Home Blog Page 693

गहलोत का गेमप्लान : 80 से ज्यादा विधायकों का इस्तीफा?

0
Sachin Pilot- Ashok Gehlot

राजस्थान : कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर राजस्थान की राजनीति में शुरू हुई हलचल तूफान बन चुकी है। गहलोत के अध्यक्ष पद की दावेदारी के बीच सचिन पायलट को राजस्थान की गद्दी सौंपने के आलाकमान के फैसले के खिलाफ गहलोत गुट ने बगावती तेवर दिखा दिए हैं। पायलट को छोड़कर कोई भी चलेगा, डिमांड रखते हुए गहलोत कैंप के 80 से अधिक विधायकों ने रविवार रात अपना इस्तीफा विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी को सौंप दिया। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या राजस्थान में गहलोत अपनी ही सरकार गिराने जा रहे हैं?

गहलोत सरकार के मंत्री और सीएम के करीबी प्रताप खाचरियावास ने 92 विधायकों के इस्तीफे के बात कही। उन्होंने कहा कि आलाकमान ने विधायकों की राय के बिना अपना फैसला सुनाने का फैसला किया है,  जो ठीक नहीं है। उन्हें एक लाइन का यह प्रस्ताव पास करने को कहा गया था कि मुख्यमंत्री का फैसला आलाकमान करेगा। हालांकि, जब उनसे यह सवाल किया गया कि क्या सरकार गिरने वाली है तो उन्होंने इस बात से इनकार किया। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे नहीं गिर जाती है।

खाचरियावास की इस बात में गहलोत कैंप का गेमप्लान छिपा हुआ है। दरअसल, गहलोत अपनी सरकार नहीं गिराना चाहते हैं, बल्कि वह कांग्रेस आलाकमान पर इस बात का दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं कि राजस्थान का फैसला उनकी सहमित के आधार पर ही हो। वह चाहते हैं कि 2020 में बगावती तेवर दिखा चुके पायलट और उनके करीबी विधायकों को छोड़कर अन्य किसी को सत्ता दी जाए, जिनमें स्पीकर सीपी जोशी सबसे आगे हैं। गहलोत गुट के सभी विधायकों ने स्पीकर को इस्तीफा जरूर सौंपा है, लेकिन उनकी सदस्यता तब तक खत्म नहीं होती, जब तक स्पीकर इन्हें मंजूर नहीं कर लेते। स्पीकर अभी इस्तीफों पर कोई फैसला नहीं करने जा रहे हैं।

गहलोत कैंप के तेवर को आलाकमान को सीधी चुनौती के रूप में भी देखा जा रहा है। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी भी पायलट के नाम पर सहमत हैं। लेकिन अब पायलट का इस तरह विरोध करके एक तरह के आलाकमान के फैसले का विरोध किया गया है। राजनीतिक जानकारों की मानें तो यदि गहलोत कैंप ने अपना फैसला नहीं बदला तो हाईकमान ऐक्शन पर भी मजबूर हो सकता है, जो गहलोत को उलटा पड़ सकता है। गहलोत ने अध्यक्ष बनने से पहले ही गांधी परिवार के प्रभुत्व को चुनौती दे दी है। यह उनके खिलाफ जा सकता है।

गहलोत भले ही अपनी सरकार नहीं गिराना चाहेंगे और प्रेसर पॉलिटिक्स के तहत उनके विधायकों ने इस्तीफा दिया है, लेकिन यह दांव उलटा भी पड़ सकता है। जिस तरह का रुख और खुला विरोध पायलट का हो रहा है, उससे संभव है कि सचिन का ‘सब्र’ भी टूट जाए। यदि आलाकमान स्थिति को संभालने में नाकाम रहा तो पायलट का खेमा भी मोर्चा खोल सकता है। पायलट के पास करीब 25 विधायक हैं, जो उनके एक इशारे पर पार्टी छोड़ सकते हैं। ऐसा हुआ तो भी सरकार का बचना मुश्किल हो जाएगा।

दोधारी तलवार पर अशोक गहलोत‌?

