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उत्तराखंड: त्रिवेंद्र की सिलसिलेवार मुलाकातें, क्या हैं मायने?

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देहरादून: पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत इन दिनों चर्चाओं में हैं। नकल माफिया हाकम सिंह के साथ उनकी एक-दो नहीं। बल्कि, कई-कई तस्वीरें वायरल हुई। उनके कार्यकाल में हाकम की मां को इलाज के लिए देहरादून पहुंचाने तक हेलीकॉप्टर का इंतजाम किया गया। उत्तराखंड अधीनस्त सेवा चयन आयोग (UKSSSC) भर्ती घोटाले को लेकर उन पर भी सवाल खड़े हुए।

लेकिन, त्रिवेंद्र सिंह रावत इस मामले में पार्टी लाइन से अलग ही चलते नजर आए। उन्होंने हाकम सिंह को अपना करीबी तो नहीं माना, लेकिन यह जरूर कहा कि हां वो पार्टी का कार्यकर्ता था और उनसे मिलता था। साथ ही उन्होंने ने ही यह बात सबसे पहले कही थी कि अगर इस मामले में दो राज्यों के अपराधियों के पकड़े जाने या शामिल होने की बात आती है, तो वो CBI जांच की मांग करेंगें

यहां तक तो ठीक था। लेकिन, इस बीच फिर विधानसभा बैकडोर भर्ती घोटाले का जिन्न बाहर निकल आया। इस भर्ती घोटाले में त्रिवेंद्र ने सीधेतौर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल पर निशाना साधा। अग्रवाल ने भी देर किए बगैर त्रिवेंद्र को निशाने पर ले लिया। यहीं से पूरे मामले ने तूल पकड़ा और भाजपा बैकफुट पर आ गई। मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई है, जो जांच में जुटी है।

फिर अचानक पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पहले राज्यपाल गुरमीत सिंह से मुलाकात की। उनसे राज्य के समसामयिक विषयों पर चर्चा की बात कही। चर्चा क्या हुई होगी। इसके बारे में वही सही बता सकते हैं। राज्यपाल से अचानक मुलाकात के मायने भी निकाले जा रहे हैं।

दो दिन बाद त्रिवेंद्र दिल्ली पहुंच गए और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान भी तमाम मुद्दों पर चर्चा हुई। आज उन्होंनें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। मुलाकातों के इस सिलसिले को लोग अलग-अलग रूप में देख रहे हैं।

सोशल मीडिया में भी कई तरह की चर्चाएं हैं। त्रिवेंद्र सिंह रावत सीएम की कुर्सी जाने के बाद से ही पार्टी से अलग-थलग जैसी स्थिति में नजर आ रहे थे। विधानसभा चुनाव में भी बहुत अधिक सक्रिय नजर नहीं आए या यूं कहिये कि पार्टी ने उनको थोडा दूर रखा। उनके करीबियों पर पार्टी ने जरूर भरोसा जताया। अब अचानक बढ़ी सक्रियता के पीछे उनकी राजनीतिक रणनीति को माना जा रहा है।

राजनीति जानकारों की मानें तो इसके पीछे 2024 लोकसभा चुनाव में ताल ठोकने की रणनीति भी हो सकती है। सबसे बड़ा कारण यह है कि त्रिवेंद्र को अब तक संगठन में कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी गई। वहीं, एक धड़ा ऐसा भी है, जो यह मानकर चल रहा है कि त्रिवेंद्र की दिल्ली दौड़ मौजूदा स्थितियों को लेकर ही है।

कुछ का मानना है कि उनको दिल्ली तलब किया गया। जबकि, कुछ का मानना है कि उनके खिलाफ हो रही बातों का जवाब देने दिल्ली गए हैं। चाहे जो भी हो। त्रिवेंद्र के समर्थक इतना जरूर चाहेंगे कि उनको कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जाए, जिसका वो लंबे वक्त से इंतजार कर रहे हैं।

NEET UG-2022 का रिजल्ट जारी, रिया बनी उत्तराखंड की टॉपर

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देहरादून : राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) 2022 का परिणाम जारी कर दिया है। इसमें उत्तराखंड की रिया ने 700 अंकों 99.9943896 परसेंटाइल के साथ प्रदेश में टॉप किया है। रिया ने ऑल इंडिया 77वीं रैंक हासिल की है।

