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चुनाव में AAP ने नहीं दिया टिकट, नाराज नेता बिजली के खंभे पर चढ़े

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नई दिल्ली : दिल्ली नगर निगम (MCD) चुनाव में जिन कार्यकर्ताओं को पार्टी की ओर से टिकट नहीं मिला है, अब उनकी नाराजगी खुलकर सामने आ रही है। ताजा मामले में रविवार को आम आदमी पार्टी (AAP) से टिकट न मिलने से नाराज पूर्व मनोनीत पार्षद हसीब उल हसन हाइटेंशन तार के खंभे पर चढ़ गए।

मामले की इसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। हसीब उल हसन ने आप नेताओं पर गंभीर आरोप लगाया है। हसन ने कहा कि आप नेताओं ने मुझे धोखा दिया है, आखिरी समय में मेरा टिकट काटा गया है।  एमसीडी चुनाव के लिए आप ने शनिवार देर शाम अपने-अपने प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की।

आप ने सर्वे में उभरे पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं को एमसीडी चुनाव के प्रत्याशियों की दूसरी व अंतिम सूची में जगह दी। आप ने शनिवार को 117 प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी की, जिसमें संगठन से जुड़े ज्यादातर कार्यकर्ताओं को तवज्जो मिली है।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में शनिवार को पालिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की कई घंटे चली मैराथन बैठक में इस सूची को अंतिम रूप दिया गया। इससे पहले पार्टी ने शुक्रवार को 133 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की थी, जिसमें 90 प्रतिशत पुराने कार्यकर्ताओं तरजीह दी गई।

निगम चुनाव लड़ने के लिए 20 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं ने आवेदन किया था। केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में पीएसी के सभी सदस्य शामिल हुए। गहन विचार-विमर्श के साथ ही केजरीवाल ने पीएसी सदस्यों के विचारों को जाना और सर्वसम्मति से 117 प्रत्याशियों की दूसरी और अंतिम सूची जारी की।

पार्टी ने प्रत्याशियों के चयन में क्षेत्र में पैठ रखने वाले और जनसेवा में आगे रहने वाले कार्यकर्ताओं को महत्व दिया है। आप ने योग्य प्रत्याशियों के चयन में कई पहलुओं को ध्यान में रखा। पार्टी ने चुनाव लड़ने के इच्छुक कार्यकर्ताओं से काफी पहले ही आवेदन मांग लिए थे, ताकि उनकी बारीकी से जांच की जा सके। ज्यादातर जनता के साथ खड़े रहने वाले संगठन से जुड़े पुराने कार्यकर्ताओं को तवज्जो दी गई है।

इससे पहले आप ने शुक्रवार को जारी पहली सूची में वार्ड नंबर (180) बदरपुर से सीमा भाटिया को टिकट दिया था, पर शनिवार को वहां से मंजू देवी को प्रत्याशी बनाया गया। पार्टी ने विरोध के बावजूद दक्षिणपुरी वार्ड पर नगर निगम दक्षिणी में नेता प्रतिपक्ष रहे प्रेम चौहान को टिकट दिया है, जबकि शाहदरा विधानसभा क्षेत्र के झिलमिल वार्ड से अवधेश चौबे व इसी विधानसभा के दिलशाद गार्डन वार्ड से बहन प्रीति को टिकट दिया गया है। कृष्णा नगर से जुगल अरोड़ा व प्रीत विहार से रमेश पंडित को उतारा है।

मां-बाप से बिछड़े 3 मासूमों को बनाया मुस्लिम, Aadhar भी बना दिया, ऐसे हुआ खुलासा

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मध्य प्रदेश के रायसेन से तीन हिंदू बच्चों को मुस्लिम पहचान दिए जाने का मामला सामने आया है। खबर है कि ये बच्चे कोरोनावायरस महामारी के दौरान माता-पिता से बिछड़ गए थे। मामले को लेकर राष्ट्रीय बाल आयोग भी सक्रिय हो गया है। इधर, अधिकारियों ने शिशु गृह का रिकॉर्ड जब्त कर लिया है। साथ ही पुलिस भी संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर सकती है। विस्तार से समझते हैं।

