Home Blog Page 1005

फडनवीस पर इस तरह किया शिवसेना नेता ने तंज़, विपक्ष के नेता..

0

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह से आश्वस्त थी कि, महाराष्ट्र में वही सरकार बनाने जा रही है। और मुख्यमंत्री रहेंगे देवेंद्र फडणवीस। लेकिन यही तो सियासत की ख़ासियत है कि, पल भर में जीती हुई बाज़ी पलट जाती है। और सामने वाला हाथ मलता रह जाता है। कुछ ऐसा ही हुआ, और अंतिम समय तक जोड़-तोड़ की कोशिशों में लगी भारतीय जनता पार्टी के हाथ से फिसल बाज़ी फिसल गई। और जो अब तक पूरी तरह से आशान्वित थी की, महाराष्ट्र में सरकार उन्हीं की पार्टी बनाएगी, वह बुरी तरह से मात खाकर अब विपक्ष में बैठेगी।

महाराष्ट्र में बीजेपी के साथ सरकार बनाने के लिए शिवसेना ने 50-50 का फ़ार्मूला सुझाया था। यानी ढाई-ढाई साल के लिए दोनों पार्टियों के लिए मुख्यमंत्री पद। लेकिन बीजेपी अपनी बात पर अड़ी रही कि, देवेंद्र फडणवीस ही पांच साल तक मुख्यमंत्री पद पर रहेंगे। जिसके बाद शिवसेना ने दूसरे सहयोगी विकल्प तलाशने शुरू कर दिए। और कांग्रेस और एनसीपी ने शिवसेना का हाथ थाम लिया। जिसके बाद कभी धुर विरोधी समझे जाने वाली पार्टियां एकजुट हुईं, और गठबंधन की सरकार में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

महाराष्ट्र में शिवसेना के नेतृत्व की सरकार बनने के बाद अब शिवसेना के सांसद और प्रवक्ता संजय राउत बीजेपी नेताओं पर निशाना साध रहे हैं। बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को विपक्षी दल का नेता बनाया गया है। जिस पर शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने ट्वीट करके देवेंद्र फडणवीस के चुनाव के दौरान दिए गए, उस बयान को लेकर उन पर कटाक्ष किया है, जिसमें देवेंद्र फडणवीस कहते थे कि, राज्य में विपक्ष पूरी तरह से गायब है। संजय राउत ने ट्वीट करके कहा है कि, “महाराष्ट्र में विरोधी पक्ष ही नहीं रहेगा, यह दावा करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को विरोधी दल का नेता चुने जाने पर हार्दिक बधाई…!”

महाराष्ट्र की नई सरकार का ये है कॉमन मिनिमम प्रोग्राम..

0

मुंबई: महाराष्ट्र विकास अघाड़ी ने अपने न्यूनतम साझा कार्यक्रम को जारी कर दिया है। जिसकी प्रस्तावना में कहा गया है कि, यह सरकार अपने सेक्यूलर मूल्यों पर अडिग रहेगी। न्यूनतम साझा कार्यक्रम में सबसे ज़्यादा ज़ोर किसानों के मुद्दों पर दिया गया है। जिसके तहत किसानों को जल्द से जल्द सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। और किसानों की कर्ज़ मुक्ति को लेकर उचित क़दम उठाए जाएंगे। जिससे किसानों को कर्ज़ तले दबकर ना रहना पड़े। उन्हें कर्ज़ से मुक्ति दिलाई जाएगी।

प्रज्ञा ठाकुर के बाद इस भाजपा सांसद ने दिया आप’त्तिज’नक ब’यान, कहा “गोडसे नहीं थे..”

0
Prgaya Thakur

बलिया: हाल ही में प्रज्ञा ठाकुर द्वारा नाथूराम गो’ड्से को देशभक्त बताये जाने की बात पर ब’वाल कम नहीं हुआ है कि इतने में भाजपा के विधायक सुरेन्द्र सिंह ने एक ऐसा ब’यान दिया है जो उनके लिए मु’श्किल भ’रा हो सकता है. उन्होंने कहा कि गोडसे कोई आतं’कवादी नहीं थे। उनसे भूल हो गई थी। सुरेंद्र सिंह ने यहां गुरुवार को संवाददाताओं से कहा, “गोडसे आतं’कवादी नहीं थे। जो लोग देश विरो’धी गतिवि’धियों में शामिल हैं, वे आतं;कवादी हैं। गोडसे ने देशभक्त गांधी जी की ह’त्या कर भूल की थी।”

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे नहीं आना चाहते थे राजनीति में, आते ही दिलायी थी बड़ी जीत

