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उत्तराखंड: मंत्री जी पालकी में बैठी इस महिला की तस्वीर देखिए, शायद आप कुछ समझ पाएं…!

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देहरादून: सरकारें हर बार स्वास्थ्य सेवाओं के चाक-चौबंद होने का दावा करती हैं। AC कमरों में बैठकर दिए गए मंत्री और अधिकारियों के बयान धरातल पर शून्य नजर आते हैं। आदेशों और निर्देशों का भी कुछ अता-पता नहीं होता है। उनके खोखले दावों की पोल पहाड़ से आती तस्वीरें अक्सर खोलती रहती हैं। ऐसी ही एक और तस्वीर स्वास्थ्य विभाग की बदहाली की हकीकत को बयां कर रही है।

यह मामला चमोली जिले के दूरस्थ पाणा (इराणी) गांव का है। गांव की महिला को अचानक प्रसव पीड़ा होने लगी। गांव और आसपास डॉक्टर तो दूर नर्स भी तक भी उपलब्ध नहीं है। मजबूरी में ग्रामीणों ने कुर्सी की पालकी बनाकर महिला को गांव से 10 किलोमीटर पैदल सड़क तक और फिर वहां से 40 किलोमीटर सड़क से जिला मुख्यालय गोपेश्वर के सरकारी अस्पताल लेजाने का मन बनाया।

लेकिन, जैसे ही ग्रामीण गांव से 5 किलोमीटर दूर पहुंचे, महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ गई। साथ आए लोगों ने महिला का रास्ते में ही प्रसव करा दिया। गनीमत रही कि रास्ते में प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा सुरक्षित है। इसके बाद बिना इलाज के ही ग्रामीण महिला को वापस पांच किमी पैदल चलकर गांव ले गए।

ग्रामीण कई बार गांव तक सड़क की मांग कर चुके हैं। लेकिन, दशोली कासखंड की सुदूरवर्ती ग्राम पंचायत पाणा गांव तक सड़क बनाने से जैसे सरकार गांव वालों से रूठी हुई है। सवाल यह है कि फिर विकास और गांव-गांव सड़क के दावे क्यों किए जाते हैं। गांव की महिलाओं के साथ ही नहीं।

किसी के भी बीमार होने पर ग्रामीण ऐसे ही चार कंधों को एंबुलेंस बनाकर अपने मरीजों को अस्पातल पहुंचाते हैं। कुछ भाग्य से बच जाते हैं। कुछ मामलों में समय से इलाज नहीं मिलने के कारण लोगों को जानें भी गंवानी पड़ती है।

लेकिन, पैदल मार्ग की पगडंडी की थकान और मुश्किलों ने 5 किमी सफर के बाद नंदी देवी ने रास्ते में बच्चे को जन्म दे दिया। ग्रामीण भरत सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी नंदी देवी को सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई। गांव और आसपास कोई स्वास्थ्य सेवा नहीं है। गांव में एक मात्र आशा के भरोसे ही लोग रहते हैं।

फिर चर्चा में नूपुर शर्मा, सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत पढ़ें पूरी खबर

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नई दिल्ली: नूपुर शर्मा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी को लेकर दायकर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। उच्चतम न्यायालय का कहना है कि इसके दूरगामी परिणाम होते हैं। पैगंबर मोहम्मद पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी के चलते शर्मा के खिलाफ कार्रवाई और उनकी गिरफ्तारी की मांग की गई थी।

मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित, जस्टिस रविंद्र भट्ट और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच ने याचिका पर सुनवाई की। रिपोर्ट्स के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने कहा, यह देखने में नुकसान नहीं पहुंचाने वाला लगता है, लेकिन इसके दूरगामी परिणाम होते हैं। अदालत को निर्देश जारी करते समय हमेशा चौकस रहना चाहिए। हमारा सुझाव इसे वापस लेने का है।