0
Sachin Pilot- Ashok Gehlot

नई दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष पद चुनाव की तैयारियां तेज हो चुकी हैं। कांग्रेस अध्यक्ष कौन होगा, सभी की निगाहें इस पर लागि हुई हैं। कांग्रेस सांसद शशि थरूर और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दो नामों की चर्चा सबसे ज्यादा है। इनमें भी सबसे बड़ी चुनौती अशोक गहलोत के सामने है। कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए उनका नाम सामने आते ही राजस्थान में जबर्दस्त सियासी उठापटक मची हुई है। समर्थन के सुर हैं तो विरोध की आवाजें भी बुलंद हो रही हैं। अगर राजस्थान में कांग्रेस में बिखरी तो फिर राष्ट्रीय स्तर पर गहलोत का जादू कैसे चलेगा यह भी एक बड़ा सवाल होगा।

अशोक गहलोत को सियासत का जादूगर का कहा जाता है। अब जबकि वह राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की दौड़ में आगे हैं, उनका जादू कितना बरकरार रह पाता है यह देखने वाली बात होगी। असल में गहलोत एक तरफ राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए दौड़ में शामिल हैं, वहीं दूसरी तरफ राजस्थान के सीएम की कुर्सी का मोह भी छोड़ नहीं पा रहे हैं। ऐसे में अगर राजस्थान में कांग्रेस किसी भी तरह से कमजोर होती है तो यह गहलोत की राष्ट्रीय अध्यक्ष की दावेदारी पर भी सवाल खड़ा करेगा। यह सवाल उठ सकता है कि अगर गहलोत एक प्रदेश की इकाई को एकजुट नहीं रख सकते तो देश के स्तर पर कांग्रेस की अंदरूनी चुनौतियों का सामना कैसे करेंगे।

अशोक गहलोत के साथ राहुल और सोनिया भी इस बात से अच्छी तरह से वाकिफ हैं। यही वजह है कि आज मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन कांग्रेस विधायक दल की बैठक लेने पहुंच रहे हैं। कांग्रेस हाईकमान चाहता है कि फैसला सर्वसम्मति से लिया जाए ताकि राजस्थान में भी जरूरी बैलेंस बना रहे। साथ ही अगर अशोक गहलोत भविष्य में राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाते हैं तो देशभर में इसकी नजीर दी जा सके। 2024 के लिहाज से देखें तो कांग्रेस के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं। ऐसे में उसके अगले अध्यक्ष के लिए भी यह पद कांटों का ताज ही होगा।

अंदरखाने चल रही खबरों की मानें तो वह किसी सूरत में सचिन पायलट को राजस्थान के सीएम के रूप में नहीं देखना चाहते हैं। इसके लिए वह तमाम तरह की जोड़-जुगत भी लगा रहे हैं। यह भी बताया जा रहा है कि विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को सीएम और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद डोटासरा को डिप्टी सीएम बनाने का फॉर्मूला भी आजमाया जा सकता है।

मुंबई में मे‍डिकल स्‍टूडेंट ने की खुदकुशी, पुलिस जांच में जुटी

0

मुंबई : मुंबई में एक और मेडिकल की छात्रा के फांसी लगाने का माल सामने आया है। छात्रा ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी है। यह शहर के अग्रीपाड़ा इलाके  की घटना है। पुलिस ने शनिवार को जानकारी दी कि मृत छात्रा का नाम श्रेयसा पाठकर  है, जो आक्‍यूपेश्‍नल थेरेपी विभाग में अंतिम वर्ष की छात्रा थी। श्रेयसा ने इस दिन वारदात को तब अंजाम दिया जब घर पर परिवार का कोई सदस्‍य मौजूद नहीं था। पुलिस ने कहा है कि उन्‍हें मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्‍जे में लेकर पोस्‍टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने बताया, हमें घटनास्‍थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और न ही परिवार के लोग किसी पर शक जता पा रहे हैं। हम मामले की जांच रहे हैं। पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (एडीआर) के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

