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101 दिन बाद संजय राउत की आजादी पक्की, जेल से आएंगे बाहर

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शिवसेना सांसद संजय राउत की 101 दिन बाद आजादी पक्की हो गई है। मुंबई की एक विशेष अदालत ने पात्रा ‘चॉल’ पुनर्विकास परियोजना से जुड़े कथित धनशोधन के मामले में शिवसेना सांसद संजय राउत को बुधवार को जमानत दे दी। जमानत मिलने के बाद ED ने इसे रद्द कराने के लिए पीएमएलए कोर्ट का रुख किया। लेकिन कोर्ट ने ED की अर्जी को खारिज करते हुए राउत की जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए नामित विशेष न्यायाधीश एम.जी. देशपांडे ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद राउत की जमानत याचिका को मंजूर कर लिया।

क्या है पूरा मामला? 

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राज्यसभा सदस्य राउत को इस साल जुलाई में उपनगरीय गोरेगांव में पात्रा ‘चॉल’ के पुनर्विकास में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले में उनकी कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया था। राउत फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद हैं। लेकिन अब वे जेल से बाहर आ सकते हैं।

क्या थे राउत के तर्क?

राउत ने अपनी जमानत याचिका में दावा किया था कि उनके खिलाफ मामला ‘‘सत्ता के दुरुपयोग’’ और ‘‘राजनीतिक प्रतिशोध’’ का उदाहरण है। ईडी ने राउत की याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि उन्होंने पात्रा चॉल पुनर्विकास से संबंधित धनशोधन मामले में प्रमुख भूमिका निभाई और धन के लेन-देन से बचने के लिए ‘‘पर्दे के पीछे’’ से काम किया। ईडी की जांच पात्रा चॉल के पुनर्विकास से संबंधित कथित वित्तीय अनियमितताओं और कथित रूप से उनकी पत्नी और सहयोगियों से संबंधित वित्तीय लेनदेन से संबंधित है।

शिक्षा विभाग ने कैंडिडेट की जगह एडमिट कार्ड पर छाप दी ‘सनी लियोनी’ की ‘बोल्ड’ फोटो, पढ़ें पूरी खबर

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नई दिल्ली: सनी लियोनी एक बार फिर खबरों में है। अब उनकी बोल्ड तस्वीर कर्नाटक टीचर रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन के एडमिट कार्ड पर छपी है। खबरों के अनुसार राज्य शिक्षा विभाग ने इस मामले में जांच के निर्देश दिए हैं। इस बीच सनी लियोनी की बोल्ड फोटो छपी एडमिट कार्ड सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

कर्नाटक कांग्रेस के सोशल मीडिया चेयर पर्सन बीआर नायडू ने ट्वीट करते हुए लिखा है, ‘टीचर रिक्रूटमेंट हॉल टिकट में कैंडिडेट की जगह शिक्षा विभाग ने फिल्म एक्ट्रेस सनी लियोनी की फोटो छापी है। ऐसी पार्टी से क्या अपेक्षा कर सकते हैं जो असेंबली में अश्लील फिल्म देखती है।’ बीआर नायडू ने एडमिट कार्ड की फोटो भी साथ में अटैच की है।

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खबरों के अनुसार परीक्षा के लिए आवेदन करते समय कैंडिडेट को अपनी फोटो खुद ऑनलाइन अपलोड करनी होती है। जब आरोपी महिला से इस बारे में पूछताछ किया गया, तब उन्होंने कहा कि उनके पति के दोस्त ने उनकी जानकारियां भरी है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि सनी लियोनी की हॉल टिकट पर बोल्ड तस्वीर छपी है। उनका बिहार स्टूडेंट एडमिट कार्ड पर भी नाम आया था, जहां बिहार जूनियर इंजीनियर एग्जाम की परीक्षा होनी थी। सनी लियोनी नाम के एक छात्र ने भी अच्छे अंक प्राप्त किए थे।

वहीं मुजफ्फरनगर में एक बीए द्वितीय के छात्र ने अपने माता-पिता की जगह सनी लियोनी और इमरान हाशमी का नाम लिख दिया था। इस पर सनी लियोनी ने भी हंसते हुए प्रतिक्रिया दी थी। सनी लियोनी फिल्म एक्ट्रेस है। वह जल्द साउथ की फिल्मों में भी नजर आने वाली हैं। उन्होंने अपनी फिल्म का फर्स्ट लुक जारी किया था।

AK का BJP पर पलटवार, आतंकवादी या भ्रष्ट हूं तो गिरफ्तार करो ना?

