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वनडे विश्व कप का शेड्यूल जारी, यहां देखें

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ICC ने भारत में होने वाले वनडे विश्व कप 2023 का शेड्यूल जारी कर दिया है। यह टूर्नामेंट पांच अक्तूबर से 19 नवंबर के बीच भारत में खेला जाएगा। पहला मैच इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच होगा। यही दोनों टीमें 2019 विश्व कप के फाइनल में आमने-सामने थीं। यही दोनों टीमें अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में पांच अक्तूबर को टूर्नामेंट का पहला मैच खेलेंगी। वहीं, भारत का पहला मैच आठ अक्तूबर को चेन्नई के मैदान में ऑस्ट्रेलिया के साथ होगा। ड्रॉफ्ट शेड्यूल में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है और भारतीय 15 अक्तूबर को अहमदाबाद के मैदान में पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगी।

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इस विश्व कप में कुल 10 टीमें भाग लेंगी। आठ टीमें पहले ही इस टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई कर चुकी हैं और बाकी दो स्थानों के लिए जिम्बाब्वे में क्वालिफायर राउंड खेला जा रहा है, जिसमें सुपर सिक्स में छह टीमें पहुंच चुकी हैं। इनमें से दो टीमें भारत में होने वाले विश्व कप के मुख्य राउंड में भाग लेंगी। फिलहाल शुरुआती दो विश्व कप जीतने वाली वेस्टइंडीज की टीम इस विश्व कप से बाहर होने की कगार पर है।

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श्रीलंका और जिम्बाब्वे के मुख्य दौर में खेलने की संभावना सबसे ज्यादा है। नौ जुलाई को विश्व में शामिल होने वाली बाकी दो टीमों का भी फैसला हो जाएगा। इस विश्व कप में सभी टीमें बाकी नौ टीमों के साथ राउंड रॉबिन फॉर्मेट में खेलेंगी। इनमें से अंक तालिका में शुरुआती चार स्थान पर रहने वाली टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी और यहां जीतने वाली टीमें फाइनल में भिडे़ंगी।

 

उत्तराखंड : रवांई के लिए गौरव का पल, महावीर रवांल्टा को मिलेगा प्रतिष्ठित ‘उत्तराखंड साहित्य गौरव’ सम्मान

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  • प्रदीप रावत ‘रवांल्टा’

उत्तरकाशी: देश के प्रतिष्ठित साहित्यकार महावीर रवांल्टा को उत्तराखंड भाषा संस्थान की ओर से उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। यह रवांई और रवांल्टी भाषा के लिए गौरव का पल है। महावीर रवांल्टा को हिन्दी साहित्य के लिए इससे पहले भी कई सम्मान मिल चुके हैं। उनके सम्मानों की सूची भले ही कितनी ही लंबी क्यों ना हो, लेकिन लोकभाषा के लिए मिलने वाला यह सम्मान उनके लिए बहुत मायने रखता है।

सम्मान की घोषणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की थी। इसके तहत राज्य की भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन करने वाले लोकभाषा साहित्यकारों का चयन किया जाना था। इसके लिए बाकायदा एक समिति का गठन किया गया था। चयन समिति ने रवांल्टी के लिए महावीर रवांल्टा का चयन किया। यह सम्मान 30 जून को सर्व चौक स्थिति आईआडीटी ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देंगे।

सम्मान के लिए चयन होने के बाद देश के प्रख्यात साहित्यकार महारवी रवांल्टा कुछ भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि उनको बहुत सम्मान मिले हैं, लेकिन अपनी लोकभाषा रवांल्टी के लिए सम्मान मिलना सबसे बड़ा गौरव है। उन्होंने यह भी कहा कि यह रवांल्टी को विश्व पटल पर पहचान दिलाने के उनके आंदोलन का भी सम्मान है। उनको खुशी है कि आज रवांल्टी को पहचान मिली और अब अन्य भाषाओं के साथ स्थापित भाषा बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

महावीर रवांल्टा ने कहा कि रवांल्टी को इस मुकाम तक पहुंचाने में कई लोगों का सहयोग रहा है। लेकिन, पिछले कुछ सालों में युवा साहित्यकार दिनेश रावत समेत कई युवाओं ने इस भाषा आंदोलन में अपना महत्वूपर्ण योग दान दिया। उनका कहना है कि रवांल्टी भाषा का यह सफर इतना भी आसान नहीं रहा है। इस दौरान कई चुनौतियां का सामना भी करना पड़ा। साथ ही कहा कि इस सम्मान के साथ उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है और अब पहले से ज्यादा ऊर्जा और ताकत से काम करने की जरूत है।

