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श्रमिकों पर मेहरबान अरविंद केजरीवाल सरकार, मिलेंगे इतने हजार

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दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार ने ऐसे श्रमिकों को 5000-5000 रुपये देने का ऐलान किया है, जो निर्माण कार्य से जुड़े हैं और फिलहाल ग्रेडेड रिस्पान्स एक्शन प्लान का तीसरा चरण लागू होने के चलते फिलहाल काम ठप है। इससे दिल्ली के ऐसे हजारों श्रमिकों को राहत मिलेगी, जो विभिन्न साइटों पर काम कर रहे थे और फिलहाल घर पर बैठे हैं। यह ऐलान खुद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने किया है और इसकी जानकारी ट्वीट करके दी है।

राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते ग्रेडेड रिस्पान्स एक्शन प्लान का तीसरा चरण लागू हो गया है, जिसके बाद निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध है। इसके बाद निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों के पास काम नहीं है और ऐसे में परिवार का गुजारा भी मुश्किल से हो रहा है। इसके चलते दिल्ली सरकार ने निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों को 5000 रुपये देने की घोषणा की है।

गौरतलब है कि वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ने के बाद पिछले सप्ताह से ही दिल्ली में ग्रेप का तीसरा चरण लागू हो गया है। इसके चलते निर्माण ठप है और इससे जुड़े श्रमिक वर्ग का आर्थिक हित प्रभावित हो रहा है, लेकिन अब अरविंद केजरीवाल सरकार ने इस वर्ग को राहत देने का फैसला किया है।
दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार ने कंस्ट्रक्शन बंद होने से खाली बैठे श्रमिकों को 5000-5000 रुपये देने का ऐलान किया है। इसके तहत यह रकम श्रमिकों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। कोरोनाकाल के दौर में भी दिल्ली में निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों को 5000 रुपये दिए गए थे, क्योंकि काम ठप पड़ा था। पिछले साल ही दिल्ली के सभी रजिस्टर्ड निर्माण श्रमिकों को यह सहायता उपलब्ध कराई गई, जिसके तहत सभी को 5000 रुपये प्रदान किए गए थे।दरअसल, कोरोना काल के दौरान निर्माण श्रमिकों की आर्थिक सहायता के लिए दिल्ली सरकार ने विशेष आर्थिक सहायता योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के अंतर्गत निर्माण श्रमिकों को 5000-500 रुपये की आर्थिक सहायता दी गई थी।

उत्तराखंड : शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मनमानी, तीन हजार से ज्यादा मुकदमे, अटके साढ़े 4 हजार ट्रांसफर

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देहरादून: उत्तराखंड में भर्ती घोटाले। भर्तियों में नियुक्ति गड़बड़ी। प्रमोशन में नियमों की अनदेखी। वरिष्ठता के आधार पर प्रमोशन नहीं मिलने, गलत ढंग से प्रमोशन समेत कई तरह के मुकदमे अलग-अलग न्यायालयों में लंबित चल रहे हैं। सबसे बुरा हाल शिक्षा विभाग का है। आलम यह है कि विभाग में शिक्षकों ने प्रमोशन, वरिष्ठता, पेंशन और अन्य मसलों से जुड़े तीन हजार से ज्यादा वाद शिक्षा विभाग के खिलाफ अदालतों में दर्ज किए कराए हुए हैं।

विभाग की लापरवाही, शिक्षकों पर भारी
इन वादों से शिक्षा विभाग को तो नुकसान हो ही रहा है। साथ ही कई शिक्षकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बल्कि, इन वादों से जुड़ी प्रक्रिया भी बाधित हो रही है, जिसका खामियाजा शिक्षकों को ही भुगतना पड़ रहा है। मुकदमेबाजी के चक्कर में शिक्षा विभाग में साढ़े चार हजार प्रमोशन अटके हुए हैं। विभाग उन शिक्षकों से अब समझौता कर बीच का रास्ता निकालने के प्रयास के जुट गया है। यह अलग बात है कि शिक्षक अधिकारियों की बात मानते भी हैं या नहीं?

