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BJP के हुए कैप्टन…

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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने BJP का दामन थाम लिया। साथ ही उन्होंने अपनी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस का भी भाजपा के साथ विलय कर दिया। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, किरण रिजिजू, भाजपा नेता सुनील जाखड़ और BJP के पंजाब मुखिया अश्विनी शर्मा की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान केंद्रीय मंत्रियों ने उन्हें बुके देकर और माला पहनाकर स्वागत किया। पूर्व कांग्रेसी और पंजाब एसेंबली के डिप्टी स्पीकर अजायब सिंह भट्टी ने भी भाजपा ज्वॉइन कर लिया।

भाजपा ज्वॉइन करने के बाद कही यह बात

इस मौके पर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब में पाकिस्तान से खतरे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि चीन भी हमारे लिए लगातार खतरा बना हुआ है। उन्होंने कांग्रेस शासन के दौरान रक्षा मंत्री रहे एके एंटनी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि हथियारों की खरीद की दिखा में नहीं उठाया गया कदम। भाजपा देश की रक्षा के लिए काम कर रही है।

बहुत ख्याल रखने की जरूरत

मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा का आभारी हूं। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि पड़ोसी राज्यों में होने वाले चुनावों में हम बेहतर भूमिका निभा सकेंगे। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि हमारी सोच है कि देश एकजुट होना चाहिए। पंजाब जैसे संवेदनशील राज्य का बहुत ख्याल रखने की जरूरत है। रिजिजू ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने देश की सुरक्षा के आगे राजनीति को तवज्जो नहीं दी।

तोमर ने कहा-इसलिए हम साथ-साथ

इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर का भाजपा में आना, इसके मायने हैं कि पंजाब में शांति और सुरक्षा के पक्षधर हैं। तोमर ने कहा कि उनके आने से भारतीय जनता पार्टी का ताकत बढ़ेगी और पंजाब में विकास के लिए ऐतिहासिक कदम होगा। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक ऐसी पार्टी है जिसमें हमेशा गर्व से कहा जाता रहा है कि सबसे पहले राष्ट्र और दूसरे नंबर पर पार्टी।  इस सिद्धांत को कैप्टन अमरिंदर सिंह जी ने हमेशा अपने जीवन में अपनाया। इसी का परिणाम है कि आज हम सब लोग साथ-साथ हैं।

सपना चौधरी के साथ हो गया कुछ ऐसा, ये है पूरा मामला

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Sapna chaudhri

लखनऊ: मशहूर हरियाणवी डांसर सपना चौधरी सोमवार को छुपते छुपाते कोर्ट में पेश हुई। सपना को कोर्ट ने कस्टडी में ले लिया है। सपना चौधरी ने लखनऊ आने के बाद किसी को जानकारी नहीं होने दी। सोमवार को वह कक्ष संख्या 204 स्थित एसीजेएम 5 शांतनु त्यागी की कोर्ट में पेश हुई। सपना यहां कोर्ट से जारी गिरफ्तारी वारंट निरस्त कराने आयी थीं।

बता दें कि एक मई 2019 को सपना चौधरी के खिलाफ विश्‍वास हनन और धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज हुआ था। इस मामले में 20 जनवरी 2019 को आयोजक जुनैद अहमद, इवाद अली, रत्‍नाकर उपाध्‍याय और अमित पांडेय के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था।

13 अक्‍टूबर 2019 को लखनऊ के स्मृति उपवन में दोपहर तीन बजे से रात 10 बजे तक सपना का प्रोग्राम था। प्रोग्राम में एंट्री के लिए प्रति व्यक्ति 300 रुपये में ऑनलाइन और ऑफलाइन टिकट बेचा गया था। इस प्रोग्राम को देखने के लिए हजारों लोगों ने टिकट खरीदे लेकिन रात 10 बजे तक सपना चौधरी नहीं आईं।

प्रोग्राम न शुरू होने पर लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया लेकिन आयोजकों ने टिकट धारकों का पैसा वापस नहीं किया। 14 अक्टूबर, 2018 को आशियाना थाने में इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

भारत जोड़ा यात्रा: सर्वे में खुलासा, राहुल गांधी का बढ़ा कद, क्या कांग्रेस के लिए बनेगी संजीवनी

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नई दिल्ली : 2024 के लोकसभा चुनाव केक लिए अभी से सियासी पटकथाएं लिखी जाने लगी हैं. इन दिनों कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा औ राहुल गाँधी चर्चाओं में हैं. कांग्रेस कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक ‘भारत जोड़ो’ यात्रा कर रही है. कांग्रेस इस यात्रा के जरिए संगठन को संजीवनी मिलने की उम्मीद जता रही है. ABP न्यूज ने सी-वोटर के साथ मिलकर इस यात्रा से जुड़ा हुआ एक सर्वे किया है. इस सर्वे में राहुल गांधी के कामकाज से संतु्ष्ट होने को लेकर सवाल किया गया.

