महाराष्ट्र में कुछ दिनों से राजनी’ति के इतने दाँ’वपें’च देखने मिले हैं कि देश की ज’नता ही नहीं बड़े- बड़े मं’त्री भी सक’ते में हैं। सुप्रीम को’र्ट के फ़ैस’ले के बाद ही बहुम’त सा’बित होगा या नहीं जैसी सारी अट’कलों पर तब विरा’म लग गया जब NCP से ब’ग़ावत कर चुके अजीत पवार ने अचा’नक अपना इस्ती’फ़ा सौं’प दिया जिसके कुछ ही समय बाद देवेंद्र फडनवीस ने भी मुख्यमंत्री पद से अपना इस्ती’फ़ा दे दिया।
ग्रैंड हयात में ग्रैंड शो, एनसीपी-शिवसेना-कांग्रेस ने पर्चा नहीं बल्कि विधायकों को ही सामने किया..
मुंबई: महाराष्ट्र में आज शाम को जिस तरह से एनसीपी-कांग्रेस-शिवसेना ने अपने विधायकों को एक साथ दिखाया, उसके बाद भाजपा की काफ़ी किरकिरी हो गई है. भाजपा जहाँ कह रही है कि उसके पास बहुमत है वहीँ इन तीनों दलों ने दिखा दिया है कि बहुमत उनके पास है. एक समय ऐसा लग रहा था कि भाजपा ने ऐसा दाँव खेला है कि एनसीपी और शिवसेना दोनों चित्त हैं लेकिन एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने जिस तरह से अपनी चालें चली हैं कि भाजपा वाले भी सोच नहीं पा रहे हैं.
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने ट्विटर से हटाया ‘कांग्रेस’ का ज़िक्र, अब कहा ये..
नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उन ख़बरों को बेबुनियाद बताया है जिसमें कहा गया था कि सिंधिया कांग्रेस पार्टी से नाराज़ चल रहे हैं. इन बातों को ज़ोर तब मिला जब उन्होंने अपने ट्विटर प्रोफाइल से कांग्रेस पार्टी का नाम हटा लिया. मध्य प्रदेश के क़द्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि एक महीने पहले मैंने अपना ट्विटर प्रोफाइल पर बायो को थोड़ा बदला.
सुप्रीम कोर्ट में NCP-कांग्रेस- शिवसेना की ओर से पेश हुई ये दलीलें
महाराष्ट्र सरकार के बहुम’त सा’बित करने को लेकर NCP-कांग्रेस- शिवसेना ने मिलकर सुप्रीम को’र्ट का दरवाज़ा ख’टखटा’या है। इस मामले में कोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस दिया है और केंद्र, देवेंद्र फडनवीस और अजित पवार को सभी ज़रूरी काग़ज़ात कोर्ट में पेश करने की बात कहते हुए कल सुबह 10:30 तक के लिए कार्रवाही टाल दी है। आज कोर्ट में सुन’वाई के समय अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा “कल फ़्लोर टेस्ट का आदेश दे कोर्ट, उनका कहना है कि “ऐसे बनी सर’कार पर फ़्लोर टेस्ट तुरंत होना चाहिए और इसका live टेलिकास्ट होना चाहिए ताकि सभी को सारी बातें पता हों और विधायकों को तो’ड़ने की राजनी’ति न हो” वहीं उन्होंने आगे कहा कि जितनी जल्दबा’ज़ी सर’कार बनाने में की गयी है तो फ़्लो’र टे’स्ट से घब’राना क्यों है?”