शिक्षा मंत्री कर देंगे सभी प्रमोशन
शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत की मानें तो अगर शिक्षक मुकदमे वापस लेते हैं तो सभी चार हजार शिक्षकों का एक सप्ताह के भीतर प्रमोशन कर देंगे। मुकदमेबाजी से शिक्षा विभाग का सिस्टम भी गड़बड़ा गया है। इसके लिए पूरी तरह से शिक्षा विभाग और विभागीय अधिकारियों की मानमानी जिम्मेदारी है। शिक्षक भी लगातार यही आरोप लगाते आए हैं। प्रमोशन और तबादलों के लिए शिक्षा विभाग हमेशा से ही बदनाम रहा है। असल सवाल यह है कि आखिर शिक्षकों को कोर्ट क्यों जाना पड़ा? सही ढंग से प्रमोशन और तबादले नहीं होने के बाद शिक्षकों को मजबूरन कोर्ट जान पड़ता है।

तीन हजार से अधिक मुकदमे
शिक्षा निदेशक आरके कुंवर के मुताबिक माध्यमिक शिक्षा में 2500 ज्यादा वाद दायर हो चुके हैं। अधिकतर मामले पदोन्नति, वरिष्ठता, तबादले और नियुक्ति से संबंधित हैं। बेसिक शिक्षा निदेशक वंदना गर्ब्याल बताती हैं कि बेसिक शिक्षा में 800 से ज्यादा मुकदमे हैं। वहीं, शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के मुताबिक विभाग पर विभिन्न वाद होने से शिक्षकों की पदोन्नति नहीं हो पा रही हैं, स्कूलों में शिक्षक न मिल पाने से लाखों बच्चों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

ये प्रमोशन अटके
सहायक अध्यापक एलटी से लेक्चरर के पद पर 2800 शिक्षकों की पदोन्नतियां कुछ शिक्षकों के कोर्ट चले जाने की वजह से नहीं हो पा रही हैं। इसके अलावा जूनियर हाईस्कूल से सहायक अध्यापक एलटी में 1400 पदोन्नतियां और प्रधानाध्यापक के 378 पदों पर पदोन्नतियां लटकी हैं।

कश्मीरी पंडितों और मजदूरों को धमकाता था लश्कर कमांडर, अवंतीपोरा एनकाउंटर में तीन ढेर

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जम्मू-कश्मीर अवंतिपोरा में पुलिस और सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादी मारे गए। मारे गए आतंकियों में मुख्तार अहमद भट और पुलवामा का सकलैन मुश्ताक शामिल है। तीसरा आतंकी मुशफीक पाकिस्तान का रहने वाला था। जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार, तीनों आतंकवादी राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास एक बड़े आतंकी हमले की योजना बना रहे थे। आतंकियों के पास से एक एके-74 राइफल बरामद हुई है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार, मुख्तार अहमद भट लश्कर-ए-तैयबा से संबद्ध द रेसिस्टेंस फ्रंट का कट्टर कमांडर था। पुलवामा का रहने वाला भट 18 अप्रैल को अपनी मौसी से मिलने के बहाने घर से निकलते समय लापता हो गया था। बाद में जांच में पाया गया कि वह टीआरएफ में शामिल हो गया और पुलवामा के आसपास सक्रिय था।

कमांडर बनने के लिए रैंकों के माध्यम से उठने से पहले भट कई वर्षों तक टीआरएफ का एक ओवरग्राउंड वर्कर था। वह भारत के खिलाफ हथियार उठाने के लिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने में भी शामिल था और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए हानिकारक गतिविधियों को अंजाम देता था।

भट ने पुलवामा के काकापोरा बेल्ट में लश्कर-ए-तैयबा-टीआरएफ को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह पुलवामा में कश्मीरी पंडितों, प्रवासी मजदूरों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने का काम करता था। मुख्तार भट इस साल 13 मई को पुलवामा के गदूरा में जम्मू-कश्मीर के पुलिसकर्मी रियाज अहमद थोकर की हत्या में शामिल था। वह पुलवामा कस्बे के उगरगुंड में दो प्रवासी मजदूरों पर हुए हमले में भी शामिल था।

बड़ी खबर: CM को मिला ED का समन, इस दिन होगी पूछताछ

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ED ने अवैध खनन और मनी लाउंड्रिंग मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को समन भेजा है। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 3 नवंबर को साढ़े 11 बजे पूछताछ के लिए बुलाया है। बता दें कि ईडी को सीएम के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा के साहेबगंज स्थित आवास पर छापेमारी के दौरान एक लिफाफा मिला था। बताया जाता है कि इसमें मुख्यमंत्री के बैंक खाते से जुड़ा चेकबुक था।

2 चेकबुक में मुख्यमंत्री का साइन मिलने की बात भी कही जा रही है। इसके अलावा प्रेम प्रकाश के हरमू स्थित आवास पर छापेमारी के दौरान ईडी को उसके घर की आलमारी से 2 एके-47 राइफल और 60 गोलियां मिली थी। बताया जाता है कि ये हथियार जिन 2 कांस्टेबल के थे, वे मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा में तैनात थे।

