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लंदन घूमने गए BJP नेता को नहीं मिला होटल में रूम, ये है वजह

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मुंबई : भारतीय जनता पार्टी के महाराष्ट्र राज्य कार्यालय सचिव मुकुंद कुलकर्णी ने आनलाइन होटल बुक करनेवाली वेबसाइट ‘बुकिंग डॉट कॉम’ के विरुद्ध मुंबई के वर्ली पुलिस थाने एवं मुंबई पुलिस के साइबर सेल में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि आनलाइन होटल बुकिंग के बावजूद लंदन में उन्हें कमरा देने से मना कर दिया गया।

कुलकर्णी अपने परिवार के साथ निजी यात्रा पर लंदन गए थे। उन्होंने बुकिंग डॉट कॉम वेबसाइट के माध्यम से 10 मई, 2022 से 15 मई, 2022 तक लंदन के सिटी एल्डगेट अपार्टमेंट में बुकिंग करवाई थी और लगभग 85,000 रुपए अग्रिम का भुगतान भी किया था। जब वह और उनका परिवार 10 मई को लंदन पहुंचे तो अपार्टमेंट के कर्मचारियों ने उनके दो बच्चों को यह कहते हुए वहां रहने से रोक दिया कि 25 साल से कम उम्र का व्यक्ति वहां नहीं रह सकता।

कुलकर्णी की ओर से दिए गए नोटिस के मुताबिक बुकिंग के समय उन्हें उम्र से संबंधित कोई जानकारी नहीं दी गई थी। यहां तक कि उन्हें और उनकी पत्नी को, जोकि 25 वर्ष से अधिक हैं, उनको भी वहां रहने नहीं दिया गया। इसलिए पूरे परिवार को अग्रिम बुकिंग के बावजूद रात के लिए वैकल्पिक आवास की तलाश करनी पड़ी।

उन्होंने बताया कमरा नहीं मिलने के कारण उनको और उनके परिवार को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वेबसाइट की ओर से धोखाधड़ी मिलने के बाद उन्होंने बुकिंग डॉट कॉम’ के विरुद्ध मुंबई के वर्ली पुलिस थाने एवं मुंबई पुलिस के साइबर सेल में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

चीन के राष्ट्रपति का बड़ा बयान, CPC मीटिंग में कहीं ये बातें, हॉन्गकॉन्ग पर…

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राजनीति एक ऐसा खेल है, जिसको खेलने के लिए अब तक हजारों लोग उतार चुके हैं। लेकिन हर कोई इसमें सफल नहीं हुआ है। यहां लोग पल भर में ऊंचा मुकाम हासिल कर लेते हैं और पलभर में ही लोग आसमान से जमीन पर आ जाते हैं। फिलहाल इन दिनों चर्चा हो रही है, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की सफलता की। वह लगातार बड़े मुकाम हासिल करते जा रहे हैं। रविवार के दिन उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी की पांच साल में होने वाली पार्टी कांग्रेस की शुरुआत की। इस दौरान बीजिंग के ग्रेट हाल ऑफ द पीपल में एक बैठक भी की गईं।

इस बैठक में डेलिगेट्स में सामने उन्होंने एक स्पीच भी दी। जिसमें उन्होंने कई सारी बातें कहीं। उन्होंने कहा कि “हमने हॉन्गकॉन्ग पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया है।” इसके फौरन बाद ही वह कहते हैं कि “ताइवान को लेकर हम दृढ संकल्पित हैं।” अपनी इस स्पीच से उन्होंने चीन के लोगों का दिल जीत लिया है। वह आगे कहते हैं कि “हम एक नए प्रकार के अंतर्राष्ट्रीय संबंध के निर्माण को बढ़ावा दे रहे हैं, जो वैश्विक शासन प्रणाली में सुधार और निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएगा। आने वाले दिनों में चीनी मार्क्सवाद का एक नया क्षेत्र खोलना है।

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बता दें कि मौजूदा समय में वह चीन के सबसे शक्तिशाली नेता है। वह अपने बयान को आगे बढ़ाते हुए कहते हैं कि “चीन ने ताइवान के अलगाववाद के खिलाफ एक बड़ा संघर्ष किया है और क्षेत्रीय अखंडता का विरोध करने के लिए हम दृढ़ और सक्षम हैं। हॉन्‍कॉन्‍ग की स्थिति ने अराजकता से शासन का परिवर्तन हासिल कर लिया है।” बता दें कि जल्दी ही पार्टी के महासचिव के रूप में शी चिनफिंग के नाम पर मुहर लगाई जाएगी।

