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बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामले, बीते 24 घंटों में 1000 के करीब केस

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देश में कोरोना के मामलों में कुछ इजाफा हुआ है. पिछले 24 घंटों में भारत में कोविड-19 के 918 नए केस सामने आए हैं, डेली पॉजिटिव रेट इस समय 2.08% जबकि वीकली पॉजिटिव रेट 0.86% है. भारत में कोरोना के एक्टिव मामलों की संख्‍या इस समय 6,350 है. एक्टिव मामलों की दर फिलहाल 0.01% है. हालांकि पिछले 24 घंटों में कोरोना के 479 मरीज रिकवर भी हुए हैं।

इसके साथ ही कोरोना से रिकवर होने वालों की कुल संख्‍या 4,41,59,182 पहुंच चुकी है. पिछले 24 घंटों में देश में कोराना के 44 हजार 225 टेस्‍ट किए गए, इसे मिलाकर अब तक 92.03 करोड़ टेस्‍ट हो चुके हैं.

देश में 126 दिन के बाद एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 800 से अधिक मामले दर्ज किए गए थे. शनिवार के आधिकारिक आंकड़ों में कहा गया था।

झारखंड और महाराष्ट्र ने कोरोना से एक-एक मौत की सूचना दी जबकि केरल से दो लोगों की मौत की जानकारी मिली है. आंकड़ों से पता चलता है कि केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात में वायरल संक्रमण के मामलों की संख्या सबसे अधिक है.

भारत के दैनिक औसत नए कोविड मामले एक महीने में छह गुना बढ़ गए हैं. करीब एक महीने पहले (18 फरवरी) औसत दैनिक नए मामले 112 थे, जबकि अब यह संख्‍या बढ़ते हुए 1 हजार के करीब पहुंच गई है.

 

आपके आधार से कितने सिम का हो रहा इस्तेमाल? ऐसे करें पता

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नई दिल्ली : स्मार्टफोन से कॉलिंग और पेमेंट जैसे कामों के लिए जरूरी है कि उसमें भारतीय टेलीकॉम कंपनी की सिम का इस्तेमाल हो। हालांकि, सिम खरीदने के लिए यूजर की आईडी मायने रखती है। इसलिए सिम की खरीदारी के समय आधार कार्ड का इस्तेमाल कॉमन है। कई बार यूजर को एक से ज्यादा सिम की जरूरत खुद के लिए तो कभी परिवार के दूसरे सदस्यों के लिए होती है।

ऐसे में एक आधार कार्ड पर एक से ज्यादा सिम ली जा सकती हैं। हालांकि, डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन की गाइडलाइंस के मुताबिक एक आधार कार्ड पर 9 सिम का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन कई बार यूजर के आधार पर कोई और शख्स भी सिम का इस्तेमाल कर रहा होता है। फ्रॉड की ऐसी स्थिति में डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन का नया पोर्टल आपकी मदद कर सकता है।

हालांकि, बता दें नए पोर्टल पर फिलहाल आंध्र प्रदेश, जम्मू कश्मीर, केरल, राजस्थान और तेलंगाना राज्यों में रहने वाले लोग ही आधार कार्ड से जुड़ी जानकारी ले सकते हैं।

कितने मोबाइल नंबर का हो रहा इस्तेमाल

  • इसके लिए सबसे पहले टेलीकॉम डिपार्टमेंट की ऑफिशियल वेबसाइट tafcop.dgtelecom.gov.in पर विजिट करना होगा।
  • मोबाइल नंबर की जानकारी दर्ज कर ‘Request OTP’पर क्लिक करना होगा।
  • ओटीपी दर्ज करने के बाद सबमिट पर क्लिक करना होगा।
  • यहां आप आधार नंबर से जुड़ी जानकारी पा सकते हैं।

अनजान नंबर दिखने पर करें रिपोर्ट
आधार के साथ किसी अनजान नंबर को देखते हैं तो रिपोर्ट के लिए तीन ऑप्शन में से एक पर क्लिक कर सकते हैं। यहां किसी पुराने नंबर को इस्तेमाल ना कर रहे हों तो भी रिपोर्ट कर सकते हैं।

