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बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को CM शिंदे नहीं देंगे SC में चुनौती

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मुंबई : महाराष्ट्र के CM एकनाथ शिंदे ने कहा कि बॉम्बे हाई कोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती नहीं देंगे। जिसमें हाईकोर्ट ने उद्धव ठाकरे गुट को दशहरा रैली करने की अनुमति दी है। CM शिंदे ने कहा कि वह हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, इसलिए इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएंगे।

इससे पहले 23 सितंबर को बॉम्बे हाई कोर्ट ने उद्धव ठाकरे गुट के पक्ष में फैसला सुनाया था। हाई कोर्ट ने उद्धव ठाकरे गुट को शिवाजी मैदान में दशहरा रैली की अनुमति दी थी। वहीं, शिवसेना नेता अनिल परब ने कहा कि 2 अक्टूबर से पांच दिनों की अवधि के लिए ये अनुमति दी गई है।

शिंदे और उद्धव गुट के बीच पिछले कुछ दिनों से खींचतान चल रही है। ऐसे में हाई कोर्ट का इस फैसला इसी विवाद के बीच आया है। इससे पहले, बीएमसी ने स्थानीय पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर रैली आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। जिसमें कहा गया था कि इससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की समस्या हो सकती है।

शिवसेना 1966 से हर साल दशहरे पर रैली कर रही है। इस साल यह आयोजन महत्वपूर्ण है, क्योंकि शिवसेना अब दो गुटों में विभाजित हो गई है और रैली 2020 और 2021 में कोविड-19 महामारी के कारण आयोजित नहीं की गई थी।

उद्धव ठाकरे ने अगस्त में शिंदे पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि पार्टी को यकीन नहीं है कि उसे आयोजन की अनुमति मिलेगी या नहीं। ठाकरे ने आगे कहा कि कुछ भी हो वह शिवाजी पार्क में दशहरा रैली करेंगे। शिवसेना की दशहरा रैली मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित की जाएगी।

उद्धव ने आगे कहा था कि इस रैली में प्रदेश भर से शिवसैनिक पहुंचेंगे। हमें ये नहीं पता है कि सरकार इजाजत देगी या नहीं, लेकिन हम रैली करेंगे। हमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि दूसरा पक्ष रैली करेगा या नहीं। शिवसेना देशद्रोहियों से नहीं बल्कि शिवसैनिकों के खून से बढ़ी है। ठाकरे ने कहा था कि महाराष्ट्र में बहुत कुछ हो रहा है जिसके बारे में वह दशहरा रैली में बोलेंगे।

अंकिता भंडारी हत्याकांड : महिला उत्तरजन ने की न्यायिक जांच की मांग

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देहरादून : महिला उत्तरजन का अंकिता भण्डारी हत्यकांड के विरोध में आयोजित धरना आज दूसरे दिन भी जारी रहा। महिला उत्तरजन ने फिर पुरजोर मांग की कि हत्यकांड के दोषियों को सख्त सजा दी जाय और राजनेता-माफिया गठजोड़ को ध्वस्त किया जाय और पुलिस बेहद की लापरवाहियों के कारण अंकिता भंडारी मामले की न्यायिक जांच हो।

महिला उत्तरजन ने यह भी कहा कि विशेष रूप से सीमांत क्षेत्रों की महिलाएं या कहें कि दूरस्थ अंचलों की बेटियां सरल- सहज हैं और उनका एक्सपोज़र अधिक नही होता। इस वजह वे ऐसे लोगों के चंगुल में फंस जाती हैं। उत्तराखंड में ऐसी बहुत सी घटनायें होती आ रही हैं लेकिन प्रकाश में बहुत कम आ पाती हैं। अतः सरकार को इसके रूट कॉज़ तक पहुँचना चाहिये। आज के धरना कार्यक्रम में अनेक प्रबुद्धजन और महिलाएं शामिल रहे। लोगों ने जबरजस्त आक्रोश प्रकट किया और हत्यारों के कठोर सजा की मांग की।

