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बोरवेल से पानी की जगह निकल रही है आग

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किसान ने खेतों में सिंचाई के लिए बोरवेल खुदवाया लेकिन पानी की बजाय आग निकलने लगी। घटना मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले की शामगढ़ तहसील के ग्राम सेमली की है जहाँ पिछले हफ्ते खोदे गए एक बोरवेल से अचानक आग की लपटें निकलने लगी है। इस नज़ारे से आस-पास के किसानों में दहशत फ़ैल गयी है। ग्रामीणों ने इस मामले की खबर प्रशासनिक अधिकारियों को दे दी है।

खबर के मुताबिक सिंचाई के लिए पानी की कमी के चलते एक किसान अंतर सिंह चौहान ने अपने खेत पर बोरवेल खुदवाया था लेकिन करीब साढे पांच सौ फीट तक की खुदाई होने के बाद भी इस में पानी न निकलने से किसान ने इसकी खुदाई बंद करवा दी थी। खोदे गए इस बोरवेल से अब धीरे-धीरे आग की लपटें निकलने लगी है।

पिछले 3 दिनों से जारी इस भूगर्भीय घटना के चलते इस बोरवेल के आसपास के किसान अब खेती करने के मामले में दहशत के माहौल में है। हालाँकि इस बोरवेल के ऊपरी तौर पर आग की लपटें मामूली तौर पर ही नजर आ रही है लेकिन जैसे ही किसान इसके पास कोई घास-फूस या लकड़ी जैसा ज्वलनशील पदार्थ ले जाते हैं तो वह तत्काल आग पकड़ कर जलने लगता है। इतना ही नहीं बोरवेल के गड्ढे में किसान जब बारीक-बारीक धूल के कण डाल रहे हैं तो वह भी पेट्रोल की आग जैसे धधक रहे हैं।

‘टीपू सुल्तान के बाद कसाब की जयंती मनाएंगे सिद्धारमैया’ : ए के हेगड़े

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भाजपा सरकार के मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने एक कार्यक्रम में टीपू सुल्तान का जिक्र करते हुए कहा कि वह दिन दूर नहीं जब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया आतंकी अजमल कसाब की जयंती भी मनाना शुरू कर देंगे।

कर्नाटक के लॉ एंड ऑर्डर पर सवाल उठाते हुए हेगड़े ने कहा कि कर्नाटक अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन गया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ बेंगलुरु में 9 लाख बांग्लादेशी रह रहे हैं और बेलगाम, बीजापुर, हुबली, धरवाड और कित्तूर में भी बंग्लादेशी हैं। अनंत कुमार हेगड़े ने सिद्धारमैया पर तंज कसते हुए कहा कि वह कित्तूर चिनम्मा का त्योहार नहीं मनाते हैं लेकिन वह टीपू सुल्तान की जयंती मनाने में पूरी तरह से व्यस्त हैं। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से कहा कि अपनी कुर्सियों के नीचे चेक कर लीजिए कहीं बम तो नहीं है।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब हेगड़े ने टीपू सुल्तान जयंती के कार्यक्रम पर खुद को आमंत्रित न करने के लिए कर्णाटक सरकार से कहा था। कर्नाटक के मुख्यमंत्री के कार्यालय को लिखे अपने पत्र में हेगड़े ने कहा था कि उन्हें उन लोगों की सूची में शामिल नहीं किया जाए जो 10 नवंबर को टीपू सुल्तान की जयंती कार्यक्रम के लिए तैयार की जा रही है।

रेलवे ट्रैक की मरम्मत कर रही चार महिलाओं को एक्सप्रेस ने कुचला

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मुंबई। मुंबई में रेलवे ट्रैक मरम्मत का कार्य कर रही चार महिलाएं एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गयी जिनमे से तीन की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक महिला की स्थिति गंभीर बही हुई है। अभी तक महिलाओं की पहचान नहीं हो पाई है। बता दें कि अभी कुछ महीने पहले ही चार मजदूरों की भी मौत घाटकोपर और विद्या विहार स्टेशनों के बीच काम करते समय हुई थी।

