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जानें कब रिलीज होगी ऋतिकऔर दीपिका की ‘फाइटर’?

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अभिनेता ऋतिक रोशनबीते दिनों फिल्म विक्रम वेधा को लेकर खूब चर्चा में थे। फिल्म में ऋतिक के अंदाज और किरदार को दर्शकों ने खूब पसंद किया और इसके बाद से ही फैन्स उनकी अगली फिल्म का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में अब ऋतिक रोशन ने अपनी अपकमिंग फिल्म फाइटर की नई रिलीज डेट का ऐलान किया है। इस फिल्म में ऋतिक रोशन और दीपिका पादुकोण भारतीय वायु सेना के पायलट के रूप में दिखाई देंगे।

25 जनवरी 2024 को रिलीज होगी फिल्म
भारत के 75वें गणतंत्र दिवस का जश्न मनाते हुए, वायकॉम 18 स्टूडियोज और मार्फ्लिक्स पिक्चर्स द्वारा एक्शन पैक्ड बिग स्क्रीन फिल्म फाइटर 25 जनवरी 2024 को रिलीज़ होने के लिए तैयार है। इस फिल्म में ऋतिक रोशन और दीपिका पादुकोण  भारतीय वायु सेना के पायलट के रूप में दिखाई देंगे। फिल्म में अनिल कपूर भी अहम भूमिका में हैं।

 

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हिट है सिद्धार्थ- ऋतिक की जोड़ी
फाइटर के साथ निर्माता बने, निर्देशक सिद्धार्थ आनंद, इस फिल्म को शानदार बनाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहें है। फाइटर, दर्शकों को सेल्यूलाइड पर नेवर सीन बिफोर एक्सपीरियंस देने के लिए तैयार है। भारत के सशस्त्र बलों को श्रद्धांजलि देने वाली यह फिल्म रिपब्लिक डे वीकेंड के लिए एक परफेक्ट रिलीज है।बता दें कि सिद्धार्थ आनंद और ऋतिक रोशन की जोड़ी पहले बैंग बैंग और वॉर में नजर आ चुकी है। दोनों ही फिल्मों को दर्शकों ने काफी पसंद किया था।

देश-विदेश में हुई है शूट
कई मायनों में फाइटर भारत की पहली एरियल एक्शन फिल्म होगी। यह पहली बार है जब इस फिल्म में ऋतिक रोशन ने दीपिका पादुकोण के साथ स्क्रीन स्पेस साझा किया है। फिल्म का शूट देश विदेश के कई हिस्सों में हुआ है और कहा जा रहा है कि इस फिल्म में काफी कुछ ऐसा होगा, जो हिंदी ऑडियंस के लिए काफी नया होगा। फिल्म के लेटेस्ट पोस्टर से भी कयास लगाए जा रहे हैं कि फिल्म में काफी एक्शन देखने को मिलेगा।

डाक्टरों ने देश में पहली बार खाल, हड्डियों व मांस से बनाई कैंसर पीड़ित महिला की नई नाक

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File Photo

कोलकाता के सरकारी सुपर सेप्शियालिटी अस्पतालों में शुमार एसएसकेएम के चिकित्सकों ने कैंसर पीड़ित एक महिला को नया जीवन दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार चरण चार के कैंसर के कारण मरीज का ट्यूमर पूरी नाक में फैल गया था। नतीजतन नाक गंभीर रूप से सूज गई थी। स्थिति इतनी विकट हो गई थी कि बदबू के कारण हर कोई आगे जाने से डरने लगा था।

59 साल की इस महिला को नई नाक मिलने वाली है। उनके शरीर के विभिन्न अंगों की खाल, हड्डियों और मांस से एक नई नाक बनाई जा रही है। कैंसर पीड़ित इस महिला को बचाने के लिए चिकित्सकों ने ट्यूमर समेत पूरी नाक को जड़ से हटा दिया है। उनके ही शरीर के अंगों से बनी एक नई नाक इसकी जगह लेने वाली है। इस प्रक्रिया को चिकित्सकीय भाषा में ‘टोटल नेजल रिकंस्ट्रक्शन’ कहा जाता है। ईएनटी, हेड एंड नेक और प्लास्टिक सर्जन, एनेस्थिसियोलाजिस्ट सहित विभिन्न विषयों के डाक्टर इसे संभव बना रहे हैं।

