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आलिया भट्ट और रणबीर कपूर के घर गूंजी किलकारी

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बॉलीवुड की खूबसूरत व टैलेंटिंड एक्ट्रेस आलिया भट्ट (Alia Bhatt) और अभिनेता रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) के घर किलकारी गूंजी है। रणबीर- आलिया, पैरेंट्स बन गए हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक आलिया ने बेटी को जन्म दिया है। रणबीर और आलिया के पैरेंट्स बनने पर पूरा कपूर और भट्ट परिवार खुश है। हालांकि आलिया की डिलीवरी नॉर्मल हुई है सर्जरी, इस बारे में नहीं पता चल पाया है।

बता दें कि ये साल आलिया और रणबीर के लिए काफी खास रहा। इसी साल अप्रैल में दोनों ने शादी की। जून में फिर आलिया ने अपनी प्रेग्नेंसी की अनाउंसमेंट की और इसके बाद अब आज दोनों पैरेंट्स बन गए हैं।

सोशल मीडिया पर कपल के फैन्स काफी खुश हैं और कह रहे हैं कि घर पर लक्ष्मी आई है। फैन्स बेटी की पहली झलक देखने के लिए बेताब हैं।

उत्तराखंड में महसूस हुए भूकंप के झटके, घरों से बाहर निकले लोग

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उत्तराखंड के कई शहरों में आज सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 8:33 बजे राजधानी देहरादून, उत्तरकाशी, बड़कोट, टिहरी और मसूरी में लोगों ने भूकंप महसूस किया।

भूकंप के यह झटके राजधानी देहरादून, मसूरी से लेकर उत्तरकाशी तक महसूस किए गए। जिला मुख्यालय उत्तरकाशी सहित डुंडा भटवाड़ी बड़कोट नौगांव क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए। वहीं, रुद्रप्रयाग में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।

रविवार यानि 6 नवंबर की सुबह करीब आठ बजकर 33 मिनट तीन सेकेंड पर भूकंप का झटका महसूस किया गया। रिक्टर स्केल में इसकी तीव्रता 4.5 थी। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का आक्षांस 30.67 और देशांतर 78.60 था साथ ही इसका केंद्र जमीन के भीतर करीब पांच किलोमीटर था। जो उत्तरकाशी के चिन्यालीसौंड से करीब 35 किमी दूर टिहरी जिले में बताया जा रहा है।

देखा जाए तो उत्तराखंड भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। राज्य के अति संवेदनशील जोन पांच की बात करें इसमें रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी जिले आते हैं। जबकि ऊधमसिंहनगर, नैनीताल, चंपावत, हरिद्वार, पौड़ी व अल्मोड़ा जोन चार में हैं वहीं देहरादून व टिहरी दोनों जोन में आते हैं।

दो बड़े भूकंप

उत्तराखंड के उत्तरकाशी और चमोली जिले में दो बड़े भूकंप आ चुके हैं। उत्तरकाशी में 20 अक्टूबर 1991 को 6.6 तीव्रता का भूकंप आया था। इस भूकंप में उस समय हजारों लोगों की मौत हुई थी। साथ ही संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा था।

 

दूसरा भूकंप 29 मार्च 1999 में चमोली जिले में उत्तराखंड का दूसरा बड़ा भूकंप आया था। देश के उत्तर प्रदेश (अब उत्तराखंड) राज्य में आया यह भूकंप हिमालय की तलहटियों में 90 वर्षों का सबसे शक्तिशाली भूकंप था। इस भूकंप में 103 लोग मारे गए थे।

उप चुनाव में जबरदस्त टक्कर, जानें कौन चल रहा आगे?

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6 राज्यों की 7 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव में मतगणना शुरू हो गई है। इनमें गोपालगंज और मोकामा (बिहार), मुनुगोडे (तेलंगाना), धामनगर (ओडिशा), गोकर्णनाथ (उत्तर प्रदेश), आदमपुर (हरियाणा), अंधेरी पूर्व (महाराष्ट्र) का नाम शामिल है। सुबह 8 बजे मतगणना शुरू हो जाएगी।

बिहार की मोकामा सीट पर राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर मैदान में उतरीं बाहुबली नेता अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी आगे चल रही हैं। उन्होंने करीब 13 हजार मतों की बढ़त हासिल की है। इधर, आदमपुर में आम आदमी पार्टी बुरी तरह पिछड़ गई है। राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के गृहराज्य में पार्टी तीसरे नंबर पर है।

