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मध्य प्रदेश में पेश आया खतरनाक हादसा, पटरी से उतरे ट्रेन के 16 डब्बे, दूर-दूर तक…

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आए दिन हम लोगों को खबरों में हादसों के बारे में देखने को मिल जाता है। कभी सड़क हादसे की खबरें सुनने को मिलती हैं तो कभी हवाई हादसे की। लेकिन पिछले कुछ दिनों में दो बार रेल हादसे की खबर सुनने को मिली हैं। इसमें पहला हादसा उत्तर प्रदेश के मथुरा में पेश आया था और अब दूसरा हादसा मध्यप्रदेश के झाबुआ से सामने आ रहा है। खबरों की माने तो ट्रेन के 16 डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे के पेश आने के फौरन ही बाद रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और अपनी जांच शुरू की।

बताया जा रहा है कि ये हादसा दाहोद जिले के मंगल महुडी में देर रात 1.30 बजे करीब पेश आया। ऐसे में वहां से जाने वाली सभी ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है और मालगाड़ी की मरम्मत जारी है। गोरतलब हैं कि इस हादसे के कारण अगले कुछ और समय तक वहां से जाने वाली सभी ट्रेनों को रद्द कर दिया है या फिर उनका रास्ता बदल दिया है। सूत्रों की मानें तो घटनास्थल पर दूर- दूर तक मालगाड़ी के पुर्जे बिखरे हुए मिले। जिनको हटाकर रास्ता साफ किया जा रहा है।

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अगर हादसे पर एक नजर डालें तो पता चलता है कि मालगाड़ी के 16 डिब्बे एक के ऊपर एक चढ़ गए। एक के ऊपर एक डिब्बों को देख हर कोई हैरान हो रहा है। और इससे पता चलता है की हादसा कितना खतरनाक हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक रेलवे की 25000 मेगा वाट की मेन लाइन टूटी है और ये ही वजह है कि दिल्ली और मुंबई के बीच का रेल यातायात संपूर्ण रूप से बंद हो गया है।

अगले दो दिनों में उत्तराखंड में तेज बारिश होने की संभावना, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट…

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इस साल बारिश ज्यादा होने की संभावना पहले ही की जा चुकी है। आईएमडी ने इसको लेकर पहले ही जानकारी दी थी। जिसके बाद अब आईएमडी ने कई राज्यों के जिलों में रेड अलर्ट जारी कर दिया है। इनमें राजधानी दिल्ली के भी कुछ इलाकें भी शामिल हैं। बताया जा रहा है की आने वाले 2 दिनों में देश के कई इलाकों में भयंकर बारिश की संभावना है। मौसम विभाग द्वारा बताया गया है कि उत्तराखंड में 19 और 20 जुलाई को मूसलाधार बारिश होगी और इस बारिश में कई इलाकों में जलभराव की भी संभावना है।

बता दें कि उत्तराखंड एक ऐसा राज्य है जहां कई सारी नदियां और लेक मौजूद हैं, ऐसे में यहां बाढ़ आने की भी काफी संभावना है। जिसके मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों से सतर्क और सचेत रहने को कहा है। भारी बारिश के कारण राज्य में ज्यादा नुकसान न हो उसके लिए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूरी तैयारी कर रहे हैं। कई इलाकों में अब तक आईएमडी द्वारा रेड अलर्ट जारी कर दिया है।

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तेज बारिश के कारण सिर्फ बाढ़ ही नहीं बल्कि भूस्खलन की आशंका जताई जा रही है। बता दें कि पिछले कुछ दिनों पहले ही राज्य में तेज बारिश के कारण कई लोगों के नदियों में डूबने की खबरें सामने आई थी। जिसको देखते हुए राज्य के सीएम ने पर्यटकों और जनसामान्य से अपील की है कि भारी बारिश के अनुमान को देखते हुए वे नदियों एवं बरसाती नालों से दूर रहें। गौरतलब हैं कि पिछले 24 घंटों में राज्य में छह लोगों की डूबने से मौत हुई है।

तकनीकी खामी के कारण कराची में लैंड हुआ इंडिगो विमान, 2 हफ्तों में…

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हाल ही में दिल्ली से दुबई जा रहे भारतीय विमान स्पाइसजेट को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी। बताया जा रहा था कि विमान में कुछ तकनीकी परेशानी आ गई थी। जिसके कारण सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए उसको पाकिस्तान के कराची में लैंड कराना पड़ा था। इस बीच खबर है कि ऐसा फिर एक बार हुआ है। बता दें कि रविवार को भारतीय विमान इंडिगो ने शारजाह से हैदराबाद के लिए उड़ान भरी थी। लेकिन रास्ते में कुछ तकनीकी कमी देखी गई जिसके कारण पायलट ने उसको पाकिस्तान के कराची में लैंड कर दिया।

