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टॉप आता था बेटी का क्लासमेट, महिला ने जहर देकर मार डाला

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स्कूलों में बच्चों के बीच कंपीटिशन होना आम बात है और उनके पैरेंट्स भी अकसर इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं कि बच्चों के नंबर अच्छे आएं। लेकिन पुदुचेरी में प्रतिस्पर्धा का खौफनाक केस सामने आया है, जहां एक छात्रा की मां ने बच्ची के क्लासमेट को जहर देकर मार डाला। यह चौंकाने वाला मामला पुडुचेरी के कराईकाल का है।
महिला इस बात से चिढ़ती थी कि वह लड़का हमेशा अकादमिक और एक्स्ट्रा करिकुलर गतिविधियों में टॉप करता था और उसकी बेटी पीछे रह जाती थी। दोनों बच्चे 8वीं क्लास में पढ़ते थे। महिला शुक्रवार को बच्चों के स्कूल पहुंची थी और एक वॉचमैन से कहा कि वह मणिकंदन की मां हैं। महिला ने वॉचमैन को दो बोतल सॉफ्ट ड्रिंक्स देते हुए कहा कि इसे मेरे बेटे को दे देना। कल्चरल इवेंट में शामिल होने के बाद वॉचमैन ने वे बोतलें मणिकंदन को दे दी थीं।
छात्र ने यह सोचते हुए उन ड्रिंक्स को पी लिया था कि उन्हें उनकी मां ने भेजा है। लेकिन घर पहुंचते ही उसे उल्टियां होने लग गईं। इसके बाद बच्चे के माता-पिता उसे अस्पताल ले गए और इलाज के बाद घर ले जाया गया। लेकिन शनिवार को वह फिर से बीमार पड़ गया और रात में उसे सरकारी अस्पताल में एडमिट कराया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।
लेकिन, मौत से पहले मणिकंदन ने मां को बताया था कि उसने वह सॉफ्ट ड्रिंक्स पी थी, जो वह वॉचमैन को दे आई थी। इस पर मां को लगा कि कुछ गड़बड़ी हुई और फिर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी गई।
एसएसपी लोकेश्वर ने बताया कि पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और पता चला कि सग्यारानी ने ही यह ड्रिंक्स दी थी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में पुलिस ने बताया कि महिला ने सॉफ्ट ड्रिंक्स में कुछ ऐसा मिला दिया था।
जिससे छात्र को डायरिया की शिकायत हो गई और वह लगातार उल्टियां करने लगा गया। इस मामले का खुलासा हुआ तो लोग हैरान रह गए कि आखिर एक महिला महज स्कूल की प्रतिस्पर्धा के चलते कैसे किसी बच्चे की जान ले सकती है।

लखनऊ के इस होटल में लगी भीषण आग, भारी संख्या में लोग थे मौजूद…

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि आज सुबह लखनऊ के मशहूर होटल लेवाना में आग लग गई है। पूरा होटल आग की चपेट में आ चुका है। कई लोगों होटल में फंसे हुए हैं, जिनको बचाने का काम शुरू कर दिया गया है। अब तक कई लोगों को इस आग से बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन अभी भी कई लोग इस होटल के कमरों में फंसे हुए हैं। बता दें कि ये होटल लखनऊ के हजरतगंज इलाके में मौजूद है और होटल का इलाके में काफी नाम है।

आग बुझाने के लिए मौके पर 3 दमकल की गाड़ियां पहुंची हैं। होटल का इमरजेंसी एक्जिट तोड़कर और खिड़कियों को तोड़कर लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। बचाव कार्य लगातार जारी है। मिली जानकारी के अनुसार आज के धुएं से कई लोग बेहोश भी हो चुके हैं। सुरक्षा कर्मियों ने अब तक कई बेहोश लोगों को होटल से बाहर निकाला है और उनको सीधा अस्पताल भेज दिया गया है। आपको बता दें कि प्रशासन द्वारा होटल के बाहर चार एंबुलेंस को भी खड़ा रखा है जो लगातार लोगों को अस्पताल तक लेकर जा रही हैं।