1) This is not my number

2) Not required

3) Required इसके बाद रिपोर्ट पर क्लिक करना होगा।

आधार कार्ड से मोबाइल लिंक की जानकारी ऐसे लें

  • सबसे पहले UIDAI के ऑफिशियल पॉर्टल www.uidai.gov.in पर विजिट करना होगा।
  • आधार कार्ड का नंबर दर्ज करने के बाद, मोबाइल नंबर और सिक्योरिटी कोड को दर्ज करना होगा।
  • ‘Send OTP’ पर क्लिक करना होगा।
  • मोबाइल नंबर लिंक्ड होने पर ओटीपी पा सकते हैं, जिसे दर्ज कर वेरिफाई कर सकते हैं।
  • मोबाइल नंबर लिंक ना होने पर “Your mobile is not enrolled in our records” मैसेज मिलता है।
  • आधार कार्ड को लिंक करवाने के लिए किसी नजदीकी आधार सेंटर विजिट कर सकते हैं।

यहां स्कूल 26 मार्च तक रहेंगे बंद, श‍िक्षा मंत्री ने क‍िया ऐलान

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पुडुचेरी: कोरोना महामारी के बाद अब H3N2 वायरस की दस्‍तक डराने वाली है। H3N2 वायरस के मामलों में बढ़ोत्‍तरी के बीच पुडुचेरी के सभी स्‍कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी गई है। शिक्षा मंत्री ए नमस्सिवम ने ऐलान क‍िया कि केंद्र शासित प्रदेश के सभी स्कूल 26 मार्च (रविवार) तक बंद रहेंगे। पुडुचेरी में इन्फ्लूएंजा के 79 केस म‍िले थे। जो वायरल H3N2 सब वैर‍िएंट से संबंधित हैं। हालांक‍ि अभी तक केंद्र शासित प्रदेश में H3N2 से संबंधित किसी भी मौत की सूचना नहीं मिली है।

राज्‍य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस महामारी से लोगों को नहीं घबराने की सलाह दी है। साथ ही बढ़ते मामलों पर नजर रखने के लिए अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में अलग व्यवस्था की है। अस्पतालों में ओपीडी के स्‍पेशल बूथ खोले गए हैं और इन्फ्लुएंजा वायरस के लक्षणों वाले लोगों के लिए इलाज भी उपलब्ध है।

यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, एच3एन2 एक गैर-मानव इन्फ्लूएंजा वायरस है जो आमतौर पर सूअरों में फैलता है और मनुष्यों को संक्रमित करता है।

क्‍या है H3N2 वायरस के लक्षण

थकान महसूस होना, कमजोरी आना, कुछ काम करो तो चक्कर आते हैं, तेज बुखार, ठंड के अलावा गले में कफ जम जाता है। सांस लेने में परेशानी के साथ ही छींक आती है। सिर के अलावा मांसपेशियों में भी दर्द होता है। त्वचा नीली पड़ जाती है।

कितना खतरनाक और जानलेवा है देश में फ़ैल रहा बर्ड फ्लू, कैसे करें इससे बचाव? देखें ख़बरों का पंचनामा अनुराग वर्मा के साथ

क्‍या है बचाव

बचाव के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है साफ-सफाई। खाना खाने से पहले और बाद में हाथ जरूर धोएं। शौचालय जाने के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले भोजन करें। बासी खाना न खाएं। पर्याप्त मात्रा में छाछ, दूध, लस्सी, पानी और जूस लें। अजवाइन का पानी पीने से भी राहत मिलती है। चेस्ट पर बाम लगाएं और हवा न लगने दें।

बीमारी से बचने की सावधानियां

भीड़भाड़ वाली जगह जाने से बचें और अगर जाएं तो मास्क पहनें। बार-बार आंख और नाक न छुएं। खांसते या छींकते वक्त मुंह और नाक पर रुमाल रखें। हाथ मिलाने से बचें। पब्लिक प्लेस पर थूकने से बचें। बिना डॉक्टर की सलाह पर कोई दवा न लें।