‘भारत जोड़ो यात्रा’ से राहुल गांधी का कद बढ़ा?

सी-वोटर सर्वे में राहुल गांधी के कामकाज को लेकर लोगों से राय ली गई है. इसमें सवाल पूछा गया था कि राहुल गांधी के कामकाज से आप कितने संतुष्ट हैं. सर्वे में खुलासा हुआ है कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से राहुल गांधी का कद बढ़ा है. राहुल गांधी की लोकप्रियता में इजाफा हुआ है. एबीपी न्यूज ने सी-वोटर के साथ ये सर्वे तमिलनाडु और केरल के लिए किए हैं.

राहुल के कामकाज से कितने संतुष्ट?

तमिलनाडु में कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान 11 सितंबर को 63 फीसदी लोगों ने माना कि वो राहुल गांधी के कामकाज से संतुष्ट हैं. वहीं, इससे पहले 6 सितंबर को हुए सर्वे में 59 फीसदी लोगों ने कहा था कि वो राहुल के कामकाज से संतुष्ट हैं. 11 सितंबर को ये आंकड़ा बढ़ गया और 63 फीसदी लोगों ने माना कि वो कांग्रेस सांसद राहुल के कामकाज से संतुष्ट हैं.

क्केरल में लितने असंतुष्ट?

तमिलनाडु के लिए सर्वे में 6 सितंबर को 25 फीसदी लोगों ने माना कि वो राहुल गांधी के कामकाज से असंतुष्ट हैं. वहीं, 11 सितंबर को 22 फीसदी लोग राहुल के कामकाज को लेकर अंतुष्ट दिखे. इसी सवाल के जवाब में 6 सितंबर को 16 फीसदी लोगों ने अपनी राय देते हुए कहा कि ‘कह नहीं सकते’. हालांकि सर्वे में ये आंकड़ा 11 सितंबर को कुछ कम हुआ और सवाल के जवाब में करीब 15 फीसदी लोगों ने कहा कि इस पर वो कुछ कह नहीं सकते.

केरल का आंकड़ा

केरल में भी राहुल गांधीके कामकाज को लेकर संतुष्ट होने के सवाल पर लोगों ने अपनी राय दी है. राहुल गांधी की लोकप्रियता के संदर्भ में बात करते हुए 10 सितंबर को 56 फीसदी लोग राहुल गांधी के कामकाज से संतुष्ट दिखे. सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि 14 सितंबर को राहुल गांधी के कामकाज से संतुष्ट होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 60 फीसदी हो गई.

यात्रा के चलने के दौरान का डेटा

ये कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के शुरू होने और कुछ दिन तक यात्रा के चलने के दौरान का डेटा है. 10 सितंबर को 31 फीसदी लोग राहुल गांधी के कामकाज से असंतुष्ट थे. वहीं, 14 सितंबर को 30 फीसदी लोगों ने माना कि वो राहुल गांधी के कामकाज से असंतुष्ट हैं. कुल मिलाकर सर्वे के नतीजे ये बताते हैं कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से राहुल गांधी का कद बढ़ा है.

