Home Blog Page 687

2 अक्‍टूबर 1994, मुजफ्फरनगर रामपुर तिराहा कांड, इतना भयानक कि…

0

देहरादूनर : 2 अक्टूबर का दिन उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन का वो काला दिन था, जिसके बारे में आज भी याद कर राज्य आंदोलनकारी सिहर उठते हैं। आंदोलनकारियों पर ऐसी बर्बता की गई, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। गोलियां दागी गई। महिलओं के साथ अभद्रता की गई।

उत्तराखंड राज्य निर्माण की मांग को लेकर आंदोलनकारी बस से दिल्ली जा रहे थे। दो अक्टूबर 1994 को मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा में तत्कालीन यूपी के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कहने पर पुलिस ने गोलियां चला दी।

उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुकरेती का कहना है कि 28 साल पहले दो अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अलग राज्य के लिए प्रदर्शन करना तय हुआ तो गढ़वाल और कुमाऊं से बसों में भरकर लोग दिल्ली के लिए रवाना हुए। काफी संख्या में होने के कारण आंदोलनकारी आगे बढ़े और मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा पहुंचे जहां फायरिंग, लाठीचार्ज और पथराव कर दिया गया। ऐसा अत्याचार जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है।

पूरा घटनाक्रम 1 अक्टूबर, 1994 को शुरू होता है। आंदोलनकारी उत्तर प्रदेश से अलग कर पहाड़ी प्रदेश की मांग कर रहे थे। राज्य आंदोलनकारी दिल्ली में प्रदर्शन करने के लिए इस पर्वतीय क्षेत्र की अलग-अलग जगहों से 24 बसों में सवार हो कर 1 अक्टूबर को रवाना हो गये। देहरादून से आंदोलनकारियों के रवाना होते ही इनको रोकने की कोशिश की जाने लगी। इस दौरान पुलिस ने रुड़की के गुरुकुल नारसन बॉर्डर पर नाकाबंदी की, लेकिन आंदोलनकारियों की जिद के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा और फिर आंदोलनकारियों का हुजूम यहां से दिल्ली के लिए रवाना हो गया। लेकिन, मुजफ्फरनगर पुलिस ने उन्हें रामपुर तिराहे पर रोकने की योजना बनाई और पूरे इलाके को सील कर आंदोलनकारियों को रोक दिया।

आंदोलनकारियों को पुलिस ने मुजफ्फरनगर में रोक तो लिया। लेकिन, आंदोलनकारी दिल्ली जाने की जिद पर अड़ गए. इस दौरान पुलिस से आंदोलनकारियों की नोकझोंक शुरू हो गई. इस बीच जब राज्य आंदोलनकारियों ने सड़क पर नारेबाजी शुरू कर दी तो अचानक यहां पथराव शुरू हो गया, जिसमें मुजफ्फरनगर के तत्कालीन डीएम अनंत कुमार सिंह घायल हो गए, जिसके बाद यूपी पुलिस ने बर्बरता की सभी हदें पार करते हुए राज्य आंदोलनकारियों को दौड़ा-दौड़ाकर लाठियों से पीटना शुरू कर दिया और लगभग ढाई सौ से ज्यादा राज्य आंदोलनकारियों को हिरासत में भी ले लिया गया।

यूपी पुलिस की बर्बरता यहीं नहीं थमी। देर रात लगभग पौने तीन बजे यह सूचना आई कि 42 बसों में सवार होकर राज्य आंदोलनकारी दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे में यह खबर मिलते ही रामपुर तिराहे पर एक बार फिर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। जब 42 बसों में सवार होकर राज्य आंदोलनकारी रामपुर तिराहे पर पहुंचे तो पुलिस और राज्य आंदोलनकारियों के बीच झड़प शुरू हो गई। इस दौरान आंदोलकारियों को रोकने के लिए यूपी पुलिस ने 24 राउंड फायरिंग की, जिसमें सात आंदोलनकारियों की जान चली गई और 17 राज्य आंदोलनकारी बुरी तरह घायल हो गए।

