Home Blog Page 751

उत्तराखंड: स्मार्ट तरीके से कर रहे थे टैक्स चोरी, फिर भी बच नहीं पाए दून के बड़े बिजनेसमैन

0
  • स्मार्ट तरीके से कर रहे थे टैक्स चोरी.

  • फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ETC) हासिल कर सरकार को चूना लगाया था.

देहरादून: टैक्स चोरी के मामले बड़ी संख्या में सामने आते रहते हैं। समय-समय पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और कर विभाग लगातार छापेमारी और सर्वे की कार्रवाई करता रहता है। कई मामलों में बड़े खुलासे भी सामने आते हैं। ऐसा ही एक मामला राजधानी देहरादून में सामने आया है। स्मार्ट सिटी का काम करा रहा ठेकेदार जीएसटी की चोरी कर रहा था। जांच के बाद सबकुछ साफ हो गया है।

हर्रावाला स्थित इंडस्ट्रीज और स्मार्ट सिटी के कॉन्ट्रेक्टर ने फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ETC) हासिल कर सरकार को चूना लगाया था। राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा दून की दो टीमों ने दोनों के ठिकानों पर छापेमारी कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया। दोनों ने करीब डेढ़ करोड़ की कर चोरी की थी।

हर्रावाला स्थित हैंडीक्राफ्ट और वुड का कांटेक्ट कार्य करने वाली फैक्ट्री से जुड़ा है। कर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जांच में पाया गया कि व्यापारी अपना पूरा टैक्स जमा नहीं कर रहे थे। आईटीसी का गलत तरीके से फायदा उठा रहे थे। फैक्ट्री परिसर से अभिलेख जब्त किए गए, जिनमें रिवर्स चार्ज की करदेयता भी छिपाने की बात सामने आई है।

लग्जरी कारों की खरीद, विदेश यात्रा और कई दूसरी सेवाओं पर दिए गए टैक्स का लाभ आईटीसी के रूप में नहीं मिलता है, लेकिन व्यापारी ने इसका लाभ उठाया। नियमानुसार माल मंगाने और भेजने में अगर भाड़े पर ट्रांसपोर्टर टैक्स नहीं दिया जा रहा है तो, टैक्स देने का दायित्व भाड़ा चुकाने वाले यानी माल भेजने या पाने वाले का होता है, जिसे ‘रिवर्स चार्ज पर कर अदायगी कहा जाता है। व्यापारी भाड़े पर रिवर्स चार्ज पर पूरा टैक्स अदा नहीं कर रहे थे।

दूसरा मामला स्मार्ट सिटी और वर्ल्ड बैंक परियोजना के ठेकेदार का है। यह फर्म पाइप लाइन बिछाने का काम करती है। ठेकेदार के ठिकानों पर गलत आईटीसी लिए जाने और कम टैक्स अदा करने के प्रकरण में छापेमारी की गई। यहां करीब 25 से 30 लाख की गड़बड़ी पकड़ी गई। कर विभाग की उचित टैक्स अदा नहीं करने वालों पर पैनी नजर है।

उत्तराखंड ब्रेकिंग: रुड़की में युवक की हत्या, पूर्व मंत्री के बेटे के नाम की चर्चा

0
  • रुड़की में युवक कि हत्या से सनसनी.

  • मारपीट के बाद छत से फेंका गया.

रुड़की: हरिद्वार जिले के रुड़की से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। यहां जमीन पर कब्जे के विवाद में युवक के साथ पहले मारपीट की गई और फिर उसे छत से नीचे फेंक दिया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस को गोली मारकर हत्या की सूचना मिली थी। लेकिन, मौके पर पता चला कि घटना कुछ और ही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में ले लिया गया है।

