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केजरीवाल की PM को चिट्ठी, आप दिल्लीवालों से नाराज क्यों, हाथ जोड़ता हूं बजट पास कर दें

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नई दिल्ली: दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच तनातनी किसी से छुपी नहीं है। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरिवाल एलजी पर दिल्ली के काम रोकने का आरोप लगाते रहते हैं। कई बार इस तरह के मामले सामने भी आ चुके हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है। आज दिल्ली सरकार का बजट पास होना था। लेकिन, केंद्र सरकार ने ऐन मौके पर बजट को मंजूरी नहीं, जिससे आज बजट पास नहीं हो सकेा।

इस पूरे मामले को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी है। दल्ली का बजट आज पेश न हो पाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर गुजारिश की है कि वह दिल्ली का बजट पास कर दें। दिल्ली के बजट में कई ऐसे प्रावधान थे, जिसे चिन्हित करते हुए गृहमंत्रालय ने उस पर जवाब मांगा था। इसी के बाद आप सरकार ने केंद्र पर आरोप लगाया कि वह दिल्ली का बजट पास नहीं होने दे रहे।

यही वजह है कि आजदिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में केजरीवाल ने लिखा है, श्देश के 75 साल के इतिहास में पहली बार किसी राज्य का बजट रोका गया। सीएम ने आगे पूछा, आप हम दिल्ली वालों से क्यों नाराज हैं? कृपया दिल्ली का बजट मत रोकिए। दिल्ली वाले आपसे हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रहे हैं, हमारा बजट पास कर दीजिए।

उत्तराखंड : गर्मी में सर्दी का एहसास, यहां बर्बाद हो रही फसल

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देहरादून: मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। मौसम की यह करवट गर्मी में सर्दी का एहसास करा रही है। इससे आम लोग भले ही अच्छा महसूस कर रहे हों, लेकिन किसानों के लिए यह बेमौसमी बारिश किसी आफत से कम नहीं हैं। बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है।

पिछले दो-तीन दिनों से लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। सोमवार रातभर से हो रही बारिश से तापमान भी तेजी से गिर गया है, जिससे एक बार फिर पहाड़ से मैदान तक ढंड हो गई है। केदारनाथ, बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी जारी है।

चंपावत जिले में पूर्णागिरि मार्ग में बाटनागाड़ के पास मलबा आ गया है। इसे हटाने को बुलडोजर लगाया गया है। राज्‍य की झील व नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है। तराई में गेहूं की खड़ी फसल को बारिश और तेज हवा से काफी नुकसान हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अभी अगले एक-दो दिन वर्षा के आसार बने रहेंगे।

देहरादून में बारिश जारी है। मसूरी, ऋषिकेश और आसपास के इलाकों में सोमवार से बारिश हो रही है। हरिद्वार में सोमवार देर रात से तेज बारिश शुरू हुई। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक देहरादून अल्मोड़ा नैनीताल और चंपावत जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ बिजली चमकने बारिश- ओलावृष्टि की संभावना है। इसके अलावा राज्य के अनेक जनपदों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा।

टैक्स में छूट चाहिए तो बचे हैं आखिरी 10 दिन, इस तरह लें लाभ

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वित्तीय वर्ष 2022-23 में टैक्स रिबेट लेने के लिए थोड़ा समय ही बच गया है। ऐसे में अगर कोई वेतनभोगी है तो उसके लिए सबसे पहला सवाल आता है कि वह टैक्स में छूट का लाभ कैसे लें। मानक कटौती के रूप में नई कर व्यवस्था में कुछ लाभों को लिया जा सकता है। 1961 का आयकर अधिनियम, धारा 16 (ia), प्रत्येक वेतनभोगी करदाता को अधिकतम 50,000 रुपये तक की कटौती की अनुमति देता है। साथ ही, मानक कटौती पेंशन आय प्राप्त करने वाले करदाताओं के लिए भी उपलब्ध होगी, लेकिन सवाल उठता है कि इसे किस तरह से लिया जा सकता है।

ऐसे समझें पूरा कैलकुलेशन

कर कटौती के रूप में वैसे करदाता जो पुरानी कर व्यवस्था को चुनते हैं, उन्हें मानक कटौती का विकल्प मिलता है। वहीं, बजट 2023 में वित्तीय वर्ष 2023-24 में आयकर अधिनियम की धारा 115बीएसी के तहत प्रस्तावित नई कर व्यवस्था का विकल्प चुनने वाले करदाताओं के लिए भी मानक कटौती की अनुमति देने का प्रस्ताव किया गया है। मानक कटौती कुछ इस तरह से मिलेगी।

