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साल का अंतिम ग्रहण इन राशियों को दे जाएगा शुभ फल, बन जाएंगे बिगड़े हुए काम

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आज लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत के पूर्वी भाग में खग्रास और शेष भारत में खंडग्रास रूप में दिखाई देगा। सूतक काल शुरू हो गया है और संपूर्ण भारत में सूतक काल मान्य है। चंद्र ग्रहण की शुरूआत दोपहर 2 बजकर 39 मिनट से होगी। भारत में चंद्रग्रहण की शुरूआत शाम 5.29 बजे होगी और 6.19 बजे तक ग्रहण रहेगा।

भारत के कुछ हिस्सों में चंद्रग्रहण पूर्ण होगा और शेष भारत में आंशिक ही नजर आएगा। ज्योतिष में ग्रहण को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ग्रहण का सभी 12 राशियों पर प्रभाव पड़ता है। कुछ राशि वालों को शुभ तो कुछ राशि वालों को अशुभ फल की प्राप्ति होती है। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार साल का अंतिम चंद्र ग्रहण कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ रहने वाला है। आइए जानते हैं साल का अंतिम चंद्र ग्रहण किन राशियों का भाग्य बदल देगा…

 

मिथुन राशि-

 

संपत्ति से आय में वृद्धि होगी।

माता से धन की प्राप्ती हो सकती है।

कला व संगीत के प्रति रुझान बढ़ेगा।

नौकरी में कार्यक्षेत्र में परिवर्तन की संभावना बन रही है, स्थान परिवर्तन भी संभव है।

आय में वृद्धि होगी।

पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा।

संपत्ति से आय में वृद्धि हो सकती है।

संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकते हैं।

नौकरी में तरक्की की संभावनएं बन रही हैं।

अफसरों का सहयोग मिलेगा।

आय में वृद्धि होगी।

वाहन सुख का वस्तिार संभव है।

कर्क राशि-

 

आत्मवश्विास में वृद्धि होगी।

कुटुंब परिवार में धार्मिक कार्य होंगे।

संतान सुख में वृद्धि होगी।

उच्च शक्षिा एवं शोध आदि कार्यों के लिए विदेश प्रवास की संभावना बन रही है।

नौकरी में कार्यक्षेत्र में परिवर्तन के योग बन रहे हैं।

स्थान परिवर्तन भी संभव है।

मन में शांति व प्रसन्नता के भाव रहेंगे।

आत्मवश्विास से लबरेज रहेंगे।

माता व परिवार की किसी बुजुर्ग महिला से धन की प्राप्ती के योग बन रहे हैं।

नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा।

वृश्चिक राशि-

 

भवन सुख का वस्तिार होगा।

मात-पिता का सहयोग मिलेगा।

वस्त्रों आदि के प्रति रूझान बढ़ेगा।

पठन-पाठन में रुचि रहेगी।

शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे।

संतान सुख में वृद्धि होगी।

भवन सुख का वस्तिार होगा।

नौकरी में तरक्की के योग बन रहे हैं।

घर में धार्मिक कार्य हो सकते हैं।

किसी धार्मिक यात्रा पर जाने के योग भी बन रहे हैं।

कुंभ राशि-

 

आत्मवश्विास में वृद्धि होगी।

अपनी भावनाओं को वश में रखें।

माता से धन प्राप्ती के योग बन रहे हैं।

दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी।

किसी मत्रि के सहयोग से रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।

आय में वृद्धि होगी।

पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं।

परिवार में मान-सम्मान बढ़ेगा।

नौकरी में पदोन्नति के योग बन रहे हैं।

 

उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं ने लगाई पावन डुबकी, तस्वीरें

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आज कार्तिक पूर्णिमा का स्नान पर्व है। यह साल का आखिरी पर्व स्नान है। इस मौके पर हरिद्वार में गंगा स्नान करने के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। कार्तिक स्नान पर्व पर गंगा स्नान करने का विशेष महत्व माना जाता है। इसके चलते हरकी पैड़ी पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में पावन डुबकी लगाई।