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होटल से भारी धुंआ निकलता दिख रहा है। दमकल के कर्मचारी सीढ़ी लगाकर खिड़कियों से लोगों को बाहर निकाल रहे हैं। इस पूरे मामले पर लखनऊ के डीएम ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस हादसे के बारे में बात करते हुए कहा कि “अभी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। फंसे हुए लोगों को निकाला जा रहा है। हालांकि आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, जांच के बाद ही कारणों का पता चलेगा।”

हादसे के दौरान साइरस मिस्त्री ने नहीं बंध रखी थी सीट बेल्ट, पुलिस का दावा…

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रविवार को हुए एक कार हादसे में टाटा संस के पूर्व चेयरमैन और उद्योगपति साइरस मिस्त्री का निधन हो गया। उनके साथ एक और व्यक्ति मौजूद थे जिनका नाम जहांगीर पंडोले था, हादसे में दोनों की ही मौत हो गई। अब सवाल ये उठता है कि 7 एयरबैग वाली कार में आखिर साइरस मिस्त्री की मौत कैसे हुई। आपको बता दें कि साइरस मिस्त्री के पास मर्सिडीज बेंज जीएलसी 220 डी 4मैटिक थी। ये लग्जरी गाड़ी अपने फीचर्स के लिए मशहूर है और इसके 7 एयरबैग हैं, जिनके बावजूद भी मिस्त्री की जान चली गई। इस हादसे में जांच कर रही पुलिस की रिपोर्ट सामने आ गई है।

मामले की जांच के बाद पुलिस का कहना है कि मिस्त्री की कार की रफ्तार काफी तेज थी और मिस्त्री और उनके साथ मौजूद शख्स ने भी सीट बेल्ट नहीं लगाई हुई थी। जिसके कारण हादसे में उनकी मौत हुई। पुलिस के अनुसार मिस्त्री की गाड़ी ने सेवल 9 मिनट में 20 किलोमीटर का फासला तय कर लिया था। पुलिस ने कहा कि “प्रारंभिक जांच के अनुसार, तेज गति और निर्णय की त्रुटि के कारण कार दुर्घटना हुई। हादसे में जान गंवाने वाले दोनों लोगों ने सीट बेल्ट नहीं बांध रखी थी।”

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इसके आगे पुलिस ने बताया कि “चरोटी जांच चौकी पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखने पर पालघर पुलिस ने पाया कि कार दोपहर करीब 2.21 बजे चौकी से गुजरी थी और दुर्घटना 20 किलोमीटर आगे (ढाई बजे) हुई।” आपको बता दें कि मिस्त्री और जहांगीर पंडोले की मौत के अलावा जानीमानी स्त्रीरोग विशेषज्ञ अनाहिता पंडोले और उनके पति डेरियस पंडोले हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। जिनका इलाज अभी चल रहा है।

उत्तराखंड: पेपर लीक सरगना की तलाश में STF, आखिर कहां गया मूसा

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देहरादून: UKSSSC स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराने में उत्तर प्रदेश के जिस नकल माफिया सैयद सादिक मूसा का नाम मुख्य आरोपित के रूप में सामने आ रहा है, वो 2012 से उत्तराखंड से पेपर लीक के धंधे में लिप्त था ।

मूसा उत्तर प्रदेश के धामपुर और लखनऊ में बैठकर अपने गिरोह की मदद से उत्तराखंड में पेपर लीक करवा रहा था। गंभीर बात यह है कि साफ-सुथरी परीक्षाओं का दावा करने वाले उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी और 10 सालों में मूसा ने उत्तराखंड में बाकायदा अपनी टीम तैयार कर ली।

 

जानकारी के अनुसार, पेपर लीक प्रकरण में पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका केंद्रपाल, मूसा का बेहद करीबी है। दोनों ने आरएमएस टेक्नो साल्यूशंस प्रा. लि. के मालिक राजेश चौहान के साथ मिलकर वर्ष 2012 में उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों की सौदेबाजी शुरू की थी। मूसा और केंद्रपाल करोड़ों रुपये में राजेश चौहान से पेपर लीक करने की डील करते थे।

 

