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उत्तराखंड : पेपर लीक मामले में कार्रवाई जारी, एक और गिरफ्तार

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देहरादून : अधीनस्थ चयन सेवा आयोग भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में लगातार STF कार्रवाई कर रही है। इस मामले में 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुके है। UKSSSC पेपर लीक मामले में एक और आरोपी की गिरफ्तारी हो गई है।

अब तक 14 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। STF की ओर से पेपर लीक की कड़ियों को जोड़ते हुए पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर तुषार चौहान निवासी जसपुर को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया।

उत्तराखंड: सुबह-सुबह हुआ बड़ा हादसा, मची चीख-पुकार

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देहरादून: उत्तराखंड में हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर रोज कोई ना कोई हादसा होते ही रहता है। आज सुबह ही लाल टप्पड़ के पास एक बस सड़क से दूसरी तरफ खेत में पलट गई, जिससे कई यात्री घायल हो गए। गनीमत रही कि इस हादसे में सभी लोगों की जानें बच गई।

आयलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, बुधवार तड़के दिल्ली से देहरादून आ रही एक बस लाल तप्पड़ फन वैली के पास अनियंत्रित होकर पलट गई। बस पलटने से कई यात्री घायल हो गए।

घटना सुबह करीब साढ़े बजे की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार बस दिल्ली से देहरादून आ रही थी। बस में कुछ यात्री हरिद्वार में उतर गए थे। दुर्घटना के वक्त बस में 17 यात्री सवार थे।

बताया जा रहा है कि चालक को नींद की झपकी आने से बस अनियंत्रित हो गई और पलट गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। रेस्क्यू कर सभी यात्रियों को बाहर निकाला। चार यात्रियों की हालत गंभीर है।

घायलों को 108 की सहायता से एम्स ऋषिकेश उपचार के लिए भेजा गया है। जबकि दो अन्य घायलों को आपातकालीन वाहन में ही उपचार दिया गया। अन्य लोगों को मामूली चोटें आई हैं।

भाजपा से अलग होने के बाद भी नीतीश ही रहेंगे बिहार के CM, तेजस्वी यादव होंगे…

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नीतीश कुमार के एक ही दांव से भाजपा चारों खाने चित हो गई है। बिहार की सत्ता से तो भाजपा का एग्जिट हुआ ही साथ ही उनकी मुश्किलें भी बढ़ गई। एनडीए के बाद जेडीयू ने सात दलों के ‘महागठबंधन’ के साथ सरकार बनाने का फैसला किया है। खास बात तो ये रही कि इन सभी दलों ने भी नीतीश कुमार की अपना मुख्यमंत्री मान लिया है। इस बार भी नीतीश ही राज्य के मुख्यमंत्री रहेंगे। इसके अलावा राजद के वरिष्ट नेता और लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री पद संभालेंगे। मिली जानकारी के अनुसार दोनों आज ही अपने पद के लिए शपथ लेने वाले हैं।

आज दोपहर तक शपथ ग्रहण समारोह का इंतजाम कर लिया जाएगा। बता दें कि नीतीश कुमार 8वीं बार राज्य के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। बिहार की जनता से नीतीश को लगातार सपोर्ट मिलता आया है। कल नीतीश के इस्तीफा देने के बाद खबरें सामने आ रही थी कि तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। लेकिन दोनों दलों में हुई एक बैठक के दौरान फैसला कुछ और ही लिया गया। इस फैसले के अनुसार नीतीश कुमार की राज्य के मुख्यमंत्री बने रहेंगे।

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जबकि तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री पद को संभालने के लिए तैयार हो गए। आपको बता दें कि बिहार विधानसभा में इस समय 242 सदस्य हैं। ऐसे में जीत का आंकड़ा 122 बनता है। जिसको ‘महागठबंधन’ ने बड़ी ही आसानी से पर कर लिया है। इस समय नीतीश कुमार को 164 विधायकों के समर्थन है। जिससे साफ है कि फिलहाल नीतीश की सरकार को कोई भी खतरा नहीं है।