जानकारी के अनुसार जमीन विभाग से जुड़े मामले में यूपी के एक पूर्व मंत्री के बेटे का नाम भी यामने आ रहा है। यह मामला रुड़की के गणेशपुर का हैं। जानकारी के अनुसार हरिद्वार हाइवे पर करोड़ों की कीमत की करीब 40 बीघा जमीन है। जिस पर कब्जे को लेकर कुछ लोगों में लंबे समय से विवाद चल रहा है। मामले की शिकायत जमीन मालिक पुलिस से भी कर चुका है। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई।

सामने आया कि कुछ लोगों ने दो दिन पूर्व देहरादून के सहसपुर निवासी युवक का अपहरण कर लिया था और उसे बंधक बनाकर गणेशपुर में एक मकान में रख रखा था। बुधवार की सुबह अपहरण करने वाले लोगों ने उसके साथ मारपीट कर दी और उसे छत से नीचे फेंककर उसकी हत्या कर दी।

राहुल के बाद अब ईडी के निशाने पर आईं सोनिया गांधी, दो बार पूछताछ के बाद अब…

0

पिछले कुछ समय से प्रवर्तन निदेशालय नेताओं पर संकट की तरह छाया हुआ है। आए दिन किसी न किसी नेता से ईडी की पूछताछ की खबरें सामने आ रही हैं। फिलहाल ईडी के निशाने पर देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस है। हाल ही में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से ईडी ने पूछताछ की थी। जिसके बाद अब पार्टी की मौजूदा अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी ईडी ने पूछताछ शुरू कर दी है। न्यूज़ पेपर नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मंगलवार को पूछताछ की गई। ये पूछताछ करीब 6 घंटों तक चली और इसमें उनसे कई सवाल पूछे गए।

इससे पहले भी उनसे एक और बार पूछताछ की जा चुकी है। पूछताछ के दौरान प्रियंका गांधी भी उनके साथ मौजूद रही थीं। लेकिन उनको दूसरे कमरे में बैठाया गया था। सोनिया गांधी से हो रही पूछताछ को लेकर कांग्रेस देश भर में प्रदर्शन कर रही है। बता दें कि ईडी ने एक बार फिर उनको पूछताछ के लिए तलब किया है। जिसके कारण कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आज भी प्रदर्शन को जारी रखने का फैसला किया है।

images 26

गोरतलब हैं कि प्रवर्तन निदेशालय अखबार ‘नेशनल हेराल्ड’ का मालिकाना हक रखने वाली ‘यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड’ में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रहा है। इस मामले को लेकर ही राहुल गांधी से भी एजेंसी 50 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी। बताते चलें कि राहुल गांधी से की गई पूछताछ के दौरान भी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था।

बिजली का बिल देख इस शख्स की बिगड़ी हालत, अस्पताल में हुआ भर्ती…!

0

एक छोटी गलती कितनी भारी पड़ सकती है इस बात का अंदाजा कोई नहीं लगा सकता। गलती छोटी हो या बड़ी लोगों को काफी नुकसान पहुंचा सकती है। एक गलती से जुड़ा मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर से सामने आया है। जहां बिजली के बिल में हुई गलती के कारण एक शख्स को अस्पताल में भर्ती होना पड़ गया। दरअसल, ये बात ग्वालियर की रहने वाली प्रियंका गुप्ता के घर की है। हाल ही में उनके घर बिजली का बिल पहुंचा ये बिल इतना ज्यादा था कि उनके पैरों तले जमीन खिसक गई और जब इस बिल को उनके ससुर ने देखा तो उनकी तबीयत ही बिगड़ गई और उनको अस्पताल ले जाना पड़ा।

