Home Blog Page 752

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसे में 8 लोगों की मौत, तीन की हालत गंभीर, कई हुए घायल…

0

पिछले महीने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा पेश आया था। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक गाड़ी में छह लोग सवार थे। जो टैंकर में जा घुसी थी। खबर है कि पिछले महीने की तरह इस महीने भी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर ही एक और हादसा पेश आया है। जिसमें 8 लोगों को मरा हुआ पाया गया है। जबकि कई लोगों के घायल होने की भी खबरें सामने आ रही हैं। मिली जानकारी के अनुसार सड़क किनारे खड़ी एक बस में दूसरी बस ने टक्कर मार दी। जिसके चलते ये हादसा पेश आया।

बताया जा रहा है कि दोनों डबल डेकर बस थीं। बस में टक्कर पड़ते ही, जब यात्रियों को बाहर निकाला गया तो उनमें से 8 यात्री मर्त पाए गए। जबकि 20 को घायल हुए, जिनमें से 3 ही हालत नाजुक बताई जा रही है। घायल यात्रियों को इलाज के लिए पास ने ही मौजूद एक अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है और जिनकी हालत गंभीर है उनको लखनऊ स्थित ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दोनों डबल-डेकर बसें बिहार के सीतामढ़ी और सुपौल से दिल्ली जा रही थीं।

images 24

राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जाहिर करते हुए एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि “पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर सड़क दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद है। संबंधित अधिकारियों को राहत व बचाव कार्य तेजी से संचालित करने और घायलों के समुचित उपचार हेतु निर्देश दिए गए हैं। प्रभु श्री राम दिवंगत आत्माओं को शांति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।” बता दें कि अभी इस मामले की जांच जारी है।

उद्घाटन के एक हफ्ते बाद ही उखड़ा बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, अखिलेश ने साधा योगी सरकार पर निशाना…

0

विपक्षी पार्टी कभी भी सत्ता में बैठी पार्टी को निशाना बनाने का मौका गवाती नहीं है। फिर चाहे वो कांग्रेस हो या समाजवादी पार्टी, दोनों ही छोटे से लेकर हर बड़े मुद्दे पर सरकार को निशाना बनाती है। आज भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर राज्य की मुख्य विपक्षी दल सपा ने हमला बोला है। सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को मुद्दा बनाते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ पर हमला बोला है। उन्होंने योगी आदित्यनाथ से सवाल पूछा है कि वह एक्सप्रेस-वे को बनाने वालों की संपत्ति पर कब बुलडोजर चलाएंगे।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले हफ्ते ही बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन हुआ है। इस 296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन 16 जुलाई को पीएम मोदी के हाथों से हुआ है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश में एक्सप्रेस-वे के कई जगहों से उखड़ने की शिकायत सामने आई है। जिसके बाद यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इसको लेकर एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने योगी आदित्यनाथ पर हमला बोला।

images 2 11

उन्होंने लिखा कि “बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की ख़ामियों और ख़राबियों का ख़ामियाज़ा जनता क्यों भुगते। जनता टैक्स का पैसा भी दे और इलाज का भी। भाजपा सरकार ने जितनी जल्दबाज़ी उद्घाटन में दिखाई थी, उससे भी जल्दी ये एक्सप्रेस-वे जगह-जगह उखड़ गया है। इसको बनवाने वालों और बनाने वालों पर बुलडोज़र कब चलेगा?” बताया जा रहा है कि जहां जहां से एक्सप्रेस-वे के उखड़ने की खबरें आई थी उन सभी जगहों पर उनकी मरम्मत कर दी गई है।

ठाकरे और शिंदे की लड़ाई के बीच चुनाव आयोग का आदेश, शिवसेना पर अधिकार साबित करें…

0

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार को गिरे काफी समय हो चुका है। लेकिन अब तक सियासत गर्मा रही है। एक तरफ एकनाथ शिंदे अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हुए हैं तो दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे उनको गिराने की कोशिशों में लगे हुए हैं। बताते चले कि इस बीच अब ये सियासत नया मोड़ लेती नजर आ रही है। दरअसल, चुनाव आयोग के एक आदेश ने सबको हिला कर रख दिया है। बीते कई समय से जल रही इस राजनीतिक आग में चुनाव आयोग ने घी झोंक दिया है।