हाल ही में खुलासा हुआ कि न्यायिक हिरासत में रिम्स में इलाज के दौरान पंकज मिश्रा लगातार अधिकारियों के संपर्क में था। सूत्रों के मुताबिक जांच में ईडी को इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं कि पंकज मिश्रा मुख्यमंत्री का नाम लेकर अधिकारियों को हड़काता था। गौरतलब है कि ईडी ने साहिबगंज सहित अन्य जिलों में अवैध खनन और मनी लाउंड्रिंग के आरोपों में 19 जुलाई को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा को गिरफ्तार किया था। पंकज मिश्रा पर अवैध खनन के जरिए 42 करोड़ रुपये की मनी लाउंड्रिंग का आरोप है। पंकज मिश्रा की गिरफ्तारी के पश्चात आधिकारिक बयान में ईडी ने बताया था कि राज्य में 1000 करोड़ रुपये से भी अधिक का अवैध खनन हुआ है।

मुख्यमंत्री को ईडी द्वारा समन भेजे जाने की खबर सामने आते ही मुख्य विपक्षी पार्टी, बीजेपी के नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। गोड्डा से लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे ने खबर से जुड़ी अखबार की कटिंग शेयर करते हुए लिखा है कि अब क्या बचा? बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने भी ट्वीट किया है। लिखा है कि भगवान श्री कृष्ण ने अहंकारी शिशुपाल की सौ ग़लतियों को माफ़ किया था। विधि का यही विधान है, जब पाप का घड़ा पूरी तरह से भर जाता है तब ऊपर वाले का चक्र चलता है। ये सीएम पर तंज की तरह देखा जा रहा है।

 

 

हादसे के बाद मोरबी पहुंचे PM मोदी, CM के साथ घटनास्थल का लिया जायजा

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गुजरात के मोरबी में हुए हादसे के बाद पीड़ितों का दर्द बांटने के लिए आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोरबी पहुंचे। पीएम मोदी के मोरबी पहुंचने की कुछ तस्वीरें सामनेे आई हैं। इन तस्वीरों में पीएम मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ घटनास्थल का जायजा लेते नजर आ रहे हैं। मोरबी ब्रिज के पास घटनास्थल का जायजा लेने के बाद पीएम मोदी मोरबी सिविल अस्पताल पहुंचे। यहां पीएम मोदी इस हादसे के पीड़ितों के आंसू पोंछने के लिए आए हैं।

सिविल अस्पताल में पीएम नरेंद्र मोदी ने हादसे में घायल लोगों से मिलकर उनका हालचाल जाना।मोरबी आने के बाद पीएम मोदी ने झुलते पुल के पास हुए हादसे की जगह का मुआयना किया। पीएम नरेंद्र मोदी ने राहत और बचाव कार्य में सहायता करने वाली विभिन्न टीमों और अन्य लोगों से मुलाकात की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्पताल पहुंच कर घायलों का हालचाल लिया। पीएम मोदी ने सभी रेस्क्यू टीम के सदस्यों से पूछताछ की है।

पीएम मोदी ने इस हादसे में मारे गये लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की है। मोरबी में हादसे के बाद से सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। 36 घंटे से ज्यादा का वक्त बीत चुका है। लेकिन सर्च ऑपरेशन यहां पर अभी भी जारी है। यह कोशिश की जा रही है कि सर्च ऑपरेशन के जरिए लापता लोगों को तलाशा जा सके।

उत्तराखंड : CM साहब आज सड़क पर चले तो गड्ढों का पता चल गया…वरना

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उत्तराखंड की सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे ही नजर आते हैं। सीएम धामी कई बार अधिकारियों को सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दे चुके हैं। लेकिन, स्थिति अब भी जस की तस है। आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि सड़कें जल्द गड्ढा मुक्त हो जानी चाहिए। फटकार इससे पहले भी लगाई थी। सवाल यह है कि आखिर सरकार की फटकार का असर क्यों नहीं होता?

