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महाराष्ट्र में कहर बनकर बरसा पानी, कई इलाकों में हुई तबाही, जानिए कितनों की हुई मौत…

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महाराष्ट्र के कई इलाकों में लगातार बारिश हो रही है और बारिश के कारण गंभीर स्तिथि पैदा होती जा रही है। बताया जा रहा है तेज बारिश के कारण पैदा हुए हालात की वजह से राज्य में अब तक कई मौतें भी हो चुकी हैं। बताया जा रहा है कि अब भी बारिश रुकने की कोई संभावना नहीं है। इस बीच मौसम विभाग ने पालघर, रायगढ़, नासिक, पुणे, कोल्हापुर और सतारा जिले के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है। जिसके चलते लोगों की चिंता और भी ज्यादा बढ़ गई हैं। बता दें कि मंगलवार के दिन मुंबई और इसके उपनगरीय क्षेत्रों में भारी बारिश हुई है।

इस बारी बारिश के कारण इन क्षेत्रों में बाढ़ भी आ गई है। बताया जा रहा है कि घटना के दौरान 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोगों के घायल होने की भी खबरें हैं। इसके साथ ही बताया जा रहा है कि भारी बारिश के कारण स्तिथि इतनी खराब हुई की। कई लोग इसका शिकार हो गए, बाढ़ प्रभावित इलाकों से 95 लोगों को सेना के जवानों द्वारा बचाया गया है। इन जगहों पर रेड अलर्ट अगले तीन दिनों तक के लिए जारी है। ऐसे में इलाकों में सभी स्कूल और कॉलेजों को बंद रखने का आदेश दिया गया है।

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लगातार पड़ रही तेज बारिश के कारण स्तिथि इतनी बाहर हो चुकी है कि राज्य लगातार लोगों की मौत की खबरें सामने आ रही हैं। मुंबई के उपनगर में एक ढांचा गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पूर्वी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में एक व्यक्ति डूब गया। ऐसे में सरकार की चिंताएं और बढ़ गई हैं। बात करें पुणे में पैदा हुए हालात की तो पुणे जिले के चाकन इलाके में मंगलवार को पानी से भरे गड्ढे में चार से आठ साल के तीन भाई-बहनों की डूबने से मौत हो गई। इसके अलावा एक ढांचे के गिरने से चार लोग घायल हो गए।

इस्तीफा देने से पहले ही देश से फरार हुए राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे, दस्तखत कर पहले ही…

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श्रीलंका में आर्थिक हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और इस सबका जिम्मेदार देश राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को ठहराया जा रहा है। ऐसे में श्रीलंका की जनता ने विरोध प्रदर्शन कर राजपक्षे के इस्तीफे की मांग की। बता दें कि राजपक्षे ने जनता की अपील को सुनते हुए इस्तीफा देना का फैसला किया। लेकिन इस्तीफा देने से पहले उन्होंने अपनी सिक्योरिटी की मांग रखी। खबर है कि जनता के कहर के खौफ से गोटाबाया राजपक्षे इस्तीफा देने से पहले ही देश छोड़ गए। बुधवार को वह मालदीव पहुंच गए।

बता दें कि गोटाबाया राजपक्षे 13 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा देने वाले थे। लेकिन एक रात पहले ही उन्होंने अपने देश से मालदीव के लिए उड़ान भरी। सूत्रों के अनुसार गोटाबाया राजपक्षे देर रात अपनी पत्नी और एक अंगरक्षक के साथ विमान में सवार हुए। एक अधिकारी का कहना है कि “मालदीव पहुंचने पर उन्हें पुलिस सुरक्षा के तहत एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है।” बता दें कि वह पहले ही इस्तीफे पर दस्तखत कर चुके थे। जिसके 13 जुलाई की डेट लिखी हुई थी।

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बताया जा रहा है कि आज बुधवार को स्पीकर अभयवर्धने सार्वजनिक तौर पर गोटबाया राजपक्षे के राष्ट्रपति पद से इस्तीफे को लेकर ऐलान कर देंगे। गोरतलब हैं कि इससे पहले उनके छोटे भाई और देश के पूर्व वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे ने भी देश छोड़कर जाने की कोशिश की थी। लेकिन वो कोशिश नाकाम साबित हुई थी। हवाई अड्डे पर आव्रजन अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया था। गोरतलब हैं कि पूर्व वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे को देश के सबसे खराब आर्थिक संकट के लिए व्यापक रूप से जिम्मेदार माना जाता है।

