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आज होने जा रहा है खड़गे और थरूर के बीच मुकाबला, 137 साल के इतिहास में…

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राहुल गांधी के बाद अब कांग्रेस अपना नया अध्यक्ष चुनने को तैयार है। पिछले कुछ समय से लगातार अध्यक्ष पद को लेकर चुनाव के लिए चर्चा हो रही थी। लेकिन अब इसको अंजाम दिया जा रहा है। इस बार गांधी परिवार की ओर से बड़ा फैसला लिया जा रहा है। आपको बता दें कि इस बार अध्यक्ष पद की रेस में गांधी परिवार का कोई भी सदस्य भाग नहीं ले रहा है। इस बार केवल दो प्रताशियों के नाम सामने आए हैं। इनमें पहले नाम वरिष्ठ नेताओं मल्लिकार्जुन खड़गे का है और दूसरा नाम शशि थरूर का है।

दोनों ही नेता अपनी अलग पहचान रखते हैं। लेकिन माना जा रहा है कि मल्लिकार्जुन खड़गे की पकड़ थरूर से ज्यादा है। हालांकि एक वजह ये भी है कि वह गांधी परिवार के करीबी हैं, जिसके कारण उनको कई बड़े नेताओं का समर्थन मिल रहा है। वहीं, थरूर को केवल युवा नेताओं का समर्थन मिल रहा है। थरूर का कहना है कि वह बदलाव के लिए आएंगे। आपको बता दें कि ये चुनाव आज ही होने वाला है। प्रदेश कांग्रेस समितियों के करीब 9,000 प्रतिनिधि गुप्त मतदान करेंगे और पार्टी के नए अध्यक्ष को चुनेंगे।

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गोरतलब हैं कि कांग्रेस के 137 साल के इतिहास में छठी बार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हो रहा है और इस चुनाव में गांधी परिवार का कोई भी सदस्य हिस्सा नहीं ले रहा। हालांकि गांधी परिवार के सदस्य इस चुनाव में मतदान जरूर करने वाले हैं। बता दें कि पिछले 24 सालों में ऐसा पहली बार होने जा रहा है कि कांग्रेस का अध्यक्ष का चुनाव गांधी परिवार के सदस्यों के बिना हो रहा है। अब देखने होगा की कौन इस चुनाव में बाजी मारता है?

खतरे में पड़ी लिज ट्रस की कुर्सी? क्या हो सकती है ऋषि सुनक की वापसी.?

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एक बार फ़िर राजनीति में बड़ा बदलाव होने की उम्मीद है। लेकिन इस बार ब्रिटेन की राजनीति में बदलाव होने जा रहा है। हाल ही में ही ब्रिटेन में प्रधानमंत्री का चुनाव हुआ था, जिसमें लिज ट्रस को देश का प्रधानमंत्री चुना गया था। लिज ट्रस को प्रधानमंत्री का पद संभाले एक महीना भी नहीं हुआ और अब उनकी कुर्सी को खतरा बताया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार ब्रिटिश सांसद इस सप्ताह ही प्रधान मंत्री लिज़ ट्रस को हटाने की कोशिश करेंगे।

बताया जा रहा है कि लिज ट्रस ने अपने करीबी दोस्त और भरोसेमंद सहयोगी, वित्तमंत्री क्वासी क्वार्टेंग को बर्खास्त कर दिया है, जो चांसलर के रूप में अपनी आर्थिक नीतियों को लागू कर रहे थे। इस कारण ही अब सांसद लगातार उनको पद से हटाने की बात कर रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार गवर्निंग कंजरवेटिव पार्टी के 100 से अधिक संसद सदस्य अविश्वास पत्र कंजरवेटिव पार्टी की समिति के प्रमुख ग्राहम ब्रैडी को सौंपने के लिए तैयार हैं। बताया जा रहा है कि लिज़ ट्रस जगह भारतीय मूल के पूर्व चांसलर ऋषि सुनक को देश का प्रधानमंत्री बनाया जा सकता है।