सुप्रीम को’र्ट की बह’स के दौरान कपिल सिब्बल ने राज्यपाल की भूमिका पर स’वाल उठाए जहाँ उन्होंने कहा कि जिस तरह से राज्यपाल ने जैसे निर्णय लिए गए हैं उस तरह से ये लगता है कि राज्यपाल ये काम किसी पार्टी के लिए कर रहे हैं न कि अपनी भूमि’का को ध्यान में रखते हुए। इस बात को साबित करने के लिए कपिल सिब्बल ने अब तक हुई सारी घट’नाओं का ब्यो’रा जज की टी’म के सामने पेश किया।
वहीं मुकुल रोहतगी ने कहा कि भाजपा के कुछ विधायकों की ओर से मैं ये द’लील देना चाहता हूँ कि आज रविवार है और ये मैटर इतना सी’रियस नहीं है कि आज इस पर सुन’वाई की जाए। उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र में सरकार बन चुकी है तो ऐसे में सुनवाई की इतनी जल्दी क्या है। साथ ही वो कहते नज़र आए कि इस मामले को पहले हाईकोर्ट में ले जाना चाहिए उसके बाद बात सुप्रीम को’र्ट तक पहुँच सकती है। आगे उन्होंने कहा कि कोर्ट में राज्यपाल की भूमिका पर आप कोर्ट में सवा’ल नहीं कर सकते।
लेकिन उनकी इन बातों को को’र्ट में ख़ा’रिज कर दिया गया और कहा गया कि ये चीफ़ जस्टिस का निर्ण’य था कि इस मामले पर आज सुनवाई होगी और अब सुनवाई शुरू भी हो चुकी है। जस्टिस जे रमन्ना ने कहा कि राज्यपाल पर किसी तरह का सवाल कोर्ट में नहीं उठाया जा सकता ये फ़ैसला कोर्ट में नहीं हो सकता। लेकिन सदन में बहुमत साबित करना ही चाहिए।
मुकुल रोहतगी ने कोर्ट के सामने ये कहा है “अगर सु’प्रीम को;र्ट ये कहें कि बहुमत साबित करना इस समय के अंदर ज़रूरी है और ऐसे में अगर सदन की ओर से ये आए कि सुप्रीम कोर्ट को दो साल के अंदर अपने सारे लम्बित मामले ख़त्म करने होंगे तो क्या इससे न्यायपालिका के काम में बाधा नहीं होगी। इसी तरह अगर आप विधायिका के काम को अपनी तरह से काम करने का आदेश देते हैं तो हमारा काम भी बाधित होगा। कोर्ट और सदन को एक- दूसरे का सम्मान करना चाहिए”
कपिल सिब्बल ने आगे कहा कि अगर भाजपा के पास बहुम’त है तो वो जल्द से जल्द इसे सा’बित करें। कपिल सिब्बल ने कहा कि राज्यपाल कें’द्र के निर्दे’श पर काम कर सकते हैं। हमें मौक़ा दिया जाए तो हम बहुम’त सा’बित कर सकते हैं। वहीं कपिल सिब्बल ने ये सवाल भी सामने रखा कि जब अजीत पवार ने विधायकों का लैटर सौंपा तो उसे वेरिफ़ा’ई क्यों नहीं किया गया? हाल में सुनवाई जारी है। को’र्ट का क्या निर्ण’य आता है इस पर सबकी नज़रें बनी हैं।
महाराष्ट्र सियासी संकट पर नज़र आ रहे हैं ये बड़े बदलाव, बहुमत साबित करने को…
महाराष्ट्र की सियासत में हो रही उथल पुथल अब भी जारी है। आँकडें बदलने का दौर भी कल से ही जारी है। सभी की नज़रें सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर टिकी है, कुछ ही देर में सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला आते ही ये बात साबित हो जाएगी कि भाजपा को बहुमत साबित करने के लिए कितना समय मिलता है। वहीं NCP- कांग्रेस- शिवसेना ये दावा कर रहे हैं कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में बहुमत है और वो जब चाहें सरकार बना सकते हैं। ये दावा भी है कि महाराष्ट्र में केवल NCP- कांग्रेस- शिवसेना की ही सरकार बनेगी।
