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उत्तराखंड: पेपर लीक मामला, सरकारी कर्मचारी गिरफ्तार, अब सफेदपोशों की बारी!

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देहरादून: अधीनस्त चयन सेवा आयोग भर्ती पेपर लीक मामले में अब तक 13 लोग गिरफ्तार हो चुकी हैं। इनमें एक पुलिस कांस्टेबल और तीन न्याय विभाग में बतौर कनिष्ठ सहायक सेवाएं दे रहे कर्मचारी भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान और पूछताछ में कुछ सफेदपोशों के नाम भी सामने आए हैं। अब सवाल यह है कि सफेदपोशों पर एसटीएफ कब हाथ डालेगी। माना जा रहा है कि पहले सफेदपोशों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाए जाएंगे। उसके बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।

एसटीएफ की अब तक की जांच में सामने आया है कि पेपर लीक कर उसे अभ्यर्थियों तक पहुंचाने में कई सफेदपोश भी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक गढ़वाल मंडल के दो जिला पंचायत सदस्यों के खिलाफ पेपर लीक में अहम साक्ष्य मिले हैं। इसमें एक महिला भी शामिल है। इस मामले में जिला पंचायत सदस्य के खिलाफ कुछ सुबूत भी एसटीएफ के हाथ लगे हैं।

इस केस का खुलासा होते ही दोनों नेता परेशान हैं। सूत्रों की माने तो कुछ अन्य नेताओं का नाम भी इसमें आया है। उनकी भूमिका की जांच जा रही है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि जांच में सभी तथ्यों पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। कुछ नेताओं के पेपर लीक में शामिल होने के इनपुट मिले हैं। इनमें एक जिला पंचायत सदस्य भाजपा से जुड़ा भी बताया जा रहा है।

अच्छी खबर : खत्म होगा इंतजार, स्कूलों को इस दिन मिलेंगे 449 प्रवक्ता

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देहरादून : 15 अगस्त से पहले विभिन्न विषयों के 449 प्रवक्ताओं को बड़ा तोहफा देने की तैयारी है। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग से चयनित इन शिक्षकों को पर्वतीय एवं दुर्गम श्रेणी के स्कूलों में प्रथम तैनाती दी जायेगी। जिसके निर्देश विभाग के उच्चाधिकारियों को दे दिए गये हैं।

गंभीर बीमारियों से पीड़ित शिक्षकों को अनुरोध के आधार पर इच्छित स्थानों पर शीघ्र तैनाती के निर्देश भी अधिकारियों को दिये गये हैं।

 

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज शिक्षा महानिदेशालय देहरादून में विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में डॉ. रावत ने राज्य लोक सेवा आयोग से विभिन्न विषयों में चयनित 449 प्रवक्ताओं को आगामी 15 अगस्त से पहले नियक्ति देने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दीये।

 

उन्होंने कहा कि इन शिक्षकों को सूबे के पर्वतीय एवं दुर्गम श्रेणी के स्कूलों में 5 साल के लिये तैनाती दी जायेगी। जिससे दुर्गम श्रेणी के स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर हो जायेगी साथ ही पठन-पठान भी सुचारू हो जायेगा।

 

डॉ. रावत ने बताया कि सामान्य शाखा के अंतर्गत दुर्गम श्रेणी के स्कूलों में अंग्रेजी विषय के 64, हिन्दी के 81, संस्कृत के 18, भौतिक विज्ञान के 46, रसायन विज्ञान के 42, गणित के 6, जीव विज्ञान के 35, नागरिकशास्त्र के 38, अर्थशास्त्र के 74, इतिहास के 8, भूगोल के 17, समाजशास्त्र के 6, कला, मनोविज्ञान एवं कृषि के एक-एक शिक्षक की तैनाती की जायेगी।

बालिका इंटर कॉलेजों में हिन्दी विषय की 2, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान एवं अर्थशास्त्र की 3-3 शिक्षिकाओं को नियुक्ति दी जायेगी। विभागीय मंत्री ने बताया कि ऐसे शिक्षक जो गंभीर रोग से ग्रसित हैं उन्हें अनुरोध के आधार पर इच्छित स्थानों पर तैनाती दी जायेगी , जिसके निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गए हैं। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था से रोगग्रस्त शिक्षक अपने उपचार के साथ-साथ शैक्षणिक कार्य का निर्वहन भी कर सकेंगे।

उत्तराखंड: रेफर सेंटर बने अस्पताल, एक और गर्भवती की मौत

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पुरोला : उत्तरकाशी जिले की नौगांव ब्लॉक सरनोल गांव की एक प्रसूता महिला अपने मायके कंडियाल गांव (पुरोला) गई हुई थी, जहां से प्रसव पीड़ा के बाद महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुरोला से नौगांव के लिए रेफर कर दिया गया। सीएचसी नौगांव में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पीड़िता प्रसव के लिए अपने मायके पुरोला के कंडियाल गांव आई हुई थी।