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बता दें कि सुनक को मात देकर ही लिज़ ट्रस ने चुनाव जीता था और देश की प्रधानमंत्री बनी थीं। लेकिन अब फिर ऋषि सुनक ही देश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में देखा जा रहा है। ब्रिटेन में मचे उथल-पुथल और ताजा सियासी घटनाक्रमों के बाद सट्टा का बाजार भी गरमा गया है। चर्चाएं तेज हो गई हैं कि यूके में फिर से भारतीय मूल के 42 वर्षीय ऋषि सुनक की सरकार में वापसी होने वाली है।

कांग्रेस अध्यक्ष के लिए वोटिंग शुरू, 22 साल बाद हो रहा चुनाव

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नई दिल्ली :कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव शुरू हो गया है। देशभर में 9 हजार से अधिक प्रतिनिधि नए अध्यक्ष को चुनने के लिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। वोटिंग का समय शाम 4 बजे तक है। करीब 22 साल बाद कांग्रेस में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होगा। गांधी परिवार के करीबी मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बीच मुकाबला है। मतों की गिनती बुधवार को होगी। मतों की गिनती के बाद लगभग 24 साल बाद कांग्रेस का अध्यक्ष गैर गांधी परिवार से होगा। सोनिया और प्रियंका गांधी दिल्ली में वोट डालेंगे जबकि राहुल गांधी कर्नाटक में वोट करेंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार शशि थरूर ने केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के पझावंगडी गणपति मंदिर में पूजा की। उनका मुकाबला वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने अध्यक्ष के लिए चुनाव कराने वाली एकमात्र राजनीतिक पार्टी है। यह एक ऐतिहासिक दिन है। राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान बेल्लारी में वोट डालेंगे। पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के सुबह करीब 11 बजे वोट डालने की उम्मीद है।

कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह हमारे आंतरिक चुनाव का हिस्सा है। हमने एक-दूसरे से जो कुछ भी कहा वह दोस्ताना अंदाज में कहा। हमें मिलकर पार्टी को मजबूत बनाना है। शशि थरूर ने मुझे फोन किया और शुभकामनाएं दीं और मैंने भी उन्हें यही कहा। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा पर हैं। राहुल गांधी के साथ कई और प्रतिनिधि भी हैं। यात्रा के चलते कर्नाटक के बेल्लारी स्थित संगनाकल्लु में मतदान केंद्र बनाया गया है। राहुल गांधी के अलावा 40 प्रतिनिधि इसी मतदान केंद्र पर वोट डालेंगे।

‘दो तलवार और ढाल’ चुनाव चिह्न एकनाथ शिंदे के बना लिए मुश्किल, इन्होंने उठाये सवाल

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महाराष्ट्र: दो गुटों में बंटी शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट को चुनाव निशान मशाल मिल चुका है। शिंदे गुट को भी ढाल और तलवार चुनाव निशान मिला है, लेकिन अब वो विवादों में घिर गया है। एकनाथ शिंदे कैंप को आवंटित हुए चुनाव चिह्न पर विवाद जारी है। इस बार सिख समुदाय के नेताओं ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे वाली पार्टी के चुनाव चिह्न पर आपत्ति जताई है।

शिंदे की पार्टी का चुनाव चिह्व दो तलवार और ढाल है। इस पर समुदाय के लोगों का कहना है कि यह खालसा पंथ का धार्मिक प्रतीक है। दूसरी ओर इससे पहले समता पार्टी उद्धव ठाकरे की पार्टी के चुनाव चिह्न मशाल पर सवाल उठा चुकी है।

गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड नांदेड़ के पूर्व सचिव रंजीतसिंह कामथेकर और एक स्थानीय कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग (EC) को पत्र लिखकर एकनाथ शिंदे की पार्टी के लिए चुनाव चिह्न की अनुमति नहीं देने के लिए कहा है। उनका तर्क है कि इस चिह्व का धार्मिक अर्थ है। अगर चुनाव आयोग द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया गया, तो वे ऐक्शन की मांग के लिए अदालत जा सकते हैं।