वर्तमान घटना मलाड रेलवे स्टेशन के पास करीब दोपहर 12.30 की है जब ये चरों महिलाएं रेलवे ट्रैक की मरम्मत कर रही थी। उसी समय ट्रैक पर वांद्रे-इंदौर हॉलीडे एक्सप्रेस तेजी से गुजारी जिसने इन चार महिलाओं को टक्कर दे मारी। एक्सप्रेस ट्रेन की टक्कर से तीन महिलाओं की जगह पर ही मौत हो गई और एक महिला बुरी तरह घायल हो गई। घायल महिला को उपचार के लिए शताब्दी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रैक मरम्मत का काम करते समय महिलाओं को दो-तीन ट्रेन सामने से आती हुई दिखाई दी, लेकिन कौन सी ट्रेन किस ट्रैक पर जाएगी, इसका अंदाज महिलाएं नहीं लगा सकीं। जिस ट्रैक पर महिलाएं मरम्मत कार्य कर रही थीं उसी ट्रैक पर ट्रेन आ गई और चारों महिलाओं को अपनी चपेट में ले लिया। घायल महिला को इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

फारूक अब्दुल्ला ने फिर कहा, पीओके पाकिस्तान का है

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श्रीनगर: नेशनल कान्फ्रेंस पार्टी के प्रमुख डा फारूक अब्दुल्ला पिछले कई दिनों से पाकिस्तान के ख़ैरख़्वाह बने हुए हैं। कश्मीर के जिस भू-भाग पर पाकिस्तान जबरन कब्ज़ा किये हुए है उसे डॉ. फारुख अब्दुल्ला लगातार पाकिस्तान का हिस्सा बता रहे हैं।

अपने विवादपूर्ण ब्यानों से बाज नहीं आते हुए उन्होंने आज एक बार फिर कहा कि वो बार-बार कहते रहेंगे कि पीओके पाकिस्तान का है। फारूक अब्दुल्ला ने कहा, तुमने एक पाकिस्तान बनाया। और कितने पाकिस्तान बनाओगे। भारत को कितने हिस्सो में काटोगे। सिर्फ यही नहीं बल्कि उन्होंने कहा कि, मैं अब भी कह रहा हूं कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पाकिस्तान का ही है। फारुख अब्दुल्ला ने भारत को अप्रत्यक्ष रूप से धमकी देते हुए कहा कि क्या उन्होंने (पाकिस्तान ने) चूडिय़ां पहन रखी हैं ? उनके पास परमाणु बम हैं। क्या तुम हम लोगों को उनसे मरवाना चाहते हो ? फारूक अब्दुल्ला पिछले कुछ दिनों से उल्टे सीधे बयान दे रहे हैंं। वह रैलियों में इस बात पर जोर दे रहे हैं कि पाीओके पाकिस्तान का हिस्सा है।

चित्तौड़ का किला भी फिल्म पद्मावती के विरोध में हुआ शामिल

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उदयपुर। चित्तौड़ के जिस किले में महारानी पद्मावती ने हजारों क्षत्राणियों के साथ अपनी और उनकी अस्मत बचाने के लिए स्वयं को जौहर की आग में आहूत कर दिया था वही किला आज पद्मावती फिल्म के विरोध में शामिल हो चुका है।
कई राजपूत संगठनों और राजपूताने का राजघरानों के लोगों के आह्वान पर फिल्म पद्मावती के विरोध को लेकर शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ किले के पाडनपोल द्वार को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया। किला बंद होने के बाद पर्यटक निराश हो गए।
उल्लेखनीय है कि सर्वसमाज ने फिल्म पद्मावती के विरोध में 17 नवंबर को चित्तौड़ किला बंद रखने का ऐलान किया था। पाडनपोल धरना स्थल पर चेतावनी दी थी कि 16 नवंबर तक फिल्म पर बैन नहीं लगा तो 17 को किलाबंदी कर पर्यटकों का प्रवेश रोक दिया जाएगा। इसके बाद शुक्रवार को किला बंद करवा दिया गया।

जौहर स्मृति संस्थान के अध्यक्ष उम्मेदसिंह धौली के मुताबिक शुक्रवार को किला पर्यटकों के लिए बंद रहेगा, हालांकि किले में रहने वालों की आवाजाही जारी रहेगी। यहां आने वाली ट्रेनों व बसों पर भी कोई पाबंदी नहीं है।