परिजन सुबह करीब करीब साढ़े तीन बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुरोला लाए। यहां चिकित्सकों ने पीड़िता की गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर भेजने का सुझाव दिया। परिजनों ने मंगलवार सुबह साढ़े तीन बजे देहरादून के लिए चले। रास्ते में अधिक पीड़ा होने पर परिजन पीड़िता को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव ले गए, ज़हां सुबह चार बजे महिला की मौत हो गई।

महिला के परिजनों का आरोप है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुरोला के चिकित्सकों के सुझाव पर सीएचसी नौगांव में भर्ती कराया गया, जंहा प्रसव पीड़िता की गंभीर हालत के चलते चिकित्सकों ने हायर सेंटर रेफर किया, काफी देर तक 108 का इंतजार किया गया, लेकिन एंबुलेंस काफी देर तक नहीं नहुंची। इस बीच 28 साल की ललिता की मौत हो गई।

डरा रहा मंकीपॉक्स, तीसरा केस मिला, देश भर में अब तक 8 मामले

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दिल्ली : दिल्ली में एक और नाइजीरियाई व्यक्ति मंकीपॉक्स से संक्रमित पाया गया है। यह दिल्ली में मंकीपॉक्स से संक्रमित पाया गया तीसरा व्यक्ति है। इससे साथ देश में मंकीपॉक्स से संक्रमित लोगों की कुल संख्या आठ हो गई है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

नाइजीरिया के एक 31 वर्षीय व्यक्ति को संक्रमण के बाद लोक नायक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां टेस्ट पॉजिटिव पाया गया। मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि मरीज का कोई विदेश यात्रा इतिहास नहीं है। मंगलवार को नाइजीरिया के एक 31 वर्षीय व्यक्ति को संक्रमण के बाद लोक नायक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां टेस्ट पॉजिटिव पाया गया। मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि मरीज का कोई विदेश यात्रा इतिहास नहीं है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘भारत में वर्तमान में मंकीपॉक्स के आठ पुष्ट मामले हैं, जिनमें से पांच रोगियों का विदेश यात्रा का इतिहास है।’ मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि भारत में आठ मंकीपॉक्स मामलों में से पांच केरल के हैं और तीन दिल्ली के हैं। केरल के त्रिशूर जिले के इन रोगियों में से एक की मौत हो गई है।

अधिकारियों ने बताया कि उनके संपर्क में आए चिकित्सक सहित 14 लोगों को पृथक किया गया, लेकिन इनमें से किसी में भी कोई लक्षण नहीं दिखा। उन्होंने बताया कि उसे सोमवार रात अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस बीच, शहर के दूसरे मंकीपॉक्स के मरीज तथा नाइजीरियाई नागरिक की हालत स्थिर है।

यहां धरने पर बैठ गए PM मोदी के भाई प्रह्लाद मोदी, ये है बड़ी वजह

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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई व ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन के उपाध्यक्ष प्रह्लाद मोदी ने आज जंतर-मंतर पर धरना दिया। संगठन की मांगों को लेकर प्रह्लाद मोदी व अन्य सदस्य जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए और नारेबाजी की।

इस दौरान उन्होंने कहा कि एआईएफपीएसडीएफ का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन सौंपेगा। उन्होंने बताया, ज्ञापन में संगठन की मांगों को सूचीबद्ध किया जाएगा और उनसे प्रधानमंत्री को अवगत कराया जाएगा।

दरअसल, एआईएफपीएसडीएफ की नौ मांगें हैं, जिनमें उचित दर की दुकानों से बेचे जाने वाले चावल, गेहूं और चीनी के साथ ही खाद्य तेल और दालों पर होने वाले नुकसान के लिए मुआवजे की मांग भी शामिल है।

इसके अलावा वे मुफ्त वितरण के ‘पश्चिम बंगाल राशन मॉडल’ को देश भर में लागू किए जाने की मांग भी कर रहे हैं। प्रह्लाद मोदी ने कहा, एआईएफपीएसडीएफ बुधवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक करेगा, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।

उत्तराखंड ब्रेकिंग: तीसरे दिन भी रोकी गई यमुनोत्री यात्रा, करोड़ों खर्च करने के बाद भी बुरा हाल