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दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर हमला बोला है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी उन्हें फंसाने की साजिश में लगी हुई है।

दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर लिखा, केजरीवाल आतंकवादी है। HM ने जांच बिठा दी। क्या हुआ उसका? अब गुजरात/MCD के पहले कह रहे हैं केजरीवाल भ्रष्ट है अरे, केजरीवाल आतंकवादी या भ्रष्ट है तो गिरफ़्तार करो ना? केजरीवाल ना आतंकवादी है ना भ्रष्ट। केजरीवाल जनता का लाड़ला है। इस से बीजेपी को तकलीफ़ है।

 गुजरात में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। 1 और 5 दिसंबर को राज्य में 182 सीटों पर मतदान होगा। 27 साल से सरकार चला रही भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच त्रिकोणीय मुकाबले का परिणाम क्या होगा यह तो 8 दिसंबर को वोटों की गिनती के बाद ही साफ होगा।

DMK ने राष्ट्रपति से की राज्यपाल को हटाने की मांग, लगाए गंभीर आरोप…

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तमिलनाडु में सियासी घमासान लगातार जारी है। सत्तारूढ़ डीएमके लगातार राज्य के राज्यपाल को पद से हटाने की मांग कर रही है। इस बीच डीएमके और उनके सहयोगी दलों ने मिलकर राज्यपाल आरएन रवि को हटाने के लिए राष्ट्रपति मुर्मू से मांग की है। उन्होंने आरएन रवि के खिलाफ कई आरोप भी लगाए हैं। डीएमके और उनके सहयोगी दलों का कहना है कि राज्यपाल आरएन रवि राज्य में नफरत फ़ैलाने का काम कर रहे हैं। पहले सिर्फ डीएमके ही राज्यपाल के खिलाफ थी, लेकिन अब उन्होंने अपने साथ कई और लोगों को भी जोड़ लिया है। जो उनके साथ राज्यपाल को हटाने की मांग कर रहे हैं।

डीएमके का कहना है कि “राज्यपाल जो अपनी संवैधानिक भूमिका का पालन करते हैं, अब एक विलुप्त प्रजाति हैं। 2014 के बाद से नियुक्त हर एक का अपमान किया गया है और ‘हम दो’ की धुन पर नाचने से पहले ही वह धुन भी बजाई गई है।” डीएम की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपे गए ज्ञापन में राज्यपाल को ‘शांति के लिए खतरा’ बताया गया है। इसमें लिखा गया है कि “राज्यपाल तमिलनाडु विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों को मंजूरी देने में अनावश्यक देरी करते हैं। उन्होंने लोगों के लिए काम करने के लिए एक लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार को बाधित किया है।”

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इसके साथ ही इसमें लिखा गया कि “राज्यपाल सांप्रदायिक नफरत को भड़काते हैं और वह राज्य की शांति के लिए खतरा हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया कि वह राज्यपाल के संवैधानिक पद पर रहने के योग्य नहीं है, उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए। कुछ लोग उनके बयानों को राजद्रोह भी मान सकते हैं, क्योंकि वह बयानों से सरकार के खिलाफ अलगाव पैदा करते हैं।”

देश के कई इलाकों में महसूस हुए भूकंप के झटके, कांपा पूरा दिल्ली…

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बीती रात देश के कई सारे शहरों में भूकंप के झटके मेहसूस हुए। जिसके कारण लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। जब लोगों से बातचीत की गई तो पता चला कि लोग कितने ज्यादा डर गए थे। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक 6.3 की तीव्रता वाले इस भूकंप का केंद्र नेपाल में था। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर जब एक व्यक्ति से बात की गई तो उन्होंने बताया कि “हम एक ऑटो से उतर रहे थे जब हमें झटके महसूस हुए। ऑटो चालक भी डर गया। जैसे ही मैंने चारों ओर देखा, तो दूसरों को भी यह महसूस हुआ। हम वह रुक गए।”