हालांकि वहां पहुंचकर विमान में आई तकनीकी खराबी पर काम करना शुरू हो चुका है। साथ ही भारत से एक और विमान ने कराची के लिए उड़ान भर ली है। वह विमान कराची से सभी पैसेंजर को लेकर हैदराबाद वापसी करेगा। जानकारी के अनुसार विमान में बैठे सभी पैसेंजर सुरक्षित हैं। बता दें कि जब विमान में कोई खराबी देखी जाती है तो यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए एहतियातन आस पास के एयरपोर्ट पर लैंडिंग करवा दी जाती है।

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कराची में लैंडिंग के बाद एयरलाइन की ओर से एक बयान भी जारी किया गया। जिसमें कहा गया कि “शारजाह से हैदराबाद जाने वाली इंडिगो की उड़ान 6E-1406 को कराची की ओर डायवर्ट कर दिया गया। पायलट को एक तकनीकी खराबी दिखी थी। आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया गया और एहतियात के तौर पर विमान को कराची की ओर डायवर्ट कर दिया गया। यात्रियों को हैदराबाद लाने के लिए कराची के लिए एक अतिरिक्त विमान भेजा जा रहा है।”

अगले पांच दिनों में देश के कई इलाकों में होगी भारी वर्षा, दिल्ली समेत इन शहरों में…

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देश में अब तक लोग भयंकर गर्मी का सामना कर रहे थे। लेकिन अब वह तेज बारिश का सामना कर रहे हैं। अब तक देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश के कारण काफी तबाही देखने को मिली है और अब देश की राजधानी में भी बारिश की शुरुआत को चुकी है। पिछले कुछ दिनों से दिल्ली और आस पास के इलाकों में लगातार बारिश का माहोल बना हुआ है। रविवार की सुबह बड़ी ही सुहानी रही, लेकिन अब आने वाले कुछ दिनों में तेज बारिश की संभावना जताई जा रही है। हालांकि दिल्ली के कुछ इलाकों में पहले ही मूसलाधार बारिश हो चुकी है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार शनिवार के दिन राज्य में सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे के बीच मध्यम बारिश हुई। लेकिन अब अगले कुछ दिनों में दिल्ली समेत आस पास के इलाकों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। रिपोर्ट्स की माने तो दिल्ली के साथ साथ हरियाणा, पंजाब, हिमाचल में भी 20 जुलाई तक बारिश होने की आशंका है। मौजूदा समय में दिल्ली में तापमान 26 सेल्सियस पर आ गिरा है।

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अगले कुछ दिनों में देश के कई हिस्सों में तेज बारिश के साथ साथ बिजली गिरने की भी संभावना है। बता दें कि तेज बारिश के कारण पिछले कुछ दिनों में दिल्ली के कई इलाकों में पानी भर चुका है। जिसके कारण लोगों को लोकल ट्रैवल में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जहां एक तरफ़ लोगों को गर्मी से राहत मिली है तो अब जलभराव का सामना करना पड़ रहा है। देखना होगा की अब दिल्ली के किन हिससों में भारी बारिश होनी है।

भाजपा के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने की कोशिशों में जुटे KCR, कई नेताओं से की बातचीत…

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सत्ता में मौजूद भाजपा सरकार का विरोध हर कोई कर रहा है। पहले कांग्रेस, सपा जैसे दल मुख्य विपक्ष के तौर पर जाने जाते थे, लेकिन अब कई सारी राजनीतिक पार्टियां भाजपा सरकार के विरोध में हैं। पिछले कुछ समय से तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर भी लगातार केंद्र के फैसलों का विरोध कर रहे हैं। हालांकि कभी उनकी पार्टी भी भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार की समर्थक रही है। बता दें कि जल्दी ही संसद का मानसून सत्र शुरू होने वाला है। इससे पहले ही मुख्यमंत्री केसीआर को एक्शन में देखा जा रहा है।

