मायावती ने स्वयं की तुलना आंबेडकर से की, कहा – बौद्ध धर्म अपना लूंगी

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में एक रैली को सम्बोधित करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने स्वयं की तुलना डॉ. आंबेडकर से करते हुए कहा कि धर्म के ठेकेदारों ने जात पात दूर नही किया तो मैं बौद्ध धर्म स्वीकार कर लूंगी। उन्होंने कहा कि डॉक्टर अम्बेडकर ने भी दलितों के साथ भेदभाव के चलते हिन्दू धर्म छोड़ा था। उन्होंने यह भी कहा कि डाक्टर अम्बेडकर को संसद में नहीं बोलने दिया तो उन्होंने कानून मंत्री का पद छोड़ दिया था और उसी तरह मुझे भी दलित उत्पीड़न पर नहीं बोलने दिया, इसलिए मैंने राज्य सभा से इस्तीफा दे दिया।

मायावती ने भाजपा पर आरोप लगते हुए कहा कि जब से केंद्र और उत्तर प्रदेश समेत देश के अन्य राज्यों में भाजपा और एनडीए की सरकार बनी है, उस वक्त से संघ की विचारधारा को लागू करने का काम जारी है। मायावती ने आरएसएस को आरक्षण विरोधी बताया। साथ ही मायावती ने भाजपा पर स्वयं की हत्या की साजिश रचने का भी आरोप लगते हुए कहा कि सहारनपुर के शब्बीर पुर में दलितों पर अत्याचार के दौरान भाजपा ने मेरी हत्या की साजिश रची थी। मैं इस कांड के विरोध में जाती तो दंगे का रूप दे कर मेरी हत्या करा दी जाती।

मायावती ने एक बार फिर से अलग पूर्वांचल राज्य की वकालत की। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर पूर्वांचल का विकास नहीं करने का आरोप लगाते हुए मायावती ने कहा कि योगी पूर्वांचल के होने के बावजूद इसका विकास नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कहा कि योगी को पूजा पाठ से फुरसत नहीं है वो विकास क्या करेंगे। मायावती ने मोदी सरकार पर विपक्ष मुक्त भारत करने की साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर परेशान किया जा रहा है। मोदी सरकार की इस साजिश में ईडी, इनकम टैक्स और सीबीआई भी शामिल है। उन्होंने कहा कि अब भाजपा के बुरे दिन आने वाले हैं।

करीब पौने दो घंटे के भाषण में मायावती ने कांग्रेस और भाजपा सरकार को तो निशाने पर रखा लेकिन सपा या पिछली अखिलेश सरकार के खिलाफ मायावती ने एक भी शब्द नहीं कहा।