शिवसेना के बाद अब कांग्रेस पर गहराया खतरा, 11 में से 10 विधायकों ने…

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हाल ही में महाराष्ट्र में सियासी तालमेल बिगड़ने से उद्धव ठाकरे की सरकारी गिर गई। उद्धव ठाकरे के गुट के कई विधायकों ने पार्टी के साथ बगावत कर दी। जिसके बाद अब ये ही हाल गोवा में कांग्रेस के साथ भी होने की संभावना जताई जा रही है। बता दें कि रविवार को राज्य में कांग्रेस टूट की राह पर दिखी। जिसके चलते पार्टी द्वारा दो विधायकों पर भाजपा से मिलकर दलबदल के लिए साजिश रचने का आरोप लगाया। जानकारी के अनुसार इन विधायकों में माइकल लोबो और पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत हैं।

दोनों के खिलाफ आरोप लगने के बाद उनको विधानसभा में नेता विपक्ष के पद से हटा दिया गया। जानकारी के अनुसार कल पार्टी के 11 में से 10 विधायकों ने देर शाम बैठक की और इस बात पर चर्चा की कि पार्टी भाजपा (BJP) द्वारा विभाजन के प्रयास को क्या करती है। हालांकि इन आरोपों पर लोबो का कहना है कि घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया है। इससे पहले भी वह बयान दे चुके हैं और उनका कहना था कि कुछ गलत फहमियां है, जिनको आपस में बैठ के सुलझाया जा सकता है।

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सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है कि रविवार के दिन लोबो और पांच अन्य विधायक पार्टी के संपर्क में नहीं थे। जिसके चलते कांग्रेस की हालत खराब हो गई थी। ऐसे में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को आगे आकर केंद्रीय नेताओं को डैमेज कंट्रोल के लिए भेजना पड़ा। इसके साथ ही बताया जा रहा है कि भाजपा ने विधायकों के गोवा छोड़ने का पूरा इंतजाम कर दिया था। कांग्रेस के विधायकों को पार्टी में शामिल होने के लिए भाजपा द्वारा 15 से 20 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी।

दुनिया के सबसे शक्तिशाली टेलीस्कोप की पूरी रंगीन इमेज आई सामने, राष्ट्रपति जो बाइडेन ने किया…

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दुनिया में टेक्नोलॉजी बढ़ रही है। साइंटिस्ट और इंजीनियर नए नए इन्वेंशन कर टेक्नोलॉजी को और आगे तक ले जा रहे हैं। हाल में अमेरिका में भी एक प्रोजेक्ट पर काम चल रहा था, जिसको पूरा कर लिया गया है। बता दें कि पिछले कुछ समय से जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप पर काम किया जा रहा था, जो की अब पूरा हो चुका है। बता दें कि आज मंगलवार के दिन अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस टेलीस्कोप से नासा की ओर से सार्वजनिक की जा रही पहली पूरी रंगीन इमेज जारी की है। बताया जा रहा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली स्पेस टेलीस्कोप है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस टेलीस्कोप को साल 2021 में ही फ्रेंच गयाना से नासा और उसके यूरोपीय और कनाडाई समकक्षों के लिए अंतरिक्ष में लॉन्च कर दिया था। जिसके बाद अब इससे खींची गई पहली पूरी रंगीन इमेज सामने आई है। बताते चलें कि ये टेलीस्कोप पहले के हबल टेलीस्कोप की तुलना में ज्यादा दूरी कवर कर लेता है। इसकी खास बात ये है कि इसका प्रायमरी मिरर सोने में लिपटा है।

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गोरतलब हैं कि एयरोस्पेस दिग्गज नॉरथ्रॉप ग्रुम्मन कॉर्प द्वारा इसका निर्माण किया गया है। बता दें कि इस टेलीस्कोप के 5 प्रायमरी टारगेट सेट किए गए हैं। जिनमें कैरिना नेबुला और दक्षिणी रिंग नेबुला हैं। बताया जाता है कि ये पृथ्वी से हजारों प्रकाश वर्ष दूर हैं। जिसके चलते इनको टारगेट बनाया गया है। मिली जानकारी के अनुसार जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप एक टेनिस कोर्ट आकार की वेधशाला है।