हिन्दी साहित्य जगत में अच्छी दखल रखने वाले महावीर रवांल्टा ने 7 जनवरी सन् 1995 ई को ‘जनलहर’ रवांल्टी कविता ‘दरवालु’ के माध्यम से रवांल्टी को स्थापित करने का भाषा आंदोलन शुरू किया था। तब से लेकर अब तक उन्होंने अनेक कविताएं रच डाली। उनकी 20 रवांल्टी कविताओं के सुप्रसिद्ध चित्रकार दिवंगत बी. मोहन नेगी ने कविता पोस्टर बनाकर प्रदर्शित किए थे। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशन के साथ ही स्थानीय मंचों, आकाशवाणी और दूरदर्शन पर रवांल्टी कविताओं की प्रस्तुति से इस ओर उन्होंने लोगों का ध्यान आकृष्ट किया।

भाषा-शोध एवं प्रकाशन केन्द्र वडोदरा (गुजरात) के भारतीय भाषा लोक सर्वेक्षण, उत्तराखण्ड भाषा संस्थान के भाषा सर्वेक्षण और पहाड़ (नैनीताल) के बहुभाषी शब्द कोष ’झिक्कल काम्ची उडायली’ में रवांल्टी भाषा पर काम करने के साथ ही हिन्दी विभाग कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल एवं सोसायटी फॉर इंडेंजर्ड एंड लेस नॉन लेंग्वेजज लखनऊ की ओर से आयोजित भाषा प्रलेखन और शब्दकोश निर्माण कार्यशाला में भी हिस्सा लेकर भाषा आंदोलन को और आगे बढ़ाया और मजबूती दी।

भारत की जिन 870 भाषाओं पर कार्य हुआ है, उनमें आज रवांल्टी भी शामिल है। रवांल्टी में उनके कविता संग्रह ‘गैणी जण आमार सुईन’ और ’छपराल’ प्रकाशित हो चुके हैं। नाटक ‘‘सफेद घोड़े का सवार’’ रथ देवता की लोककथा पर आधारित है। ‘‘एक प्रेम कथा का अंत’’ लोकगाथा गजू-मलारी पर आधारित नाटक भी प्रकाशित हो चुका है।

इसके अलावा ‘‘ढेला और पत्ता’’ के साथ ही ‘‘दैंत्य और पांच बहनें’’ लोककथा संग्रह भी प्रकाशित हो चुके हैं। खास बात है कि सके पांच भाग हैं। हिन्दी साहित्य जगत के सुविख्यात हस्ताक्षर महावीर रवांल्टा की विभिन्न विधाओं में 38 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनके कथा साहित्य पर विभिन्न विश्वविद्यालयों में लघु शोध एवं शोध प्रबंध प्रस्तुत किए जा चुके हैं।

रंगकर्म एवं लोक साहित्य में गहरी रुचि के चलते अनेक नाटकों के लेखन, अभिनय और निर्देशन का श्रेय भी उन्हें जाता है। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की ‘संस्कार रंग टोली’, कला दर्पण व बाल श्रमिक विद्यालय की ओर से उनकी कहानियों पर आधारित नाटक मंचित हो चुके हैं। पिछले दिनों उनकी लघुकथा ‘तिरस्कार’ पर लघु फिल्म का भी निर्माण हो चुका है।

एयर इंडिया की फ्लाइट में बवाल, यात्री ने एयरक्राफ्ट में किया पेशाब किया, वो इतने पर ही नहीं रुका..!