बता दें कि उनके घर जो बिजली का बिल आया उसकी राशि 3,419 करोड़ रुपये थी। जिसने सभी घरवालों को हिलाकर रख दिया। हालांकि बाद में इसकी शिकायत करने पर इसको ठीक कर दिया गया। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा संचालित बिजली कंपनी ने इसके लिए “मानवीय त्रुटि” को दोषी ठहराया है। इस बीच इस बारे में बात करते हुए गुप्ता के पति संजीव कंकाने ने कहा कि “जुलाई के बिजली बिल में घरेलू खपत की राशि देखकर उनके पिता बीमार पड़ गए।”

images 1 14

मिली जानकारी के अनुसार उनके बिल को ठीक करते हुए 1,300 रुपये का सही बिल जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही कर्मचारियों के खिलाफ एक्शन लेने की भी बात कही गई है। बिजली कंपनी के महाप्रबंधक नितिन मांगलिक ने कहा कि “एक कर्मचारी ने सॉफ्टवेयर में खपत की गई इकाइयों के स्थान पर उपभोक्ता संख्या दर्ज कर दी, जिसके परिणामस्वरूप अधिक राशि का बिल आया। बिजली उपभोक्ता को 1,300 रुपये का सही बिल जारी किया गया है।

उत्तराखंड: पहाड़ का दर्द बंया करती तस्वीर, बीमार महिला को पांच किलोमीटर दूर कंधों पर पहुंचाया अस्पताल

0
  • पहाड़ों पर स्वास्थ्य व्यवस्था हमेशा से ही बदहाल रही है।

  • मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए कंधों पर ढोना पड़ रहा है।

चमोली: पहाड़ों पर स्वास्थ्य व्यवस्था हमेशा से ही बदहाल रही है। पहाड़ी बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं का हाल किसी से छुपा नहीं है। लोगों को आज भी मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए कंधों पर ढोना पड़ रहा है। जबकि सरकार का दावा है कि उन जगहों से बीमारों को कंडी से लाया जाएगा, जहां तक सड़क नहीं जा पाती है। विधानसभा चुनाव के दौरान ऐसा नजारा दिखा भी, जहां असमर्थ लोगों को पोलिंग बूथ पहुंचाया गया। सवाल यह है कि जब वोट के लिए सरकार व्यवस्था कर सकती है, तो फिर मरीजों के लिए क्यों नहीं कर सकती?

चमोली के देशोली ब्लॉक के दूसरस्थ इराणी गांव की बीमार महिला को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए ग्रामीणों ने डंडी का सहारा लेना पड़ा। गांव की बिमला देवी बीमार हो गई थी। हालत ज्यादा बिगड़ने पर ग्रामीण उनको डंडी-कंडी के सहारे पांव किलोमीटर पैदल चलकर गोपेश्वर अस्पताल पहुंचाया।

ईराणी गांव के लोगों का कहना है कि इन दिनों सड़क और गांव के सारे रास्ते बंद हो गई हैं। ऐसे में बीमार महिला बिमला देवी को अतिरिक्त पांच किलोमीटर पैदल चलकर डंडी-कंडी से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि बिरही निजमुला मोटर मार्ग भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने के चलते ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मरीजों को कंधों पर ढोने की तस्वीरें आए दिन पहाड़ों से सामने आती रहती हैं। लगातार इस तरह के मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग के उन दावों की भी पोल खुलती है, जिनमें यह कहा जाता है कि डंडी/कंडी 108 भी लोगों को अस्पताल पहुंचाने का काम करेगी, लेकिन यह सारे हवाई दावे हैं।

उत्तराखंड, भर्ती, गड़बड़ी और पैसे वालों की जेब में जाती नौकरियां

0
  • उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी आम बात है।

  • आयोग कि एक और भर्ती कि होगी जांच ।

देहरादून: उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी आम बात है। लेकिन, ये आम क्यों है, इस तरफ कम ही लोग ध्यान देते हैं। दरअसल, आम बात इसलिए है क्योंकि इन नौकरियों का सौदा कोई आम आदमी नहीं। बल्कि, खास लोग ही करते हैं। जिस स्तर पर नौकरियां बेची जाती हैं। उससे साफ है कि वैसा कारनाम कोई आम आदमी नहीं कर सकता है। हाल ही में उत्तराखंड अधीनस्त चयन सेवा आयोग (uksssc) में 2021 की जिस भर्ती की जांच हुई। उसमें पेपर को लीक करने के लिए मोटी रकम ली और दी गई थी।