अब तक के इतिहास में दुर्ग पर पर्यटकों का प्रवेश पहली बार बंद किया गया है। जानकारों के अनुसार इससे पहले 1992, 2002 और 2008 में शहर में कर्फ्यू या सांप्रदायिक तनाव के दौरान जरूर पर्यटक दुर्ग पर नहीं जा सके थे, लेकिन तब इसके लिए औपचारिक ऐलान नहीं हुआ था। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के माकूल इंतजाम रखे।
चित्तौड़ फोर्ट पर शुक्रवार के हालात को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि शनिवार को भी किला बंद रह सकता है। इस आशंका के मद्देनजर और व्यवस्था बनाए रखने के लिए किले पर भारी संख्या में पुलिस तैनात है।

बता दें कि राजस्थान के उदयपुर के पास स्थित चित्तौड़ के दुर्ग को देखने दुनिया भर से पर्यटक आते हैं। इसी किले के प्रांगण में बने कुंड में रानी पद्मावती ने हजारों राजपूत स्त्रियों के साथ धधकती आग में कूदकर अपने स्वाभिमान और शील की रक्षा किया था। जौहर की इस लपट को लोग आज भी वहां पहुंचकर महसूस करते हैं।

NGT ने दिल्ली-NCR में ट्रकों की एंट्री और निर्माण कार्यों से रोक हटायी

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दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने प्रदूषण में आई कमी को देखते हुए शुक्रवार को दिल्ली एनसीआर में निर्माण कार्यों पर लगा प्रतिबंध हटा लिया। साथ ही एनजीटी ने दिल्ली में ट्रकों की एंट्री पर लगा बैन भी हटा लिया।

हालांकि, वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को जारी रखने का निर्देश दिया गया है। दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों में हवा की खराब गुणवत्ता को सुधाने के लिए इंडस्ट्रीज और फसलों की ढूंढ जलाने पर लगे प्रतिबंध को एनजीटी ने जारी रखने का फैसला किया है।

एनजीटी ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों को जरूरी स्थानों पर पानी का छिड़काव जारी रखने का निर्देश दिया है और एक हफ्ते के अंदर प्रदूषण की स्थिति को लेकर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है। इससे पहले एनजीटी ने दिल्ली सरकार द्वारा ट्रकों की एंट्री पर लगाए गए बैन को हटाने का निर्देश दिया था। साथ ही पार्किंग फीस में हुई बढ़ोत्तरी को भी वापस लेने का आदेश दिया था।

बता दें कि दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों में प्रदूषित हवा के कारण धुंध छाई हुई है। घना कुहरा और दूषित हवा के चलते लोगों को भरी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार और एनजीटी का मानना है कि पंजाब और हरियाणा के किसानों द्वारा खेतों में फसलों के अवशेष जलाये जाने के कारण यह प्रदुषण फ़ैल रहा है। इस प्रदुषण के कारण एनजीटी ने दिल्ली एनसीआर में निर्माण कार्यों सहित ट्रकों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी जिसे प्रदुषण में आई कमी के कारण हटा दिया गया है।

योगी सरकार का यू टर्न, यूपी में फिल्म ‘पद्मावती’ के रिलीज होने का माहौल नहीं

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लखनऊः उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने यु-टर्न लेते हुए प्रदेश में संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ के रिलीज होने पर शान्ति व्यवस्था को लेकर हाथ खड़े कर दिए हैं। बता दें कि इससे पहले योगी सरकार ने फिल्म को रिलीज होने देने के लिए सम्पूर्ण सुरक्षा मुहैया कराने का आश्वाशन दे चुकी थी। फिल्म को  लेकर हो रहे विवाद के बीच प्रदेश के गृह विभाग ने केंद्रीय सूचना एंव प्रसारण सचिव को चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में यूपी सरकार की ओर से फिल्म रिलीज होने पर शांति व्यवस्था के बिगड़ जाने का खतरा बताया गया है।

फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ के आरोपों को लेकर व्याप्त जनाक्रोश को देखते हुए फिल्म के रिलीज होने से शांति व्यवस्था प्रभावित होने की बात से केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) को अवगत कराने का अनुरोध पत्र में किया गया है। साथ ही सेंसर बोर्ड से जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए फैसला करने की अपील की गई है।