जबकि, अभय कुमार ने एससी कैटेगरी में 685 अंकों के साथ 99.965374 परसेंटाइल ह्हसिल कर ऑल इंडिया 535 वीं रैंक हासिल की है। NEET UG-2022 की परीक्षा 17 जुलाई को आयोजित की गई थी। परीक्षा में 18,72,343 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें 17,64,571 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा में 9,93,069 छात्र सफल रहे।

यहां चेक करें परिणाम 
– सबसे पहले उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाएं।
– अब होम पेज पर दिखाई दे रहे नीट यूजी, 2022 के परिणाम से जुड़े लिंक पर क्लिक करें।
– यहां मांगी जा रही जानकारी को दर्ज कर के लॉगिन करें।
– अब परिणाम आपको सामने की स्क्रीन पर पीडीएफ के रूप में प्रदर्शित हो जाएगी।
– इसे चेक कर के डाउनलोड कर लें और आगे की जरूरत के लिए इसका प्रिंट भी निकलवा लें।

उत्तराखंड : SDM का AIIMS में इलाज के दौरान निधन, हादसे में हुई थीं घायल

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ऋषिकेश: एम्स ऋषिकेश में भर्ती एसडीएम संगीता कनौजिया की आज मृत्यु हो गई है ।एसडीएम संगीता सर्वाइकल स्पाइन इंजरी से ग्रसित थी। एक्सिडेंट के बाद से ऐम्स में उनका उपचार चल रहा था।

लक्सर की एसडीएम संगीता कनौजिया सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई थीं। दरअसल एसडीएम संगीता कनौजिया के वाहन को एक ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए थे।

हादसे में एसडीएम के ड्राइवर की मौके पर ही दर्दनाक मृत्यु हो गई थी जबकि एसडीएम संगीता कनौजिया गंभीर रूप से घायल हो गईं, और जिसके बाद से ऋषिकेश एम्स में उनका लम्बे समय से उपचार चल रहा था।

हरिद्वार जिले के लक्सर में तैनात एसडीएम संगीता कनौजिया की गुरुवार सुबह एम्स ऋषिकेश में मौत हो गई। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के कारण उन्हें एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था। एसडीएम ऋषिकेश शैलेंद्र सिंह नेगी ने इस दुखद खबर की पुष्टि की।

26 अप्रैल को लक्सर रुड़की मार्ग पर भीषण हादसा हो गया था। एसडीएम संगीता कनौजिया की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। चालक की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि एसडीएम संगीता कनौजिया की हालत गंभीर बनी हुई थी। गंभीर हालत में उन्हें रुड़की के विनय विशाल नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था।

अब रेलवे में भर्ती घोटाला, लाखों लेकर कराते थे पास, 6 गिरफ्तार

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गाजियाबाद: इन दिनों पूरे देश में उत्तराखंड अधीनस्त चयन सेवा आयोग पेपर लीक मामले चर्चाओं में बना हुआ है। साथ ही विधानसभा बैकडोर का मामला भी गर्माया हुआ है। इस बीच यूपी के गाजियाबाद में से भी लाखों लेकर पेपर सॉल्व करने का मामला सामने आया है। सॉल्वर गैंग ने मंगलवार को हुई रेलवे ग्रुप-डी की ऑनलाइन परीक्षा में सेंधमारी कर दी।

गैंग ने अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर उन्हें पास कराने का ठेका लिया हुआ था। एसटीएफ की मेरठ यूनिट ने गाजियाबाद के मुरादनगर के आरडी इंजीनियरिंग कॉलेज में परीक्षा के दौरान गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सरगना समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से छह मोबाइल बरामद हुए हैं।

एसटीएफ के मुताबिक गैंग के तार देश के विभिन्न राज्यों में जुड़े हैं। गैंग से जुड़े कुछ आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं। रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा ग्रुप-डी की परीक्षा को संपन्न कराने का जिम्मा यूपी एसटीएफ को सौंपा गया था। मेरठ एसटीएफ के एएसपी बृजेश कुमार सिंह के मुताबिक मुरादनगर थानाक्षेत्र के दुहाई स्थित आरडी इंजीनियरिंग कॉलेज को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया था। मुखबिर ने सूचना मिली कि इस केंद्र पर सॉल्वर गैंग ने सेंधमारी करते हुए अपना जाल बिछा दिया है।