वरिष्ठ नागरिक और अति वरिष्ठ नागरिक को आय के स्रोत के रूप में पेंशन दिया जात है और इसमें कुछ टैक्स का भुगतान करना पड़ता है। ऐसे में वरिष्ठ नागरिक जो 80 वर्ष से कम आयु के हैं, उनके लिए मूल छूट की सीमा 3 लाख रुपये है। वहीं, अति वरिष्ठ नागरिक जो 80 वर्ष से ऊपर हैं, उनके लिए मूल छूट की सीमा 5 लाख रुपये सालाना है। इस तरह इस लिमिट तक रिटर्न दाखिल करने के लिए कोई कर नहीं देना पड़ता है।

IT अधिनियम की धारा 16 के तहत, पेंशनभोगी प्रति वर्ष 50,000 रुपये या पेंशन की राशि, जो भी कम हो, की कटौती का दावा करने के हकदार हैं। बता दें कि मानक कटौती की गणना मूल वेतन, सुविधा, गठबंधन, किराया भत्ता और अन्य गैर-कर योग्य और कर योग्य शुल्क जैसे विभिन्न कारकों के आधार पर की जाती है। साथ ही एनपीएस, पीएफ, एफडी जैसे बीमा विकल्पों के जरिए भी टैक्स में बचत भी की जा सकती है।

आज पेश नहीं होगा दिल्ली सरकार का बजट, केंद्र सरकार रोक का अरोप!

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Arvind Kejriwal

नई दिल्ली : दिल्ली सरकार का बजट आज यानी मंगलवार को विधानसभा में पेश नहीं होगा। इस अभूतपूर्व स्थिति की वजह यह है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बजट प्रस्ताव को अभी तक अपनी स्वीकृति नहीं दी है। मंत्रालय ने बजट प्रस्ताव पर कुछ जानकारी मांगी थी जो सरकार ने उसे उपलब्ध नहीं कराई। उपराज्यपाल कार्यालय ने भी कहा है कि बजट प्रस्ताव पर की गईं टिप्पणियों पर सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया।

इस मामले को लेकर दिल्ली सरकार और एलजी एक बार फिर आमने-सामने हैं। इसे लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, “केंद्र ‘गुंडागर्दी’ का सहारा ले रहा है और यह देश के इतिहास में पहली बार हुआ है कि किसी सरकार का बजट होल्ड पर रखा गया है।”

बता दें कि नियम यह है कि दिल्ली सरकार का बजट प्रस्ताव मंजूरी के लिए पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास भेजा जाता है। मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बाद ही विधानसभा में बजट पेश करने की तारीख तय की जाती है। लेकिन, इस बार ऐसा नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया है कि गृह मंत्रालय ने बजट रोक दिया है। हालांकि, इस संकट के बाद सरकार ने सोमवार देर रात बजट प्रस्ताव पर की गईं टिप्पणियों का जवाब एलजी कार्यालय को भेज दिया।

बजट पेश करने पर संकट आने के बाद देर रात 9:25 बजे मुख्यमंत्री कार्यालय ने बजट प्रस्ताव पर उपराज्यपाल की टिप्पणियों का जवाब एलजी कार्यालय को भेजा। कानून के अनुसार इसे आगे की कार्रवाई के लिए एलजी की मंजूरी के बाद रात 10:05 बजे मुख्यमंत्री को वापस भेज दिया गया।

दिल्ली विधानसभा के 30 साल के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है कि कोई सरकार तय तारीख पर बजट पेश नहीं कर सकेगी। वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए बजट 21 मार्च को पेश किया जाना था। 17 मार्च से दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। दिल्ली कैबिनेट ने बजट की तारीख के बारे में कुछ दिन पहले फैसला लिया था। दिल्ली सरकार की पूरी तैयारी हो चुकी है, मगर बजट पेश करने से एक दिन पहले संकट खड़ा हो गया है।

जेल में ही कटेंगी मनीष सिसोदिया की रातें, इतने दिन और बढ़ी न्यायिक हिरासत

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नई दिल्ली: आबकारी नीति में कथित अनियमितता मामले में आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेता मनीष सिसोदिया आरोपी हैं. वहीं, राउज एवेन्यू कोर्ट ने आज यानि सोमवार को मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी है. आबकारी नीति से जुड़े CBI के केस में मनीष सिसोदिया को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया.