मामला मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के नजदीकी जिला रायसेन का है। यहां गौहरगंज स्थित सरकारी अनुदान प्राप्त एक शिशु गृह में तीन बच्चे रह रहे थे। इनमें एक लड़का और दो लड़कियां हैं। इन बच्चों की उम्र 4 से 8 वर्ष के बीच है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शिशु गृह के संचालक हसीन परवेज ने बच्चों के नाम बदलकर मुस्लिम कर दिए और उनके नए आधार कार्ड भी बनवा दिए। इतना ही नहीं आधार कार्ड में बच्चों के माता-पिता की जगह परवेज का ही नाम दर्ज है।

खबर है कि साल 2020 में ये बच्चे भोपाल में ही भटकते पाए गए थे। उस दौरान भोपाल कल्याण समिति ने उन्हें रायसेन बाल कल्याण समिति को सौंपा।  बाद में माता-पिता की खोज होने तक उन्हें गौहरगंज के गोदी शिशु गृह में रखा गया था। इसका संचालन नवजीवन सामाजिक संस्था के जिम्मे है।

कैसे हुआ खुलासा?
NCPCR अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो मौखिक शिकायत के आधार पर शिशु गृह का निरीक्षण करने पहुंचे थे। उस दौरान उन्होंने पाया कि बच्चों की पहचान में बदलाव किया गया है। बच्चों ने भी उन्हें बताया कि पहले उनके नाम अलग थे, लेकिन यहां उनकी पहचान में बदलाव किया गया है। कानूनगो ने मामले की जांच की बात कही है। उन्होंने बताया कि रिकॉर्ड जब्त कर जांच के आदेश दिए गए हैं।

बच्चों की दर्दनाक कहानी
रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2020 में कोरोनावायरस महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन में ये बच्चे माता-पिता से बिछड़ गए थे। फिलहाल, बच्चे के पिता की जानकारी लग सकी है। वह दमोह में रहता है। वहीं, मां के बारे में पता लगाया जा रहा है। शिशु गृह के संचालक बताते हैं कि बच्चे को छोड़ने आए शख्स ने उनके मुस्लिम होने की जानकारी दी थी। जबकि, रिकॉर्ड में बच्चों के नाम अलग हैं।

शिंदे की शिवसेना में दरार? दो MLA के बीच तकरार, यहां से जुड़े हैं तार

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महाराष्ट्र : बालासाहेबांची शिवसेना यानी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के समर्थन वाले ग्रुप में भी नेताओं की नाराजगी सामने आ रही है। खबर है कि सीएम शिंदे के समर्थक विधायक सुहास कांदे ने पार्टी के कुछ फैसलों पर सवाल उठाए हैं। साथ ही उन्होंने नजरअंदाज किए जाने के भी आरोप लगाए हैं। विधायक ने उम्मीद जताई है कि शिंदे उनकी परेशानियों को सुनेंगे।

नासिक विधायक कांदे ने शनिवार को महाराष्ट्र सरकार में मंत्री दादा भुसे पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाए हैं कि भुसे ने उन्हें क्षेत्र का विधायक होने के बाद भी जिले की अहम बैठकों में बुलाना बंद कर दिया है। कांदे ने कहा कि जिला स्तर पर संगठन में गलत लोगों को चुना गया है। विधायक ने जानकारी दी कि इसकी शिकायत मुख्यमंत्री को भी कर दी गई है।

नासिक जिले से ही आने वाले भुसे और कांदे दोनों ही नेता शिंदे समर्थक हैं। इधर, कांदे दावा कर रहे हैं कि वह अंतिम सांस तक शिंदे का साथ नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा, ‘यह सच है कि मुझे जिले की किसी बैठक में नहीं बुलाया जा रहा है। जिले से जुड़ा कोई फैसले लेने से पहले भी मुझे विश्वास में नहीं लिया जाता।’ उन्होंने कहा कि भुसे उनके साथ जिले की योजना या विकास कार्यों को लेकर चर्चा नहीं करते हैं।

बालासाहेबांची शिवसेना विधायक का कहना है कि उन्हें नियुक्तियों के बारे में अखबार से जानकारी मिली है। उन्होंने कहा, ‘नियुक्तियां गलत हैं , क्योंकि वे पार्टी को मजबूत करने के लिए काम नहीं करते। दुर्भाग्य से यह पार्टी की बढ़त को प्रभावित करता है। उनकी वजह से जिले में पार्टी में इनकमिंग बंद हो गई है। मैं नियुक्तियों के बारे में शिंदे साहब से शिकायत की है।’