पेपर हाथ में आने के बाद वह कुमाऊं और गढ़वाल मंडल में अपने गुर्गों के माध्यम से अभ्यर्थियों तक पेपर पहुंचाते थे। इसके लिए हर अभ्यर्थी से लाखों रुपये लिए जाते थे। आरोपितों ने गढ़वाल और कुमाऊं में अलग-अलग टीम तैयार कर रखी थी। मूसा के गिरोह में हाकम सिंह, शशिकांत और चंदन मनराल जैसे कई गुर्गे शामिल थे।

 

नेपाल भाग गया मूसा

पहले तो एसटीएफ छोटे-मोटे गुर्गों को ही इस गिरोह का मास्टरमाइंड बता रही थी। जैसे-जैसे गिरफ्तारियों का आंकड़ा बढ़ा तो मास्टरमाइंड बदलने लगे। धामपुर (उप्र) निवासी केंद्रपाल के गिरफ्त में आने के बाद एसटीएफ को पता चला कि इस गिरोह का संचालन सादिक मूसा कर रहा था। एसटीएफ मूसा तक पहुंचती, इससे पहले ही वह नेपाल भाग गया।

 

पेपर लीक प्रकरण में कार्रवाई तेजी से चल रही है, लेकिन सरकारी नौकरियों की सौदेबाजी के इस खेल में एसटीएफ छोटे खिलाड़ियों की गिरफ्तारी तक ही सीमित है।

 

किसी बड़े खिलाड़ी के गिरेबां तक एसटीएफ के हाथ नहीं पहुंच पाए हैं। इस बीच हर किसी की जुबान पर यह बात चल रही है कि इतने बड़ी सौदेबाजी बड़े खिलाड़ियों के बगैर संभव नहीं। …तो एसटीएफ की जांच में अब तक किसी बड़े खिलाड़ी का नाम सामने क्यों नहीं आया है?

 

इस प्रकरण में अब तक 34 आरोपितों पर गिरफ्तारी का शिकंजा कस चुका है। लखनऊ के प्रिंटिंग प्रेस आरएमएस टेक्नो साल्यूशंस प्रा. लि. के मालिक राजेश चौहान को छोड़ दें तो पकड़े गए बाकी आरोपितों में शिक्षक, पीआरडी जवान, पुलिस जवान, न्यायिक कर्मचारी, अपर निजी सचिव आदि शामिल हैं।

 

जिस तरह इस प्रकरण का फलक बड़ा होता जा रहा है, उससे साफ है कि इतनी बड़ी जालसाजी को अंजाम देना गिरफ्तार किए गए आरोपितों के बस की बात नहीं है। इनके पीछे अवश्य ही कुछ बड़े खिलाड़ियों का हाथ है। ऐसे में सुलगता सवाल यह है कि इन बड़े खिलाड़ियों की गर्दन तक कानून के हाथ कब पहुंचेंगे।

क्लेमेंट टाउन गणेश महोत्सव में पहुंचे CM धामी, हॉल बनाने के लिए की 50 लाख की घोषणा

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देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूद्धारा कालोनी, क्लेमेंटाउन स्थित रघुनाथ मंदिर में आयोजित गणेश महोत्सव में प्रतिभाग किया। भारी बारिश के बीच 12 वे गणेश महोत्सव में सम्मिलित होकर मुख्यमंत्री ने गणेश भगवान की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत देश उत्सवों का देश है। उत्सव समाज को जीवंत बनाते हैं। भगवान गणेश हम सभी के जीवन में सुख समृद्धि लाएं। मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गणेश महोत्सव के अवसर में 50 लाख की धन राशि देने की घोषणा की और कहा कि इस धन राशि से हॉल बनाया जाएगा ताकि गणेश महोत्सव आने वाले समय में और धूम धाम से मनाया जाए ।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज भारी बारिश में गणेश मोहत्सव में इतनी संख्या में लोग आए हैं, ये उनकी श्रद्धा को बताता है। इतना भव्य गणेश महोत्सव का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर विधायक विनोद चमोली, मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, अध्यक्ष, राज्य वन विकास निगम  कैलाश गहतोड़ी आदि गणमान्य उपस्थित थे ।

