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बड़ी खबर: गुजरात में चुनाव का ऐलान, इस दिन होगी वोटिंग

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गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों का इंतजार अब खत्म हो गया है। चुनाव आयोग ने गुरुवार को गुजरात की चुनावी तारीखों का ऐलान कर दिया है। पहले राउंड का मतदान 1 दिसंबर को होगा और दूसरे चरण की वोटिंग 5 दिसंबर को होगी। इसके बाद 8 दिसंबर को चुनाव का नतीजा आएगा।

इसी दिन हिमाचल प्रदेश के चुनावी नतीजों का भी ऐलान होना है, जहां 12 नवंबर को एक ही राउंड में वोटिंग होने वाली है। गुजरात चुनाव में 2007 से ही दिसंबर में चुनाव होता रहा है और दो राउंड में वोटिंग की परंपरा रही है। चुनाव के ऐलान के साथ ही गुजरात में अधिसूचना लागू हो गई है। 14 नवंबर तक उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर सकते हैं और नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 17 नवंबर है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि गुजरात विधानसभा का कार्यकाल 18 फरवरी को समाप्त हो रहा है, जिसमें अभी करीब 100 दिन बाकी हैं। 10 अक्टूबर, 2022 को राज्य में मतदाता सूचियों का प्रकाशन हो चुका है। इस बार 4.9 करोड़ मतदाता गुजरात चुनाव में वोट डालेंगे। उन्होंने कहा कि 1 अक्टूबर, 2022 तक 18 साल के होने वाले युवाओं को भी वोटिंग का मौैका दिया जा रहा है। कुल 4.6 लाख वोटर ऐसे हैं, जो पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। राज्य में मतदान के लिए कुल 51,782 केंद्र बनाए जाएंगे। मतदान केंद्रों पर पीने के पानी की सुविधा होगी और बुजुर्गों के आराम के लिए वेटिंग एरिया भी बनाया जाएगा।

मतदाताओं के अनुभव को बेहतर करने के लिए राज्य में 142 मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके अलावा 1,274 मतदान केंद्र ऐसे होंगे, जहां सिर्फ महिला कर्मियों एवं सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी। हर जिले में कुछ बूथ ऐसे होंगे, जहां एकदम युवा निर्वाचन कर्मियों को तैनात किया जाएगा। हमने युवाओं को मतदान के लिए प्रोत्साहित करने के लिए यह फैसला लिया है। दिव्यांगों के लिए भी राज्य में कुल 182 स्पेशल पोलिंग स्टेशन होंगे। वहीं एक पोलिंग स्टेशन ऐसा होगा, जहां सिर्फ एक ही मतदाता है, लेकिन उनके मत के लिए भी 15 कर्मियों की टीम जाएगी। 80 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों और 40 फीसदी से ज्यादा दिव्यांगता से प्रभावित लोगों को घर से ही बैलेट पेपर के जरिए मतदान की सुविधा मिलेगी। इसके लिए उन्होंने फॉर्म 12डी भरना होगा।

 

 

 

उत्तराखंड : साशन ने किए IPS अधिकारियों के ट्रांसफर, इनको मिली ये जिम्मेदारी

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उत्तराखंड में पुलिस महकमे में बड़ा बदलाव कर दिया है। STF में शानदार काम कर रहे अजय सिंह को सरकार ने STF से हटा कर हरिद्वार का SSP बना दिया है। इसके साथ ही हरिद्वार के मौजूदा एसएसपी योगेंद्र सिंह रावत को डीआईजी कारागार बना दिया गया है। वहीं, अब STF के कप्तान आयुष अग्रवाल होंगे। IPS आयुष अग्रवाल को एसएसपी एसटीएफ बनाया गया है।

IPS trasfar 2

अजय सिंह ने एसटीएफ एसएसपी रहते हुए UKSSSC पेपर लीक मामले में कई बड़ी गिरफ्तारियों को अंजाम दिया। अजय सिंह बेहद तेजतर्रार अफसर माने जाते हैं और यही वजह रही कि एसटीएफ ने कई बड़े लोगों पर भी हाथ डाला और उन्हें जेल के पीछे पहुंचाया। हाकम सिंह इनमें से एक है। UKSSSC पेपर लीक मामले में STF की जांच चल रही है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल होनी है। ऐसे में अचानक ही अजय सिंह का तबादला कर दिया गया है।