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यमुनोत्री: यमुनोत्री पैदल मार्ग अब तक नहीं खुल पाया है। मार्ग बंद होने से तीर्थ यात्री जगह-जगह पर फंसे हुए हैं। लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पैदल मार्ग को ठीक करने के नाम पर पिछले 10 सालों में करीब 5 करोड़ खर्च हो चुकी हैं। वहीं, धाम के वैकल्पिक मार्ग पर भी इसी साल कपाट खुलने से पहले 50 लाख खर्च किए गए थे।

सवाल यह है कि करोड़ों खर्च करने के बाद भी ना तो वैकल्पिक मार्ग बन पाया है और ना ही भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र को कोई इलाज हो गया है। यह पहली बार नहीं है, जब इस स्थान पर भूस्खलन के कारण यात्रा रोकनी पड़ी हो। पिछले साल भी यात्रा करीब दो सप्ताह के लिए रोकनी पड़ी थी। पैदल मार्ग पर सुरक्षित आवाजाही नहीं होने से बार-बार यात्रा स्थगित रहने से यात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

लगातार हो रही भारी बारिश के कारण भूस्खलन हो रहा है। इसके चलते यमुनोत्री धाम की यात्रा आज तीसरे दिन भी रुकी है। विभिन्न राज्यों से आए तीर्थयात्री पिछले दो दिन से जगह-जगह सुरक्षित स्थानों पर फंसे हुए हैं।

वहीं कई श्रद्धालुओं ने गंगोत्री धाम की ओर रुख किया है। क्षेत्र में विगत दिनों भारी बारिश के कारण चारधाम यात्रा के लिए नासूर बना जानकीचट्टी यमुनोत्री पैदल मार्ग भंडेलीगाड़ के पास भूस्खलन से अवरूद्ध हो गया था। मार्ग आज तीसरे दिन भी बंद है।

उत्तराखंड: माफिया पर सरकार सख्त, गुंडा एक्ट में होगी कार्रवाई

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देहरादून: भू-माफिया पर सरकार सख्त हो गई है। सरकार के निर्देश पर डीजीपी ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत सरकारी और निजी भूमि व भवनों पर अवैध कब्जा करने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी अशोक कुमार ने ऐसे भूमाफियाओं को चिन्हित कर उनके विरूद्ध अभियोग पंजीकृत करते हुए गुण्डा एक्ट के तहत जिला बदर करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कब्जा करने वालों की संपत्ति को भी जब्त किया जाएगा।

साथ ही हिस्ट्रीसीट खोले जाने और इनके लाईसेन्सी शस्त्रों को भी निरस्त करने हेतु समस्त जनपद प्रभारियों को निर्देशित किया है। चिन्हित भू-माफियाओं का थाना, जनपद तथा परिक्षेत्र स्तर पर रजिस्टर (डेटाबेस) तैयार कर उसे अध्यावधिक रखने एवं अन्य जनपदीय प्रभारियों से समन्वय स्थापित कर इनके विरूद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही करते हुए कृत कार्यवाही की मासिक सूचना नियमित रूप से पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराने हेतु भी निर्देशित किया गया है।

ऐसे भू-माफियाओं के विरूद्ध निजी सम्पत्ति के सम्बन्ध में जनता द्वारा की गयी शिकायत पर तत्काल अभियोग पंजीकृत करने तथा सरकारी एवं लावारिस भूमि, नदी, सार्वजनिक सड़क आदि के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभाग को सूचित करने साथ ही जनपदीय पुलिस प्रभारियों को जिला मजिस्ट्रेट से समन्वय स्थापित कर तत्काल प्रथम सूचना दर्ज कराकर विधिक कार्यवाही हेतु भी निर्देशित किया गया है।

बड़ी खबर : सरकार का बड़ा फैसला, एक साथ कई सरकारी वकीलों की छुट्टी

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UP : योगी सरकार ने फैसला लिया है। सरकार ने 841 सरकारी वकीलों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। विधि एवं न्याय विभाग के विशेष सचिव निकुंज मित्तल की तरफ से जारी आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट में नियुक्त सभी सरकारी वकीलों की सेवाएं खत्म कर दी गई हैं। आदेश के अनुसार इलाहाबाद हाईकोर्ट की प्रधान पीठ से 505 राज्य विधि अधिकारी और हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से 336 सरकारी वकीलों की छुट्टी कर दी गई है।

उधर, राज्य सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में 366 और लखनऊ खंडपीठ में 220 नए सरकारी वकील नियुक्त किए हैं।लखनऊ बेंच के दो चीफ स्टैंडिंग काउंसिल की सेवाएं समाप्त की गई हैं। इसके अलावा 33 एडिशनल गवर्नमेंट एडवोकेट, क्रिमिनल साइड के 66 और 176 सिविल ब्रीफ होल्डर को हटाया गया है।