कथित तौर पर एक टीवी डिबेट के दौरान शर्मा की तरफ से की गई टिप्पणी के चलते जमकर विवाद खड़ा हो गया था। देश के की हिस्सों में इसे लेकर जमकर प्रदर्शन हुए थे और शर्मा को गिरफ्तारी करने की मांग उठी थी। सुप्रीम कोर्ट में एड्वोकेट चांद कुरैशी के जरिए एड्वोकेट अबु सोहैल की तरफ से याचिका दायर की गई थी।

याचिका में श्स्वतंत्र, विश्वसनीय और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई थी। खास बात है कि एपेक्स कोर्ट ने पहले ही मामले में दर्ज सभी एफआईआर को दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर करने के बात कही थी। शर्मा के खिलाफ देश् के कई शहरों में अलग-अलग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की गई थी।

 11 IAS और 16 PCS अधिकारियों का तबादला, यहां चेयरमैनों की नियुक्ति

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पंजाब : सरकार ने गुरुवार को तत्काल प्रभाव से 11 IAS और 16 PCS अधिकारियों का तबादला कर दिया। इसके साथ ही 10 नगर सुधार ट्रस्टों के चेयरमैनों की नियुक्ति भी कर दी गई है। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए पदभार संभालने को कहा गया है। बदले गए आईएएस अधिकारियों में अनुराग अग्रवाल को खाद्य प्रसंस्करण विभाग का अपर मुख्य सचिव के साथ एसीएस जेल विभाग का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।

ACS (चुनाव) केएपी सिन्हा को एडिशनल चीफ सेक्रेटरी एंड फाइनेंशियल कमिश्नर राजस्व एवं पुनर्वास, वीरेंद्र कुमार मीणा को प्रमुख सचिव स्वतंत्रता सेनानी के साथ प्रमुख सचिव प्रिंटिंग एंड स्टेशनरी का अतिरिक्त कार्यभार, अलकनंदा दयाल को सचिव मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान लगाते हुए रेजिडेंट कमिश्नर पंजाब भवन नई दिल्ली का अतिरिक्त कार्यभार, चंद्र गैंद को कमिश्नर फरीदकोट डिवीजन फरीदकोट, दलजीत सिंह मांगट को कमिश्नर फिरोजपुर डिवीजन फिरोजपुर, विनय बुबलानी को विशेष सचिव गृह मामले एवं न्याय लगाते हुए सचिव पंजाब मानवाधिकार आयोग और नोडल अफसर एंटी ड्रग्स एब्यूज अभियान का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।

अरविंद पाल सिंह संधू को एमडी शुगरफेड, माधवी कटारिया को डायरेक्टर सामाजिक सुरक्षा व महिला एवं बाल विकास, सेनु दुग्गल को विशेष सचिव आम राज प्रबंध एवं समन्वय लगाते हुए विशेष सचिव प्रिंटिंग एंड स्टेशनरी का अतिरिक्त कार्यभार और संदीप कुमार को एडीसी (ग्रामीण विकास) फाजिल्का लगाया गया है।

PCS अधिकारियों में तेज कुमार गोयल को अतिरिक्त सचिव संसदीय मामले विभाग में बनाए रखते हुए एडिशनल सेक्रेटरी खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले और डायरेक्टर सामाजिक न्याय, सशक्तीकरण एवं अल्पसंख्यक का अतिरिक्त कार्यभार, राजेश त्रिपाठी को एडिशनल सेक्रेटरी राजस्व एवं पुनर्वास लगाते हुए डायरेक्टर लैंड रिकॉर्ड, सैटेलमेंट, कंसोलिडेशन एंड लैंड एक्यूजिशन जालंधर का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।

नीरू कत्याल गुप्ता को एडिशनल सेक्रेटरी परसोनल, परमदीप सिंह को संयुक्त सचिव फूड सप्लाई एंड कंज्यूमर अफेयर्स, मनदीप कौर को ADC (ग्रामीण विकास) श्री मुक्तसर साहिब, अवनीत कौर को एडीसी (ग्रामीण विकास) एसएएस नगर, राजदीप कौर को एडीसी (ग्रामीण विकास) मालेरकोटला, अमनदीप कौर को एडीसी (शहरी विकास) अमृतसर, लवजीत कलसी को एडीसी बरनाला बनाया गया है।