मुजफ्फरनगर कांड के बाद उत्तर प्रदेश से अलग राज्य की मांग ने और जोर पकड़ लिया क्योंकि मुजफ्फरनगर में हुई बर्बरता के बाद राज्य आंदोलनकारियों और प्रदेश के लोगों में गुस्सा भड़क गया था। राज्य की मांग को लेकर प्रदेश भर में धरना और विरोध प्रदर्शनों का दौर चलने लगा। आंदोलन की आग इस कदर भड़की कि युवाओं, बुजुर्गों के साथ-साथ स्कूली बच्चे भी आंदोलन की आग में कूद पड़े थे। रामपुर में हुए तिराहा कांड के बाद करीब 6 साल तक आंदोलनकारियों के संघर्ष का ही नतीजा रहा कि सरकारों को इस मामले में गंभीरता से विचार करना पड़ा और 9 नवंबर, 2000 को उत्तर प्रदेश से अलग राज्य उत्तरांचल बना। बाद में नाम बदलकर उत्तराखंड कर दिया गया।

उत्तराखंड : PM मोदी के नाम पर कर दिया खेल, इस रिपोर्ट में हुआ खुलासा

0

देहरादून: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व PM मोदी के आने के बाद से जितना चर्चाओं में आया। उतना ही विवादों में भी घिर गया है। कॉर्बेट पार्क के भीतर एक प्रोजेक्ट तैयार किया गया, जिसको अधिकारियों ने PM मोदी को ड्रीम प्रोजेक्ट बताया। लेकिन, जब इसको लेकर गड़बड़ी की बात सामने आई तो जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुआ। ऐसे खुलासे कि अधिकारियों की कुर्सियां तक छिन गई। अब एक और बड़ा खुलासा हुआ है, जिसके बाद एक बार फिर बवाल मचा हुआ है।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (CTR) के तहत पाखरो रेंज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट बताए जा रहे टाइगर सफारी के निर्माण के लिए 163 की जगह 6093 हरे पेड़ काट दिए गए। भारतीय वन सर्वेक्षण विभाग (FSI) की सर्वे रिपोर्ट में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है। टाइगर सफारी निर्माण में एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं।

FSI ने अपनी सर्वे रिपोर्ट में पाया है कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में कालागढ़ वन प्रभाग की पाखरो रेंज में करीब 16.21 हेक्टेयर वन भूमि पर 6093 पेड़ों का सफाया कर दिया गया। इस मामले में अधिवक्ता और वन्यजीव संरक्षण कार्यकर्ता गौरव कुमार बंसल ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, साथ ही इसे राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के समक्ष भी उठाया था। तत्कालीन पीसीसीएफ (हॉफ) राजीव भरतरी ने FSI को पत्र लिखकर सर्वे का अनुरोध किया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार FSI की ओर से एक सप्ताह पूर्व ही यह रिपोर्ट वन मुख्यालय को सौंप दी गई थी, लेकिन वन मुख्यालय की ओर से अभी तक इसे सार्वजनिक नहीं किया गया है। प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) विनोद कुमार सिंघल ने बताया कि रिपोर्ट का प्रारंभिक परीक्षण करने पर इसमें कई ऐसे तकनीकी बिंदु सामने आ रहे हैं, जिनका निराकरण इस रिपोर्ट को स्वीकार किए जाने से पहले किया जाना जरूरी है। काटे गए पेड़ों की संख्या का निर्धारण करने में अपनाई गई तकनीक और इसके लिए की गई सैंपलिंग की विधि में गंभीर और महत्वपूर्ण प्रश्न हैं। एसएफआई से अतिरिक्त जानकारी मांगी गई है।