उन्होंने कहा, ‘केवल उनके लिए मैं अपमानित होने और एक कदम पीछे लेने के लिए तैयार हूं। लेकिन मैं उन्हें अंतिम सांस तक नहीं छोड़ूंगा।’ शिंदे ने तब की शिवसेना में 40 विधायकों के साथ बगावत कर दी थी। बाद में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास अघाड़ी सरकार गिरी और शिंदे ने भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर सरकार बना ली थी।

बढ़ती मंहगाई में जनता को एक और झटका, सरकार ने खत्म की LPG सिलिंडर पर…

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महंगाई का दौर चल रहा है और हर एक चीज आए दिन महंगी हो रही है। पिछले कुछ समय से लगातार चीजों के दाम बढ़ रहे हैं और इस बीच एक और खबर सामने आई है। इस खबर ने जनता को और भी ज्यादा परेशान कर दिया है। दरअसल, सरकार की ओर से एक फैसला लिया गया है। इस फैसले के बाद अब जनता को कॉमर्शियल एलपीजी सिलिंडर के लिए ज्यादा पैसे देने होंगे। आपको बता दें कि कॉमर्शियल एलपीजी सिलिंडर के दामों में इजाफा नहीं हुआ है।

यहां सब सोच रहे होंगे कि जब एलपीजी सिलिंडर के दामों में कोई इजाफा नहीं हुआ तो पैसे ज्यादा क्यों देने होंगे.? तो आपको बता दें कि सरकार ने कॉमर्शियल एलपीजी सिलिंडर पर मिलने वाली छूट खत्म कर दी है। बता दें कि डिस्ट्रीब्यूटर ग्राहकों को 200-300 रुपये का डिस्काउंट देते थे। लेकिन अब सरकार ने इस डिस्काउंट को देने के लिए मना कर दिया है। दरअसल, इसको लेकर कई सारी शिकायतें दर्ज की गई हैं। जिसके चलते सरकार ने एक्शन लेते हुए ये आदेश जारी किया है।

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मिली जानकारी के अनुसार तीनों तेल कंपनियों ने ही डिस्ट्रीब्यूटरों से डिस्काउंट बंद करने के लिए कहा है। आपको बता दें कि पिछले हफ्ते ही सरकार की ओर से एलपीजी सिलिंडर के दाम घटाए गए थे। लेकिन अब अचानक से सरकार के इस फैसले से जनता को झटका लगा है। अब देखना होगा कि कब सरकार एक बार फिर जनता को राहत देने के लिए कोई फैसला लेती है। अगर बात करें आज के दामों की तो दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर 899.50 रुपए में मिल रहा है।

इन दो युवा गेंदबाजों पर दिया जहीर खान ने बयान, शमी-भुवनेश्वर की जगह…

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टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में मिली बुरी हार के बाद से अब टीम मैनेजमेंट अगले वर्ल्ड कप की तैयारी में जुट गई है। आपको बता दें कि वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड के बल्लेबाजों के सामने भारतीय गेंदबाजों की एक न चली इंग्लैंड के ओपरनर्स ने ही इंग्लैंड को जीत दिला दी। ये देख कर टीम मैनेजमेंट काफी नाराज़ हुआ और अब साल 2024 ने होने वाले वर्ल्ड कप की तैयारी में जुट गई है। बता दें कि जल्दी ही भारत, न्यूजीलैंड दौरे पर जाने वाला है। जिसके लिए दो युवा गेंदबाजों का चयन किया गया है।

बता दें कि न्यूजीलैंड पर इस बार भारत के तेज गेंदबाज उमरान मालिक और कुलदीप सेन को जगह मिलनी वाली है। मैनेजमेंट के इस फैसले को देख अब टीम के सीनियर गेंदबाज जहीर खान का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया है कि किस तरह इन दो गेंदबाजों की वजह से भारत के सीनियर गेंदबाज पीछे रह सकते हैं। एक इंटरव्यू में जाहिर खान ने कहा है कि “यह एक सुपर रोमांचक सीरीज होने जा रही है. मैं यह देखने के लिए बहुत उत्सुक हूं कि उमरान मलिक इन पिचों पर कैसा प्रदर्शन करेंगे।”