कश्मीरी पंडितों के नरसंहार की SIT जांच की याचिका सुनने से इनकार

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नई दिल्ली: 1989 में कश्मीर में हुए कश्मीरी पंडितों के नरसंहार मामले में SIT जांच की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी। लेकिन, मामले को लिस्टेड करने के बाद सोर्वाच्च न्यायाल ने इस मामले में सुनवाई करने से इंकार कर दिया। यह याचिका नरसंहार में मारे गए टीका लाल टपलू के बेटे आशुतोष टपलू ने दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट की सलाह पर उन्होंने यह याचिका वापस ले ली।

 शीर्ष कोर्ट ने टपलू से कहा कि वे यह मांग उपयुक्त मंच पर करें। टीका लाल टपलू की कश्मीर में हुए नरसंहार के दौरान जेकेएलएफ के आतंकियों ने नृशंस हत्या कर दी थी। याचिका में कहा गया था कि 32 साल बीत गए हैं, परिवार को यह भी नहीं पता कि मामले में किस तरह की जांच हुई। परिवार को एफआईआर की कॉपी तक नहीं दी गई।

याचिकाकर्ता ने 1984 सिख नरसंहार के तीन दशक बाद जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की तरफ से गठित एसआईटी का भी हवाला दिया और टपलू की हत्या की एसआईटी जांच की मांग की। कोर्ट ने कहा कि हमने पहले इससे मिलती-जुलती याचिका खारिज की है। अब इसे नहीं सुन सकते।

उत्तराखंड: UKPSC जारी करेगा भर्तियों का कैलेंडर, शुरू कर दें परीक्षा की तैयारी

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देहरादून: अधीनस्त चयन सेवा आयोग पेपर लीक कांड के बाद से लगातार युवाओं की टेंशन भर्तियों को लेकर है। सरकार ने 23 भर्तियों की जिम्मेदारी लोक सेवा आयोग को दी है। आयोग ने भी तैयारियां तेज कर ली है। आयोग के अनुसार इसी सप्ताह भर्तियों कैलेंडर जारी कर दिया जाएगा।

भर्तियों से पहले आयोग ने सरकार के पास आयोजन की रूपरेखा को लेकर प्रस्ताव भेजा है, जिसे इसी सप्ताह अनुमति मिलने की उम्मीद है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की समूह-ग की 23 भर्तियों के लिए पिछले सप्ताह सरकार ने राज्य लोक सेवा आयोग को अधिकृत किया था।

आयोग के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने सप्ताहभर में भर्तियों का कैलेंडर जारी करने की घोषणा की थी। इसके तहत आयोग बड़े पैमाने पर तैयारी कर रहा है। ग्रीवांस रेडरेसल सेल स्थापित करने के बाद अब आयोग ने राज्य सरकार को परीक्षाओं के आयोजन की चुनाव की तर्ज पर रूपरेखा का प्रस्ताव भेजा है।

माना जा रहा है कि इसी सप्ताह आयोग भर्तियों का कैलेंडर जारी कर देगा। इसके साथ ही आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि चार बड़ी भर्तियों की प्रक्रिया आयोग अक्तूबर से शुरू कर देगा। आयोग ने ऑनलाइन आवेदन के लिए एजेंसी के चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

मुफ्त में देख सकते हैं ये फिल्म, बहुत आसान है बुकिंग प्रोसेस

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मुंबई : अगर आप फिल्मों के शौक़ीन हैं और न्यू रिलीज फिल्म फ्री में देखना चाहते हैं तो आपके पास ख़ास मौक़ा है। सनी देओल एक लंबे समय के बाद स्क्रीन पर लौट रहे हैं। एक्शन हीरो फिल्म ‘चुप’ से जल्द ही सिनेमाघरों में अपने दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। इस ‘साइको थ्रिलर’ फिल्म में पहली बार सनी देओल के साथ साउथ स्टार दुलकर सलमान की जोड़ी ऑडियंस को देखने को मिलेगी। इस फिल्म का ट्रेलर जब से आया है, तब से ही ऑडियंस में इस फिल्म को देखने की उत्सुकता बढ़ गई है। अब सनी देओल और दुलकर सलमान के फैंस के लिए मेकर्स एक और बहुत बड़ा सरप्राइज लाए हैं जिसे जानकर आपके चेहरे पर बड़ी सी मुस्कराहट आ जाएगी।

विक्रम वेधा के मेकर्स ने जहां ट्रेलर रिलीज से पहले 10 अलग-अलग शहरों में फैंस को फिल्म का ट्रेलर दिखाया था, तो वहीं अब ‘चुप’ के मेकर्स भी फैंस के लिए स्पेशल स्क्रीनिंग रखने जा रहा हैं। खास बात ये है कि फैंस अपने चहेते सितारे सनी देओल और सीता रामम स्टार दुलकर सलमान की फिल्म ‘चुप’ को बिलकुल फ्री देख पाएंगे, लेकिन टिकट बुकिंग के लिए एक लिमिटेड समय होगा। दुलकर सलमान ने अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए फैंस को बताया कि वह कैसे फ्री में उनकी फिल्म चुप को एन्जॉय कर सकते हैं।