भारत को चैंपियन बनाते हुए हरमनप्रीत कौर ने हासिल किया ये मुकाम, बनी पहली ऐसी खिलाड़ी जिसने…

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खेलों की दुनिया में भारत तेज़ी से आगे बढ़ता जा रहा है। पहले केवल कुछ ही खेल ऐसे थे जिसमें भारत के खिलाड़ियों का अच्छा प्रदर्शन देखने को मिलता था। लेकिन आज भारत के खिलाड़ी कमाल कर रहे हैं। फिलहाल हम सभी खेलों को छोड़ बात करते हैं, क्रिकेट की। क्रिकेट के दुनिया में भारत ने काफी ऊंचाई छू ली है। लेकिन अभी तक जो चर्चा होती थी, वो भारतीय पुरुष क्रिकेट की होती थी। लेकिन अब महिलाएं भी अपनी गेंद और बल्ले से कमाल दिखाने लगी हैं। बता दें कि महिलाएं भी अब रिकॉर्ड दर्ज कर रही हैं।

बताते चले कि हाल ही में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी एक नया मुकाम हासिल किया है। उन्होंने एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जिसको बनाने में दूसरे खिलाड़ियों की सारी जिंदगी लग जाएगी। न्यूजीलैंड की ऑलराउंडर सूजी बेट्स को पछाड़कर उन्होंने ये उपलब्धि हासिल की है। बता दें कि 33 वर्षीय हरमनप्रीत कौर के नाम टी20 फॉर्मेट में सबसे अधिक मैच खेलने का खिताब हुआ है। वह दुनिया की सबसे अधिक टी 20 मैच खेलने वाली महिला बन गई हैं। गोरतलब हैं कि हरमनप्रीत ने शनिवार को बांग्लादेश के सिलहट अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ एशिया कप के फाइनल में अपना 137 वां मैच खेला।

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बताते चले की इससे पहले उन्होंने सेमीफाइनल में थाईलैंड के खिलाफ अपना 136वां मुकाबला खेला था। इस मैच में उन्होंने बेट्स के रिकॉर्ड की बराबरी की थी। लेकिन अगले ही मैच में उन्होंने उसको भी पीछे छोड़ दिया। तीसरे नंबर पर इंग्लैंड की खिलाड़ी डेनियल वेट(135 मैच), जबकि चौथे नंबर पर एलिसा हैली (132 मैच) जबकि 5वें नंबर पर वेस्टइंडीज की डिएंड्रा डॉटिन हैं। उन्होंने 127 T20I मैच खेले हैं।

राजस्व और रेगुलर पुलिस की बहस के बीच बड़ा सवाल, ये कैसी कानून व्यवस्था?

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देहरादून: उत्तराखंड में अंकिता हत्याकांड के बाद राजस्व पुलिस और रेगुलर पुलिस की बहस छिड़ गई है। सरकार ने हालिया कैबिनेट में कुछ क्षेत्रों को राजस्व से रेगुलर पुलिस में शामिल करने के फैसले पर मुहर लगा दी है। लेकिन, अब सोशल मीडिया पर पुलिस और राजस्व पुलिस के लंबित मामलों को लेकर नई बहस छिड़ी हुई है।

 

हाल के दिनों में अंकिता हत्याकांड के बाद जिस तरह से कुछ पुराने मामले सामने आए हैं। उससे एक बात तो साफ है कि रेगुलर पुलिस ने कई बड़े मामलों को ना केवल ठंडे बस्ते में डाल दिया। बल्कि, हत्या के मामले को बदलकर आत्महत्या करार देकर FR लगा दी, जिसे कोर्ट ने मानने से इंकार कर दिया।

 

कनून व्यवस्था ध्वस्त पटरी से उतरी नजर आ रही है। अंकिता भंडारी केस के कारण पुलिस का छिपाया हुआ केदार भंडारी हत्याकांड सामने आया साथ साथ ही ममता बहुगुणा की गुमशुदगी को आत्महत्या दिखाना सामने आया जिसमें स्थानीय विधायक के दबाव की बात सामने आई ।

 

