमेरिका के इस शहर में पेश आई दिल दहला देने वाली घटना, एक ट्रक में पाई गई 46 लाशें…

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दुनिया में क्राइम इस कदर बढ़ गया है कि आए दिन कोई न कोई दिल दहलाने वाली खबरें सुनने को मिल रही हैं। आज एक ऐसी खबर सामने आई है जिसके बारे में जानने के बाद आपकी रूह कांप जाएगी। बता दें कि अमेरिका के टेक्सास के शहर सैन एंटोनियो में सोमवार के दिन एक ट्रक के अंदर 46 लोगों को मृत पाया गया है। खबरों की माने तो इस मामले की जांच जारी है, लेकिन अब तक इसको लेकर कोई खास जानकारी हासिल नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि ये मानव तस्करी का मामला है और ये इस समय का सबसे बड़ी तस्करी का मामला सामने आया है।

रिपोर्ट्स की माने तो ट्रक शहर के दक्षिणी बाहरी इलाके में स्थित रेल की पटरियों के बगल में पाया गया है। जब इस ट्रिक पर नजर पड़ी तो इसमें शवों के ढेर मिले। अधिकारियों का कहना है कि ट्रक में पानी का कोई नामों निशान नहीं था। वहीं, एक अधिकारी का कहना है कि “ट्रेलर के अंदर पाए गए सोलह अन्य लोगों को हीट स्ट्रोक और थकावट के चलते अस्पतालों में ले जाया गया। जिनमें चार नाबालिग शामिल थे. लेकिन मरने वालों में कोई बच्चा नहीं था।”

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वहीं, आपको बता दें कि अब तक इन सभी शवों की राष्ट्रीयता का कोई पता नहीं लग पाया है। कहा जा रहा है कि ट्रक में मौजूद सभी लोग प्रवासी हैं। एक बड़े अधिकारी का कहना है कि “इन सभी प्रवासियों को अवैध रूप से अमेरिका में घुसाया गया है। क्योंकि जहां ये ट्रक मिला है वहां से अमेरिका और मैक्सिको बॉर्डर 250 किमी की दूरी पर है।” इस बीच कुछ लोग अमेरिका के प्रेसिडेंट जो बाइडेन को ही इस मामला का जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। टेक्सास गवर्नर ने इस मामले में कहा कि “इस घटना के लिए देश के राष्ट्रपति को जिम्मेदार बताया और ट्वीट करते हुए लिखा कि “ये मौतें जो बाइडन पर हैं. कानून को लागू करने से इनकार करने के घातक परिणाम दिखाते हैं।”

मुंबई के कुर्ला में चार मंजिला इमारत ढेर होने से कई लोग घायल, एक की हुई मौत…

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महाराष्ट्र के मुंबई से आज एक और हादसे की खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि मुंबई शहर के कुर्ला इलाके में सोमवार देर रात को एक चार मंजिला इमारत ढह गई, बताया जा रहा है कि इस दौरान बिल्डिंग में कई लोग मौजूद थे। जिसमें से अब तक एक की मौत की पुष्टि हुई है। ये हादसा सोमवार की रात करीब 11:30 बजे का है। हादसे की जानकारी मिलते ही रेस्क्यू टीम को बचाव कार्य शुरू करने के लिए भेज दिया गया। मौके पर पहुंचते ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया, जो अब तक जारी है।

मिली जानकारी के अनुसार इस इमारत में 21 लोग मौजूद थे। जिसमें से अब तक 8 लोगों को बाहर निकाल लिया गया है और अस्पताल भी पहुंचा दिया गया है। मामले की पुष्टि होने पर शिवसेना के मंत्री और उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे भी वहां पहुंचे और हादसे का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि “बीएमसी के दिये गए नोटिस के आधार पर इस तरह के मकान को तुरंत खाली करना चाहिए। जब भी बीएमसी नोटिस जारी करे. अपने आप बिल्डिंग खाली कर देनी चाहिए। अन्यथा इस तरह के हादसे होते रहेंगे, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।”

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस बिल्डिंग के आस पास ऐसी 4 इमारत और मौजूद हैं जिनको बीएमसी द्वारा नोटिस जारी किया है, लिए उसमें भी अब तक लोग रह रहे हैं। इसको लेकर आदित्य ने कहा कि “चारों इमारत को खाली करने का नोटिस दिया गया था. लेकिन कई लोग अभी वहां रहते हैं. हमारी प्राथमिकता है कि इमारत को खाली कराया जाए और बिल्डिंग को तोड़ा जाए।” बताते चलें कि घटनास्थल पर 12 दमकल की गाड़ियां, दो रेस्क्यू वैन और 6 एंबुलेंस अब भी मौजूद हैं और बचाव कार्य जारी है।

राष्ट्रपति चुनाव से पहले सामने आया यशवंत सिन्हा का बयान, “भवन में एक और रबड़ स्टांप आया तो…”

