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उत्तराखंड : देश में पहली मौत के बाद टूटी नींद, अब जारी हुई एडवाइजरी

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केरल व दिल्ली में मंकीपॉक्स का मामला मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को सतर्क किया है। विभाग ने निर्देश दिए कि मंकीपॉक्स प्रभावित देशों की यात्रा कर लौटने वाले लोगों की निगरानी रखी जाए। यदि किसी में मंकीपॉक्स के लक्षण पाए जाते हैं तो सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे कर आईसोलेशन किया जाए।

विभाग ने पिछले महीने संदेह के आधार पर हरिद्वार से एक व्यक्ति का सैंपल जांच के लिए भेजा था, जो निगेटिव आया। मंकीपॉक्स को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों पर विभाग की ओर से मंगलवार को एसओपी जारी की जाएगी।

विभाग ने एहतियात के तौर पर विदेश यात्रा से लौटने वालों में मंकीपॉक्स के लक्षणों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। देश में मंकीपॉक्स से मौत का पहला मामला केरल में सामने आया था। उसके बाद केंद्र सरकार भी कुछ गंभीर हुई और राज्यों कि दिशा-निर्देश जारी किये।

मंकीपॉक्स से संक्रमित युवक की मौत, भारत में दर्ज हुआ पहला मौत का मामला…

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कोरोना वायरस के बाद अब देश में मंकीपॉक्स के मामले बढ़ते जा रहे हैं। भले ही अभी देश में केवल 6 ही मामले सामने हैं, लेकिन इन मामलों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। देश की सरकार इसको लेकर काफी चिंतित है। खबर सामने आई है कि इन 6 मामलों में से एक मरीज की मौत हो गई है। जिसके बाद अब सरकार और भी ज्यादा सतर्क हो गई है। बता दें कि देश में पहला मंकीपॉक्स का मामला केरला से सामने आया था और इससे होने वाली पहली मौत का मामला भी केरला से ही सामने आया है।

केरल में मंकीपॉक्स से युवक की मौत के बाद देश में चिंताजनक स्थिति बन गई है। इसको लेकर कई जानकारी हासिल की जा रही हैं। खबरों की माने तो इसके लिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भी अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है। भारत सरकार का सवाल है कि जब युवक मंकीपॉक्स से संक्रमित था तो वह विमान में यात्रा केसे कर सकता है। गोरतलब हैं कि इस युवक ने 22 जुलाई को यूएई से केरल के लिए उड़ान भरी थी। लेकिन जब वह संक्रमित था तो उसको फ्लाइट में चढ़ने की अनुमति केसे मिली।

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एक अधिकारी ने बयान में बताया कि “हम यूएई के अधिकारियों से यह जानने के लिए मिले हैं कि मंकीपॉक्स वायरस की पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बावजूद युवक को विमान में चढ़ने की अनुमति क्यों दी गई। हम अपने हवाई अड्डों पर सभी की कड़ी जांच कर रहे हैं और हम अन्य देशों से भी यही उम्मीद करते हैं। हम लोगों को संक्रमण के बारे में भी जागरूक कर रहे हैं, फिर भी मरीज ने ना तो केरल पहुंचने के बाद भी तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी और उसकी हालत खराब होने से पहले वह करीब 5 दिन तक बाहर घूमता रहा।”

उत्तराखंड: आफत बनकर बरस रहे बादल, 229 सड़कें बंद, ये स्टेट हाईवे भी शामिल

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देहरादून: लगातार हो रही भारी बारिश के कारण प्रदेशभर में जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। लैंडस्लाइड के कारण कई ग्रामीण मार्गों के साथ ही मुख्य हाईवे और अन्य सड़कें बंद हो गई हैं, जिसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, बंद मार्गों को खोलने का भी प्रयास किया जा रहा है, लेकिन बारिश नहीं थमने के कारण बार-बार लैंडस्लाइड हो रहा है।