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स्वामी छोड़ेंगे सरकारी आवास, कोर्ट को बताई तारीख

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BJP के पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी सरकारी आवास छोड़ने के लिए राजी हो गए हैं। उन्होंने कोर्ट को बताया है कि वह 5 नवंबर यानी शनिवार को सरकारी आवास सौंप देंगे। वहीं, केंद्र सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय को इस बात से अवगत कराया कि सुब्रमण्यम स्वामी के निजी आवास पर सुरक्षा संबंधी सभी इंतजाम किए गए हैं। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने यह भी कहा है कि सुरक्षा एजेंसियां भी व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं।

सुब्रमण्यम स्वामी ने उपयुक्त सुरक्षा प्रदान करने में केंद्र सरकार की विफलता को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। स्वामी ने कहा था कि केंद्र ने पहले के आश्वासन के बावजूद उनके उस आवास पर कोई सुरक्षा मुहैया नहीं कराई, जिसमें वह सरकारी बंगले को छोड़ने के बाद रहेंगे। स्वामी को जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। उन्होंने सुरक्षा खतरों का हवाला देते हुए सरकारी बंगले के पुन: आवंटन के लिए अदालत का रुख किया था।
आपको बता दें कि राज्यसभा सदस्य के रूप में स्वामी का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो गया था। स्वामी का प्रतिनिधित्व करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता जयंत मेहता ने अदालत को बताया थ कि जब अदालत की एकल पीठ ने पूर्व सांसद को बंगला खाली करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया था तो केंद्र ने आश्वासन दिया था कि उनके घर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। उनके वकील ने सुरक्षा इंतजाम पर सवाल उठया था। इससे पहले उनके सरकारी बंगले को खाली करने की आखिरी तारीख 26 अक्टूबर थी।

दो चरणों में हो सकता है गुजरात चुनाव, EC आज करेगा तारीखों का एलान

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चुनाव आयोग गुरुवार यानी 3 नवंबर 2022 को गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर सकता है। इसके लिए चुनाव आयोग ने तैयारी पूरी कर ली है। पिछले यानी साल 2017 की तरह ही गुजरात चुनाव दो चरणों में चुनाव हो सकते हैं।

नवंबर के आखिरी या फिर दिसंबर के पहले हफ़्ते में चुनाव की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक मतगणना की तारीख 8 दिसंबर ही रहेगी। क्योंकि हिमाचल चुनाव के नतीजों की तारीख भी 8 दिसंबर ही है।

चुनाव आयोग गुरुवार को दोपहर 12 बजे गुजरात विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा करेगा। चुनाव आयोग ने कार्यक्रम की घोषणा के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। बता दें कि चुनाव आयोग ने इस महीने की शुरुआत में हिमाचल प्रदेश चुनाव की तारीखों के साथ गुजरात चुनाव की घोषणा नहीं की थी। आपको बता दें कि हिमाचल प्रदेश में एक ही चरण में 12 नवंबर को मतदान होगा। 8 दिसंबर को मतगणना होगी।

 

बांग्लादेश को हरा टीम इंडिया ने किया PAK का काम तमाम?

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भारत ने T-20 वर्ल्ड कप 2022 के एक अहम मुकाबले में बांग्लादेश को डकवर्थ लुईस नियम के तहत 5 रन से हरा दिया है। इस जीत के साथ टीम इंडिया प्वाइंट्स टेबल में पहले स्थान पर पहुंच गई है। जबकि बांग्लादेश की टीम सेमीफाइल की रेस से लगभग बाहर हो गई है। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने केएल राहुल और विराट कोहली की दमदार अर्धशतकीय पारी की बदौलत 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 185 रन बनाए हैं।

इसके जवाब में बांग्लादेश की टीम धमाकेदार शुरुआत के बाद 16 ओवर में 145 रन ही बना सकी। अर्शदीप सिंह ने आखिरी ओवर में सिर्फ 10 रन दिए। बांग्लादेश की टीम को जीत के लिए आखिरी ओवर में 20 रन चाहिए थी। हसन  ने इस ओवर में एक छक्का और एक चौका लगाकर मैच को आखिरी गेंद तक लेकर गए। आखिरी गेंद पर सिर्फ एक रन बना।