मोकामा: विधानसभा उपचुनाव में के शुरुआती रुझानों के मुताबिक 9वें राउंड की मतगणना के बाद RJD की नीलम देवी 35,036 मतों के साथ आगे चल रही हैं। बीजेपी की सोनम देवी 24,299 वोटों से पीछे हैं।

आदमपुर: भाजपा आगे

धामनगर: भाजपा आगे

गोपालगंज: भाजपा आगे

अंधेरी पूर्व: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) आगे

मुनुगोडे: भाजपा आगे

महाराष्ट्र की अंधेरी पूर्व सीट से शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) उम्मीदवार ऋतुजा लटके 11 हजार से ज्यादा मतों के साथ आगे चल रही हैं। खास बात है कि यहां भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार ने नाम वापस ले लिया था। सीट पर करीब 3 हजार नोटा डाले गए हैं। अंधेरी पूर्व सीट पर 4 निर्दलीय समेत कुल 7 उम्मीदवार मैदान में हैं।

 

 

आकाश तत्व-आकाश फॉर लाइफ पर राष्ट्रीय सम्मेलन, केंद्रीय मंत्री और CM धामी समेत ये हुए शामिल

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नेशनल कांफ्रेंस ऑफ एजुकेशन ऑन आकाश तत्व-आकाश फॉर लाइफ पर राष्ट्रीय सम्मेलन देहरादून में आयोजित हो रहा है। सम्मेलन का उद्घाटन बीते रोज राज्यपाल गुरमीत सिंह ने किया था। सम्मेलन के दूसरे दिन आयोजित कॉन्फ्रेंस का केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह सुरेश भैया जी जोशी ने संयुक्त रूप से किया। इस राष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन के लिए इसरो और सभी प्रमुख वैज्ञानिक और विभाग, विज्ञान भारती के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

विज्ञान भारती स्वदेशी भावना के साथ एक गतिशील विज्ञान आंदोलन है, जो एक ओर पारंपरिक और आधुनिक विज्ञानों को, तो दूसरी ओर प्राकृतिक और आध्यात्मिक विज्ञान को जोड़ने का काम करता है। इस कॉन्क्लेव के दौरान देश के प्रख्यात वक्ता आकाश तत्व के विभिन्न आयामों पर अपने विचार साझा कर रहे हैं। सम्मेलन में बोलते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उम्मीद जताई कि नई पीढ़ी पृथ्वी के मूल तत्व के विषय में वैज्ञानिक विश्लेषण करने में सक्षम होगी। उसकी कई भ्रांतियां भी इसे लेकर दूर होंगी। उन्होंने पुरातन विज्ञान को पुरातन न कहकर सनातन विज्ञान की संज्ञा दी।

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा यह सम्मेलन सभी तरह के विचारों के विस्तारित एकीकरण के माध्यम से पारंपरिक और आधुनिक ज्ञान के सम्मिश्रण को प्रदर्शित करेगा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आधुनिक वैज्ञानिक प्रगति के साथ-साथ भारत के युवाओं को प्राचीन विज्ञान के ज्ञान से परिचित कराना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 से समाज के भीतर विज्ञान और तकनीकी विकास के एकीकरण का आह्वान किया है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के माध्यम से भारत का विश्व समुदाय में परचम लहराएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले 8 वर्षों में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी सहित सभी वैज्ञानिक गतिविधियों को विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया और कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोगों के विस्तार ने आम आदमी के लिए जीवन को आसान बनाया है।

वहीं भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने कहा कि पिछले 60 सालों के दौरान अंतरिक्ष क्षेत्र में देश ने जो हासिल किया है, उससे दुनिया भारत को एक प्रेरणादायक स्थान के रूप में देख रही है। उन्होंने कहा कि वह इस क्षेत्र में स्टार्टअप लाकर और उन्हें अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में शामिल करके राकेट और उपग्रहों को विकसित करने के बदलाव के रूप में निहार रही है। भारत की आजादी के 75वें साल का जिक्र करते हुए सोमनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्पष्ट दृष्टि है कि देश को अगले 25 वर्षों में क्या हासिल करना है। आने वाले 25 साल के दौरान भारत साइंस एंड टेक्नालाजी के क्षेत्र में काम करेगा।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री हरिद्वार सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा नई शिक्षा नीति में भी इस बात का समावेश किया गया है। बचपन से ही प्रतिभाओं का आंकलन करने के बाद कौशल विकास और वैज्ञानिक दृष्किोण से जोड़ते हुए शोध व अनुसंधान तक पहुंचाया है। सांसद नरेश बसंल ने कहा आकाश तत्व शोध व अनुसंधान के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। युवा पीढ़ी को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।