प्रदेश की योगी सरकार को इंटेलिजेंस से रिपोर्ट मिली है कि 9 अक्टूबर, 2017 को इस फिल्म के ट्रेलर के लॉन्च होने के बाद से ही कई सामाजिक, सांस्कृतिक और अन्य संगठनों ने इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। इन संगठनों ने फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन, नारेबाजी, जुलूस आदि निकाले हैं। कई सगठनों ने सिनेमाघरों के मालिकों से इस फिल्म का प्रदर्शन न करने की बात कही हैं और प्रदर्शन होने की सूरत में सिनेमाघरों में तोड़-फोड़, आगजनी की धमकी दी है।

प्रदेश सरकार के अनुसार स्थानीय निकायों के चुनाव की मतगणना एक दिसम्बर, 2017 को होनी है इस दौरान बारावफात का त्यौहार भी है ऐसे में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर एक दिसंबर को फिल्म का रिलीज होना शांति व्यवस्था के हित में नहीं होगा।

गौरतलब है कि संजय लीला भंसाली की बहुचर्चित फिल्म ‘पद्मावती’ का क्षत्रिय समाज पुरजोर विरोध कर रहा है। इस समाज के लोगों का कहना है कि फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ किया गया है जो समाज को स्वीकार नहीं है।

योगी सरकार का बड़ा फैसला, अब मदरसों में पढाई जायेंगी एनसीईआरटी की किताबें

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यूपी की योगी सरकार ने प्रदेश भर में चल रहे मदरसों के मनमाने रवैये पर नकेल कसने में जुटी हुई है। पहले मदरसों में राष्ट्रगान गाना, फिर मदरसों का ऑनलाइन रेजिस्ट्रेशन करना और अब मदरसों के पाठ्यक्रम में एनसीईआरटी को शामिल करने का अहम फैसला लिया गया है। इसके तहत मदरसों को अपने पाठ्यक्रम में एनसीआरटी की किताबें भी शामिल करनी होगी। मदरसों में एनसीआरटी पाठ्यक्रम लागू करने का फैसला शिक्षा में सुधार के तहत माना जा रहा है।

हालाँकि योगी सरकार के इस कदम की यूपी के मदरसों ने आलोचना की है। मदरसों का मानना है कि इससे उनकी स्वायत्तता में हस्तक्षेप बढ़ेगा। मदरसों का कहना है कि सरकार को मदरसों के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
इससे पहले यूपी की भाजपा सरकार ने करीब 3000 मदरसों को अपना डेटा ऑनलाइन कराने के लिए आखिरी मौका दे चुकी है। आज उसकी आखिरी तारीख है। इसके बाद भी जो मदरसे अपने डेटा को ऑनलाइन नहीं करते हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

प्रधानमंत्री मोदी मसूरी के दो-दिवसीय दौरे पर, एलबीएसएनएए में अधिकारी प्रशिक्षुओं से की बातचीत

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प्रधान मंत्री नरेन्‍द्र मोदी उत्तराखंड के मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्‍त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्‍ट्रेशन (एलबीएसएनएए) के दो-दिवसीय दौरे पर हैं। उन्होंने 92वें फाउंडेशन पाठ्यक्रम के 360 अधिकारी प्रशि‍क्षुओं से मुलाकात और बातचीत की।

प्रधान मंत्री ने चार समूहों में अधिकारी प्रशिक्षुओं के साथ एक जीवंत अनौपचारिक बातचीत की। करीब चार घंटे तक चली व्यापक बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने अधिकारी प्रशिक्षुओं से निडर और निर्भीक होकर अपने विचार व्‍यक्‍त करने का आग्रह किया। इस दौरान प्रशासन, शासन, प्रौद्योगिकी एवं नीति निर्माण जैसे तमाम विषयों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने अधिकारी प्रशिक्षुओं को अध्‍ययन करने और शासन के मामलो में गहराई से अनुसंधान करने के लिए प्रोत्‍साहित किया ताकि वे उन्‍हें अच्‍छी तरह समझ सकें। उन्‍होंने एक राष्‍ट्रीय दृष्टि विकसित करने की उनकी आवश्‍यकता पर भी जोर दिया। बातचीत के दौरान व्‍यापक स्‍तर पर अनुभवों को साझा किया गया। उन्होंने अकादमी के संकाय सदस्यों से भी बातचीत की जिन्होंने उन्हें भारत के सिविल सेवकों को प्रशिक्षित करने के लिए वहां किए जा रहे काम के बारे में बताया।