13-14 जून 2022 को तत्कालीन प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) राजीव भरतरी ने प्रस्तावित टाइगर सफारी (Tiger safari ) निर्माण से पहले मौके का निरीक्षण किया था। उस दौरान क्षेत्र में घना जंगल खड़ा पाया गया था। तब निदेशक कॉर्बेट पार्क ने बताया था कि टाइगर सफारी निर्माण के लिए मात्र 40 पेड़ों को काटने की आवश्यकता होगी। इस पर बाद में भरतरी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा था कि यह कथन अविश्वसनीय प्रतीत होता है।

भरतरी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा था कि प्रथम दृष्टया यह स्थल टाइगर सफारी की स्थापना के लिए उचित नहीं है। इस क्षेत्र में बाघों का आवागमन होता है। NTCA की टाइगर सफारी गाइड लाइन के अनुसार ऐसे क्षेत्रों को टाइगर सफारी में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। इससे बाघ के वास स्थल को क्षति पहुंच सकती है और बड़ी संख्या में पेड़ों का कटान होगा।

अंकिता मर्डर केस : कल बंद रहेगा उत्तराखंड, आप भी हों शामिल

0

देहरादून: अंकिता भंडारी के हत्यारों को फांसी की सजा देने और अन्य मांगों को लेकर 2 अक्टूबर रविवार को विभिन्न राजनीतिक और गैर राजनीतिक संगठनों ने उत्तराखंड बन्द का आवाह्नन किया है। इसके मद्देनजर पुलिस प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि, किसी भी हिंसात्मक गतिविधियों में शामिल न हो। प्रत्येक व्यक्ति के गतिविधियो मे पुलिस की कड़ी निगरानी रहेगी और गलत और विधि विरूद्ध काम करने वालों के विरूद्ध कठोरतम, दण्डात्मक एवं विधि सम्मत कार्यवाही की जाएगी।

कल 2 अक्टूबर रविवार को कुछ राजनीतिक/गैर राजनैतिक संगठनों द्वारा कतिपय विषयों को लेकर उत्तराखण्ड बन्द का आवाह्नन किया गया है। जिसके परिपेक्ष में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा आम जनता से अपील की गई है कि, किसी भी हिंसात्मक गतिविधियों में शामिल न हो। बंद के दौरान किसी भी सरकारी व प्राइवेट संपत्ति को नुकसान न पंहुचाये।

पुलिस ने अपील की है कि, शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने में पुलिस को सहयोग प्रदान करें। बंद में सम्मिलित प्रत्येक व्यक्ति के गतिविधियो मे पुलिस की कड़ी निगरानी रहेगी और गलत और विधि विरूद्ध काम करने वालों के विरूद्ध कठोरतम, दण्डात्मक एवं विधि सम्मत कार्यवाही की जाएगी। सभी से निवेदन है कि शाति व्यवस्था बनाये रखें।

एसएसपी के निर्देशन पर जनपद देहरादून को बंद के आवाह्नन के दृष्टिगत कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु 09 सुपर जोन, 21 जोन व 43 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। सुपर जोन में सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी, जोन में सम्बन्धित थाना प्रभारी व सेक्टर में सम्बन्धित चौकी प्रभारी के नेतृत्व में पर्याप्त पुलिस बल नियुक्त किया गया है।

इसके अतिरिक्त विभिन्न स्थानों पर 1 कंपनी डेढ सेक्सन पुरूष/महिला पीएसी व फायर सर्विस को फायर टेंडर सहित नियुक्त किया गया है। उक्त सम्पूर्ण पुलिस बल पुलिस अधीक्षक नगर व पुलिस अधीक्षक ग्रामीण महोदय के निर्देशन में नगर/ग्रामीण क्षेत्रों में नियुक्त रहेगा।

मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट : खास है नई फिल्म नीति, इन फिल्मों की हो चुकी शूटिंग