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फ्लाइट में पेशाब करने की एक घटना ने खूब बवाल मचाया था। उसकी घटना की चर्चा भारत समेत पूरी दुनिया में हुई थी। अब एक और लगभग ऐसी ही घटना सामने आई। बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला 24 जून का है, लेकिन मामले की जानकारी अब सामने आई है। एयर इंडिया की फ्लाइट में राम सिंह नाम के यात्री ने एयरक्राफ्ट में पेशाब किया और फिर थूका।

मुंबई से दिल्ली आ रही फ्लाइट नंबर एकआईसह-866 की यह घटना है। इसके बाद यात्री की केबिन क्रू मेंबर और दूसरे यात्रियों से कहासुनी हुई। क्रू मेंबर ने तुरंत इसकी जानकारी एयरक्राफ्ट के पायलट और एयर इंडिया की सिक्योरिटी को दी। दिल्ली उतरते ही यात्री राम सिंह को आईजीआई एयरपोर्ट थाने की पुलिस के हवाले किया गया. पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया ह।

असी साल 24 अप्रैल को भी न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही फ्लाइट में एक यात्री पर पेशाब करने की घटना सामने आई थी. सूत्रों के अनुसार एक भारतीय व्यक्ति ने विमान में एक सह-यात्री पर कथित तौर पर पेशाब कर दिया.  जानकारी के अनुसार दिल्ली हवाईअड्डे पर विमान के उतरने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। एयरलाइन की तरफ से रिपोर्ट मिलने के बाद डीजीसीए की ओर से उचित कार्रवाई की जा रही है। साथ ही नागर विमानन महानिदेशालय अपनी आंतरिक प्रक्रिया के तहत मामले की आगे जांच करेगा।

पिछले साल 26 नवंबर को नशे में धुत एक व्यक्ति ने एयर इंडिया की न्यूयॉर्क-दिल्ली उड़ान के बिजनेस क्लास में अपनी महिला सह-यात्री पर कथित तौर पर पेशाब कर दिया था। उक्त मामला जनवरी में सामने आया और दिल्ली पुलिस ने कुछ दिनों बाद उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। एयर इंडिया ने उस पर 30 दिन का यात्रा प्रतिबंध लगा दिया था।

इस तरह की दूसरी घटना 6 दिसंबर, 2022 को एयर इंडिया पेरिस-नयी दिल्ली की उड़ान में दर्ज की गई थी, जब एक यात्री ने खाली सीट पर और एक साथी महिला सहयात्री के कंबल पर कथित तौर पर तब पेशाब कर दिया था, जब वह शौचालय गई थी।

उत्तराखंड को मिले 14 नए SDM, यहां देखें पूरी लिस्ट

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देहरादून: इन दिनों प्रदेश में ट्रांसफर और प्रमोशन का दौर चल रहा है। जहां कई विभागों में बड़े स्तर पर ट्रांसफर और प्रमोशन हुए हैं। वहीं, सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी प्रमोशन पर भी मुहर लगा दी है। 14 तहसीलदारों को प्रमोट कर एसडीएम बनाया गया है।

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राज्य को 14 नए एसडीएम मिलने से प्रशासनिक कार्यों को निपटाने में आसानी होगी। जिन तहसीलों में इनकी तैनाती होगी। उस क्षेत्र के लोगों की समस्याओं का भी जल्द समाधान होगा। तहसीलदारों को एसडीएम के पद पर डीपीसीसी करने के बाद सचिव कार्मिक शैलेश बगौली ने इन सभी अधिकारियों के आदेश जारी कर दिए हैं।

यहां देखें लिस्ट

  • मुकेश चन्द्र रमोला.
  • चन्द्रशेखर.
  • नीलू चावला.
  • यशवीर सिंह.
  • अमृता शर्मा.
  • विपिन चन्द्र पन्त.
  • श्रेष्ठ गुनसोला.
  • मंजू राजपूत.
  • पूनम पन्त.
  • नवाजिश खलीक.
  • शालिनी मौर्य.
  • आशीष चन्द्र घिल्डियाल.
  • मनजीत सिंह गिल.
  • अबरार अहमद.

ICC वनडे वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अंतरिक्ष में लॉन्च, 18 देशों का करेगी दौरा

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भारत की मेजबानी में पहली बार होने जा रहे वनडे वर्ल्ड कप की ट्रॉफी लॉन्च हो गई है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने सोमवार को अंतरिक्ष में ट्रॉफी की लॉन्चिंग की। इसके साथ ही ट्रॉफी के वर्ल्ड टूर का ऐलान भी हो गया। 27 जून से शुरू होने वाले वर्ल्ड टूर के तहत यह ट्रॉफी 18 देशों का सफर करके भारत लौटेगी। यह टूर 4 सितंबर को समाप्त होगा।