उन्होंने कहा, ष्हमारे धार्मिक गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ के धार्मिक प्रतीक के रूप में तलवार और ढाल को स्थापित किया था।ष् कामथेकर ने कहा कि इन दोनों गुटों के चुनाव चिह्न के रूप में इससे पहले त्रिशूल और गदा को चुनाव आयोग ने यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि इन चिह्नों का धार्मिक अर्थ है।

कामथेकर ने आगे कहा, मैं चुनाव आयोग के ध्यान में लाना चाहता हूं कि शिंदे गुट को आवंटित चुनाव चिह्न का भी धार्मिक प्रभाव है। मुझे उम्मीद है कि चुनाव आयोग इस पर ध्यान देगा।

उन्होंने कहा कि वह सोमवार को समुदाय के अन्य सदस्यों से मिलने के बाद चुनाव आयोग को एक औपचारिक पत्र भेजेंगे। उन्होंने चुनाव आयोग, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य राजनेताओं को संदेश ट्वीट किया है।

क्या मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार करेगी CBI, दिल्ली में निकला रोड-शो

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नई दिल्ली : आज दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की CBI के सामने पेशी है। उनको पूछ-ताछ के लिए बुलाया गया है। अब देखना होगा कि क्या CBI सिसोदिया को आज गिरफ्तार करती है या नहीं? मना जा रहा है कि सिसोदिया को आज गिरफ्तार किया जा सकता है। इसी आशंका चलते ही उन्होंने शक्ति प्रदर्शन किया।

दिल्ली के शराब घोटाले में पूछताछ के लिए सीबीआई हेडक्वार्टर बुलाए गए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शक्ति प्रदर्शन किया। घर से मां का आशीर्वाद लेकर निकले सिसोदिया रोड शो करते हुए सीबीआई हेडक्वार्टर की ओर निकले। बसंती चोला ओढ़े सिसोदिया क्रांति के गीतों के बीच हाथ में तिरंगा लेकर हजारों कार्यकर्ताओं के साथ निकले। गिरफ्तारी की आशंका के बीच आम आदमी पार्टी ने इससे सियासी संदेश देने की भरपूर कोशिश की है।

घर से निकलते समय सिसोदिया को पत्नी ने तिलक लगाया तो मां ने ‘बसंती चोला’ देकर उन्हें आशीर्वाद दिया। बर्फी खाकर उन्होंने अपना मुंह भी मीठा किया। घर से निकलते ही सिसोदिया मीडियाकर्मियों के सामने भाजपा पर बरसे। उन्होंने दावा किया कि गुजरात में भाजपा की सरकार हार रही है और आम आदमी पार्टी जीतने जा रही है। सिसोदिया ने यह भी कहा कि गुजरात चुनाव की वजह से ही उन्हें जेल भेजने की कोशिश की जा रही है।

अमेरिका के अखबार में मोदी सरकार के खिलाफ विज्ञापन, निर्मला सीतारण ‘वांटेड’

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अमेरिका के एक प्रमुख समाचार पत्र वॉल स्ट्रीट जर्नल में छपा एक विज्ञापन इन दिनों विवादों में है। इस विज्ञापन में भारत के वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित 10 वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को विदेशी निवेशकों का विरोधी करार देते हुए इन्हें वांटेड बताया गया है। इस विज्ञापन से भारत में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आपको बता दें कि विज्ञापन ऐसे समय में प्रकाशित किया गया है जब निर्मला सीतारमण जी20 के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठकों में भाग लेने के लिए अमेरिका में हैं।