धरना स्थल पर अनेक संस्था के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। धरने में उपासना भट्ट श्रीनगर, उत्तम सिंह रावत , आकाश उप्रेती, कर्नल आनंद थपलियाल (से. नि.), अरुण शेखर बहुगुणा, प्रोफसर विनय आनंद बौड़ाई, नरेश बहुगुणा, एन.एस. अधिकारी, शुभम कण्डारी, ठाकुर सिंह नेगी,आभा बौड़ाई, सुशीला सेमवाल, विमला कठैत, उषा रावत, सरिता नेगी, सुशीला सेमवाल, सीमा बहुगुणा, प्रिया देवली, रीना पटवाल, शीला सिंह, सविता नौटियाल, विमला नौटियाल, सुप्रिया सकलानी, कमला डिमरी, पंकज नवानी , डॉ विमल नौटियाल, सीमा थापा, ‘सैनिक शिरोमणि’ मनोज ध्यानी, योगेश भट्ट, पंकज क्षेत्री, दिनेश बौड़ाई, त्रिलोचन भट्ट, मोहन खत्री आदि अनेक गणमान्य लोग शामिल रहे।

मुलायम सिंह यादव ICU में शिफ्ट, अखिलेश लखनऊ से दिल्ली के लिए रवाना

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समाजवादी पार्टी (SP) के संरक्षक मुलायम सिंह यादव की रविवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। वह खराब सेहत के चलते गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में कई दिनों से भर्ती हैं। जहां डॉक्टर लगातार मुलायम सिंह यादव की सेहत पर नजर रख रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, सपा संरक्षक को डॉक्टरों ने कमरे से आईसीयू में शिफ्ट किया है। पिता की खराब सेहत की खबर मिलते ही अखिलेश यादव लखनऊ से दिल्ली के रवाना हो गए हैं। दूसरे बेटे प्रतीक यादव और छोटे भाई शिवपाल सिंह यादव पहले से ही दिल्ली में मौजूद हैं।

वहीं बहू अपर्णा भी दिल्ली के लिए रवाना हो गईं हैं। डॉ. सुशीला कटारिया की देखरेख में सपा संरक्षक का उपचार हो रहा है। वहीं मेदांता के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नरेश त्रेहन खुद उनकी सेहत पर नजर रख रहे हैं।

IMD का अलर्ट, उत्तराखंड समेत इन राज्यों में जमकर होगी बारिश

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मौसम फिर बदलने वाला है। मौसम विभाग ने बारिश का अनुमान जताया है। मौसम विभाग (IMD) ने पूर्वानुमान जारी करके बताया है कि हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के कई इलाकों में दो से तीन दिनों तक बारिश होने वाली है।

मौसम विभाग (IMD) की जानकारी के अनुसार, छह अक्टूबर के बाद दो से तीन दिनों तक हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में मध्यम से तेज बारिश होगी। इसके अलावा, नॉर्थईस्ट इंडिया और पूर्वी हिस्से में भी अगले तीन से चार दिनों तक तेज बरसात के आसार हैं।

IMD ने बताया है कि ओडिशा में दो से छह अक्टूबर, गंगीय पश्चिम बंगाल में दो से चार अक्टूबर, झारखंड में तीन से चार अक्टूबर, बिहार में चार और पांच अक्टूबर, नॉर्थईस्ट मध्य प्रदेश में पांच और छह अक्टूबर, नॉर्थवेस्ट मध्य प्रदेश में छह अक्टूबर और छत्तीसगढ़ में चार और पांच अक्टूबर को गरज के साथ मध्यम से तेज बारिश हो सकती है।

दक्षिण के राज्यों की बात करें तो तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों, यनम में दो, चार और पांच अक्टूबर को भारी बारिश के आसार हैं। दक्षिणी कर्नाटक के हिस्सों में दो अक्टूबर और तेलंगाना में पांच व छह अक्टूबर को तेज बरसात हो सकती है। अन्य राज्यों की बात करें तो मिजोरम, मणिपुर, नगालैंड और त्रिपुरा में दो से चार अक्टूबर के बीच गरज के साथ बरसात हो सकती है। असम, मेघालय में भी बारिश होने की उम्मीद है।

उत्तर भारत के राज्यों में इस बार ज्यादातर समय मॉनसून उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। हालांकि, आखिरी के कुछ दिनों में यूपी, दिल्ली समेत कई राज्यों में भारी बारिश देखने को मिली। अब एक बार फिर से बरसात का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में छह और सात अक्टूबर, पूर्वी उत्तर प्रदेश में पांच से सात अक्टूबर के बीच मध्यम से तेज बरसात होने की उम्मीद है। इसके अलावा, उत्तराखंड में छह और सात अक्टूबर को बहुत भारी बारिश की संभवाना जताई गई है।