उपलब्धता के आधार पर ही लोगों को फ्री टिकट मिल पाएंगी। फिल्म की टिकट आप बुक माय शो पर जाकर बुक कर सकते हैं। ‘चुप’ की स्क्रीनिंग आप फिल्म रिलीज से एक दिन पहले गुरुवार को एन्जॉय कर सकते हैं। सनी देओल और दुलकर सलमान स्टारर फिल्म ‘चुप’ 23 सितंबर 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। इस फिल्म ने सनी देओल एक लम्बे समय के बाद पुलिस ऑफिसर की भूमिका में नजर आएंगे, तो वही दुलकर सलमान का फिल्म में क्या किरदार होगा इस बार अभी भी सस्पेंस कायम है। इस फिल्म का निर्देशन आर बाल्की ने किया है।

फिल्म सिटी में किसने मारा तेंदुआ, शव मिलने से मचा हड़कंप

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मुंबई: फिल्म सिटी गोरेगांव पूर्व के परिसर में रविवार को नर तेंदुए के शावक का शव मिला है। वन विभाग उसकी मौत की जांच कर रहा है। वन विभाग की सहायता के लिए पहुंच गए थे। शव को बाद में पोस्टमार्टम के लिए संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान ले जाया गया और उसका अंतिम संस्कार किया गया।

मिली जानकारी के अनुसार  सीरियल चन्ना मेरेया के सेट के बगल में शावक मृत पाया गया था। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। एसजीएनपी के सहायक आयुक्त, वन्यजीव, डॉ. शैलेश पेठे ने बताया कि पोस्टमॉर्टम SGNP और मुंबई पशु चिकित्सा कॉलेज के पशु चिकित्सकों की एक टीम द्वारा किया गया था।

प्रथम दृष्टया, निष्कर्ष मौत के संभावित कारण के रूप में सांस लेने में कठिनाई, कमजोरी, सिर पर गहरी चोट और त्‍वचा के नीचे रक्तस्राव बताया जा रहा है, विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।ष्

वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि तेंदुए के मारे जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। मुंबई उपनगर के मानद वन्यजीव वार्डन मयूर कामथ ने कहा, “जानवर के सिर पर गहरी चोट है। सिर पर चोट लगने से इनकार नहीं किया जा सकता है। जानबूझ कर हत्या की संभावना से इनकार करने के लिए उचित जांच की आवश्‍यकता है।

भारत जोड़ो पदयात्रा : पदयात्रायें कुछ न कुछ तो बदलती ही हैं…

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अनुभव कहते हैं कि पदयात्रायें बीज बिखेरने जैसा असर रखती हैं। बीज, मिट्टी के भीतर उतरेगा या नहीं ? बीज अंकुरित होगा या नहीं ? कब होगा ? ये सब उसके पर्यावरण में मौजूद हवा, नमी और गर्मी पर निर्भर करता है।

चरेवैति…चरेवैति- लक्ष्य मिले न मिले, चलते रहिए। इसका मतलब यह है कि चलते रहिए। चलते रहेंगे तो आपके द्वारा तय लक्ष्य मिले न मिले; कुछ न कुछ हासिल तो होगा ही। पदयात्राओं का सच यही है।

यात्री कोई भी हो; यात्रा कितनी ही छोटी हो अथवा लम्बी; पदयात्राओं के महत्व को नकारा नहीं जा सकता। यात्रा मनोरंजनात्मक हो, आध्यात्मिक, धार्मिक, व्यापारिक अथवा राजनीतिक; पदयात्राओं का इतिहास बताता है कि इनके नतीजे कुछ न कुछ तो बदलते ही हैं। भारत जोड़ो यात्रा भी बदलेगी।

अनुभव कहते हैं कि पदयात्रायें बीज बिखेरने जैसा असर रखती हैं। बीज, मिट्टी के भीतर उतरेगा या नहीं ? बीज अंकुरित होगा या नहीं ? कब होगा ? ये सब उसके पर्यावरण में मौजूद हवा, नमी और गर्मी पर निर्भर करता है। हां, यदि यात्री का संकल्प मज़बूत और दृष्टि स्पष्ट है, तो यह तय है कि बिखेरा बीज अत्यंत पुष्ट होगा। वह मरेगा नहीं। वह यात्री के भीतर और बाहर…दोनो जगह कभी न कभी अंकुरित होगा ही होगा।