केजरीवाल से होटल में हुई थी मीटिंग, दिए थे 50 करोड़, महाठग सुकेश का दावा

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दिल्ली की मंडोली जेल में बंद महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने सत्येंद्र जैन पर गंभीर आरोप लगाने के बाद अब एक और लेटरबम फोड़ दिया है। सुकेश ने इस बार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अपने निशाने पर लिया है। सुकेश ने अपने इस लेटर में कई बड़े और सनसनीखेज दावे किए हैं।

गुजरात, हिमाचल और एमसीडी चुनाव से ऐन पहले इस बार मीडिया को लिखे चार पेज के इस ‘विस्फोट’ लेटर में उसने ‘आप’ के नेता केजरीवाल पर 50 करोड़ रुपये लेने का आरोप लगाया है। साथ ही राज्यसभा की सीट ऑफर करने का भी दावा किया है। सुकेश ने सुकेश ने इस पत्र में केजरीवाल से सीधे सवाल करते हुए पूछा है कि अगर मैं देश का सबसे बड़ा ठग हूं तो अपने मेरे जैसे ठग को राज्यसभा सीट का ऑफर देकर 50 करोड़ रुपये क्यों लिए?
इसके साथ ही सुकेश ने चिट्ठी में आरोप लगाया है कि केजरीवाल और सत्येंद्र जैन के खिलाफ लिखी गई पहली चिट्ठी के बाद मुझे तिहाड़ जेल के पूर्व डीजी और प्रशासन धमकियां दे रहा है। सुकेश ने लिखा है कि केजरीवाल और उनके मंत्री सत्येंद्र जैन के प्रशासन से डरने वाला नहीं हूं। उसने दावा किया है कि जो जानकारियां दी हैं वो पूरी तरह सही हैं, बेशक उनकी जांच करवा ली जाए।

सुकेश ने आगे यह भी लिखा है कि मुझसे आपने और कारोबारियों को आम आदमी पार्टी से जोड़कर 500 करोड़ रुपये जुटाने के लिए कहा था। इसके बदले मुझे पार्टी में कर्नाटक में बड़ा पद भी ऑफर किया जा रहा था। सुकेश ने साल 2016 में होटल हयात में हुई डिनर पार्टी का जिक्र करते हुए कहा है कि केजरीवाल जी आप सत्येंद्र जैन के साथ मेरी डिनर पार्टी में क्यों शामिल हुए थे, जब मैंने आपको 50 करोड़ रुपये भी दिए थे। ये रकम मैंने आपको कैलाश गहलोत के असोला फार्म पर दी थी।
केजरीवाल, आपने बेंगलुरु के पूर्व कमिश्नर भास्कर राव को उनकी नौकरी के बाद केवल ‘आप’ में शामिल करने के लिए मुझे क्यों मजबूर किया था? केजरीवाल, आपने क्यों साल 2017 में सत्येंद्र जैन के फोन से मुझसे बात की थी जब मैं तिहाड़ जेल में बंद था। सुकेश ने दावा किया कि ये नंबर सत्येंद्र जैन ने AK2 के नाम से सेव किया हुआ था।

सांप ने बच्चे को डसा, फिर बच्चे ने सांप को काट दिया और सांप मर गया, ये है वजह

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छत्तीसगढ़ के जसपुर जिले में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। जसपुर में एक लड़के को सांप ने काटने के बाद लड़के ने सांप को दो बार काट लिया जिससे सांप की मौत हो गई। आठ साल का दीपक अपने घर के पीछे खेल रहा था। उसे सांप के खतरे का अंदाजा नहीं था।

अचानक आए एक सांप बच्चे की बांह में खुद को लपेट लिया और उसको डंस लिया। दीपक सांप के डसने से दर्द से कराह रहा था और उसे अपनी बांह से छुड़ा नहीं पा रहा था। तभी उसकी जीने की चाह ने उसे हिम्मत दी और उसने सांप को काट लिया जिससे सांप की मौके पर ही मौत हो गई।