प्रदेश में हुई भारी बारिश के बाद सड़कों पर मलबा और बोल्डर आने से 14 स्टेट हाईवे समेत कुल 229 सड़कें बंद हो गईं। सोमवार को 86 सड़कों को खोला जा सका। सड़कों को खोलने के काम में 297 जेसीबी मशीनों को लगाया गया। लगातार हो रही बारिश के चलते सड़कों को खोलने के काम में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में 14 स्टेट हाईवे, 7 मुख्य जिला मार्ग, 9 अन्य जिला मार्ग, 73 ग्रामीण सड़कें और 126 पीएमजीएसवाई की सड़कें बंद हैं। प्रमुख बंद राज्य मार्गों में कमद-अयारखाल मोटर मार्ग, लंबगांव-घनसाली, रुद्रप्रयाग-पोखरी गोपेश्वर मार्ग, बिरही-गौणा मोटर मार्ग, थराली-देवाल-वाण मार्ग, कर्णप्रयाग-कंडारा-सोनला मार्ग, गौचर-सिदौली मोटर मार्ग, टिहरी-घनसाली-तिलवाड़ा मार्ग, खिर्सू-खांकरा मोटर मार्ग, मक्कू-भीरी मार्ग आदि शामिल हैं। इस मानसून सत्र में अब तक 1752 सड़कें बंद हुई हैं, इनमें से 1523 सड़कों को खोला जा चुका है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही बारिश के चलते सड़कों को खोलने के काम में बा

उत्तराखंड: नदी में उफान के बीच फंस गई कार, SDRF ने ऐसे बचाई जान

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ऋषिकेश: भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। नदियों के उफान पर आने से मैदानी जिलों में नदी किनारे रहने वाले लोगों पर संकट मंडरा रहा है। देर रात को ऋषिकेश और चीला के बीच होकर बहने वाली बीन नदी में उफान आ गया। इस बात से अनजान कार सवार तीन लोग बीच नदी में फंस गए। कार सवार हरिद्वार से ऋषिकेश जा रहे थे। सूचना मिलने पर मैके पर पहुंची एसडीआरएफ ने लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बचाया।

जानकारी के अनुसार एसडीरआरएफ को देर रात करीब एक बजे आपदा कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी। बताया गया कि कार सवार तीन लोग बीन नदी में फंस गए हैं। नदी में उफान आ रखा था मगर कार सवार व्यक्तियों को इस बात की जानकारी नहीं थी। इन्होंने रात अंधेरे में ही कार को नदी के रास्ते पर ले जाने की कोशिश की।

कार में सवार मनीष जखमोला (31 वर्ष) पुत्र भगवती प्रसाद, ऋषिकेश, विकास उनियाल (36 वर्ष) पुत्र प्रकाश उनियाल निवासी नोएडा उत्तर प्रदेश, सूरज सिंह (28 वर्ष) पुत्र भानु प्रताप सिंह नोएडा उत्तर प्रदेश को रेस्क्यू कर सुरक्षित नदी से बाहर निकाला गया।

उत्तराखंड: पुलिस वालों के साथ हुआ धोखा, सीएम की घेषणा भी झूठी

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देहरादून: 4600 ग्रेड-पे का मामला एक बाद फिर तूल पकड़ रहा है। पुलिस परिजनों ने एक बार फिर आंदोलन का मन बनाया है। फिलहाल सरकार को चेतावनी दी है कि सीएम धामी ने जो घोषणा की है, उसका शासनादेश जल्द जारी किया जाए। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या फैसला लेती है।

उत्तराखंड पुलिस के सिपाहियों के ग्रेड-पे के मुद्दे को लेकर पुलिस कर्मचारियों के परिजन फिर खुलकर मैदान में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि सात में सरकार इस पर स्थिति साफ करे। नहीं तो उग्र आंदोलन करने के साथ ही हाईकोर्ट की शरण ली जाएगी। इस मामले में चुनाव से ठीक पहले सीएम धामी ने पुलिस जवानों को 2-2 लाख रुपये देने का ऐलान भी किया था, जिसे लेने से पुलिस जवानों ने इंकार कर दिया था। इतना ही नहीं, कुछ पुलिसकर्मियों ने सोशल मीडिया में इस्तीफे का ऐलान तक कर दिया था।

अब फिर से मामले जोर पकड़ रहा है। सिपाहियों में सेवा के आधार पर 4600 ग्रेड पे दिन जाने की लंबे समय से मांग उठ रही है। इसे लेकर वह खुद तो खुलकर बोल नहीं पा रहे हैं। ऐसे में सिपाहियों के परिवार इस मुद्दे को उठा रहे हैं। बीते विधानसभा चुनाव से यह मामला तेजी से गर्माया था। तब मुख्यमंत्री ने ग्रेड पे देने की घोषणा तो कर दी।