ICC ने अमेरिका की प्राइवेट स्पेस एजेंसी ‘सेंट इंटू स्पेस’ की मदद से ट्रॉफी को बलून के सहारे अंतरिक्ष में भेजा। फिर पृथ्वी की सतह से 12 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंचाने के बाद स्ट्रैटोस्फियर में ट्रॉफी का अनावरण किया गया। स्ट्रैटोस्फियर पृथ्वी के वायुमंडल की दूसरी परत है, जो ट्रोपोस्फीयर के ऊपर और मेसोस्फीयर के नीचे स्थित है।

BCCI सचिव जय शाह ने कहा, ‘दुनिया भर में क्रिकेट के करोड़ों फैंस है। इस टूर के माध्यम से हम हर कोने तक ट्रॉफी को पहुंचा पाएंगे। क्रिकेट भारत एकजुट करता है। वर्ल्ड कप से पूरे देश में उत्साह है। हम दुनिया की 10 बेस्ट टीम के बीच होने वाले कॉन्टेस्ट की मेजबानी को तैयार हैं।’

भारत में इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले 2023 वनडे वर्ल्ड कप के शेड्यूल का ऐलान मंगलवार को हो सकता है। ICC ने इस दिन मुंबई में एक इवेंट रखा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दिन वर्ल्ड कप का शेड्यूल जारी होगा। टूर्नामेंट 5 अक्टूबर से होना है, ऐसे में इस दिन के बाद वर्ल्ड कप में सिर्फ 100 दिन बाकी रह जाएंगे, जिसे देखते हुए टूर्नामेंट शेड्यूल जारी करने के लिए यह दिन बेस्ट नजर आ रहा है।

BCCI ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) को काफी समय पहले वनडे वर्ल्ड के शेड्यूल का ड्राफ्ट भेज दिया है। भारत पहली बार पूरे वर्ल्ड कप की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले, भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ मिलकर इस मेगा टूर्नामेंट की मेजबानी कर चुका है। टूर्नामेंट 46 दिनों तक चलेगा और तीन नॉकआउट सहित 48 मैच खेले जाएंगे। इस बार वर्ल्ड कप में 10 टीमें भाग लेंगी।

इन देशों का दौरा करेगी ट्रॉफी
वर्ल्ड कप की ट्रॉफी कुवैत, बहरीन, मलेशिया, अमेरिका, नाइजीरिया, युगांडा, फ्रांस, इटली, अमेरिका और मेजबान देश भारत सहित दुनिया भर के 18 देशों के 40+ शहरों की यात्रा करेगी। ICC के चीफ एक्सिक्यूटिव ज्योफ एलार्डिस ने कहा, ‘ICC मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप ट्रॉफी टूर महत्वपूर्ण होगा। वर्ल्ड कप में अब 100 दिन बचे है, ऐसे में यह हमारे लिए यह बड़ी उपलब्धि होगी। हम इस टूर के माध्यम से क्रिकेट को दूसरे देशों में प्रमोट कर सकेंगे। टूर से हमें देशों के लोगो से मिलने और बात करने का मौका मिलेगा। इससे हम कम्यूनिटी क्रिकेट डेवलपमेंट प्रोग्राम भी लॉन्च कर सकेंगे।

नशे की रोकथाम के लिए जन-जागरूकता जरूरी: राज्यपाल

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देहरादून :एक ओर टेक्नोलॉजी में तीव्र गति से प्रगति हो रही है, वहीं दूसरी ओर नशीली दवाओं एवं मादक पदार्थों का उत्पादन, प्रसारण, वितरण व सेवन भी तेजी से बढ़ रहा है। छोटे गांव से लेकर बड़े-बड़े महानगरों में नशीली दवाओं का बढ़ता उपयोग चिंताजनक है और यह समाज के लिये एक गंभीर समस्या के तौर पर उभर रहा है।

यह चिंता सूबे के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने आज राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में ‘अन्तर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस’ पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि जाहिर की। राज्यपाल ने कहा कि मादक पदार्थों व नशीली दवाओं का उपयोग समाज के लिए एक गंभीर समस्या बन रहा है। इसकी चपेट में छोटे गांव से लेकर बड़े-बड़े महानगर आ चुके हैं जोकि बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के सेवन और वितरण की रोकथाम में समाज के सभी वर्गों को समन्वित रूप से प्रयास करने होंगे।