दरअसल, राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 3 अप्रैल तक बढ़ाई है. फिलहाल वे अभी तिहाड़ जेल में बंद हैं.

वहीं, इस मामले में बीआरएस की नेता के. कविता पूछताछ के लिए सोमवार को ईडी के सामने पेश हुईं. तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी से इस मामले में सबसे पहले 11 मार्च को पूछताछ की गई थी. इसके बाद उन्हें 16 मार्च को फिर से बुलाया गया था.

कथित आबकारी घोटाले मामले में आरोपी बनाए गए दिल्ली सरकार के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को सीबीआई ने बीते 26 फरवरी को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था. जहां कई दिनों तक सीबीआई ने उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ , जिसके बाद में कोर्ट ने सिसोदिया को ज्यूडिशयल कस्टड़ी में भेज दिया था.

 

इन 10 मांगों के साथ फिर दिल्ली पहुंचे किसान, पढ़ें पूरी खबर

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नई दिल्ली :  तीन साल बाद एक बार आज सोमवार को देश के विभिन्न राज्यों से हजारों किसान अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंचे हैं। रामलीला मैदान में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के बैनर तले किसानों की महापंचायत चल रही है।

इसमें एसकेएम नेताओं ने केंद्र सरकार के कॉरपोरेट-समर्थक “विकास” की निंदा कर रहे हैं, उनका आरोप है कि यह कृषि आय को कम कर रहा है और कॉर्पोरेट लाभ के लिए खेत, वन और प्राकृतिक संसाधनों को छीनने के लिए है।

संयुक्त किसान मोर्चा के नेता ने महापंचायत में किसान, आदिवासी किसान, महिला किसान, खेत मजदूर और प्रवासी मजदूर, ग्रामीण श्रमिक, बेरोजगारी, और बढ़ती निर्वाह व्यय और घटती क्रय शक्ति पर इन नीतियों के प्रभाव के बारे में बात रख रहे हैं।

ये हैं प्रमुख मांगें 
1. स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार सभी फसलों पर सी2+50 प्रतिशत के फार्मूला के आधार पर एमएसपी पर खरीद की गारंटी के लिए कानून लाया और लागू किया जाए।

2. एसकेएम ने कई बार स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार द्वारा एमएसपी पर गठित समिति और इसका घोषित एजेंडा किसानों की मांगों के विपरीत है। इस समिति को रद्द कर, एसकेएम के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए किसानों के उचित प्रतिनिधित्व के साथ, सभी फसलों की कानूनी गारंटी के लिए एमएसपी पर एक नई समिति का गठन किया जाए, जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा वादा किया गया था।

3. कृषि में बढ़ती लागत और फसल के लिए लाभकारी मूल्य न मिलने के कारण 80% से अधिक किसान कर्ज में डूब चुके हैं और आत्महत्या करने के लिए मजबूर हैं। ऐसी स्थिति में, संयुक्त किसान मोर्चा सभी किसानों के लिए कर्ज मुक्ति और उर्वरकों सहित लागत कीमतों में कमी की मांग करता है।

4. संयुक्त संसदीय समिति को विचारार्थ भेजे गए बिजली संशोधन विधेयक, 2022 को वापस लिया जाए। केंद्र सरकार ने एसकेएम को लिखित आश्वासन दिया था कि मोर्चा के साथ विमर्श के बाद ही विधेयक को संसद में पेश किया जाएगा। लेकिन इसके बावजूद सरकार ने इसे बिना किसी चर्चा के संसद में पेश कर दिया। संयुक्त किसान मोर्चा कृषि के लिए मुफ्त बिजली और ग्रामीण परिवारों के लिए 300 यूनिट बिजली की मांग को फिर दोहराता है।
5. लखीमपुर खीरी जिले के तिकोनिया में चार किसानों और एक पत्रकार की हत्या के मुख्य साजिशकर्ता केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को कैबिनेट से बाहर किया जाए और गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।

6. किसान आंदोलन के दौरान दम तोड़ने वाले किसानों के परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास प्रदान करने के वादे को सरकार पूरा करे।

7. अप्रभावी और वस्तुतः परित्यक्त प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को रद्द कर, बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, असामयिक और/या अत्यधिक बारिश, फसल संबंधित बीमारियां, जंगली जानवर, आवारा पशु के कारण किसानों द्वारा लगातार सामना किए जा रहे नुकसान की भरपाई के लिए सरकार सभी फसलों के लिए सार्वभौमिक, व्यापक और प्रभावी फसल बीमा और मुआवजा पैकेज को लागू करे। नुकसान का आकलन व्यक्तिगत भूखंडों के आधार पर किया जाना चाहिए।