पीजी अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक मरीज को एक बार में नहीं, बल्कि चार चरणों में चार बार धीरे-धीरे प्रगति करते हुए एक नई नाक दी जाएगी। आपरेशन का तीसरा चरण गत गुरुवार को करीब पांच घंटे तक चला। इससे पहले आठ सितंबर को ट्यूमर से प्रभावित पूरी नाक को काट दिया गया था। 17 अक्टूबर को सर्जरी के दूसरे दौर में माथे से त्वचा को हटा दिया गया था। नाक के पैड बनाने के लिए छाती से कार्टिलेज काटा गया। तीन सप्ताह के बाद नाक का पुनर्निर्माण लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो जाएगा।

पीजी के इंस्टीट्यूट आफ ओटोलरिंगोलाजी (ईएनटी विभाग) के प्रोफेसर डा. अरुणव सेनगुप्ता ने दावा किया कि यह पहली बार है कि पूरे देश में पूरी तरह से नाक का पुनर्निर्माण या पूरी तरह से नई नाक बनाई जा रही है। इस आपरेशन का नेतृत्व करने वालों में प्लास्टिक सर्जन डा. आदित्य कनोई और हेड एंड नेक सर्जन डा. गणेश अग्रवाल शामिल हैं।

एलन मस्क बने ट्विटर के मालिक, किया पराग अग्रवाल समेत कई अधिकारियों को बर्खास्त…

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दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क ने पूरी तरह से सोशल मीडिया ऐप ट्विटर की कमान संभाल ली है। ट्विटर का मालिक बनने के बाद एलन मस्क ने सबसे पहले बदलाव करते हुए ट्विटर के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। ऐसा कर के एलन मस्क ने सबको हैरान कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन कार्यकारी अधिकारियों में भारतीय मूल के सीईओ पराग अग्रवाल और कानूनी मामलों के कार्यकारी अधिकारी विजय गड्डे भी शामिल हैं। इनके अलावा मुख्य वित्तीय अधिकारी नेड सेगल के भी कंपनी से बाहर निकाले जाने की खबरें हैं।

सूत्रों की माने तो ट्विटर के अधिग्रहण के पहले से एलन मस्क और इन सभी अधिकारियों के बीच तनातनी व जुबानी जंग जारी थी। जिसके कारण मस्क ने कंपनी के हाथ में आते ही सबसे पहले इन अधिकारियों को कंपनी से बाहर कर दिया। सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है कि “मस्क ने कम से कम चार शीर्ष कार्यकारी अधिकारियों को हटाने के साथ ही ट्विटर से अधिकारियों की छुट्टी का सिलसिला शुरू कर दिया है।” आपको बता दें कि मस्क ने इस साल 13 अप्रैल को ट्विटर के अधिग्रहण का एलान किया था। उन्होंने 54.2 डॉलर प्रति शेयर की दर से 44 अरब डॉलर में इस करार का प्रस्ताव दिया था।

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हालांकि बाद में उन्होंने इस डील को कैंसल कर दिया। जिसके बाद उनके खिलाफ केस दर्ज कर दिया गया। मामले पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने 28 अक्तूबर तक ट्विटर की डील पूरी करने को कहा। आदेश का पालन करते हुए मस्क बुधवार को ट्विटर के दफ्तर सिंक लेकर पहुंचे थे और उन्होंने सब को हैरान कर दिया था।

BCCI के इस फैसले की शाहरुख खान ने की तारीफ, बोले “क्या अच्छा फ्रंट फुट शॉट है…”

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महिला और पुरुष के बीच के भेदभाव को खत्म करने के लिए भारत सरकार ने तो कई फैसले लिए हैं। लेकिन इस बार पुरुष और महिलाओं के बीच के अंतर को खत्म करते हुए बीसीसीआई ने हाल ही में एक बड़ा फैसला लिया है। बता दें कि बीसीसीआई द्वारा महिला क्रिकेटरों की भी फीस पुरुषों के बराबर करने का फैसला लिया गया है। बीसीसीआई के इस फैसले का सम्मान हर कोई कर रहा है। बता दें कि बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान ने भी बीसीसीआई के इस फैसले का सम्मान किया है और इस फैसले को बहुत ही अच्छा फैसला बताया है।