कार्तिक पूर्णिमा का धार्मिक दृष्टि से काफी महत्व माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि कार्तिक मास में पड़ने वाले स्नान पर्व को देव दीपावली के रूप में मनाया जाता है क्योंकि इस दिन देवता धरती पर स्नान के लिए आते हैं।

श्रद्धालुओं का मानना है कि आज के दिन गंगा में स्नान करने से पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है। कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए हरिद्वार की पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मेला क्षेत्र को 9 जोन और 33 सेक्टर में बांटकर पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही ट्रैफिक को लेकर भी विशेष प्रबंध किए गए है।

 

सर्वे में खुलासा: BJP-कांग्रेस के बुरी खबर, AAP मार सकती हो बाजी

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दिल्ली में सत्ता का सेमीफाइनल कहे जाने वाले एमसीडी चुनाव में अब कुछ ही दिन बचे हैं। 4 दिसंबर को दिल्ली के मतदाता अपने पार्षदों का चुनाव करेंगे। नतीजे 7 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे। इस बीच एबीपी न्यूज सी-वोटर के सर्वे ने दिल्ली का मूड बताने की कोशिश की है।

ओपिनियन पोल के मुताबिक, लंबे समय से एमसीडी में काबिज भारतीय जनता पार्टी को इस बार आम आदमी पार्टी कड़ी टक्कर देने जा रही है। सर्वे में भविष्यवाणी की गई है कि विधानसभा से पहले ही साफ हो चुकी कांग्रेस एमसीडी में भी अपनी जमीन खोने जा रही है।

सर्वे के मुताबिक, भाजपा 42 फीसदी वोट हासिल कर सकती है तो ‘आप’ को 40 फीसदी वोट मिलने की संभावना है। कांग्रेस को 16 फीसदी वोट मिलने की संभावना है तो अन्य के खाते में 2 फीसदी वोट जा सकते हैं।

भाजपा को 118 से 138 वार्ड में जीत मिल सकती है। ‘आप’ 104-124 सीटों पर कब्जा कर सकती है। कांग्रेस को महज 4-12 सीटों से संतोष करना पड़ सकता है। अन्य के खाते में 0-4 सीटें जाने का अनुमान है।

2012 में जब आम आदमी पार्टी मैदान में नहीं थी तब भाजपा ने एमसीडी में 142 सीटों पर कब्जा किया था। कांग्रेस को 76 वार्ड में जीत मिली थी तो अन्य के खाते में 56 सीटें रहीं। 2017 में भाजपा को 181 सीटों पर जीत मिली तो ‘आप’ ने पहली बार चुनाव लड़ते हुए 49 वार्ड में परचम लहराया।

कांग्रेस को 31 और अन्य को 11 सीटें मिली थीं। यदि एमसीडी चुनाव पर ताजा सर्वे सच होता है तो भाजपा और कांग्रेस के लिए बड़ा झटका होगा। सिर्फ ‘आप’ के लिए खुशखबरी होगी।

एमसीडी चुनाव में क्या है सबसे बड़ा मुद्दा

सीवोटर की ओर से जब दिल्ली की जनता से बड़े मुद्दों को लेकर सवाल किया गया तो सबसे अधिक 24 फीसदी ने महंगाई को अपने लिए सबसे बड़ा मुद्दा बताया। 23 फीसदी प्रदूषण को सबसे अहम मुद्दा मानते हैं तो 20 फीसदी सफाई, 13 फीसदी बिजली-पानी, 13 फीसदी भ्रष्टाचार और 7 फीसदी सुरक्षा को मुद्दा मानते हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या प्रदूषण की समस्या के बीच एमसीडी चुनाव से आम आदमी पार्टी को नुकसान होगा? 60 फीसदी लोगों ने इसका जवाब ‘हां’ में दिया तो 40 फीसदी मानते हैं कि इससे कोई नुकसान नहीं होगा।

सर्वे में यह भी सवाल किया गया कि क्या गुजरात के साथ एमसीडी चुनाव से केजरीवाल को फायदा होगा या नुकसान, 52 फीसदी ने कहा कि फायदा होगा। 48 फीसदी मानते हैं कि इससे ‘आप’ को नुकसान होगा।

