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उत्तराखंड : BJP युवा मोर्चा अध्यक्ष के स्वागत में धमाका, कार्यकर्ता घायल

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देहरादून: नेताओं के जोरदार स्वागत तो आपने देखा ही होगा। लेकिन, कभी धमाकेदार स्वागत नहीं देखा होगा। लेकिन, राजधानी देहरादून में भाजपा युवा मोर्चा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत के दौरान गुब्बारों में धमाके बाद आद लग गई।

नवनियुक्त युवा मोर्चा के अध्यक्ष शशांक रावत एक हादसे में घायल हो गए दरअसल शशांक रावत युवा मोर्चा के नए अध्यक्ष बनने पर देहरादून भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने स्वागत समारोह रखा था। इस दौरान भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष शशांक रावत जैसे ही ओपन जीप में चढ़े, उसी दौरान जीप पर बंधे गुब्बारों में धमाका हुआ और आग लग गई। जीप पर सवार भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता और युवा मोर्चा के अध्यक्ष शशांक रावत आग की चपेट में आ गए। आनन-फानन में घायल लोगों को अस्पताल में भेजा गया।

युवा मोर्चा अध्यक्ष शशांक रावत व उनके साथी सम्मान समारोह के दौरान गुब्बारे में हुए धमाके के बाद चोटिल हो गए 3-4 कार्यकर्ताओं के चेहरे झुलस गए। बताया जा रहा है कि स्वागत समारोह से पहले ही तेज धमाके हो रहे थे। साथ ही आतीशबाजी भी हो रही थी। इस बीच गुब्बारों में भी धमाका हो गया।

उत्तराखंड: कोरोना भी नहीं तोड़ पाया इस पहाड़ी इन्वेस्टर का हौसला, मिला ये खास सम्मान

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  • प्रदीप रावत (रवांल्टा)

देहरादून: चरित डिमरी। ये केवल नाम नहीं है। उन लोगों के लिए एक प्रेरणा हैं, जो बिजनेस करने के लिए शहरों की तरफ आते हैं। लेकिन, चरित ने धारा की विपरीत दिशा में चलने की ठानी और आज सफला के शिखर पर हैं। उन्होंने शहर को छोड़कर पहाड़ की राह पकड़ी और वह भी ऐसे दौर में जब देश और दुनिया के बाजारों पर ताले लटके हुए थे। लोगों के बिजनेस ठप हो रहे थे। पहाड़ के इस साहसी युवा ने इसी कोरोना के संकट काल में शानदार काम कर दिखाया।

चमोली जिले के डिमर गांव के चरित डिमरी की पढ़ाई गांव से बाहर ही हुई। पिता सरकारी नौकरी में थे। उन्होंने भी सरकारी नौकरी छोड़कर पहाड़ की राह पकड़ी। पिता ने काम शुरू किया तो चरित डिमरी भी उनके साथ जुट गए। सालों की मेहनत से उन्होंने अपना बिजनेस तो खड़ा किया, लेकिन उनके सामने इस दौरान कई चुनौतियां बाधा बन कर खड़ी रही।

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होटल इंडस्ट्री में काम करने के लिए उन्होंने होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई की। उत्तराखंड में सरोवर होटल चेन को लीड किया। फिर 1992 में अपना होटल बिरही में शुरू किया। इस दौरान दिक्कतें कम नहीं हुई। वर्षों की मेहनत से जो कुछ खड़ा किया था। उस पर प्रकृति का कहर ऐसा बरपा कि फिर खड़े होने का मौका नहीं दिया।

पहले 1999 के भूकंप में नुकसान हुआ। होटल टूट गया। चरित का हौसला ही है जो इन मुश्किलों से हर बार लड़कर फिर खड़े हो जाते हैं। हर बार अपने हौसले के दम पर फिर उठ खड़े हुए। उन्होंने एक बार फिर अपना काम शुरू किया। सबकुछ ठीकठाक चल रहा था। लेकिन, एक बार फिर 2012-2013 की आपदा ने उनको बड़ा नुकसान दे दिया। चरित को आर्थिक नुकसान तो जरूर हुआ। लेकिन, उनके मजबूत हौसले को ये नुकसान नहीं तोड़ा पाया।