0

देहरादून: उत्तराखंड में फिल्मों की शूटिंग के लिए कई खूबसूरत लोकेशन हैं। पिछले कुछ सालों में फिल्मों की शूटिंग के लिए राज्य की बेहतरीन लोकेशन पहली पसंद बनती जा रही हैं। लगातार एक के बाद एक कई फिल्मों की शूटिंग हो रही है। राज्य बनने से पहले भी राम तेरी गंगा मैली जैसी फिल्मों की शूटिंग यहां हो चुकी है। खास बात यह है कि राज्य में फिल्मों की शूटिंग के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। वही वजह है कि उत्तराखंड को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का अवार्ड मिला है।

68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में उत्तराखंड को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का पुरस्कार दिया गया। सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से यह पुरस्कार प्राप्त किया। पुरस्कार मिलने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुशी जाहिर की और कहा कि यह गौरवान्वित करने वाला है।

most film frendly state2

सूचना महानिदेशक तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड का चयन इस पुरस्कार के लिए गौरव की बात है। उत्तराखंड ने बेहद कम समय में अन्य राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यह पुरस्कार प्राप्त किया है। यह पुरस्कार मिलने से उत्तराखंड में फिल्मों की शूटिंग को और ज्यादा प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने बताया कि फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए सीएम धामी ने कई अहम फैसले लिए। इन्हीं फैसलों के चलते राज्य में फिल्म निर्माता निर्देशकों के लिए अनुकूल माहौल बन पाया। इन्हीं प्रयासों के फलस्वरूप आज उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

उन्होंने बताया कि प्रदेश की फिल्म नीति और अधिक आकर्षक बनाई जा रही है। शूटिंग के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है। शूटिंग के लिए कोई शुल्क भी नहीं लिया जा रहा है। नई फिल्म नीति में 1.5 करोड़ रुपये तक के अनुदान की व्यवस्था है। शूटिंग के दौरान पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। स्थानीय सिनेमाघरों में सप्ताह में एक शो क्षेत्रीय फिल्मों का अनिवार्य रूप से दिखाया जाना है। जिससे फिल्म निर्माता आएंगे। उसका लाभ यह होगा कि पर्यटन को तो बढ़ावा मिलेगा ही रोजगार के साधन भी बढ़ेंगे।

नीति में ये मिलेंगे लाभ

  • पर्वतीय क्षेत्रों में सिनेमाघरों व स्टूडियो में उपकरण खरीदने पर 25 प्रतिशत या अधिकतम 25 लाख का अनुदान।
  • पर्वतीय क्षेत्रों में मोबाइल थियेटर वाहन खरीदने पर 15 लाख का अनुदान।
  • फिल्म प्रशिक्षण संस्थान के लिए 25 प्रतिशत या अधिकतम 50 लाख का अनुदान।
  • स्थानीय बोली में बनने वाली फिल्मों की शूटिंग के दौरान किए गए व्यय पर 40 प्रतिशत अनुदान।
  • स्थानीय व हिंदी में सर्वाेत्तम फिल्म को 10 लाख का पुरस्कार।
  • शूटिंग के दौरान फिल्म यूनिटों को जीएमवीएन व केएमवीएन के रेस्ट हाउस में ठहरने पर 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी।

इन फिल्मों की हुई शूटिंग

  • अपहरण और अपहरण-2।
  • कैंडी।
  • ब्रीद सीजन-2
  • द कश्मीर फाइल्स।
  • स्टूडेंट आफ द ईयर।
  • दम लगा के हईशा।
  • लक्ष्य।
  • केदारनाथ।
  • बत्ती गुल मीटर चालू।
  • कोई मिल गया।
  • वेब सीरीज द लेडी किलर।
  • कठपुतली।

सलमान खान ने प्रोड्यूसर से कहा- दफा हो जाओ, आखिर क्यों?