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उन्होंने आगे कहा कि “यह दौरा उनके और कुलदीप सेन के लिए सीखने का शानदार अनुभव होगा। न्यूजीलैंड की पिचें पारंपरिक रूप से तेज गेंदबाजों के लिए मददगार होती हैं और वे दोनों टीमों के भाग्य के बीच अंतर पैदा करेंगे।” जाहिर खान का मानना है कि अगर न्यूजीलैंड दौरे पर उमरान मालिक और कुलदीप सेन अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो भारत के तेज गेंदबाज शमी और भुवनेश्वर की जगह खतरे में पड़ जाएगी।

उत्तराखंड: भूकंप से डोली धरती, ‘साइलेंट’ रहा ‘अलर्ट’ करने वाला सरकारी मोबाइल एप

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देहरादून: भूकंप अलर्ट एप ठीक उसी तरह है, जिस तरह कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत बादलों को इधर-उधर खिसकाने वाला बयान था। इस एप को बड़े जोर-शोर से लॉन्च किया गया था। लेकिन, भूकंप के अलर्ट तो दूर की बात इस एप में भूकंप आने की जानकारी भी कई घंटों बाद अपडेट की जा रही है। ऐसे में जो लोग इस एप के भरोसे थे। वो इसका भरोसा छोड़कर किसी अन्य माध्यम पर ध्यान दें और खुद को सुरक्षित रखें।

एप लॉन्च करने के दौरान यह दावा किया गया था कि भूकंप आने के साथ ही इस में अलर्ट आ जाएगा। इसका अलार्म बज उठेगा, लेकिन अलार्म बजना तो दूर भूकंप आने के कई घंटों के बाद इसमें जानकारी अपडेट होती है। जबकि नेशनल सिसमोलॉजी विभाग के भूकंप एप में भूकंप के झटक आते ही खुद ही अपडे आ जाती है।

अधिकारियों का कहना है कि 5.5 से अधिक परिमाण का भूकंप आने पर ही अलार्म बजता है, लेकिन नौ नवंबर को उत्तराखंड की सीमा से सटे नेपाल में 6.3 परिमाण का भूकंप आने पर अलार्म नहीं बजा था। आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक इस भूकंप का केंद्र राज्य के नेटवर्क से दूर था। ऐसे में प्राइमरी तरंगों को राज्य में लगे सेंसर रीड करते हैं और ये 5.5 से कम की तीव्रता की थीं। इसी कारण अलार्म नहीं बजा।

अधिकारियों के इस तरह के तर्क समझ नहीं आ रहे हैं। सवाल यह है कि नेपाल भारत की सीमा से सटा हुआ है। वहां आने वाले भूकंप के झटकों से उत्तराखंड तक असर होता है। फिर नेटवर्क से कैसे दूर हो गया। कल आए भूकंप का केंद्र भी पिथौरागढ़ के आसपास ही था।

उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने पिछले वर्ष आइआइटी रुड़की के सहयोग से उत्तराखंड भूकंप अलर्ट एप विकसित किया। कहीं भी भूकंप आने पर उसकी परिधि में आने वाले क्षेत्र में यह एप अलर्ट का अलार्म बजाता है, ताकि लोग सतर्क होकर अपना बचाव कर सकें।

गत वर्ष अगस्त में इस एप को लांच किया गया था। इसके पश्चात राज्यवासियों से अपील की गई कि वे इस एप को अपने मोबाइल में अपलोड करें, ताकि उन्हें अलर्ट मिल सकें। यही नहीं, एप में भूकंप से बचाव आदि की जानकारियां भी दी गई हैं।

लोगों ने इस एप को बड़ी संख्या में डाउनलोड किया है। लेकिन, यह केवल शो-पीस बनकर रह गया है। ये बात अलग है कि गाहे-बगाहे भूकंप को लेकर माक ड्रिल के दौरान इस एप के जरिये अलर्ट बजता है, लेकिन जरूरत के वक्त यह सेवा ठप हो जाती है।

राजनीति: गुजरात के सियासी रण में सोनिया-राहुल, 15 दिनों में होंगी 25 रैलियां!