 

आरक्षण पर SC की मुहर, लेकिन सीजेआई और जस्टिस भट्ट इसके खिलाफ

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केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को दिए गए आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने ईडब्ल्यूएस आरक्षण को वैध बताते हुए, इससे संविधान के उल्‍लंघन के सवाल को नकार दिया। हालांकि, चीफ जस्टिस यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पांच संदस्यीय बेंच ने 3-2 से ये फैसला सुनाया है।

इससे यह साफ हो गया कि केंद्र सरकार ने 2019 में 103वें संविधान संशोधन विधेयक के जरिए जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को शिक्षा और नौकरी में 10 प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था की थी, संविधान का उल्‍लंघन नहीं है। आइए आपको बताते हैं ईडब्ल्यूएस आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ द्वारा दिए गए फैसले की मुख्‍य बातें।

सुप्रीम कोर्ट ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के केंद्र सरकार के फैसले को बरकरार रखने का फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि ईडब्ल्यूएस कोटे से संविधान के बुनियादी ढांचे का उल्लंघन नहीं हुआ।

संविधान पीठ ने ये फैसला 3-2 से सुनाया है। जस्टिस दिनेश माहेश्वरी, जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस जेबी पारदीवाला ने बहुमत का फैसला दिया। वहीं, जस्टिस एस रवींद्र भट और सीजेआई यूयू ललित ने इस मुद्दे पर असहमति जताते हुए इसे अंसवैधानिक करार दिया है।

सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए 50 प्रतिशत कोटा को किसी भी रूप में बाधित नहीं करता है। कोर्ट ने कहा कि गरीब सवर्णों को समाज में बराबरी तक लाने के लिए सकारात्मक कार्रवाई के रूप में संशोधन की आवश्यकता थी।

मोदी सरकार ने साल 2019 में 103वें संविधान संशोधन विधेयक के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को शिक्षा और नौकरी में 10 प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था की थी, जिसका कई लोगों ने विरोध किया था।

जस्टिस दिनेश माहेश्वरी ने EWS आरक्षण के समर्थन में अपनी सहमति जताई। उन्होंने कहा कि आर्थिक आधार पर दिया जाने वाला आरक्षण संविधान के मूल ढांचे का किसी भी रूप में उल्लंघन नहीं करता है। ईडब्ल्यूएस आरक्षण समानता संहिता का उल्लंघन नहीं करता।

जस्टिस बेला एम त्रिवेदी ने भी ईडब्ल्यूएस आरक्षण का को जायज ठहराया है। उन्होंने कहा कि वह जस्टिस माहेश्वरी के साथ सहमत हैं। सामान्य वर्ग में ईडब्ल्यूएस कोटा वैध और संवैधानिक है।

जस्टिस जेबी पारदीवाला ने भी ईडब्ल्यूएस आरक्षण का समर्थन किया। उन्‍होंने कहा कि ईडब्‍ल्‍यूएस आरक्षण में को आपत्ति नहीं है। मैं जस्टिस माहेश्वरी और जस्टिस त्रिवेदी के फैसले के साथ हूं। हालांकि, EWS कोटा को अनिश्चितकाल के लिए नहीं बढ़ाना चाहिए।

साल 2019 में लाए गए ईडब्ल्यूएस कोटा को तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी डीएमके समेत कई याचिकाकर्ताओं ने इसे संविधान के आधारभूत ढांचे का उल्‍लंघन बताया था। साल 2022 में संविधान पीठ का गठन हुआ और 13 सिंतबर को चीफ जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस दिनेश महेश्वरी, जस्टिस रवींद्र भट्ट, जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस जेबी पादरीवाला की संविधान पीठ ने सुनवाई शुरू की थी।

