Home Blog Page 1106

सोमालिया में भीषण आत्मघाती हमला, 25 लोगों की मौत

0

अफ़्रीकी देश सोमालिया की राजधानी मोगादिशू में एक लोकप्रिय होटल के बाहर हुए आत्मघाती हमले में 25 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 अन्य घायल हो गए हैं। इसी स्थान पर पहले हमले के बाद दूसरा विस्फोट हुआ।

एक समाचार एजेंसी के मुताबिक यह हमला रविवार को शुरू होने वाली मंत्रिमंडल की उच्चस्तरीय बैठक से पहले शनिवार रात को नासाहाब्लोड होटल के बाहर हुआ। शनिवार को हुए इस हमले से दो सप्ताह पहले भी मोगादिशू में एक बम विस्फोट हुआ था, जिसमें करीब 360 लोगों की मौत हो गई थी।

पुलिस के मुताबिक, सुरक्षाबलों और हमलावरों के बीच जारी गोलीबारी के बीच होटल से सरकार के एक मंत्री सहित 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दूसरा विस्फोट उस समय हुआ, जब बचाव दलों के होटल तक पहुंचने के लिए रास्ता खाली कराने के वास्ते एक ट्रक एक छोटे वाहन को खींच रहा था। आतंकवादी संगठन अल शबाब ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।

 

फेरीवालों ने मनसे के खिलाफ खोला मोर्चा

0

मुंबई के फेरीवालों ने एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे और उनकी पार्टी मनसे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को मुंबई के मलाड में फेरीवालों ने मनसे कार्यकर्ताओं की जमकर पिटाई कर दी जिसमें एमएनएस के स्थानीय विभाग प्रमुख सुशांत मालवदे गंभीर रूप से घायल हुए हैं, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना में सात फेरीवालों के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 यानी हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया है।

मुंबई में फेरीवालों पर मनसे के कार्यकार्ताओं का अत्याचार नया नहीं है। अक्सर सड़कों पर दुकान लगाने वाले फेरीवालों को उनकी गुंडागर्दी का सामन करना पड़ता है। फेरीवालों को लेकर काफी समय से राजनीति भी की जाती रही है। फुटपाथों पर धंधा करने वाले इन फेरीवालों को मनसे के कार्यकर्ताओं द्वारा अक्सर पीटे जाने की खबर आती है। यह पहली बार है जब फेरीवाले मनसे के खिलाफ होकर उग्र हुए हैं।

बता दें कि ये पूरा विवाद कंग्रेस नेता संजय निरुपम के उस बयान के साथ शुरू हुआ जिसमें उन्होंने फेरीवालों से कहा कि खुद को बचाने के लिए कानून हाथ में लेना पड़े तो लो लेकिन गुंड़ो से मार मत खाओ। संजय निरुपम शनिवार को मुंबई के फेरीवालों से मिलने पहुंचे थे। संजय निरुपम की सभा खत्म होते ही मनसे कार्यकर्ता एक बार फिर फेरीवालों को भागने के लिए मलाड स्टेशन पहुंचे लेकिन इस बार वो लोग खुद गुस्साए फेरीवालों के निशाने पर आ गए।

भाजपा विधायक ने रोहिंग्याओं के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में नयी याचिका दाखिल किया

0

देश में अवैध तरीके से रह रहे ४० हज़ार रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान करने और उन्हें देश से निर्वासित करने के लिए भाजपा के किसान मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य बिनय कुमार सिंह, तेलंगाना के गोशामहल के भाजपा विधायक टी राजा सिंह और सुनील कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में एक नयी याचिका दायर की है।

गौरतलब है कि प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ पहले ही इससे संबंधित कई याचिकाओं पर विचार कर रही है जिसमें दो रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थी मोहम्मद सलीमुल्ला और मोहम्मद शाकिर द्वारा अपने निर्वासन को चुनौती देते हुए दायर की गयी मुख्य जनहित याचिका शामिल है।