पिछले एक महीने में मुंबई के दो जाने-माने मेडिकल कालेजों से दो मेडिकल स्‍टूडेंट्स के आत्‍महत्‍या करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने बताया कि मृत महिला का नाम रेखा देवासी है और उनकी छह साल की बेटी का नाम अंकिता है। रेखा अपनी बेटी को लेकर बिल्डिंग की छत पर गईं और वहां से छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली। रेखा इसी बिल्डिंग में अपने पति और दो बच्‍चों के साथ रहती थी। पुलिस ने कहा है कि उन्‍हें इस मामले में भी कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।

उत्तराखंड : Ankita Murder Case : परिजनों का अंतिम संस्कार से इनकार, बद्रीनाथ हाईवे जाम

0

श्रीनगर: अंकिता मर्डर केस मामले में लोगों में भारी आक्रोश है। अंकिता का आज अंतिम संस्कार किया जाना था, लेकिन परिजनों ने विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट दिए जाने की मांग की है। उन्होंने पीएम पर सवाल खड़े करते हुए पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने के बाद ही अंतिम संस्कार कराए जाने की मांग की है। लोगों ने सरकार के रवैये पर सवाल खड़े किए हैं। यमकेश्वर के गंगा भोगपुर में स्थित रिसॉर्ट में कार्यरत रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी का अंतिम संस्कार किया जाना था, लेकिन परिजनों ने अंतिम संस्‍कार करने से मना कर दिया है।

अंकिता हत्याकांड को लेकर लोगों में गम व गुस्सा बरकरार है। श्रीनगर में अंकिता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग को लेकर लोगों ने बदरीनाथ हाईवे जाम किया। अंकिता के स्वजन ने भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही अंतिम संस्कार करने की बात कही है। मोर्चरी के बाहर लोगों ने हंगामा किया। वहीं अंकिता के पिता ने लोगों से अपील की वह प्रदर्शन के दौरान सड़कें जाम न करें।

अंकिता के शव को अभी श्रीनगर मोर्चरी में रखा गया है। अंतिम संस्कार करवाने को लेकर उपजिलाधिकारी अजयबीर सिंह की स्वजन व प्रदर्शनकारियों से बातचीत जारी है। दूसरी ओर अवैध व पंजीकरण के बिना चल रहे रिजार्ट को लेकर पूरे प्रदेश में जांच जारी है। वहीं, श्रीनगर में भारी संख्‍या में लोग प्रदर्शन के लिए पहुंचे। इस दौरान अंकिता के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने और हत्यारों को फांसी की सजा देने की मांग को लेकर आक्रोशित जनता ने नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया।

श्रीनगर में मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी के पास आक्रोशित जनता ने नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। प्रदर्शन में विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ ही व्यापारी और बुजुर्ग तथा बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। श्रीनगर और श्रीकोटगंगानाली के बाजार भी बंद हैं। सआइटी इंचार्ज पी रेणुका देवी ने बताया है कि उन्‍होंने रिसॉर्ट के कर्मियों को पुलिस स्‍टेशन बुलाया है। हम हर एक के बयान दर्ज करेंगे। हम रिसॉर्ट के बैकग्राउंड का विश्लेषण कर रहे हैं।

अंकिता के वाट्सएप चैट्स की भी जांच की जा रही है। रविवार को श्रीनगर में पैतृक घाट में अंकिता का अंतिम संस्‍कार किया जाना है। जिसे लेकर यहां पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं, प्रदेश भर में अंकिता हत्‍याकांड से आक्रोश है। जगह-जगह धरने और प्रदर्शन हो रहे हैं। उत्‍तराखंड की बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए हाथ उठ रहे हैं। इसे देखते हुए पुलिस ने पैतृक घाट में सुरक्षा व्‍यवस्‍था बनाई हुई है।

भाजपा नेता के बेटे के रिसार्ट में काम करने वाली रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या को लेकर ऋषिकेश में उबाल है। विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने घाट चौराहा पर जाम लगाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।उपस्थित लोगों ने भाजपा नेता विनोद आर्य के पुत्र पुलकित आर्य सहित तीनों आरोपितों को फांसी की सजा देने की मांग की हैं।