एसटीएफ की टीम ने छापेमारी करते हुए सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों में थाना छपरौली बागपत के गांव कुरडी निवासी आशीष कुमार, थाना बुढ़ाना मुजफ्फरनगर के चंदहैडी निवासी प्रदीप पंवार, थाना मोदीनगर के गांव बखरवा निवासी सचिन मलिक, मुरादनगर के मोरटा निवासी विपिन, मुरादनगर की बृजविहार कॉलोनी निवासी रूपक उर्फ रेवती शरण तथा नेत्रपाल शामिल हैं। एएसपी ने बताया कि आशीष गैंग का सरगना है। गैंग से जुड़े दोघट बागपत निवासी कपिल, छपरौली बागपत निवासी अंकित तथा हरियाणा निवासी जयवीर फरार हैं।

एएसपी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि आशीष और फरार कपिल गैंग को संचालित करते हैं। कपिल पांच से दस लाख में पास कराने का ठेका लेता था। प्रदीप तथा अन्य आरोपी बेरोजगारों को तलाशते थे, जबकि रूपक परीक्षा केंद्रों पर ड्यूटी के लिए स्टाफ मुहैया कराता था। रूपक के जरिये ही सचिन मलिक नाम का आरोपी परीक्षा केंद्र पर ड्यूटी के लिए पहुंचा था। एएसपी ने बताया कि आरोपी गैंग से जुड़े लोगों को स्टाफ के तौर पर परीक्षा केंद्र में दाखिल कराते थे।

फरार जयवीर और अंकित रेलवे ग्रुप-डी की परीक्षाओं की उत्तर कुंजी मुहैया कराते थे। पेपर शुरू होने के आधा घंटे बाद उत्तर कुंजी दोनों के व्हाट्सएप पर आ जाती थी। जिसे वह परीक्षा केंद्र में ड्यूटी दे रहे स्टाफ को भेज देते थे। रुपक ने सचिन मलिक के जरिये उत्तर कुंजी भेजी थी। इस काम के बदले में रूपक ड्यूटी स्टाफ को 30 से 50 हजार रुपए देता था।

एएसपी ने बताया कि रूपक का भाई नेत्रपाल रेलवे की परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी टीसीएस में एग्जीक्यूटिव है। नेत्रपाल की परीक्षा केंद्रों में ड्यूटी लगती रहती है। सॉल्वर गैंग नेत्रपाल के माध्यम से भी अभ्यर्थियों को उत्तर कुंजी मुहैया कराते थे। एसटीएफ ने नेत्रपाल को मुरादनगर के दुहाई स्थित बीबीडीआईटी कॉलेज के परीक्षा केंद्र से गिरफ्तार किया।

पाकिस्तानी क्रिकेटर के साथ उर्वशी रौतेला ने शेयर की रील, सोशल मीडिया में खिंचाई

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बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला बीते कुछ दिन से लगातार खबरों में बनी हुई हैं। ऐसे में एक बार फिर उर्वशी रौतेला चर्चा में आ गई हैं और इस बार वजह पाकिस्तानी क्रिकेटर नसीम शाह  हैं। उर्वशी रौतेला ने उनके इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक रोमांटिक एडिटिड वीडियो शेयर किया, जिस में पाकिस्तानी क्रिकेटर नसीम शाह भी नजर आ रहे हैं, और इसके वजह से ही उन्हें काफी ट्रोल किया जा रहा है।

 

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उर्वशी ने जो वीडियो अपनी इंस्टा स्टोरी पर शेयर किया था, वो किसी सोशल मीडिया यूजर ने बनाया था। ये वीडियो एडिटिड था, जिस में पहले जहां पाकिस्तानी क्रिकेटर नसीम शाह नजर आते हैं तो वहीं उर्वशी के कुछ कैंडिड स्माइल करते हुए मैच देखते हुए वाले सीन्स हैं। वीडियो को ऐसे एडिट किया गया है।