वहीं, भूकंप के बारे में एक टैक्सी चालक से पूछा गया तो उसने कहा कि “मैं सवारी लेकर जा रहा था, तभी भूकंप के झंटके महसूस हुए फिर सवारी उतर गई। हमने थोड़े समय के लिए इसे महसूस किया।” भूकंप के बारे में कई सारे लोगों से बातचीत की गई। सबने इसको लेकर डर जाहिर किया। कोई इसको चक्कर समझ रहा था, तो कोई इसको धरती का फटना बोल रहा था। नोएडा स्थित एक कंपनी के कर्मचारी ने भी भूकंप को लेकर बातचीत की।

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उन्होंने बताया कि “भूकंप महसूस होते ही कार्यालय का अलार्म शुरू हो गया और वे तुरंत कार्यालय के बाहर भाग गए। भूकंप आते ही गार्ड ने अलार्म बजाया। कंपनी ने एहतियात बरती थी। हम सभी मैनेजर और एचआर सहित बिल्डिंग से बाहर आ गए। भूकंप जबरदस्त था। हम डर गए थे।” वहीं, एक दूसरे कर्मचारी ने कहा कि “मैं अपनी कॉफी ले रहा था मेरी सीट हिल गई। कार्यालय का अलार्म बजा जिसके बाद हम इमारत के बाहर भागे। हम लगभग 10 मिनट तक कार्यालय के बाहर रहे और फिर अंदर जाकर अपना काम शुरू किया।”

जस्टिस चंद्रचूड़ बने देश के 50वें मुख्य न्यायाधीश, राष्ट्रपति मुर्मू ने दिलाई शपथ

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जस्टिस धनंजय वाई. चंद्रचूड़ ने देश के 50वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली है। उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शपथ दिलाई। वह मंगलवार को ही रिटायर होने वाले चीफ जस्टिस यूयू ललित की जगह लेंगे। जस्टिस चंद्रचूड़ अपने खानदान की दूसरी पीढ़ी हैं, जो न्यायिक व्यवस्था के शीर्ष पर पहुंची है। उनसे पहले उनके पिता वाईवी चंद्रचूड़ भी देश के मुख्य न्यायाधीश थे। उनके ठीक 44 साल बाद डीवाई चंद्रचूड़ को यह गौरव हासिल हुआ है। उनका कार्यकाल करीब दो साल का रहेगा और वह 10 नवंबर 2024 को रिटायरमेंट लेंगे। 11 नवंबर, 1959 को जन्मे डीवाई चंद्रचूड़ ने 1998 में देश के अडिशनल सॉलिसिटर जनरल के तौर पर भी काम किया था।

उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर 2013 में शपथ ली थी। वह बॉम्बे हाई कोर्ट से भी जुड़े रहे हैं और 2016 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया था। चंद्रचूड़ के पिता वाईवी चंद्रचूड़ के नाम भी एक बड़ा रिकॉर्ड रहा है। वाईवी चंद्रचूड़ ने 22 फरवरी, 1978 को चीफ जस्टिस की शपथ ली थी और 11 जुलाई, 1985 तक इस पद पर रहे थे। वह देश के सबसे लंबे कार्यकाल वाले चीफ जस्टिस थे। अब उनके बेटे डीवाई चंद्रचूड़ को भी दो साल का कार्यकाल मिला है। अकसर चीफ जस्टिस को इससे भी कम का कार्यकाल मिलता है। मंगलवार को ही रिटायर होने वाले जस्टिस यूयू ललित का कार्यकाल महज 74 दिनों का ही था।