13 अक्टूबर को प्रकाशित इस विज्ञापन में निर्मला सीतारमण के अलावा एंट्रिक्स कॉर्प के चेयरमैन राकेश शशिभूषण, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, सुप्रीम कोर्ट के जज हेमंत गुप्ता, वी रामसुब्रमण्यम, स्पेशल पीसी (भ्रष्टाचार निवारण) एक्ट जज चंद्रशेखर, सीबीआई डीएसपी आशीष पारीक, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक संजय कुमार मिश्रा और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एन वेंकटरमन का नाम है। इस विज्ञापन में ईडी के सहायक निदेशक आर राजेश और उप निदेशक ए सादिक मोहम्मद का भी नाम शामिल है।

विज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि इन्होंने सरकारी संस्थानों का गलत इस्तेमाल कर भारत को निवेशकों के लिए असुरक्षित कर दिया है। विज्ञापन के सबसे नीचे एक क्यूआर कोड भी है, जिसे स्कैन करने पर अमेरिकी थिंक टैंक फ्रंटियर्स ऑफ फ्रीडम की वेबसाइट खुलती है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की वरिष्ठ सलाहकार कंचन गुप्ता ने दावा किया कि इस अभियान को देवास मल्टीमीडिया के पूर्व सीईओ रामचंद्रन विश्वनाथन चला रहे हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ”धोखेबाजों द्वारा अमेरिकी मीडिया को हथियार बनाना शर्मनाक है। यह चौंकाने वाला घिनौना विज्ञापन भारत और उसकी सरकार को टारगेट करने के लिए छापा गया है। क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे कौन है? यह अभियान भगोड़े रामचंद्र विश्वनाथन द्वारा चलाया जा रहा है, जो देवास के सीईओ थे।

उत्तराखंड: जोशीमठ पहुंचे तीनों शंकराचार्य, भक्तों ने किया भव्य स्वागत

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जोशीमठ : ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, श्रृंगेरी शारदा पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य महास्वामी विधुशेखर भारती महाराज और पश्चिमाम्नाय द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य सदानंद सरस्वती ज्योतिर्मठ पहुंचे।

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जोशीमठ पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने तीनों ही शंकराचार्य का भव्य स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने शहर में आकर अभिनंदन किया। परिसर में पहुंचने के बाद लोगों ने तीनों की शंकराचार्य के जयकारे लगाए।

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तीनों शंकराचार्य हेलीकाप्टर से केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham) के दर्शन के लिए जाएंगे। इसके बाद वापस बदरीनाथ आकर सड़क मार्ग से जोशीमठ पहुंचेगे। इस दौरान जोशीमठ में शकराचार्यों का भव्य स्वागत किया जाएगा। 17 अक्टूबर को साढ़े दस बजे से तीनों शंकराचार्यों की मौजूदगी में जोशीमठ स्थित रविग्राम के जेपी मैदान में शंकराचार्य महासम्मेलन का आयोजन होगा।

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महासम्मेलन में ज्योतिषपीठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज, श्रृंगेरी शारदा पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य महास्वामी विधुशेखर भारती महाराज और पश्चिमाम्नाय द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य सदानंद सरस्वती मौजूद रहेंगे।

 

क्या एक्ट्रेस वैशाली ने लव अफेयर के चलते किया सुसाइड?

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फेमस टीवी शो ये रिश्ता क्या कहलाता और ससुराल सिमर का में काम कर चुकीं एक्ट्रेस वैशाली ठक्कर (Vaishali Takkar) की सुसाइड न की खबर से पूरी इंडस्ट्री में शोक का माहौल है।  कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि पुलिस को सुसाइड नोट मिला है। और खबरों में ये भी बात कही जा रही है कि उन्होंने लव अफेयर के चलते ये कदम उठाया है। बता दें वैशाली ने साल 2015 में स्टार प्लस के सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता’ से करियर की शुरुआत की थी।