नयी दाखिल याचिका में उन्होंने मौजूदा मामले में स्वयं को पक्ष के रूप में शामिल करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि रोहिंग्या प्रवासी शरणार्थी नहीं हैं, उन्हें घुसपैठियों के तौर पर देखा जाना चाहिए। याचिका में यह कहते हुए जम्मू-कश्मीर में रह रहे रोहिंग्याओं का मुद्दे उठाया गया है कि संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत भारतीयों पर रोक लगाई गई है लेकिन ये लोग वहां रह रहे हैं। अगर जम्मू-कश्मीर राज्य में भारतीयों को रहने की मंजूरी नहीं है तो अवैध तरीके से आए रोहिंग्या समुदाय को भी पाकिस्तान से लगी संवेदनशील सीमा के पास रहने की मंजूरी नहीं दी जा सकती। याचिका के अनुसार, किसी भी विदेशी नागरिक या ताकत को हमें इस बात के लिए मजबूर नहीं करने दिया जा सकता कि वे जिस तरह से चाहते हैं, यहां रहें।

रोहिंग्याओं की याचिका में हैरान करने वाली मांग की गयी है कि जिन लोगों को शरणार्थी का दर्जा हासिल नहीं है, जिन्हें शरण नहीं दी गयी है लेकिन जिनके अवैध प्रवासी होने की बात स्पष्ट है, उन्हें शरण दी जाए। यह भारत की संप्रभुता पर सीधा सीधा आघात है।

मायावती ने स्वयं की तुलना आंबेडकर से की, कहा – बौद्ध धर्म अपना लूंगी

0

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में एक रैली को सम्बोधित करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने स्वयं की तुलना डॉ. आंबेडकर से करते हुए कहा कि धर्म के ठेकेदारों ने जात पात दूर नही किया तो मैं बौद्ध धर्म स्वीकार कर लूंगी। उन्होंने कहा कि डॉक्टर अम्बेडकर ने भी दलितों के साथ भेदभाव के चलते हिन्दू धर्म छोड़ा था। उन्होंने यह भी कहा कि डाक्टर अम्बेडकर को संसद में नहीं बोलने दिया तो उन्होंने कानून मंत्री का पद छोड़ दिया था और उसी तरह मुझे भी दलित उत्पीड़न पर नहीं बोलने दिया, इसलिए मैंने राज्य सभा से इस्तीफा दे दिया।

मायावती ने भाजपा पर आरोप लगते हुए कहा कि जब से केंद्र और उत्तर प्रदेश समेत देश के अन्य राज्यों में भाजपा और एनडीए की सरकार बनी है, उस वक्त से संघ की विचारधारा को लागू करने का काम जारी है। मायावती ने आरएसएस को आरक्षण विरोधी बताया। साथ ही मायावती ने भाजपा पर स्वयं की हत्या की साजिश रचने का भी आरोप लगते हुए कहा कि सहारनपुर के शब्बीर पुर में दलितों पर अत्याचार के दौरान भाजपा ने मेरी हत्या की साजिश रची थी। मैं इस कांड के विरोध में जाती तो दंगे का रूप दे कर मेरी हत्या करा दी जाती।

मायावती ने एक बार फिर से अलग पूर्वांचल राज्य की वकालत की। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर पूर्वांचल का विकास नहीं करने का आरोप लगाते हुए मायावती ने कहा कि योगी पूर्वांचल के होने के बावजूद इसका विकास नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कहा कि योगी को पूजा पाठ से फुरसत नहीं है वो विकास क्या करेंगे। मायावती ने मोदी सरकार पर विपक्ष मुक्त भारत करने की साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर परेशान किया जा रहा है। मोदी सरकार की इस साजिश में ईडी, इनकम टैक्स और सीबीआई भी शामिल है। उन्होंने कहा कि अब भाजपा के बुरे दिन आने वाले हैं।

करीब पौने दो घंटे के भाषण में मायावती ने कांग्रेस और भाजपा सरकार को तो निशाने पर रखा लेकिन सपा या पिछली अखिलेश सरकार के खिलाफ मायावती ने एक भी शब्द नहीं कहा।

राहुल ने बताया चुनावी ‘मौसम का हाल’, कहा- आज होगी जुमलों की बारिश

0

पिछले एक महीने में चौथी बार गुजरात की यात्रा पर जा रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल गाँधी ने आज सुबह ट्वीट किया, ” मौसम का हाल, चुनाव से पहले गुजरात में आज होगी जुमलों की बारिश।”