चरित फिर उठ खड़े हुए और इस बार कुछ ऐसा करने की ठानी, जो पहाड़ पर अब तक था ही नहीं। 2021 में उन्होंने तपोवन स्थित ऑटोमेटिक फ़ूड फैक्ट्री चमोली में बिस्कुट और अन्य तरह की बेकरी का काम शुरू किया। इसमें नई और बड़ी बात यह है कि उन्होंने कन्फेक्सनरी का काम भी स्टार्ट किया। कन्फेक्सनरी के सामान की आपूर्ति अब तक पहाड़ी इलाकों चाहे गढ़वाल हो या फिर कुमाऊं हरिद्वार से ही होती थी। लेकिन, अब इसकी सप्लाई “पहाड़ी बेकर” ब्रांड नाम से चरित की कंपनी करती है। यह केवल उनका बिजनेस नहीं। बल्कि, पहाड़ी के युवाओं के लिए रोजगार का अवसर भी लेकर आया। उनके साथ ही 20-25 लोगों को रोजगार मिला है।

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उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती कारोना काल रहा। कोरोना से ठीक पहले चरित अपना बिजनेस शुरू करने की पूरी प्लानिंग कर चुके थे। प्लानिंग को धरातल पर उतारने की ठान चुके चरित पीछे नहीं हटे और बेकरी का काम चालू कर दिया। लेकिन, जैसे ही माल को बाजार पहुंचाने का वक्त आया कोरोना ने सबकुछ ठप कर दिया।

कोरोना के बाद जब काम फिर से शुरू हुआ, तब तक कंपनी 18 लाख के घाटे में जा चुकी थी। इतना घाटा सहना किसी छोटे दिल वाले के बस में नहीं है। लेकिन, मुश्किलों से लड़ना सीख चुके चरित के लिए यह कठिन नहीं था। उनके हौसले के आगे सारी दिक्कतें बौनी साबित हुई। आज उनकी कंपनी फायदे में है और पहाड़ को “पहाड़ी बेकर” के जरिए शुद्ध और क्वालिटी प्रोडक्ट मिल रहे हैं।

चरित को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इनवेस्टर सम्मान से सम्मानित किया। इस दौरान पहाड़ के अकेले ऐसे इन्वेसटर थे, जिनको बोलने का मौका दिया गया। उनका कहना है कि पहाड़ी का युवा क्षमतावान है। उनकी प्रतिभाओं को देश-दुनिया जानती है। देश और विदेशों में नौकरी करने के बाद कई युवा वापस लौटकर बिजनेस करना चाहते हें, लेकिन नौकरी और बिजनेस में बड़ा फर्क होता है।

जब तक युवा बिजनेस को समझ पाते हैं, तब तक उनका इन्वेस्टमेंट नुकसान की कगार पर पहुंच जाता है। उन्होंने सरकार को जिलेवार मेंटर ग्रुप बनाने की सलाह दी है। इन ग्रुपों में सफल बिजनेसमैनों को शामिल किया जाना चाहिए, जो बिजनेस करने चाह रखने वाले युवाओं को सुझाव दे सकें और उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में मददगार हो सकें। सीएम धामी ने उनके सुझावों को गंभीरता से लिया है। संभव है कि बहुत जल्द इस दिशा में काम भी शुरू हो जाएगा।

कठिन राह पर निकले राहुल, अगले 150 दिनों तक कंटेनर में सोएंगे, टेंट में बैठकर खाएंगे खाना

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तमिलनाडु : कन्याकुमारी से आज ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शुरू करने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी का सफर मुश्किल भरा रहने वाला है। इस दौरान राहुल 12 राज्यों से गुजरकर 3,570 किलोमीटर लंबी दूरी तय करने वाले हैं। यह यात्रा पांच महीनों तक चलेगी।

कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी आर्थिक विषमताओं, सामाजिक ध्रुवीकरण, राजनीतिक केंद्रीकरण की समस्याओं और विचारधाराओं की लड़ाई के रूप में यह रैली कर रहे हैं। पदयात्रा दो बैचों में चलेगी, एक सुबह 7-10:30 बजे से और दूसरी दोपहर 3:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक। जहां सुबह के सत्र में कम संख्या में प्रतिभागी शामिल होंगे, वहीं शाम के सत्र में सामूहिक लामबंदी होगी। औसतन रोजाना लगभग 22-23 किमी चलने की योजना है।

राहुल गांधी अगले 150 दिनों तक कंटेनर में सोने वाले हैं। कुछ कंटेनरों में स्लीपिंग बेड, शौचालय और एयर-कंडीशनर भी लगाए गए हैं। यात्रा के दौरान कई क्षेत्रों में तापमान और वातावरण में अंतर होगा।