बता दें कि वह विपक्ष को एकजुट करने की कोशिशों में लगे हुए हैं। उन्होंने विपक्ष के कई बड़े नेताओं से बातचीत की है। जानकारी के अनुसार तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर ने मानसूस सत्र शुरू होने से पहले दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी फोन कॉल पर बातचीत की है। सिर्फ मुख्यमंत्री से ही नहीं बल्कि विपक्ष के कई बड़े नेताओं से भी उन्होंने फोन कॉल पर बात की है। सूत्रों के मुताबिक केंद्र के खिलाफ एकजुट होने के लिए उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बातचीत की।

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जिसके बाद उन्होंने तमिलनाडु के सीएम स्टालिन के करीबी सहयोगियों, राजद नेता तेजस्वी यादव, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, एनसीपी प्रमुख शरद पवार समेत कई बड़े नेताओं से बात की है। कहा जा रहा है कि विपक्ष का एकजुट होने भाजपा के लिए बड़ी मुसीबत पैदा कर सकता है। ऐसे में भाजपा विपक्ष को एकजुट होने से रोकने की पूरी कोशिश करेगी।

मानसून सत्र से पहले सांसदों के लिए जारी हुई नई एडवाइजरी, शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन…

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मानसून सत्र से पहले ही विपक्ष का हंगामा शुरू हो चुका है। हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हो रहा। हर साल ही मानसून सत्र से पहले और इसके दौरान विपक्ष का जबरदस्त हंगामा देखने को मिलता है। बता दें कि इस बार ये हंगामा सांसदों के लिए जारी की गई नई एडवाइजरी की वजह से हो रहा है। नई एडवाइजरी के मुताबिक कोई भी सांसद सदन के भीतर किसी भी तरह का पर्चा, बुकलेट, तख्ती आदि नहीं बांट सकता। जिसके विरोध में कई सांसद आवाज उठा रहे हैं। कई सांसदों ने इसको लेकर ट्वीट भी किया है।

बताते चलें कि मानसून सत्र से पहले जारी की गई एडवाइजरी में कहा गया है कि “कोई भी साहित्य सामग्री, प्रश्नावली, पैम्फलेट, प्रेस नोट, लीफलेट या प्रिंटिड सामग्री बिना स्पीकर की पूर्व अनुमति के सदन के भीतर नहीं बांटी जा सकती। इसके अलावा संसद परिसर के भीतर तख्तियां भी सख्त वर्जित हैं। सदस्य किसी भी प्रदर्शन, धरना, उपवास या किसी धार्मिक समारोह के लिए सदन के परिसर का इस्तेमाल नहीं कर सकते। सदस्यों का सहयोग अपेक्षित है।” इसके विरोध में कई सांसद प्रदर्शन पर उतर आए हैं।

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बता दें कि इस दौरान कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश सहित संसद के कई सदस्यों ने एडवाइजरी को लेकर ट्वीट किया है। वहीं, सूत्रों का कहना है कि “यूपीए शासन के दौरान जारी किए गए ऐसे कई सर्कूलर सार्वजनिक डोमेन में हैं। उनमें से एक 2 दिसंबर, 2013 को और दूसरा 3 फरवरी, 2014 को लाया गया था।” इस बीच खबर है कि केंद्र के खिलाफ विपक्ष ने एकजुट होने का फैसला कर लिया है। ऐसे में मानसून सत्र में केंद्र के सामने काफी मुश्किलें पेश आने की संभावना है।

राजपक्षे के बाद अब कौन होगा श्रीलंका का नया राष्ट्रपति, इन लोगों ने पेश की दावेदारी…

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पिछले कुछ समय से श्रीलंका के आर्थिक हालात कुछ ठीक नहीं चल रहे थे। देश लगातार कर्ज में डूबता चला जा रहा था। ऐसे में सरकार को इसका जिम्मेदार ठहराते हुए जनता ने इसके विरोध में प्रदर्शन शुरू किया और राष्ट्रपति पद पर बैठे गोटबाया राजपक्षे को पद से इस्तीफा देने को मजबूर कर दिया। गोटबाया राजपक्षे द्वारा राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद अब देश के नए राष्ट्रपति की खोज की जा रही है। बता दें कि जल्दी ही देश के राष्ट्रपति के चुनाव होने हैं। जिसको लेकर तैयारियां की जा रही हैं। हालांकि अभी तक इस बात का कुछ पता नहीं चल पाया है कि कौन देश का नया राष्ट्रपति बन सकता है।