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नई दिल्ली: हिमाचल में विधान सभा चुनाव संपन्न होने के बाद कांग्रेस ने मिशन गुजरात पर फोकस कर दिया है। पार्टी अगले 15 दिनों में 25 मेगा रैली करेगी जो 125 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेंगी। कांग्रेस की ये रैलियां आक्रामक चुनावी रणनीति के तहत होंगी, जिसमें पार्टी के तमाम बड़े नेता शिरकत करेंगे।

कांग्रेस नेता के मुताबिक कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी गुजरात चुनाव में प्रचार करने आएंगे। राहुल गांधी इन दिनों भारत जोड़ो यात्रा पर महाराष्ट्र में हैं। वह हिमाचल प्रदेश चुनावों में प्रचार करने नहीं पहुंचे थे, लेकिन गुजरात में उनके आने की चर्चा है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, दोनों मुख्यमंत्री- अशोक गहलोत और भूपेश बघेल; कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के अलावा पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्रियों और ओबीसी-एससी-एसटी-अल्पसंख्यक वर्ग के बड़े नेता भी आगामी दिनों में गुजरात में रैलियां और चुनाव प्रचार करेंगे। पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस बार भी कांग्रेस ने आक्रामक चुनाव प्रचार की रणनीति बनाई है।

2017 के विधानसभा चुनावों में भी राहुल गांधी ने राज्य में आक्रामक चुनाव अभियान का नेतृत्व किया था। इस कारण कांग्रेस ने पिछले तीन दशकों में बीजेपी को डबल डिजिट (99 सीट) पर लाकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था।

इस बार, कांग्रेस ने बूथ प्रबंधन पर अधिक भरोसा करते हुए गुजरात विधानसभा चुनावों में अपनी रणनीति बदली है। राहुल गांधी ने फरवरी 2022 में द्वारका में राज्य स्तरीय चिंतन शिविर में पार्टी के चुनाव अभियान की शुरुआत की थी; जिसके बाद, पार्टी ने गुजरात विधानसभा चुनावों के लिए एक मौन अभियान योजना लागू की। इसके अलावा, कांग्रेस ने इस बार बड़े पैमाने पर घर-घर अभियान पर ध्यान केंद्रित करने का विकल्प चुना है।

गुजरात विधानसभा चुनाव दो चरणों (1 दिसंबर और 5 दिसंबर) में होंगे। चुनाव के नतीजे 8 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे। भाजपा और कांग्रेस के साथ आम आदमी पार्टी की एंट्री से गुजरात में इस बार चुनावी मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।

उत्तराखंड : फिर कांपी धरती, ऋषिकेश में था केंद्र, घरों से बाहर निकले लोग

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देहरादून : देवभूमि में एक बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। शाम चार बजकर 25 मिनट पर भूकंप आया। जानकारी के अनुसार ऋषिकेश भूकंप का केंद्र रहा। रिक्टर पैमाने में 3.4 तीव्रता दर्ज की गई। इससे पहले नौ नवंबर को तड़के दो बार भूकंप आया था। भूकंप के झटके उत्तराखंड समेत उत्तर भारत में महसूस किए गए थे।

रात करीब दो बजे के बाद सुबह 6.27 बजे दूसरी बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रात में जग रहे लोग दहशत के मारे घरों से बाहर निकल आए थे। समाचार एजेंसी के मुताबिक भूकंप का पहला केंद्र नेपाल में था। रिक्टर स्केल में इसकी तीव्रता 6.3 नापी गई थी। भूकंप का केंद्र जमीन के 10 किलोमीटर अंदर था।

वहीं, दूसरा केंद्र पिढ़ोरागढ़ रहा, जिसकी तीव्रता 4.3 थी। बता दें कि उत्तराखंड भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील सिस्मिक जोन फोर में आता है। एक बार प्रदेश ने भूकंप की वजह से बड़ी तबाही झेली है। बीते नौ नवंबर की भोर आए भूकंप ने लोगों के अंदर दहशत भर दी है।

फ्री बिजली, 10 लाख को रोजगार, सिलेंडर भी मिलेगा सस्ता, कांग्रेस घोषणापत्र में कई वादे

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गुजरात : विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने शनिवार को घोषणा पत्र जारी कर दिया है। इसे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, रघु शर्मा, गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष जगदीश ठाकोर और पवन खेड़ा ने अहमदाबाद में जारी किया। इसमें पार्टी ने जनता से कई वादे किए हैं। जिसमें 3000 रुपए बेरोजगारी भत्ता, पुरानी पेंशन लागू, 10 लाख तक मुफ्त इलाज, बिजली बिल माफ आदि शामिल हैं।