 

मात्र 12 साल की उम्र में दक्षिण से सम्पूर्ण भारत का कठिन भूगोल नापते हुए निकल पडे़ शंकर को उनकी पदयात्रा ने आदिगुरु शंकराचार्य बना दिया। वह मात्र 32 साल जिए, मगर सनातनी संस्कार और चार धाम के रुप में भारत को वह दे गए, जिसकी परिक्रमा आज तक जारी है। बालक नानक की यात्राओं ने उन्हे सेवा को धर्म मानने वाले सम्पद्राय का प्रणेता व परम् स्नेही शीर्ष गुरु बना दिया।

राजकुमार सिद्धार्थ ने महात्मा बुद्ध बन यात्राओं के जरिए ही बौद्ध आस्थाओं को प्रसार दिया; अजेय सम्राट अशोक को विरक्त बना दिया। गांधी को मोहन से महात्मा और राष्ट्रपिता बनाने में उनकी पदयात्राओं का महत्व कम नहीं। विनोबा की भूदान यात्रा की खींची रेखा भूमिहीनों के अध्ययन ग्रंथों में हमेशा दर्ज़ रहेगी।

कल्पना कीजिए कि यदि रामायण में से चौदह वर्ष के वनवास की पदयात्रा कथा निकाल दी जाए, तो क्या राजकुमार राम, मर्यादा पुरुषोत्म श्री राम हो पाते ? क्या उनके स्वरूप की आभा इतनी शेष होती, जितनी आज प्रकाशमयी और विस्तारित है। मक्का में पैगम्बर मुहम्मद का जितना अधिक व हिंसक विरोध हो रहा था, यदि वह वहां से मदीना की यात्रा पर न निकल गए होते तो? क्या इस्लाम का इतना व्यापक प्रसार हो पाता, जितना विश्वव्यापी आज है? पैगम्बर मुहम्मद की मक्का से मदीना यात्रा ने न सिर्फ पहली महजिद दी; उनके इस्लामिक के विस्तार का आधार दिया, बल्कि पहले इस्लामी कैलेण्डर को भी जन्म दिया। हिजरत यानी प्रवास। प्रवास के फलस्वरूप अस्तित्व में आने के कारण इस्लामी कैलेण्डर का नाम ही हिजरी कैलेण्डर हो गया।

यूं ईसामसीह की जीवन यात्रा में 13 से 29 वर्ष की उम्र के बारे में कुछ स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता। फिर भी यदि स्वामी परमहंस योगानंद की किताब (द सेकेण्ड कमिंग ऑफ क्राइस्ट : द रिसरेक्शन ऑफ क्राइस्ट विद इन) के दावे को सही मानें तो उनका यह काल भारत में भ्रमण करते हुए कश्मीर के बौद्ध व नाथ सम्पद्रायों के मठों में शिक्षा, योग, ध्यान व साधना में बीता।

अपने दावे की पुष्टि में किताब यह भी उल्लेख करती है कि यीशु के जन्म के बाद उन्हे देखने बेथलेहम पहुंचे तीन विद्वान भारतीय बौद्ध थे। उन्होने ही यीशु का नाम ईसा रखा था। संस्कृत में ईसा का मतलब – भगवान ही होता है। यदि यह सत्य है तो कह सकते हैं कि ईसा की ज्ञान शक्ति और प्रकाशमान् स्वरूप में उनकी कश्मीर यात्रा का विशेष योगदान है।

किस-किस यात्रा के बारे में लिखूं; आधुनिक राजनीतिक कालखण्ड में भारत में देवीलाल, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, चन्द्रशेखर, सुनील दत्त से लेकर दिग्विजय सिंह की नर्मदा यात्रा के नतीजे़ हम जानते ही हैं। राजनीतिक विश्लेषक प्रशांत किशोर का बिहार यात्रा प्रस्ताव भी पदयात्रा के महत्व को रेखांकित करता है। सामाजिक कार्यकर्ताओं की बात करें तो वर्ष 2005 में नई दिल्ली से मुल्तान तक संदीप पाण्डेय के भारत-पाकिस्तान शांति मार्च ने उन्हे मैगसायसाय सम्मान दिलाया।