बच्चे ने दो बार काटा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बच्चे ने बताया कि सांप के काटने से उसे बहुत दर्द हो रहा था। सब कुछ अचानक हुआ। उसने कहा, सांप ने मेरे हाथ में लपेट लिया था और मुझे डस रहा था। मुझे बहुत दर्द हो रहा था, मैं सांप से खुद को छुड़ाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन छुड़ा नहीं पाया। मैंने सांप को दो बार काटा जिससे सांप की मौत हो गई।

जब उसने सांप काटने की बात परिजनों को बताई तो परिवार वालों ने जल्दी-जल्दी में उसे पास के एक अस्पताल ले गए। जहां दीपक को एंटी स्नेक वेनम दिया गया। इसके बाद दीपक को एक दिन की देखभाल के लिए अस्पताल में ही रखा गया है। दीपक अभी सुरक्षित है

सांप ने किया था ड्राई बाइट
डॉक्टरों ने बताया कि जब सांप ने दीपक को डसा तो जहर नहीं रिलीज हुआ था, जिस कारण दीपक की जान बच गई। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि बच्चे को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। अब वो बिल्कुल ठीक है। ड्राई बाइट में सांप के डसने पर जहर नहीं निकलता है, जिससे जान बच जाती है।

हिमाचल चुनाव : कांग्रेस का घोषणापत्र जारी, पहली कैबिनेट में एक लाख लोगों को रोजगार, पढ़ें पूरी खबर

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हिमाचल : विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र जारी कर दिया। इसमें कहा गया है कि पहली कैबिनेट बैठक में 1 लाख लोगों को रोजगार देने का काम किया जाएगा। कांग्रेस ने घोषणापत्र में हिमाचल की जनता को 10 गारंटी देने का वादा किया है, जिसमें महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह, 300 यूनिट मुफ्त बिजली और 2 रुपये प्रति किलो गाय के गोबर की खरीद शामिल है।

इसके अलावा पार्टी ने पुरानी पेंशन योजना और प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में 10 करोड़ ‘स्टार्टअप निधि’ देने का वादा किया है। कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में कहा है कि फलों की कीमत बागवान ही तय करेंगे। साथ ही हर विधानसभा क्षेत्र में 4 अंग्रेजी स्कूल खोले जाने की बात कही गई है। इसके अलावा मोबाइल वैन से हर गांव में मुफ्त इलाज की सुविधा देने का भी वादा किया गया है। वहीं, पार्टी ने पशुपालकों से रोजाना 10 लीटर दूध खरीद करने का वादा किया है।

घोषणापत्र जारी करने के मौके पर अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (AICC) के हिमाचल प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला, प्रदेश कांग्रेस समिति के पूर्व प्रमुख सुखविंदर सिंह सुक्खू, एआईसीसी सचिव तेजिंदर पाल बिट्टू और मनीष चतरथ भी मौजूद थे। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मौजूद रहे। पार्टी की चुनाव घोषणा समिति के अध्यक्ष धनीराम शांडिल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने में नाकाम रही है और उसने 5 साल पहले किए गए अपने वादे पूरे नहीं किए। शांडिल ने कहा, ‘यह महज चुनावी घोषणापत्र नहीं है बल्कि हिमाचल प्रदेश के लोगों के विकास तथा कल्याण के लिए तैयार दस्तावेज है।’

12 नवंबर को मतदान
हिमाचल प्रदेश में 12 नवंबर को मतदान होगा और मतगणना 8 दिसंबर को होनी है। कांग्रेस राज्य में सत्ता विरोधी लहर को भुनाने की कोशिश कर रही है और मतदाताओं से भाजपा को सत्ता से बेदखल करने की अपील कर रही है। दूसरी ओर, बीजेपी दोबारा सत्ता में बने रहने की कोशिश में लगी हुई है। भाजपा नेता इस बार राज्य में रिवाज बदलने का दावा कर रहे हैं।

हिमाचल चुनाव के बीच देश के पहले वोटर का निधन, इतनी थी उम्र

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हिमाचाल: देश के पहले वोटर का 106 साल की उम्र में निधन हो गया है। सिलेब्रिटी वोटर के रूप में पहचान रखने वाले देश के पहले वोटर श्याम सरन नेगी का निधन हो गया है। किन्नौर के श्याम सरन नेगी ने निधन से दो दिन पहले ही डाक वोट के जरिए अपने मताधिकारी का प्रयोग किया था। उनका वोट लेने के लिए चुनाव आयोग की ओर से खास इंतजाम किए गए थे।