59 एडिशनल चीफ स्टैंडिंग काउंसिल और स्टैंडिंग काउंसिल की सेवाएं भी समाप्त कर दी ई हैं।  सरकार इस पर काफी लंबे समय से विचार कर रही थी। पहले स्कूटनी की गई। फिर प्लानिंग के बाद देखा गया कि कई सरकारी वकील अनुपस्थित रहते थे। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया।

उत्तराखंड: कार्रवाई…, पत्नी कर रही आंदोलन, पति को कर दिया सस्पेंड

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देहरादून: उत्तराखंड पुलिस ग्रेड-पे मामला एक बाद फिर से तूल पकड़ रहा है। इस मामले में पुलिस परिजनों ने सरकार को एक सप्ताह का अल्टिमेटम दिया है। वहीं, पुलिस और सरकार ने दबाव की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। पुलिस ने ग्रेड-पे मामले में आंदोलन में मुख्य भूमिका में नजर आ रही पुलिसकर्मी की पत्नी के आंदोलन की सजा उनके पति को दी गई।

पुलिस मुख्यालय ने ग्रेड-पे मामले में तीन पुलिस जवानों को सस्पेंड कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद से पुलिस परिजन और गुस्से में आग गए हैं। निलंबित पुलिसकर्मियों में से एक उत्तरकाशी, दूसरा चमोली और तीसरा पुलिस मुख्यालय में तैनात है। तीनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

उत्तरकाशी में तैनात सिपाही कुलदीप भंडारी की पत्नी आशी भंडारी, पुलिस मुख्यालय में तैनात दिनेश चंद की पत्नी उर्मिला चंद और चमोली में कार्यरत हरेंद्र रावत की मां शकुंतला ने पत्रकारों से वार्ता की थी। पुलिस ने तीनों ही पुलिस जवानों को सस्पेंड कर दिया।

पुलिस ने निलंबन के पीछे कर्मचारी आचरण सेवा नियमावली के उल्लंघन को वजह बताया है। अधिकारियों का कहना है कि 4600 ग्रेड-पे के संबंध में जवानों के परिजनों ने पत्रकार वार्ता की थी। यह सीधेतौर पर सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली की धारा 5 (2) और 24 (क) का उल्लंघन है। इसके क्रम में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।

वहीं, निलंबित जवान कुलदीप भंडारी की पत्नी आशी भंडारी ने निलंबन की कार्रवाई को तानाशाही बताया है। उन्होंने कहा कि यह एकदम गलत है। उनको चुप कराने के लिए पहले उनके पति का ट्रांसफर कर दिया और जब वो नहीं डरी तो सस्पेंड कर दिया। उनका कहना है कि अगर जल्द फैसला नहीं बदला गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

ड्रोन हमले में हुई अल-कायदा चीफ अयमान अल-जवाहिरी की मौत, अमेरिका ने की पुष्टि…

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आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका ने एक बार फिर से बड़ा प्रहार किया है। मिली जानकारी के अनुसार अमेरिका ने अल-कायदा प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी को मार गिराया है। अमेरिका (US) ने अफगानिस्तान में आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत एक सीक्रेट ऑफरेशन में इस काम को अंजाम दिया। मिली जानकारी के अनुसार रविवार की सुबह करीब 6 बजकर 18 मिनट पर अल-जवाहिरी को मार गिराया। ये खबर मीडिया में आग की तरह फैल रही है। बता दें कि अल-जवाहिरी की मौत की पुष्टि खुद अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने की है।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अल-जवाहिरी की मौत की खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि “अलकायदा सरगना ने “अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ हत्या और हिंसा का एक रास्ता तराशा था। अब न्याय मिल गया है और यह आतंकवादी नेता नहीं रहा।” अधिकारियों के अनुसार जब उस पर हमला किया गया तो वह अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में मौजूद था। अधिकारियों ने बताया कि जवाहिरी एक सुरक्षित घर की बालकनी में थे।

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मौके का फायदा उठाते हुए अमेरिका ने उसके ऊपर दो मिसाइलें दागीं, जिसमें उनकी मौत हो गई। इसके साथ ही अधिकारियों ने कहा है कि “मौके पर परिवार के अन्य सदस्य मौजूद थे, लेकिन उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ और केवल जवाहिरी मारा गया।” बताते चलें कि अल-कायदा प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी, मिस्र का एक सर्जन था, जो बाद में दुनिया के सबसे वांछित आतंकवादियों में से एक बन गया था। 2011 में ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद जवाहिरी ने अल-कायदा को अपने नियंत्रण में ले लिया था। वह और लादेन संयुक्त राज्य अमेरिका पर 9/11 के हमलों के मास्टरमाइंड थे।