सूत्रों की माने तो चुनाव आयोग ने टीम ठाकरे और एकनाथ शिंद गुट से ‘शिवसेना’ पर अपना अधिकार साबित करने को लेकर दस्तावेज जमा करने का आदेश जारी किया है। इसके लिए चुनाव आयोग ने दोनों ही गुट को 8 अगस्त तक का समय दिया है। बताते चलें कि दोनों गुटों द्वारा एक दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं। बता दें कि इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का दावा है कि उनके पास शिवसेना के 40 विधायक और 12 सांसदों का समर्थन है।

images 9 4

शिवसेना ने कुछ ही दिनों में उद्धव ठाकरे की सरकार को नष्ट कर दिया। जिस रफ्तार से शिंदे आगे बढ़ रहे हैं उसको देखते हुए लग रहा है कि वह जल्दी ही शिवसेना से भी उद्धव ठाकरे का नामोनिशान मिटा देंगे। बता दें कि इस मामले की सुनवाई अब तभी की जाएगी जब दोनों गुटों द्वारा दस्तावेज जमा कर दिए जाएंगे। एकनाथ शिंदे द्वारा लिखे गए एक पत्र में कहा गया था कि उद्धव ठाकरे द्वारा नियुक्त शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी भंग कर दी गई है और उन्होंने एक नई कार्यकारिणी का गठन किया है।

26 घंटे की पूछताछ के बाद पार्थ चटर्जी की हुई गिरफ्तारी, ईडी ने किया…

0

पीछे कुछ समय से प्रवर्तन निदेशालय जोरों से एक्शन में है। अब तक कई नेताओं के खिलाफ कार्यवाई करते हुए उनको गिरफ्तार भी कर दिया गया है। हाल ही में एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय ने एक और मामले में पश्चिम बंगाल के एक वरिष्ठ मंत्री की गिरफ्तारी की है। मिली जानकारी के अनुसार ईडी ने पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी को मनी लांड्रिंग के मामले में पूछताछ के लिए बुलाया, पूछताछ के बाद कल रात उनको गिरफ्तार भी कर लिया गया। बताया जा रहा है कि राज्य में कथित शिक्षक भर्ती घोटाले में उनका नाम शामिल था।

जिसके कारण उनको पूछताछ के लिए लाया गया। लेकिन पूछताछ के बाद ही उनको गिरफ्तार कर लिया गया। शनिवार को उनकी गिरफ्तारी हुई। बता दें कि उनकी गिरफ्तारी से एक दिन पहले उनके करीबी सहयोगी से 20 करोड़ रुपए बरामद किए गए थे। सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार रात भर की पूछताछ के बाद पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें ईडी कार्यालय ले जाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि करीब 26 घंटों तक उनसे पूछताछ चली है।

images 8 3

गोरतलब हैं कि ईडी के साथ साथ इस मामले की जांच सीबीआई भी कर रही है। बताते चलें कि चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के परिसर से 20 से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए गए। इस पहली बार नहीं हुआ है जब ईडी ने किसी मंत्री की गिरफ्तारी की हो। इससे पहले भी कई मंत्रियों को ईडी सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है। बताते चलें की पश्चिम बंगाल के कई और मंत्रियों से भी ईडी पूछताछ कर रही है।

राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू ने हासिल की बड़ी जीत, बनी देश की पहली…

0

देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल पूरा होने के बाद देश की जनता की नजरें होने वाले नए राष्ट्रपति पर टिकी हुई थी। चुनाव में मुख्य रूप से दो नाम सामने आए थे, जिसमें पहला नाम द्रौपदी मुर्मू का था और दूसरा नाम यशवंत सिन्हा का था। आपको बता दें कि चुनाव में पूरी बहुमत के साथ द्रौपदी मुर्मू ने जीत हासिल करली है और देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति बन चुकी हैं। इसके साथ ही वह देश की पहली महिला आदिवासी राष्‍ट्रपति बन गई हैं। उन्हें चुनाव में 64.03 प्रतिशत वोट हासिल किए। जबकि उनकी विरोधी यशवंत सिन्हा को केवल 35.97 प्रतिशत वोट ही मिले।