शासनादेश अब तक नहीं हुआ। कांवड़ मेला समाप्त होते ही यह मुद्दा फिर से जोर पकड़ने लगा है। पुलिस परिजनों का कहना है कि सरकार इसे लेकर शासनादेश कर रही है या नहीं इस पर एक सप्ताह के भीतर स्थिति साफ कर दी जाए। ऐसा नहीं होने पर सभी 13 जिलों से बच्चों से समेत पुलिस परिवार दून में इकट्ठा होकर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी गई।

उत्तराखंड : JCB पर गिरा मलबा, भारत-चीन सीमा को जोड़ने वला मार्ग बंद

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चमोली: भारी बारिश का सिलसिला जारी है। पहाड़ से लेकर मैदान तक बारिश हो रही है। नदियां खतरे के निशान के पर बह रही हैं। हरिद्वार में गंगा का पानी खेतों तक पहुंच गया है, जिसके चलते लोगों की खेती बर्बाद हो रही हैं। वहीं, कई सड़क मार्ग भी लगातार बंद चल रहे हैं। इधर, भारी बारिश के कारण भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला मार्ग बंद हो गया है, जिससे सेना को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

भारत चीन सीमा को‌ जोड़ने वाला नीती मोटर मार्ग भूस्खलन से बंद हो गया है। नीती में काली मंदिर के पास पहाड़ी से चट्टान टूटने से हाइवे बंद हुआ है। बताया गया कि चट्टान टूटने से एक मशीन भी क्षतिगस्त हुई है। जेसीबी मशीन के ऊपर टूटी चट्टान का मलबा आ गया है। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। बीआरओ मार्ग खोलने में जुट गया है। इस हाइवे से ही सेना ने सीमा पर चौकियों में रसद की सप्‍लाई करती है।

पौड़ी जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में रात्रि से रुक- रुक कर हो रही वर्षा ग्रामीण क्षेत्रों की लाइफ लाइन कहे जाने वाले ग्रामीण मोटर मार्गों पर कहर बनकर टूटी है। जगह-जगह मलबा आने से रविवार को एक राज्य मार्ग सहित 23 मोटर मार्ग बंद हो गए।

जनपद में वर्षा से राज्य मार्ग पैठाणी-नोटी-कर्णप्रयाग के अलावा डुंगरीपंथ-छातीखाल, किंसूर-कांडी, दमदेवल-गडरी-झलपाडी, पोखरीखेत-चोरकंडी-मासौ, पोखरी-डुमका समेत ग्रामीण क्षेत्रों के 23 मोटर मार्ग शामिल हैं। हालांकि बंद मार्गों को खोलने में जगह-जगह जेसीबी मशीने लगाई गई हैं,लेकिन इसमें भी बारिश बाधा बन रही है।

चमोली जनपद में बदरीनाथ हाइवे बीते रोज दोपहर से लामबगड़ खचडानाला में जलस्तर बढ़ने से बंद रहा। बताया गया कि लगातार मौसम खराब के चलते व जलस्तर बढ़ने से हाइवे खोलने का काम नहीं हो पा रहा था। पुलिस प्रशासन ने पांडुकेश्वर, गोविंदघाट व जोशीमठ में सात सौ यात्रियों को रोका गया था, जिन्हें बदरीनाथ जाना था। फिलहाल, हाईवे सुचारू है।

उत्तराखंड में फिर शुरू हुआ ऑपरेशन मुक्ति, इसलिए है खास

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देहरादून: उत्तराखंड ने आज से एक खास अभियान शुरू किया है। यह अभियान बच्चों से भिक्षावृत्ति की प्रभावी रोकथाम करने, भिक्षा न दिये जाने, लोगों का जागरूक करने, भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करने और उनके पुनर्वास करने के लिए चलाया जा रहा है। डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि यह अभियान अगने दो महीने तक प्रदेशभर में चलेगा। इसकी थमी अभियान की थीम भिक्षा नहीं, शिक्षा दें है।