जम्मू-कश्मीर : खूंखार आतंकियों को सुरक्षाबलों ने घेरा, पुलवामा बड़ी साजिश नाकाम

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जम्मू-कश्मीर : स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षाबलों ने बड़ी कामयाबी हासिल कि है। बडगाम में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच बुधवार तड़के मुठभेड़ जारी है। पुलिस और सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाला हुआ है। जम्मू कश्मीर के एडीजीपी विजय कुमार ने बताया कि लश्कर के तीन आतंकी घिरे हुए हैं। इनमें लतीफ राथर भी शामिल है। लतीफ राहुल और अमरीन भट्ट सहित कई नागरिकों की हत्या में शामिल रहा है।

इस बीच सुरक्षा बलों ने ऊधमपुर-कटरा रेलवे लिंक और ऊधमपुर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ा दी है। स्वतंत्रता दिवस से पहले स्पेशल डॉग स्क्वाएड, जीआरपी और आरपीएफ के जवानों को तैनात कर दिया गया है। यात्रियों की तलाशी और उनसे पूछताछ की जा रही है।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में बुधवार को पुलिस और सुरक्षा बलों ने स्वतंत्रता दिवस से पहले एक बड़े हमले की साजिश को नाकाम कर दिया। सुरक्षा बलों ने शहर में सर्कुलर रोड पर तहाब क्रॉसिंग के पास 25-30 किग्रा आईडीडी बरामद कर लिया। आईईडी को निष्क्रिय कर दिया गया है। एडीजीपी कश्मीर विजय कुमार ने बताया, ”पुलवामा पुलिस को मिली गोपनीय जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस और सुरक्षा बलों ने बड़े हमले की साजिश को नाकाम कर दिया।

इससे पहले मंगलवार को उत्तर प्रदेश में आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने भी आजमगढ़ के मुबारकपुर से इस्लामिक स्टेट के एक आतंकी को गिरफ्तार किया था। आतंकी स्वतंत्रता दिवस पर आईईडी धमाके की योजना बना रहा था। आरोपी सहाबुद्दीन के खिलाफ लखनऊ में आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

बिहार में राजनीतिक वार से घायल भाजपा, राज्यसभा में भी होगा…

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बिहार में चल रही राजनीति ने पूरी भाजपा को हिला कर रख दिया है। सिर्फ बिहार की ही नहीं बल्कि सत्ता में बैठी भाजपा नीतीश के इस हमले से घायल हो गई है। नीतीश ने एनडीए गठबंधन से अलग होने के बाद भाजपा की मुश्किलों को और भी ज्यादा बढ़ा दिया है। अब बिहार में भाजपा का राज करना लगभग नामुमकिन है। बिहार की राजनीति के साथ साथ भाजपा को अब राज्यसभा में भी परेशानियों का सामना करना पढ़ेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले तीन सालों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का साथ छोड़ने वाली ये तीसरी पार्टी है।

इससे पहले भी दो पार्टियों ने खुद को एनडीए गठबंधन से अलग कर लिया था। जिसमें से सबसे पहले ये कदम उठाया था शिवसेना ने, और फिर इस काम को अंजाम दिया अकाली दल ने और अब नीतीश ने भी जेडीयू को एनडीए से बाहर कर लिया है और ‘महागठबंधन’ का हिस्सा बनने का फैसला किया है। मिली जानकारी के अनुसार ‘महागठबंधन’ सरकार में भी नीतीश ही मुख्यमंत्री पद पर बरकरार रहेंगे। वहीं, तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री के पद को संभालेंगे।

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वहीं, अगर बात करें राज्यसभा की तो अब भाजपा को राज्यसभा में भी काफी मुश्किलें पेश आने वाली हैं। क्योंकि राज्यसभा में फिलहाल कुल सांसदों की संख्या 237 और बहुमत का आंकड़ा 119 है। जेडीयू के एनडीए से अलग होने के बाद अगर भाजपा राज्यसभा में बहुमत चाहती है तो उसको ओडिशा के बीजू जनता दल और आंध्र प्रदेश की वाई.एस.आर. कांग्रेस जैसी पार्टियों की मदद लेनी पड़ेगी। मौजूदा समय में भाजपा के पास केवल 110 सदस्य हैं।

खास खबर: जानें लाल किले में कैसे स्थापित हुआ स्वतंत्रता आंदोलन का राष्ट्रीय संग्रहालय