नवनीत कौर बल्ल को एसडीएम भुलत्थ, सोनम चौधरी को संयुक्त कमिश्नर एमसी लुधियाना लगाते हुए भूमि अधिग्रहण अधिकारी इंप्रूवमेंट ट्रस्ट लुधियाना का अतिरिक्त कार्यभार, राम सिंह को एसडीएम निहाल सिंह वाला लगाते हुए एसडीएम मोगा का अतिरिक्त जिम्मा, सूबा सिंह को एसडीएम लहरागागा लगाते हुए एसडीएम मूनक का अतिरिक्त जिम्मा, बलजिंदर सिंह ढिल्लों को इस्टेट ऑफिसर गलाडा लुधियाना, कंवरजीत सिंह को एडीएम मलोट लगाते हुए एसडीएम गिद्दड़बाहा का अतिरिक्त जिम्मा, गगनदीप सिंह को एसडीएम श्री मुक्तसर साहिब लगाया गया है।

इनके अलावा, राज्य सरकार ने 10 नगर सुधार ट्रस्टों के चेयरमैनों का भी एलान कर दिया है। इस फैसले के तहत तरसेम भिंडर को लुधियाना, जश्न बराड़ को फाजिल्का, हरमीत औलख को होशियारपुर, मेघ चंद शेरोमाजरा को पटियाला, प्रवीण छाबड़ा को राजपुरा, जगतार संघेड़ा को जालंधर, कुंदन गोगिया को समाना, दीपक अरोड़ा को मोगा, ठाकुर मनोहर को पठानकोट और रमन चंदी को खन्ना का चेयरमैन बनाया गया है।

ढोल की थाप और उड़ते गुलाल के बीच निकला भव्‍य जुलूस, गणेश विसर्जन आज

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महाराष्ट्र : धूमधाम से मनाया जाने वाला दस दिवसीय गणेश उत्सव शुक्रवार को विसर्जन के साथ समाप्त हो रहा है, और गणपति की मूर्तियों के विसर्जन के लिए जुलूस निकाले जा रहे हैं, जिसके लिए मुंबई और राज्य के अन्य हिस्सों में अधिकारियों ने व्यापक व्यवस्था की है।

समाचार एजेंसी पीटआई के अनुसार गणेशोत्‍सव का पर्व 31 अगस्त को शुरू हुआ था। हर साल अनंत चतुर्दशी पर त्योहार की समाप्ति होती है, भगवान गणेश की मूर्तियों को पास के जल निकायों में ले जाकर इनका विसर्जन किया जाता है। मूर्तियों को विसर्जन के लिए ले जाते समय भक्‍त भव्‍य जुलूस निकालते हैं।

भगवान गणेश की मूर्तियों को इस साल राज्य भर में घर और सार्वजनिक पंडालों में धूमधाम और उल्लास के साथ स्थापित किया गया था। इस बार कोरोना के मामले भी काफी कम है, हालांकि कोरोना महामारी के चलते दो साल से इस उत्‍सव पर रोक लगी हुई थी।

इस साल मुंबई, पुणे और राज्य के अन्य हिस्सों में अधिकारियों ने मूर्तियों के विसर्जन और जुलूस के लिए व्यापक व्यवस्था की है। शुक्रवार की सुबह मुंबई और राज्य के अन्य हिस्सों में “गणपति बप्पा मोरया, पुधाच्य वर्षा लावकर हां”, ढोल की थाप और उड़ते गुलाल के बीच जुलूस निकाला जाएगा।

विसर्जन गिरगांव चौपाटी (समुद्र तट), शिवाजी पार्क, बांद्रा, जुहू और मलाड में होगा, इसके अलावा 70 प्राकृतिक झीलों के साथ-साथ बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा बनाए गए कृत्रिम तालाब भी होंगे। गिरगांव चौपाटी लालबागचा राजा जैसी लोकप्रिय मूर्तियों के विसर्जन के लिए प्रमुख स्थानों में से एक है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुणे में गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए 8,000 से अधिक पुलिसकर्मी सड़कों पर गश्त करेंगे। पुणे के पुलिस आयुक्त अमिताभ गुप्ता ने कहा कि निगरानी के लिए शहर के कई स्थानों पर सीसीटीवी लगाए गए हैं, जबकि कई सड़कों पर यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन होगा। राज्‍य में आज “करीब 3,000 पंजीकृत गणेश पंडालों में विसर्जन किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सभी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा।

उत्तराखंड की सियासत और अनिश्चितता, क्या इस बार मंत्रियों पर मंडरा रहा ख़तरा?