भारतीय टीम ने रोमांचक मैच में बांग्लादेश को पांच रन से हरा दिया। बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारत ने 20 ओवर में छह विकेट पर 184 रन बनाए। बांग्लादेश को मैच जीतने के लिए 185 रन बनाने थे, लेकिन बारिश के कारण उसे 16 ओवर में 151 रन का लक्ष्य मिला। वह 16 ओवर में छह विकेट पर 145 रन ही बना सकी।

बांग्लादेश को जीत के लिए आखिरी ओवर में 20 रनों की आवश्यकता थी। अर्शदीप सिंह ने 14 रन ही दिए। नुरूल हसन सोहान ने एक चौका और एक छक्का लगाकर मैच को अंतिम गेंद तक पहुंचाया, लेकिन वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। इस जीत के साथ भारत के लिए सेमीफाइनल की राह आसान हो गई है। उसके चार मैच में छह अंक हो गए हैं। टीम इंडिया अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई है। वहीं, बांग्लादेश चार मैच में चार अंक हैं और वह तीसरे स्थान पर है।

भारत के लिए मैच में विराट कोहली ने सबसे ज्यादा नाबाद 64 रन बनाए। कोहली के अलावा भारत के लिए केएल राहुल ने 32 गेंद पर 50 रन बनाए। सूर्यकुमार यादव ने 16 गेंद पर 30 रन बनाए। रविचंद्रन अश्विन छह गेंद पर 13 रन बनाकर नाबाद रहे। दिनेश कार्तिक और अक्षर पटेल सात-सात रन बनाकर पवेलियन लौटे। हार्दिक पांड्या ने पांच और रोहित शर्मा ने दो रन बनाए। बांग्लादेश के लिए हसन महमूद ने तीन और शाकिब अल हसन ने दो विकेट लिए।

अनुशासन में रहो, सचिन पायलट की CM बदलने की मांग पर अशोक गहलोत ने दी सीख

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Sachin Pilot- Ashok Gehlot

राजस्थान में एक बार फिर से सचिन पायलट बनाम अशोक गहलोत की जंग तेज हो गई है। एक तरफ सचिन पायलट ने हाईकमान से बदलाव की मांग दोहराई है तो वहीं अशोक गहलोत ने तल्ख तेवर दोहराते हुए उन्हें अनुशासन में रहने की सीख दी है। उन्होंने कहा कि केसी वेणुगोपाल ने बेवजह के बयानों से दूर रहने को कहा था। ऐसे में अनुशासन की उस सीख का ध्यान रखना चाहिए। सचिन पयालट ने बुधवार को कहा कि राजस्थान में अनिर्णय के माहौल को समाप्त करने का वक्त आ गया है। पार्टी जल्द इस मसले पर कदम उठाएगी।

स बयान पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तल्खी भी दिखी है। ऐसे में दोनों नेताओं के बयान के सामने आने से राजस्थान में कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान एकबार फिर उजागर हो गई है। सूबे की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने इसे कांग्रेस का अंदरूनी मामला बताया है। वहीं केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि राजस्थान कांग्रेस दो गुटों में विभाजित है। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक मेघवाल ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस के भीतर की खेमेबाजी की वजह से सूबे की प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है… रही बात गुलाम नबी आजाद के बारे में प्रधानमंत्री मोदी के बयान की तो उन्होंने तब अपनी बात रखी थी जब राज्यसभा में उनका आखिरी दिन था। सचिन पायलट को (सीएम) कुर्सी की चिंता है, यह उनका आंतरिक मामला है।

इस बयान पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तल्खी दिखी है। अशोक गहलोत ने कहा कि सचिन पायलट को ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। केसी वेणुगोपाल ने पार्टी में सभी से ऐसी कोई टिप्पणी नहीं करने को कहा है। हम चाहते हैं कि सभी अनुशासन का पालन करें।