0
Salman Khan

बॉलीवुड सुपरस्टार अपने एक-एक प्रोजेक्ट के लिए करोड़ों रुपये फीस चार्ज करते हैं। हर फिल्ममेकर उन्हें अपनी फिल्मों में साइन करना चाहता है लेकिन कई बार प्रोड्यूसर उनकी फीस अफॉर्ड नहीं कर पाते। लेकिन ऐसा कम ही होता है जब सलमान खान अपनी फीस ही छोड़ दें। हॉलीवुड फिल्म Lucifer की रीमेक मूवी GodFather में सलमान खान ने भी काम किया है। फिल्म का टीजर वीडियो हाल ही में रिलीज किया गया है जो कि काफी दमदार है।

सलमान खान ने बिना इस फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़े ही इसमें काम करने के लिए हां कह दी थी। इतना ही नहीं उन्होंने इस फिल्म में काम करने के लिए एक रुपये भी फीस नहीं ली। एक इंटरव्यू के दौरान चिरंजीवी ने बताया कि किस तरह निर्देशक मोहन राजा ने सलमान खान का नाम इस रोल के लिए सुझाया था और कहा था कि वो हमारा बेस्ट फैमिली फ्रेंड है।

चिरंजीवी ने बताया कि जब उन्होंने सलमान खान को मैसेज किया तो तुरंत ही उनका रिप्लाई आया कि हां, चिरू गारू बताइए ना, क्या काम है? तब चिरंचीवी ने उन्हें बताया कि एक छोटा सा रोल है, लेकिन यह बहुत रिस्पेक्टेबल रोल है। रेफरेंस के लिए वह फिल्म लुसिफर देख सकते हैं। इस पर सलमान खान ने कहा- नहीं नहीं, उसकी जरूरत नहीं है। मैं यह रोल कर रहा हूं। आप अपने बंदे को भेज दीजिए, हम डेट वगैरह डिसकस कर लेगे। चिरंजीवी ने बताया कि सिर्फ 2-3 मिनट में वह राजी हो गए थे।

चिरंजीवी ने बताया- जब मेरा प्रोड्यूस उनके (सलमान खान) पास गया और उन्हें कुछ पैसे ऑफर किए (बिना ये जाने कि सलमान को कितने पैसे ऑफर करने चाहिए) तो सलमान खान ने कहा, ‘आप राम और चिरंजीवी के लिए मेरा प्यार खरीद नहीं सकते हैं। दफा हो जाइए।’ चिरंजीवी ने कहा कि वह सल्लू भाई के इस कदम के लिए एहसानमंद हैं।

मुंबई एयरपोर्ट पर कोकीन जब्‍त, चप्‍पल में छिपाकर रखे थे पैकेट

0

मुंबई : मुंबई एयरपोर्ट कस्टम्स विभाग ने 29 सितंबर को 490 ग्राम कोकीन जब्‍त की गई है। इसकी कीमत 4.9 करोड़ रुपये बतायी गयी है। कस्‍टम विभाग के अधिकारियों के अनुसार इन्‍हें चप्‍पल के अंदर छिपाकर ले जाया जा रहा था। सभी आरोपित को न्‍यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

28 अगस्‍त को मुंबई कस्‍टम विभाग ने अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर घाना से आए एक यात्री को हिरासत में लिया था। आरोपित भारत में कोकीन की तस्‍करी करने का प्रयास कर रहा था। आरोपित ने अपने पेट मं 87 कैप्‍सूल के जरिये मादक पदार्थ को छिपाया हुआ था।

सीमा शुल्क विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बरामद 1,300 ग्राम कोकीन की कीमत 13 करोड़ रुपए बतायी गई है। आरोपित संदिग्‍ध लगने पर उसे मुंबई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रोका गया और सरकारी अस्‍पताल ले जाया गया।

मुंबई कस्टम -3 के ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट से सामने आया कि यात्री घाना से मुंबई हवाई अड्डे पर पहुंचा और उसे संदेह के आधार पर सीमा शुल्क अधिकारियों ने रोक दिया। जब उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास अधिकारियों को कुछ भी नहीं मिला, लेकिन जांच में पता चला कि उसके पेट में 87 कैप्सूल थे, जिसमें कोकीन छिपा हुआ था।

