मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे नहीं आना चाहते थे राजनीति में, आते ही दिलायी थी बड़ी जीत

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Uddhav Thackeray

मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क के अद्भुत वातावर’ण में शिवाजी महाराज को नमन करते हुए मराठी भाषा में मुख्यमंत्री पद की श’पथ लेते हुए उद्धव ठाकरे के श’पथ ग्रह’ण के साथ हर बी’तता पल महाराष्ट्र और ठाकरे परिवा’र दोनों के ही लिए एक साझा इति’हास लिखता चला गया। ठाकरे परिवार जो बाला साहब ठाकरे की वज’ह से कभी किंग मे’कर के परिवा’र के नाम से मशहूर था। अब उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बनने के बाद स’त्तारू’ढ़ होकर एक नया इति’हास लिख रहा है। यह शिवसेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे की इच्छा थी कि ठाकरे परिवार को प्रत्य’क्ष राजनी’ति का हि’स्सा बनना चाहिए। ठाकरे परिवार के सदस्य को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री प’द पर आसी’न होना चाहिए। और उद्धव ठाकरे अपने श’पथ ग्रह’ण के साथ ही ठाकरे परिवार से महाराष्ट्र के पहले मुख्यमंत्री बन गए।

बरसों तक महाराष्ट्र की स’त्ता में किंग मेकर की भूमिका निभाते रहे पिता बाल ठाकरे को हर पल पास से देखने, समझने वाले उद्धव ठाकरे आज महाराष्ट्र की स’त्ता में स्वयं किंग की भूमिका में आ गए हैं। उद्धव ठाकरे का जन्म 27 जुलाई 1960 को मुंबई में हुआ। अपनी शुरुआती शिक्षा बालमोहन विद्यामंदिर से लेने के बाद उन्होंने सर जेजे स्टीट्यूट ऑफ़ अप्लाइड आर्ट से उच्च शिक्षा प्राप्त की। बाला साहब ठाकरे के राजनीति में सक्रिय रहते उद्धव ठाकरे राजनीतिक परिदृ’श्य से दूर ही रहे या फिर अपने पिता के पी’छे ख’ड़े दिखे।

सामना के संपादक का काम देख रहे उद्धव ठाकरे ने पिता बाल ठाकरे की ख़रा’ब सेह’त के चलते, साल 2000 के बाद शिवसेना का काम देखना शुरु किया। साल 2002 में बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (बीएमसी) के चु’नावों में शिवसेना को मिली धमा’केदार जीत का पूरा श्रेय उद्धव ठाकरे को मिला। इसके बाद बाल ठाकरे ने शिवसेना की कमान बेटे उद्धव ठाकरे के हाथों में सौं’प दी। बहुत ही कम लेकिन असरदा’र बोलने वाले, उद्धव ठाकरे ने जब शिवसेना की कमा’न संभाली तो लोगों को है’रानी हुई थी क्योंकि पार्टी के बाहर कई लोग उनका नाम तक नहीं जानते थे।

लेकिन साल 2003 में बाला साहेब ठाकरे की शिवसे’ना के कार्यकारी अध्य’क्ष बन राजनीति में सक्रिय भूमिका में आए उद्धव ठाकरे ने 28 नवंबर 2019 के दिन को इति’हास में द’र्ज करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री प’द की श’पथ ली और बाला साहेब के उन्हें अपना उत्तराधि’कारी चुनने के फ़ै’सले को सही सा’बित कर दिया।

बता दें कि उद्धव ठाकरे के शप’थ ग्रह’ण में कांग्रेस,एनसीपी और शिवसेना के बड़े-बड़े नेता और कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शा’मिल हुए। साथ ही अपने आपसी म’तभे’द भु’लाकर भाई राज ठाकरे भी उद्धव ठाकरे को बधाई देने पहुंचे थे। शपथ ग्रहण समारोह में सबसे पहले उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री प’द की श’पथ दिलाई गई और उनके बाद शिवसेना के एकनाथ शिंदे, सुभाष देसाई को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। एनसीपी कोटे के विधायक दल के नेता जयंत पाटील और छगन भुजबल को भी शपथ दिलाई गई। कांग्रेस से बालासाहेब थोराट और नितिन रावत ने शपथ ली।