आज सीएम को भी पता चल गया कि सड़कों पर गड्ढे हैं। वरना अधिकारी तो कागजों में सड़कों को चमका चुके हैं। खटीमा से हल्द्वानी आते वक्त सीएम धामी की कार ने गड्ढों में हिचकोले खाए। हल्द्वानी पहुंचते ही उन्होंने अधिकारियों को कहा है कि अगली बार अब सड़क पर गड्ढा मिला तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सरकार में लोक निर्माण विभाग मंत्री सतपाल महाराज हैं। महाराज चुप्पी साधे हुए हैं। अब तक उनका कोई एक्शन इस मामले में सामने नहीं आया है। लोगों का कहना है कि मंत्री और अधिकारी लग्जरी गाड़ियों में चलते हैं। इसलिए उनको झटकों पता भी नहीं चलता है। यही कारण है कि उनको फर्क भी नहीं पड़ता है।

प्रदेश के पहाड़ी जिलों की बात तो दूर राजधानी देहरादून में भी सड़कों की हालत बेहद खराब है। सीएम के निर्देश के बाद भी अधिकारी सड़क के गड्ढों को भरते नजर नहीं आ रहे हैं। अब इस मामले में सीएम धामी ने सख्ती दिखाई है। देखना होगा कि उनके निर्देशों का कितना असर होता है।

रन आउट से बचने के लिए क्रीज पर लुढ़कता नजर आया बल्लेबाज, देखें VIDEO

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ICC टी-20 वर्ल्ड कप 2022 में ग्रुप-1 में श्रीलंका और अफगानिस्तान के बीच मैच के दौरान क्रिकेट इतिहास का सबसे दुर्भाग्यपूर्ण रनआउट देखने को मिला। अफगानिस्तान के बल्लेबाज गुलाबदीन नैब क्रीज पर पहुंचने के लिए डाइव नहीं लगा पाए तो लुढ़ककर क्रीज के अंदर पहुंचने की कोशिश करते दिखे। icc के आधिकारिक इंस्टाग्राम से इस वीडियो को शेयर किया गया है। अफगानिस्तान की पारी का 18वां ओवर था और श्रीलंका की ओर से महीश तीक्षणा गेंदबाजी कर रहे थे।

ओवर की दूसरी गेंद थी और मोहम्मद नबी ने मिडविकेट एरिया में शॉट खेला। नॉनस्ट्राइकर एंड पर खड़े गुलाबदीन भी रन के लिए भाग निकले। दोनों बल्लेबाजों ने पहला रन तो पूरा कर लिया, लेकिन दूसरा रन लेने की शुरुआत में ही नबी को समझ आ गया था कि इसमें खतरा है। उन्होंने गुलाबदीन को भी आगाह किया।

 

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गुलाबदीन उस समय तक आधी दूर भाग चुके थे, जब वह पलटे, तो गिर गए और फिर संभलने का समय भी नहीं मिला। गुलाबदीन ने बची हुई दूरी लुढकते हुए पूरी करने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। इस तरह वह 14 गेंद पर 12 रन बनाकर आउट हुए। अफगानिस्तान ने 20 ओवर में आठ विकेट पर 144 रन बनाए। कप्तान नबी 8 गेंद पर 13 रन बनाकर आउट हुए।

भाजपा नेता के खिलाफ छापी रिपोर्ट, घर में पड़ गया छापा, पढ़ें पूरी खबर

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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने ऑनलाइन पोर्टल द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन और एमके वेणु के आवास पर सोमवार शाम को छापे मारे। पुलिस टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है। बीजेपी आईटी सेल प्रमुख पर रिपोर्ट को लेकर अमित मालवीय ने धोखाधड़ी,फर्जी दस्तावेज तैयार करने और मानहानि का मुकदमा किया। छापेमारी के बाद किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। दिल्ली पुलिस की प्रवक्ता सुमन नलवा ने छापेमारी की पुष्टि की, लेकिन किसी गिरफ्तारी से इनकार किया है।

धोखाधड़ी और मानहानि का है आरोप

द वायर में भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय को लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। उन्होंने शनिवार को क्राइम ब्रांच के स्पेशल सीपी को शिकायत दी। इसमें पोर्टल के संपादक सिद्धार्थ वरदराजन और डिप्टी एडिटर जाह्नवी सेन समेत कई पत्रकारों पर धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और मानहानि का आरोप लगाया था।

अमित मालवीय की रिपोर्ट

इन्हीं आरोपों को देखते हुए अपराध शाखा की अंतर राज्यीय प्रकोष्ठ की तीन टीमों ने सिद्धार्थ वरदराजन के बीके दत्त स्थित आवास और एमके वेणु के बसंत कुंज स्थित आवास पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने अमित मालवीय की रिपोर्ट से जुड़े सबूत जमा किए। द वायर ने शनिवार को अमित मालवीय से जुड़ी मनगढ़ंत खबर के सिलसिले में पूर्व सलाहकार देवेश कुमार के खिलाफ शिकायत दी थी।