भारतीय संविधान से जुड़े अहम मामलों से लेकर कई आपराधिक और दीवानी मामलों के फैसले वह सुना चुके हैं, जिनका देश की तस्वीर बदलने में अहम योगदान रहा है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने अपने पिता के ही दो फैसलों को पलटा है, जिसके लिए उनकी चर्चा होती रही है। अयोध्या जन्मभूमि विवाद, राइट टू प्राइवेसी, सेक्शन 377 और आधार स्कीम की वैधता समेत ऐसे कई अहम मामले रहे हैं, जिनका फैसला सुनाने वाली बेंच का जस्टिस चंद्रचूड़ हिस्सा रहे हैं। हाल ही में अवविवाहित महिलाओं को भी 6 माह तक का गर्भ गिराने की परमिशन वाले देने वाली बेंच का भी वह हिस्सा थे।

बड़ी खबर : 7 राज्यों में भूकंप के झटके, पडोसी नेपाल में 6 की मौत

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नई दिल्ली : भारत, चीन और नेपाल में मंगलवार देर रात 1.57 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इनकी तीव्रता 6.3 तक मापी गई। भारत में दिल्ली, यूपी, बिहार, उत्तराखंड, दिल्ली, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई शहरों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र नेपाल था। ऐसे में सबसे ज्यादा तबाही की खबरें नेपाल से ही सामने आ रही हैं। यहां के दोती में एक घर गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई।

दिल्ली-NCR में भूकंप आने के बाद लोग घरों से बाहर निकल आए। जो काफी देर तक वापस नहीं गए। जब भूकंप आया तब लोग गहरी नींद में थे, लेकिन झटकों के लगने से उनकी नींद खुल गई। कुछ लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी शेयर किए हैं।

नेपाल में डेढ़ घंटे में दो झटके महसूस किए गए। देर रात एक बजकर 57 मिनट के बाद 3 बजकर 15 मिनट पर भूकंप रिकॉर्ड किया गया। इसकी तीव्रता 3.6 रही। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, 8 नवंबर की रात 9 बजे भी नेपाल में भूकंप आया था। तीव्रता 4.9 रही। 8 नवंबर को ही दिन में करीब 12 बजे मिजोरम में भी भूकंप आया था। यहां तीव्रता 4.4 थी।

नेपाल में भूकंप से सबसे ज्यादा नुकसान की खबर है। यहां के डोटी में भूकंप के झटकों से एक मकान गिर गया। नेपाल पुलिस के मुताबिक, रात 2 बजे आए भूकंप से दोती जिले में एक घर गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई। 5 घायल हो गए। नेपाल सेना को भूकंप प्रभावित इलाकों में तलाशी और बचाव अभियान के लिए भेजा गया है। डोटी में 6.6 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। मरने वालों में एक ही परिवार के 3 लोग शामिल हैं। भूकंप में घायल हुए लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नेपाल में सेना राहत और बचाव कार्य में जुट गई है।

UTTARAKHAND: भूकंप के तेज झटकों से डोली धरती, घरों से बाहर निकले लोग

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उत्तराखंड में रात करीब दो बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। रात में जग रहे लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। समाचार एजेंसी के मुताबिक भूकंप का केंद्र नेपाल में था। रिक्टर स्केल में इसकी तीव्रता 6.3 नापी गई है। भूकंप का केंद्र जमीन के 10 किलोमीटर अंदर था।

 

बता दें कि उत्तराखंड भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील सिस्मिक जोन फोर में आता है। एक बार प्रदेश ने भूकंप की वजह से बड़ी तबाही झेली है। मंगलवार देर रात आए भूकंप ने लोगों के अंदर दहशत भर दी।

 

आसपास के इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। वहीं दिल्ली, एनसीआर और यूपी के कई हिस्सों में भी इस भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।

 

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक इसका केंद्र नेपाल के मणिपुर में जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था। बता दें कि उत्तर भारत में महज पांच घंटे के भीतर दूसरी बार भूकंप के झटके महसूस हुए हैं। इससे पहले मंगलवार रात आठ बजकर 52 मिनट पर लखनऊ समेत यूपी के कई हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.9 मापी गई थी। वहीं नेपाल में यह मंगलवार को 24 घंटे के भीतर तीसरा भूकंप का झटका रहा।

 