उनकी इस बड़ी जीत के बाद सब उनको बधाई दे रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े राज नेताओं ने उनको राष्ट्रपति बनने पर बधाई दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बढ़ाई देते हुए लिखा कि “द्रौपदी मुर्मू एक असाधारण विधायक और मंत्री रही हैं. झारखंड के राज्‍यपाल के तौर पर उनका बेहतरीन कार्यकाल रहा है. मुझे यकीन है कि वे उत्‍कृष्‍ट राष्‍ट्रपति साबित होंगी, जो आगे बढ़कर नेतृत्‍व करेंगी और भारत की विकास यात्रा को मजबूत करेंगी।”

images 3 10

बता दें कि चुनाव में मिली हार के बाद यशवंत सिन्हा ने भी द्रौपदी मुर्मू को जीत की बधाई दी। उन्होंने कहा कि “मैं राष्ट्रपति चुनाव में जीत पर द्रौपदी मुर्मू को दिल से बधाई देता हूं। मुझे उम्‍मीद है और वास्‍तव में हर भारतीय को उम्‍मीद है कि देश के 15वें राष्‍ट्रपति के तौर पर वे बिना किसी डर और पक्षपात के संविधान के संरक्षक के रूप में कार्य करेंगी।” गोरतलब हैं कि उनकी जीत से पूरे बीजेपी में खुशी का माहौल बना हुआ है।

श्रीलंका को मिला देश का अगला राष्ट्रपति, एक्शन में आई सेना, आंदोलनकारियों को किया…

0

पिछले कुछ समय से श्रीलंका में आर्थिक स्थिति को लेकर काफी बवाल चल रहा है। ऐसे में जनता ने देश के राष्ट्रपति को पद छोड़ने पर मजबूर कर दिया। जनता द्वारा राष्ट्रपति भवन को कब्जे में लेने के बाद ही राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद से दूसरे राष्ट्रपति को लेकर काफी चर्चा हुई। गोरतलब हैं अब देश का नया राष्ट्रपति मिल चुका है। रानिल विक्रमसिंघे को देश का नया राष्ट्रपति चुना गया है। बताते चलें कि गुरुवार को रानिल विक्रमसिंघे ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली।

रानिल विक्रमसिंघे के राष्ट्रपति बनने के बाद अब खबर है कि श्रीलंकाई सेना एक्शन में आ चुकी है। जानकारी मिली है कि नए राष्ट्रपति के शपथ लेने के बाद सौकड़ों श्रीलंकाई जवान और पुलिस ने मुख्य एंटी-नेशनल गवर्नमेंट कैंप में छापेमारी की है। इस दौरान प्रेसिडेंटिअल सेक्रेटेरिएट बाहर बैठे आंदोलनकारियों को भी हटा दिया गया है। बता दें कि ये आंदोलन अप्रैल के महीने से ही चल रहा था। जिसको रानिल विक्रमसिंघे ने राष्ट्रपति बनने के बाद ही हटवा दिया।

images 1 11

गोरतलब हैं कि आंदोलनकारियों ने इस बात का ऐलान पहले ही कर दिया था कि वह विरोध प्रदर्शन खत्म कर देंगे जब रानिल विक्रमसिंघे राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। ठीक वैसा ही हुआ, उनके पद संभालते ही जवानों ने सारे टेंटों को ध्वस्त कर दिया। बताते चलें कि इस दौरान कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया गया। श्रीलंका की आर्थिक स्थिति काफी खराब है, अब देखना होगा कि वह नए राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद इस पर कितना काम करते हैं।

फिर एक बार कोरोना ने बढ़ाई लोगों की परेशानी, एक ही दिन में मामलों में 32 फीसदी उछाल..