इसका पता लगाने के लिए आरोपित को सरकारी अस्‍पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उसने तीन दिन तक इन कैप्‍सूलों को उगला। कस्‍टम अधिकारियों ने यात्री को मादक पदार्थ रोधी कानून के तहत गिरफ्तार कर लिया था। मामले की जांच की जा रही है।

PM मोदी ने लॉन्च की 5G सर्विस, देश के इन 13 शहरों में आज से यह सेवा शुरू

0

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में 5G सर्विस लॉन्च कर दी है। देश में 5G सेवा शुरू होने के बाद संचार क्रांति के एक नए युग की शुरुआत हो गई है। दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद समेत देश के 13 शहरों में आज से 5G सर्विस की सेवा उपलब्ध हो गई है। इससे सीम लेस कवरेज, हाई डाटा रेट, लो लेटेंसी और अत्यधिक विश्वसनीय संचार प्रणाली की सुविधा मिलेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली के प्रगति मैदान में 5G सर्विस की लॉन्चिंग कर दी है। इस दौरान पीएम मोदी के साथ दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव, रिलायंस कंपनी के मुकेश अंबानी और भारती एंटरप्राइजेज के अध्यक्ष सुनील भारती मौजूद रहे। पीएम मोदी ने कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि आज देश की ओर से देश की टेलीकॉम इंडस्ट्री की ओर से 130 करोड़ भारतवासियों को 5G के तौर पर एक शानदार उपहार मिल रहा है। 5G सर्विस देश के द्वार पर नए दौर की दस्तक है। 5G सर्विस अवसरों के अनंत आकाश की शुरुआत है। मैं प्रत्येक भारतवासी को इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

देश के जिन 13 शहरों में सबसे पहले 5जी सेवा को लॉन्च किया गया है। उनमें दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, बेंगलुरु, चंडीगढ़, चेन्नई, गांधीनगर, गुरुग्राम, हैदराबाद, कोलकाता, जामनगर, लखनऊ, पुणे जैसे शहर शामिल हैं। इसके दो साल बाद पूरे देश में 5जी सेवा का तेजी से विस्तार किया जाएगा। इस दौरान भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक व अध्यक्ष ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण दिन है। एक नए युग की शुरुआत होने वाली है। यह शुरुआत आजादी के 75वें साल में हो रही है और देश में एक नई जागरूकता, ऊर्जा की शुरुआत करेगी। यह लोगों के लिए कई नए अवसर खोलेगा।

5G लॉन्चिंग के दौरान रिलायंस जियो मुंबई के एक स्कूल के एक शिक्षक को महाराष्ट्र, गुजरात और ओडिशा में तीन अलग-अलग स्थानों के छात्रों से जोड़ेगी। यह प्रदर्शित करेगा कि कैसे 5G शिक्षकों को छात्रों के करीब लाकर उनके बीच की फिजिकल दूरी को मिटाकर शिक्षा की सुविधा प्रदान करेगा। साथ ही यह स्क्रीन पर ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) की शक्ति को भी प्रदर्शित करेगा।

बिहार पुलिस की बड़ी सफलता, जाली नोट छापने वालों का किया पर्दा फाश…

0

क्राइम और बिहार का नाता तो बरसों से है। ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब बिहार से कोई मामला न आए। हफ्ते के सातों दिन कोई न कोई मामला बिहार से सामने आ ही जाता है। आज फिर एक मामला सामने आया है। एक ऐसा मामला जिसने प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। बता दें कि बिहार के पूर्णिया का है, जहां पुलिस ने नकली नोट छापने वाले एक गुट को पकड़ा है। गोरतलब हैं कि इस दौरान पांच लोगों की गिरफ्तारी हुई। ये लोग जानकीनगर थाना के चोपड़ा बाजार में कपड़े की एक दुकान के पीछे नकली नोट छापने का कारोबार करते थे।

