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कोर्ट की फटकार के बाद दिल्ली पुलिस ने बदला रुख, धर्म संसद मामले पर किया…

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हरिद्वार और दिल्ली में हुए धर्म संसद में दिए गए भड़काऊ भाषणों के मामले पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद दिल्ली पुलिस ने अपना हलफनामा पूरी तरह से बदल दिया है और हेट स्पीच पर FIR दर्ज कर ली है। इस मामले को लेकर दिल्ली पुलिस ने पहले तो सुप्रीम कोर्ट को बताया की स्पीच में किसी भी तरह से किसी विशेष समुदाय के खिलाफ कोई बात नहीं कहीं गई। लेकिन फिर जब सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई तो दिल्ली पुलिस ने पूरा हलफनामा ही बदल डाला और अपराधियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए, 295 ए, 298 और 34 के तहत एफआईआर दर्ज कर दी है।

पुलिस का कहना है कि “शिकायत में दिए गए सभी लिंक और सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध अन्य सामग्रियों का विश्लेषण किया गया है. एक वीडियो YouTube पर भी पाया गया है। सामग्री के सत्यापन के बाद धारा सही धाराओं के तहत, अपराधों के लिए ओखला औद्योगिक क्षेत्र पुलिस स्टेशन में 4 मई को FIR दर्ज की गई है।” गोरतलब हैं कि सुप्रीम कोर्ट में पत्रकार कुर्बान अली द्वारा एक याचिका दायर की गई थी।

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याचिका में कहा गया था कि 17 दिसंबर को हरिद्वार में हुई धर्म संसद और 19 दिसंबर को दिल्ली में हुए एक और कार्यक्रम में जिस तरह के भाषण दिए गए, वह आईपीसी की कई धाराओं के खिलाफ हैं। लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 12 जनवरी को हरिद्वार और दिल्ली में हुए धर्म संसद में दिए गए भड़काऊ भाषणों के मामले पर नोटिस जारी किया था और पुलिस को एक्शन में आने को कहा था। बता दें कि इस मामले की अगली सुनवाई कल यानि 9 मई को होनी है।

परिवार के एक सदस्य की जान बचाने की कोशिश में 4 और सदस्यों ने गंवाई जान, महाराष्ट्र के…

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महाराष्ट्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसको सुनने के बाद आप सभी लोग दंग रह जाएंगे। यहां कुछ ही पलों में एक ही परिवार के 5 सदस्यों की मौत हो गई। बता दें कि ये मामला महाराष्ट्र के डोंबिवली का है। यहां मौजूद एक तालाब में एक परिवार के पांच लोगों ने अपनी जान गवां दी। जानकारी के अनुसार ये पूरा मामला एक बच्चे को बचाने की कोशिश में पेश आया। घर की महिलाएं जब इस तालाब के पास कपड़े धो रही थीं, तभी एक बच्चे का पर फिसल गया और वह तालाब में गिर गया।

तालाब में गिरने के बाद वह डूबने लगा, जिसको बचाने के लिए घर के चार और सदस्य एक एक कर के तालाब में जाते रहे और सभी लोग पानी में डूब गए। बताया जा रहा है कि इनमें घर की दो बड़ी महिलाएं और तीन छोटे बच्चे मौजूद हैं। मृतकों की पहचान मीरा गायकवाड़, उनकी बहू अपेक्षा और पोते मयूरेश, मोक्ष और नीलेश के रूप में की गई है। इस हादसे के बाद गांव के सभी लोगों की आंखें भर आई हैं और पूरे गांव में उदासी छाई हुई है।

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इस मामले को लेकर एक पुलिस अधिकारी का भी बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा है कि “एक महिला और उसकी बहू तालाब के पास कपड़े धो रहे थे। वहीं पास बैठा एक बच्चा अचानक फिसल कर तालाब में चला गया गया और वह डूबने लगा। वहां मौजूद परिवार के अन्य चार सदस्यों ने बच्चे को बचाने की कोशिश की, लेकिन वे सभी डूब गए।”