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देहरादून: उत्तराखंड की सियासत और अनिश्चितता का चोली-दामन का साथ है। राज्य में केवल अल्पमत की सरकारों में ही सीएम नहीं बदले गए, बल्कि पूर्ण बहुमत वाली सरकारों के भी मुख्यमंत्री बदल दिए गए। मंत्रियों की कुर्सियों पर भी गिरने और गिराए जाने का खतरा लगातार  मंडराता रहता है।

विजय बहुगुणा, हरीश रावत, जनरल भुवन चंद खंडूरी, रमेश पोखरियाल निशंक और त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकारें भी राजनीतिक अनिश्चितता के भंवर में फंसी और उनको अपनी कुर्सियों को बिना समय पूरा किए ही छोड़ना पड़ा।

खास बात यह है इन सरकारों में जहां अपने ही अपनों के दुश्मन बने। वहीं, भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे पर खरीद-फरोख्त कर सरकारों को गिराने, अनिश्चित करने के आरोप भी लगाते रहे हैं। इससे भले ही राजनीतिक दलों को कोई असर ना पड़ता हो। लेकिन, राज्य को बड़ा नुक्सान उठाना पड़ता है।

एक बार फिर राज्य में अनिश्चितता का माहौल बनता नजर आ रहा है। इस बार खतरा मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं। बल्कि, धामी कैबिनेट के दो मंत्रियों की कुर्सी पर मंडरा रहा है। दोनों मंत्रियों की कुर्सियां खतरे में बताई जा रही हैं।

माना जा रहा है कि भाजपा आलाकमान बहुत जल्द उन मंत्रियों की कुर्सियों का फैसला कर सकता है, जिन मंत्रियों पर आरोप लगे हैं। सबकी निगाहें भाजपा आलाकमान के फैसले पर हैं। अब देखना होगा कि भाजपा किसकी कुर्सी हिलाती है और किसको मौका देती है। फिलहाल यह केवल चर्चाएं हैं।

उत्तराखंड में एक और हादसा, दो लोगों की दर्दनाक मौत

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पौड़ी: आज सुबह-सुबह दो बुरी खबरें सामने आई हैं। पहली खबर टिहरी जिले की है, जहां ऋषिकेश से आगे बद्रीनाथ हाईवे पर वाहन गहरी खाई में जा गिरा। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि दूसरा हादसा पौड़ी जिले में हुआ। जहां, भटोली गांव में बोलेरो दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है।

कोतवाली श्रीनगर ने एसडीआरएफ को सूचित किया कि भटोली गांव में एक बोलेरो वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। सूचना पर पोस्ट श्रीनगर से इंस्पेक्टर मंजरी नेगी के नेतृत्व में एसडीआरएफ की टीम मय रेस्क्यू उपकरणों के घटनास्थल के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर एक बोलरो वाहन मुख्य मार्ग से अनियंत्रित होकर लगभग 200 मीटर नीचे गिरा हुआ था जिसमें 2 लोग सवार थे। वाहन में सवार दोनों लोगों की मौत हो गई।

मृतकों का विवरण
1. अर्जुन सिंह पुत्र धर्म सिंह, उम्र- 35 वर्ष, निवासी- भटोली गांव, पौड़ी
2. देव सिंह पुत्र स्व0 बलबीर सिंह, उम्र- 40 वर्ष, निवासी- उपरोक्त।

तिहाड़ जेल के इस कैदी ने पैसे कमाने का अपनाया अनोखा रास्ता, अपने पेट का किया इस तरह इस्तेमाल..