स्थान परिवर्तन के साथ भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए व्यवस्था की गई है। लगभग 60 ऐसे कंटेनर तैयार किए गए हैं जहां एक गांव स्थापित किया गया है। रात्रि विश्राम के लिए कंटेनर को गांव के आकार में प्रतिदिन नई जगह पर खड़ा किया जाएगा। राहुल गांधी के साथ रहने वाले पूर्णकालिक यात्री एक साथ भोजन करेंगे।

सूत्रों ने आगे कहा कि राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा यात्रा को आम लोगों से जुड़ने का जरिया मानते हैं। इसलिए वह इस पूरी यात्रा को चकाचौंध और ग्लैमर से दूर एक सरल तरीके से पूरा करना चाहते हैं। राहुल गांधी इसे एक यात्रा कहते हैं लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे 2024 की तैयारी मानते हैं।

राहुल गांधी किसी होटल में नहीं रुकेंगे। टेंट में पार्टी नेताओं के साथ खाना खाएंगे और यह खाना सभी नेता मिलकर ही बनाएंगे। हालांकि कुछ जगहों पर राज्य कांग्रेस की इकाइयां भी यात्रा में शामिल कांग्रेस नेताओं के लिए खाने-पीने का इंतजाम करेंगी।

इनकम टैक्स विभाग की बड़ी कार्रवाई, कई राज्यों में छापेमारी 

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नई दिल्ली : इनकम विभाग आयकर विभाग की टीम ने बुधवार सुबह देश के कई जगहों पर छापेमारी कर रही है। गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के खिलाफ यह छापेमारी की जा रही है। IT की यह छापेमारी दिल्ली, राजस्थान समेत देश के कई राज्यों में चल रही है। इन गैर मान्यता प्राप्त राजनीतित दलों (RUPP) के खिलाफ कर चोरी का मामला सामने आया है। इसके चलते आयकर विभाग की टीम छापेमारी कर रही है।

सूत्रों ने बताया कि गुजरात, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा समेत देश के कुछ अन्य राज्यों में भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। आईटी डिपार्टमेंट की टीम छत्तीसगढ़ के कारोबारियों के ठिकानों पर भी छापेमारी कर रही है।

इस बीच, समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से कहा कि आयकर विभाग द्वारा गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल व उनसे जुड़ी संस्थाओं, ऑपरेटरों और अन्य के खिलाफ एक समन्वित कार्रवाई शुरू की गई है।

ऐसा माना जाता है कि चुनाव आयोग (EC) की सिफारिश पर आयकर विभाग द्वारा यह कार्रवाई की गई है। चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में हुए सत्यापन के दौरान कई राजनीतिक दलों के 87 संस्थाओं को आरयूपीपी की सूची से हटा दिया गया था।

चुनाव आयोग ने घोषणा की थी कि वह 2100 से अधिक पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। जो नियमों और चुनावी कानूनों का उल्लंघन कर रहे हैं।

चुनाव आयोग ने इन राजनीतिक पार्टियों और संस्थाओं पर मौद्रिक योगदान दाखिल करने से संबंधित और उनके पते और पदाधिकारियों के नाम को अपडेट करने में विफल रहने का आरोप तय किया था। साथ ही चुनाव आयोग ने कहा था कि इनमें से कुछ पार्टियां गंभीर वित्तीय अनियमितता में शामिल थीं।

इनकम टैक्स की इस कार्रवाई में छत्तीसगढ़ के कारोबारी भी शामिल हैं। एक टीम ने बुधवार सुबह रायपुर और रायगढ़ में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की है।

इनमें एक स्टील और शराब कारोबारी शामिल हैं। मिली जानकारी के अनुसार इनके ऐश्वर्या किंगडम स्थित घर और अन्य ठिकानों पर एक साथ छापे मारे गए हैं। इसमें रायपुर के 50 से अधिक अफसरों की टीम शामिल है।

बदलाव की उम्मीद पर कांग्रेस शुरू करने जा रही है ‘भारत जोड़ो यात्रा’, 3,570 किलोमीटर तक…