ममता बनर्जी सरकार ने जारी किया मुखपत्र, अग्निपथ योजना को बनाया निशाना, शिंजो आबे की हत्या में…

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अग्निपथ योजना को लेकर फिर एक बार सरकार को घेरना शुरू कर दिया गया है। भाजपा की इस योजना के विरोध में सभी युवा खड़े हैं। साथ ही कई पार्टियों भी इसके खिलाफ हैं। हालही में जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की गोली मार कर हत्या कर दी गई है। जिसको मुद्दा बनाते हुए पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने अग्निपथ योजना के आवाज उठाई है। ममता बनर्जी सरकार का कहना है कि जापान में हुई एक्स पीएम की हत्या भारत में विवादास्पद रक्षा भर्ती कार्यक्रम (अग्निपथ योजना) के संभावित नुकसान को रेखांकित करती है।

तृणमूल कांग्रेस के मुखपत्र ‘जागो बांग्ला’ में शनिवार को इस मुद्दे पर बात छेड़ी गई। इसमें लिखा गया कि “एक पूर्व सैनिक के हाथों आबे की मौत ने अग्निपथ योजना को लेकर लोगों के डर की पुष्टि की है। हमलावर ने तीन साल की सेवा के बाद जापानी समुद्री आत्मरक्षा बल की अपनी नौकरी खो दी थी और उसे कोई पेंशन नहीं मिल रही थी। अग्निवीरों को भी उनकी चार साल की सेवा अवधि समाप्त होने के बाद कोई पेंशन नहीं मिलेगी।”

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इसके अलावा टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने भी रविवार को एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि “बीजेपी अग्निपथ योजना के नाम पर आग से खेल रही है। हमने देखा कि जापान में क्या हुआ है। एक पूर्व सैनिक ने पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या कर दी।” मुखपत्र जारी होने के बाद बीजेपी ने भी इसपर अपनी बात रखी। भाजपा का कहना है कि “हमने ऐसी किसी घटना के बारे में कभी नहीं सुना जिसमें हमारे देश का कोई पूर्व सैनिक शामिल रहा हो। टीएमसी सिर्फ इस मामले का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रही है।”

भारी बारिश के कारण बढ़ी गुजरात और तेलंगाना की मुश्किलें, बढ़ा नदियों का जल स्तर, 1500 लोगों को…

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दक्षिण पश्चिम मानसून का आगाज हो चुका है। ऐसे में देश के कई इलाकों में भारी बारिश देखी जा रही है। कई राज्यों में तो बारिश के कारण हालात काफी गंभीर हो गए हैं। लगातार भारी मात्रा में हो रही बारिश के कारण गुजरात और तेलंगाना में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो चुके हैं। माना जा रहा है कि अगर बारिश ऐसे ही लगातार होती रही थी। राज्य के निचले इलाकों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। हालांकि लोगों की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।

बताया जा रहा है कि गुजरात में बारिश थमने का नाम नहीं ले रही। भारी बारिश के कारण दक्षिण और मध्य गुजरात के कई इलाके पानी में डूब चुके हैं। जानकारों की माने तो इन इलाकों से अब तक 1,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। सिर्फ गुजरात में ही नहीं बल्कि तेलंगाना, हैदराबाद, उस्मानसागर और हिमायतसागर जेसी कई जगहों पर भारी बारिश के कारण परेशानियां देखने को मिली। भारी बारिश और उससे बढ़ती मुश्किलों को देखते हुए इन इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया जा चुका है।

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राज्यों की सरकारें इसको लेकर लगातार बैठक कर रही हैं और इस मामले का कोई हल निकालने की कोशिशों में जुटी हुई हैं। सूत्रों के मुताबिक नदियों का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में अब अगर बारिश थमी नहीं तो खतरा और भी ज्यादा बढ़ने की संभावना है। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रविवार को स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर के जिला कलेक्टरों के साथ बैठक की। इस बैठक ने खास तौर पर बारिश से पैदा होने वाले मुद्दों को रखा गया। बताया जा रहा है कि राज्य में स्कूल बंद करने का भी आदेश जारी कर दिया गया है।

यूके पीएम के इस्तीफे के बाद ऋषि सुनक ने पेश की दावेदारी, रेस में सबसे आगे.?