इसकी शुरूआत 2017 में हुई थी। तब से लगातार समय-समय पर उत्तराखंड पुलिस इस अभियान को चलाती आई है। अभियान के अन्तर्गत अभी तक भिक्षावृत्ति से हटाकर कुल 1430 बच्चों का स्कूल/डेकेयर होम में दाखिला कराया गया है।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि सामाजिक व मानवीय कार्यों में पुलिस की अहम भूमिका होती है। इसी कड़ी में ऑपरेशन मुक्ति चलाया गया। जिसके तहत भिक्षा मांगने वाले बच्चों को शिक्षा देने की कोशिश की गई है। इस मुहिम में लोगों को भी जागरूक किया गया है कि वह बच्चों को भिक्षा नहीं शिक्षा देकर अपना कर्तव्य निभाएं। इससे बच्चों को अपना बचपन जीने को मिलेगा। शिक्षा के अभाव में कुछ बच्चे अपराध की ओर बढ़ जाते हैं। इनके स्कूल जाने से अपराध की प्रवृति में भी रोक लगेगी।

ऑपरेशन मुक्ति अभियान तीन चरणों में चलाया जाता हैः

प्रथम चरणः- भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों व उनके परिवारों का पूर्ण विवरण संलग्न प्रारूप में तैयार करना तथा ऐसे बच्चे जिनका विद्यालयों/डे केयर में दाखिला किया जाना है, का चिन्हिकरण करना।

द्वितिय चरणः समस्त स्कूल-कॉलेजों, सार्वजनिक स्थानों, महत्वपूर्ण चौराहों, सिनेमाघरों, बस व रेलवे स्टेशनों, धार्मिक स्थलों आदि स्थानों पर बच्चों को भिक्षा न दिये जाने के सम्बन्ध में बैनर, पोस्टर, पम्पलेट, नुक्कड़ नाटक, लाउड स्पीकर, शार्ट मूवी व सोशल मीडिया आदि के माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाकर जनता को जागरूक करना।

तृतीय चरणः भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को भिक्षावृत्ति से हटाकर उनके तथा उनके माता-पिता की कॉउन्सलिंग कर बच्चों को शिक्षा प्रदान करने तथा उनके माता-पिता को रोजगार दिलाने का प्रयास करना। बच्चों के पुनः भिक्षावृत्ति में लिप्त पाये जाने पर उनके माता/पिता के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत कर कार्यवाही करना तथा किसी भी प्रकार का संदेह होने पर डी0एन0ए0 टेस्ट की कार्यवाही करना।

अभियान के अन्तर्गत जनपद देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर, नैनीताल में चार टीमों (उपनिरीक्षक-1, आरक्षी-4) का गठन किया गया है। शेष जनपदों में एण्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम द्वारा उक्त अभियान को चलाया जा रहा है। रेलवे में भी एक टीम का गठन किया गया है।

उत्तराखंड: फिरौती मांगने वाली महिला, UP से गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस, ये है पूरा मामला

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रुद्रपुर: अपराधों के ज्यादातर मामलों में पुरुष ही शामिल रहते हैं या पकड़े जाते हैं। लेकिन, इस मर्तबा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सबको चौंका दिया। यूपी की गोरखपुर पुलिस को ऊधमसिंह नगर की महिला को गिरफ्तार करने के लिए पूरी टीम के साथ आना पड़ा। एक महिला से नेपाली टेलीफोन नंबर से कॉल कर पांच लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में तीन साल से फरार महिला आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसे उत्तराखंड के उधमसिंह नगर से पकड़कर पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर लेकर रविवार को गोरखपुर आई।

पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया। उसके तीन साथियों को पहले ही जेल भेजकर कैंट पुलिस ने घटना का पर्दाफाश कर लिया था। पकड़ी गई महिला की पहचान उधमसिंह नगर के आईटीआई थाना क्षेत्र के काशीपुर निवासी पवन साहनी की पत्नी रीता के रूप में हुई है।

पुलिस के मुताबिक, रानीडीहा के अशोक नगर निवासी कपिलमुनि का बेटा राहुल नोएडा की एक कंपनी में नौकरी करता था। उसका अपहरण कर लिया गया था। 24 दिसंबर 2018 और सात जनवरी 2019 को उनकी मां के मोबाइल फोन पर नेपाली नंबर से कॉल आया।

कॉल रिसीव करने पर दूसरी तरफ से बात करने वालों ने पांच लाख रुपये फिरौती मांगते हुए कहा कि बात न मानने पर बेटे की हत्या कर देंगे। कपिलमुनि की शिकायत पर कैंट थाना पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की।