EWS आरक्षण की वैधता पर आज होगा फैसला, जानें पूरा मामला…

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सुप्रीम कोर्ट आज एक बड़ा फैसला सुनाने जा रही है। जिसके इंतजार में पूरे देश की जनता बैठी है। बता दें कि ये फैसला प्रवेश और सरकारी नौकरियों के लिए ईडब्ल्यूएस आरक्षण पर होने वाला है। माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उम्मीदवारों को 10 प्रतिशत आरक्षण प्रवेश और सरकारी नौकरियों के लिए ईडब्ल्यूएस कोटा प्रदान करने के बारे में सोचा है। इस पर कई लोगों ने आपत्ति भी जताई है, लेकिन आज कोर्ट इस पर फैसला सुनाने जा रही है। बता दें कि इस पर पहले भी फैसला सुनाया जा चुका है। लेकिन आज इस पर अंतिम फैसला सुनाया जाएगा।

27 सितंबर साल 2022 को ईडब्ल्यूएस मामले के बारे में भारत के मुख्य न्यायाधीश यू.यू. ललित और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी, एस रवींद्र भट, बेला एम त्रिवेदी और जेबी पारदीवाला ने फैसला सुरक्षित रखा था। लेकिन आज शीर्ष अदालत द्वारा अंतिम फैसला घोषित किया जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोर्ट के फैसले के खिलाफ कई सारी याचिका भी दायर की जा चुकी हैं।

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सभी याचिकाओं में आरक्षण की वैधता पर सवाल उठाया गया है और कहा गया है कि ईडब्ल्यूएस कोटा भारत के संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन है। बता दें कि 13 सिंतबर को इस मामले की सुनवाई शुरू की गई थी। जिसके बाद करीब 10 दिनों तक इसपर बहस भी चली। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पक्ष और विपक्ष की तमाम दलीलें सात दिनों तक सुनीं और 27 सितंबर को फैसला सुरक्षित रखा। अब कुछ ही देर में इस मामले पर अंतिम फैसला सुना दिया जाएगा।

सरकार की ओर से किसानों के लिए अच्छी खबर, आज बैंक अकाउंट में…

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पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार आने के बाद से ही बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। एक बार फिर आम आदमी पार्टी ने पंजाब की जनता और किसानों को खुश कर दिया है। बता दें कि पिछले कुछ दिनों से राज्य में धान की खरीद चल रही है। इस बीच राज्य सरकार ने किसानों को पूरी तरह खुश कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस दौरान एक ही दिन में सरकार ने लगभग 1,84,409 किसानों के खातों में 5334.54 करोड़ रुपए की अदायगी सीधे बैंक खातों में कर दी है। जिसको देखते हुए किसान काफी खुश हैं। इसके साथ ही खबर सामने आ रही है कि किसानों के लिए 1500 करोड़ रुपए की अदायगी के लिए मंज़ूरी दे दी गई है।

आज ये रकम भी सभी किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। गोरतलब हैं कि अब तक इस सीजन के दौरान 144 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। इस बीच न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर भी बड़ी खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि रविवार कल तक कुल 25424.86 करोड़ रुपए की एमएसपी अदायगियां सीधे किसानों के बैंक खातों में जारी की जा चुकी हैं।

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गोरतलब हैं कि अब तक लगभग 6.5 लाख किसान एमएसपी का लाभ उठा चुके हैं। इस बात की जानकारी सरकार के प्रवक्ता ने दी है। खाद्य एवं सिविल सप्लाई विभाग के प्रमुख सचिव राहुल भंडारी ने भी इसे जुड़ा एक बयान दिया। उन्होंने कहा कि “नवंबर के लिए नकद कर्ज हद की मंजूरी से एमएसपी भुगतान निर्विघ्न करना जारी रखा गया है। माझा क्षेत्र में लगभग पूरे धान की खरीद और लिफ्टिंग हो चुकी है और अब सबसे अधिक धान की आवक मालवा क्षेत्र में हो रही है. जिलों से प्राप्त रिपोर्ट अनुसार 72 घंटे पहले खरीदे गए धान में से 98 प्रतिशत से अधिक धान की लिफ्टिंग की जा चुकी है।

Elon Musk का ऐलान- बिना चेतावनी के पैरोडी अकाउंट होंगे सस्पेंड, नाम बदलने पर गंवाना पड़ेगा ब्लू टिक