उन्हें लाल कालीन पर लाया गया था और पूरे सम्मान के साथ वोट लिया गया था। बुजुर्ग होने के चलते मतदान टीम उनके घर पहुंची थी और पोस्टल बैलेट के जरिए मतदान की तारीख से पहले ही वोट लिया था। श्याम सरन नेगी ने देश के पहले आम चुनाव में पहला वोट डाला था और तब से वह कभी भी वोट डालने का मौका नहीं चूके थे।

श्याम सरन नेगी की उम्र 106 साल थी और वह कभी मतदान का मौका नहीं चूकते थे। वह कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। किन्नौर के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर आबिद हुसैन ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से श्याम सरन नेगी के अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं। उन्हें पूरे सम्मान के साथ विदाई दी जाएगी और इसके लिए बैंड का भी इंतजाम किया गया है। श्याम सरन नेगी का जन्म 1 जुलाई, 1917 को हुआ था। वह किन्नौर के ही कल्पा में अध्यापक के तौर पर कार्यरत थे।

भारत में ब्रिटिश शासन की समाप्ति के बाद जब 1951 में पहली बार आम चुनाव कराए गए थे तो श्याम सरन नेगी पहले शख्स थे, जिन्होंने मतदान किया था। 25 अक्टूबर, 1951 को लाइन में लगकर मतदान करने वाले पहले व्यक्ति थे। तब आम चुनाव फरवरी 1952 में हुए थे, लेकिन हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी के चलते 5 महीने पहले ही मतदान करा लिया गया था।

HAPP BIRTHDAY VIRAT : कप्तानी छोड़ी, फॉर्म खोया, लेकिन वापसी पर सब नतमस्तक

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विराट कोहली आज अपना 34वां जन्मदिन मना रहे हैं। 2008 में भारत के लिए डेब्यू करने वाले कोहली ने अपना करियर उस समय शुरू किया था, जब भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में उन दिग्गजों का नाम शामिल था, जिन्हें खेलते देखकर, विराट बड़े हुए थे। कोहली इस दौरान कभी ओपनिंग करने उतरे, तो कभी चौथे, सातवें या फिर तीसरे नंबर पर आए। 2010 के बाद से अपने सबसे पसंदीदा तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते नजर आए। कोहली ने 2010 में ही जिम्बाब्वे के खिलाफ टी-20 डेब्यू किया था। इसके अगले ही साल उन्होंने टेस्ट में भी डेब्यू कर लिया था। जिसके बाद पूरी दुनिया ने एक ऐसे बल्लेबाज को देखा जो अपने दम पर मैच का रूख पलटने का दम रखता है, जिसके सामने आने से बड़े से बड़े गेंदबाज डरता है और कप्तानी ऐसे की, जिसकी चर्चा आज और कल भी होती रहेगी।

टेस्ट में डेब्यू करने के तीन साल बाद ही 2014 में विराट कोहली को टीम का कप्तान चुन लिया गया था और ये काम तत्कालीन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने किया था। धोनी ने उन पर भरोसा जताया। इसके तीन साल बाद विराट कोहली टीम के फुल टाइम कप्तान बन गए। धोनी का बतौर कप्तान करियर ज्यादा बढ़ा नहीं रहा है, लेकिन जो जज्बा और जुनून उनकी कप्तानी में देखने को मिला, उसकी पूरी दुनिया कायल है। उनकी कप्तानी में टीम ने कई ऐतिहासिक जीत हासिल की कई बड़े टूर्नामेंट में लंबा सफर तय किया, लेकिन ट्रॉफी हाथ नहीं लगी। हालांकि ये सिलसिला ज्यादा दिन तक नहीं चला और 2021 टी-20 वर्ल्ड कप में टूर्नामेंट की शुरुआत से बाहर होने के बाद ही विराट कोहली ने टी-20 टीम की कप्तानी के पद से हटने का फैसला कर लिया।