सूत्रों की मानें तो राष्ट्रपति पद के लिए कुछ उम्मीदवारों के नाम सामने आए हैं। जिनमें से एक नाम विपक्ष के मुख्य नेता और सत्ताधारी पार्टी के नेता रानिल विक्रमसिंघे का है। वह देश के पूर्व प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं। जानकारी के अनुसार उन्होंने मई के महीने में छठी बार प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला। वह अब राष्ट्रपति पद की रेस में सबसे आगे हैं। उनका अलावा दूसरा नाम मुख्य विपक्षी दल समागी जन बालवेगया पार्टी के नेता साजिथ प्रेमदासा का है।

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बता दें कि साजिथ प्रेमदासा केवल 55 साल के हैं और उन्होंने भी खुद को राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाया है। हालांकि उनका जीतना थोड़ा मुश्किल होगा, क्योंकि उनके पास समर्थन नहीं है। इसके अलावा बता दें कि एसएलपीपी के एक वरिष्ठ विधायक दुलास अल्हाप्परुमा ने भी राष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी पेश की है। कहा जा रहा है कि ये चुनाव काफी टक्कर का होने वाला है और चुने जाने वाले राष्ट्रपति के लिए भी एक बड़ी चुनौती होगी। उन्हें जनता का विश्वास तो जीतना ही होगा साथ ही उनको देश की स्तिथि में भी बदलाव करना होगा।

सामने आया भारत का पहला मंकीपॉक्स मामला, सरकार की बढ़ी चिंता…

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अफ्रीका के कई इलाकों के बाद अब भारत में भी मंकीपॉक्स के मामलों की शुरुआत ही चुकी है। हाल ही में यूएई से भारत लौटे एक शख्स में इसके लक्षण देखे गए थे। जिसके बाद इसका सैंपल जांच के लिए भेज दिया गया। रिपोर्ट आने पर पता चला की वह मंकीपॉक्स जैसे खतरनाक वायरस से संक्रमित है। बता दें कि ये शख्स केरल का रहने वाला है और फिर हाल ही में ही यूएई से अपने घर वापस आया है। मंकीपॉक्स से संक्रमित पाए जाने के बाद अस्पताल में ही उसका टेस्ट करवाया जा रहा है और साथ ही अस्पताल में ही उसका इलाज किया जा रहा है।

टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद से उसके कॉन्टैक्ट में आए सभी लोगों का भी टेस्ट किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार की ओर से राज्य में एक स्पेशल टीम भेजी गई है। जो लोगों में लक्षण देखेगी और उनका टेस्ट करेगी। बता दें कि इस राज्य में पहला मामला निकलने पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री वीना जार्ज ने भी एक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा है कि “संक्रमित व्यक्ति के नजदीकी संपर्कों की भी पहचान की गई है, जिनमें उनके पिता, मां, एक टैक्सी चालक, एक ऑटो चालक और बगल की सीटों के 11 साथी यात्री शामिल हैं।”

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मंकीपॉक्स का सबसे पहले मामला अफ्रीका में दर्ज किया गया। जिसके बाद धीरे धीरे ये वायरस कई और जगहों पर भी फेल गया। यूनाइटेड किंगडम, पुर्तगाल और स्पेन में भी इसके मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि डब्ल्यूएचओ की ओर से मंकीपॉक्स को अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सबब नहीं माना गया है। लेकिन डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक इस बात से सहमत नहीं हैं।

सिर्फ 6 महीने की ट्रेनिंग के बाद 94 साल की इस महिला ने जीता गोल्ड, पोते से ली थी प्रेरणा…

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कहा जाता है कि कुछ सीखने की कोई उम्र नहीं होती इंसान जब चाहे कुछ नया सीख सकता है। इस बात का यकीन हरियाणा की रहने वाली भगवानी देवी ने अपनी मेहनत से दिलवा दिया है। बता दें कि उन्होंने 94 साल की उम्र में बड़ा नाम हासिल किया है। उन्होंने वर्ल्ड मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में एक गोल्ड सहित 3 मेडल जीत भारत का नाम रोशन कर दिया है। ये महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि उन्होंने इतना सब कुछ सिर्फ 6 महीनों की ट्रेनिंग की मदद से किया है। गोरतलब हैं कि भगवानी देवी पैरा एथलीट विकास डागर की दादी हैं।