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जेल में बंद कैदियों के भी कई ऐसे मामले सामने आते हैं जो लोगों का होश उड़ा देते हैं। आज जिस मामले के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं, उसको सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे। ये मामला तिहाड़ जेल के एक कैदी का है, जेल में बंद कैदी ने पैसा कमाने के लिए एक ऐसा कदम उठाया जिससे हर कोई हैरान है। बता दें कि इस शख्स ने पैसे कमाने के लिए जेल में मोबाइल बेचने की कोशिश की ओर पुलिस से मोबाइल छुपाने के लिए इस शख्स ने अपने पेट को चुना। गोरतलब हैं कि इस शख्स ने मोबाइल को निगल लिया।

मिली जानकारी के अनुसार बाद में इस शख्स ने खुद पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। लेकिन पुलिस ने इस बात का मजाक में ही टाल दिया। लेकिन जब कैदी की हालत बिगड़ने लगी तो अधिकारी उसको अस्पताल ले गए। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने उसकी एंडोस्कोपी की, एंडोस्कोपी करने पर पता चला की सच में उसके पेट में मोबाइल मौजूद है। यहां हैरानी करने वाली बात ये थी कि उसके पेट में एक नहीं बल्कि चार मोबाइल फोन मौजूद थे। अधिकारियों के अनुसार वो इस बात की जानकारी पहले ही दे चुका था, लेकिन किसी ने भी उसकी बात का यकीन नहीं किया।

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बता दें कि डॉक्टर ने सर्जरी की मदद से दो मोबाइल को बाहर निकाल दिया है, लेकिन बाकी दो मोबाइल दूसरी सर्जरी की मदद से निकाले जाएंगे। इस मामले को लेकर तिहाड़ जेल के डीजी संदीप गोयल ने बताया कि “कैदी जेल नंबर वन में बंद है। उसे कई आपराधिक मामलों में सजा मिली है। हाल ही में वह पैरोल पर बाहर गया था। जेल लौटने का समय आया तो उसे जेल के अंदर पैसे कमाने का आइडिया आया।”

संदीप गोयल ने आगे कहा कि “कैदी ने 5 सेंटीमीटर मोटाई वाले चार मोबाइल फोन को निगल लिया। उसने सोचा था कि अधिकारियों से बचकर मोबाइल फोन को जेल में बेच लेगा।” हालांकि ऐसा न हो सका, इस कैदी ने खुद से मोबाइल फोन को निकालने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह असफल रहा, जिसके बाद उसने अपनी जान की परवाह करते हुए इस बात की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी।

पीएम मोदी ने किया सेंट्रल विस्टा का उद्घाटन, राज्यपथ को बदलकर किया…

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केंद्र में बैठी भाजपा सरकार ने देश की सबसे खास जगह पूरी तरह से बदल दिया है। इस जगहों को इस तरह से बनाया गया है कि हर कोई देखता ही रह जाए। हम बात कर रहे हैं, देश की राजधानी दिल्ली में स्थित इंडिया गेट और उसके आसपास की पूरी जगह की, इस पूरी जगह को री-डेवलप किया गया है। इस प्रोजेक्ट का नाम सेंट्रल विस्टा रखा गया है, बता दें कि सेंट्रल विस्टा का बुधवार शाम को उद्घाटन हो चुका है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया और देश को संबोधित भी किया।

मिली जानकारी के अनुसार ये प्रोजेक्ट 20 हजार करोड़ की लागात से पूरा किया गया है। गोरतलब हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक के पथ के नाम को भी बदल दिया है। इस पथ को पहले राज्यपथ के नाम से जाना जाता था। लेकिन पीएम मोदी ने इसको बदलकर कर्तव्यपथ कर दिया है। इसके साथ ही मोदी ने इसको लेकर अपने संबोधन में कुछ बातें भी कहीं। उनका कहना है कि राज्यपथ गुलामी का प्रतीक था और कर्तव्यपथ लोगों के कर्तव्य को याद दिलाएगा।