सरकार इस मामले की फास्ट ट्रैक पर सुनवाई कर अंकिता भंडारी के परिवार को न्याय दिलाए। सूचना पाकर उप जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रवि सैनी यहां पहुंचे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बात की। करीब एक घंटा जाम लगाने के बाद जाम खोल दिया गया।

अशोक गहलोत के बाद अब कौन होगा राजस्थान का नया मुख्यमंत्री.? आज हो सकता है फैसला…

0

कांग्रेस में सियासी तापमान फिलहाल थोड़ा बढ़ा हुआ है। एक तरफ जहां पार्टी का नया अध्यक्ष चुने जाने की प्रतिक्रिया जारी है तो दूसरी ओर राजस्थान के नए मुख्यमंत्री के नाम पर भी बहस छिड़ गई है। बता दें कि कांग्रेस पार्टी के नए अध्यक्ष के रूप में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का चूना जाना लगभग तय है। इस में अब राज्य का मुख्यमंत्री कौन होगा इस बात पर बहस जारी है। गोरतलब हैं कि रविवार को राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक बड़ी बैठक रखी गई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा होगी।

बता दें कि अशोक गहलोत अगर कांग्रेस के अध्यक्ष बनते हैं तो उनको मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना होगा। ऐसा इसलिए किया जाएगा क्योंकि हाल ही में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि “कांग्रेस में ‘एक व्यक्ति, एक पद’ होगा।” गोरतलब हैं कि इस फार्मूले को अपनाते हुए अशोक गहलोत को अपना मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ेगा। बता दें कि अब मुख्यमंत्री की रेस में किसका नाम सबसे टॉप पर है। इस रेस में सबसे आगे सचिन पायलट का नाम हैं।

images 3 3

मिली जानकारी के अनुसार अगर अशोक गहलोत अगर मुख्यमंत्री पद को छोड़ते हैं तो इस पद पर सचिन पायलट बैठ जाएंगे। हालांकि अभी इस नाम पर भी मुहर नहीं लगी है। सचिन के अलावा भी कई और नेता मुख्यमंत्री पद की रेस में हैं। इनमें अशोक गहलोत गुट के नता शामिल हैं, बताया जा रहा है कि राज्य का मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गुट में से भी हो सकता है। वहीं बात करें अध्यक्ष पद की तो इस रेस में भी अशोक गहलोत के अलावा शशि थरूर का नाम भी सामने आ रहा है।

करियर के आखरी मैच में झूलन गोस्वामी को खिलाड़ियों ने किया यूं ट्रीट, बीच मैदान में…

0

भारतीय महिला क्रिकेटर झूलन गोस्वामी अपने रिटायरमेंट का खुलासा कर चुकी हैं। उन्होंने शनिवार को इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स के मैदान अपने करियर का आखरी मुकाबला खेला हैं। इस दौरान बड़े ही दिलचस्प नजारें देखने को मिले हैं। हालांकि इस दौरान सब काफी भावुक भी नजर आए। सबसे पहला दिलचस्प नजारा मैच शुरू होने से पहले ही देखने को मिला, जब टॉस के लिए दोनों टीमों के कप्तानों को बुलाया गया। इस दौरान भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर अपने साथ झूलन गोस्वामी को भी मैदान में लेकर आई।

सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि इस दौरान टॉस कॉल भी झूलन गोस्वामी ने ही किया। जिसको देख लोग काफी खुश हुए, इसके बाद दूसरा नजारा तब देखने को मिला जब झूलन गोस्वामी बल्लेबाजी करने के लिए मैदान में पहुंची। जब वह मैदान में उतरी तो इंग्लैंड की टीम की सभी खिलाड़ियों ने एक कतार में खड़े होकर झूलन को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया। ये नजारा देख लोगों की आंखों में आसूं आ गए। भारतीय खेमे में सभी लोगों की आंखें नम देखी गई।

images 18

मिली जानकारी के अनुसार मैच शुरू होने से पहले झूलन गोस्वामी को एक स्पेशल मोमेंटो से भी सम्मानित किया गया था। अगर बात करें झूलन गोस्वामी के करियर की तो उन्होंने अपने करियर में कई बड़े रिकॉर्ड्स दर्ज किए हैं। भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में वह सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली महिला हैं। उन्होंने अपने करियर में भारत के लिए 12 टेस्ट मैच, 214 वनडे और 68 टी -20 मैच खेले हैं। जिसमें उनका खास प्रदर्शन रहा है।