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राष्ट्रपति चुनाव को लेकर तैयारियां जोरों शोरों से चल रही हैं। एक तरफ भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन अपनी तैयारियों में व्यस्त है तो दूसरी ओर सभी विपक्षी दल एक जुट होकर भाजपा गठबंधन का सामने करने को तैयार हैं। गोरतलब हैं कि भाजपा गठबंध की ओर से राष्ट्रपति चुनाव के लिए आदिवासी समुदाय की नेता द्रौपदी मुर्मू का नाम सामने आया है। वहीं, दूसरी ओर विपक्ष की विचार विमर्श के बाद यशवंत सिन्हा को मैदान में उतारा गया है। राष्ट्रपति चुनाव का उम्मीदवार चुने जाने के बाद उनका एक बयान सामने आया है।

उनका कहना है कि इस चुनाव में अपने बेटे को बीच में नहीं लाना चाहते। वह बीजेपी के सांसद हैं, उनको लेकर बात करते हुए उन्होंने कहा कि “मेरा बेटा अपने ‘राज धर्म’ का पालन करेगा और मैं अपने ‘राष्ट्र धर्म’ का पालन करूंगा।” वह आगे कहते हैं कि “यह चुनाव महज भारत के राष्ट्रपति के चुनाव से कहीं बढ़कर है। यह चुनाव सरकार की तानाशाही प्रवृत्तियों का विरोध करने की दिशा में एक कदम है। यह चुनाव भारत की जनता के लिए संदेश है कि इन नीतियों का विरोध होना चाहिए।”

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इस बीच यशवंत सिन्हा सिन्हा ने अपने अपोजिट मैदान में उतरी नेता द्रौपदी मुर्मू को लेकर भी बात कही। उन्होंने कहा कि “सार्वजनिक जीवन के अपने लंबे अनुभव से, मैं कह सकता हूं कि एक व्यक्ति का उत्थान पूरे समुदाय को आगे नहीं बढ़ाता है। पूरे समुदाय का उत्थान सरकार द्वारा अपनाई जाने वाली नीतियों पर निर्भर करता है। इस पर और टिप्पणी किए बिना, मैं कहूंगा कि हमारे अपने इतिहास में ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां एक समुदाय में एक व्यक्ति के उत्थान के जरिये उस समुदाय को एक इंच भी ऊपर उठाने में मदद नहीं मिली है। यह केवल प्रतीकात्मक है और इसके अलावा कुछ नहीं है।”

वह आगे कहते हैं कि “राष्ट्रपति भवन में आने वाला व्यक्ति ‘रबड़ स्टांप’ से कहीं अधिक होना चाहिये। अगर राष्ट्रपति भवन में एक और रबड़ स्टांप आ जाएगा, तो विनाशकारी होगा। अगर वह चुने जाते हैं, तो वह राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए सरकारी एजेंसियों के ‘दुरुपयोग’ को तत्काल बंद कर देंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि न्याय और निष्पक्षता बनी रहे।”

गिरती सरकार को बचाने के लिए ठाकरे गुट की कोशिशें, चला नया दांव…

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महाराष्ट्र की शिवसेना के बागियों की ताकत दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। जिस तरह से शिवसेना के विधायक एक के बाद एक बागियों से जा मिल रहे हैं, इससे आशंका जताई जा रही है कि जल्दी उद्धव ठाकरे का तख्ता पलट सकता है। ऐसे में अब शिवसेना भी सतर्क हो गई है और अपने दाव पेंच शुरू कर दिया है। शिवसेना का कहना है कि भले ही शिंदे के पास पार्टी के 40 के करीब विधायक हैं, लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि जो वो चाहे वैसा ही होगा। बता दें कि रविवार को शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने सीनियर एडवोकेट देवदत्त कामत के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

जिसमें कामत ने कहा कि “यह नैरेटिव बनाने का प्रयास किया जा रहा है कि सिर्फ दो तिहाई बहुमत होने के कारण उन्हें अयोग्यता का सामना नहीं करना पड़ेगा। आप किसी भी संवैधानिक जानकार से पूछिए तो पता चल जाएगा कि ये गलत है। दो तिहाई बहुमत का तर्क तब लागू होता है, जब वो किसी अन्य दल के साथ मिल गए हों। अयोग्यता की कार्यवाही 16 बागी विधायकों के खिलाफ शुरू कर दी गई है। कई जजमेंट हैं… सु्प्रीम कोर्ट ने कहा है कि विधायकों का सदन के बाहर भी पार्टी विरोधी कृत्य अयोग्यता के दायरे में आता है।”

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उन्होंने आगे कहा कि “किसी दूसरे राज्य में जाना, एक बीजेपीशासित राज्य में, बीजेपी नेताओं से मिलना, सरकार को गिराने का प्रयास करना, सरकार के खिलाफ पत्र लिखना, ये सब खुल्लमखुल्ला उल्लंघन है… यही स्पीकर को दी गई हमारी याचिका में है। वो कह रहे हैं कि डिप्टी स्पीकर का कोई क्षेत्राधिकार नहीं है, यह पूरी तरह गलत है। स्पीकर की गैरमौजूदगी में, डिप्टी स्पीकर के पास पूरी शक्तियां होती हैं। हम सभी 16 बागी विधायकों को अय़ोग्य ठहराने का प्रयास करेंगे ताकि वो चुनाव का सामना करें।”