जिसको देखकर ऐसा लग रहा है कि जैसे उर्वशी और नसीम एक दूसरे को देखकर ही रिएक्शन दे रहे हैं। वहीं वीडियो के साथ बैकग्राउंड में आतिफ असलम का गाना ‘कोई तुझको ना मुझसे चुरा ले’ बज रहा था। सोशल मीडिया पर उर्वशी ने जैसी ही ये रील शेयर की, उसके बाद ही उन्हें सोशल मीडिया पर बुरी तरह से ट्रोल किया जाने लगा। उर्वशी रौतेला के फोटोज और वीडियोज तेजी से वायरल होने लगे।

जारी हुआ नीट 2022 का रिजल्ट, अब क्या होगी अगली प्रक्रिया.?

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लाखों लोगों की कोशिशों का परिमाण जारी हो चुका है। इस परिमाण के जारी होने के बाद कई लोगों के सपने पूरे होंगे और कई फिर से इसकी तैयारी में लग जाएंगे। हम बात कर रहे हैं नीट की परीक्षा की, नीट की साल 2022 की परीक्षा का परिमाण जारी हो चुका है। इस परिमाण के सामने आने के बाद बहुत से लोगों के सपने पूरे होने जा रहे हैं। बीते दिन यानी 07 सितंबर को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी की ओर से नीट का परिमाण जारी किया गया है। हालांकि अभी तक सबने अपना परिमाण नहीं देखा है।

जो अपना परिमाण देख चुके हैं और इस परीक्षा में पास हो गए हैं, उनके लिए अब एक और मुसीबत सामने आ रही है। छात्रों के मन में ये सवाल है कि अब आगे की प्रक्रिया क्या होने वाली है। तो चलिए इसके बारे में भी आपको बता दें, मेडिकल काउंसलिंग कमेटी यानी की एमसीसी की ओर से सबसे पहले मेडिकल कॉलेजों के अखिल भारतीय कोटा की 15 फीसदी सीटों के लिए काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। इसमें कई बड़ी यूनिवर्सिटी के नाम आते हैं। सभी सीटों को भरने के लिए कुल मिलाकर चार राउंड होंगे।

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राउंड-1, राउंड-2, स्ट्रे वैकेंसी और मॉपअप राउंड, इन चार राउंड में काउंसलिंग करवाई जाएगी। हालांकि अभी तक काउंसलिंग की डेट फिक्स नहीं की गई है। मिली जानकारी के अनुसार काउंसलिंग इस महीने के अंत तक या फिर अगली महीने की शुरुआत में ही की जा सकती है। काउंसलिंग के लिए सफल उम्मीदवार को कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ेगी। इन जरूरी दस्तावेजों में सबसे पहले एनटीए नीट स्कोर रैंक के साथ नीट 2022 का स्कोर कार्ड देखा जाएगा।

इसके बाद एनटीए नीट 2022 परीक्षा का प्रवेश पत्र की जरूरत पड़ेगी। जन्म प्रमाण पत्र या कक्षा 10वीं की मार्कशीट या प्रमाण-पत्र भी होना अनिवार्य है। इसके अलावा कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तीर्ण मार्कशीट और कोई भी वैध फोटो आईडी प्रूफ जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस आदि, की भी जरूरत पड़ेगी। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि आपको अपने साथ 8-10 पासपोर्ट आकार के रंगीन फोटो भी लेकर जाने होंगे। इसके अलावा अगर आप आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवार हैं तो आपको जाति प्रमाण पत्र और पीडब्ल्यूडी प्रमाण-पत्र भी लेकर आना होगा।

PM के बाद अब गृह मंत्री की सुरक्षा में चूंक, इस शख्स ने किया…

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देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूंक के बाद अब गृह मंत्री अमित शाह की सुरक्षा में चूंक का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार इन दिनों गृह मंत्री अमित शाह मुंबई का दौरा कर रहे हैं। इस दौरान ही उनकी सुरक्षा में चूंक देखी गई। बताया जा रहा है कि एक शख्स काफी देर तक अमित शाह के आस पास घूमता रहा, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उस पर ध्यान ही नहीं दिया। इस शख्स पर जब गृह मंत्रालय के एक अधिकारी की नजर पड़ी तब उसने पुलिस को इसकी जानकारी दी।