राजेन्द्र सिंह द्वारा ग्रामीणों को एकजुट कर किए गये पानी के स्थानीय व ज़मीनी काम प्रेरक व सिखाने वाले हैं। यह सच है, किन्तु राजेन्द्र सिंह को जलपुरुष का दर्जा दिलाने तथा पानी को आम चिंतन का विषय बनाने में पानी के लिए उनके द्वारा की गई उनकी विश्वव्यापी यात्राओं का योगदान ही सबसे बड़ा है। यहां ऐसी अनेक यात्राओं के उल्लेख संभव हैं।

और अधिक छोड़िए, यदि हम कुछ घण्टे, दिन या मिनट के लिए ही पैदल निकल जाएं तो भीतर से कुछ तरोताजा हो जाते हैं कि नहीं ? भोजन हो या पानी अथवा प्रेरणा…..ऊर्जा के सभी स्त्रोत अंततः जाकर विद्युत-चुम्बकीय तरंगों में ही परिवर्तित हो जाते हैं। अतः आप चाहे अकेले ही चलें; लम्बी पदयात्रायें तो ऊर्जा का अनुपम स्त्रोत होती ही हैं। क्यों ? क्योंकि यात्री की ऊर्जा प्रसारित होती है। वह जिस परिवेश अथवा व्यक्ति के सम्पर्क में आता है, उनकी ऊर्जा यात्री को स्पर्श करती है। कुछ को वह ग्रहण भी करता है। ऊर्जा पुष्ट करती हैं। तरंगें समान हों तो यात्री व कई अन्य एकभाव होने लगते हैं; यहां तक कि परिवेश भी। यह सब कुछ न सिर्फ यात्री के भीतर बदलाव व बेहतरी लाता है; बल्कि उसके आसपास के परिवेश व सम्पर्कों को भी बदल देता है।

 

अतः एक बात तो दावे से कही जा सकती है कि भारत जोड़ो भी कुछ न कुछ तो बदलेगी ही। क्या ? ’कुछ दिनों में शायद मैं कुछ और समझदार हो जाऊं’ – राहुल गांधी ने ऐसा कहा। शायद यह बदलाव हो। क्या यह होगा? क्या कांग्रेस को कुछ फायदा होगा ? क्या विपक्ष मज़बूत होगा? क्या इससे भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व की एक पार्टी फैलाव की लालसा पर लगाम लगेगी? क्या एकरंगी होती जा रही भीड़, वापस भारत की मूल इन्द्रधनुषी संस्कारों की ओर लौटेगी? क्या भारत की राजनीति में व्यवहार बदलेगा ? क्या भारतीय राजनीति में कुछ स्वच्छ होने की गुजाइश बनेगी?

 

कह सकते हैं कि ये सब यात्रियों की नीयत, नैतिकता, वाणी, व्यवहार, विचार, संयम, अनुशासन और सम्पर्क में आने वालों पर निर्भर करेगा। इस पर निर्भर करेगा कि वे एक राजनेता के तौर पर व्यवहार करते हैं, प्रतिनिधि के तौर पर, भारत जानने आए श्रोता के तौर पर अथवा भारत जोड़ने आए प्रणेता के तौर पर। यात्रा के एक व्यक्ति के केन्द्रित हो जाने के जहां चुम्बकीय फायदे हैं, वहीं इसके अपने नुक़सान भी हो सकते हैं।

नुकसान हो या फायदा; पदयात्रा से अच्छा शिक्षक कोई नहीं। अच्छा शिक्षक अच्छे एहसास और बदलाव के बीज का वाहक होता ही है। अतः भारत जोड़ो यात्रा की इस भूमिका से इंकार तो स्वयं भारतीय जनता पार्टी भी नहीं कर पायेगी। यह तय है।

(नोट : अरुण तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं।)

YouTube ला रहा है नया प्लान, क्रिएटर्स की होगी तगड़ी कमाई

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TikTok क्रिएटर्स को लुभाने के लिए आप अपने प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए YouTube एक नया प्लान लेकर आया है, जिससे क्रिएटर्स की तगड़ी कमाई होगी। दरअसल, TikTok द्वारा शुरू किया गया शॉर्ट वर्टिकल वीडियो ट्रेंड विश्व स्तर पर इन-डिमांड वीडियो देखने के रुझानों में से एक बन गया है।