गौरतलब है कि पीएम मोदी का पिछले एक महीने में ये चौथा गुजरात दौरा है। चुनावों को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि पीएम कुछ योजनाओं का ऐलान कर सकते हैं। पीएम के दौरे को देखते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने उनपर निशाना साधा है।

राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी पीएम मोदी के दौरे पर तंज कसा है। उन्होंने लिखा कि ”6.5 करोड़ गुजरात के भाई-बहनों से विनम्र आग्रह है, आज छाता लेकर बाहर निकलें क्योंकि जुमला किंग आ रहे हैं, कहीं भी जुमलों की बारिश हो सकती है!”.

हालाँकि कि अभी गुजरात चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है। इस बीच उप्र के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ गुजरात गौरव यात्रा का रोड शो कर रहे हैं। सोशल मिडिया पर उनकी यात्रा का एक वीडियो तेजी से वाइरल हो रहा है। वीडियो में योगी आदित्यनाथ के रोड शो में सड़कें एकदम खाली नज़र आ रही हैं और योगी खाली सडकों पर आते जाते वाहनों को हाथ हिलाते नज़र आ रहे हैं।

पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने जिस प्रकार सोशल मीडिया का उपयोग करते हुए कांग्रेस को धुल चटाई थी ठीक उसी तर्ज पर राहुल गांधी पिछले काफी दिनों से सोशल मीडिया के जरिए पीएम मोदी पर सीधा वार कर रहे हैं। अभी हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पाकिस्तान को सराहने वाले बयान पर राहुल ने ट्वीट किया था, मोदी जी जल्दी कीजिए, लगता है ट्रंप को एक बार फिर गले लगाने की जरूरत है।

भारतीय नौ-सेना की ताकत में इज़ाफ़ा, आईएनएस किलटन युद्धपोत हुआ शामिल

0

नई दिल्ली। भारतीय नौ-सेना की ताकत में जबरदस्त इज़ाफ़ा करते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने पनडुब्बी को मार गिराने की क्षमता वाला विद्ध्वंसक युद्धपोत आईएनएस किलटन को भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किया।

नौसैनिक डॉकयार्ड से जारी बयान के मुताबिक कमोरटा श्रेणी के चार युद्धपोत में से यह तीसरा युद्धपोत है। नौसेना ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि इस युद्धपोत को डायरेक्टोरेट ऑफ नेवल ने डिजाइन किया है, इसका निर्माण कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स ने किया है। यह युद्धपोत शिवालिक क्लास, कोलकाता क्लास, आईएनएस कामोरता और आईएनएस कदमात के बाद सबसे खतरनाक युद्धपोत है। आईएनएस किलटन देश का सबसे घातक युद्धपोत है और इसमे घातक हथियारों के अलावा सेंसर भी लगे हैं।

इसके अलावा इसके ढांचे में कार्बन फाइबर लगा है, जिसकी वजह से इस युद्धपोत का वजन काफी कम है और इसका रखरखाव का खर्च भी काफी कम होगा। दुश्मनों पर यह युद्धपोत काफी भारी साबित होगा, इसमें टारपीडो के साथ एएसडब्लू रॉकेट लगे हैं, 76 एमएम कैलिबर के मीडियम रेंज की बंदूक लगी है, दो मल्डी बैरल 30 एमएम गन की शस्त्र प्रणाली से भी यह युद्धपोत लैस है।

इस युद्धपोत में अग्नि नियंत्रण प्रणाली, मिसाइल तैनाती रॉकेट, एडवांस इलेक्ट्रानिक सपोर्ट मेजर सिस्टम सोनार के साथ रडार रेवती भी लगा है। इस युद्धपोत में एएसडब्लू हेलीकॉप्टर व सैम प्रणाली को भी तैनात किया जाएगा। इस युद्धपोत का नाम अमिनिदिवि समूह के तमाम द्वीपों में से एक द्वीप के नाम पर रखा गया है।