जानकारी मिलने पर पुलिस ने उस शख्स से पूछताछ की और पूछताछ करने पर पता चला कि ये शख्स बिना किसी परमिशन के अंदर घुस आया है। एंट्री के समय पर इस शख्स का कहना था कि वह आंध्र प्रदेश के एक सांसद का पीए है। आपको बता दें कि इस शख्स के पास गृह मंत्रालय का परिचय पत्र भी मौजूद था। हालांकि अब पुलिस ने उसको हिरासत में ले लिया है। इस शख्स का नाम हेमंत पवार है, और इसको पकड़ने के बाद कोर्ट में पेश किया गया था।

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कोर्ट में इससे पूछताछ करने के बाद फिलहाल इसको पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया गया है। इस बीच एक और खबर सामने आई है। कुछ दिनों पहले इस शख्स को महाराष्ट्र के सीएम व डिप्टी सीएम के आवास के बाहर भी देखा गया था। फिलहाल हेमंत पवार नाम के इस शख्स से पूछताछ जारी है। इसी साल फरवरी में एनएसए अजीत डोभाल के आवास पर भी सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया था। इस मामले में तीन सीआईएसएफ कमांडो को बर्खास्त किया गया था।

गृह मंत्री अमित शाह की सुरक्षा में सेंध, सांसद का PA बन घूम रहा था शख्‍स

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AMIT SHAH

मुंबई : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सुरक्षा में चूक का बड़ा मामला सामने आया है। एक युवक कई घंटों तक मुंबई दौरे पर गए अमित शाह के इर्द-गिर्द घूमता रहा। मालाबार हिल पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि 32 वर्षीय हेमंत पवार धुले का रहने वाला है

और एक आंध्र प्रदेश के सांसद का निजी सहायक बता रहा था। पुलिस का कहना है कि हमें संदेह है कि वह लोकप्रियता या मौद्रिक लाभ के लिए मंत्रियों से मिलना चाहता था और उनके साथ तस्वीरें लेना चाहता था। यह घटना केंद्रीय गृह मंत्री शाह के मुंबई में पहुंचने के एक दिन बाद सोमवार को हुई। सफेद शर्ट और नीले रंग के ब्लेजर में पवार मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस के बंगलों के बाहर घूम रहा था। पुलिस ने कहा कि वह एमपी के पीए के लिए एक एंट्री पास भी ले जा रहा था।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो दिवसीय दौरे पर सोमवार को मुंबई गए थे। यहां उन्‍होंने गणेश पंडाल में लालबागचा राज के दर्शन किए। बता दें कि अमित शाह BMC चुनाव के सिलसिले में मुंबई गए थे।

हां उन्होंने मुंबई नगर निगम चुनाव का बिगुल बजाते हुए उद्धव ठाकरे पर बड़ा हमला बोला और कहा कि उन्होंने पीएम मोदी और भारतीय जनता पार्टी के देवेंद्र फडणवीस के नाम पर 2019 के चुनाव में वोट मांगने के बावजूद भी एनसीपी  और कांग्रेस (Congress) के समर्थन से उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री बनने के लिए हर चीज को मान लिया।

उत्तराखंड : 12 जवानों को लेकर जा रही आईटीबीपी की बस खाई में गिरी

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चम्पात: चंपावत जिले में सुबह-सुबह हादसा हो गया। 12 जवानों को लेकर जा रही आईटीबीपी की बस खाई में गिर गई। राहत-बचाव कार्य में जारी है। प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। जानकारी के अनुसार सभी जावन सुरक्षित है।

गुरुवार सुबह टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे परआईटीबीपी की बस हादसे का शिकार हो गई। आईटीबीपी की 14वीं वाहिनी की बस 12 जवानों को लेकर पिथौरागढ़ के जाजरदेवल जा रही थी। तभी बस खाई में लुढ़कने वक्त पेड़ में अटकने से बड़ा हादसा बच गया। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच चुकी है।

राहत और बचाव कार्य किया जा रहा है। जख्मी जवानों का सिन्याड़ी से पांच किमी दूर चल्थी के सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। सभी जवान खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।

उत्तराखंडः सियासी गलियारों में चर्चा, त्रिवेंद्र क्यों गए दिल्ली?