इस केस में पुलिस की फाइनल रिपोर्ट को अदालत ने मानने से इंकार कर दिया। अब रुद्रप्रयाग से मनोज पंवार के महीने भर से ऊपर गायब होने की सूचना के साथ पिंकी को इंसाफ दिलवाने की आवाज जनता उठा रही है। अल्मोड़ा के दलित नेता यह हत्या का मामला भी पूरे देश में छाया रहा। इस मामले में भी पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े हुए।

 

इसी बीच मोदी के मंत्री सौरभ बहुगुणा की हत्या की साजिश का पर्दाफाश हुआ जिसने बताया कि अपराधियों को पुलिस का कोई खौफ नहीं है।

 

ठाकुरद्वारा में यूपी पुलिस ने इनकाउंटर के नाम पर ज्येष्ठ उप प्रमुख की घरवाली के सीने में गोली मार दी। घायल पुलिस वाले काशीपुर अस्पताल से भाग गए। यूपी पुलिस ने ज्येष्ठ उप प्रमुख के नाम यूपी में FIR दर्ज कर दी।

 

DIG कुमाऊं ने बयान दिया कि बिना सूचित किए यूपी पुलिस उत्तराखण्ड नहीं आ सकती तो आईजी लॉ एंड ऑर्डर ने बोला कि आ सकती है। रुद्रपुर में ही एक और व्यवसाई की पंजाब से आए भाड़े के हत्यारों ने हत्या कर दी।

 

रही सही कसर वित मंत्री के भाई के घर हुई चोरी ने पूरी कर दी। ऐसे में पटवारी क्षेत्र में अपराधों के पटवारियों के लंबित रखे गए अपराधों पर समीक्षा कर रहे हैं। जबकि, सवाल पुलिस पर ज्यादा उठ रहे हैं।

भ्रष्टाचार की पुष्टि के बावजूद मंत्री पद पर बने रहना बताता है की मोदी सरकार के एजेंडे में कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार किस के पैरों के तले कुचला जा रहा है।

उत्तराखंड : विधानसभा बैकडोर भर्ती मामले में बर्खास्त कर्मचारियों को बड़ी राहत, सरकार को झटका

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नैनीताल : विधानसभा भर्ती घोटोले मामले में पहले से ही तय माना जा रहा था कि निकाले गए कर्मचारियों को हाईकोर्ट से राहत मिल सकती है। पहली सुनवाई के साथ इस मामले में संकेत मिल गए थे कि सरकार के पास हटाने का कोई आधार नहीं है। इस मामले में एक बड़ा सवाल यह भी है कि बैकडोरी भर्ती करने वाले पूर्व विधानसभा अध्यक्षों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया। हाईकोट में सुनवाई के बाद बर्खास्त कर्मचारियों को बड़ी रावत मिली है।

नैनीताल हाईकोर्ट ने विधानसभा सचिवालय के सौ से अधिक कर्मचारियों की बर्खास्तगी के आदेश पर रोक लगा दी है। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने पूर्व प्रमुख सचिव डीके कोटिया की अध्यक्षता में बनाई समिति की सिफारिशों के आधार पर इन कर्मचारियों की बर्खास्तगी का निर्णय लिया था। यह सब तदर्थ कर्मचारी हैं।

बीते दिवस न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने इन कर्मचारियों को सुनवाई का मौका नहीं देने पर नाराजगी जताई थी और विधानसभा से इस बिंदु पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा था।बर्खास्तगी आदेश के विरुद्ध 55 से अधिक कर्मचारियों की याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता में पर बबिता भंडारी, भूपेंद्र सिंह बिष्ठ व कुलदीप सिंह व 53 अन्य मुख्य थे।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि विधानसभा अध्यक्ष ने लोकहित को देखते हुए उनकी सेवाएं समाप्त कर दी, मगर बर्खास्तगी आदेश में उन्हें किस आधार पर किस कारण की वजह से हटाया गया, कहीं इसका उल्लेख नहीं किया गया न ही उन्हें सुना गया। जबकि उनके सचिवालय में नियमित कर्मचारियों की भांति कार्य किया है। एक साथ इतने कर्मचारियों को बर्खास्त करना लोकहित नही है। यह आदेश विधि विरुद्ध है। विधान सभा सचिवालय में 396 पदों पर बैकडोर नियुक्तियां 2002 से 2015 के बीच भी हुई है, जिनको नियमित किया जा चुका है।