कल सुबह सभी की नींद इस बात से खुली कि महाराष्ट्र में भाजपा ने अपनी सरकार बना ली है। देवेंद्र फडनवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली थी। उनके साथ ही उप मुख्यमंत्री के रूप में नज़र आए अजीत पवार। इस ख़बर के आते ही ख़बरें फैलने लगीं कि शरद पवार ने शिवसेना को धोका दिया है और उन्होंने भाजपा के साथ मिलकर अपनी सरकार बना ली। लेकिन जल्द ही NCP प्रमुख शरद पवार ने अपना बयान जारी किया उन्होंने कहा कि “BJP को सम’र्थन करने का फ़ैसला NCP का नहीं है बल्कि अजित पवार का निजी फ़ैस’ला है। न हम उनका समर्थन करते हैं और न ही उनके साथ हैं।” उन्होंने उद्धव ठाकरे से कहा कि “अजित पवार ने पार्टी तो’ड़ दी।” इस बीच बड़ी ख़बर है कि शरद पवार की बेटी और एनसीपी की नेत्री सुप्रिया सुले ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखा कि “परिवार और पा’र्टी टू’ट गई।”
इसके बाद शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने भी अपना बयान जारी करते हुए कहा कि “अजित पवार कल रात नौ बजे तक हमारे साथ बैठे थे और फिर अचानक वो निकल गए। उनकी बॉडी लेंगवेज सही नहीं लगी। उसके बाद से उनका फ़ोन बंद आ रहा था। जैसे कोई इंसान पाप करने जाता है वैसे ही वो किसी से नज़रें नहीं मिला रहे थे। अं’धेरे में पा’प, चो’री, ड’कैती और व्य’भिचार होता है, जिस तरह से अं’धेरे में शप’थ दिलायी गयी वो छत्रपति शिवा’जी महाराज के महाराष्ट्र में ऐसा नहीं हो सकता था। भाजपा सत्ता के लिए कुछ भी कर सकती है। अजित पवार ने जो धो’का किया है उसके लिए उन्हें महाराष्ट्र की ज’नता कभी मा’फ़ नहीं करेगी, वो ज़िंदगी भर त’ड़पते रहेंगे।” उन्होंने आगे कहा कि “स’त्ता, पैसा और मस्ती के दम पर भाजपा ने ये खेल खेला। देवेंद्र फडनवीस की कोई ग़ल’ती नहीं कहूँगा क्योंकि भाजपा सत्ता के लिए कुछ भी करने को तैयार है लेकिन छत्रपति शिवाजी महाराज की जनता को अजित पवार ने धो’का दिया है। शरद पवार का इससे कोई लेना देना नहीं है वो लगातार हमसे सम्पर्क में बने हुए हैं”
इसके बाद शरद पवार ने NCP विधायकों की एक मीटिंग बुलाई जिसमें कुछ को छोड़कर क़रीब- क़रीब सारे विधायक उपस्थित हुए यही नहीं अजीत पवार के बेटे भी इस मीटिंग में आए। सुबह से ही NCP विधायकों का पार्टी में लौटने का सिलसिला जारी है जिसके बाद से अजीत पवार के अलग- थलग पड़ जाने की बात सामने आयी है। वहीं ये बातें भी सामने आ रही हैं कि अब भी शरद पवार की ओर से अजीत पवार को समझाने की कोशिश की जा रही है।
महाराष्ट्र में राजनीतिक संक’ट में नया मोड़, NCP के दाँव ने फिर भाजपा को मुश्किल में डाला..
मुंबई: महाराष्ट्र में इस समय राजनीतिक संकट में कई नए मोड़ आते जा रहे हैं. अजीत पवार के साथ क़रीब बीस विधायक हैं लेकिन एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने जब मीटिंग बुलाई तो लगभग सभी विधायक उनकी मीटिंग में आये. सिर्फ़ 5 विधायक इस मीटिंग में नहीं पहुँचे हैं जिसमें से एक अजीत पवार भी हैं. सबसे दिलचस्प बात ये है कि अजीत पवार के क़रीबी माने जाने वाले धनञ्जय मुंडे भी एनसीपी के विधायक दल की मीटिंग में आ गए हैं.
एनसीपी में अब ख़ुशी नज़र आ रही है और जब धनञ्जय मुंडे एनसीपी की मीटिंग में आये तब कार्यकर्ताओं ने ज़बरदस्त तालियाँ बजाईं. एनसीपी की वरिष्ठ नेता सुप्रिया सुले भी इसके बाद कुछ ख़ुश नज़र आयीं. इसके पहले सुबह महाराष्ट्र का सियासी संकट में आज हुए बड़े उलटफेर के बाद भाजपा के नेता देवेन्द्र फडनवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनके साथ एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजीत पवार दिखे जिन्होंने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. अजीत पवार के बारे में कहा जा रहा है कि 10 से 12 ही विधायक उनके साथ थे.