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देश की सबसे बड़ी पार्टी आज एक बार फिर बदलाव की उम्मीद जताते हुए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। कांग्रेस पार्टी देश में पूरी तरह से खत्म होती जा रही है। जिसको मद्देनजर रखते हुए पार्टी ने ये बड़ा फैसला लिया है। बता दें कि कांग्रेस पार्टी महत्वाकांक्षी भारत जोड़ो यात्रा करने जा रही है। इस यात्रा का मुख्य कारण ये ही है कि देश भर से लोगों को जोड़ा जा सके। ये यात्रा कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक होगी। बता दें कि यात्रा के दौरान यह पैदल यात्रा 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों से होकर गुजरेगी।

गौरतलब हैं कि भारत जोड़ो यात्रा शुरू करने से पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को श्रीपेरंबदूर में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की समाधि पर प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया। इस प्रार्थना सभा का हिस्सा बनने के बाद राहुल गांधी कन्याकुमारी में एक कार्यक्रम में शामिल होंगे, जहां तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के भूपेश बघेल मौजूद रहेंगे। मिली जानकारी के अनुसार यहां राहुल को खादी का राष्ट्रीय ध्वज सौंपा जाएगा।

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रैली की वास्तविक शुरुआत 8 सितंबर को सुबह 7 बजे होगी, जब राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेता भी मार्च से जुड़ेंगे। बता दें कि हाल ही में सोनिया गांधी की मां का हाल ही में इटली में निधन हुआ है, जिसके कारण सोनिया और प्रियंका दोनों ही विदेश में मौजूद हैं। जिसकी वजह से वह इस यात्रा का हिस्सा नहीं बन पाएंगी। इस यात्रा को लेकर प्रियंका गांधी में लोगों से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि “यात्रा की जरूरत थी, क्योंकि देश में नकारात्मक राजनीति की जा रही थी और वास्तविक मुद्दों पर चर्चा नहीं हो रही थी। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर लोगों का ध्यान केंद्रित करना है।”

करोड़ों रुपयों का टैक्स चोरी के मामले में आयकर विभाग की छापामारी, करीब 100 जगहों पर…

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इन दिनों आयकर विभाग एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दे रहा है। बता दें कि देश के करीब 100 जगहों पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट छापामारी कर रही है। इनमें कई राज्य शामिल हैं, ये कार्रवाई छोटी राजनीतिक दलों के खिलाफ की जा रही है और इसमें 300 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। मिली जानकारी के अनुसार इसमें सीआरपीएफ के जवान भी शामिल हैं। बताते चलें कि इनकम टैक्स के अधिकारी सुबह 6.30 बजे ही अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम देने के लिए पहुंच गए हैं।

छापामारी के लिए मुख्य तौर पर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और गुजरात को चुना गया है। छापेमारी एंट्री ऑपरेटर और कारोबारियों पर की जा रही है, जो छोटी राजनीतिक पार्टियों को एंट्री ऑपरेटर के जरिए डोनेशन दे रहे है और डोनेशन के बदले कैश वापिस लेते है। विभाग की ये कार्रवाई चुनाव आयोग की रिपोर्ट पर आधारित है। गोरतलब हैं कि राजस्थान में 53 जगहों पर छापेमारी की कार्रवाई चल रही है। वहीं, उत्तर प्रदेश में करीब दो दर्जन लोकेशन पर छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है।

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बता दें कि राजस्थान में मिड डे मील कारोबारियों के यहां भी आयकर विभाग ने छापा मारा है। इसके अलावा कई राज्यों में छोटी-छोटी राजनीतिक पार्टियों के घर और दफ्तर पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने छापा मारा है। इस छापामारी में पता लगाना है कि इन छोटी-छोटी राजनीतिक पार्टियों के पीछे कोई बड़ी राजनीतिक पार्टी का पैसा या कोई लेन-देन है या नहीं? इसके अलावा इन छोटी पार्टियों को डोनेशन कहां से और कितना आता है, इस बात का भी पता लगाना है।

मुंबई में डेंगू और मलेरिया का कहर, 4 दिनों में आ गए इतने मामले

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स्वाइन फ्लू के बाद अब मुंबई में डेंगू  और मलेरिया के मामले बढ़ते जा रहे हैं। पिछले चार दिनों में शहर में प्रतिदिन मलेरिया के 22 और डेंगू के 7 मामले सामने आ रहे हैं।

इसलिए पिछले चार दिनों में 89 मरीजों में मलेरिया और 29 मरीजों में डेंगू का पता चला है। विशेषज्ञ आगाह करते हैं कि अब रुक-रुक कर होने वाली बारिश मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती है, और इसलिए वेक्टर जनित रोगों के मामलों में वृद्धि की संभावना है।