गोरतलब हैं कि शाहरुख खान क्रिकेट के एक बहुत बड़े फैन हैं। उनकी इंडियन प्रीमियर लीग में टीम भी है। बता दें कि उनकी और भी कई टीमें हैं। शाहरुख खान ने जय शाह के ट्विट को रिट्विट करते हुए कहा कि “क्या अच्छा फ्रंट फुट शॉट है। आशा व्यक्त की कि निर्णय अन्य बोर्डों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करेगा।” इस फैसले को लेकर हर कोई चर्चा कर रहा है। बता दें कि जय शाह ने इस फैसले के बारे में अपने ट्विटर अकाउंट के माध्यम से बताया था।

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उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया कि “मुझे भेदभाव से निपटने की दिशा में बीसीसीआई के पहले कदम की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। हम अपने अनुबंधित बीसीसीआई वूमेन क्रिकेटरों के लिए वेतन इक्विटी नीति लागू कर रहे हैं। पुरुष और महिला क्रिकेटरों दोनों के लिए मैच फीस समान होगी। क्योंकि हम क्रिकेट में लैंगिक समानता के एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं।”

एलन मस्क का ट्विटर में बड़ा एक्शन, CEO समेत कई अधिकारी बाहर

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ट्विटर (Twitter Deal) का मालिक बनते ही दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क (Elon Musk) ने बड़ा एक्शन लिया है। इस पूरी डील पर नजर बनाए रखने वाले व्यक्ति के अनुसार एलन मस्क के हाथ में ट्विटर की कमान आने के बाद कंपनी के सीईओ पराग अग्रवाल (CEO Parag Agrawal) को बाहर निकाल दिया गया है।

हालांकि, इस पूरे मसले पर ट्विटर की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। बता दें, अगर पराग अग्रवाल कंपनी से निकाले जाते हैं तो ट्विटर को उन्हें भारी रकम चुकानी होगी।

जब भी कोई व्यक्ति किसी बड़ी कंपनी का सीईओ बनता है तो उसे सैलरी के अलावा कंपनी के कुछ शेयर भी दिए जाते हैं। ऐसे में अगर एलन मस्क, पराग अग्रवाल को ट्विटर से बाहर से निकालते हैं तो उनके सभी शेयरहोल्डिंग का भुगतान कंपनी को करना होगा। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार के पराग अग्रवाल को करीब 42 मिलियन डॉलर (346 करोड़ रुपये) का भुगतान किया जाएगा।

एलन मस्क के मालिक बनने के बाद पराग अग्रवाल के अलावा कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ भी एक्शन लिया गया है। लीगल, पॉलिसी और ट्रस्ट हेड विजया गाड्डे, चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर नेड सेगल, 2012 से ट्विटर के जनरल काउंसल रहे सीन एडगेट को भी बाहर निकाल दिया गया है।

एलन मस्क और पराग अग्रवाल के बीच तकरार जगजाहिर है। एलन मस्क सार्वजनिक तौर पर यह कह चुके थे कि उन्हें मौजूदा मैनेजमेंट पर विश्वास नहीं है। 9 अप्रैल को ट्विट करते पराग अग्रावल ने कहा था , “आप यह ट्विट करने के लिए स्वतंत्र हैं कि ट्विटर मर रहा है? या कुछ और भी। लेकिन यह मेरी जिम्मेदारी है बताने की, वर्तमान परिस्थितियों में यह ट्विटर को बेहतर बनाने में मददगार साबित नहीं हो रहा है।

इसी पर कमेंट करते हुए एलन मस्क ने कहा था कि आप लोगों ने इस सप्ताह क्या किया है? “मैं बोर्ड का हिस्सा नहीं हो रहा हूं, यह समय की बर्बादी है।” तभी स्पष्ट हो गया था कि मस्क के मालिक बनते ही पराग अग्रवाल कंपनी से बाहर जाना पड़ सकता है।

 

 

 