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की एक और भर्ती जांच के दायरे में आ गई है। इस मामले में विजिलेंस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। 2016 में हुई इस परीक्षा को रद्द किया गया था। इस मामले में विजिलेंस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद कार्रवाई शुरू कर दी है। इस भर्ती घोटाले मामले में आयोग के कई अधिकारियों पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है।

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने छह मार्च 2016 को ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीपीडीओ) के 196 पदों पर भर्ती की परीक्षा कराई थी। इसका परिणाम उसी साल 26 मार्च को जारी किया था। इस भर्ती परीक्षा में आरोप लगे थे कि ओएमआर शीट को दो सप्ताह तक किसी गुप्त स्थान पर रखकर उससे छेड़छाड़ की गई थी। इसके बाद रिजल्ट जारी हुआ था।

इस भर्ती में दो सगे भाईयों के टॉपर बनने के साथ ही ऊधमसिंह नगर के एक ही गांव 20 से ज्यादा युवाओं के चयनित होने की बात जांच में सामने आई थी। तत्कालीन सीएम हरीश रावत ने परीक्षा की उच्च स्तरीय जांच बैठाई थी। विवादों के बीच ही तत्कालीन आयोग के अध्यक्ष आरबीएस रावत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। 2017 में त्रिवेंद्र सरकार ने इस भर्ती को रद्द कर दिया और मामले की फिर से जांच बिठा दी थी। उसी जांच के आधार पर विजिलेंस ने मुकदमा दर्ज किया है।

हाईकोर्ट ने भर्ती परीक्षा मामले में दायर सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया गया और भर्ती को निरस्त कर दोबारा से लिखित परीक्षा कराने के आदेश दिए थे। आयोग ने 25 फरवरी 2018 को दूसरी बार परीक्षा कराई। पूर्व परीक्षा में चयनित हुए 196 उम्मीदवारों में से दूसरी परीक्षा में केवल आठ का चयन हुआ था।

उत्तराखंड : तेजी से बढ़ता कोरोना, दून में सबसे ज्यादा, कांवड़ यात्रा बढ़ा रही टेंशन

0

देहरादून : कोरोना एक बार फिर से रफ्तार पकड़ रहा है। पिछले एक सप्ताह में कोरोना के रोजाना लगभग 200 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। बड़ी बात यह है कि राजधानी देहरादून कोरोना का हॉटस्पॉट बनती जा रही है।

कोरोना के रोजाना सबसे अधिक मामले देहरादून से ही सामने आ रहे हैं, जो सरकार के लिए चिंता की बात है। रोकथाम के लिए हाल ही में सरकार ने एक एसओपी भी जारी की है। लेकिन, जारी करने के बाद उसका पालन कराने के लिए फिलहाल कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।

जिस तरह से हरिद्वार में कांवड़ यात्रा चल रही है। उससे बात तो साफ है कि अगर हरिद्वार में कोरोना संक्रमण फैला तो देशभर में कोरोना के मामलों में इजाफा हो सकता है। क्योंकि कांवड़ यात्रा में देशभर से कांवड़िए हर रोज पहुंच रहे हैं।

राज्य में एक बार फिर कोरोना विस्फोट हुआ है। पिछले 24 घंटे के भीतर  कोरोना के 282 मामले सामने आने से हड़कंप मच गया है। उत्तराखंड में एक बार फिर से कोरोना को लेकर हालात खराब होते जा रहे हैं। अगर समय रहते लोग नहीं समझे तो यह विकराल रूप ले सकता है।

बता दें कि आज देहरादून में 137, हरिद्वार में 22, नैनीताल में 35, उधमसिंह नगर में 32, पौडी में 03, टिहरी में 07, चंपावत में 0, पिथौरागढ़ में 2, अल्मोड़ा 18, बागेश्वर से 01, चमोली में 0, रुद्रप्रयाग में 19, उत्तरकाशी में 13 मामले सामने आए हैं।

