बड़ी खबर: कल हो सकता है फैसला, किसकी होगी शिवसेना?

0
90

नई दिल्ली: असली शिवसेना किसी है? इस सवाल का जवाब सभी जानते हैं। लेकिन, अब इस सवाल का जो उत्तर सुप्रीम कोर्ट से निकलेगा। वहीं असली माना जाएगा। शिंदे गुट या उद्धव ठाकरे, शिवसेना किसको मिलेगी, इस पर सबकी निगाहें जमी हुई हैं। महाराष्ट्र में असली शिवसेना किसकी है, इस पर कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो सकती है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह कल इस मामले की लिस्टिंग हो सकती है।

महाराष्ट्र में असली शिवसेना को लेकर लंबे समय से सुनवाई लंबित है। अब महाराष्ट्र मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट ने शीर्ष कोर्ट के सामने इस मामले की अर्जेंट सुनवाई की गुहार लगाई है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव बहुत जल्द होने वाले हैं। इसको देखते हुए शिंदे गुट चाहता है कि असली शिवसेना पर जल्द से जल्द फैसला हो।

मंगलवार को एकनाथ शिंदे गुट की तरफ से वरिष्ठ वकील नीरज किशन कौल सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे। उन्होंने इस मामले में अर्जेंट हियरिंग की गुहार लगाई है। इसके बाद सीजेआई यूयू ललित और जस्टिस एस रविंद्र भट्ट ने कहा कि वह बुधवार को इस मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर सकते हैं। सीजेआई यूयू ललित ने कहा कि मैं स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कह सकता, लेकिन कल कुछ न कुछ तो होगा जरूर।

वहीं, मामले की अर्जेंट सुनवाई की बात करते हुए सीनियर एडवोकेट कौल ने कहा कि शीर्ष कोर्ट ने पांच जजों की संवैधानिक बेंच को मामला रेफर किया था।चुनाव आयोग में भी इस मामले की सुनवाई रुक गई थी। एडवोकेट कौल ने कहा कि अब जबकि महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय के चुनाव होने वाले हैं, इस मामले पर जल्द से जल्द फैसला होना चाहिए। गौरतलब है कि अगस्त में सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच ने इस मामले की याचिका को पांच जजों की संवैधानिक पीठ को सौंप दिया था।

उस वक्त इस मामले की सुनवाई के लिए 25 अगस्त की तारीख तय हुई थी। लेकिन, अभी तक इसकी सुनवाई पेंडिंग ही है। इसके अलावा शीर्ष कोर्ट ने चुनाव आयोग को भी आदेश दिया था कि 25 अगस्त तक वह असली शिवसेना पर फैसला न सुनाए। उसने यह आदेश शिंदे गुट द्वारा खुद को असली शिवसेना बताने की याचिका पर दिया था। महाराष्ट्र में असली शिवसेना को लेकर संघर्ष लगातार जारी है। खुद को असली शिवसेना बताकर शिंदे गुट और उद्धव ठाकरे गुट पार्टी की विभिन्न परंपराओं पर दावा ठोक रहे हैं।

शिवाजी पार्क में दशहरा रैली को लेकर भी दोनों गुटों में वर्चस्व की लड़ाई जारी है। वहीं बीएमसी चुनाव को लेकर भी गहमागहमी तेज हो चली है। यहां पर भाजपा बीएमसी पर शिवसेना के लंबे वर्चस्व को खत्म करने की तैयारी में है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी बीएमसी चुनाव को लेकर महाराष्ट्र का दौरा कर चुके हैं। इस दौरान शाह ने तो उद्धव ठाकरे को सबक सिखाने तक की बात कह डाली थी।