केदारनाथ में घोड़ा-खच्चर से हुआ 101.34 करोड़ का कारोबार

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उत्तराखंड में चार धाम यात्रा अपने आख़िरी पड़ाव पर है। बाबा केदार के कपाट गुरुवार 27 अक्टूबर को विधि विधान से शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए, इसके अलावा यमुनोत्री के कपाट भी विधिविधान से बंद कर दिए गए। इधर सरकार के प्रयासों से कोरोना काल के बाद चार धाम यात्रा की रौनक़ पुनः पटरी पर लौटती हुई नज़र आई। चारधाम यात्रा ने इस वर्ष तमाम रिकॉर्ड तोड़ कर नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इस बार केदारनाथ और यमुनोत्री यात्रा में सिर्फ़ घोड़ा खच्चरों, हेली टिकट और डंडी कंडी के यात्रा भाड़े से लगभग 211 करोड़ के आस- पास कारोबार हुआ है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा के सफल संचालन को लेकर ख़ुशी जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी के कथनानुसार आने वाला दशक उत्तराखण्ड है उसकी शुरूआत आज से ही हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि यात्रा से स्थानीय लोगों की आजीविका में वृद्धि हो और आय के श्रोत और बढ़ें, इसके लिए सरकार हर स्तर पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों व कुशल यात्रा प्रबंधन की बदौलत 46 लाख यात्रियों ने इस वर्ष चार धाम यात्रा की।

पिछले दो दशक में यह सबसे अधिक आँकड़ा है वहीं श्री केदारनाथ धाम की अकेले बात की जाए तो यहाँ 15 लाख 36 हजार तीर्थ यात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन किए। आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को भी यात्रा साकार करती है। चारधाम यात्रा प्रदेश की आर्थिकी की लाईफ लाईन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने देश की सांस्कृतिक विरासत को पुनर्स्थापित किया है। प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप केदारनाथ व बदरीनाथ धाम का पुनर्विकास किया जा रहा है।

केदारनाथ में हुआ ₹190 करोड़ से अधिक का कारोबार

इस वर्ष केदारनाथ यात्रा स्थानीय व्यवसाइयों के लिहाज़ से भी काफ़ी बेहतर रही। सिर्फ़ यात्रा के टिकट, घोड़ा खच्चरों और हेली और डंडी कंडी के यात्रा भाड़े की बात करें तो लगभग 190 करोड़ के आस- पास यह कारोबार हुआ है। केदारनाथ धाम इस बार घोड़े खच्चर व्यवसाइयों ने क़रीब 1 अरब 9 करोड़ 28 लाख रुपए का रिकॉर्ड कारोबार किया। जिससे सरकार को भी 8 करोड रुपए से ज्यादा का राजस्व प्राप्त हुआ। यात्रा सुगम बनाने को लेकर प्रशासन ने 4302 घोड़ा मालिकों के 8664 घोड़े खच्चर पंजीकृत किए थे इस सीजन में 5.34 लाख तीर्थयात्रियों ने घोड़े खच्चरों की सवारी कर केदारनाथ धाम तक यात्रा की। वही डंडी-कंडी वालों ने 86 लाख रुपए की कमाई की और हेली कंपनियों ने 75 करोड़ 40 लाख रुपए का कारोबार किया। इधर सीतापुर और सोनप्रयाग पार्किंग से लगभग 75 लाख का राजस्व सरकार को प्राप्त हुआ।

यमुनोत्री में घोड़े खच्चरों वालों का हुआ 21 करोड़ का कारोबार

इधर यमुनोत्री में घोड़े खच्चरों वालों का लगभग 21 करोड़ का कारोबार इस साल हुआ है। यमनोत्री धाम में लगभग 2900 घोड़े खच्चर पंजीकृत हैं , ज़िला पंचायत के अनुसार इस साल यात्रा काल में 21 करोड़ 75 लाख का कारोबार हुआ है। यह आँकड़ा भी रिकॉर्ड तोड़ है।

GMVN की अनुमानित आय भी ₹50 करोड़ के क़रीब

इसके अलावा चारधाम यात्रा में यात्रा मार्ग के सभी होटल / होमस्टे, लाज और धर्मशालाएं भी पिछले छः माह तक बुक रही। पिछले सालों तक GMVN जहां आर्थिक नुक़सान झेल रहा था इस साल अगस्त तक 40 करोड़ की आय कर चुका है। GMVN के प्रबंध निदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि यह आँकड़ा 50 करोड़ के क़रीब जाने का अनुमान है। इसके अलावा चारधाम यात्रा से जुड़े टैक्सी व्यवसायों ने भी पिछले सालों की औसत आय से तीन गुना अधिक का कारोबार किया है।