परन्तु एनसीपी की ओर से अजीत पवार को संदेशा भेजा गया है कि वो अपना इस्तीफ़ा दे दें और चूंकि उनके पास नंबर नहीं हैं इसलिए वो अब कोई अतिरिक्त कोशिश न करें. ख़बर है कि अजीत पवार के बेटे भी अजीत पवार के ख़िलाफ़ हैं. इसके पहले शिवसेना-एनसीपी की साझा कांफ्रेंस शुरू हो गई है. इस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए शरद पवार ने कहा कि अजीत पवार का फ़ैसला पार्टी लाइन के ख़िलाफ़ है. उन्होंने कहा कि कोई भी एनसीपी नेता या कार्यकर्ता एनसीपी-भाजपा की सरकार के समर्थन में नहीं है.
शरद पवार ने कहा कि कांग्रेस, शिवसेना, और एनसीपी साथ आकर सरकार बना सकते हैं और हमारे पास नंबर थे.उन्होंने कहा कि हमारे पास तो ऑफिशियल नंबर हैं- 44, 56, और 54 विधायक हैं और कई अन्य का समर्थन मिलाकर ये आँकड़ा 170 के पार जाता है. इस प्रेस वार्ता में एनसीपी के विधायक राज्नेद्र शिन्गाने ने एक बड़ा बयान दिया है. शिन्गाने पवार के साथ राज भवन गए थे. उन्होंने बताया कि अजीत पवार का फ़ोन मेरे पास आया कि कुछ डिस्कस करना है और वहाँ से मुझे राज भवन ले जाया गया और जब तक मुझे पता चलता शपथ ग्रहण हो गया था.. फिर मैं जल्दी से पवार साहब के पास गया और उनसे कहा कि मैं शरद पवार और एनसीपी के साथ हूँ.
पवार ने इसके अतिरिक्त कहा कि मुझे यक़ीन है कि राज्यपाल ने बहुमत सिद्ध करने का मौक़ा दिया है और वो बहुमत सिद्ध नहीं कर पाएँगे..उसके बाद हम तीनों पार्टी मिलकर सरकार बनायेंगे. पवार से जब पूछा गया कि क्या आप अपने विधायकों को बचाने के लिए उन्हें होटल वग़ैरा में ठहराएंगे तो उन्होंने कहा कि हमसे जो बन पड़ेगा सब करेंगे.पवार ने कहा कि एक नया लेजिस्लेटिव पार्टी नेता पार्टी चार बजे चुनेगी. शिवसेना के वरिष्ठ नेता उद्धव ठाकरे ने कहा कि पहले EVM का खेल चल रहा था और अब ये खेल चल रहा है.. आगे तो चुनाव की ज़रूरत ही नहीं है..सभी जानते हैं छत्रपति शिवाजी महाराज के साथ धोका हुआ है और उन्हें पीठ में छुरा घोंपा गया है. पवार ने कहा कि मेरी जानकारी के मुताबिक़ पवार के साथ 10-12 विधायक थे जिनमें से तीन तो अभी ही यहाँ खड़े हैं.
शिवसेना नेता ने की घोषणा, पाँचो साल शिवसेना का CM
मुंबई: महाराष्ट्र में सियासी संकट अब अंतिम पढ़ाव पर आ चुका है. एनसीपी-कांग्रेस-शिवसेना में हर बड़े मुद्दे पर सहमति बनने की ख़बर है. देर रात कल उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और संजय राउत ने एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार से मुलाक़ात की. इस मौक़े पर एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजीत पवार भी मौजूद थे. इस मीटिंग में कई अहम मुद्दों पर अंतिम चर्चा हुई.
इस तरह की ख़बरें कुछ मीडिया हाउस में आ रही थीं कि मुख्यमंत्री पद को लेकर एनसीपी मांग कर रही है कि उसे भी ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद मिले लेकिन ऐसी बातों को कल ही एनसीपी के सूत्रों ने निराधार बताया. अब इसको लेकर शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत का बड़ा बयान आया है. संजय राउत ने कहा है कि पूरे पाँच साल शिवसेना का ही मुख्यमंत्री होगा. राउत के बयान से साफ़ है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई विवाद नहीं है.
इसके अलावा ऐसी भी ख़बर है कि उपमुख्यमंत्री पद पृथ्वी राज चौव्हान को मिल सकता है. गृह मंत्री एनसीपी का होगा. स्पीकर भी एनसीपी-कांग्रेस का ही होगा. एनसीपी-कांग्रेस के साथ जो छोटे दल हैं उन्हें भी सरकार में भूमिका दी जाएगी. एनसीपी की मांग थी कि मुख्यमंत्री पद उद्धव ठाकरे संभालें. इसके पहले आज कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सहयोगी दलों से बातचीत के बाद शिवसेना के साथ भी बात होगी और तब हम यह जानकारी दे पाएंगे कि गठबंधन कैसा होगा.