राज्य में इस साल अब तक कुल 96414 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है जिनमें से 91511 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं।

उत्तराखंड: कांवड़ यात्रा में शिव-शक्ति पर भारी TRP और नेता भक्ती, देखें तस्वीरें

0

देहरादून: कांवड़ यात्रा भगवान शंकर के भक्तों की आस्था और त्याग की यात्रा है। लेकिन, श्रद्धा और भक्ति के साथ होने वाली कांवड़ यात्रा में कई तरह के हुड़दंगी लोग भी आने लगे हैं। पिछले कुछ दिनों में कई तरह के विवाद भी सामने आए। जबकि 26 जुलाई (आज) रुड़की में मुजफ्फरनगर और हरियाणा के कांवड़ियों के बीच मारपीट हो गई। हरियाणा के कांवड़ियों ने एक युवक को पीट-पीटकर मार डाला। इस घटना के अलावा 26 जुलाई को ही दो और बातों की चर्चा भी रही। बल्कि, इनकी बात हत्या वाली घटना से ज्यादा हुई है।

ये दो मामले राजनीति से जुड़े थे। अब आप अंदाजा लगा सकते हैं कि मीडिया और सोशल मीडिया में भी दूसरी यानी राजनीति की चर्चा ज्यादा कर रहा है। दरअसल, एक तरफ महिला और बाल विकास मंत्री रेखा आर्य अपनी टीआरपी के लिए ऋषिकेश से हरिद्धार तक कांवड़ उठाकर निकली।

उनका कहना है इससे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत लोगों को जागरूक करने के लिए यह सब किया गया है। मंत्री सड़क पर पैदल चल रही थी, तो जाहिर है, प्रशासनिक और संबंधित विभाग के अधिकारी सेवा में हाजिर रहे। सवाल यह है कि कांवड़ उठाने से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का क्या नाता है। कहीं, दूर-दूर तक कोई वास्ता नजर नहीं आता। हां टीआरपी के लिए जरूर सही है।

राजनीति की एक और दूसरी चर्चा में रही घटना यह है कि हरिद्वार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की फोटो लगाकर कांवड़ यात्रा निकाली गई। सही मायनों में कहा जाए तो यह शिव भक्तों की नहीं। बल्कि, नेता भक्तों की कांवड़ यात्रा थी।

क्या नेताओं की नजरों में आने के लिए तरह की सस्ती राजनीति की जानी चाहिए? क्या इस तरह की धार्मिक यात्राओं में प्रायोजित कांवड़ यात्रा निकाला सही है? यह प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी की तस्वीर लगी भाजपा प्रदेश प्रवक्ता नवीन ठाकुर की कावड़ आकर्षण का केंद्र रही। हरिद्वार से कांवड़ यात्रा सहसपुर पहुंची।

हरिद्वार में गंगा स्नान के लिए सोमवार शाम को सहसपुर के महादेव प्राचीन शिव मंदिर से भाजपा प्रवक्ता और कार्यकर्ताओं की एक टोली खुद को शिव भक्त बताकर स्नान के लिए निकले। लेकिन, उनकी कांवड़ पर भगवान शंकर की जगह पीएम मोदी और सीएम धामी की तस्वीरें लगी थी। इस यात्रा की अगुवाई भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नवीन ठाकुर ने की। इससे एक बात तो साफ है कि यह पूरी तरह से राजनीतिक और प्रायोजित कांवड़ यात्रा थी।

राजधानी दिल्ली में शुरू होगी स्काईबस सर्विस, इन मार्गों पर यात्री उठाएंगे सफर का आनंद…

0

देश की राजधानी दिल्ली में डेवलपमेंट तेज़ी के साथ हो रहा है। राज्य के डेवलपमेंट के लिए केजरीवाल सरकार कई काम करवा रही है। अब खबर है कि देश की राजधानी एक और प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा में है। दिल्ली सरकार जल्दी ही अपने एक और प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने वाली है। बता दें कि राज्य में बढ़ते ट्रैफिक और प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने राज्य में स्काईबस (मास ट्रांजिक सर्विस) शुरू करने की इच्छा जताई है। इसके बारे में बात करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने पूरी जानकारी दी है।