प्रधानमंत्री ने यात्रा खर्चे का 5% स्थानीय उत्पादों पर खर्च करने का आह्वान किया

प्रधानमंत्री ने बीते 21 अक्टूबर को बदरीनाथ धाम स्थित माणा गाँव में वोकल फॉर लोकल का जिक्र करते हुए देशवासियों से आग्रह किया कि जहां भी जाएं एक संकल्प करें कि यात्रा पर जितना भी खर्च करते हैं उसका कम से कम 5 प्रतिशत वहां के स्थानीय उत्पाद खरीदने पर खर्च करें। इन सारे क्षेत्रों में इतनी रोजी रोटी मिल जायेगी, आप कल्पना भी नही कर सकते। ऐसे में अब भविष्य को देखते हुए चारधाम यात्रा में स्थानीय उत्पादों को भी बड़ा मार्केट मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

इस मायने में भी खास रही यात्रा

गौरीकुण्ड-केदारनाथ व गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहित्य रोपवे परियोजनाओं का भी प्रधानमंत्री ने शिलान्यास किया था। इनके बनने से श्रद्धालुओं की घंटों की यात्रा मिनटों में पूरी होगी।

आजम खान को तीन साल की सजा, ये है मामला, विधायकी पर लटकी तलवार

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SP विधायक और पूर्व मंत्री आजम खान को बड़ा झटका लगा है। हेट स्पीच भड़काऊ भाषण मामले में उन्हें तीन साल की सजा सुनाई गई है। 25 हजार रुपए का जुर्मान भी लगाया गया है। सजा के बाद आजम खान की विधायकी पर भी तलवार लटक गई है। आजम खान को सजा केवल उनके लिए नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है। आजम खान सपा में अखिलेश यादव के बाद सबसे कद्दावर नेता माने जाते हैं।

गुरुवार की दोपहर करीब दो बजे एमपीएमएलए की विशेष अदालत ने सुनवाई शुरू करने के बाद आजम को दोषी ठहराते ही कस्टडी में ले लिया था। चार बजे के करीब अदालत ने फैसला सुनाया। इस दौरान आजम खां कस्टडी में ही रहे।

आजम के खिलाफ तीन धाराओं में केस दर्ज हुआ था। तीनों ही मामलों में उन्हें दोषी माना गया है। 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान आजम पर भड़काऊ भाषण देने का मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि भाषण के दौरान आजम खां ने पीएम मोदी और सीएम योगी पर भी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था।

इससे पहले आजम खान ने फैसले की तारीख टालने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। उनकी ओर से कहा गया था कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए फैसले की तारीख को आगे बढ़ाया जाए। कोर्ट ने उनकी दलील खारिज करते कर दी थी।

आखिर हो गया उर्वशी रौतेला के ‘मिस्टर RP’ का खुलासा, आप भी जानें कौन हैं वो?

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बॉलीवुड अभिनेत्री उर्वशी रौतेला के ‘मिस्टर RP’ का खुलासा आखिर हो ही गया है। एक इंटरवीयू के दौरान उर्वशी ने RP नाम के एक शख्स का जिक्र किया था। इतना ही नहीं उन्होंने ‘मिस्टर RP (आरपी)’ के साथ अपने रिश्ते टूटने की पूरी कहानी भी बताई थी। हालांकि, उन्होंने आरपी का पूरा नाम नहीं बताया था। यही कारण था कि साक्षात्कार के क्लिप को देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स अनुमान लगाने लगे कि उर्वशी रौतेला, ऋषभ पंत की बात कर रही हैं। बस, इसके बाद से ही अभिनेत्री की सारी पोस्ट को पंत से जोड़कर देखा जाने लगा। हालांकि, अब उर्वशी ने इन सब अफवाहों पर विराम लगाते हुए अपने मिस्टर आरपी का खुलासा किया है।
एक यूजर ने उर्वशी की पोस्ट पर कमेंट कर लिखा कि अच्छा तो ये है आरपी’। एक ने लिखा, ‘देख रहे हो ऋषभ भाई। अन्य यूजर ने कमेंट कर लिखा, ‘ऋषभ भाई की याद नहीं आती अब?’ एक नेटिजन ने लिखा, ‘ऋषभ भाई का क्या होगा अब?’ वहीं कुछ यूजर्स उर्वशी की तारीफ कर रहे हैं।
2018 में ऐसे कयास लगाए गए थे कि पंत और उर्वशी रौतेला रिलेशनशिप में हैं। दोनों कई बार लंच-डेट पर दिख जाते थे। इनकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं। हालांकि, कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर यह खबर उड़ी कि पंत ने उर्वशी को व्हाट्सएप पर ब्लॉक कर दिया है। हालांकि, बाद में यह बताया गया कि दोनों ने आपसी सहमति से एक-दूसरे को ब्लॉक किया है।