याचिका में कहा गया है कि 2014 तक हुई तदर्थ रूप से नियुक्त कर्मचारियों को चार वर्ष से कम की सेवा में नियमित नियुक्ति दे दी गई । किन्तु उन्हें 6 वर्ष के बाद भी स्थायी नहीं किया, अब उन्हें हटा दिया गया। पूर्व में भी उनकी नियुक्ति को जनहित याचिका दायर कर चुनौती दी गयी थी, जिसमे कोर्ट ने उनके हित में आदेश दिया था जबकि नियमानुसार छह माह की नियमित सेवा करने के बाद उन्हें नियमित किया जाना था।

उत्तराखंड : 200 साल बाद आया ऐसा मौका, एक साथ आए 3 शंकराचार्य

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ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शनिवार को बदरीनाथ पहुंचे। उनके साथ श्रृंगेरी शारदा पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य महास्वामी विधुशेखर भारती महाराज और पश्चिमाम्नाय द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य सदानंद सरस्वती भी मौजूद रहे। वहीं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अभिनंदन समारोह में दो सौ वर्ष बाद तीन पीठ के शंकराचार्य जोशीमठ में एक साथ आ रहे हैं।

यहां स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का गद्दी अभिषेक भी किया जाएगा। इसके बाद हरिद्वार पहुंचने पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज का नगर भ्रमण के दौरान संत समाज अभिनंदन और स्वागत करेगा। शंकराचार्य बनने के बाद 15 अक्टूबर यानी आज शनिवार को पहली बार उत्तराखंड की धरती पर आगमन और रात्रि विश्राम कार्यक्रम है। 16 अक्टूबर को वह बदरीनाथ से केदारनाथ का दर्शन करेंगे और 17 अक्टूबर को भव्य अभिनंदन समारोह होगा।

17 अक्टूबर को पूर्वाह्न साढ़े दस बजे से दोपर डेढ़ बजे तक जेपी मैदान, रविग्राम, ज्योतिर्मठ, चमोली में आयोजित अभिनंदन समारोह में ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के आमंत्रण को स्वीकार कर श्रृंगेरी शारदा पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य महास्वामी विधुशेखर भारती महाराज और पश्चिमाम्नाय द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य सदानंद सरस्वती भी मौजूद रहेंगे।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज वेद एवं पुराणों के प्रखंड विद्वान हैं और जगतगुरु शंकराचार्य के सानिध्य का लाभ उन्हें हमेशा प्राप्त हुआ है। ज्योतिष पीठ एवं शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के निधन के दूसरे दिन नए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को घोषित किया गया था।

अविमुक्तेश्वरानंद बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के छात्रनेता भी रहे हैं और उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के मूल निवासी हैं।स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद धर्म रक्षार्थ सदा आवाज उठाने के लिए जाने जाते हैं। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद के प्रतिनिधि शिष्य ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए आंदोलन तो कई किए लेकिन इन दोनों ने उन्हें राष्ट्रीय ही नहीं वैश्विक ख्याति दी।

कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के भाई के घर में दिन-दहाड़े लूट

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देहरादून: उत्तराखंड में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। लूट और डकैती जैसी घटनाएं भी सामने आ रही है। एक बड़ी डकैती राजधानी देहरादून से लगे डोईवाला में हुई है। बदमाशों ने कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के चचेरे भाई के घर में महिलाओं को बंधक बनाकर करीब एक घंटे तक घर को खंगाला।

शीशपाल अग्रवाल पुत्र स्व पूर्ण चंद के घर पर दिन दहाड़े लूटपाट हो गई। उनका प्रॉपर्टी डीलिंग का व्यवसाय है। एक घंटे तक लुटेरे घर में लूटपाट करते रहे और किसी को घटना की भनक तक नहीं लगी। इस दौरान आरोपित घर पर रखे सारे गहने और नगदी लेकर फरार हो गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की पड़ताल में जुट गई है। साक्ष्‍यों की तलाश की जा रही है।