मालूम हो कि सचिन पायलट ने बुधवार जयपुर में अपने निवास पर संवाददाताओं से बात की। उन्होंने कहा कि बीते 25 सितंबर को कांग्रेस विधायकों की बैठक बुलाई गई थी। इस मामले को पार्टी पर्यवेक्षकों ने गंभीरता से लिया। इसे अनुशासनहीनता का मामला माना गया। पार्टी के तीन नेताओं को नोटिस भेजा गया। इस मामले में शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए। मल्लिकार्जुन खड़गे जी ने अभी पदभार संभाला है, ऐसा नहीं सकता कि अनुशासनहीनता पर निर्णय नहीं लिया जाए। इस पर जल्द फैसला लिया जायेगा।

पायलट ने कहा था कि पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा था कि राजस्थान के संदर्भ में जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। हम सब चुनाव में लगे हुए हैं। जल्द गुजरात में चुनाव की घोषणा भी हो जाएगी। अनुशासनहीनता का मामला केसी वेणुगोपाल जी के संज्ञान में है। राजस्थान में अनिर्णय के माहौल को समाप्त करने का वक्त आ गया है। कांग्रेस पार्टी इस मसले पर जल्द कार्रवाई करेगी।

अपनी उम्र से भी ज़्यादा है इस शख़्स की शादी का आँकड़ा, 88 बार बन चुके हैं दूल्हा..

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यूँ तो कहा जाता है कि शादी का लड्डू जो खाए वो पछताये जो न खाए वो भी पछताए। इसलिए लोग अपनी ज़िंदगी में एक बार शादी ज़रूर करना चाहते हैं। ये भी सच है कि अधिकांश लोग यही कहते हैं कि हम कुंवारे ही अच्छे थे। फिर भी ऐसे लोग भी हैं जो एक से अधिक शादियाँ करते हैं। वहीं कुछ तो शादियों का ही रिकॉर्ड बना लेते हैं। कुछ ऐसा ही है इंडोनेशिया के एक शख़्स के साथ जिसने अपनी उम्र से भी ज़्यादा शादियाँ की हैं।

इस शख़्स ने कुल 87 शादियाँ की हैं और 88 वीं शादी करने को तैयार हैं। जबकि उनकी उम्र सिर्फ़ 61 साल ही है। इस व्यक्ति को स्थानीय लोग प्लेबॉय किंग कहकर बुलाते हैं। 88 वीं बार वो जिससे शादी करने जा रहा है वो महिला इस शख़्स की 86 वीं पत्नी रह चुकी हैं। अपनी इस पत्नी को सिर्फ़ एक महीने बाद ही इसने तलाक़ दे दिया था।लेकिन उसकी पत्नी उससे प्यार करती रहीं और अब दोनों दुबारा शादी करने वाले हैं।

61 साल के इस शख़्स का नाम है कान। कान ने बताया कि जब उसकी पत्नी ने उसे कहा कि वो अब भी उसे चाहती है तो वो उससे एक बार फिर शादी करने के लिए मना नहीं कर पाया। जब कान ने पहली बार शादी की थी तो उसकी उम्र 14 साल की थी। उसने उस उम्र में अपने से 2 साल बड़ी लड़की से शादी की थी। शादी के 2 साल बाद ही दोनों अलग भी हो गए थे।

कान का कहना है कि उनकी पहली शदय टूटने का कारण पत्नी ने बताया था कि उन्हें कान का एटिट्यूड पसंद नहीं आया था। जबकि कान का कहना है कि उन्होंने अपनी इतनी शादियों में कभी भी किसी के साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया जो एक महिला के साथ नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि उन्होंने कभी किसी की भावना के साथ भी कोई खिलवाड़ नहीं किया। वैसे आपकी तरह हम भी ये जानना चाहते हैं कि 88 शादी करने वाले कान के कितने बच्चे हैं।

हिमाचल की सबसे चर्चित विधानसभा सीट, जहाँ हारे जीते कोई भी जीतेगा बस एक गाँव

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चुनावी माहौल आते ही लोगों के बीच एक अलग ही दंगल मच जाती है। आज हम हिमाचल विधानसभा चुनाव से जुड़ी एक दिलचस्प बात आपको बताने वाले है। यहाँ भाजपा अपनी सरकार क़ायम रखना चाहती हैं जबकि कांग्रेस भी इस बार मैदान में पूरे जोश से उतरने को तैयार है। जहाँ ये दो मुख्य पार्टियाँ अपना काम कर रही हैं। वहीं आप भी इस विधानसभा क्षेत्र में अपना हाथ आज़माने को तैयार है। 12 तारीख़ को यहाँ मतदान है और जनता को लुभाने की पूरी तैयारियाँ चल रही हैं।