एक्सक्लूसिव : नाम बदलने की चर्चा, पढ़ें गढ़वाल राइफल का इतिहास और कौन था लैंसडौन

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लैंसडौन…। यह केवल एक हिल स्टेशन नहीं है। यह भारतीय सेना खासकर गढ़वाल राइफल के गौरव का वो शिखर है, जहां से देश को एक से बढ़कर एक यौद्धा मिले। गढ़वाल राइफल को रॉयल गढ़वाली की पहचान ऐसे ही नहीं मिली। गढ़वाल राइफल की स्थापना आजादी से कई साल पहले हो चुकी थी। यह वही गढ़वाल राइफल है, जिसकी वीरता के दुनियाभर में उदाहरण दिए जाते हैं। भले ही इसकी स्थापना का श्रेय अग्रेंजों को दिया जाता रहा हो, लेकिन इसकी स्थापना के पीछे एक गढ़वाली बलभद्र सिंह नेगी की ही सोच थी। उन्होंने ही सबसे पहले गढ़वाल पल्टन बनाने का प्रस्ताव रखा था, जिसके आधार पर गढ़वाल राइफल नाम रखा गया।

गढ़वाल राइफल्स की स्थापना 5 मई 1887 अल्मोड़ा में हुई थी। बाद में इसी साल 4 नवंबर 1887 को लैंसडाउन में गढ़वाल राइफल्स की छावनी स्थापित की गई है। वर्तमान में यह गढ़वाल राइफलस रेजिमेंट का ट्रेनिंग सेंटर है। गढ़वाल रेजीमेंट की स्थापना के पीछे बलभद्र सिंह नेगी का नाम विशेष उल्लेखनीय है, जिन्होंने सन् 1879 में कंधार के युद्ध में अफगानों के विरुद्ध अपनी अद्भुत हिम्मत, वीरता से ही ‘आर्डर ऑफ मैरिट’, ‘आर्डर ऑफ ब्रिटिश इण्डिया’, ‘सरदार बहादुर’ समेत कई सम्मान हासिल किए।

बलभद्र सिंह नेगी को जंगी लाट का अंगरक्षक बनाया गया था। इतिहास के पन्नों में इस बाद का जिक्र कई जगहों पर मिलता है, जिनमें बलभद्र सिंह नेगी का नाम आता है। उन्होंने ही जंगी लाट से अलग गढ़वाली बटालियन बनाने की सिफारिश की थी। लंबी चर्चा के लार्ड राबर्ट्सन ने 4 नवम्बर 1887 को गढ़वाल ‘कालौं का डांडा’ में गढ़वाल पल्टन का शुभारम्भ किया था। 1890 में भारत के तत्कालीन वायसराय लॉर्ड हेनरी लैंसडाउन के नाम पर तत्कालीन उत्तराखंड के क्षेत्र कालुडांडा को लैंसडाउन नाम दिया गया था। वर्तमान में यह स्थान उत्तराखंड राज्य के पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित है। बता दें कि-दइेच;गढ़वाल रायफल्स भारतीय सेना की एक थलसेना रेजिमेंट है। इसे मूल रूप से 1887 में बंगाल सेना की 39वीं (गढ़वाल) रेजिमेंट के रूप में स्थापित किया गया था।

1891 में 2-3 गोरखा रेजीमेंट की दो कंपनियों से एक गोरखा पलटन 2-3 क्वीन अलेक्टजेन्टास आन (बटालियन का नाम) खड़ी की गई और शेष बटालियन को दोबारा नए बंगाल इन्फैंट्री की 39वीं गढ़वाल रेजीमेंट के नाम से जाना गया। बैज से गोरखाओं की खुखरी हटाकर उसका स्थान फोनिक्स बाज को दिया गया। इसने गढ़वाल राइफल्स को अलग रेजीमेंट की पहचान दी। 1891 में फोनिक्स का स्थान माल्टीज क्रास ने लिया। इस पर द गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंट अंकित था। बैज के ऊपर पंख फैलाए बाज थे, यह पक्षी शुभ माना जाता था। इससे गढ़वालियों की सेना में अपनी पहचान का शुभारंभ हुआ।

