देहरादून: पूर्व कैबिनेट मंत्री और गदरपुर विधायक अरविंद पांडे ने उनके नाम से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पत्र को पूरी तरह फर्जी बताते हुए इसे उनकी और भाजपा की छवि खराब करने की साजिश करार दिया है। देहरादून स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने ऐसा कोई पत्र न तो प्रधानमंत्री और न ही किसी अन्य को लिखा है।
पांडे ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष द्वारा इस कथित पत्र के आधार पर लगाए गए आरोप निराधार और बेबुनियाद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा प्रकरण राजनीतिक लाभ के लिए गढ़ा गया है, जिससे उनकी व्यक्तिगत छवि और पार्टी अनुशासन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है। उन्होंने इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि वे भाजपा और संगठन के प्रति समर्पित कार्यकर्ता हैं और अनुशासन के दायरे में रहकर ही कार्य करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि झूठे और मनगढ़ंत आरोपों के जरिए राजनीतिक माहौल बिगाड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है। पांडे ने कांग्रेस से प्रदेश की जनता से माफी मांगने की मांग की और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है और पार्टी नेतृत्व के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी एक फर्जी पत्र के सहारे भाजपा को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी आंतरिक गुटबाजी से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की नकारात्मक राजनीति कर रही है।
दीप्ति रावत ने कहा कि अरविंद पांडे पार्टी के अनुशासित और निष्ठावान कार्यकर्ता हैं और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
भाजपा नेताओं ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संगठन इसकी समीक्षा कर रहा है और सच्चाई सामने लाई जाएगी। इस दौरान प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार और सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र सिंह नेगी सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी भी मौजूद रहे।