उन्होंने नशे की रोकथाम में जनजागरूकता को बेहद जरूरी बताया। राज्यपाल ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मनियंत्रण और आत्मानुशासन के बल पर नशे व मादक पदार्थों के सेवन से स्वयं को दूर रखें। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं को नशा-मुक्ति शपथ भी दिलाई।

इस अवसर पर प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बतौर विशिष्ट अथिति कार्यशाला में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2025 तक ड्रग फ्री देवभूमि का लक्ष्य तय किया है, इसके लिए उन्होंने जनसहयोग की आवश्यकता बतायी। उन्होने कहा कि समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक होना बेहद जरूरी है और समय-समय पर लोगों को इसके दुष्प्रभाव के बारे में बताया जाना महत्वपूर्ण है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरकार ने सूबे के समस्त स्कूलों एवं कॉलेजों को ड्रग फ्री कैम्पस बनाने का लक्ष्य भी तय किया है ताकि प्रदेश की युवा पीढ़ी नशे के दुष्प्रभावों से बच सके और एक स्वस्थ समाज फल-फूल सके। उन्होंने बताया कि एक सर्वे के मुताबिक प्रदेश में लगभग 18 फीसदी लोग नशे में शराब एवं 1.4 फीसदी लोग नशे में चरस, गांजा व अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करते है, जो कि प्रदेश के लिये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

डॉ. रावत ने अभिभावकों से अपील करते हुये कहा कि वह अपने बच्चों की गतिविधियों पर जरूर नज़र रखें और उनसे बातचीत कर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति उन्हें जागरूक करें। उन्होंने प्रदेश के युवाओं को सरकार द्वारा संचालित रोजगार योजनाओं का लाभ उठाने की भी अपील की।

कार्यक्रम में दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना, अपर सचिव स्वास्थ्य अमनप्रीत कौर, रजिस्ट्रार हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय डॉ. एम. के. पंत, कार्यक्रम के आयोजन अध्यक्ष डॉ. देवव्रत राय सहित दून मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

Leo के गाने ‘ना रेडी’ को लेकर थलपति विजय के खिलाफ शिकायत दर्ज, बैन लगाने की मांग

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थलपति विजय के खिलाफ उनकी आने वाली फिल्म लियो के गाने ना रेडी को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज की गई है। गाने का वीडियो अभी रिलीज नहीं हुआ है लेकिन कुछ दिन पहले एक म्यूजिक वीडियो रिलीज किया गया था।  चेन्नई के एक कार्यकर्ता ने कथित तौर पर नशीली दवाओं और शराब के उपयोग का महिमामंडन करने के लिए अभिनेता के खिलाफ शिकायत दर्ज की। फिल्म पर बैन की भी मांग की गई है।

विजय, तृषा कृष्णन और संजय दत्त अभिनीत लियो का निर्देशन लोकेश कनगराज ने किया है। ना रेडी गाने को विजय और अनिरुद्ध ने गाया है, जिन्होंने इसे कंपोज भी किया है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार रविवार को, चेन्नई स्थित आरटीआई सेल्वम ने फिल्म के खिलाफ चेन्नई पुलिस आयुक्त के पास एक ऑनलाइन शिकायत दर्ज की और विजय के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत कार्रवाई करने की मांग की। शिकायत में कहा गया है कि गाने के जरिए विजय नशीली दवाओं के सेवन का महिमामंडन कर रहे हैं। सोमवार को सेल्वम ने व्यक्तिगत रूप से भी अपनी शिकायत सौंपी।

ना रेडी के म्यूजिक वीडियो में फिल्म की कुछ तस्वीरें और झलकियां हैं, जिसमें विजय को मुंह में सिगरेट लेकर नाचते हुए देखा जा सकता है और बैकअप डांसर्स के हाथों में बीयर के मग हैं। गाने के बोल भी शराब के बारे में हैं। दिलचस्प बात यह है कि सेल्वम ने निर्देशक लोकेश की पिछली फिल्म विक्रम के खिलाफ भी ऐसी ही शिकायत की थी, जिसमें कमल हासन ने अभिनय किया था। हालांकि, फिल्म नशीली दवाओं के विरोधी के रूप में थी और हासन को एक पूर्व विशेष ऑप्स अधिकारी के रूप में एक कार्टेल का भंडाफोड़ करते हुए दिखाया गया था।