फुटबॉल मैच हिंसा, 174 पार मरने वालों की संख्या

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इंडोनेशिया में एक फुटबॉल मैच के बाद हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या 174 पार कर गई है। जबकि सैकड़ों लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस भीषण हिंसा को लेकर इंडोनेशिया के फुटबॉल संघ ने दुख जताया है। साथ ही अगले एक सप्ताह के मैच पर पाबंदी लगा दी है। इस घटना की जांच के भी आदेश दिए हैं। चलिए, जानते हैं कैसे मैच की एक ने हिंसा का विकराल रूप ले लिया और मैदान में सैंकड़ों लाशें बिछ गई।

उपद्रवियों को शांत करने के लिए पुलिस टीम को आंसू गैस के गोले छोड़े पड़े। जिसके बाद मैदान में भगदड़ मच गई। बताया जा रहा है कि कई लोगों की मौत दम घुटने की वजह से भी हुई है। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो भी सामने आया है।सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो फुटेज में लोगों को मलंग में स्टेडियम की पिच पर दौड़ते हुए देखा जा सकता है। इस हिंसा में मरने वालों की संख्या 174 पार कर गई है। जबकि, कई लोग घायल हो गए।
इंडोनेशिया के फुटबॉल संघ (PSSI) ने एक बयान जारी कर घटना पर खेद व्यक्त किया और कहा कि खेल के बाद जो हुआ उसकी जांच शुरू करने के लिए एक टीम मलंग के लिए रवाना हो गई है। PSSI ने बयान में कहा, “पीएसएसआई ने कांजुरुहान स्टेडियम में अरेमा समर्थकों की हरकत पर खेद जताया। हमें खेद है और पीड़ितों के परिवारों और घटना के लिए सभी पक्षों से माफी मांगते हैं। इसके लिए PSSI ने तुरंत एक जांच दल का गठन किया और तुरंत मलंग के लिए रवाना हो गया है।

Maharashtra Politics: उद्धव गुट को बड़ा झटका

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मुंबई: ममुंबई में दहशरा रैली से पहले उद्धव गुट को बड़ा झटका लगा है। मुंबई के वर्ली इलाके से बड़ी संख्या में शिवसेना  कार्यकर्ता रविवार को सीएम एकनाथ शिंदे के सरकारी आवास पर शिंदे गुट में शामिल हो गए हैं। शिवसेना के दोनों गुटों की दशहरा रैली रैली पांच अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में होगी। इस रैली में शक्ति प्रदर्शन के लिए शिवसेना के दोनों गुट तैयारी में जुटे हैं।

शिवसेना के दोनों गुट दशहरा रैली में अपनी-अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने का अवसर नहीं चूकना चाहते हैं। इसलिए दोनों धड़े पांच अक्टूबर को होने वाले इस आयोजन में अधिकाधिक भीड़ जुटाने का इंतजाम करने में जुट गए हैं। उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के खेमों में भीड़ प्रबंधन की होड़ लग गई है। ठाकरे की रैली में पार्टी के शाखा प्रमुख और जिला प्रमुख पर सब निर्भर करता है।

वहीं, शिंदे की रैली में भीड़ बढ़ाने के लिए विधायकों और सांसदों का भरपूर जोर है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री शिंदे के कैंप की प्रवक्ता शीतल महात्रे ने शुक्रवार को बताया कि यह अब तक की सबसे बड़ी रैली होगी। मुंबई वासियों को भीड़ और ट्रैफिक से कोई परेशानी नहीं होगी।

सूत्रों का कहना है कि शिंदे खेमे में सभी विधायकों और सांसदों को कम से कम दो हजार से तीन हजार लोग रैली में लाने को कहा गया है। शिंदे के खेमे में 40 विधायक और 12 सांसद हैं। इसी तरह उद्धव ठाकरे के खेमे की प्रवक्ता किशोरी पेडनेकर ने कहा कि शिवसेना के लिए हमेशा से दशहरा रैली एक त्योहार की तरह रही है। कार्यकर्ता पूरे महाराष्ट्र से आते हैं और इस साल भी शिवाजी पार्क आएंगे। सूत्रों के अनुसार, मुंबई के सभी शाखा प्रमुखों को कम से कम 150 लोग लाने को कहा गया है।