उनका कहना है कि “दिल्ली और हरियाणा में चुनिंदा मार्गों पर स्काईबस शुरू करना चाहता हूं। जिससे यातायात की भीड़ और प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। जलवायु एजेंडा सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। प्रदूषण के साथ आर्थिक वृद्धि होना अच्छी रणनीति नहीं है।” बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “मैं धौला कुआं से मानेसर तक स्काईबस (मास ट्रांजिक सर्विस) शुरू करना चाहता हूं। बाद में इसे बढ़ाकर सोहना तक किया जाएगा।”

images 2 12

वह आगे कहते हैं कि “मेरा सपना भारत में जीवाश्म ईंधन के आयात को कम करना है। मेरा सपना जीवाश्म ईंधन के आयात को शून्य पर लाना है।” इसके साथ ही उन्होंने इथेनॉल के उपयोग पर भी कुछ बातें कहीं। उन्होंने कहा कि “इथेनॉल ‘आर्थिक रूप से सस्ता, प्रदूषण मुक्त और स्वदेशी’ था। इथेनॉल देश में कृषि विकास को बढ़ाने जा रहा है, क्योंकि हम चावल से इथेनॉल का निर्माण करेंगे।”

यूजर्स की प्राइवेसी के लिए वॉट्सऐप का नया फीचर, अपने आप ही हो जाते हैं…

0

वॉट्सऐप एक ऐसा सोशल मीडिया प्लेटफार्म है जिसके यूजर्स दुनियाभर में मौजूद हैं। वॉट्सऐप आए दिन यूजर्स को नए फीचर्स देता रहता है। कई यूजर्स तो ऐसा भी हैं जिनको ऐप के कई फीचर्स के बारे में कुछ पता ही नहीं है। आज हम उन यूजर्स को एक नए फीचर के बारे में बताने जा रहे हैं। वह इस फीचर का इस्तेमाल कर खुद को सेफ फील करवा सकते हैं। बता दें कि हाल ही में वॉट्सऐप ने एक नया फीचर एड किया है। जिससे आप चुनिंदा समय में अपनी चैट्स को गायब कर सकते हैं। इस फीचर को ऑन करने के बाद खुद बा खुद चुने हुए समय में दोनों ही यूजर्स की चैट्स डिलीट हो जाएंगी।

इस नए फीचर का नाम ‘डिसेपियरिंग मैसेज’ है। इस फीचर को ऑन करते ही आपके समय चैट्स गायब करने के लिए समय पूछा जाता है। इसमें आप 24 घंटे, 7 दिन या 90 दिन चुन सकते हैं। जैसे ही आप कोई ऑप्शन सिलेक्ट करते हैं तो चैट्स खुद बा खुद चुने हुए समय पर डिलीट हो जाती हैं। आपको बता दें कि ये दोनों यूजर्स की चैट्स पर लागू होगा। अगर सामने वाला यूजर भी आपको कोई मैसेज भेजता है तो वो भी चुने हुए समय पर डिलीट हो जाएंगे।

images 25

इस फीचर का आनंद उठाना भी काफी आसान है। अगर आप इस फीचर को लागू करना चाहते हैं तो आपको केवल कुछ ही स्टेप्स को फॉलो करना होगा। सबसे पहले आपको उस यूजर की चैट को खोलना होगा जिसके चैट्स आप डिलीट करना चाहते हैं। उसके बाद आप मैसेज को टैप करें रहें, ऐसा करने पर कंटिन्यू का ऑप्शन आएगा, कंटिन्यू करते ही आपसे समय पूछा जाएगा आप कितने समय में चैट्स को डिलीट करना चाहते हैं। जैसे ही आप समय चुनते हैं, वैसे ही इस नए फीचर को ऑन करना का ऑप्शन सामने आजाएगा।