8. सभी किसानों और खेत-मजदूरों के लिए पांच हजार रुपये प्रति माह की किसान पेंशन योजना को तुरंत लागू किया जाए।

9. किसान आंदोलन के दौरान भाजपा शासित राज्यों और अन्य राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों में किसानों के खिलाफ दर्ज किए गए फर्जी मामले तुरंत वापस लिए जाए।

10. सिंघु मोर्चा पर किसानों के लिए एक स्मारक के निर्माण के लिए भूमि आवंटन किया जाए।

वन रैंक वन पेंशन को लेकर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को निर्देश, पढ़ें क्या कहा

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नई दिल्ली : वन रैंक वन पेंशन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आज केंद्र को एक अहम निर्देश दिया है। कोर्ट ने पेंशनरों का सभी बकाया फरवरी 2024 तक देने को कहा रहै। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत केंद्र को 30 अप्रैल 2023 तक वन रैंक वन पेंशन योजना के तहत योग्य पारिवारिक पेंशनरों और सशस्त्र बलों के वीरता विजेताओं को बकाया राशि देने को कहा गया है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत केंद्र को 30 अप्रैल 2023 तक वन रैंक वन पेंशन योजना के तहत योग्य पारिवारिक पेंशनरों और सशस्त्र बलों के वीरता विजेताओं को बकाया राशि देने को कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इसी के साथ केंद्र को निर्देश दिया कि 30 जून 2023 तक 70 वर्ष से अधिक के योग्य पेंशनरों को बकाया दिया जाना चाहिए। शीर्ष न्यायालय ने शेष पात्र पेंशनरों को 30 अगस्त 2023, 30 नवंबर 2023 और 28 फरवरी 2024 समान किस्तों में या उससे पहले बकाया राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया।

  • 6 लाख फैमिली पेंशन+वीरता पुरस्कार वाले पेंशनरों को 30 अप्रैल 2023 तक बकाया दिया जाए।
  • 70 साल से अधिक उम्र वाले 4 लाख लोगों को 30 जून 2023 तक बकाया दें।
  • 11 लाख के लगभग बाकी लोगों को 3 बराबर किश्त में 30 अगस्त 2023, 30 नवंबर 2023 और 28 फरवरी 2024 तक भुगतान किया जाए।

सीलबंद कवर नोट देने पर नाराजगी जताई

उच्चतम न्यायालय ने पूर्व सैन्य कर्मियों को वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) के बकाया भुगतान पर केन्द्र के विचारों के बारे में केंद्र के सीलबंद कवर नोट को स्वीकार करने से सोमवार को इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और जे बी पारदीवाला की पीठ ने कहा कि हमें सर्वोच्च न्यायालय में इस सील बंद कवर प्रथा को समाप्त करने की आवश्यकता है, यह निष्पक्ष न्याय की बुनियादी प्रक्रिया के विपरीत है।

राहुल को हीरो बना रही BJP, ममता के बयान पर भड़की कांग्रेस, कहा- PM के इशारे पर बोल रही हैं ‘दीदी’

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कोलकाता: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर उनके बयान को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इशारे पर बोल रही हैं।

अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि ममता बनर्जी पीएम मोदी के इशारे पर बोल रही हैं। प्रधानमंत्री और दीदी में राहुल गांधी और कांग्रेस की छवि खराब करने का सौदा है। वह ईडी-सीबीआई के छापे से खुद को बचाना चाहती हैं, इसलिए वह कांग्रेस के खिलाफ हैं, क्योंकि पीएम इससे खुश होंगे।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि ममता बनर्जी और पीएम मोदी का मकसद कांग्रेस और राहुल गांधी को तबाह करना और इनकी छवि धूमिल करना है। ममता बनर्जी का नारा बदल चुका है। वे ED-CBI से बचना चाहती हैं। जो भी कांग्रेस का विरोध करेगा, उससे मोदी खुश होंगे। ममता बनर्जी का सबसे बड़ा प्रयास PM मोदी को खुश करना है।

रविवार को ममता बनर्जी ने भाजपा पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हीरो बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मौजूदा मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए संसद की कार्यवाही को बाधित किया जा रहा है।

तृणमूल कांग्रेस की बैठक के दौरान फोन पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा से लड़ने में कांग्रेस विफल रही है। बंगाल में उनकी भाजपा के साथ साठगांठ है। भाजपा जानबूझकर राहुल गांधी को ब्रिटेन में की गई उनकी टिप्पणियों पर संसद की कार्यवाही को बाधित कर उन्हें हीरो बनाने की कोशिश कर रही है।