टिकटॉक की लोकप्रियता तकनीकी दिग्गजों के लिए चिंता का विषय रही है। जहां Instagram कड़ी मेहनत कर रहा है और टिकटॉक को मात देने के लिए नए फीचर्स के साथ लगातार प्रयोग कर रहा है, वहीं गूगल के स्वामित्व वाले YouTube के पास अपने प्लेटफॉर्म -मोनेटाइजेशन पर कंटेंट क्रिएटर्स को लुभाने के लिए एक नया प्लान है। यूट्यूब जल्द ही पार्टनर प्रोग्राम को अपने शॉर्ट-फॉर्म वर्टिकल वीडियो फॉर्मेट, Shorts के लिए सक्षम करेगा, जिससे क्रिएटर्स तगड़ी कमाई कर सकेंगे।

कुछ समय पहले, YouTube ने शॉर्ट्स के लिए क्रिएटर्स फंड की शुरुआत की थी, हालांकि, कोई उस समय इसमें एड रेवेन्यू शेयरिंग नहीं था। लेकिन, अब शॉर्ट्स में विज्ञापन आ रहे हैं।

विज्ञापन YouTube के प्रभुत्व का सबसे प्रमुख हिस्सा रहे हैं। जैसा कि द न्यूयॉर्क टाइम्स ने पहली बार रिपोर्ट किया था, अगले साल की शुरुआत में, शॉर्ट्स  YouTube Partner Program में शामिल होंगे। इसलिए, क्रिएटर्स (हालांकि कुछ कंडीशन हैं जिन्हें पूरा करने की आवश्यकता है) प्रोग्राम में शामिल हो सकते हैं और अपने शॉर्ट्स का मोनेटाइज कर सकते हैं और एड रेवेन्यू का हिस्सा कमा सकते हैं।

YouTube पर भुगतान के लिए, क्रिएटर्स को एड रेवेन्यू का 45 प्रतिशत मिलेगा जबकि YouTube बाकी को रखेगा – जो कि “लॉन्गफॉर्म” YouTube वीडियो के लिए है। यह अतिरिक्त 10 प्रतिशत किस लिए है? खैर, YouTube में क्रिएटर्स प्रोडक्ट्स के उपाध्यक्ष अमजद हनीफ बताते हैं कि इसका उपयोग म्यूजिक राइट्स के भुगतान के लिए किया जाएगा, इसलिए क्रिएटर्स जो भी म्यूजिक चाहते हैं उसका उपयोग कर सकते हैं।

उत्तराखंड: कांग्रेस नेता ने सीएम धामी को लिखा पत्र, कंडी रोड़ बनाने की मांग

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देहरादून: राज्य आंदोलनकारी और प्रदेश कांग्रेस महामंत्री राजेन्द्र शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर रामनगर-कोटद्वार कंडी मोटर मार्ग के निर्माण की स्वीकृति के लिए राज्य सरकार के स्तर पर कार्रवाई करने के साथ ही सडक मार्ग में आवागमन यथावत रखने का अनुरोध किया है। रामनगर-कोटद्वार-कंडी सड़क गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों की लाइफलाइन कही जाती है। दोनों मंडलों के बीच की दूरी को कम कर देती है।

उन्होंने कहा कि इस मार्ग के निर्माण से न केवल देहरादून वाया कोटद्वार से रामनगर तक लगभग 100 किलोमीटर की दूरी कम होने के कारण समय की बचत होगी। राज्य के निवासियों को उत्तर प्रदेश राज्य में प्रवेश न करने के कारण टैक्स का बोझ भी नहीं पड़ेगा। सड़क निर्माण के लिए राज्य सरकार ने वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से 250 पेड़ काटने की अनुमति मांगी गई थी। लेकिन, अब तक अनुमति नहीं मिल पाई है।

राजेन्द्र शाह ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के शहीदों की राज्य के विकास के लिए की गई कुर्बानी का सम्मान करते हुए रामनगर-कोटद्वार कण्डी मोटर मार्ग के निर्माण हेतु व्यक्ति रूचि लेते हुए सडक की अविलम्ब स्वीकृति हेतु आवश्यक कार्रवाई करने के साथ ही सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने तक सडक पर आवागमन यथावत रखने के भी निर्देश दिये जाय।