 

राहुल गांधी के घर पहुंची दिल्ली पुलिस, भड़के कांग्रेस नेता

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भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी के कश्मीर में दिए गए बयानों पर पूछताछ के लिए रविवार को दिल्ली पुलिस की एक टीम उनके पहुंच गई। इस टीम में दिल्ली के स्पेशल कमिश्नर भी थे। राहुल गांधी तो घर पर नहीं मिले, लेकिन दिल्ली पुलिस के इस कदम को लेकर कांग्रेस नेता भड़क गए।

पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा खुद राहुल गांधी के घर के बाहर पहुंचे और पूछा कि आखिर दिल्ली पुलिस किस नियम के तहत राहुल के घर पहुंची है, जबकि यात्रा को खत्म हुए 45 दिन से ज्यादा हो चुके हैं। उधर राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि आखिर दिल्ली पुलिस की हिम्मत कैसे हो गई कि वे राहुल के घर तक पहुंच गए।

पवन खेड़ा यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि इस सरकार को लगता है कि वे कभी भी हमारे घरों में पुलिस भेज सकते हैं। भारत जोड़ो यात्रा में हुई जिस घटना का जिक्र किया जा रहा है, हम उसका जवाब देंगे, लेकिन नियम के तहत। वे महिला से बात करना चाहते हैं…उन्होंने हाथरस, कठुआ में क्या एक्शन लिया? पुलिस के पीछे यह सरकार है और हम सरकार से डरते नहीं।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी इस घटना पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस आखिर राहुल से 45 दिन बाद क्यों पूछताछ करना चाहती है। अगर वे इतना चिंतित हैं, तो फरवरी में उनके पास क्यों नहीं गए। राहुल गांधी की लीगल टीम इस मामले में कानून के तहत काम करेगी।

बिना गृह मंत्रालय और बिना ऊपर के निर्देश के यह संभव नहीं कि यह (पुलिस) यहां तक पहुंचे। जब राहुल गांधी ने कह दिया कि उन्हें नोटिस मिला है वे उसका जवाब देंगे इसके बावजूद पुलिस यहां पहुंची है। इनकी हिम्मत कैसे हो गई कि यह यहां तक पहुंच गए। पूरा देश इनकी हरकतों को देख रहा है देश इन्हें माफ नहीं करेगा। आज की हरकत बेहद गंभीर है। जांच करने से कोई इनकार नहीं कर रहा है।

उत्तराखंड : सरकार पर बरसे यशपाल आर्य, बोले : बजट सत्र में कांग्रेस ने उठाए जनहित के मुद्दे

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देहरादून: गैरसैंण में हुए बजट सत्र के बाद आज देहरादून में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सरकार पर बड़ा हमला बोला है। यशपाल आर्य ने पत्रकारों को वार्ता के दौरान कहा कि गैरसैंण में आहूत बजट सत्र में कांग्रेस विधानमडंल दल ने उपलब्ध कम समय में विधानसभा के माध्यम से जनता के हर प्रश्न को उठाने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हर मामले में असंवेदनशील और अनुभवहीन सिद्ध हुई और राज्य की नौकरशाही के सामने नतमस्तक दिखी।

कांग्रेस विधानमंडल दल ने प्रश्न काल, कार्य स्थगन, बजट पर सामान्य चर्चा और अन्य स्वीकृृत नियमों के अर्न्तगत बेरोजगारों के उत्पीड़न, नकल माफिया, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, जोशीमठ सहित प्रदेश के अन्य स्थानों की आपदा, प्रदेश भर के भूमिधरी आदि मामलों को उठाया और इन सभी मामलों में सरकार विपक्ष के प्रश्नों का सीधा जबाब देने से भागती रही।