सड़क दुर्घटना में टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री का निधन

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नई दिल्‍ली: टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री की मुंबई के पालघर में सड़क हादसे में मृत्यु हो गई। यह सड़क हादसा मुंबई से सटे पालघर में हुआ। दुर्घटना के बाद साइरस मिस्त्री को आनन फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्‍टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने टाटा संस के पूर्व अध्यक्ष साइरस मिस्त्री के परिवार और दोस्तों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की, जिनका आज एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया।

सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील जयवीर शेरगिल ने भी सायरस मिस्त्री मृत्यु पर भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि एक सड़क दुर्घटना में साइरस मिस्त्री के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ। व्यापारी वर्ग को बड़ा नुकसान। उनके पूरे परिवार के प्रति संवेदना।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि महाराष्ट्र के पालघर के पास एक सड़क दुर्घटना में टाटा संस के पूर्व अध्यक्ष साइरस मिस्त्री जी के दुर्भाग्यपूर्ण निधन के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ। उनके परिवार के सदस्यों के प्रति हार्दिक संवेदना। भगवान उसकी आत्मा को शांति दें।

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने साइरस मिस्त्री के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि पालघर के पास एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में टाटा संस के पूर्व अध्यक्ष साइरस मिस्त्री के निधन के बारे में जानकर स्तब्ध और गहरा दुख हुआ। उनके परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। क्ळच् से बात कर विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।

सीएम योगी का बड़ा फैसला, बदल डाले इन वार्डों के नाम

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Yogi Adityanath

गोरखपुर: सीएम योगी ने फिर एक और बड़ा फैसला लिया है। नगर निगम में 32 गांवों के शामिल होने के बाद वार्डों की संख्या 70 से बढ़कर 80 हो गई है। नए 10 वार्डों के साथ ही पुराने 40 वार्डों का नया नाम रखा गया है। यानी नगर निगम में 80 में से 50 वार्ड नए नाम से पहचाने जाएंगे। अलीनगर, तुर्कमानपुर से लेकर मिया बाजार वार्ड का नाम बदल दिया गया है। वहीं वार्डों का नाम फिराक गोरखपुर, राम प्रसाद बिस्मिल से लेकर मत्स्येन्द्र नाथ के नाम से किया गया है।

निगम में शामिल वार्डों के नाम बाबा राघव दास, बाबा गम्भीरनाथ नगर, रानीडीहा, मदन मोहन मालवीय, बडगो, संझाई, डॉ.राजेन्द्र प्रसाद नगर, मत्स्येन्द्र नाथ, मोहनपुर आदि नाम से हो गया है। वहीं कई पुराने वार्डों का नाम बदल दिया गया है। पुर्दिलपुर का नाम विजय चौक, जनप्रिय विहार का नाम दिग्विजयनाथ कर दिया गया है।

इसी तरह मुफ्तीपुर वार्ड अब घंटाघर के नाम से जाना जाएगा। घोषीपुरवा का नाम राम प्रसाद बिस्मिल और बिछिया जंगल तुलसी राम पूर्वी का नाम शहीद शिव सिंह क्षेत्री का नाम से हो गया है। इसी तरह शेखपुर वार्ड गीता प्रेस के नाम से जाना जाएगा। रेलवे कालोनी वार्ड का वजूद खत्म कर इसे मैत्रीपुरम नाम दिया गया है। नौसढ़ इलाके के मोहल्लों को शामिल कर मत्स्येन्द्र नगर कर दिया गया है।

मोहद्दीपुर में सिख समुदाय की अधिक आबादी को देखते हुए इसका नाम भगत सिंह वार्ड कर दिया गया है। तुर्कमानपुर का नाम अब शहीद अशफाक उल्लाह नगर तो वहीं जटेपुर का नाम विश्वकर्मा पुरम बौलिया कर दिया गया है। महेवा वार्ड को अब कान्हा उपवन नगर तो रसूलपुर वार्ड को अब महाराणा प्रताप वार्ड के नाम से जाना जाएगा। दिलेजाकपुर इलाके के मोहल्लों को अब महात्मा ज्योतिबा फुले नगर, तो वहीं दिवान बाजार इलाके को बेनीगंज के नाम से जाना जाएगा। महेवा से सटे गांव को मिलाकर देवी प्रसाद नगर नाम से वार्ड का गठन किया गया है।