नौसेना बेड़े में आज शामिल होने वाला यह आधुनिक युद्धपोत पूरी तरह से किसी भी वक्त दुश्मन पर हमला करने में सक्षम है। इसका वजन 3500 टन है, 81 फीसदी देशी तकनीक से बना यह पोत युद्ध के समय परमाणु हमले, जैविक और रासायनिक हमले करने में भी सक्षम है। इस युद्धपोत पर नौसेना के 14 अधिकारी के अलावा 178 अन्य सेलर सवार रहेंगे।

उद्धव निम्न स्तर की राजनीति पर उतर आये : राज ठाकरे

0

मुंबई। पिछले दिनों महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के छः नगर सेवकों के शिवसेना में शामिल होने पर मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने अपने चचेरे भाई और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और शिवसेना पर उनके पार्षदों की खरीद-फरोख्त करने का आरोप लगाया है। राज ठाकरे ने कहा कि उद्धव ठाकरे बेहद निम्न स्तर की राजनीति पर उतर आये हैं उनकी इसी गन्दी सियासत के कारण उन्होंने पार्टी छोड़ी थी।

गौरतलब है कि पिछले दिनों राज ठाकरे को जोर का झटका देते हुए बीएमसी में उसके 7 में से 6 पार्षद शिवसेना में श्क़मिल हो गए। अब बीएमसी में मनसे का सिर्फ एक कॉरपोरेटर बचा है।

राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे पर सीधा आरोप लगते हुए कहा कि शिवसेना ने हमारे हर एक पार्षद को 5 करोड़ रुपये दिए। यानि कुल 30 करोड़ में छह पार्षदों को ख़रीदा गया। उन्‍होंने कहा, ‘बाल ठाकरे ने हमें ये नहीं सिखाया। जब मैंने शिवसेना छोड़ी थी तो बहुत से शिवसेना के विधायक और नेता मेरे साथ आना चाहते थे लेकिन मैं किसी को तोड़कर नहीं ले गया। हमें पक्ष नहीं तोड़ना था। शिवसेना छोड़ते समय मैं बाल ठाकरे से बोलकर निकला था कि अब शिवसेना में गंदगी हो गई है। मैं उद्धव ठाकरे की इस नीच राजनीति को कभी नहीं भूलूंगा।’

रहस्यों की चादर में लिपट कर रह गया आरुषि हत्याकांड

0

इलाहाबाद। देश के सबसे चर्चित और रहस्यमयी हत्याकांडों में से एक गाज़ियाबाद के आरुषि-हेमराज हत्याकांड मामले में हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनते हुए तलवार दंपति को बरी कर दिया। आरुषि-हेमराज मर्डर केस में विशेष सीबीआई अदालत ने आरुषि और हेमराज की हत्या के मामले में आरुषि के माता-पिता डॉ. राजेश और नूपुर तलवार को दोषी मानते हुए 26 नवंबर, 2013 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सीबीआई की ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ तलवार दंपत्ति की ओर से इलाहबाद हाई कोर्ट में अपील दायर की गयी थी।

देश के सबसे चर्चित और रहस्यमयी हत्याकांड पर सुनवाई पूरी करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को आरुषि के माता-पिता राजेश और नूपुर तलवार को बरी कर दिया है। हालाँकि जेल से उनकी रिहाई में देरी हो सकती है, क्योंकि अभी तक जेल को शुक्रवार तक फैसले की कॉपी नहीं मिली है। ऐसे में अगले दिन शनिवार और और फिर रविवार को छुट्टी होने कारण सोमवार को ही रिहाई संभव हो पाएगी।

डासना जेल के जेल सुपरिटेंडेंट दधिराम ने बताया कि अभी तक उनके पास कोर्ट ऑर्डर की कॉपी नहीं पहुंची है, जब ऑर्डर की कॉपी मिलेगी वह तभी रिहाई से सम्बंधित औपचारिकताएं पूरी करेंगे।

डासना जेल के कर्मचारियों के अनुसार फैसला आने के बाद तलवार दंपत्ति काफी खुश नज़र आए। उन्होंने बताया कि फैसले वाली रात को दोनों सो नहीं पाए, बस टहलते रहे। जेल स्टाफ का कहना है कि तलवार दंपति फैसले के बाद काफी खुश नज़र आ रहे थे। यहां तक कि जेल के कैदी भी खुश हैं।