उत्तराखंड : तेज हुई कॉमन सिविल कोड की कवायद, लोगों से सुझाव ले रही समिति

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चमोली : राज्य स्तरीय समान नागरिक संहिता विशेषज्ञ समिति के सदस्यों ने जनपद चमोली के गोपेश्वर मुख्यालय और जनपद रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि में लोगों से मिलकर उनके सुझाव सुने। चमोली जनपद के मुख्यालय गोपेश्वर में जनसामान्य के साथ बैठक का आयोजन महाविद्यालय परिसर में किया गया। इस बैठक में महिलाओं व युवाओं ने एक समान कानून पर अपने विचार व्यक्त किये। पहाड़ के सम्बन्ध में उनकी इस कानून से अपेक्षायें भी विशेषज्ञ समिति के सामने रखी गयी।

सदस्यों द्वारा समान नागरिक संहिता के विषय में अधिक से अधिक लोगों तक जागरूक करने के लिए भी लोगों से अपील की। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकों, महिलाओं व आम जन उपस्थित रहे। जनपद रूद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि में विशेषज्ञ समिति के सदस्यों ने क्षेत्र भ्रमण कर लोगों को समान नागरिक संहिता के बारे में जानकारी दी। अगस्त्यमुनि महाविद्यालय के परिसर में लोगों के सुझाव प्राप्त करते हुए यह आशा व्यक्त की गयी कि अधिक से अधिक सुझाव समान नागरिक संहिता बनाने में महत्तवपूर्ण योगदान देंगे।

युवाओं द्वारा विवाह, तलाक जैसे सामाजिक मुद्दों पर समिति के सदस्यों से चर्चा की गयी, बैठक में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं, शिक्षकों, युवाओं द्वारा प्रतिभाग किया गया। समिति के सदस्य शत्रुघ्न सिंह, मनु गौड़ व डॉ. सुरेखा डंगवाल के द्वारा जानकारी दी गयी कि क्षेत्र भ्रमण कर राज्य के समस्त क्षेत्रों से प्राप्त होने वाले सुझाव, उन्हें रिपोर्ट तैयार करने में मद्दगार होंगे।

राज्य स्तरीय समान नागरिक संहिता विशेषज्ञ समिति के सदस्यों द्वारा नागरिकों का पक्ष सुनने के लिए क्षेत्र में भ्रमण का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इसका उद्देश्य राज्य के दूरस्थ व दुर्गम क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को समान नागरिक संहिता की जानकारी देकर उनके सुझाव प्राप्त करना है। विशेषतौर से महिलाओं व युवाओं को इसके बारे में बताते हुए विवाह, संरक्षण, तलाक, गोद लेना, सम्पत्ति का अधिकार, आदि पर सुझाव प्राप्त कर तैयार की जाने वाली रिपोर्ट में शामिल करना है।

उत्तराखंड : इतनी थी तीव्रता, यहां भूकंप के झटकों से फिर डोली धरती

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उत्तरकाशी: जिले में भूकंप के झटके लगातार आते रहते हैं। आज एक बार फिर भूकंप के झटकों से धरती डोली। इस भूकंप का केंद्र भटवाड़ी तहसील के नाल्ड गांव के जंगलों में था। इसके झटके उत्तरों, मनेरी, गणेशपुर हिन्ना क्षेत्रान्तर्गत भूकम्प झटके महसूस किये गये। बहुत हल्का होने के कारण इसके झटके तहसील डुण्डा, चिन्यालीसौड, बडकोट, पुरोला और में तहसूस नहीं किए गए।

भूकम्प की सूचना प्राप्त होने के बाद जिले के सीाी तहसीलदारों, पुलिस के माध्यम से सूचना मांगी गई। वहीं, भूकंप के केंद्र वाले गांव ग्राम नाल्ड, जनसपुर, हिन्ना, गणेशपुर, उत्तरों, गोरसाली, भटवाडी, मनेरी, सैंज में भी भूकंप से किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं हैं

14 साल के बच्चे की सर्जरी कर डॉक्टर ने दिया नया जीवन, किया लिंग…

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राजस्थान धन्वंतरि अस्पताल के डॉक्टर ने कमाल कर दिखाया है। बता दें कि इस अस्पताल के डॉक्टर ने एक 14 वर्षीय बच्चे को नया जीवन दिया है। वैसे तो अपने अब तक कई सर्जरी के बारे में सुना होगा। लेकिन आज जो हम आपको बताने जा रहे हैं, इसके बारे में आपने आज तक नहीं सुना होगा। बता दें कि अस्पताल में डॉक्टर ने जटिल सर्जरी कर बच्चे को वास्तविक जेंडर में जीने का अधिकार दिलाया है। सर्जरी से पहले ये बच्चा एक लड़की के रूप में रह रहा था। लेकिन अब डॉक्टर्स का कहना है कि ये बच्चा अब पूरी तरह से एक पुरुष हो गया है।