इलाहीबाग का नाम भी बदल दिया गया है। इस वार्ड को अब बंधू सिंह वार्ड से जाना जाएगा। वहीं दाउदपुर और बिलंदपुर इलाके के मोहल्लों को मिलाकर रघुपति सहाय फिराक नगर वार्ड का गठन किया गया है। इसी तरह जाफरा बाजार वार्ड का नाम अब आत्माराम नगर कर दिया गया है। मिया बाजार वार्ड को अब माया बाजार नाम से जाना जाएगा। इसी तरह भेड़ियागढ वार्ड का नाम विष्णुपुरम कर दिया गया है। हांसपुर का नाम बदल कर श्रीराम चौक और तिवारीपुर का नाम बदल की महर्षि दधीचि नगर वार्ड कर दिया गया है। इसी तरह मिर्जापुर वार्ड को शिवनगर तो चक्सा हुसैन वार्ड का नाम संत झूले लाल नगर करर दिया गया है।

नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बताया कि परिसीमन के प्रारूप को शासन ने मंजूरी दे दी है। निगम में शामिल 10 वार्डों के साथ अन्य वार्डों का नया नामकरण किया गया है। वार्डों के नाम महापुरुषों और स्थानीय लोगों के मांग पर किया गया है। अब इसे लेकर आपत्तियां मांगी जाएंगी। आपत्तियों का निस्तरण कर परिसीमन को मंजूरी दे दी जाएगी।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बनकर इस शख्स ने की 50 लाख की मांग, मामला दर्ज…

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मशहूर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की मौत के बाद से लॉरेंस बिश्नोई गैंग का खौफ समझ में बैठ गया है। सिर्फ आम लोगों में ही नहीं बल्कि बॉलीवुड सेलेब्स में भी इस गैंग का काफी खौफ है। हाल ही में एक और मामला सामने आया था जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य ने एक किसान से 50 लाख की मांग की थी। हालांकि बाद में पता चला कि वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कोई सदस्य नहीं था। गुरुग्राम के पाटली गांव का ये मामला है, जहां करमबीर नाम के एक शख्स और उसके दो बेटों ने एक किसान से 50 लाख रुपये मांगे तो कहा कि पैसे न देने पर उसका भी सिद्धू मूसेवाला जैसा हाल करेंगे।

जिस शख्स से पैसे की मांग की गई थी उसका नाम सुरेंद्र सिंह था। सुरेंद्र सिंह ने फर्रुखनगर पुलिस थाने में करमबीर और उसके बेटों दीपक तथा मोहित के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। उसने शिकायत में कहा कि “मुझे हाल ही में रेलवे की एक परियोजना में भूमि देने पर मुआवजे के तौर पर 75 लाख रुपये मिले थे और आरोपी यह बात जानते थे। 29 अगस्त को वॉट्सऐप पर मुझे धमकी भरे फोन आए, साथ ही आरोपियों ने मुझे उसी तरह मारने की धमकी भी दी, जिस प्रकार से मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला को मारा गया था।”

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इस मामले को लेकर शनिवार को फर्रुखनगर के थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बयान जारी किया है। बयान में जितेंद्र कुमार ने कहा है कि “हमने मामला दर्ज कर लिया है और तथ्यों की पड़ताल कर रहे हैं। कानून के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।” बता दें कि 29 मई 2022 को खुलेआम गोली मार कर सिद्धू मूसेवाला की हत्या कर दी गई। मामले की जांच करने पर पता चला कि इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हाथ है। जिसके बाद से लगातार मामले की जांच चल रही है।