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देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्त चयन सेवा आयोग मामले में हाकम सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब अगर सबसे ज्यादा भाजपा कोई नेता निशाने पर रहे तो हैं पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत। पूर्व सीएम की कई तस्वीरें सामने आई। उनके बयान भी सामने आए। इतना ही नहीं, जब विधानसभा बैकडोर भर्ती का मामला सामने आया तो उन्होंने फिर ऐसा बयान दिया, जिससे भाजपा बैकफुट पर आ गई थी।

इस बीच अचानक से पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत दिल्ली पहुंच गए। उनके दिल्ली जाने के बाद से ही सियासी गलियारों में कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर हलचल मच गई है। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच उत्तराखंड से जुड़े मुद्दों पर बात होने का मामला सामने आया है। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र की पेजी नड्डा से ऐसे वक्त में मुलाकात हुई है, जब उत्तराखंड में यूकेएसएसएससी पेपर लीक, विधानसभा बैकडोर भर्ती, वन दारोगा भर्ती मामला गरमाया हुआ है। रावत पहले भी कई बार दिल्ली में आला नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं।

भर्ती घपले को लेकर देहरादून में भारी संख्या में युवाओं ने सचिवालय कूच कर अपना विरोध दर्ज कराया है। सूत्रों की बात मानें तो, त्रिवेंद्र ने उत्तराखंड के विकास से जुड़ी करीब दर्जनभर योजनाओं के बारे में नड्डा से विस्तार से बात की है। नड्डा से मुलाकात करने के बाद त्रिवेंद्र ने भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं से पार्टी कार्यालय में भी मुलाकात की है। सूत्रों की मानें तो राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी से त्रिवेंद्र की करीब एक घंटे तक बातें हुईं हैं। पार्टी के आला नेताओं त्रिवेंद्र की मुलाकात से राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

भर्ती घोटाले में किरकिरी होने के बाद भाजपा हाईकमान की भी उत्तराखंड सरकार पर नजर है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सख्ती दिखाते हुए सभी भर्ती घपले में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। यूकेएसएसएससी भर्ती घपले में एसटीएफ द्वारा 30 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने विधानसभा बैकडोर भर्ती पर जांच भी बैठा दी है।

विधानसभा की विवादित भर्तियों में जांच टीम को प्रारंभिक चरण में फाइलों में कई अनियमितताएं मिली हैं। जांच टीम मंगलवार शाम देर तक फाइलों को खंगालती रही। जांच टीम के अध्यक्ष डीके कोटिया और सदस्य सुरेंद्र रावत तथा अवनेंद्र नयाल ने पूर्व स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल और प्रेमचंद अग्रवाल के कार्यकाल के दौरान हुई नियुक्तियों की फाइलों का परीक्षण किया।

हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों ने बताया कि फाइलों में गड़बड़ियां मिली हैं। बीते तीन दिन में टीम 55 से ज्यादा फाइलों का अवलोकन कर चुकी है। नियुक्ति संबंधी फाइलों में तमाम कर्मियों के सर्टिफिकेट तक नहीं मिले। उत्तराखंड विधानसभा में पिछले सरकारों के कार्यकाल में बैकडोर भर्ती से भाजपा और कांग्रेस पार्टियां असहज महसूस कर रही हैं।कांग्रेस नेता गोविंद सिंह कुंजवाल ने स्पीकर रहते वर्ष 2016 में 159 कर्मचारियों का भर्ती किया था। हैरान करने वाली बात है कि कुंजवाल ने अपने विधानसभा क्षेत्र जागेश्वर से कई लोगों को नौकरी पर रखा था।

बैकडोर भर्ती मामले में भाजपा भी पीछे नहीं है। भाजपा नेता प्रेमचंद अग्रवाल ने स्पीकर रहते आचार संहिता से ऐन पहले जनवरी में भर्तियों की तैयारी कर ली थी। उन्होंने 72 लोगों को विधानसभा में नियुक्तियां दीं। लेकिन वित्त के पेच के चलते वेतन का संकट खड़ा हो गया था। भाजपा सरकार के दूसरे कार्यकाल में वित्त मंत्री का भी दायित्व मिलते ही सबसे पहले उन्होंने उक्त फाइल को मंजूरी दी। अब ये भर्तियां उनके गले की फांस बन चुकी हैं।