PMC घोटाले पर बोले शत्रुघ्न सिन्हा,’जल्द से जल्द राहत दी जाए..’
बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता और बीजेपी छोड़कर कांग्रेस को अपनाने वाले बिहारी बाबू सांसद शत्रुघ्न सिन्हा जो अपने बेबाक और बिंदास अंदाज़ के लिए जाने जाते हैं साथ ही शत्रुघ्न सिन्हा हर मुद्दे पर अपनी राय रखते हैं, फिर चाहें इसके लिए उन्हें अपनी ख़ुद की पार्टी के ख़िलाफ़ ही क्यों ना जाना पड़े, वह खामोश नहीं रहते। इस बार शत्रुघ्न सिन्हा के निशाने पर है, पीएमसी बैंक घोटाला, जिसने पीएमसी बैंक के 8 खाताधारकों की जान ले ली। और न जाने कितने ही ऐसे हैं, जिन्हें पैसों की सख़्त ज़रूरत है, लेकिन वह अपनी ही मेहनत और खून-पसीने की कमाई का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
अब शत्रुघ्न सिन्हा ने इस मुद्दे का रुख़ करते हुए ट्वीट किया है। जो बहुत तेज़ी से वायरल हो रहा है। और सुर्खियां बटोर रहा है। शत्रुघ्न सिन्हा ने एक के बाद एक कई ट्वीट करके अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा है कि, “सर क्या हम आपका ध्यान पीएमसी बैंक के खाताधारकों की ओर दिला सकते हैं। वह पिछले कुछ महीनों से अपने ख़ुद के पैसों के लिए परेशान हैं। और उनकी ज़रूरत उनकी ज़रूरत तर्कपूर्ण है। आखिरकार, ये उनका मेहनत का पैसा है। हम/सरकार/आरबीआई उनके पैसा निकालने पर प्रतिबंध लगाने वाले होते कौन हैं?”
शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे लिखा, “वह अपने बैंक और अपने देश में अपने पैसे के लिए संघर्ष कर रहे हैं। और परेशान हो रहे हैं। कुछ तो उत्पीड़न की वजह से दम भी तोड़ चुके हैं। यह सही नहीं, इसको जितना जल्दी हो सके सुलझाया जाना चाहिए। शत्रुघ्न सिन्हा ने लिखा, “विनम्र अनुरोध है, कि उनको जल्द से जल्द राहत दी जाए। उन्हें ठगा महसूस नहीं होने दिया जाए। और उनका भरोसा क़ायम रखा जाए ‘जय हिंद”.
लोकसभा चुनाव में EVM गड़बड़ी की शिकायत पहुँची सुप्रीम कोर्ट..
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ी की शिकायत पहले भी कई बार की जा चुकी है, लेकिन उसके बाद भी हर बार यही दलील दी गई कि ईवीएम में गड़बड़ी नहीं की जा सकती या उसे हक नहीं किया जा सकता है। लेकिन अब एक बार फिर से इस बहस ने तूल पकड़ लिया है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है।
आरे में लगे नए पेड़ भी आधे से ज़्यादा सूखे, नहीं हुई देखरेख..
आरे कॉलोनी के पेड़ों की कटाई का मामला बहुत समय तक सुर्खियों में रहा था। और इसके विरोध में पर्यावरण एक्टिविस्ट के साथ-साथ कई अन्य क्षेत्रों की बड़ी-बड़ी हस्तियां भी आ गयीं थीं। चाहें वह फ़िल्म जगत से हों, राजनीति या फिर अन्य क्षेत्र। सभी एक सुर में सरकार के इस क़दम का विरोध कर रहे थे। पहले कोर्ट ने आरे कॉलोनी के पेड़ों की कटाई पर रोक लगाई थी, जिसे बाद में हटा लिया गया था, और इसके बाद भारी विरोध प्रदर्शन के बीच पेड़ों की कटाई हुई, जिसमें कई पेड़ काट दिए गए थे।

