Earthquake of Magnitude:6.3, Occurred on 09-11-2022, 01:57:24 IST, Lat: 29.24 & Long: 81.06, Depth: 10 Km ,Location: Nepal, for more information download the BhooKamp App https://t.co/Fu4UaD2vIS @Indiametdept @ndmaindia @Dr_Mishra1966 @moesgoi @OfficeOfDrJS @PMOIndia @DDNational pic.twitter.com/n2ORPZEzbP

 

— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) November 8, 2022

उत्तराखंड : राज्य कर्मचारियों का चार प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ा, आदेश जारी

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देहरादून: राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के नियमित एवं पूर्णकालिक कर्मचारियों, कार्य प्रभारित कर्मचारियों तथा यू.जी.सी. वेतनमानों में कार्यरत पदधारकों, जिन्हें सातवां पुनरीक्षित वेतनमान अनुमन्य किया गया है, को दिनांक 01 जुलाई, 2022 से बढ़ी हुई दर पर मंहगाई भत्ते का भुगतान ।

वित्त विभाग के शासनादेश संख्या-37013/XXVII(7) /E-22807/2022 दिनांक 31 मई, 2022 द्वारा राज्य सरकार के सरकारी सेवकों, जिन्हें सातवां पुनरीक्षित वेतनमान अनुमन्य है, को दिनांक 01 जनवरी, 2022 से 34% की दर से प्रतिमाह महंगाई भत्ता अनुमन्य किया गया है। 2. भारत सरकार, वित्त मंत्रालय, व्यय विभाग, नई दिल्ली के कार्यालय – ज्ञाप संख्या-1/3/2022

E-II(B) दिनांक 3 अक्टूबर, 2022 के क्रम में राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं तथा शहरी स्थानीय निकायों के नियमित एवं पूर्णकालिक कर्मचारियों, कार्य प्रभारित कर्मचारियों तथा यू.जी.सी. वेतनमानों में कार्यरत पदधारकों, जिन्हें सातवां पुनरीक्षित वेतनमान अनुमन्य किया गया है, को पूर्व निर्धारित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन उन्हें दिनांक 01-07-2022 से मूल वेतन में अनुमन्य महंगाई भत्ते की वर्तमान दर 34% को बढ़ाकर 38% प्रतिमाह किये जाने की राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।

3. यह आदेश मा0 उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष, सदस्यों तथा सार्वजनिक उपक्रम आदि के कार्मिकों पर स्वतः लागू नहीं होंगे, उनके सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों द्वारा अलग से आदेश निर्गत किया जाना अपेक्षित होगा ।

4. उक्त कार्मिकों को दिनांक 01 जुलाई, 2022 से 31 अक्टूबर 2022 तक के पुनरीक्षित मंहगाई भत्ते के अवशेष (एरियर) का भुगतान नकद किया जायेगा। 01 नवम्बर, 2022 से मंहगाई भत्ते का भुगतान नियमित वेतन के साथ किया जायेगा परन्तु अंशदायी पेंशन योजना से आच्छादित कार्मिकों के पेंशन अंशदान नियोक्ता के अंश के साथ नई पेंशन योजना से सम्बन्धित खाते में जमा की जायेगी तथा शेष धनराशि नकद भुगतान की जायेगी ।

5. उक्त वर्णित शर्तों एवं पूर्व में वर्णित शर्तों / प्रतिबन्धों के अधीन उपरोक्तानुसार स्वीकृत मंहगाई भत्ता उत्तराखण्ड राज्य के अधीन कार्यरत अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को भी अनुमन्य होगा.

वहीं, राज्य सरकार के ऐसे सिविल / पारिवारिक पेंशनर जिनकी पेंशन सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के कम में पुनरीक्षित की गयी है, को महंगाई राहत की स्वीकृति

उपर्युक्त विषय के सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि राज्य सरकार के ऐसे पेंशनर, जिनकी पेंशन सातवें वेतनमान आयोग की संस्तुतियों के क्रम में पुनरीक्षित की गयी है को वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या-37010/XXVII(7)/E-22807/2022 दिनांक 31 मई, 2022 द्वारा स्वीकृत महंगाई राहत की दरों को अतिकमित करते हुए दिनांक 01-07-2022 से 34 प्रतिशत के स्थान पर 38 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत अनुमन्य किये जाने की राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।