डोईवाला चौक में इनकी जनरल स्टोर की दुकान भी है। लूटपाट में छह लोग शामिल थे। लगभग 1 करोड़ की डकैती होने का अनुमान लगाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक डकैतों ने शनिवार सुबह करीब 11 बजे घर में पहुंचने के बाद स्वयं को उनका रिश्तेदार बताते हुए 10 मिनट रुकने की बात कही और घर के अंदर चले गए। घर में शीशपाल अग्रवाल की पत्नी ममता के अलावा दो नौकरानी उपस्थित थीं।

डकैतों ने तमंचा और चाकू दिखाकर महिला को बंधक बना दिया और पूरे घर को खंगाल डाला। घर के अंदर से उन्होंने बड़ी मात्रा में नकदी और ज्वेलरी लूटी और वहां से चलते बने। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि बदमाशों को शीशपाल अग्रवाल के घर की सभी मूवमेंट की पूर्व से जानकारी थी।

उनको शीशपाल अग्रवाल के दोपहर में किस समय वह घर पर खाना खाने आते हैं और घर पर कौन-कौन मौजूद रहता है यह भी पता था।बदमाशों ने घर के अंदर लगभग एक घंटे तक अलमारी, लॉकर, डबल बेड के बॉक्स इत्यादि तमाम जगहों से नगदी और ज्वेलरी अपने कब्जे में ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर अपनी जांच पड़ताल भी शुरू कर दी है।

फिर टारगेट किलिंग, शोपियां में आतंकियों ने कश्मीरी पंडित को मार डाला

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जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने एक बार टारगेट किलिंग को अंजाम देना शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार, शोपियां जिले में आतंकवादियों ने एक नागरिक की गोली मारकर हत्या कर दी। मरने वाला युवक कश्मीरी पंडित बताया जा रहा है। उधर, सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आतंकियों की संख्या दो से तीन हो सकती है। जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, घाटी में आतंकियों ने एक बार फिर कश्मीरी पंडित को निशाना बनाया है। इस बार निशाना शोपियां में बनाया गया है। मरने वाले की पहचान पूरन कृष्ण भट के रूप में हुई है।

कश्मीर जोन पुलिस ने ट्वीट कर जानकारी दी, “आतंकवादियों ने एक नागरिक पूरन कृष्ण भट पर उस समय गोली चलाई जब वह चौधरी गुंड शोपियां में बाग लगाने जा रहे थे। उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई। इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। तलाश जारी है।” कश्मीर जोन पुलिस ने ट्वीट किया।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आतंकवादियों ने पूरन कृष्ण को उनके आवास के पास पीछे से गोली मारी थी। पड़ोसियों का कहना है कि पूरन परिवार में इकलौता कमाने वाला था। वह अपने पीछे दो बच्चों और पत्नी को अकेला छोड़ गया है। उधर, परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है।

सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर हत्यारों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। सूत्रों ने कहा है कि वारदात में दो से तीन आतंकियों के होने का अंदेशा है। जम्मू-कश्मीर में टारगेट किलिंग की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साल खासकर मई महीने से बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। 12 मई को बड़गाम जिले में आतंकियों ने राजस्व दफ्तर में घुसकर कश्मीर पंडित राहुल भट की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद आतंकी लगातार कश्मीरी पंडितों को निशाना बना रहे हैं।

किसको मिलेगी कांग्रेस की कुर्सी, इस दिन होगा तय

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कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव में दो दिनों का ही वक्त बाकी है। मैदान में मौजूद केरल के तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर और वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे फिलहाल समर्थन जुटा रहे हैं। पार्टी की तरफ से जारी कार्यक्रम के अनुसार, 17 अक्टूबर को मतदान होगा और 19 अक्टूबर को मतगणना हो जाएगी।

इसके साथ ही दो दशक से ज्यादा समय के बाद पार्टी को गैर-गांधी अध्यक्ष मिल जाएगा। अब समझते हैं कि आखिर इन नेताओं राज में पार्टी की तस्वीर कैसी नजर आएगी। थरूर ने कहा है कि वह और खड़गे सहकर्मी और कोई भी जीते, लेकिन जीत पार्टी की होगी। इधर, खड़गे भी थरूर को अपना छोटा भाई बता रहे हैं और कह रहे हैं कि आपस में कोई मतभेद नहीं है।

थरूर ने अपनी प्राथमिकताओं को लेकर घोषणापत्र जारी कर दिया है। जबकि, खड़गे एक सुर में उदयपुर घोषणापत्र लागू करने की बात पर जोर दे रहे हैं।