गोवा में पार्टी की कर रहे हैं प्लानिंग, तो जान लें ये नियम, वरना…

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गोवा में पार्टी की प्लानिंग करने वालों के लिए अहम खबर है। राज्य के पर्यटन विभाग ने खुले में भोजन पकाने और शराब पीने जैसी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इतना ही नहीं नियम तोड़ने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाने की भी बात कही गई है। अधिकारियों का कहना है कि गोवा की पर्यटन क्षमताओं को खराब होने से बचाने के लिए यह आदेश जारी किया गया है।

किन चीजों पर प्रतिबंध?
सोमवार को जारी आदेश में गोवा के पर्यटन विभाग ने मालवान (महाराष्ट्र) और करवर (कर्नाटक) जैसे प्रदेश के बाहरी स्थानों पर वॉटर स्पोर्ट्स के लिए अनधिकृत टिकट बिक्री पर रोक लगा दी है। निदेशक निखिल देसाई की तरफ से जारी आदेश के अनुसार, प्रतिबंधित गतिविधियों में ‘खुले स्थानों पर भोजन पकाने, कचरा फैलाना, खुले में शराब पीना, बोतल फोड़ना आदि शामिल है।

इसके अलावा ऐसी गतिविधियों पर भी प्रतिबंध रहेगा, जो पर्यटकों के आने-जाने में बाधा डालती हैं और उन्हें चीजें खरीदने पर मजबूर करती हैं। अधिकृत स्थानों के अलावा पर्यटन गतिविधियों के लिए अन्य जगहों पर टिकट बेचने पर भी रोक रहेगी।

क्या होगी कार्रवाई
नियमों का पालन नहीं करने पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। जिसे बढ़ाकर 50 हजार रुपये किया जा सकता है। साथ ही IPC की धारा 188 के तहत कार्रवाई हो सकती है।

खास बात है कि साल 2019 में भी गोवा विधानसभा में गोवा टूरिस्ट प्लेसेस (प्रोटेक्शन एंड मेंटेनेंस) में संशोधन को मंजूरी दी गई थी। जिसमें पर्यटन स्थलों पर शराब पीने, खुले में भोजन पकाने या बोतल फोड़ने पर प्रतिबंध की बातें शामिल थी। इसके अलावा पर्यटकों को शैक्स जैसी अन्य जगहों पर खाने-पीने के लिए प्रोत्साहित किया जाना था।

उत्तराखंड: कमर्शियल सिलेंडर पर राहत, घरेलू के रेट अब भी महंगे

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देहरादून: गैस कंपनियों ने कॉमर्शियल सिलिंडर में 115 रुपये दाम घटाकर राहत दी है। जबकि घरेलू सिलिंडर की कीमत में कोई बदलाव नही किया गया है। उत्‍तराखंड की राजधानी देहरादून में कॉमर्शियल सिलिंडर के दाम घटे हैं। ऑयल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलिंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। आज एक नवंबर को हुई समीक्षा के बाद कॉमर्शियल सिलिंडर के दाम घटाने का फैसला किया गया।

एक नवंबर से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 115.50 रुपये और सस्‍ता हो गया है। नई कीमत केवल 19 किलोग्राम वजन वाले सिलिंडर पर लागू होगी, जबकि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलिंडर का दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 115 रुपये कटौती होने के बाद अब देहरादून में कामर्शियल सिलिंडर 1787 रुपये में मिलेगा। वहीं घरेलू सिलिंडर की कीमतों में अभी कोई बदलाव नहीं किया गया।

देहरादून स्थित स्वास्तिक गैस एजेंसी के संचालक सुधीर बडोला ने बताया कामर्शियल सिलिंडर की कीमत घटने के बाद अब उपभोक्ताओं को 1787 रुपये में सिलिंडर मिलेगा। जबकि पहले 1902 रुपये का मिल रहा था। वहीं कीमत में बदलाव न होने से घरेलू सिलिंडर 1072 रूपये में उपभोक्ताओं को मिलेगा।

एक नवंबर के लिए पेट्रोल और डीजल के रेट जारी कर दिए गए हैं। आज सरकारी कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। देहरादून जनपद की बात करें तो यहां इंडियन आयल के पेट्रोल पंप में पेट्रोल की कीमत 95. 28 रुपये प्रति लीटर है। अगर आपकी डीजल कार है तो आपको डीजल के ल‍िए 90.29 रुपये प्रति लीटर देने होंगे।