फिर एक बार जनता को पड़ी महंगाई की मार, पेट्रोल-डीजल के बाद अब बढ़े कुकिंग गैस के दाम…

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देश की जनता को लगातार महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में हुए देश के पांच राज्यों के इलेक्शन के बाद से तो महंगाई आसमान छू रही है। लगातार चीजों के बाद बढ़ते ही जा रहे हैं। पहले पेट्रोल-डीजल, फिर सीएनजी और अब सरकार की ओर से घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में भी इजाफा कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार इस साल में ऐसा दूसरी बार हुआ है कि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। मार्च के महीने में 14.2 किलो के घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के प्राइस में 50 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी।

जिसके बाद इसकी कीमत 949.50 रुपए हो गई थी। लेकिन आज एक बार फिर इसकी कीमत में 50 रुपए का इजाफा किया गया है। यानि अब आपको 14.2 किलो के घरेलू रसोई गैस सिलेंडर 999.50 रुपए में मिलेगा। अभी ये कीमतें राजधानी दिल्ली में लागू की गई हैं। लेकिन बताया जा रहा है की जल्दी ही बाकी और राज्यों में भी ये कीमतें लागू कर दी जाएंगी। इन बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम जनता की जेब पर पढ़ने वाला है।

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22 मार्च के बाद से इसकी कीमत में कोई भी इजाफा नहीं हुआ था। लेकिन आज एक ही झटके में इसमें 50 रुपए की बढ़ोतरी कर दी गई है। ऐसे में अब आम जनता की परेशानियां और भी ज्यादा बढ़ने लगी हैं। बता दें कि पिछले कई दिनों से पेट्रोल-डीजल के दामों में भी कोई इजाफा नहीं हुआ है। लेकिन अब अंदाजा लगाया जा रहा है कि डॉमेस्टिक LPG सिलेंडर की तरह अचानक से ही इनके दामों में भी उछाल आएगा।

इंदौर में पेश आया दिल दहला देने वाला हादसा, भयंकर आग के शिकार हुए कई लोग, CM ने किया…

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मध्य प्रदेश से एक सुखद खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के इंदौर में एक मकान में आग लगने के कारण काफी नुकसान हुआ है। इनमें मौजूद 7 लोग तो जिंदा ही जल गए। जबकि 11 लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार ये मामला इंदौर के स्वर्ण बाग कॉलोनी का है। यहां एक दो मंजिला मकान को किराए पर उठाया हुआ था। जिसमें कई लोग रह रहे थे। शनिवार सुबह यहां बिजली के मीटर में शॉर्ट सर्किट के आज लग गई।

इस आग की चपेट में सबसे पहले पार्किंग में खड़ी गाड़ियां आई और फिर देखते ही देखते पूरा घर खाक हो गया। पुलिस इस मामले की जांच में लगी हुई हैं। राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि इस मामले की पूरी जांच की जा रही है और जो भी इसका जिम्मेदार होगा उसकी सख्त सजा मिलेगी। इमारत में कोई अग्नि सुरक्षा उपकरण स्थापित नहीं किया गया था। जिसके चलते जांच के दौरान घर के मालिक को हिरासत में ले लिया गया है और उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 304ए के तहत लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया गया है।

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इस मामले में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर मरने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की है और साथ ही साथ उनके परिजनों को मुआफजा देने का वादा किया है। उन्होंने लिखा है कि “इंदौर में आग लगने की घटना में मौत की खबर अत्यंत ह्रदय विदारक है। मैंने इसके जांच के आदेश दे दिए हैं। जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए दिए जाएंगे।”

केदारनाथ में उड़ी नियमों की धज्जियां, दर्शन करने पहुंची रिकॉर्ड तोड़ भीड़…

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चार धाम यात्रा के शुरू होने से पहले ही उत्तराखंड में हर धाम के लिए आने वाले लोगों की संख्या सीमित कर दी गई थी। जानकारों की माने तो पहले 45 दिनों में हर रोज बद्रीनाथ धाम के दर्शन के लिए 15000 यात्रियों की संख्या सीमित की गई थी। वहीं, केदारनाथ के दर्शन के लिए हर दिन 12 हजार लोगों को दर्शन करने की अनुमति थी। इसके अलावा गंगोत्री पर ये संख्या 7 हजार सीमित की गई थी। लेकिन जब यात्रा शुरू हुई तो ऐसा कुछ भी नहीं देखा गया। पहले ही दिन हजारों की तादाद में लोग वहां पहुंचे।