महंगाई के मुद्दे का जिक्र करते हुए पार्टी का कहना है कि अगर वग सत्ता में आती है तो महिलाओं को 500 रुपए में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराएगी। 300 यूनिट तक की बिजली खपत करने पर कोई बिल नहीं देना होगा। युवाओं को पार्टी 3000 रुपए का बेरोजगारी भत्ता देगी। इसके अलावा खाली पड़े 10 लाख सरकारी और अर्ध सरकारी पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं छात्रों को सस्ती शिक्षा दी जाएगी।

नरेंद्र मोदी स्टेडियम का बदलेंगे नाम

अपने घोषणापत्र में कांग्रेस का कहना है कि वह अहमदाबाद में नरेंद्र मोदी स्टेडियम का नाम बदलेगी और सरदार पटेल पर इसका नया नाम रखा जाएगा। इसके अलावा बिलकिस बानो के दोषियों की रिहाई रद्द करके उन्हें जेल भेजा जाएगा। पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाया जाएगा। पंचायतों से छीनी गई शक्तियां उन्हें वापस लौटाईं जाएंगी।

गुजरात के लिए कांग्रेस का संकल्प

– सरकारी नौकरियों में कॉन्ट्रैक्ट व्यवस्था खत्म
– 10 लाख सरकारी नौकरी
– 3000 रुपए बेरोजगारी भत्ता
– 500 रुपए में गैस सिलेंडर
– 300 यूनिट बिजली फ्री
– पुरानी पेंशन लागू
– 10 लाख तक मुफ्त इलाज
– किसानों का 3 लाख का कर्ज माफ, बिजली बिल माफ
– दूध उत्पादकों को 5 रुपये प्रति लीटर सब्सिडी
– 3000 सरकारी अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खुलेंगे
– 4 लाख रुपये का कोविड मुआवजा
– मनरेगा योजना जैसी शहरी रोजगार गारंटी योजना
– इंदिरा मूली योजना

एक गलती ने किया अमेरिकी अरबपति को बर्बाद, रातों-रात डूबी अरबों की संपत्ति…

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इंसान की एक छोटी से गलती कितना बड़ा नुकसान कर सकती है, इस बात का अंदाजा कोई भी नहीं लगा सकता है। कभी कभी एक छोटी से गलती इंसान को पूरी तरह बर्बाद भी कर सकती है। आज हम आपको एक ऐसी ही गलती के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने अमेरिका के एक अरबपति को रातों रात कंगाल कर दिया। हम बात कर रहे हैं क्रिप्‍टोकरेंसी एफटीएक्स के सीईओ सैम बैंकमैन-फ्रायड की, वह अमेरिका की जानी मानी हस्ती हैं। लेकिन उनके एक छोटी सी गलती ने उनसे सब कुछ छीन लिया। बताया जा रहा है कि एक दिन में उनके नेटवर्थ में लगभग 94 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई है।

ये अब तक किसी सबसे बड़ी गिरावट बताई जा रही है। इससे पहले कभी भी एक दिन में किसी व्यक्ति का इतना नुकसान नहीं हुआ है। बता दें कि उनकी कुल संपत्ति 15.2 अरब डॉलर थी। जो अब सिर्फ 991.5 मिलियन डॉलर रह गई है। 30 साल के सैम लगभग कंगाल जैसे हो गए हैं, उन्‍हें नहीं पता था कि एक गलती उनके जीवन इतना बड़ा भूचाल ला देगी। रिपोर्ट्स के अनुसार उनको इतना बड़ा नुकसान तब हुआ जब उन्होंने ऐलान किया कि उनके क्रिप्‍टो एक्सचेंज एफटीएक्‍स को प्रतिद्वंद्वी बिनांस खरीदने जा रहा है।

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इस बात की जानकारी उन्होंने एक ट्वीट के माध्यम से दी थी। इसके बाद दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्‍टोकरेंसी प्‍लेटफॉर्म बिनांस के हेड चैंगपेंग झाओ ने भी इसकी पुष्टि की थी। FTX को छोटा एक्‍सचेंज बताते हुए झाओ ने कहा कि यह एक्‍सचेंज नकदी के संकट से गुजर रहा है। इस बीच एक व्यक्ति का कहना है कि “उनके हिस्से के लिए, प्रतिभूति नियमों के संभावित उल्लंघन के लिए अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग द्वारा बैंकमैन-फ्राइड की जांच की जा रही है।”