0

फिर एक बार कोरोना वायरस देश में अपनी पकड़ मजबूत बनाने में लग चुका है। पिछले कुछ समय से मामलों में केवल बढ़ोतरी ही नजर आ रही है। मामलों में लगातार इजाफा होता जा रहा है। ऐसे में अब कई राज्यों की सरकार एक्शन में आ गई है और इसको लेकर कई फैसले किए जा रहे हैं। बता दें कि पिछले 24 घंटों में देशभर में कोरोना के 20, 557 नए केस सामने आए। इन मामलों के सामने आने के बाद देश में कुल मामलों की संख्या बढ़कर 43, 803,619 पर पहुंच चुकी है। बीते 24 घंटों में सामने आए मरीजों के बाद देश में मौजूदा मरीजों की संख्या में भी भारी इजाफा हुआ है।

रिपोर्ट्स के अनुसार अब देश में एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 145, 654 हो गई है। रिकवरी रेट की बात करें तो मौजूदा समय में रिकवरी रेट 98.47% है। बीते दिन 18,517 ने कोरोना से जंग में जीत हासिल की। वहीं, अगर बात करें कोरोना से अब तक ठीक होने वाले मरीजों की तो अब तक देश में 43, 132,140 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं। डेली पोजिटिविटी रेट 4.13% है जबकि वीकली पोजिटिविटी रेट 4.64% है। बता दें कि ये वायरस अब धीरे धीरे सभी राज्यों के पकड़ बना रहा है।

images 22

महाराष्ट्र, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में भी कोरोना के मामलों में इजाफा हो रहा है। ऐसे में लोगों की सुरक्षा को देखते हुए और कोरोना की बढ़ती रफ्तार पर रोक लगाने के लिए इन राज्यों में मास्क को अनिवार्य कर दिया गया है। बता दें कि राज्य सरकारों के साथ साथ अब केंद्र सरकार भी परेशानी में आ चुकी है। देखना होगा की अब कोरोना को रोकने के लिए केंद्र क्या कदम उठाती है।

वर्क फ्रॉम होम के लिए जारी हुए नए नियम, अब एक साल तक…

0

कोरोना काल के दौरान देश में बहुत कुछ बदल गया। हर काम डिजिटल माध्यम से होने लगा। देखा जाए तो कोरोना काल के दौरान दुनिया भर में वर्क फ्रॉम होम को सबसे ज्यादा इंपोर्टेंस दी गई। भारत समेत कई देशों में कोरोना काल के दौरान से ही वर्क फ्रॉम होम का आगाज हुआ और आज इसको सबसे ज्यादा इंपोर्टेंस दी जा रही है। ऐसे में अब वर्क फ्रॉम होम को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बता दें कि इस कल्चर को भारत में तेजी से अपनाया जा रहा है। वाणिज्य मंत्रालय ने वर्क फ्रॉम होम के लिए नए नियमों की घोषणा कर दी है।

मंत्रालय के अनुसार विशेष आर्थिक क्षेत्र में घर से काम करने की अनुमति अधिकतम एक साल के लिये होगी और इसे कुल कर्मचारियों के 50 प्रतिशत तक लागू किया जा सकता है। खबरों की माने तो नये नियम के तहत सेज इकाई में काम करने वाले कुछ श्रेणी के कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति होगी। इसके अलावा, अस्थायी रूप से अक्षम, या फिर जो यात्रा कर रहे हैं और दूर से काम करने वाले कर्मचारियों पर ये नियम लागू होगा। जानकारी के अनुसार इनमें कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारी भी मौजूद रहेंगे।

images 2 9

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वाणिज्य विभाग ने विशेष आर्थिक क्षेत्र नियम, 2006 में घर से काम के लिये नया नियम 43ए अधिसूचित किया है। मंत्रालय को और से कहा गया है कि “घर से काम करने को अब अधिकतम एक साल के लिये अनुमति दी गई है. हालांकि, विकास आयुक्त इकाइयों के अनुरोध पर इसे एक बार में एक साल की अवधि के लिये बढ़ा सकते हैं।”

लगातार गिरावट के बीच आज अपने निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना…

0

पिछले कुछ समय से डॉलर के मुकाबले रुपए में लगातार गिरावट देखी जा रही है। इन दिनों रुपया अपने सबसे निचले स्तर पर आ गिरा है। शुक्रवार को करेंसी मार्केट में एक डॉलर के मुकाबले रुपया 79.96 के लेवल तक जा गिरा था, लेकिन आज ये 80 के पार पहुंच चुका है। यह रुपये का सार्वकालिक निचला स्तर है, पिछले कुछ समय से लगातार गिरावट को देखते हुए पहले ही आशंका थी कि रुपया 80 डॉलर के पार पहुंच जाएगा और ऐसा ही हुआ। देखते ही देखते डॉलर के मुकाबले रुपया 80.05 पर पहुंच गया।