 

2 यह आदेश मा० उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष तथा सदस्यों, स्थानीय निकायों तथा सार्वजनिक उपक्रम आदि के सिविल / पारिवारिक पेंशनरों पर स्वतः लागू नहीं होंगे, उनके सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों द्वारा अलग से आदेश निर्गत किया जाना अपेक्षित होगा ।

 

3. यह आदेश विद्यालयी शिक्षा / प्राविधिक शिक्षा विभाग के अधीन राज्य निधि से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं के ऐसे शैक्षिक एवं शिक्षणेत्तर पेंशनरों जिन्हें शासकीय पेंशनरों के समान पेंशन / पारिवारिक पेंशन अनुमन्य है, पर भी लागू होंगे।

 

4. शासन के कार्यालय ज्ञाप संख्या- ए-1-252 दस / 10 (3)-81, दिनांक 27 अप्रैल, 1982 में निर्गत आदेशानुसार पेंशन पर अतिरिक्त राहत आदि के भुगतान के लिये महालेखाकार के प्राधिकार पत्र की आवश्यकता नहीं है। अतः स्वीकृत मंहगाई राहत का भुगतान उक्त कार्यालय ज्ञाप के अधीन कर दिया जाय ।

 

5. मंहगाई राहत स्वीकृत करने के सम्बन्ध में अन्य प्रतिबन्ध जो इस सम्बन्ध में इससे पूर्व निर्गत शासनादेशों में निर्धारित थे, यथावत् लागू रहेंगे।

तेज़ गेंदबाजों के आराम के लिए कोहली, रोहित और द्रविड़ ने किया ये काम, हो रही है तारीफ…

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जैसा कि आप सभी लोग जानते हैं, भारत ने 2022 के विश्व कप के सेमी फाइनल में अपनी जगह बना ली है। ऐसे में अब लोग भारत को फाइनल में भी देखना चाहते हैं। सेमी फाइनल में भारत का मुकाबला इंग्लैंड के साथ होने वाला है। जिसको लेकर खिलाड़ियों ने प्रैक्टिस भी शुरू कर दी है। वहीं, टीम के कोच और कप्तान द्वारा खिलाड़ियों का पूरा ख्याल भी रखा जा रहा है। इस मुकाबले में सबसे जायदा मेहवूर्ण होंगे भारत के तेज गेंदबाज। मैच का सारा दारोमदार भारत के तेज गेंदबाजों पर रहने वाला है। जिसको देखते हुए कोच राहुल द्रविड़ और कप्तान रोहित शर्मा उनका पूरा ध्यान रख रहे हैं।

हाल ही में राहुल द्रविड़, रोहित शर्मा और विराट कोहली ने अपने तेज गेंदबाजों के लिए बड़ी कुर्बानी दी है। दरअसल, मैच में गेंदबाजों का फिट रहना बेहद जरूरी है। सबसे ज्यादा जरूरी है उनके पैरों और उनकी पीठ को आराम मिलना। इस बीच तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार और हार्दिक पंड्या के आराम के लिए कुछ ऐसा काम किया गया है, जिसको सुनकर आप सब लोग हैरान हो जाएंगे।

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बता दें कि गेंदबाजों को सही आराम मिले इसके लिए मुख्य कोच राहुल द्रविड़, कप्तान रोहित शर्मा और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने अपनी बिजनेस-क्लास सीटों को छोड़ दिया। गेंदबाजों को अपनी सीट पर बिठाकर खुद उनकी सीट पर बैठ गए। ये सब इसलिए किया गया ताकि उनको सही से आराम मिल सके और उनको गेंदबाजी में कोई दिक्कत न आए। भारतीय टीम के एक सहयोगी स्टाफ सदस्य ने बताया कि “टूर्नामेंट से पहले, हमने तय किया था कि तेज गेंदबाजों को मैच के दिन में सबसे ज्यादा माइलेज देने की जरूरत है, इसलिए उन्हें अपने पैरों को फैलाने की जरूरत है।”