शुकवार 6 मई को सुबह 6.15 बजे केदारनाथ के कपाट खुले और कपट खुलते ही यहां भारी संख्या में लोग नजर आए। अंदाजा अनुसार आज सुबह केदारनाथ के दर्शन करने करीब 35,000 लोग पहुंचे। इससे पहले राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा एक बयान जारी किया गया था। जिसमें कहा गया था कि चार धाम यात्रा के लिए किसी भी कपट पर यात्रियों की संख्या सीमित नहीं की गई थी। उन्होंने कहा था कि “ऐसी कोई लिमिट तय नहीं की गई, श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए आगे इस पर कोई फैसला होगा।”

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जानकारी के अनुसार केदारनाथ धाम और उसके आसपास होटलों व धर्मशालाओं आदि सभी स्थानों को मिलाकर यहां केवल 10,000 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। ऐसे में लोगों के लिए यहां रहना काफी मुश्किल होगा। ऐसे में यहां खाने को लेकर भी परेशानी होने की संभावना है। लोगों की इस भीड़ को देखते हुए यहां होटलों के कमरों के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। अब यहां कमरों का किराया 10 से 12 हजार के करीब पहुंच चुका है।

WHO का चौंका देने वाला दावा, महामारी के दौरान भारत में हुई हैं 47 लाख मौतें लेकिन सरकार…

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बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ा दी हैं। डबल्यूएचओ का कहना है कि भारत ने कोरोना काल में होने वाली मौतों का गलत आंकड़ा सामने रखा है। भारत में जारी आंकड़ों के अनुसार देश में अब तक कोरोना से 5.2 लाख के करीब मौतें हुईं हैं। जिसको डबल्यूएचओ ने फर्जी बताया है। डबल्यूएचओ के अनुसार भारत में कोरोना काल के दौरान 47 लाख लोगों ने अपनी जान गवाई है। डबल्यूएचओ के इस दावे पर भारत सरकार ने सवाल उठाए हैं और कहा है कि हम अपने लिए डब्ल्यूएचओ द्वारा अपनाई जाने वाली कार्यप्रणाली से सहमत नहीं हैं।

गुरुवार को ये दावा करते हुए डबल्यूएचओ ने कहा था कि पिछले दो वर्षों में लगभग 1.5 करोड़ लोगों ने या तो कोरोना वायरस से या स्वास्थ्य प्रणालियों पर पड़े इसके प्रभाव के कारण जान गंवाई है। सभी देशों ने जो आंकड़े पेश किए हैं, इन आंकड़ों की माने तो दुनिया भर में 60 लाख के करीब मौत हुई हैं। लेकिन असल में ये आंकड़ा दोगुने से अधिक है, इनमें से ज्यादातर मौतें दक्षिण पूर्व एशिया, यूरोप और अमेरिका में हुईं हैं। वहीं भारत में ये आंकड़ा 47 लाख है। ये संख्या आधिकारिक आंकड़ों से करीब 10 गुना ज़्यादा है।

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डबल्यूएचओ के इस दावे पर भारत सरकार ने कहा है कि “अधिक मृत्यु दर अनुमान को पेश करने के लिए गणितीय मॉडल के उपयोग पर भारत की कड़ी आपत्ति के बावजूद डब्ल्यूएचओ ने भारत की चिंताओं को पर्याप्त रूप से संबोधित किए बिना ही अतिरिक्त मृत्यु दर अनुमान जारी किया है। इस्तेमाल किए गए मॉडलों की वैधता और मजबूती और डेटा की कार्यप्रणाली संग्रह संदिग्ध हैं।”