वैसे तो पूरा चुनावी माहौल ही अपने आप में दिलचस्पी भरा होता है लेकिन यहाँ कि भरमौर विधानसभा सीट ने सभी का ध्यान अपनी ओर कर लिया है। इसका कारण है कि यहाँ कोई भी जीते, जीत होगी गाँव सचुई की क्योंकि तीनों ही पार्टियों ने अपने प्रत्याशी इस गाँव से चुनें हैं। एक ओर भाजपा ने डॉक्टर जनकराज को टिकट दिया है जो कि मशहूर न्युरोसर्जन हैं। जबकि कांग्रेस ने ठाकुर सिंह भरमौरी को अपना प्रत्याशी बनाया है, जो पहले वनमंत्री का पद भी सम्भाल चुके हैं।

आम आदमी पार्टी ने यहाँ अपने प्रत्याशी के रूप में प्रकाशचंद भारद्वाज को खड़ा किया है, जो कि प्रिंसिपल रह चुके हैं। एक आश्चर्य की बात तो ये भी है कि भाजपा आर कांग्रेस के विधायक आपस में रिश्तेदारी भी रखते हैं। दोनों एक ही परिवार के हैं।भाजपा प्रत्याशी डॉक्टर जनकराज इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में मेडिकल सुपरिटेंडेंट के पद पर रह चुके हैं। चुनाव के लिए उन्होंने ये पद छोड़ा है। अब सभी को ये इंतज़ार है कि आख़िर सचुई गाँव तक जीत किसके काँधे पर आती है।

आपको ये बताते चलें कि हिमाचल की 68 विधानसभा सीटों के लिए कुल 786 उम्मीदवार ने पर्चा भरा था। मगर 589 प्रत्याशियों का पर्चा स्वीकृत हुआ, जबकि 84 के पर्चे रिजेक्ट हो गए। वहीं 113 ने उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिया था। इस बार एक चरण में वोटिंग होगी। चुनाव प्रचार अभियान 10 नवंबर को शाम पांच बजे खत्म हो जाएगा। इसके बाद मतदान 12 नवंबर को है, जबकि मतगणना 8 दिसंबर को होगी। इसमें भाजपा और कांग्रेस के साथ-साथ इस बार आम आदमी पार्टी ने भी सभी 68 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए हैं।

5 खामियां और चली गईं 135 जानें, कौन है मोरबी का जिम्मेदार?

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गुजरात के मोरबी में 135 लोगों की जान लेने वाले पुल की जांच जारी है। खबर है कि जांच में पांच खामियां सामने आई हैं, जिनकी वजह से यह दर्दनाक हादसा हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना की विस्तृत और व्यापक जांच की बात कही है। फिलहाल, इंजनीयर और बड़े जानकारों के साथ पुलिस की जांच जारी है। दल मिलकर सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। इसे लेकर रिपोर्ट जल्दी सामने आ सकती है।

ये हैं पांच खामियां
रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने जानकारी दी है कि जल्दबाजी में ब्रिज खोलने के लिए हुए रिनोवेशन अयोग्य सब-कॉन्ट्रैक्टर, ब्रिज की सतह पर एल्युमिनियम की परतें लगाना (जिससे पुल का वजन बढ़ गया) लेकिन केबल को मजबूत नहीं करना, अनियंत्रित रूप से लोगों का आना जाना और कोई आपातकालीन योजना नहीं होना, ये पांच खामियां जांच में सामने आई हैं।

जल्दबाजी:  गुजराती नववर्ष और त्योहार के समय का फायदा उठाने के लिए तय समय से पहले पुल को खोला गया, जो संकेत देता है कि काम पूरा नहीं हुआ था। खबर है कि पुल को खोलने की योजना दिसंबर की थी, लेकिन इसे अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में खोला गया। ब्रिज की ताकत जांचने के लिए ‘लोड टेस्ट’ नहीं किया गया और न ही फिटनेस सर्टिफिकेट हासिल किया गया।