सोशल मीडिया में खूब एक्टिव थीं वैशाली 
वैशाली कई टीवी शोज में नजर आईं। उन्हें ससुराल सिमर में उनके किरदार के लिए अवॉर्ड से भी नवाजा गया था। उन्होंने इस सीरियल के लिए बेस्ट एक्ट्रेस इन नेगेटिव रोल में गोल्डन पेटल अवॉर्ड जीता था। टीवी की दुनिया में नाम कमाने के अलावा वैशाली सोशल मीडिया पर भी खूब एक्टिव थीं। वैशाली के सोशल मीडिया प्रोफाइल पर उनकी कई फनी वीडियोज देखी जा सकती हैं। चुलबुली और हंसमुख दिखने वाली वैशाली के आखिरी वीडियो को देखकर इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं लगाया जा सकता कि उनकी जिंदगी में कुछ परेशानी चल रही है। उनका आखिरी वीडियो पांच दिन पहले का है। जिसे देखकर वाकई बहुत अफसोस हो रहा है, इस वीडियो में फनी अंदाज में मर मिटने की बात कर रही हैं। लेकिन किसे पता था कि वो वाकई अपनी जिंदगी को इस तरह से खत्म कर देंगी।

घर पर फांसी लगाकर की आत्महत्या 
बता दें यंग एक्ट्रेस वैशाली की मौत ने सबको सन्न कर दिया है।  वैशाली ठक्कर ने अपने इंदौर स्थित घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। वैशाली का शव फांसी के फंदे से लटकता हुआ मिलने के बाद तेजाजी नगर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि वैशाली करीब एक साल से इंदौर में रह रही थीं। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है।

उत्तराखण्ड : उच्च शिक्षा में शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का शुभारम्भ

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देहरादून : केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धमेन्द्र प्रधान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में उच्च शिक्षा में शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का शुभारम्भ किया। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने देश में सबसे पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने के लिए उत्तराखण्ड सरकार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखण्ड में उच्च शिक्षा में इसका शुभारम्भ किया गया है। बाल वाटिका से प्रारम्भिक शिक्षा में उत्तराखण्ड ने ही इसकी सबसे पहले शुरुआत की। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को बधाई भी दी।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड विद्वानों की भूमि है। इस देवभूमि से नई शिक्षा नीति के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अभी अनेक विचार आयेंगे। अब प्रयास करने होंगे कि आने वाले समय में शत प्रतिशत बच्चे बाल वाटिकाओं में प्रवेश करें। उन्होंने कहा कि किसी भी देश एवं समाज का विकास बेहतर शिक्षा से ही हो सकता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 मानवीय जीवन के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है। शिक्षा के साथ ही बच्चों के कौशल विकास, उनके व्यक्तित्व के विकास, भाषाई विकास एवं नैतिक मूल्यों पर विशेष ध्यान दिया गया है। शिक्षा व्यक्ति की आत्मनिर्भरता से जुड़ी हुई है।