चार सालों बाद RBI ने किया ब्याज दरों में इजाफा, अब महंगा पड़ेगा घर-कार खरीदना…

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देश में महंगाई की मार हर तरह से आम आदमी को ही पड़ रही है। पहले चीजों पर दाम बढ़ाए गए और अब खबर है कि लोन की ईएमआई (Loan EMI) भी बढ़ाई जा रही है। जानकारी के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट बढ़ाने का ऐलान कर दिया है। बता दें कि 2 सालों बाद भारतीय रिजर्व बैंक रेपो रेट में बदलाव करने का फैसला किया है। साल 2020 में रेपो रेट 4 फीसदी था। लेकिन अब 2 साल बाद इसको बढ़ाकर 4.40 कर दिया गया है। वहीं, कैश रिजर्व रेशियो (CRR) में भी 50 बेसिस प्‍वाइंट की बढ़ोतरी की गई है, जो कि ब्याज दरों पर और दबाव बनाएगा।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रेपो रेट से मतलब होता है कि रिजर्व बैंक जिस रेट पर अन्य बैकों को कर्ज देती है। इसी आधार पर बैंक अपने ग्राहकों को लोन देता है। रेपो रेट कम होने का मतलब होता है कि ग्राहकों को कम दाम पर लोन देगी और रेपो रेट बढ़ने का मतलब है कि अब लोन महंगा हो जाएगा। यहां अब रेपो रेट बढ़ने का साफ मतलब है कि होम लोन, ऑटो लोन, पर्सनल लोन की ईएमआई में बढ़ोतरी की जाएगी।

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केंद्रीय बैंक जल्दी ही इसकी सूचना दे सकती है। बताते चले कि इससे पहले साल 2018 में ईएमआई में बढ़ोतरी की गई थी। अब चार सालों बाद फिर एक बार ईएमआई में बढ़ोतरी होने की संभावना है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास का कहना है कि ये देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए किया जा रहा है। ऐसे में अब जल्दी ही बैंक अपनी ब्याज दरों में वृद्धि की घोषणा कर देगी।

फ्रांस पहुंच देश के प्रधानमंत्री ने की मैक्रों से मुलाकात, यूक्रेन-रूस के बीच जारी जंग को…

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पिछले कई महीनों से यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध जारी है। युद्ध में दोनों देशों का भारी नुकसान हो रहा है, लेकिन फिर भी दोनों में से कोई भी देश झुकने को तैयार नहीं है। ऐसे में अब बाकी देश इस युद्ध से तंग आ गए हैं। इस युद्ध के कारण कई और देशों का भी भारी नुकसान हो रहा है। इस वजह से कई देश रूस पर युद्ध विराम का दबाव भी बना रहे हैं। ऐसे में खबर है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बुधवार को मुलाकात की है और इस दौरान दोनों ने एक संयुक्त बयान में यूक्रेन में चल रहे युद्ध को लेकर चिंता जताई है।

इस मुलाकात के दौरान भारत और फ्रांस ने यूक्रेन में शत्रुता की तत्काल समाप्ति का आह्वान किया है। दोनों देशों के राजनेताओं ने इस मुद्दे पर काफी देर तक चर्चा की। बता दें कि रूस के खिलाफ यूरोप को अधिक एकजुट करने वाले यूक्रेन संकट के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन यूरोपीय देशों की यात्रा कर रहें हैं। इस बीच फ्रांस के राष्ट्रपति भवन ‘एलिसी’ ने एक बयान भी जारी किया था।

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ये बयान मंगलवार को जारी किया गया था, जिसमें कहा गया था कि “संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के तौर पर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने का आग्रह किया।” पीएम मोदी का कहना है कि अब ये युद्ध जल्द से जल्द खत्म होना चाहिए। उन्होंने कहा कि “भारत का मानना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध में कोई भी देश विजयी नहीं होगा क्योंकि सभी को नुकसान होगा और विकासशील और गरीब देशों पर इसका अधिक गंभीर प्रभाव पड़ेगा।” ऐसे में अब कोई न कोई हल निकालना बहुत जरूरी हो गया है। जिसको लेकर कई देश आपस में चर्चा कर रहे हैं।