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ट्विटर को खरीदने के बाद से एलन मस्क (Elon Musk) हर रोज ट्वीट कर कुछ न कुछ नया ऐलान करते रहते हैं। रविवार को भी ट्वीट्स की एक श्रृंखला के माध्यम से उन्होंने कहा कि किसी भी ट्विटर हैंडल को स्पष्ट रूप से ‘पैरोडी’ निर्दिष्ट किए बिना ‘प्रतिरूपण’ में लगे पाए जाने पर स्थायी रूप से निलंबित कर दिया जाएगा। ट्विटर के नए सीईओ ने आगे कहा कि पहले की तरह अब कोई चेतावनी नहीं दी जाएगी, क्योंकि व्यापक सत्यापन शुरू किया जा रहा है।

मस्क ने ट्वीट किया, ‘पहले, हमने निलंबन से पहले एक चेतावनी जारी की थी, लेकिन अब जब हम व्यापक सत्यापन शुरू कर रहे हैं, तो कोई चेतावनी नहीं होगी। इसे स्पष्ट रूप से ट्विटर ब्लू पर साइन अप करने की शर्त के रूप में पहचाना जाएगा।’ उन्होंने यह भी कहा कि अब किसी भी नाम परिवर्तन से सत्यापित चेकमार्क का अस्थायी नुकसान होगा।

इससे पहले, ट्विटर ने Apple iPhone उपयोगकर्ताओं के लिए अपने iOS ऐप को अपडेट किया था, जिसमें नया 7.99 डॉलर प्रति माह ब्लू सब्सक्रिप्शन शामिल है। सत्यापन के साथ ट्विटर ब्लू वर्तमान में यूएस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और यूके में आईओएस पर उपलब्ध है।

मस्क ने रिपोर्टों की पुष्टि की और घोषणा की कि कंपनी ट्विटर की सदस्यता सेवा के लिए प्रति माह आठ अमेरिकी डालर का शुल्क लेगी। हालांकि ब्लू टिक फीस लागू करने का मस्क का फैसला कई लोगों को रास नहीं आया। यहां तक ​​​​कि कुछ विज्ञापनदाताओं ने साइट से अपना पैर वापस खींच लिया।

ट्विटर ब्लू मेंबरशिप लगभग एक साल पहले व्यापक रूप से कुछ प्रकाशकों के विज्ञापन-मुक्त लेख देखने और ऐप में अन्य बदलाव करने के तरीके के रूप में लॉन्च हुई, जैसे कि एक अलग रंग का होम स्क्रीन आइकन।

ब्लू टिक फीस के अलावा, मस्क को कर्मचारियों की छंटनी के लिए ट्विटर पर काफी नफरत भी मिल रही है।कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के अपने फैसले का बचाव करते हुए मस्क ने कहा कि इसकी जरूरत थी क्योंकि ट्विटर को प्रतिदिन 40 लाख डॉलर से अधिक का नुकसान हो रहा था।

 

 

 

BJP और कांग्रेस का सिरदर्द, AAP बनी हमदर्द

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हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए चल रहे चुनाव में दोनों मुख्य प्रतिद्वंद्वी दल (भाजपा-कांग्रेस) बागियों की चुनौती का सामना कर रहे हैं। दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगाने में जुटी है। सत्ता की चाबी किसके हाथ रहेगी, इसमें बागियों और आप के उम्मीदवारों की बड़ी भूमिका होना तय है।

हिमाचल की 68 विधानसभा सीटों के लिए 412 प्रत्याशी मैदान में हैं। 2017 के मुकाबले इस बार प्रत्याशियों की संख्या 74 ज्यादा है। चुनाव तिथि घोषित होने से पहले भी भाजपा ने तैयारियां पूरी कर ली थी।

प्रधानमंत्री सहित तमाम नेताओं के जमकर दौरे हुए और सौगातों की झड़ी लगा दी गई। वहीं, चुनाव की घोषणा वाले दिन ही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सोलन में पहली रैली कर कांग्रेस की नीतियां व गारंटियों को स्पष्ट कर दिया था। इसके बाद पार्टी ने गति पकड़ी पर उसके बागियों ने सिरदर्द कर दिया।