ना रेडी का वीडियो जल्द ही रिलीज किया जाएगा। अभी तक फिल्म की टीम ने सेल्वम के दावों या आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह फिल्म 19 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है और यह साल की मोस्ट अवेटेड तमिल फिल्मों में से एक है। गौतम वासुदेव मेनन, अर्जुन, मिस्कीन, मंसूर अली खान और प्रिया आनंद एक्शन थ्रिलर में सहायक कलाकारों का हिस्सा हैं।

उत्तराखंड : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकतंत्र सेनानियों को किया सम्मानित

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड के लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के आश्रितों को भी सम्मान पेंशन/निधि दी जायेगी, इसके लिये शासनादेश जारी किया जा चुका है।

लोकतंत्र सेनानियों का मानदेय 16 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रूपये किया गया है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान उत्तराखण्ड के लोकतंत्र सेनानियों के योगदान की सभी को जानकारी हो सके, इसके लिए व्यवस्था बनाई जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों द्वारा जो भी मांग पत्र दिया है, उन पर पूरी गम्भीरता से कार्य किये जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि आज उन्हें राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान भारत के लोकतंत्र की रक्षा करने वाले लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र सेनानियों द्वारा किये गए त्याग और बलिदान को देश कभी नहीं भूल सकता। जब आपातकाल लगाया गया तो उसका विरोध सिर्फ राजनैतिक लोगों तक सीमित नहीं रहा बल्कि उस समय जन-जन के मन में आक्रोश था।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सामान्य जीवन में लोकतंत्र का क्या वजूद है, वह तब पता चलता है जब कोई लोकतांत्रिक अधिकारों को छीन लेता है। आपातकाल में देश के सभी लोगों को लगने लगा था कि उनका सब कुछ छीन लिया गया है। इसके लिए लखनऊ विवि, बीएचयू और इलाहाबाद विवि सहित अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों का संयुक्त संघर्ष मोर्चा बना, जिसे लोकनायक जयप्रकाश नारायण सहित उस समय के बड़े नेताओं नानाजी देशमुख, अटल बिहारी बाजपेई ने अपना समर्थन दिया। उस संघर्ष का ही परिणाम था कि देश में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश ने संपूर्ण विश्व में अपनी क्षमता को साबित कर दिखाया है। आज उनके कुशल नेतृत्व प्रत्येक भारतीय को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है, चाहे वह दलित हो, महिला हो, किसान हो, दिव्यांग हो या फिर युवा हो।

देश में हर वर्ग को सशक्त बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी लोकतंत्र सेनानियों के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करते हुए कहा कि प्रदेश का मुख्य सेवक होने के नाते वे हमेशा लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए इसी प्रकार निरंतर कार्य करते रहेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि लोकतंत्र सेनानियों का मार्गदर्शन और आशीर्वाद उन्हें इसी प्रकार मिलता रहेगा।

पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि हमारे लोकतंत्र सेनानियों द्वारा लोकतंत्र की रक्षा के लिए किये गये प्रयासों की आने वाली पीढ़ियों को जानकारी होनी चाहिए, इसके लिए उस समय इनके द्वारा लोकतंत्र की रक्षा के लिए किये गये प्रयासों को जन-जन तक पहुंचाना होगा। इसके लिए जनपद स्तर पर भी कार्यक्रम होने चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि हमारे ये लोकतंत्र सेनानी इसी भावना से आगे भी कार्य करते रहेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी में यह अच्छी बात है कि वे बुजुर्गों का आदर एवं सम्मान करते हैं और प्रदेश के विकास के लिए,उनके लंबे कार्यकाल के बुजुर्गों का आशीर्वाद उनके साथ है।लोकतंत्र सेनानियों का आशीर्वाद उनके साथ है। इस अवसर पर उत्तराखण्ड के लोकतंत्र सेनानियों ने आपातकाल के दौरान के अपने अनुभवों को भी साझा किया,तथा मुखमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।

महंगाई की मार : सब्जियों के बढ़े रेट, टमाटर हुआ लाल, खीरा भी महंगा

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महंगाई के आंगन में उतरीं सब्जियां भाव खाने लगी हैं। टमाटर का रंग-स्वाद भले ही न बदला हो, पर भाव खाने में वह सबसे आगे है। 80-100 रुपये किलो का भाव सुनकर भले ही मुंह बिदकाएं, पर जीभ को कैसे समझाएं। मन मसोस कर ही सही, जेब तो ढीली करनी ही पड़ रही है। परवल, बैंगन, धनिया, कद्दू सब इतराने लगे हैं।