बजट सत्र के स्थगित होने केे बाद नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस विधायकों के साथ देहरादून के विधानसभा भवन में प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि, सत्र की अवधि कम होने के कारण उद्यान सहित कई अन्य विभागों के घोटालों और जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों से संबधित प्रश्नों पर चर्चा नहीं हो पायी। उन्होंने आरोप लगाया कि, ‘‘ गैरसैंण सत्र में सरकार के गलत जबाबों, उसकी संवादहीनता, असंवेदनशीलता और हठधर्मिता के कारण कई संसदीय परम्पराऐं भी तार-तार हुई हैं।’’

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, इस बार राज्य की जनता को आशा थी कि, सत्र लंबा चलेगा लेकिन सरकार ने पूर्व में घोषित अवधि से दो दिन पहले सत्र ही सत्र को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर यह सिद्ध कर दिया कि, राज्य के सर्वाेच्च सदन विधायिका के द्वारा राज्य की जनता के बड़े प्रश्नों को हल करने में उसकी कोई रुचि नहीं है।

उन्होंने कहा कि, राज्य आंदोलनकारियों के लिए क्षैतिज आरक्षण के बिल को गैरसैंण में कैबिनेट से विधानसभा में रखने हेतु स्वीकृृति दिलवाने के बाद भी सरकार ने विधानसभा के पटल पर नहीं रखा न ही कांग्रेस की मा0 विधायक अनुपमा रावत के इस विषय पर प्राइवेट मेम्बर बिल को सदन में आने दिया। इस राज्य के इससे बड़ा मजाक क्या होगा कि, उसके निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले राज्य आंदोलनकारियों के साथ सरकार इतना बड़ा मजाक करती है।

नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि, राज्य के सैकड़ो ऐसे विषय हैं जो बिल लाकर कानून बनने की बाट जोह रहे हैं और इसके बाबजूद भी सरकार विधानसभा का सत्र चलाने के लिए बिजनेस न होने के बात कर रही हो तो यह सिद्ध हो जाता है कि, भाजपा को केन्द्र की संसद से लेकर राज्य की विधानसभाओं तक संसदीय प्रणाली के शासन को चलाने में कोई रुचि नहीं है।

नेता प्रतिपक्ष ने 2023-24 के बजट को अक्षम सरकार द्वारा पेश किया गया दिशाहीन बजट बताया। उन्होंने कहा कि ,इस बजट दिशाहीन , संकल्पविहीन , प्रतिगामी, विकास अवरोधी तथा आम आदमी के हितों के खिलाफ महंगाई बढ़ाने वाला बजट कहा जाय तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। आम बजट में मात्र कोरी घोषणाओं का अंबार लगाया गया है परन्तु उन्हें पूरा करने के लिए पैसा कहां से आयेगा इसका कोई उल्लेख नहंीं है। यदि इसे ‘‘कर्ज लेकर घी पीने वाला’’ बजट कहा जाय तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, सरकार ने बजट में इस वित्तीय वर्ष मंे 19 हजार 460 करोड़ रुपए का ऋण लेने का अनुमान लगाया है। 2017 में भाजपा सरकार आने के बाद यदि सात सालों में लिए सरकार द्वारा लिए गए कर्ज को जोड़ा जाय तो यह 99 हजार 749 करोड़ रुपया होता है। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए बताया कि, राज्य बनने के बाद 17 सालों में सभी सरकारों ने 2017 तक केवल 35 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया था और 2017 के बाद भाजपा सरकारों के 7 सालों में लगभग 1 लाख करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, सरकार ने सदन में विपक्ष के इस प्रश्न का जबाब भी नहीं दिया कि, वह सदन के माध्यम से राज्य की जनता को बताऐ कि, आज के दिन राज्य पर कितना कर्ज है ? नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, आंकडें गवाह हैं कि, 22 सालों में लिए गए कर्ज में से कुछ कर्ज वापसी और ब्याज अदायगी के बाद भी राज्य पर आज लगभग एक लाख 20 करोड़ से अधिक कर्जा निकलेगा। नेता प्रतिपक्ष ने पत्रकारों को बताया कि , राज्य का इस साल का बजट केवल 77 हजार 407 करोड़ का है और राज्य पर कर्ज उससे कही अधिक 1 लाख 20 हजार करोड़ रुपए के लगभग का है तो आप सभी राज्य की आर्थिक स्थिति को समझ सकते हैं।