जानकारों की माने तो वनडे की कप्तानी से कोहली को हटाया गया, क्योंकि बोर्ड चाहता था कि सीमित ओवरों का कप्तान एक ही हो, ऐसे में रोहित शर्मा को टीम का कप्तान चुना गया। इसके बाद अफ्रीका से इसी साल 2-1 से टेस्ट सीरीज में मिली हार के बाद कोहली ने टेस्ट कप्तानी भी छोड़ दी। कप्तानी छोड़ने के फैसले पर काफी बवाल भी मचा, लेकिन वक्त के साथ चीजें पीछे छूट गईं।

अब सभी की नजरें एक बार फिर विराट कोहली पर थीं, जिसने एक लंबे समय तक भारत की नैया पार लगाई थी। कप्तानी से हटने के बाद कोहली लय में नजर नहीं आए। खासकर खेल के सबसे छोटे प्रारूप में, जिसके बाद उनके टी-20 टीम में जगह को लेकर भी सवाल उठने लगे, लोगों का कहना था कि जब रन नहीं बना रहे कोहली तो बाहर करो, किसी और खिलाड़ी को मौका दो जो ज्यादा अच्छा कर रहा हो। आईपीएल के दौरान भी वह फ्लॉप रहे और तीन बार जीरो पर आउट हो गए। इसके बाद कोहली ने कई बार ब्रेक लिया और इस पर भी सवाल खड़े किए गए, लेकिन विराट कोहली का खराब दौर लगातार जारी रहा।

जुलाई में इंग्लैंड दौरे के बाद और एशिया कप से ठीक पहले उन्होंने एक महीने का लंबा ब्रेक लिया। इस बार सभी को इंतजार था कि शायद कोहली फॉर्म में वापस आ जाएंगे और कोहली ने भी अपने चाहने वालों को निराश नहीं किया। इस बीच एशिया कप में ही विराट कोहली ने 1020 दिन के शतक के सूखे को खत्म करते हुए अपना 71वां इंटरनेशनल शतक भी जड़ा। विराट यहीं नहीं रुके और पिछली 9 पारियों में उन्होंने चार अर्धशतक जड़े हैं। एशिया कप 2022 में वह दूसरे सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे और ऑस्ट्रेलिया में जारी टी-20 वर्ल्ड कप में वह इस सीजन सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं और टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी भी बन गए हैं।

विराट के लिए पिछला एक साल काटों भरा जरूर रहा। कप्तानी छोड़ी, बल्ले से रन नहीं बने, संन्यास की सलाह देने वालों की लाइन लग गई थी, लेकिन विराट कोहली ने उम्मीद नहीं छोड़ी, एक महीने तक बैट नहीं पकड़ा, ब्रेक लिया, वापस लौटे और दिखाया कि उन्हें इस दौर का खेल का सबसे महान बल्लेबाज क्यों कहा जाता है। विराट कोहली की वापसी युवा खिलाड़ियों को यही सीख देती है कि किसी भी हालत में हार नहीं माननी चाहिए।

ट्रक से टकराकर ऑटो रिक्शा के उड़े परखच्चे, 7 महिलाओं की मौके पर मौत

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कर्नाटक के बीदर में भीषण सड़क हादसे में सात महिलाओं की मौत हो गई और 11 लोग बुरी तरह से घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार देर रात ट्रक और एक ऑटो रिक्शा की आमने-सामने से टक्कर हो गई थी। जिसके बाद यह दर्दनाक हादसा हुआ।

बताया जा रहा है कि महिलाएं कर्नाटक के बीदर स्थित एक गांव से देर रात ऑटो रिक्शा में सवार होकर घर की ओर जा रहीं थी। महिलाएं पेशे से मजदूर बताई जा रही हैं जो गांव में दिनभर मजदूरी कर लौट रही थीं। घटना बीदर के बेमालाखेड़ा सरकारी स्कूल के पास हुआ।

स्थानीय पुलिस का कहना है कि देर रात महिलाएं काम पूरा करके ऑटो रिक्शा में सवार होकर वापस घर की ओर लौट रही थी। तभी बेमालाखेड़ा सरकारी स्कूल के पास बेकाबू ट्रक की ऑटो रिक्शा से आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो रिक्शा के परखच्चे उड़ गए। सात महिलाओं की मौत हो चुकी है। जिनकी पहचान पार्वती (40), प्रभावती (36), गुंडम्मा (60), यदम्मा (40), जगम्मा (34), ईश्वरम्मा (55) और रुक्मिणी बाई (60) के रूप में हुई है।