फिर आमने-सामने सरकार और विपक्ष, लोकसभा-राज्यसभा दो बजे तक स्थगित

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संसद के दोनों सदनों- लोकसभा और राज्यसभा में लगातार दूसरे हफ्ते सरकार और विपक्ष के बीच टकराव जारी है। जहां केंद्र सरकार राहुल गांधी के लंदन में दिए गए बयानों को लेकर माफी की मांग पर अड़ा है, वहीं विपक्ष ने भी दोनों सदन में अदाणी मामले पर जेपीसी की मांग की। इसके चलते लोकसभा और राज्यसभा दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिए गए।

संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार को घेरने के लिए आगे की रणनीति पर चर्चा की। ये विपक्षी दल विभिन्न केंद्रीय एजेंसी के कथित दुरुपयोग और अडाणी समूह से जुड़े कथित घोटाले के मामले पर इस सत्र में सरकार को घेरने को लेकर एकजुट हैं। कांग्रेस के सदस्य ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान राहुल गांधी द्वारा दिए बयान को लेकर दिल्ली पुलिस के अधिकारियो के उनसे आवास पर पहुंचने से जुड़े विषय को भी उठा सकते हैं।

 संसद के दोनों सदनों- लोकसभा और राज्यसभा में लगातार दूसरे हफ्ते सरकार और विपक्ष के बीच टकराव जारी है। जहां केंद्र सरकार राहुल गांधी के लंदन में दिए गए बयानों को लेकर माफी की मांग पर अड़ा है, वहीं विपक्ष ने भी दोनों सदन में अदाणी मामले पर जेपीसी की मांग की। इसके चलते लोकसभा और राज्यसभा दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिए गए।

किसानों ने फिर शुरू की दिल्ली की घेराबंदी, रामलीला मैदान में लगने लगा जमावड़ा

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नई दिल्ली : अपनी मांगों को लेकर किसान नेताओं ने एक बार फिर से दिल्ली की घेराबंदी शुरू कर दी है। कड़ी सुरक्षा के बीच न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारंटी की मांग को लेकर किसान महापंचायत के लिए हजारों किसान सोमवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में एकत्रित होने वाले हैं। रामलीला मैदान में होने वाली किसानों की इस महापंचायत को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। दिल्ली पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर 2,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है।

पुलिस ने रविवार को कहा था कि कार्यक्रम सुचारू रूप से चले इसके लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि भीड़ प्रबंधन और यह सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है कि कोई अनधिकृत व्यक्ति प्रवेश न करे और कानून व्यवस्था को बाधित न करे।

दिल्ली यातायात पुलिस की एक सलाह के अनुसार, लगभग 15,000-20,000 लोगों के महापंचायत में भाग लेने की संभावना है। उनके रविवार रात से रामलीला मैदान में पहुंचने की उम्मीदें हैं। यातायात पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आम लोगों और वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे रामलीला मैदान के आसपास की सड़कों से बचें, खासतौर पर जेएलएन मार्ग से दिल्ली गेट से अजमेरी गेट चौक तक की सड़क से यात्रा करने से बचें।

किसान संघों की संस्था संयुक्त किसान मोर्चा ने रविवार को अपने बयान में कहा, “किसान महापंचायत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानूनी गारंटी के लिए दबाव बनाने के लिए आयोजित की जा रही है।” इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लाखों किसान दिल्ली जा रहे हैं।

मोर्चा के नेता दर्शन पाल ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि “केंद्र को 9 दिसंबर, 2021 को हमें लिखित में दिए गए आश्वासनों को पूरा करना चाहिए और किसानों के सामने लगातार बढ़ते संकट को कम करने के लिए प्रभावी कदम भी उठाने चाहिए।”

किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार के अब निरस्त कृषि कानूनों के खिलाफ एक साल से अधिक लंबे आंदोलन का नेतृत्व किया। मोर्चा ने दिसंबर, 2021 में आंदोलन के दौरान किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और एमएसपी की कानूनी गारंटी सहित किसानों की लंबित मांगों पर विचार करने के सरकारी आश्वासन के बाद आंदोलन को स्थगित कर दिया। किसानों के निकाय ने आरोप लगाते हुए उनकी मांगों को विपरीत बताते हुए केंद्र से एमएसपी पर समिति को भंग करने का भी आग्रह किया है।