क्या कह रहे हैं खड़गे
वरिष्ठ नेता की तरफ से खास मेनिफेस्टो जारी नहीं किया है। वह कह रहे हैं कि एकमात्र एजेंडा उदयपुर डेक्लेरेशन को लागू करना है। कांग्रेस ने मई 2022 में राजस्थान के उदयपुर में चिंतन शिविर आयोजित किया था। दिग्गजों की तीन दिनों की चर्चाओं के दौरान पार्टी को लेकर रणनीति तैयार की गई थी। हालांकि, खड़गे ने वादा किया है कि वह चुनाव जीतने परे 50 साल से कम उम्र वालों को पार्टी के 50 फीसदी पद देंगे।

साथ ही वरिष्ठ नेता का यह भी कहना है कि वह सभी को साथ लेकर चलने में भरोसा रखते हैं। 80 वर्षीय नेता ने कहा कि वह किसानों, कर्मियों, एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यकों और छोटे कारोबारियों से जुड़े मुद्दों को सुलझाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पीएसयू विनिवेष, बढ़ती बेरोजगारी, रुपये की गिरती कीमत, बढ़ती दरों और जरूरी सामान पर जीएसटी के खिलाफ भी लड़ेंगे।

 

क्या चाहते हैं थरूर

थरूर पार्टी कार्यकर्ताओं की उम्मीदों के हिसाब से पार्टी में बदलाव का वादा कर रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया है कि कांग्रेस को खासतौर से नेतृत्व स्तर पर नए चेहरों और युवाओं को शामिल कर दोबारा तैयार होने की जरूरत है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों को असल अधिकार देने होंगे और जमीन से जुड़े लोगों को सशक्त करना होगा।

मेनिफेस्टो में उन्होंने का कि कांग्रेस को फुल-टाइम प्रेसिडेंट की जरूरत है, जिसके पास सभी लोग पहुंच सके हैं। साथ ही उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों से 5 उपाध्यक्षों का सुझाव दिया है। खड़गे की ही तरह उदयपुर घोषणापत्र लागू करने का वादा किया है।

 

 

NATO को रूसी राष्ट्रपति पुतिन की चेतावनी, अगर उठाया ये कदम तो होगी वैश्विक तबाही…

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रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को लेकर लगातार खबरें सामने आ रही हैं। पिछले कुछ दिनों से कई सारे देश रूस के फैसलों को गलत बता रहे हैं और रूस के खिलाफ खड़े होने की बात कर रहे हैं। जिसको देखते हुए अब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी बयान जारी किया है। उन्होंने कहा है कि अगर नाटो के सैनिक उनकी सेना खिलाफ आते हैं तो इसका अंजाम काफी बुरा होगा। शुक्रवार को एक बयान जारी करते हुए उन्होंने कहा कि “रूसी सेना के साथ नाटो सैनिकों की टक्कर वैश्विक तबाही होगी।”

वह आगे कहते हैं कि “रूसी सेना के साथ सीधे संपर्क या सैनिकों के साथ नाटो का सीधा टकराव एक बहुत ही खतरनाक कदम होगा, जो वैश्विक तबाही का कारण बन सकता है, मुझे उम्मीद है कि जो लोग यह कहते हैं, काफी समझदार है कि ऐसा कदम न उठाएंगे।” बता दें कि पिछले कुछ समय पहले ही रूस ने यूक्रेन के चार क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया है। जिसके बाद रूस ने उन छेत्रों पर सुरक्षा के लिए परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने की बात कही है। जिसके खिलाफ में दुनियां के देश आ गए हैं।

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आपको बता दें कि रूस के इस फैसले की संयुक्त राष्ट्र ने भी निंदा की है। गोरतलब हैं कि इस बीच G7 राष्ट्रों ने भी रूस के इस फैसले के खिलाफ बयान दिया था। G7 राष्ट्रों के नेताओं ने कहा था कि “हम जानबूझकर रूसी एस्केलेटर कदमों की निंदा करते हैं, जिसमें जलाशयों की आंशिक लामबंदी और गैर-जिम्मेदार परमाणु बयानबाजी शामिल है, जो वैश्विक शांति और सुरक्षा को प्रभावित कर रही है। रूस द्वारा रासायनिक, जैविक या परमाणु हथियारों के किसी भी उपयोग के गंभीर परिणाम होंगे”