मिली जानकारी के अनुसार इनके पास चार लाख रुपए से भी ज्यादा जाली नोट थे। इस पूरे मामले की जानकारी एसपी दयाशंकर ने दी है। उन्होंने बताया है कि “कुछ लोग जानकीनगर से नकली नोट की बड़ी खेप लेकर पूर्णिया आ रहे हैं. सूचना मिलते ही बनमनखी और जानकीनगर पुलिस के अलावे जिला तकनीकी प्रभारी पंकज आनंद जानकीनगर पहुंचे. बॉर्डर इलाके को सील कर जब जांच की गई तो एक बाइक से चार लाख 91 हजार रुपए का नकली नोट बरामद हुआ. ये नोट सौ-सौ का था और करीब 50 गड्डियां बरामद हुईं।”

IMG 20221001 120207

एसपी दयाशंकर आगे बताते हैं कि “दोनों को गिरफ्तार कर जब पूछताछ की गई तो पता चला कि चोपड़ा बाजार में कपड़े की एक दुकान में नकली नोट छापने का कारोबार चल रहा है। पुलिस ने वहां भी छापामारी कर कुल 5 फेक करेंसी तस्करों को गिरफ्तार किया। ये सभी अपराधी खुद नोट छापते थे और इसको बाजार में खपाते भी थे। इससे पहले भी इन लोगों ने करीब तीन लाख रूपये छापकर उसे बाजार में खपा दिया था।”

पुलिस द्वारा मिली जानकारी के अनुसार ये लोग नकली नोटों को कम दाम में बेचा करते थे, जिससे इन लोगों को काफी फायदा होता था। अपराधियों से पूछताछ करने पर पता चला कि ये लोग पांच लाख रुपए सिर्फ 2 लाख में बेचते थे। एसपी दयाशंकर के पकड़े जाने वालों का काम नीतीश कुमार, गणेश कुमार, सुभाष शर्मा, अमित शाह और मोहम्मद जैनुल है।

सुशील मोदी ने दी लालू को नसीहत, बताया तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनने का फॉर्मूला…

0

जबसे नीतीश कुमार ने भाजपा का साथ छोड़ा है तबसे ही उनको लगता निशाना बनाया जा रहा है। भाजपा के सभी नेता लगातार नीतीश कुमार पर हमला कर रहे है। आज फिर एक बार वही नजारा देखने को मिला। बता दें कि भाजपा सांसद व बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने फिर नीतीश कुमार पर हमला बोला है और साथ ही लालू यादव को एक सलाह दी है। गोरतलब हैं कि सुशील कुमार मोदी ने लालू यादव को एक फॉर्मूला बताया है, जिससे वह तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बना सकते हैं।

सुशील कुमार मोदी ने कहा कि “राजद-जदयू में यह समझौता हो गया है तेजस्वी को गद्दी नीतीश कुमार सौपेंगे और और खुद दिल्ली की राजनीति करेंगे। लेकिन सवाल यह है कि क्या नीतीश कुमार ऐसा करेंगे?” उन्होंने आगे कहा कि “नीतीश कुमार की फितरत ही धोखा देने की है और वे लगातार लोगों को धोखा देते रहे हैं। पहले जीतन राम मांझी को धोखा दिया; फिर लालू प्रसाद यादव को दो बार धोखा दिया। उन्होंने बीजेपी को भी धोखा दिया और लगातार जनादेश का अपमान किया है। धोखा देने की फितरत के चलते वह फिर से पलटी मारेंगे क्योंकि वे मुख्यमंत्री की कुर्सी कभी नहीं छोड़ेंगे।”

images 26

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि “नीतीश कुमार दिल्ली जाकर क्या करेंगे; क्योंकि वहां प्रधानमंत्री की कुर्सी तो खाली नहीं है. वहां कोई वैकेंसी नहीं है. नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बने रहेंगे।” लालू को सलाह देते हुए सुशील कुमार मोदी ने कहा कि “ये हो सकता है कि लालू प्रसाद यादव जदयू के 4 विधायकों को तोड़कर तेजस्वी को मुख्यमंत्री बना दें, क्योंकि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री की कुर्सी खुद तो छोड़ेंगे नहीं।”