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नई दिल्ली: लाल किला भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। लाल किला भारतीय आजादी का प्रतीक माना जाता है। 15 अगस्त, 1947 को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने लाल क़िले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। इस प्रकार, लाल क़िला स्‍वतंत्रता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बन गया। लेकिन, लाल किला स्वतंत्रता का प्रतीक ऐसे ही नहीं है। लाल किले में कई राष्ट्रीय संग्रहालय भी हैं। उनमें स्वतंत्रता आंदोलन का राष्ट्रीय संग्रहालय भी शामिल है।

इस संग्रहालय में आंदोलन के राष्ट्रीय संग्रहालय में, स्‍वतंत्रता संघर्ष के इतिहास को छायाचित्रों, दस्‍तावेजों, चित्रों, अश्‍मलेखों और बन्‍दूकों, पिस्‍तौलों, तलवारों, ढालों, बिल्‍लों, पदकों, चित्रावलियों और विभिन्न तरह की प्रतिमाओं के जरिए दर्शाया गया है, जिससे आने वाली पीढ़ी को अपना इतिहास पता चल सके। उनको उन महान विभूतियों के बारे में पता चल सके। जिनके संघर्ष और कुर्बानियों से देश का आजादी मिली।

लेकिन, यह संग्रहालय कैसे सथापित हुआ। इसके बारे में जानना भी जरूरी है। दिल्ली में स्वतंत्रता आंदोलन के राष्ट्रीय संग्रहालय की स्थापना की मांग सबसे पहले क्रांतिकारी स्वतंत्रता आंदोलन के योद्धा रहे पद्म भूषण दिवंगत शशि भूषण ने उठाई थी। स्वतंत्रता संग्राम के आंदोलनकारी भारत छोड़ा आंदोलन की रजत जयंती मनाने के लिए आयोजित बैठक में 9 अगसत 1966 को एक साथ जुटे थे। इसी बैठक में यह प्रस्ताव लाया गया है।

दिवंगत शशि भूषण के पुत्र प्रशांत सी वाजपेयी ने बताया कि इस मांग को पूरा होने में पूरे 33 साल लग गए थे। 9 अगस्त, 1999 को भारत छोड़ो आंदोलन की स्वर्ण जयंती के अवसर पर भारत के तत्कालीन प्रधान मंत्री की ओर से लाल किला, दिल्ली में स्वतंत्रता आंदोलन का एक राष्ट्रीय संग्रहालय राष्ट्र को समर्पित किया था।

उनका कहना है कि बाद में, भारत के राष्ट्रपति ने सलीमगढ़ किले में आईएनए के राष्ट्रीय संग्रहालय का उद्घाटन किया। स्वतंत्रता आंदोलन के ये राष्ट्रीय संग्रहालय अभी तक विश्व स्तरीय संग्रहालय नहीं बने हैं। आशा है कि स्वतंत्रता संग्राम पर अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय शीघ्र ही स्थापित किया जाएगा। अब जबकि लाल किले को राष्ट्रीय धरोहर घोषित कर दिया गया है। आज जब हम आजादी के 75 वर्ष पूरे कर रहे हैं, लोगों को यह याद दिलाना एक ऐतिहासिक आवश्यकता है, जिससे स्वतंत्रता संग्राम में शहीदों और राष्ट्रीय नेताओं की भूमिका के बारे में आने वाली पीढ़ी अच्छ तरह से जान सके।

संग्रहालय में इनकी जानकारी

  • 1857 के विद्रोह की प्रारम्‍भिक अवस्‍था।
  • प्रथम भारतीय स्‍वतंत्रता संग्राम – 1857 ई.।
  • बीच की अवधि में भारत – 1858-1884 ई.।
  • कांग्रेस की उत्‍पत्‍ति – 1885-1905 ई.।
  • नरमपंथी और चरमपंथी चरण – 1906-1919 ई.।
  • गांधी युग का प्रारम्‍भ 1920-1929 ई.।
  • सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान भारत 1930-1939 ई.।
  • भारत छोड़ो आंदोलन – 1942 ई.।
  • इंडियन नेशनल आर्मी – 1942 ई.।
  • भारत की स्‍वतंत्रता प्राप्‍ति – 15 अगस्त, 1947।