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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अपने पद से इस्तीफा देकर सबसे हैरान कर दिया है। अब लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि देश का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा? इस सवाल का जवाब देना फिलहाल मुमकिन नहीं। लेकिन माना जा रहा है कि इस बार एक भारतीय शख्स ब्रिटेन की कमान संभाल सकता है। जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री पद की रेस में ब्रिटेन के पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक सबसे आगे बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि वह जल्दी ही प्रधानमंत्री के पद पर काबिज हो जाएंगे। जानकारों के मुताबिक उन्होंने पद के लिए दावेदारी भी पेश कर दी है।

शुक्रवार को ट्विटर पर एक वीडियो को शेयर करते हुए उन्होंने अपनी दावेदारी पेश की और साथ में कई सारी बातें भी की। उन्होंने कहा कि “मैं कंजरवेटिव पार्टी का अगला नेता और आपका प्रधानमंत्री बनने के लिए खड़ा हूं। आइए विश्वास बहाल करें, अर्थव्यवस्था का पुनर्निर्माण करें और देश को फिर से जोड़ें।” इस दौरान उन्होंने वीडियो में अपनी दादी की एक कहानी को सुनाया। उन्होंने बताया कि किस तरह उनकी दादी एक नोकरी के लिए इंग्लैंड के विमान में सवार हो गई थीं।

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उन्होंने कहा कि “वह एक नौकरी खोजने में कामयाब रही। लेकिन उसके पति और बच्चों को उसका पालन करने के लिए पर्याप्त पैसा बचाने में लगभग एक साल लग गया।” वह आगे कहते हैं कि उनके लिए परिवार सब कुछ है। उन्होंने अपनी दावेदारी तो पेश कर दी है, लेकिन अगर वह जीत जाते हैं तो वह इतिहास रच देंगे। वह पहले ऐसे भारतीय होंगे जो ब्रिटिश पीएम बनेंगे।

एलन मस्क के फैसले से ट्विटर को बड़ा झटका, तोड़ी 44 बिलियन डॉलर वाली डील…

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बीते कुछ महीनों पहले टेस्ला के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क ने ट्विटर को खरीद कर सबको हैरान कर दिया था। लेकिन अब खबर है कि एलन मस्क ने इस डील को तोड़ दिया है। जानकारी के अनुसार ये डील 44 बीलियन डॉलर की थी। ऐसे में अब मस्क द्वारा डील तोड़ने की वजह से कंपनी ने मस्क के ऊपर कैसे करने का फैसला किया है। ट्विटर के चेयरमैन ब्रेट टायलो ने ट्वीट करते हुए कहा है कि “ट्विटर बोर्ड मस्क के साथ सहमत मूल्य और शर्तों पर सौदे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

राइटर्स के अनुसार ट्विटर मस्क को डील के मुताबिक फेक अकाउंट संबंधि जानकारी उपलब्ध कराने में असमर्थ रहा, जिसके कारण उन्होंने डील तोड़ने का फैसला किया। ऐसे में ट्वीटर की ओर से एक फाइलिंग में कहा गया कि “ट्विटर समझौते के कई प्रावधानों का उल्लंघन कर रहा है। ऐसा लगता है कि उसने गलत और भ्रामक डील किया है, जिस पर मस्क ने मर्जर का फैसला किया था।”

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वहीं, दूसरी ओर एलन मस्क का कहना है कि “कंपनी यह सबूत दिखाए कि स्पैम और बॉट खाते 5% से कम उपयोगकर्ता हैं, जो सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखते हैं।” बता दें कि इसको लेकर ट्विटर के बोर्ड अध्यक्ष ब्रेट टेलर का भी एक बयान सामने आया है। उनका कहना है कि “ट्विटर बोर्ड मस्क के साथ सहमत कीमत और शर्तों पर सौदे को बंद करने के लिए प्रतिबद्ध है और विलय समझौते को लागू करने के लिए कानूनी कार्रवाई करने की योजना बना रहा है। हमें विश्वास है कि हम डेलावेयर कोर्ट ऑफ चांसरी में विजयी होंगे।” माना जा रहा है कि ये विवाद कोर्ट में काफी लंबे समय तक चलने वाला है।