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पीएम ने कहा कि “कर्तव्य पथ केवल ईंट-पत्थरों का रास्ता भर नहीं है। ये भारत के लोकतान्त्रिक अतीत और सर्वकालिक आदर्शों का जीवंत मार्ग है। यहां जब देश के लोग आएंगे, तो नेताजी की प्रतिमा, नेशनल वार मेमोरियल, ये सब उन्हें कितनी बड़ी प्रेरणा देंगे, उन्हें कर्तव्यबोध से ओत-प्रोत करेंगे। राजपथ ब्रिटिश राज के लिए था, जिनके लिए भारत के लोग गुलाम थे। राजपथ की भावना भी गुलामी का प्रतीक थी, उसकी संरचना भी गुलामी का प्रतीक थी। जब देश का पथ राजपथ होगा तो उस पर चलने वाली सरकारें, लोकमुखी कैसे हो सकती हैं। कर्तव्य पथ अब सांसदों, नौकरशाहों को कर्तव्य का बोध कराएगा। उन्होंने कहा कि आज राजपथ का आर्किटैक्चर भी बदला है, और इसकी आत्मा भी बदली है।”

उत्तराखंड: यहां हुआ बड़ा सड़क हादसा, 3 लोगों की मौत

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टिहरी: उत्तराखंड में हादसों को सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। हर दिन कोई ना कोई हादसे की खबर सामने आ ही जाती है। आज सुबह बदरीनाथ नेशनल हाईव पर एक टैक्सी खाई में गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई।

जबकि तीन लोग घायल हो गए। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिसने राहत-बचाव अभियान शुरू किया, लेकिन तब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी थी। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर ब्रह्मपुरी आश्रम के पास मुंबई के यात्रियों की टैक्सी खाई में गिरी।

टैक्सी में छह लोग सवार थे। जोकि हरिद्वार से बदरीनाथ की ओर जा रहे थे। तीन गंभीर घायलों को अस्पताल भेजा गया है। ड्राइवर ऊखीमठ का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस अस्पताल में घायलों से जानकारी ले रही है।

ममता बनर्जी क्यों बोलीं, जैसे मैं उनकी नौकर हूं…

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PM नरेंद्र मोदी आज शाम सात बजे दिल्ली में कर्तव्यपथ का उद्घाटन करेंगे साथ ही, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 28 फीट ऊंची प्रतिमा का लोकार्पण भी किया करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने कहा है कि वह दिल्ली में नेताजी की प्रतिमा के लोकार्पण के मौके पर उपस्थित नहीं होंगी, क्योंकि उन्हें निमंत्रण सही तरीके से नहीं मिला। उन्होंने कहा कि उन्हें कल एक नौकरशाह का पत्र मिला। पत्र में लिखा है कि पीएम के कार्यक्रम में आपको उपस्थित होना है। जैसे मैं उनकी नौकर हूं…

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज कोलकाता में एक रैली के दौरान कहा कि वह आज दिल्ली में नेताजी की प्रतिमा के उद्घाटन में शामिल नहीं होंगी क्योंकि दिया निमंत्रण “उचित नहीं” था। ममता ने कहा कि उन्हें कल एक नौकरशाह का पत्र मिला जिसमें उन्होंने आज शाम के कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी।

CM ममता बनर्जी ने कहा कि मुझे कल एक अवर सचिव का पत्र मिला, जिसमें कहा गया था कि पीएम शाम 7 बजे नेताजी की प्रतिमा का उद्घाटन करेंगे और आपको शाम 6 बजे वहां होना चाहिए। जैसे कि मैं उनकी नौकर हूं। एक सचिव मुख्यमंत्री को कैसे लिख सकता है? उन्होंने कहा, इसलिए मैंने आज दोपहर यहां नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

गौरतलब है कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम इंडिया गेट के पास नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का लोकार्पण करेंगे साथ ही राजपथ के साथ एक नवीनीकृत सेंट्रल विस्टा का उद्घाटन करेंगे, जिसका नाम बदलकर “कर्तव्य पथ” कर दिया गया है।