बड़ा हादसा, ट्रक और ट्रैक्टर की सीधी टक्कर, 6 की मौत

0

यूपी: बुंदेलखंड के ललितपुर में रविवार की सुबह लोगों के लिए काल बनकर आई। यहां पर एक सड़क दुर्घटना में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन घायलों में आठ गंभीर हैं।

ललितपुर में रविवार को तालबेहट के बम्होरी हाइवे पर सुबह ट्रक और ट्रैक्टर की सीधी टक्कर में ट्रैकटर ट्राली में बैठे छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुर्घटना में 12-13 घायलों में आठ गंभीर हैं। इनको झांसी मेडिकल कालेज रेफर किया गया है। ट्रैक्टर ट्राली पर श्रमिक सवार थे, यह सभी काम पर जा रहे थे। सभी श्रमिकों तालबेहट के बम्होरीसर के निवासी बताए जा रहे हैं।

ट्रक की जोरदार टक्कर से ट्राली तो ट्रैक्टर से अलग होकर नीचे खाई में जाकर पलट गई। इस ट्राली में चार महिलाओं समेत बीस से ज्यादा मजदूर बैठे थे। छह की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल कई मजदूरों को अस्पताल भेजा गया है, मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है।

ललितपुर में झांसी-ललितपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बम्होरीसर के पास सुबह इस बड़ी दुर्घटना के बाद सड़क के दोनों तरफ वाहनों का आवागमन रुक गया। हादसे की खबर आते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी घटना स्थल के लिए दौड़ पड़े और ललितपुर जिला अस्पताल के साथ ही झांसी के मेडिकल कालेज में स्टाफ को अलर्ट किया गया।

उत्तराखंड : इन रिजॉर्ट पर भी चल सकता है बुलडोजर, जल्द होगा बड़ा एक्शन

0

नैनीताल : CM  पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद गेस्ट हाउस और रिज़ॉर्ट पर प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू हो गई है। CM  धामी के निर्देश पर नैनीताल जिले के धानाचुली क्षेत्र में 5 रिजॉर्ट को सील किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा शनिवार को विभिन्न होमस्टे और  रिज़ॉर्ट की जाँच की गई, तय मानकों में खामियां पाए जाने पर जिलाधिकारी के निर्देशों पर एक ही दिन में 5 रिज़ॉर्ट को सील किया गया है। मन जा रहा है कि अब अविध ढंग से बने रिजॉर्ट पर भी बुलडोजर चल सकता है।

nainital risort seal cm dhami

पौड़ी के लक्ष्मण झूला में हुई घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार देर शाम सभी जिलाधिकारियों को तमाम होटल और रिज़ॉर्ट की स्कूटनी करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में यह ये निर्देश दिए थे कि यदि किसी भी होमस्टे रिजॉर्ट में किसी प्रकार के खामी पाई जाती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद प्रदेश के अन्य जनपदों में भी कार्यवाही जारी है।

मुख्यमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि प्रदेश में माहौल बिगाड़ने वालों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, भले ही कोई कितनी रसूख़ वाला क्यों ना हो। ताज़ा मामले में ऋषिकेश लक्ष्मण झूला में अंकिता हत्याकांड के आरोपी रिज़ॉर्ट मालिक की गिरफ़्तारी के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर रिजॉर्ट को धवस्तीकरण की कार्रवाई कर दी गई। मुख्यमंत्री या यह संदेश है कि ग़लत करने वाले की जगह सिर्फ़ जेल में है।