जिस तरह से विकास ने भारत का नाम रोशन किया, उससे इंस्पायर होकर भगवानी देवी ने भी इस रह पर चलने का फैसला किया और केवल 6 महीने की ट्रेनिंग के बाद इतना मुकाम को हासिल किया। बता दें कि उन्होंने 100 मीटर स्प्रिंट में गोल्ड मेडल जीता। इसके अलावा शॉट पुट और डिस्कस थ्रो में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। हैरानी की बात तो यह है कि वह अपनी इस कमियाबी से खुश नहीं हैं। उनका मानना है कि वह और अच्छा कर सकती थीं और शॉट पुट और डिस्कस थ्रो में भी गोल्ड जीत सकती थीं।

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इसको लेकर उनका कहना है कि “मैंने स्टेट और नेशनल चैंपियनशिप में 3 गोल्ड मेडल जीते थे। ऐसे में मैं ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अधिक खुश नहीं हूं।” बता दें कि उनका जीवन काफी संघर्ष भरा रहा है। 29 साल की उम्र में उन्होंने अपनी पति को खो दिया था। उस दौरान वह गर्भवती थीं, इसके बाद भी उन्होंने अपने बच्चों की अकेले ही परवरिश की। दूसरा सदमा उनको तब लगा जब उनकी 11 साल की बेटी ने दुनिया को अलविदा कह दिया। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि साल 2007 में उनकी बायपास सर्जरी भी हुई।

इतना सब कुछ सहने के बाद भी उन्होंने आज तक कभी हार नहीं मानी। वह जिंदगी भर लड़ती रहीं, और आखिर में उन्होंने अपने पोते की तरह देश के लिए लड़ने का फैसला किया। अब वह दुनिया भर में प्रसिद्ध हो चुकी हैं। बता दें कि वह अब वर्ल्ड मास्टर्स एथलेटिक्स इंडोर चैंपियनशिप के लिए खुद को तैयार करने वाली हैं। ये कंपटीशन अगले साल पाेलैंड में होने वाला है।

ब्रिटेन पीएम की रेस में आगे निकले ऋषि सुनक, हासिल की पहली जीत…

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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के पद से इस्तीफा देने के बाद से ही नए प्रधानमंत्री को चुनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस बीच कई लोगों ने अपनी दावेदारी पेश की, जिसमें से एक भारतीय शख्स भी मौजूद हैं। बता दें कि पूर्व चांसलर ऋषि सुनक ने देश के प्रधानमंत्री के पद के लिए दावेदारी पेश की थी। हैरान करने वाली खबर ये है कि इस समय वह प्रधानमंत्री पद की रेस में सबसे आगे हैं। पहले चरण के दौरान उनको सबसे ज्यादा वोट हासिल हुए हैं। जो उनके लिए सबसे बड़ी जीत साबित हो रही है। जानकारी के अनुसार उनको पहले चरण में 88 वोट मिले हैं।

जबकि इस दौरान पेनी मोर्डौंट को केवल 67 वोट मिलें। इनके अलावा ट्रस लिज को महज 50 वोट ही मिल सके। बताया जा रहा है कि वित्त मंत्री नादिम ज़हावी और पूर्व कैबिनेट मंत्री जेरेमी हंट को रेस से बाहर कर दिया गया है। बता दें कि बोरिस जॉनसन के इस्तीफे के बाद ही ऋषि सुनक दावेदारी पेश कर दी थी। इस दौरान उन्होंने एक वीडियो को साझा किया था। जिसमें उन्होंने अपनी नानी की एक कहानी सुनाई थी। जो भारतीय मूल की थीं और सृक्षा तंजानिया के रास्ते ब्रिटेन आई थीं।

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उन्होंने वीडियो में कहा था कि “वह युवा महिला ब्रिटेन आई, यहां उसे नौकरी मिल गई, लेकिन अपने पति और संतान को यहां लाने का इंतजाम करने के लिए उन्हें एक साल तक पैसे जोड़ने पड़े। उनमें से एक संतान मेरी मां थीं, जिनकी उम्र तब 15 साल थी। मेरी मां ने कड़ी मेहनत से पढ़ाई कर फार्मेसिस्ट की डिग्री हासिल की। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा में उनकी मुलाकात मेरे पिता से हुई और वे साउथहैम्पटन में बस गए। उनकी कहानीं यहीं खत्म नहीं होती। हालांकि मेरी कहानी यहीं से शुरू होती है।” बता दें कि अगर वह चुनाव जीत जाते हैं तो ये मुकाम हासिल करने वाले पहले भारतीय शख्स बन जाएंगे।