फिरौती की रकम लेने गोरखपुर आए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश किया था। वारदात में शामिल उत्तराखंड की रीता की तलाश में पुलिस टीम लगी थी। शनिवार को पुलिस टीम उत्तराखंड पहुंची और रीता को गिरफ्तार कर ली।

बड़ी खबर: देश में मंकीपॉक्स से पहली मौत, 20 लोग क्वारंटीन

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केरल के त्रिशूर में मंकीपॉक्स के संदिग्ध युवक की मौत मामले में डराने वाले तथ्य सामने आए हैं। युवक की मौत के बाद उसकी जांच रिपोर्ट सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, मृतक में मंकीपॉक्स की पुष्टि हुई है। इसके बाद से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

दरअसल, शनिवार को केरल के त्रिशूर में एक 22 साल के व्यक्ति की मौत हो गई थी। मृतक में मंकीपॉक्स के लक्षण पाए गए थे और वह हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा कर भारत लौटा था।

भारत आने से पहले यूएई में युवक की जांच की गई थी। उसमें मंकीपॉक्स की पुष्टि हुई थी। युवक 22 जुलाई को भारत पहुंचा था। वह 27 जुलाई को अस्पताल में भर्ती हुआ था। शनिवार को युवक की मौत के बाद उसके परिजनों ने यूएई में हुई जांच की रिपोर्ट अस्पताल को सौंपी, जिसके बाद महकमा सकते में आ गया। इसके बाद युवक के दोबारा नमूने लिए गए थे।

एजुकेशन व हेल्थ स्टैंडिंग कमेटी की सदस्य रेंजिनी ने बताया, मृतक परिवार के सदस्यों व कुछ दोस्तों सहित 10 लोगों के साथ सीधे संपर्क में था। अभी तक इस मामले में 20 लोगों क्वारंटाइन किया गया है। उन्होंने बताया, स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और घबराने की बात नहीं है। इस बीच पुन्नयूर ग्राम पंचायत के सदस्यों मंकीपॉक्स से संक्रमित एक युवक की मौत के बाद की स्थिति पर चर्चा करने के लिए एक बैठक बुलाई।

ये हैं लक्षण
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, मंकीपॉक्स के लक्षण 6 से 13 दिन के अंदर दिखाई देने लगते हैं। हालांकि कई बार 5 से 21 दिन का समय भी ले सकता है। संक्रमित होने पर अगले 5 दिन के अंदर बुखार, सिरदर्द, थकान और पीठ में दर्द जैसे लक्षण दिखते हैं। बुखार होने के तीन दिन के अंदर त्वचा पर दाने आने लगते हैं।

मंकीपॉक्स भले कोरोना जैसे फैल रहा है लेकिन ये कोविड जितना घातक नहीं है। मंकीपॉक्स के लक्षण नजर आएं तो घबराएं नहीं। लक्षणों से मंकीपॉक्स की स्थिति को समझते हुए इलाज कराएं।

बड़ा हादसा, वाहन में करंट लगने से 10 लोगों की मौत, कई घायल

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पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में एक वाहन में करंट उतरने से इसमें सवार 10 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। माथाभंगा के अतिरिक्त SP ने कहा कि जांच से पता चलता है कि यह जनरेटर डीजे सिस्टम की वायरिंग के कारण हो सकता है, जो वाहन के पिछले हिस्से में लगाया गया था।  हालंकि, यह जांच के बाद ही साफ़ हो पायेगा कि असल में कर्नाट कैसे लगा था।

हादसा रविवार देर रात हुआ। हादसे में घायल 27 में से 16 लोगों को जलपाईगुड़ी अस्पताल भेजा गया क्योंकि इन्हें हल्की चोटें आई हैं। पुलिस ने बताया कि मेखलीगंज थाने के धारला ब्रिज पर रविवार रात 12 बजे जल्पेश जा रहा एक यात्री वाहन करंट आ गया। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक इसमें करंट जेनरेटर सिस्टम के कारण आया होगा।

इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई। 16 घायलों को इलाज के लिए जलपाईगुड़ी अस्पताल भेजा गया, इन्हें कम चोटें आई हैं। सभी यात्री सीताकुची पुलिस थाना क्षेत्र के रहने वाले थे और इनके परिवार को हादसे की जानकारी दे दी गई है। वाहन को जब्त कर लिया गया है, लेकिन ड्राइवर अभी फरार है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। पुलिस राहत और बचाव कार्य में मदद कर रही है।