उत्तराखंड में स्थित गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट सेंटर रेजिमेंट का युद्ध नारा है ‘बद्री विशाल लाल की जय भगवान बद्री नाथ के पुत्रों की विजय। गढ़वालियों की युद्ध क्षमता की असल परीक्षा प्रथम विश्व युद्ध में हुई, जब गढ़वाली ब्रिगेड ने ‘न्यू शैपल’ पर बहुत विपरीत परिस्थितियों में हमला कर जर्मन सैनिकों को खदेड़ दिया था। 10 मार्च 1915 के इस घमासान युद्ध में सिपाही गब्बर सिंह नेगी ने अकेले ही युद्ध में निर्णायक भूमिका निभाई थी। उन्होंने कई जर्मन सैनिकों का सफाया कर खुद भी वीरगति को प्राप्त हुए थे।

उसके बाद द्वितीय विश्व युद्ध 1939 से 45 के बीच में गढ़वाल राइफल्स ने अपनी अहम भूमिका निभाई। ऐसे ही 1962 का भारत-चीन युद्ध, 1965 और 1971 का भारत-पाक युद्ध, शांति सेना द्वारा ऑपरेशन पवन (1987-88) उसके बाद 1999 में पाकिस्तान के साथ कारगिल युद्ध गढ़वाल राइफल्स के जवानों ने अपनी वीरता से दुश्मनों के छक्के छुड़ा दिए थे।

लेकिन, सवाल यह है कि लैंसडौन का नाम बदलने से क्या हासिल होगा? क्या नाम बदलने से लैंसडौन शहर की पहचान बदल जाएगी। उत्तराखंड विकास पार्टी के अध्यक्ष मुजीब नैथानी ने लैंसडौन का नाम बदले जाने का प्रस्ताव भेजने को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि लैंसडौन के विकास पर ध्यान देने के बजाय नाम बदलने पर ध्यान दिया जा रहा है। क्या सरकार मशकबीन का भी नाम बदल देगी?

मीडिया के सामने कुर्ता उठाकर नीतीश कुमार ने दिखाई अपनी चोट, बताया कब हुए थे घायल…

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बिहार के मुख्यमंत्री को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जानकारी मिली है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले कुछ दिनों से जख्मी चल रहे हैं। इस बात की जानकारी खुद नीतीश कुमार ने दी है। उन्होंने बताया है कि उनके पेट और पैर में चोट है और ये काफी दिन पुरानी है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने खुलासा किया है कि ये चोट उनको पिछले सप्ताह छठ घाट का निरीक्षण करने के दौरान हुए नाव दुर्घटना में आई थी। हालांकि अब तक इस बात को छुपा कर रखा गया था। लेकिन अब खुद मुख्यमंत्री ने इसका खुलासा किया है।

बता दें कि नीतीश कुमार ने अपने पेट पर लगी चोट को भी दिखाया था। इस चोट पर अभी तक पट्टी बंधी हुई है। नीतीश कुमार बताते हैं कि इस चोट के कारण वह अपनी गाड़ी की आगे वाली सीट पर भी नहीं बैठ पा रहे हैं। क्योंकि आगे सीट पर बैठने पर उनको सीट बेल्ट लगानी पड़ती है। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार को यह चोट स्टीमर के एक पीलर से टकराने से लगी थी। ये हादसा उस वक्त हुआ था जब नीतीश कुमार पटना में गंगा घाट पर बन रहे छठ घाटों का निरीक्षण करने के लिए अन्य अधिकारियों को लेकर पहुंचे थे।

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जब ये हादसा पेश आया था तो सबसे इसको एक मामूली चोट बता कर टाल दिया था। लेकिन अब नीतीश कुमार ने बताया है कि वो कितनी कहते चोट थी। पत्रकारों से बात करते हुए उन्‍होंने अपना कुर्ता हटाकर जख्‍म भी दिखाया। सीएम नीतीश ने बताया, डाक्‍टर ने जख्‍म वाली जगह को सुरक्षित रखने को कहा है।