देश में नहीं है मंदी का खतरा, जीडीपी को लेकर वित्त मंत्री ने कहीं ये बातें…

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दुनिया में अर्थिक मंदी को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। विश्लेषक और अर्थशास्त्री इसे लेकर अपने-अपने दावे कर रहे हैं। यूरोप और अमेरिका में इसका खतरा सबसे ज्यादा बताया जा रहा है। ऐसे में भारत में उसका कोई खतरा नहीं है, इस बात का दावा देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया है। उनका कहना है कि देश में अर्थव्यवस्था के मंदी में जाने का सवाल ही नहीं पैदा नहीं होता। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि के दहाई अंकों में बने रहने की उम्मीद जताई है।

शनिवार को दिए गए बयान में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बाकी और देशों को मुकाबले भारत तेज़ी से अर्थव्यवस्था को सुधारने में लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि “अन्य देशों की तुलना में भारत मजबूत स्थिति में है और जरूरतमंद वर्गों को मदद देने के लिहाज से जिम्मेदार भी है।” वह आगे कहती हैं कि “मुझे ऐसा होने की उम्मीद है। हम इसके लिए काम करेंगे। यदि आप मंदी की कगार पर नहीं खड़े हैं तो इससे भरोसा मिलता है। जरूरतमंद वर्गों की मदद करने और अर्थव्यवस्था को गति देने के लिहाज से आप लगातार कदम उठा रहे हैं।”

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उन्होंने आगे कहा कि “हम जिन अर्थव्यवस्थाओं की बात कर रहे हैं उनकी तुलना में हम मजबूत स्थिति में हैं। हम वास्तव में सबसे तेजी से वृद्धि करती हुई अर्थव्यवस्था हैं। भारत से कहीं अधिक विकसित मानी जाने वाली अर्थव्यवस्थाएं इस समय मंदी की कगार पर हैं।” वह आगे कहती हैं कि “हमें इस चर्चा में हिस्सा जरूर लेना चाहिए क्योंकि अगर आप किसी को कुछ नि:शुल्क दे रहे हैं तो इसका मतलब है कि उसका बोझ कोई और उठा रहा है।”

महाराष्ट्र में फिर सियासी हलचल, अब CM शिंदे ने चला ये दांव

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महाराष्ट्र:  महाराष्ट्र में सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। उद्धव ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे गुट के बीच लगातार एक-दूसरे को मात देने के लिए उठापटक चल रही है। अब शिवसेना मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे को एक और झटका देने की तैयारी में हैं।

सीएम एकनाथ शिंदे ने राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि सरकार उन 12 एमएलसी के नाम वापस लेना चाहती है जो पिछली महाराष्ट्र विकास अघाड़ी सरकार द्वारा दिए गए थे। सूत्रों के अनुसार पिछली एमवीए गठबंधन सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए नामों की सूची वापस ले ली गई है। एकनाथ शिंदे जल्द ही एमएलसी की नई सूची देंगे।

पिछली सरकार ने उन 12 नामों की लिस्ट दी थी जिन्हें राज्यपाल कोटे के तहत महाराष्ट्र विधान परिषद में नामित किया जाना था। हालांकि राज्यपाल ने दो साल से अधिक समय पहले मिली इस सूची पर अब तक कोई फैसला नहीं लिया है।

महाराष्ट्र में हाल में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद से ही राज्यपाल द्वारा विधान परिषद सदस्य के लिए नियुक्त किए जाने वाले 12 नामों पर नए सिरे विचार करने की चर्चा हो रही थी।

CM रहते हुए उद्धव ठाकरे ने जिन 12 नामों की सिफारिश गवर्नर कोश्यारी से की थी उनमें शिवसेना से उर्मिला मातोंडकर और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की तरफ से एकनाथ खडसे जैसे नाम शामिल हैं। आपको बता दें कि गवर्नर के पास लंबे समय से यह सिफारिश लंबित थी।

लिस्ट में शिवसेना की ओर से अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर, विजय करंजकर, नितिन बानुगड़े पाटिल और चंद्रकांत रघुवंशी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से एकनाथ खडसे, राजू शेट्टी, यशपाल भिंगे और गायक आनंद शिंदे व कांग्रेस की ओर से रजनीताई पाटिल, सचिन सावंत, अनिरुद्ध वांकर, मुजफ्फर हुसैन का नाम शामिल था।