नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। घटना के बाद विपक्षी दलों ने एकजुटता दिखाते हुए हमले की कड़ी निंदा की है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने दावा किया है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने फोन कर अभिषेक बनर्जी के स्वास्थ्य की जानकारी ली और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
शनिवार देर रात पत्रकारों से बातचीत में ममता बनर्जी ने कहा कि राहुल गांधी ने उनसे फोन पर बात की और अभिषेक बनर्जी के इलाज के लिए हर संभव सहयोग की पेशकश की। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर अभिषेक को हैदराबाद या देश के किसी भी अन्य स्थान पर बेहतर इलाज के लिए भेजा जा सकता है।
सोनारपुर में हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, यह घटना दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर क्षेत्र में उस समय हुई, जब अभिषेक बनर्जी चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनके काफिले का विरोध करते हुए कथित तौर पर हमला कर दिया।
घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें प्रदर्शनकारियों को टीएमसी नेता के खिलाफ नारेबाजी करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में कुछ लोग पत्थर, अंडे और जूते फेंकते भी नजर आ रहे हैं। धक्का-मुक्की के दौरान अभिषेक बनर्जी की शर्ट फट गई और सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
‘यह पूर्व नियोजित साजिश थी’ : अभिषेक
हमले के बाद अभिषेक बनर्जी ने इसे सुनियोजित साजिश करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि घटनास्थल पर पर्याप्त पुलिस बल मौजूद नहीं था। अभिषेक ने कहा कि उन पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई और पूरी घटना पहले से योजनाबद्ध प्रतीत होती है।
अस्पतालों पर दबाव डालने का आरोप
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ प्रभावशाली लोग अस्पतालों और डॉक्टरों पर दबाव बना रहे हैं ताकि अभिषेक बनर्जी का समुचित इलाज न हो सके। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें बताया कि उन्हें पुलिस की ओर से धमकी भरे फोन कॉल प्राप्त हो रहे हैं। ममता ने कहा कि डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन दबाव में हैं, लेकिन वे अपना कर्तव्य निभाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।
राहुल गांधी ने की निंदा
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी निर्वाचित सांसद पर हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं बल्कि लोकतंत्र और जनता के जनादेश पर हमला है। राहुल गांधी ने लिखा कि राजनीतिक मतभेदों को हिंसा का आधार नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए अभिषेक बनर्जी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
विपक्ष का समर्थन, भाजपा ने आरोप खारिज किए
घटना के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए, जबकि समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे गंभीर साजिश बताते हुए राजनीतिक हिंसा की संस्कृति पर चिंता जताई। वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि हमले के पीछे भाजपा समर्थित तत्वों का हाथ है। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि भाजपा का इससे कोई संबंध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि यह स्थानीय लोगों का स्वतःस्फूर्त विरोध हो सकता है। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए शांति बनाए रखने और कानून को हाथ में न लेने की अपील की।
अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। विपक्षी दल इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला बता रहे हैं, जबकि भाजपा अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार करार दे रही है।