एक डॉलर के मुकाबले रुपये का ये स्तर अब तक का ऐतिहासिक निचला स्तर है. अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने की संभावनाओं के चलते विदेशी निवेशकों की तेज बिकवाली के मद्देनजर रुपये में गिरावट देखी जा रही है। संभव है कि अभी ये और गिरे। सूत्रों की माने तो एक डॉलर के मुकाबले रुपये के 82 के लेवल तक गिरने के चांसेज हैं। इसके अलावा सूत्रों का कहना है कि “रुपये में गिरावट आने का कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी और विदेशी पूंजी की बाजार से लगातार निकासी जारी रहना है।”

images 11 2

ऐसे में अब भारत सरकार पर लगातार निशाना साधा जा रहा है। मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भाजपा पर हमला करना शुर कर दिया है। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने पीएम मोदी पर हमला बोला। उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि “पेट्रोल की तरह रुपया भी एक डॉलर के मुकाबले 100 के पार जाएगा?” इसके साथ ही उन्होंने कहा कि “इतिहास में रुपये को ज्यादा कमजोर करने का काम मोदी सरकार ने किया है। जब यूपीए सरकार सत्ता छोड़ कर 2014 में गई थी तब एक डॉलर के मुकाबले रुपया 58 के लेवल पर था। लेकिन आज 80 के पार है।”

तीसरे राउंड की वोटिंग में भी ऋषि सुनक ने मारी बाजी, पीएम बनने की रेस में सबसे आगे…

0

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के इस्तीफे के बाद से देश के नए प्रधानमंत्री को चुनने की प्रक्रिया जारी है। इस रेस में 11 नेताओं ने अपनी दावेदारी पेश की थी, लेकिन अब केवल इस रेस में 4 उम्मीदवार ही बाकी रह गए हैं। जिनमें से एक पूर्व चांसलर ऋषि सुनक भी हैं। बताते चलें कि वह अब तक इस रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। सोमवार को ब्रिटिश संसद के कंजरवेटिव पार्टी के सदस्यों के बीच मतदान में भी उन्होंने पहला स्थान हासिल किया। इस बीच उन्होंने कंजर्वेटिव पार्टी के सभी सांसदों की वोटिंग में बाकी उम्मीदवारों को खुद से पीछे रखा।

इस दौरान उनके प्रतिद्वंदी टॉम तुगेंदत को सबसे कम वोट हासिल हुए जिसके कारण वह प्रधानमंत्री की रेस से बाहर हो गए। तीसरे राउंड की वोटिंग में ऋषि सुनक ने सबसे ज्यादा 115 वोट हासिल हुए. वहीं ट्रेड मिनिस्टर पेनी मोर्डंट 82 वोट, विदेश सचिव लिज ट्रस को 71 और केमी बैडेनोच को 58 मत मिले। अब इस रेस में केवल 4 लोग ही रह गए हैं। अब देखना होगा की बाजी कौन मारता है। बाकी बचे 4 प्रतिद्वंदियों के बीच आज फिर वोटिंग होनी है। जिसमें से दो और प्रतिद्वंदियों को रेस से बाहर कर दिया जाएगा।

images 9 3

इसके बाद शुरू होगी प्रधानमंत्री पद के लिए सीधी लड़ाई, इस लड़ाई में केवल दो ही उम्मीदवार मौजूद रहेंगे। ये उम्मीदवार देश में अलग-अलग जाकर अपना प्रचार अभियान चलाएंगे। जानकारी के अनुसार दोनों पार्टी के करीब 2 लाख कार्यकर्ता बचे दोनों उम्मीदवारों के लिए ऑनलाइन वोटिंग करेंगे और देश का अगला प्रधानमंत्री चुनेंगे। गोरतलब हैं कि अगर ऋषि सुनक इस पद को हासिल कर लेते हैं तो वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय शख्स बन जाएंगे।