वजन: रिनोवेशन के दौरान पुल के फर्श का काम दोबारा किया गया था। एल्युमिनियम की चार परतें लगाई गई, जिससे पुल का वजन बढ़ गया। लेकिन केबल को न मजबूत किया और न बदला गया। खबर है कि नया दिखाने के लिए उसपर केवल पेंट किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, इसका मतलब है कि पुल पहले से भी ज्यादा भारी हो गया, जिससे केबल को ज्यादा लोगों की मौजूदगी में भार संभालने में मुश्किलें हुईं।

अयोग्यता: खास बात है कि ओरेवा कंपनी लंबे समय से ब्रिज का काम देख रही थी। इस बार रिनोवेशन का काम सब कॉन्ट्रेक्ट के जरिए दो अन्य ठेकेदारों को दिया गया था। बताया जा रहा है कि दोनों इस काम के लिए योग्य नहीं थे।

अनियंत्रित भीड़: नई परतों के चलते पहले ही पुल भारी हो गया था। ऐसे में अनियंत्रित रूप से लोगों की एंट्री ने हालात और बिगाड़ते दिखे। खबर है कि वहां कुछ ही सिक्योरिटी गार्ड मौजूद थे, जो पुल पर जाने से भीड़ को नहीं रोक रहे थे। घटना के दिन बड़ी संख्या में टिकट बेचे गए और क्षमता से ज्यादा लोगों को पुल पर गए।

रेस्क्यू प्लान: रिपोर्ट के मुताबिक, किसी भी तरह की दुर्घटना की स्थिति से बचने के लिए ओरेवा ग्रुप के पस आपातकालीन योजना या रेस्क्यू प्लान नहीं था। कहा जा रहा है कि लाइफ जैकेट्स के साथ बमुश्किल कोई नौकाएं या गोताखोर मौजूद थे।

शाह रुख खान ने बर्थडे पर फैंस को दिया रिटर्न गिफ्ट, रिलीज हुआ पठान का टीजर

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शाह रुख खान का आज 57वां जन्मदिन है। एक्टर ने  फैंस को बेहतरीन रिटर्न गिफ्ट दिया है। किंग खान ने अपनी अपकमिंग फिल्म पठान का टीजर रिलीज कर दिया। पठान शाह रुख की फिलहाल मोस्ट अवेटेड फिल्म है और फैंस को लम्बे वक्त से इसकी झलक का इंतजार था। सोशल मीडिया में ट्रेलर की मांग फैंस काफी वक्त से कर रहे थे। शाह रुख ने इस इंतजार को आज खत्म कर दिया।

टीजर की शुरुआत बताया जा रहा है कि पठान को उनके लास्ट मिशन में पकड़ा गया और उसको काफी टॉर्चर भी किया गया है पता नहीं है पठान जिंदा भी या नहीं। इसके बाद पठान की एंट्री से टीजर अपनी लाइन से हटकर एक्शन मोड़ में पहुंच जाता है। रोमांच और एक्शन से भरपूर इस टीजर में शाह रुख और जॉन के बीच जबरदस्त एक्शन सीक्वेंस देखने को मिल रहा है। साथ ही टीजर में दीपिका पादुकोण की एंट्री फैंस का ध्यान आकर्षित कर रही है।

पठान में शाह रुख खान खुफिया एंजेसी एक गुप्त एजेंट की भूमिका में नजर आने वाले हैं, जो देश के मिशन को पूरा करने के लिए अपनी जान को दाव पर लगा देता है। पठान में शाह रुख के साथ दीपिका पादुकोण और जॉन अब्राहम ग्रे कैरेक्टर में नजर आने वाले हैं। सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बनी ये फिल्म अगले साल 25 जनवरी, 2023 को हिंदी के साथ-साथ तमिल और तेलुगु में भी रिलीज होगी।

शाह रुख खान पठान से लगभग चार साल बाद सिल्वर स्क्रीन पर वापसी कर रहे हैं। अगले साल उनकी कई बड़ी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने आ रही हैं। जिसमें पठान सहित एटली के निर्देशन में बनी जवान और राजकुमार हिरानी के निर्देशन में बनी डंकी जैसी फिल्में शामिल हैं। जो शाह रुख को उनकी छवि से अलग रूप में पेश करेंगी।