सर एचएन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में संक्रामक रोगों (Infectious diseases) के सह-निदेशक डॉ वसंत नागवेकर ने कहा, “मैंने डेंगू के कई मामले देखे हैं। बहुत कम रोगियों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है। रुक-रुक कर होने वाली बारिश मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती है।

इसलिए जिस किसी को भी 4 से 5 दिन से ज्यादा बुखार हो, उसे जांच के लिए जरूर जाना चाहिए।” हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले दो सप्ताह में स्वाइन फ्लू के मामलों में गिरावट आई है। पिछले चार दिनों में स्वाइन फ्लू के सिर्फ तीन मरीज सामने आए हैं।

उत्तराखंड : यहां हुआ शिक्षकों का सम्मान, इनको मिला “टीचर ऑफ द ईयर” अवार्ड

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देहरादून : राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर सोमवार, 5 सितंबर को उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में भव्य “टीचर ऑफ द ईयर-2022” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 5 कुलपतियों सहित पूरे प्रदेश से शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों से 60 रिसर्च स्कॉलर, प्राचार्य, शिक्षकों को सम्मानित किया गया। पांचवें “टीचर ऑफ द ईयर” कार्यक्रम का आयोजन उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय, उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, सोसायटी फॉर रिसर्च एंड डेवलपमेंट इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी एंड एग्रीकल्चर और दिव्य हिमगिरि के संयुक्त तत्वाधान में किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि CM पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर प्रदेश के तकनीकी शिक्षा एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल ने अपने हाथों से पूरे प्रदेश से आए शिक्षकों को पुरस्कार प्रदान किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में स्थानीय विधायक  सहदेव सिंह पुंडीर और यूकोस्ट के महानिदेशक प्रो दुर्गेश पंत उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर ओंकार सिंह ने की।

शिक्षक दिवस पर आयोजित होने वाला “टीचर ऑफ द ईयर-2022” कार्यक्रम प्रदेश का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित कार्यक्रम है। इस अवॉर्ड के लिए इस वर्ष पूरे प्रदेश से 550 से अधिक अध्यापकों ने विभिन्न श्रेणियों में अपना नामांकन किया। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ओंकार सिंह की अध्यक्षता में गठित एक उच्च अधिकार प्राप्त स्क्रीनिंग एवं चयन समिति जिसमें उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक, केंद्रीय विद्यालय संगठन की उपायुक्त, कई विश्वविद्यालयों के कुलपति/कुलाधिपति, शोध संस्थानों के निदेशक व अन्य शिक्षाविद शामिल थे, ने विभिन्न श्रेणियों में केवल 55 लोगों का चयन किया।

स्क्रीनिंग एवं चयन कमेटी ने इस वर्ष के लिए 5 कुलपतियों को “वाइस चांसलर ऑफ द ईयर-2022” देने के लिए नामित किया। “टीचर ऑफ द ईयर” कार्यक्रम में प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल, प्रोफेसर ओ पी एस नेगी, प्रोफेसर पीपी ध्यानी, प्रोफेसर सुनील रॉय, प्रोफेसर एनएस भंडारी को “वाइस चांसलर ऑफ द ईयर-2022″ का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा 55 चयनित शिक्षकों को ‘एक्सीलेंस इन रिसर्च ऑफ द ईयर-2022″, ‘प्रिंसिपल ऑफ द ईयर-2022” तथा “टीचर ऑफ द ईयर-2022” पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इनको मिला सम्मान 

वाइस चांसलर ऑफ द ईयर 2022
1 प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल वाइस चांसलर दून यूनिवर्सिटी.
2 प्रोफेसर डॉ ओ पी एस नेगी वाइस चांसलर उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी.
3 डॉ पीपी ध्यानी वाइस चांसलर श्री देव सुमन उत्तराखंड यूनिवर्सिटी.
4 प्रोफेसर डॉक्टर सुनील राय वाइस चांसलर यूनिवर्सिटी आफ पैट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज.
5 प्रोफेसर डॉक्टर एन एस भंडारी वाइस चांसलर सुगन सिंह जीना यूनिवर्सिटी अल्मोड़ा.