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बच्चों को 03 साल से फार्मल एजुकेशन से जोड़ा जा रहा है। इसके तहत बाल वाटिका शुरू की गई है, बाल वाटिका में 03 साल सीखने के बाद बच्चा पहली कक्षा में प्रवेश करेगा, तब उसकी उम्र 06 साल होगी। बच्चों को नवजात से उनकी 21-22 साल की उम्र तक बेहतर एवं गुणात्मक शिक्षा के लिए उत्तराखण्ड में 40 लाख बच्चों का टारगेट लेकर आगे बढ़ना होगा। स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकि शिक्षा,मेडिकल, पेरामेडिकल एवं अन्य को मिलाकर 35 लाख की व्यवस्था उत्तराखण्ड के पास पहले से ही है। उन्होंने कहा कि देश डिजिटल इंडिया की ओर तेजी से बढ़ा है। उच्च शिक्षा की दिशा में उत्तराखण्ड में जो नीति बन रही है, वह इस दिशा में बहुत बड़ा कदम है। प्रदेश के नौजवानों को विश्व की आवश्यकता के लिए तैयार कराना, यह उत्तराखण्ड के पास ताकत है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू किए जाने के की दिशा में, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रभावी एवं चरणबद्ध रूप से सकारात्मक कदम बढ़ाए गए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में तैयार की गई नई शिक्षा नीति 21वीं सदी के नवीन, आधुनिक, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के नए आयाम खोलने वाली नीति है। इसे देश के ख्यातिलब्ध शिक्षाविदों द्वारा तैयार किया गया है और ये नए भारत की, नई उम्मीदों नई आवश्यकताओं की पूर्ति का सशक्त माध्यम है। यदि हम एक समृद्ध भविष्य चाहते हैं तो हमने अपने वर्तमान को सशक्त बनाना होगा, ठीक इसी प्रकार से यदि हम अपनी आने वाली पीढ़ी को और भी अधिक प्रतिभाशाली बनाना चाहते हैं तो हमें उसके बचपन और उसकी शिक्षा पर आज से कार्य करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने सम्पूर्ण विश्व को ज्ञान देने का कार्य किया है। हमारे नालंदा और तक्षशिला जैसे अद्वितीय शिक्षा मंदिर पूरी दुनिया में कहीं नहीं थे और यहां से ज्ञान अर्जित करने वालों ने संपूर्ण मानवजाति को एक नई राह दिखाई। हमारे देश में मेधा की कभी कोई कमी नहीं रही और एक से एक विद्वानों और शिक्षाविदों ने भारत की बौद्धिक संपदा को विस्तार दिया। लेकिन कालांतर में आए विदेशी आक्रांताओं और शासकों ने हमारी शिक्षा व्यवस्था पर ही सबसे अधिक चोट की और इसको तहस-नहस कर दिया। उस दौर में व्यवस्थाएं ऐसी बना दी गईं जिसके बाद से पढ़ाई का अर्थ और लक्ष्य केवल और केवल नौकरी पाने तक सीमित हो कर रह गया। उन्होंने कहा कि 2025 में राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाई जायेगी। तब तक हम बेस्ट प्रैक्टिस के तौर पर क्या कर सकते हैं, जो देश के लिए आदर्श बने इस दिशा में सभी विभागों को तेजी से कार्य करने होंगे।

बड़ी खबर : अब हिन्दी में करें डाक्टरी की पढ़ाई, MBBS पाठ्यक्रम पुस्तक का विमोचन

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नई दिल्ली : देश में हिंदी में चिकित्सा शिक्षा का नया अध्याय आज से शुरू हो रहा है। मध्य प्रदेश पहला राज्य होगा, जहां चिकित्सा शिक्षा हिंदी में होगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में MBBS हिंदी पाठ्यक्रम पुस्तक का विमोचन किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मौके पर कहा – आज का दिन भारत के शिक्षा क्षेत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है। जब भी आने वाले दिनों में इतिहास लिखा जाएगा आज के दिन को स्वर्ण के अक्षरों से लिखा जाएगा। ये देश में शिक्षा क्षेत्र के पुनर्जागरण का क्षण है।

 हिंदी में लिखने की सुविधा मप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय ने वर्ष 2018 में ही शुरू कर दी थी। इसके परिणाम अच्छे रहे हैं। इस साल MBBS प्रथम वर्ष में एनाटामी, फिजियोलाजी और बायोकेमेस्ट्री की हिंदी में भी पढ़ाई कराई जाएगी। आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति डा. आरएस शर्मा ने कहा कि कई विद्यार्थियों ने इस व्यवस्था की तारीफ की थी।

MBBS के करीब 10 प्रतिशत विद्यार्थी तब से हिंदी या फिर अंग्रेजी और हिंदी के मिले-जुले वाक्य परीक्षाओं में लिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब हिंदी में किताबें उपलब्ध होने पर विद्यार्थियों के लिए परीक्षा में लिखना और आसान हो जाएगा। नेशनल मेडिकल कमीशन की भी यह बाध्यता नहीं है कि उत्तर अंग्रेजी में ही लिखे जाएं।