0
Uddhav Thackeray

मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क के अद्भुत वातावर’ण में शिवाजी महाराज को नमन करते हुए मराठी भाषा में मुख्यमंत्री पद की श’पथ लेते हुए उद्धव ठाकरे के श’पथ ग्रह’ण के साथ हर बी’तता पल महाराष्ट्र और ठाकरे परिवा’र दोनों के ही लिए एक साझा इति’हास लिखता चला गया। ठाकरे परिवार जो बाला साहब ठाकरे की वज’ह से कभी किंग मे’कर के परिवा’र के नाम से मशहूर था। अब उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बनने के बाद स’त्तारू’ढ़ होकर एक नया इति’हास लिख रहा है। यह शिवसेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे की इच्छा थी कि ठाकरे परिवार को प्रत्य’क्ष राजनी’ति का हि’स्सा बनना चाहिए। ठाकरे परिवार के सदस्य को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री प’द पर आसी’न होना चाहिए। और उद्धव ठाकरे अपने श’पथ ग्रह’ण के साथ ही ठाकरे परिवार से महाराष्ट्र के पहले मुख्यमंत्री बन गए।

बरसों तक महाराष्ट्र की स’त्ता में किंग मेकर की भूमिका निभाते रहे पिता बाल ठाकरे को हर पल पास से देखने, समझने वाले उद्धव ठाकरे आज महाराष्ट्र की स’त्ता में स्वयं किंग की भूमिका में आ गए हैं। उद्धव ठाकरे का जन्म 27 जुलाई 1960 को मुंबई में हुआ। अपनी शुरुआती शिक्षा बालमोहन विद्यामंदिर से लेने के बाद उन्होंने सर जेजे स्टीट्यूट ऑफ़ अप्लाइड आर्ट से उच्च शिक्षा प्राप्त की। बाला साहब ठाकरे के राजनीति में सक्रिय रहते उद्धव ठाकरे राजनीतिक परिदृ’श्य से दूर ही रहे या फिर अपने पिता के पी’छे ख’ड़े दिखे।

सामना के संपादक का काम देख रहे उद्धव ठाकरे ने पिता बाल ठाकरे की ख़रा’ब सेह’त के चलते, साल 2000 के बाद शिवसेना का काम देखना शुरु किया। साल 2002 में बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (बीएमसी) के चु’नावों में शिवसेना को मिली धमा’केदार जीत का पूरा श्रेय उद्धव ठाकरे को मिला। इसके बाद बाल ठाकरे ने शिवसेना की कमान बेटे उद्धव ठाकरे के हाथों में सौं’प दी। बहुत ही कम लेकिन असरदा’र बोलने वाले, उद्धव ठाकरे ने जब शिवसेना की कमा’न संभाली तो लोगों को है’रानी हुई थी क्योंकि पार्टी के बाहर कई लोग उनका नाम तक नहीं जानते थे।

लेकिन साल 2003 में बाला साहेब ठाकरे की शिवसे’ना के कार्यकारी अध्य’क्ष बन राजनीति में सक्रिय भूमिका में आए उद्धव ठाकरे ने 28 नवंबर 2019 के दिन को इति’हास में द’र्ज करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री प’द की श’पथ ली और बाला साहेब के उन्हें अपना उत्तराधि’कारी चुनने के फ़ै’सले को सही सा’बित कर दिया।

बता दें कि उद्धव ठाकरे के शप’थ ग्रह’ण में कांग्रेस,एनसीपी और शिवसेना के बड़े-बड़े नेता और कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शा’मिल हुए। साथ ही अपने आपसी म’तभे’द भु’लाकर भाई राज ठाकरे भी उद्धव ठाकरे को बधाई देने पहुंचे थे। शपथ ग्रहण समारोह में सबसे पहले उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री प’द की श’पथ दिलाई गई और उनके बाद शिवसेना के एकनाथ शिंदे, सुभाष देसाई को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। एनसीपी कोटे के विधायक दल के नेता जयंत पाटील और छगन भुजबल को भी शपथ दिलाई गई। कांग्रेस से बालासाहेब थोराट और नितिन रावत ने शपथ ली।

नेता नहीं हैं फिर भी इन्हें बि’ठाया गया मं’च पर, देवेंद्र फडनवीस के साथ…

0
Uddhav Thackeray

आज महाराष्ट्र में ठाकरे परिवा’र ने इति’हास र’चा जब उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री प’द की श’पथ ली। इस समा’रोह की तै’यारी ब’ड़े पैमा’ने पर की गयी। मुंबई के सबसे बड़े मैदान शिवाजी पार्क में कल से ही इस समा’रोह की तै’यारियाँ शुरू थीं। एक बड़ा सा मं’च भी तै’यार किया गया जिसमें छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रति’मा स’जायी गयी थी और म’राठा स्टा’इल में सारी तै’यारियाँ की गयी थीं। मंच पर सौ के क़री’ब कु’र्सियाँ लगी थीं, जिसमें तीनों पार्टियों के बड़े नेताओं के लिए बै’ठने की व्यव’स्था थी।

उद्धव ठाकरे को मिला परिवार का साथ, म’तभे’द भूलकर राज ठाकरे पहुँचे..