एक्सीलेंस ऑफ रिसर्च इन ईयर 2022
1 कुसुम दीप.
2 डॉ राकेश सिंह.
3 डॉ अचलेश दवेरे.
4 मनोज दिवाकर.
5 राजीव तिवारी.
6 डॉ सुशील के पोरवाह.
7 डॉक्टर सुनील सेमवाल.

प्रिंसिपल ऑफ द ईयर 2022
1 डॉक्टर बृजमोहन सिंह.
2 रेखा असवाल.
3 दिनकर रौतेला.
4 प्रोफेसर जानकी पनवार.
5 प्रोफेसर एच सी पुरोहित.
6 डॉक्टर जगदीश प्रसाद.
7 डॉ मीना सेमवाल.
8 डॉ सुनीता भट्ट.
9 देस्मोड दमोंटी.
10 अनिता सैनी.
11 एक्टिव बेसिल नोएल पिंटो.
12 डॉ. पराग जैन.

टीचर ऑफ द ईयर 2022
1. डॉ रीना उनियाल तिवारी.
2. डॉ ममता सिंह.
3. डॉ तरुण कुमार.
4. डॉ धीरज बिष्ट.
5. अंकिता पोखरियाल.
6. डॉ निशू कुमार.
7. डॉ वर्षा सिंह.
8. विकास आनंद.
9. डॉ ज्योत्सना सेठ.
10. सोमलता झा.
11 प्रोफेसर डॉ अनिल कुमार दीक्षित.
12 डॉक्टर ईश्वर भारद्वाज.
13 डॉ सुशील कुमार राय.
14 रिचा गिनवाल.
15 डॉ कुमार विमल लखतकिया.
16 पल्लवी गुसाईं.
17 डॉ. अमित अदलाखा.
18 डॉक्टर अनुपमा बहादुर.
19 रोहित कनौजिया.
20 प्रोफेसर मनोज कुमार पांदा.
21 लीलाधर.
22 विवेक गोयल.
23 डॉ श्वेता गोयल.
24 वरुण सपरा.
25 अमित कुमार बेरा.
26 प्रोफेसर डॉ हेमराज वर्मा.
27 राखी कोली.
28 महेंद्र कुमार शर्मा.
29 हितेश कुमार शर्मा.
30 नंदन चंद्र आर्य.
31 राखी दायमा.
32 संगीता सोफात.
33 चंदन सिंह घुघत्याल.
34 मोनिका शर्मा.
35 कंचन गौतम.

बड़ी खबर: कल हो सकता है फैसला, किसकी होगी शिवसेना?

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नई दिल्ली: असली शिवसेना किसी है? इस सवाल का जवाब सभी जानते हैं। लेकिन, अब इस सवाल का जो उत्तर सुप्रीम कोर्ट से निकलेगा। वहीं असली माना जाएगा। शिंदे गुट या उद्धव ठाकरे, शिवसेना किसको मिलेगी, इस पर सबकी निगाहें जमी हुई हैं। महाराष्ट्र में असली शिवसेना किसकी है, इस पर कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो सकती है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह कल इस मामले की लिस्टिंग हो सकती है।

महाराष्ट्र में असली शिवसेना को लेकर लंबे समय से सुनवाई लंबित है। अब महाराष्ट्र मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट ने शीर्ष कोर्ट के सामने इस मामले की अर्जेंट सुनवाई की गुहार लगाई है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव बहुत जल्द होने वाले हैं। इसको देखते हुए शिंदे गुट चाहता है कि असली शिवसेना पर जल्द से जल्द फैसला हो।

मंगलवार को एकनाथ शिंदे गुट की तरफ से वरिष्ठ वकील नीरज किशन कौल सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे। उन्होंने इस मामले में अर्जेंट हियरिंग की गुहार लगाई है। इसके बाद सीजेआई यूयू ललित और जस्टिस एस रविंद्र भट्ट ने कहा कि वह बुधवार को इस मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर सकते हैं। सीजेआई यूयू ललित ने कहा कि मैं स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कह सकता, लेकिन कल कुछ न कुछ तो होगा जरूर।

वहीं, मामले की अर्जेंट सुनवाई की बात करते हुए सीनियर एडवोकेट कौल ने कहा कि शीर्ष कोर्ट ने पांच जजों की संवैधानिक बेंच को मामला रेफर किया था।चुनाव आयोग में भी इस मामले की सुनवाई रुक गई थी। एडवोकेट कौल ने कहा कि अब जबकि महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय के चुनाव होने वाले हैं, इस मामले पर जल्द से जल्द फैसला होना चाहिए। गौरतलब है कि अगस्त में सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच ने इस मामले की याचिका को पांच जजों की संवैधानिक पीठ को सौंप दिया था।