प्रधानमंत्री ने एलबीएसएनएए में अत्‍याधुनिक गांधी स्‍मृति पुस्‍तकालय का दौरा किया। उन्‍होंने अधिकारी प्रशिक्षुओं द्वारा आयोजित एक लघु सांस्‍कृतिक कार्यक्रम में भी भाग लिया। इससे पहले अकादमी पहुंचने पर प्रधानमंत्री ने सरदार वल्‍लभभाई पटेल और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्‍त्री की मूर्तियों पर पुष्‍पांजलि अर्पित की। बातचीत के दौरान कैबिनेट सचिव श्री पीके सिन्‍हा और एलबीएसएनएए की निदेशक श्रीमती उपमा चौधरी उपस्थित थे।

रोमांचक मुकाबले में भारत ने जीती लगातार 7वीं वनडे सीरीज

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कानपुर। तीन एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला का अंतिम व निर्णायक मैच अंतिम ओवर तक बेहद रोमांचक बना रहा। इस मुकाबले में मेजबान भारत ने मेहमान न्यूजीलैंड को 6 रन से हराते हुए सीरीज 2-1 से अपने नाम की। द्विपक्षीय श्रृंखला जीत के मामले में भारत की ये लगातार 7 वीं विजय है। श्रृंखला का पहला मैच 6 विकेट से हारने वाली टीम इंडिया ने उसी अंदाज में न्यूजीलैंड को दूसरे मैच में हराया। एक -एक से बराबरी पर चल रही दोनों टीमों के लिए कानपूर के ग्रीन पार्क में रविवार को खेला जानेवाला मैच करो या मारो वाला बन गया था। मैच से पहले ही अटकलें लगाई जा रही थी कि दोनों ही टीमें लय में हैं ऐसे में कानपुर में दर्शकों को एक कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी।

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सलामी बल्लेबाज शिखर धवन 14 रन के निजी स्कोर पर साउथी का शिकार हो गए। उस समय कुल स्कोर 29 रन था। इसके बाद मैदान पर आए कप्तान विराट कोहली ने उप कप्तान रोहित शर्मा के साथ मिलकर 230 रनों की रिकार्ड साझेदारी की। टीम इंडिया ने निर्धारित 50 ओवरों में 6 विकेट खोकर 337 रन बनाए। भारत की ओर से रोहित शर्मा ने 147, विराट कोहली ने 113, महेन्द्र सिंह धोनी ने 25, केदार जाधव ने 18, हार्दिक पांड्या ने 8 और दिनेश कार्तिक 4 रनों का योगदान दिया।

जवाब में 338 रनों का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड ने ताबड़तोड़ शुरुआत करते हुए भुवनेश्वर कुमार के पहले ही ओवर में 19 रन बटोरते हुए टीम इंडिया की मुश्किलें बढ़ा दी। लेकिन शानदार गेंदबाजी करते हुए युवा तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने मार्टिन गुप्टिल को आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद दूसरे विकेट के लिए कीवी बल्लेबाजों ने 109 रन की साझेदारी करते हुए स्कोर को 150 के पार पहुंचाया। इस दौरान अपने घरेलू मैदान पर खेल रहे भुवनेश्वर कुमार काफी महंगे साबित हो रहे थे लेकिन दूसरी ओर जसप्रीत बुमराह और युजवेन्द्र चहल ने कीवी बल्लेबाजों को छकाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अंततः न्यूजीलैंड की टीम 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 331 रन ही बना सकी। न्यूजीलैंड की ओर से कोलिन मुनरो ने 75, टॉम लेथम ने 65 और कप्तान केन विलियम्सन ने 64 रन का योगदान दिया।

मैच में शानदार बल्लेबाजी करने वाले सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा को अपनी 147 रन की पारी के लिए मैन ऑफ द मैच और कप्तान विराट कोहली मैन ऑफ द सीरीज चुने गए।