टमाटर के रेट भी अचानक बढ़ गए हैं। पिछले सप्ताह तक टमाटर के दाम अधिकतम 30-40 रुपये था। यही रेट अब पढ़कर 50-60 रुपये पहुँच गया है। टमाटर के दाम बढ़ने का मुख्य कारण- आपूर्ति का कम होना है। ऐसे में बंगलूरू से टमाटर मंगाया जा रहा है।

अलग-अलग सब्जी मंडियों में फुटकर कीमतों में काफी अंतर रहता है, इसके कारण भी भाव ज्यादा लग रहे हैं। कब तक ऐसे हालात रहेंगे, इस सवाल पर वह कहते हैं-आने वाले दिनों में अगर ठीक से बारिश हो गई, तो दामों में और तेजी देखने को मिल सकती है। खीरे के दाम भी तेजी से बढ़े हैं। 30-40 रुपये किलो में बिक रहा देशी खीरा 30-40 रुपये से सीधे 50-60 रुपये तक बढ़ गया है।

मौसम का साइड इफेक्ट: फिर पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में पहुंची इंडिगो की फ्लाइट

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खराब मौसम का असर अब आम लोगों साथ ही हवाई सेवाओं पर भी नजर आ रहा है। ऐसा ही एक मामला जम्मू-कश्मीर में देखने को मिला है। खराब मौसम के चलते इंडिगो की श्रीनगर-जम्मू फ्लाइट नंबर-6ई-2124 रविवार को पाकिस्तान एयरस्पेस में घुस गई। इंडिगो एयर लाइंस की फ्लाइट दूसरी बार पाक एरिया में घुसी है। इसके बाद फ्लाइट की अमृतसर में इमरजेंसी लैंडिंग करवाई गई। दो सप्ताह पहले भी इंडिगो एयर लाइन की फ्लाइट पाकिस्तान चली गई थी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एयरपोर्ट से मिली जानकारी के में कहा गया कि रविवार को दोपहर तीन बजकर 36 मिनट पर श्रीनगर से इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6ई 2124 ने जम्मू के लिए उड़ान भरी थी। 28 मिनट के बाद यह फ्लाइट मौसम खराब होने के कारण जम्मू कश्मीर से कोट जमैल के रास्ते पाकिस्तान में दाखिल हुई। करीब पांच मिनट तक यह फ्लाइट पाकिस्तान एयरस्पेस में रही और सियालकोट होते जम्मू की ओर आ गई।

जम्मू में भी खराब मौसम था। इससे वहां भी फ्लाइट लैंड नहीं हो सकी। इसके बाद फ्लाइट ने अमृतसर का रुख किया। शाम 4 बज कर 15 मिनट के करीब यह फ्लाइट दोबारा पाकिस्तान सीमा में दाखिल हुई। जम्मू के कड़ियाल कलां से दाखिल यह फ्लाइट तकरीबन दोपहर 4 बज कर 25 मिनट पर अमृतसर में अजनाला के कक्कड़ गांव से भारतीय सीमा में लौटी।

एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार इंडिगो की फ्लाइट के पाकिस्तानी एयरस्पेस में जाने से पहले दोनों देशों के संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी गई। यह फ्लाइट डाइवर्जन जम्मू और लाहौर की देखरेख में हुआ। इंडिगो फ्लाइट ने लैंड होने से पहले 9 बार अमृतसर एयरपोर्ट के चक्कर लगाए। इसके बाद फ्लाइट को लैंडिंग की अनुमति दी गई और फिर इसे कैंसिल कर दिया गया।

उल्लेखनीय है कि 10 जून को भी मौसम खराब होने के कारण फ्लाइट पाकिस्तान एयरस्पेस में घुस गई थी। वह फ्लाइट अमृतसर एयरपोर्ट से अहमदाबाद के लिए उड़ी थी। लेकिन चंद मिनटों में ही मौसम खराब हो गया। हवा के साथ उड़ान को पाकिस्तान एयर स्पेस में जाना पड़ा था। विमान तकरीबन 31 मिनट तक पाकिस्तान एयर स्पेस में रहा था। हालांकि बाद में वापस आ गया था।