कांग्रेस ने बागी विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर, पूर्व विधायक सुभाष मंगलेट व जगजीवन पाल, विजय पाल खाची, परस राम सुशील कौल, ब्लॉक कांग्रेस के उपाध्यक्ष कैलाश शर्मा, जिला कांग्रेस कुल्लू के महासचिव लोक राज ठाकुर, शेर सिंह ठाकुर, विजय कंवर, पंकज कुमार, शिमला शहरी के अभिषेक भरवलिया, पीसीसी सचिव सुनील कुमार। इनमें से तीन पार्टी को नुकसान पहुंचाने की स्थिति में हैं। कांग्रेस के 11 नेता बागी हुए थे पर पांच मना लिया गए हैं।

भाजपा को उम्मीद थी वो अपने बागियों को मना लेगी पर ऐसा हुआ नहीं। 21 बागी उसका गणित बिगाड़ने में लगे हैं। महेश्वर सिंह ने बेटे हितेश्वर को बागी चुनाव लड़ा दिया है। आनी के विधायक किशोरी लाल सागर, देहरा विधायक होशियार सिंह, नालागढ़ के पूर्व विधायक केएल ठाकुर, इंदौरा के मनोहर धीमान, किन्नौर के तेजवंत नेगी टक्कर दे रहे हैं। पूर्व मंत्री रूप सिंह ठाकुर ने बेटे अभिषेक ठाकुर को सुंदरनगर, बिलासपुर के भाजपा नेता सुभाष शर्मा ने ताल ठोक दी है।

 

फतेहपुर से पूर्व सांसद कृपाल परमार, मंडी से प्रवीण शर्मा व कुल्लू से राम सिंह भी भाजपा को नुकसान पहुंचाने में लगे हैं। नाचन से ज्ञान चंद, धर्मशाला से विपिन नैहरिया, अनिल चौधरी, कांगड़ा से कुलभाष चौधरी, मनाली से महेंद्र ठाकुर, बड़सर से संजीव शर्मा, हमीरपुर से नरेश दर्जी, भोरंज से पवन कुमार, रोहडू़ से राजेंद्र धीरटा व चंबा से इंदिरा कपूर नुकसान पहुंचा रहे हैं।

आप की रणनीति

आम आदमी पार्टी ने सबसे अधिक तोड़ कांग्रेस में ही की है। उसने कांग्रेस के ब्लाक स्तर से लेकर जिला स्तर तक के तीन दर्जन नेताओं को उम्मीदवार बनाया है, जो चुनाव घोषित होने के पहले ही कांग्रेस से चले गए थे।

20 सीटों पर पहुंचाया था नुकसान

2017 के चुनाव में 348 प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें 15 कांग्रेस के बागी थे। कांग्रेस के कद्दावर नेता ठाकुर कौल सिंह की बेटी जया ठाकुर और उनके शिष्य पूर्ण चंद ठाकुर भी बागी होकर मैदान में थे। रामपुर, शिमला से पूर्व कैबिनेट मंत्री सिंघी राम, ऊना से राजीव गौतम, लाहौल स्पीति से राजेंद्र करपा, कुल्लू से रेणुका डोगरा, द्रंग से पूर्ण चंद ठाकुर (प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष ), नालागढ़ से हरदीप सिंह बाबा (इंटक के अध्यक्ष) व शिमला शहरी क्षेत्र से हरीश जनारथा ने कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया था। बागियों ने कांग्रेस को 20 सीटों पर नुकसान पहुंचाया।

कम मत अंतर वाली सीटों पर नजर

2017 में भाजपा को कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर, चंबा, कुल्लू, सिरमौर, लाहौल स्पीती और ऊना जिले में सफलता मिली थी। वहीं, हमीरपुर, किन्नौर, शिमला, सोलन में कांग्रेस को। चूंकि इस बार ‘आप’ पंजाब के अपने काम और वादों को लेकर मैदान में है, तो वह भी नुकसान पहुंचाएगी।