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे को लगी गोली, हालत गंभीर…

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राजनीति की दुनिया एक ऐसी दुनिया है जहां कभी भी कुछ भी हो सकता है। कभी भी किसी का पद छीना जा सकता है और कभी भी किसी की जान ली जा सकती है। आज राजनीति से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। खबरों के अनुसार जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे को आज सुबह गोली मार दी गई। वह रविवार को होने वाले अपर हाउस चुनाव से पहले एक कार्यक्रम में भाषण दे रहे थे, इस दौरान ही किसी ने उनको गोली मार दी। हालांकि अभी तक उनके कातिल का पता नहीं चल सका है। लेकिन पुलिस ने एक शख्स को अपनी हिरासत में ले लिया है।

बताया जा रहा है कि उनकी हालत काफी गंभीर है और उनके बचने का चांस काफी कम है। इस बीच उनको गोली लगने की जानकारी देते हुए मुख्य कैबिनेट सचिव हिरोकाजू मात्सुनो ने कहा कि “पूर्व प्रधानमंत्री आबे को नारा में सुबह करीब 11:30 बजे गोली मार दी गई थी। एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। पूर्व प्रधानमंत्री अबे की स्थिति पर अभी कुछ भी कहा नहीं जा सकता।” बता दें कि शिंजो आबे की उम्र 67 साल है और वह देश में सबसे ज्यादा समय तक प्रधानमंत्री के पद पर रहे थे।

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सबसे पहले साल 2006 में उनको एक साल के लिए देश का प्रधानमंत्री बनाया गया था। जिसके बाद वह साल 2012 से 2020 तक प्रधानमंत्री के पद पर रहे थे। गोरतलब हैं कि जब उनको गोली लगी तो वहां कई सारे लोग मौजूद थे। इस बीच एक युवती ने मामले को पूरी गंभीरता से परखा। उसने बताया कि “वह भाषण दे रहे थे और पीछे से एक आदमी आया पहला शॉट खिलौने की तरह लग रहा था। दूसरे शॉट में चिंगारी और धुएं को साफ देखा जा सकता है, इसके बाद लोगों ने पूर्व पीएम को घेर लिया और कार्डियक मसाज दी।” उनकी हालत को देखते हुए यह कहना मुश्किल होगा की वह जिंदा बच सकते हैं।

एक बार फिर SC के दरवाजे पर दी उद्धव ठाकरे गुट ने दस्तक, राज्यपाल के खिलाफ लगाया…

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महाराष्ट्र में अब तक सियासी युद्ध जारी है। एक तरफ उद्धव ठाकरे का गुट है तो दूसरी तरफ बागी विधायक और अब राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का गुट है। पिछले कुछ दिनों से दोनों गुट आपस में एक दूसरे को गिराने की हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं। बता दें कि एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उद्धव ठाकरे गुट ने हार नहीं मानी है। वह अब भी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। जिसके लिए एक बार फिर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। जानकारी के अनुसार उन्होंने एकनाथ शिंदे गुट को सरकार बनाने के राज्यपाल के न्योते को चुनौती दी है।

उद्धव ठाकरे के गुट का कहना है कि 16 बागी विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई अभी लंबित है। जिसके चलते वह विधानसभा की कार्यवाही में भाग नहीं ले सकते थे। लेकिन उन्होंने फिर भी कार्यवाही में हिस्सा लिया और एकनाथ शिंदे ने बहुमत साबित की। इस बीच एकनाथ शिंदे राज्य के मुख्यमंत्री बने और देवेंद्र फडणवीस को राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाया गया। जिसके बाद फिर अब उद्धव ठाकरे गुट ने सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर दस्तक दी है।

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इससे पहली हुई एक सुनवाई में उद्धव ठाकरे खेमे ने गवर्नर के राजनीतिक होने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि ” ये कहना गलत होगा कि गवर्नर पॉलिटिकल नहीं हो सकता। इन्हीं गवर्नर ने सालों तक 12 सदस्यों को नॉमिनेट नहीं होने दिया। गवर्नर ने किसी भी विधायक से बात तक नहीं की। यहां तक कि मुख्यमंत्री से बात तक नहीं की और एकतरफा फैसला ले लिया था। राज्यपाल कोई देवदूत नहीं हैं, वे इंसान हैं और इसलिए पहले भी एसआर बोम्मई और रामेश्वर प्रसाद आदि मामलों में न्यायालय के फैसले आए हैं।”