कोरोना के बढ़ते मामलों से बढ़ी सरकार की मुश्किलें, इस शहर में लागू हुई धारा 144…

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कोरोना के बढ़ते मामलों को देख अब फिर एक बार देश की सरकार की परेशानियों में इजाफा हो गया है। देश के कई राज्यों में कोरोना के मामले तेज़ी से बढ़ने लगे हैं। जिसको देखते हुए सरकार ने आदेश जारी किया है। बता दें कि फिलहाल कोरोना के निशाने पर देश की राजधानी दिल्ली है। दिल्ली में मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। दिल्ली में बढ़ते कोरोना का असर एनसीआर में भी देखने को मिल रहा है। दिल्‍ली से सटे उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में भी मामलों में उछाल आना शुरू हो गया है। जिसको देखते हुए सरकार ने शहर में धारा 144 लागू कर दी है।

जानकारी के अनुसार शहर में 31 मई तक धारा 144 लागू रहेगी। इसके साथ ही कोरोना के बढ़ते मामलों को देख मस्क पहनना भी अनिवार्य कर दिया गया है। सूत्रों की माने तो आगामी त्योहारों को देखते हुए सरकार ने शहर में धारा 144 लागू की है। ताकि लोग एक जगह इकट्ठे न हो सकें और कोरोना के मामले बढ़ न सकें। अगर बात करें कोरोना के बढ़ते मामलों की तो देश में पिछले 24 घंटों में 1,485 नए मामले दर्ज किए गए हैं। जिसने सरकार को चिंता में डाल दिया है।

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शहर में लगी पाबंदियों पर बयान देते हुए गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्‍नरेट ने कहा कि “उच्च अधिकारियों की अनुमति के बिना किसी को भी विरोध प्रदर्शन या भूख हड़ताल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सार्वजनिक स्थानों पर पूजा और नमाज अदा करने की अनुमति भी नहीं होगी। स्‍कूलों में परीक्षा के दौरान कोविड-19 गाइडलाइन के अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग का उचित रूप से पालन कराना होगा।”

तूफान में फंसा स्पाइसजेट का विमान, यात्रियों का हुआ भारी नुकसान, कई घायल…

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रविवार को मुंबई से दुर्गापुर (Mumbai to durgapur flight) के लिए जा रही एक फ्लाइट लैंडिंग के दौरान भारी तूफान में फंस गई। जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और कई यात्री घायल हो गए। जानकारी के अनुसार ये विमान स्पाइसजेट (Spicejet) का था। मुंबई से उड़ान भरने के बाद विमान दुर्गापुर पश्चिम बंगाल में लैंड होते होते तूफान के कारण अपना संतुलन खो बैठा। बताया जा रहा है कि इस विमान में मौजूद 17 यात्री घायल हो चुके हैं, जिनमें से कई यात्रियों की हालत नाजुक है। बता दें कि ज्यादातर यात्रियों के सिर पर ही चोट आई है।

इनमें एक यात्री ऐसा भी है जिसको स्पाइनल इंजरी (Spinal injury) भी हुई है। खबरों के अनुसार सभी घायल यात्रियों को अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है। इस हादसे के बाद स्पाइसजेट के प्रवक्ता का एक बयान भी सामने आया है। उन्होंने इस पर कहा है कि “एक मई को स्पाइसजेट का बोइंग बी737 विमान मुंबई से दुर्गापुर की उड़ान एसजी-945 संचालित करने के दौरान हवाईअड्डे पर उतर रहा था, तभी उसे समय गंभीर वायुमंडलीय विक्षोभ का सामना करना पड़ा, जिसके चलते दुर्भाग्यवश कुछ यात्रियों को चोटें आईं।”

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उन्होंने आगे कहा है कि “विमान के दुर्गापुर में उतरने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। स्पाइसजेट इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर खेद व्यक्त करता है और वह घायलों को हरंसभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रहा है।” बताया जा रहा है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। डायरेक्टर (Air Safety) एचएन मिश्रा इस मामले की जांच करने को तैयार हैं।