उत्तराखंड : लाल सिंह चड्ढा पर काली सेना की नजरें टेढ़ी, दी कड़ी चेतावनी

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हरिद्वार: फिल्मों का किसी ना किसी वजह से विरोध होता रहता है। इस बाद अमिर खान की फिल्म लाल सिंह चड्ढा का विरोध हो रहा है। यह फिल्म 11 अगस्त को रिलीज होने से पहले ही धर्मनगरी हरिद्वार में संत समाज ने फिल्म का विरोध करना शुरू कर दिया है। विरोध की शुरूआत सोशल मीडिया से कर दी गई है।

काली सेना लोगों से अपील की जा रही है कि वे आगे आकर फिल्म का बायकॉट करें। हरिद्वार में भी संतों ने आगे आकर फिल्म का का बायकॉट कर दिया है। शांभवी पीठाधीश्वर एवं काली सेना प्रमुख आनंद स्वरूप ने कहा कि जिस तरह आमिर खान ने हमारे देवी देवताओं का मजाक उड़ाया है उससे उसका दंड मिलना चाहिए।

कहा कि आमिर खान की फिल्मों का विरोध करना होगा ताकि वह आगे कभी इस तरह के कृत्य करने से पहले कम से कम 10 बार सोचे।परमानंद ने भी ‘लाल सिंह चड्ढा’ फिल्म को ना देखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग इस फिल्म को देख कर अपना समय और पैसा ना बर्बाद करें।

आनंद स्वरूप ने लोगों से अपील की है कि वे फिल्म देखने के बजाय इससे अच्छा है कि सनातन धर्म से जुड़े किसी कार्य में प्रतिभाग करें। स्वामी चर्मआश्रित ने तो आमिर खान के ही अंदाज में लोगों से अपील करते हुए कहा कि वह जिस तरह से कहते हैं कि भगवान के मठ मंदिरों में दूध प्रसाद चढ़ाने से अच्छा गरीब असहाय लोगों की सहायता करें।

उसी तरह हम भारत देश की जनता से अपील करना चाहेंगे कि वह इस फिल्म को देखने से अच्छा किसी गरीब की मदद करें। कहा कि लोग इस फिल्म को देखने न जाएं, बल्कि फिल्म को देखने पर लगने वाले रुपयों की जगह धर्मार्थ पर अपना पैसा खर्च करें।

उत्तराखंड : भारी बारिश ने मचाई तबाही, घरों के सामने बहकर आए बड़े-बड़े बोल्डर

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रुद्रप्रयाग: मैदानी इलाकों में भले ही दो दिन से बारिश का दौर कुछ थमा हो, लेकिन पहाड़ी इलाकों में अभी भी बारिश का कहर जारी है। रुद्रप्रयाग जिले के अगस्‍त्‍यमुनि में भारी बारिश से तबाही मच गई है। अगस्त्यमुनि विकास खंड की ग्राम पंचायत छिनका में भारी बारिश से हड़खोला तोक में विशाल बोल्‍डरों के साथ मलबा आने से भारी नुकसान हुआ है। यहां विजय लाल के घर और गोशाला में मलबा घुस गया है।

भारी बारिश का कहर जारी है। लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह से प्रीभावित है। लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रुद्रप्रयाग जिले के छिनका गांव में सोमवार देर रात हुई अतिवृष्टि ने जमकर तबाही मचाई। अतिवृष्टि से कई आवासीय घरों में पानी घुस गया और सड़कें और घर मलबे से पट गए।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार बताया कि देर रात करीब एक बजे छिनका में भारी बारिश से अनुसूचित जाति बस्ती मेहड़खोला तोक में मलबा आने से काफी नुकसान हुआ है। बताया कि विजय लाल के घर व गोशाला में मलबा घुस गया है।

राहुल लाल, विजय लाल, जीत पाल सिंह राणा, जगदीश सिंह नेगी, राजेन्द्र नेगी, नरेंद्र सिंह नेगी की गौशला में भी मलबा आने से नुकसान हुआ है। साथ ही शिव प्रसाद सती, विष्णु सती, रविन्द्र सती, प्रकाश सती के खेत मलबा व पानी के कारण कट चुके हैं। राहत एवं बचाव काsर्य के लिए जिला आपदा प्रबंधन की टीम पहुंच चुकी है।