तमाम उतार चढाव भरे इस हत्याकांड पर अपना फैसला सुनाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीआई की जांच में कई खामियों का जिक्र किया और कहा कि कई सबूतों की ना तो पड़ताल की गई और ना ही साक्ष्यों को वेरिफाई करने की कोशिश की गई और एक एंगल पर काम कर सीधे दोषी मान लिया गया। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति बी. के. नारायण और न्यायमूर्ति ए. के. मिश्र की युगलपीठ ने विशेष सीबीआई ट्रायल कोर्ट के जजों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे किसी कहानी पर फिल्म डायरेक्टर के रूप में काम कर रहे हैं। अदालत ने कहा कि परिस्थितियों और रिकार्ड में दर्ज साक्ष्यों के मुताबिक तलवार दंपति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट ने तलवार दंपति को सीबीआई अदालत द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को रद्द करते हुए बरी कर दिया। हाई कोर्ट के फैसले के बाद सीबीआई को बड़ा झटका लगा है। सीबीआई का कहना है कि उसे अभी फैसले की कॉपी नहीं मिली है। फैसले की कॉपी पढ़ने के बाद आगे सुप्रीम कोर्ट में अपील के बारे में विचार किया जाएगा।

आगे चाहे जो भी हो लेकिन देश के अब तक के सबसे रहस्यमयी और चर्चित हत्याकांड से शायद ही अब पर्दा उठ पाए क्योंकि हाईकोर्ट के फैसले ने सीबीआई की जांच रिपोर्ट पर ही सवाल खड़े कर दिए। जज ने फैसला सुनाने से पहले जांच की खामियों का जिक्र भी किया। कोर्ट की टिप्पणियों से यह साफ़ लगता है कि सीबीआई इस हत्याकांड की जांच में विफल रही। सीबीआई के पास न तो कोई ठोस सबूत थे और न ही गवाह।

सुप्रीम कोर्ट ने रोहिंग्या को वापस भेजने वाले सरकार के निर्णय पर अगले आदेश तक लगायी रोक

0

म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ हुई हिंसा के चलते पलायन कर बांग्ला देश और भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले रोहिंग्या को वापस भेजने के केंद्र सरकार के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि देश की सुरक्षा, आर्थिक हितों की रक्षा जरूरी है, लेकिन इसे मानवता के आधार से भी देखना चाहिए, हमारे संविधान का मूल आधार मानवता है।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कहा है कि वह अगली सुनवाई तक कोई एक्शन ना ले और ना ही रोहिंग्या को वापस भेजे। अगली सुनवाई 21 नवंबर को होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था कि दलीलें भावनात्मक पहलुओं पर नहीं बल्कि कानूनी बिन्दुओं पर आधारित होनी चाहिए। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि मानवीय पहलू और मानवता के प्रति चिंता के साथ-साथ परस्पर सम्मान होना भी जरूरी है।

गौरतलब है कि देश में रह रहे 40 हज़ार रोहिंग्यों को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए केंद्र सरकार ने पिछले 16 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दिया था। 16 पन्ने के इस हलफनामे में केंद्र सरकार ने कहा था कि कुछ रोहिंग्या शरणार्थियों के पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों से संपर्क हैं। ऐसे में ये देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं और इन अवैध शरणार्थियों को भारत से जाना ही होगा।

केंद्र सरकार के इस हलफनामे के खिलाफ रोहिंग्या मुस्लिमों के पक्ष में एक याचिका दायर की गई। रोहिंग्या शरणार्थियों ने अपनी याचिका में केंद्र सरकार के कदम को समानता के अधिकार के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा है कि हम गरीब हैं और मुसलमान हैं, इसलिए उनके साथ ऐसा किया जा रहा है। रोहिंग्या मुस्लिम समुदाय ने कोर्ट में अर्जी देकर कहा है कि उनका आतंकवाद और किसी आतंकी संगठन से कोई लेना-देना नहीं है।