0
राज ठाकरे

जब बात परिवार में खुशियों की आती है, तो सारे गिले-शिकवे एक तरफ करके परिवार एकजुट दिखने लगता है। यह किसी किस्से या कहानी की बात नहीं बल्कि महाराष्ट्र में ग’द्दीनशी’न होने जा रही ठाकरे परिवार की एकजु’टता की बात है। बता दें कि शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की राजनी’तिक विरा’सत के उत्तराधिकारी होने के विवा’द पर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच के रिश्ते में म’नमु’टाव और त’नाव ने जगह बना ली थी, और बाल ठाकरे ने उद्धव ठाकरे को शिवसेना की कमान सौंप दी थी। जिसके बाद राज ठाकरे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण से’ना के नाम से अपनी एक अलग पा’र्टी बना ली थी। और इसके बाद राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे सिर्फ़ बाल ठाकरे को श्रद्धां’जलि देने या किसी पारिवारिक अवसर पर ही साथ दिखाई पड़ते थे।

घर में बिना बताए युवती निकल गयी दुबई, परिवार ने बताया है’रान करने वाला कार’ण..

0
प्रतीकात्मक तस्वीर

अक्सर कई ऐसे लोग मिलते हैं जिनके भरोसे किए गए काम से हम मुश्कि’लों में फँ’स जाते हैं कुछ ऐसा ही हुआ भारत की एक युवती के साथ जो पाकि’स्तान के एक यु’वक के बह’कावे में आकर अपना घ’र छोड़कर पहुँच गयी दुब’ई ये कहना है उस युवती के परिवार वालों का। सूत्रों से प्राप्त एक ख़’बर के अनुसार मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र की रामनगर निवासी शिक्षिका 7 नवंबर को घर से अपना पासपोर्ट लेकर ला’पता हो गई थी। घरवालों द्वारा शिक्षिका की गु’मशु’दगी द’र्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने जान’कारी जुटा’ना शुरू किया।

रेलवे एनटीपीसी में भ’र्ती की तारीख बढ़ीं, इस तारीख़ तक कर सकते हैं आवेदन..

0
प्रतीकात्मक तस्वीर

देश में रोज़गार की तला’श कई लोगों को है और ऐसे में सर’कारी नौक’री मिल जाए तो फिर बात ही क्या है। लेकिन सबसे ज़्यादा ज़रूरी होता है कि हमें समय पर पता चल जाए कि कहाँ सर;कारी प’दों पर वेकें’सी है और आवेदन की तारीख़ कब तक की है। तो आपकी इस परे’शानी का ह’ल लेकर हम आपके पास आए हैं। आपको बता दें कि रेलवे में भ’र्ती के लिए निकली हैं कई वेकें’सी

अशोक गहलोत के इस काम की हुई तारीफ़..

0

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि हमारी कलम हमेशा जनहित में चली है और आगे भी जनहित में ही चलेगी। आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के आरक्षण में अचल सम्पत्ति के प्रावधान हटाने के निर्णय का गांव-ढाणी तक स्वागत होना और हजारों की संख्या में लोगों का आभार व्यक्त करने लगातार मुख्यमंत्री निवास पहुंचना यह बताता है कि सरकार की कलम सही फैसले के लिए चली है। गहलोत बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर ईडब्ल्यूएस आरक्षण में अचल सम्पत्ति के प्रावधान हटाने पर प्रदेशभर से बड़ी संख्या में आभार व्यक्त करने आए लोगों को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री प’द की श’पथ के पहले ही उद्धव ठाकरे ने किया ये बड़ा ऐ’लान, कहा “महाराष्ट्र को..”

0
Uddhav Thackeray

महाराष्ट्र कि सिया’सी उथ’ल पु’थल कल तब शां’त हो गयी जब अजीत पवार के इस्ती’फ़े के बाद देवेंद्र फडनवीस ने अपना इस्ती’फ़ा दे दिया। इसके बाद शिवसेना-NCP-कांग्रेस ग’ठबं’धन की सर’कार महाराष्ट्र विकास अघा’ड़ी मिलकर सर’कार बनाने वाली हैं। तीनों द’लों ने मिलकर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को पाँच साल के लिए मुख्यमंत्री प’द के लिए चु’ना है। साथ ही दो उपमुख्यमंत्री प’द की ख़’बरें सामने आ रही हैं जिनमें से एक कांग्रेस के विधायक और एक NCP के विधायक होंगें। कांग्रेस की तरफ से बाला साहेब थोराट और NCP के जयंत पाटिल का नाम डिप्टी सीएम प’द के लिए साम’ने आ रहा है।