उस वक्त इस मामले की सुनवाई के लिए 25 अगस्त की तारीख तय हुई थी। लेकिन, अभी तक इसकी सुनवाई पेंडिंग ही है। इसके अलावा शीर्ष कोर्ट ने चुनाव आयोग को भी आदेश दिया था कि 25 अगस्त तक वह असली शिवसेना पर फैसला न सुनाए। उसने यह आदेश शिंदे गुट द्वारा खुद को असली शिवसेना बताने की याचिका पर दिया था। महाराष्ट्र में असली शिवसेना को लेकर संघर्ष लगातार जारी है। खुद को असली शिवसेना बताकर शिंदे गुट और उद्धव ठाकरे गुट पार्टी की विभिन्न परंपराओं पर दावा ठोक रहे हैं।

शिवाजी पार्क में दशहरा रैली को लेकर भी दोनों गुटों में वर्चस्व की लड़ाई जारी है। वहीं बीएमसी चुनाव को लेकर भी गहमागहमी तेज हो चली है। यहां पर भाजपा बीएमसी पर शिवसेना के लंबे वर्चस्व को खत्म करने की तैयारी में है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी बीएमसी चुनाव को लेकर महाराष्ट्र का दौरा कर चुके हैं। इस दौरान शाह ने तो उद्धव ठाकरे को सबक सिखाने तक की बात कह डाली थी।

शिवसेना शिंदे गुट और BJP मिलकर लड़ेगी BMC चुनाव

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महाराष्ट्र: मुंबई महानगर चुनाव की तैयारियां जारों पर हैं। भाजपा, कांग्रेस, शिवसेना, एनसीपी, मनसे और अन्य राजनीतिक दल लगातार जीत के दावे कर रहे हैं। लेकिन, महाराष्ट्र में शिवसेना के दो गुट बनने के बाद से राजनीति समीकरण पूरी तरह से बदल गए हैं। जहां पहले महा विकास अघाड़ी की सरकार थी। वहीं, अब भाजपा और शिंदे गुट की सरकार है।

सरकार में उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को नागपुर में कहा कि इस बार मुंबई महानगरपालिका चुनाव (BMC) भाजपा और ओरिजिनल शिवसेना शिंदे यानी शिंदे गुट मिलकर चुनाव लड़ेगी और जीतेगी। यह भी कहा कि बारामती निर्वाचन क्षेत्र भाजपा के मिशन महाराष्ट्र के अंतर्गत आता है।

देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राकांपा अध्यक्ष शरद पवार का क्षेत्र बारामती निर्वाचन क्षेत्र भाजपा के मिशन महाराष्ट्र के अंतर्गत आता है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और भाजपा मुंबई नगर निकाय का आगामी चुनाव मिलकर लड़ेगी। महाराष्ट्र BJP अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले के बारामती निर्वाचन क्षेत्र के दौरे पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे।

बावनकुले ने कहा है कि BJP और शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना गठबंधन बारामती निर्वाचन क्षेत्र जीतेगी, जिसका प्रतिनिधित्व वर्तमान में राकांपा की सुप्रिया सुले द्वारा किया जाता है, 2024 के लोकसभा चुनावों में राज्य के कुल 48 निर्वाचन क्षेत्रों में से 45 के साथ। फडणवीस, जो गृह विभाग भी संभालते हैं, ने कहा कि मुंबई में राज्य सचिवालय में समाज सुधारकों महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले की तस्वीरों को अनिवार्य रूप से लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वे लोगों के दिलों में रहते हैं।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के मुंबई निकाय चुनाव एक साथ और भाजपा अलग-अलग लड़ने की अटकलों के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा कि इस तरह की बात पतंगबाजी की तरह है। उन्होंने कहा कि भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली मूल शिवसेना एक साथ मुंबई निकाय चुनाव लड़ेगी और बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) पर भगवा झंडा फहराएगी। बावनकुले ने कहा था कि भाजपा ने महाराष्ट्र के बारामती सहित 16 लोकसभा क्षेत्रों में अपने आधार का विस्तार करने और उन्हें अगले चुनाव में जीतने के लिए हर मतदाता तक पहुंचने के लिए एक कार्यक्रम शुरू किया है।