बड़ी खबर: बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार का इस्तीफा, इनसे मिलने पहुंचे

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बिहार: भाजपा और जदयू का गठबंधन टूट गया है। सीएम नीतीश राज्यपाल फागू चौहान को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस्तीफा देने के बाद नीतीश राबड़ी देवी के आवास पर पहुंचे। वहीं. इससे पहले जेडीयू की आज हुई बैठक में पार्टी के सभी विधायकों और सांसदों ने सीएम नीतीश कुमार के फैसले का समर्थन किया और कहा कि वे उनके साथ हैं।

बिहार भाजपा कोर ग्रुप मंगलवार शाम को राज्य में उभरती राजनीतिक स्थिति का जायजा लेने के लिए बैठक करेगा। बिहार भाजपा प्रमुख संजय जायसवाल के बैठक की अध्यक्षता करने की उम्मीद है। इसमें दोनों उप-मुख्यमंत्रियों, पूर्व राज्य पार्टी अध्यक्षों और अन्य वरिष्ठ नेताओं के भाग लेने की संभावना है।

बैठक में शामिल होने के लिए पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और अश्विनी चौबे और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद राष्ट्रीय राजधानी से पटना के लिए रवाना हो गए हैं।

चाहत को उर्फी का जोरदार जवाब, देखें VIDEO

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मुंबई: उर्फी जावेद अपनी बोल्डनेस के लिए जानी जाती हैं। अपनी खास तरह की ड्रैस के लिए ट्रोल भी होती रही हैं। लेकिन, हर बार वो उनको ट्रोल करने वालों को करारा जवाब देती हैं। उसके बार उनके निशाने पर आई चाहत खन्ना। उर्फी टीवी अभिनेत्री चाहत खन्ना के साथ अपने विवाद की वजह से सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। चाहत ने उर्फी के फैशन सेंस पर सवाल उठाए थे, जिसका जवाब अभिनेत्री ने भी दिया था। उर्फी ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उर्फी जावेद ने इशारों ही इशारों में चाहत खन्ना को खरी-खोटी सुना रही हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने चाहत पर एक आरोप भी लगाया है।

उर्फी जावेद ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह पीले रंग का आउटफिट पहने हुए हैं, जो काफी बोल्ड है। इसके साथ उर्फी ने पीले रंग की हाई हील्स भी पहनी हुई है, जिसमें वह अपनी अदाएं दिखाती नजर आ रही हैं। इस वीडियो के साथ उर्फी ने जो कैप्शन दिया है, उसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। उर्फी जावेद ने कैप्शन में लिखा, श्उर्फी को तैयार करने का यह अप्रिय तरीका क्या है?

 

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उर्फी ने आगे लिखा, श्अपनी अपनी चाहत होती है यार। समाज के हिसाब से तो तलाक लेने के बाद अपने एक्स हसबैंड के पैसों को नए बॉयफ्रेंड पर खर्च करना गलत होता है। लेकिन करने वाले करते हैं।श् माना जा रहा है कि उर्फी का ये कैप्शन चाहत खन्ना के लिए ही है क्योंकि बीते दिनों उर्फी ने चाहत के तलाक की बात सोशल मीडिया पर उठाई थी।

चाहत खन्ना ने उर्फी जावेद के फैशन सेंस पर सवाल उठाते हुए कहा था कि बाहर ऐसे कपड़े पहनकर कौन जाता है। साथ ही मीडिया पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने कहा था कि अगर कोई अपने कपड़े उतार देगा तो मीडिया उसे भी सेलिब्रिटी बना देगा? चाहत के इस पोस्ट के बाद ही उर्फी के साथ उनका विवाद शुरू हो गया था। चाहत के इसी कमेंट पर उर्फी ने लंबा चौड़ा पोस्ट शेयर किया था, जिसमें उन्होंने ड्रेस को पहनने की वजह बताने के साथ ही चाहत खन्ना के दो तलाक पर भी निशाना साधा था।