सर्जरी के बाद अब उसके सभी जननांग पुरूषों की तरफ काम कर रहे है। सूत्रों के मुताबिक ये बच्चा बीकानेर का रहने वाला है। डॉक्टर्स का कहना है कि इस बच्चे की कई सारी सर्जरी हो चुकी हैं, जिसके बाद इसको पूरी तरह से अपना जेंडर मिला है। करीब 12 साल पहले उम्र के हिसाब से बच्ची के जननांग विकसित न होने के कारण परिवार वाले उसको जेके लोन के वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. डीडी सिन्हा के पास लेकर आए थे। तब उसका जांच करवाई गई थी। जांच करने के बाद जो रिपोर्ट सामने आई उसको देख सब हैरान हो गए।

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रिपोर्ट्स के अनुसार बच्ची के आंतरिक जननांग पुरूष के थे। जबकि बाह्य जननांग अविकसित स्त्री जननांग के समान था। जिसको देखते हुए डॉक्टर ने उसकी सर्जरी करने का फैसला किया। इस तरह की समस्या को मेडिकल भाषा में हाइपो-जेनआईटेलिया कहा जाता है। बताया जा रहा है कि इस सर्जरी में 8 से 10 लाख रुपए का खर्च आया है और इस सर्जरी को मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना के तहत वहन किया गया है। जिसके चलते परिजनों का एक भी रुपया खर्च नहीं हुआ है।

गांधी जयंती के अवसर पर महाराष्ट्र सरकार की नई शुरुआत, अब ‘हेलो’ की जगह ‘वंदे मातरम’…

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गांधी जयंती के खास अवसर पर महाराष्ट्र सरकार की ओर से एक बड़ा फैसला किया गया है। महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी एक प्रस्ताव में कहा गया है कि अब महाराष्ट्र में कभी भी हेलो शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। जारी प्रस्ताव के अनुसार महाराष्ट्र सरकार अपने कार्यालयों में फोन पर ‘हेलो’ की बजाए ‘वंदे मातरम’ शुरू कर रही है। मिली जानकारी के अनुसार राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और सुधीर मुनगंटीवार वर्धा इस अभियान की शुरुआत करने जा रहे हैं। इस अभियान के शुरू होने से पहले ही इसका विरोध होना शुरू हो चुका है।

बता दें कि विपक्ष के कई बड़े नेता इस संकल्प का विरोध कर रहे हैं। हालांकि महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि “हेलो’ शब्द पश्चिमी संस्कृति की नकल है और बिना किसी विशिष्ट अर्थ के अभिवादन करने का तरीका है। यह शब्द कोई स्नेह पैदा नहीं करता है।” कांग्रेस नेता हुसैन दलवई, एआईएमआईएम प्रवक्ता वारिस पठान और सपा नेता अबू आसिम आजमी जैसे बड़े नेता महाराष्ट्र सरकार का विरोध कर रहे हैं। वारिस पठान का कहना है कि “ये क्या नया नाटक है, इससे रोजगार मिलेगा क्या? यह बीजेपी का जरूरी मुद्दों जैसे कि बेरोजगारी और महंगाई से ध्यान हटाने का तरीका है।”

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वहीं, सपा नेता अबू आसिम आजमी ने भी इसके खिलाफ कई बातें कहीं। अबू आसिम ने कहा कि “मैं सीएम से पूछना चाहता हूं कि आप हमेशा बाला साहेब की तरह ‘जै महाराष्ट्र’ बोला करते थे तो फिर बीजेपी और आरएसएस के दवाब में आकर इसे छोड़ने के लिए क्यों कह रहे हैं। ‘जै महाराष्ट्र’ बोलना देशद्रोह है क्या?” वह आगे कहते हैं कि “हम सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता हमारा बोलते हैं, जै हिंद बोलते हैं… क्या इससे कहीं भी देश के खिलाफ नफरत नजर आती है। अगर कोई सच्चा मुसलमान है तो वह खुदा के अलावा किसी के आगे सिर नहीं झुकाएगा और इसमें देशद्रोह नहीं है।”