इसी बीच देश की 51 बुद्धिजीवियों और मशहूर हस्तियों की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला खत लिखकर अपील की गई है कि रोहिंग्याओं को भारत में रहने दिया जाए। इस खत में केंद्र सरकार से म्यांमार में जारी हिंसा के बीच रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस उनके देश नहीं भेजने की अपील की गई है।

इस खत पर मशहूर वकील प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, सांसद शशि थरूर, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम, ऐक्टिविस्ट तीस्ता शीतलवाड़ , पत्रकार करन थापर, सागरिका घोष, अभिनेत्री स्वरा भास्कर समेत कुल 51 मशहूर हस्तियों ने हस्ताक्षर किए हैं।

भारत को धोखा दे रहा चीन, डोकलाम पर जमा होने लगी चीनी सेना

0

डोकलाम पर चले लंबे विवाद के बाद बातचीत से बहाल हुई शांति अब चीन फिर भंग करने में लगा है। इतना ही नहीं उसने अपना वादा तोड़ते हुए डोकलाम पर अपनी सेना का भारी जमावड़ा करना शुरू कर दिया है। लिहाजा डोकलाम मामले पर भारत और चीन के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ सकता है।

इससे पहले 73 दिन तक चले डोकलाम विवाद के बाद दोनों देशों ने अपनी-अपनी सेनाओं को वापस बुला लिया था, लेकिन अब खबर है कि भारत के पीछे हटते ही डोकलाम में चीनी सेना का जमावड़ा होना शुरू हो गया है। अस्पुष्ट समाचारों के मुताबिक चीन विवादित क्षेत्र से करीब 10 किमी दूर पूर्व में बनाई सड़क का चौड़ीकरण करने में लगा है। आशंका यह भी है कि वह फिर से विवादित जगह पर सड़क निर्माण का काम शुरु कर सकता है। अगर ऐसा हुआ तो यह भारत के साथ बड़ा धोखा होगा।

भारत के साथ चीन का यह धोखा ठीक वैसा ही होगा जैसा कारगिल में पाकिस्तान ने तब किया था जब बर्फ़बारी के बाद दोनों देशों की सेनाएं अपनी-अपनी पोस्ट से नीचे उतर आई थीं और पाकिस्तान ने चुपके से इन पोस्टों पर कब्ज़ा कर लिया था। यहां भी बातचीत से हल निकलने के बाद चीन डोकलाम पर कब्जा करने की कोशिश में लगा हुआ है।
मालूम हो कि डोकलाम भूटान की जमीन पर आता है और चीन इस पर कब्जा करना चाहता है। यहां से मुख्य भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों को जोड़ने वाला हिस्सा चीन के बेहद करीब आ जाएगा, जो भारत के लिए चिंता की बात है।
अपने सैनिक अभ्यास के कारण चुंबी घाटी पर चीनी सैनिक पहले से ही मौजूद थे। भारत आश्वस्त था कि अभयस के बाद चीन अपने सैनिक हटा लेगा लेकिन अब खबर ये है कि इन चीनी सैनिकों की तादाद तेजी से बढ़ाई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक डोकलाम ट्राइजंक्शन पर जिस जगह पिछली बार विवाद हुआ था, वहां से थोड़ी ही दूरी पर करीब 500 चीनी सैनिक जमा हैं।

चीनी सैनिकों के इस जमावड़े को लेकर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जबरदस्त हमला बोला है। उन्होंने एक खबर को शेयर करते हुए, जिसमें कहा गया है कि डोकलाम पर अभी भी 500 से ज्यादा चीनी सैनिक तैनात हैं, ट्वीट कर कहा कि मोदी जी, अगर आपको अपनी तारीफ से फुर्सत मिल रही हो, तो क्या इसे समझ सकते हैं?
राहुल गाँधी के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने भी पीएम मोदी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि डोकलाम में क्या हो रहा है? चीन फिर सक्रिय हो गया है। आपने तो कहा था कि मामला खत्म हो गया है। हमारी चिकन नेक में चीन अपना बल बढ़ाए जा रहा है और आप कह रहे थे कि आपकी चीन के राष्ट्रपति से मुलाकात अच्छी रही। तो क्या झूला झुलाने के लिए फिर बुलाएंगे।