Ankita Murder Case : आ गई अंकिता की पोस्मार्टम रिपोर्ट, सुरक्षित रखा गया बिसरा

0

देहरादून: अंकिता मर्डर केस में (Ankita Murder Case) पोस्टमार्टम के बाद कई खुलासे हुए हैं। पीएम रिपोर्ट में अंकिता के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। ऐसे निशान, जिनके बारे में जानकार आपका खून भी खौल उठेगा। जांच के लिए बिसरा भी सुरक्षित रखा गया है। अंकिता के शरीर पर मृत्यु से पूर्व चोट के निशान बताए गए हैं। मृत्यु का प्रथमदृष्टया कारण पानी में गिरकर दम घुटना मौत होना बताया गया है। विस्तृत रिपोर्ट सोमवार तक मिलेगी।

अंकिता के शरीर पर चोट के निशान

  • चीला पावर हाउस बैराज से शनिवार को सुबह अंकिता भंडारी का शव बरामद होने के बाद जब उसके पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी पहचान कर रहे थे तो वहां पर बड़ी संख्या में प्रत्यक्षदर्शी मौजूद थे।
  • इनमें से कई लोग पोस्टमार्टम के वक्त भी यहां मौजूद रहे।
  • इन्होंने अंकिता के पार्थिव शरीर को नजदीक से देखा है।
  • उसका एक दांत टूटा, एक आंख में सूजन थी। हाथ पर भी चोट का निशान था।
  • मीडिया से बातचीत में अपर पुलिस अधीक्षक शेखर सुयाल ने जो जानकारी दी थी, उनके मुताबिक भी आरोपितों ने अंकिता की हत्या करने से पूर्व पीटा था।
  • उन्‍होंने कहा था कि उसके शरीर पर चोट के निशान पिटाई के थे या नहर में डूबने के बाद आए, यह विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो पाएगा।
  • सोमवार तक मिलेगी पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट
  • सुबह 11  से शाम चार बजे तक पोस्टमार्टम चला।
  • एम्स के चार डॉक्टरों के पैनल में दो फैकल्टी और दो रेजीडेंट डॉक्टर शामिल रहे।
  • पोस्टमार्टम शुरू होने से समाप्त होने तक जिलाधिकारी पौड़ी डा. विजय कुमार जोगदंडे, एसएसपी पौड़ी यशवंत सिंह चौहान, एसपी देहात देहरादून कमलेश उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार शेखर सुयाल, उप जिला अधिकारी यमकेश्वर प्रमोद कुमार सहित अन्य अधिकारी यही मौजूद रहे।

उत्तराखंड: मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुए वन मंत्री सुबोध उनियाल, पर्यावरण संरक्षण में राज्य की अहम भूमिका

0

देहरादून: वन मंत्री सुबोध उनियाल ने गुजरात के में 23-24 को दो दिवसीय वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन पर आयोजित मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लिया।

सम्मेलन में केन्द्रीय पर्यावरण वन व जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव, केन्द्रीय वन, पर्यावरण राज्यमंत्री एनन चौबे भी शामिल रहे। PM नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित किया गया। सम्मेलन के सत्रवार एजेण्डा बिन्दुओं में परिवेश ( वन / पर्यावरण स्वीकृतियों के लिए एकल खिड़की प्रणाली) पर्यावरणीय जीवन शैली, जलवायु परिवर्तन संयोधन वन्यजीव के साथ प्लास्टिक कचरा प्रबन्धन प्रमुख रूप से विचारणीय रहे।

PM मोदी ने कहा कि वनाग्नि नियन्त्रण को तकनीक आधारित/मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने राज्यों के प्रतिभागी मंत्रीगण का पर्यावरण के प्रति विजन को प्रकृति के लिए लाभकारी बताया। साथ ही विश्वविद्यालय, प्रयोगशालाओं में पर्यावरणीय सुरक्षा के अभिनव प्रयासों पर जोर दिया।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य का 70 प्रतिशत भूभाग वनाच्छादित है। पारिस्थितकीय संतुलन में राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका और वन व वन्यजीव संरक्षण में अग्रणी है। कैबिनेट मंत्री के प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण रमेश सुधांशु और प्रमख वन संरक्षक विनोद कुमार ने भी शामिल रहे।