सत्ताविरोधी वोट बांटकर वो कांग्रेस के सपनों को तोड़ सकती है। वजह पिछले चुनाव में दो दर्जन सीटें ऐसी थीं, जिनका अंतर पांच हजार से कम मतों का था। आदमी पार्टी का निशाना वही सीटें हैं।

 

 

CJI यूयू ललित का रिटायरमेंट, आखिरी दिन देंगे 6 बड़े फैसले, ऐसा रहा सुप्रीम कोर्ट का सफर

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मुख्य न्यायाधीश जस्टिस उदय उमेश ललित का सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को आखिरी दिन है। वे छह अहम मामलों में फैसला सुनाएंगे। वह आठ नवंबर को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। उनकी जगह आठ नवंबर को ही दूसरे वरिष्ठतम जज जस्टिस डॉ. डीवाई चंद्रचूड़ देश के अगले मुख्य न्यायाधीश बनेंगे।

सामान्य वर्ग के आर्थिक गरीब को 10 फीसदी आरक्षण दिया जा सकता है या नहीं, इस पर जस्टिस ललित फैसला देंगे। यह आरक्षण संविधान में 103 वां संशोधन के जरिये लाया गया है। इस संशोधन एक्ट, 2019 से संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में उपबंध 6 को जोड़ा गया। इसे असंवैधानिक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। दूसरा फैसला आम्रपाली आवासीय योजना के खरीदारों को फ्लैट दिलवाने या उनका पैसे देने पर है। शेष चार फैसले सामान्य हैं।

रजिस्ट्री में सुधार

सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के कई अफसरों को बाहर का रास्ता दिखाया जो रिटायर होने बाद भी एक्स्टेंशन पर चल रहे थे। वहीं, पूर्व मुख्य न्यायाधीश द्वारा प्रतिनियुक्ति पर रखे अफसरों को भी हटाया।

बिगड़ैल रईसजादों ने स्टंटबाजी कर 3 लोगों को कुचला, एक की मौत, 2 की हालत गंभीर

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दिल्ली से सटे गुरुग्राम के उद्योग विहार फेज-चार इलाके में शराब के नशे में धुत रईसजादों के स्टंट ने एक शख्स की जान ले ली। दो गंभीर रूप से घायल हो गए। स्टंट करने के दौरान तेज रफ्तार कार ने तीन लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। मृतक शख्स की पहचान नहीं हो पाई है।

घायलाें की पहचान डिस्कवरी वाइन में काम करने वाले अनु कुमार गुप्ता और सुशील कुमार के रूप में की गई। उद्योग विहार थाना पुलिस ने घायलों के बयान पर हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। रईसजादों की छानबीन शुरू कर दी है। क्राइम ब्रांच की टीमें भी जांच में जुट गई है।

पुलिस के मुताबिक, शनिवार रात लगभग डेढ़ बजे उद्योग विहार फेज-चार इलाके में राव गजराज सिंह चौक के नजदीक होटल हयात के पीछे काफी शोर हो रहा था।

उस समय नजफगढ़ के रहने वाले अनु कुमार गुप्ता और सुशील कुमार डिस्कवरी वाइन शाप में ही थे। शोर सुनकर दोनों बाहर निकले तो देखा कि 10-12 युवक आपस में तू-तू, मैं-मैं कर रहे थे। बीच-बीच में कारों से स्टंट भी कर रहे थे।

आरोपितों के पास दो अर्टिगा, एक हुंइई वेन्यू और एक हुंडई क्रेटा थी। वहीं पर इलाके में कूड़ा उठाकर कबाड़ियों से बेचने वाला 50 वर्षीय व्यक्ति भी खड़ा था। एक युवक खतरनाक तरीके से स्टंट कर रहा था।

इसे देखकर अनु कुमार गुप्ता ने सुशील कुमार और कूड़ा उठाने वाले को पीछे हटने के लिए कहा। तीनों पीछे हट गए थे। इसके बाद भी एक अर्टिगा ने तीनों को टक्कर मार दी।