उन्होंने कहा कि ,हमने आंकड़ो के साथ सरकार से पूछा कि, इतना कर्ज क्यों लिया जा रहा है या 7 साल में लिए एक लाख रुपए के कर्ज से राज्य में क्या उत्पादकता हुई ? कितने नए रोजगारों का सृृजन हुआ ? कौन सी जनकल्याणकारी योजना चलाई ? तो सरकार ने इन प्रश्नों का कोई जबाब नहीं दिया।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ,कोरी घोषणाओं व जुमलेबाजी के इस बजट में वित्तीय प्रबन्धन का नितांत अभाव है इसलिए उत्तराखण्ड राज्य पर कर्ज उसके सालाना बजट के आकार से कही अधिक हो गया है। कर्ज और देनदारी को कुल सकल घरेलू उत्पाद याने जीएसडीपी का 25 प्रतिशत तक रखने की राजकोषीय उत्तरदायित्व एंव बजट प्रबंधन अधिनियम (एफआरबीएम) की सीमा को उत्तराखण्ड 2019-2020 में ही लांघ चुका है। उन्होंने कहा कि , इस वित्तीय वर्ष के अंत तक सरकार की आटसटैंडिग लाइबलिटीज जी0एस0डी0पी0 का 28.2 प्रतिशत हो जायेगी। जो खतरे के संकेत से 3.2 प्रतिशत अधिक है।

आर्य ने कहा कि ,कांग्रेस के माननीय विधायकों ने चितां व्यक्त की कि, सरकार अपने साल के बजट का बड़ा हिस्सा पुराना कर्जा देने और उसके ब्याज की अदायगी के रुप में खर्च कर रहे हैं। इस साल के बजट में इस साल 77 हजार करोड़ के बजट में से सरकार अनुमानित रुप से 17388 करोड़ रुपऐ याने लगभग 15 प्रतिशत केवल पुराना कर्ज और ब्याज देने में ही खर्च कर देगी तो फिर आपके राज्य में शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य आदि पर खर्च करने के लिए क्या बचेगा ? नेता प्रतिपक्ष ने चिंता व्यक्त की कि ,इस हालात में नए रोजगार सृृजृन की कल्पना करना ही बेकार है आप पुराने सृृजित रोजगारों को भी नहीं दे पाऐंगे।

उन्होंने कहा कि ,कांग्रेस की चिंता थी कि ,उधारी और ब्याज चुकाने के बाद 2023-2024 में 66 हजार 179 करोड़ रुपए के खर्चों में से उत्तराखण्ड राज्य बाध्यकारी खर्चों याने वेतन, पंेशन और ब्याज अदायगी पर ही इस वित्तीय साल में 32 हजार 583 करोड़ रुपए खर्च कर देगा। इन व्ययों को राजस्व व्यय भी कहते हैं। जो कुल प्राप्तियों का 57 प्रतिशत है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि , 66 हजार करोड़ के खर्चे में से 50 हजार करोड़ कर्ज वापसी, ब्याज अदायगी,वेतन, पेशंन आदि अनुत्पादक कार्यों में खर्च होने के बाद वह राज्य के लोगों के विकास की आकांक्षा , सामाजिक उत्तरदायित्वों और रोजगार सृृजन का कार्य कैसे करेगी ?

उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि ,धन की अनुपलब्धता के कारण बजट में महिलाओं , बेरोजगार युवाओं, अनु0 जाति, जनजाति के लिए कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया है। विभागवार बजटों में भी केवल आंकड़ों की जादूगरी की गई है। इसलिए बजट केवल पुरानी बोतल में नई शराब जैसा ही है।

उन्होंने कहा कि ,दिल्ली की केन्द्र सरकार के बजट ने भी इस साल किसानों और गांवों को निराश किया था अब प्रदेश की भाजपा सरकार ने भी किसानों और गांव को निराश किया है। दोनों सरकारें ये जबाब नहीं दे रही हैं कि क्या किसानों की आय दोगुनी हुई है ? क्या किसानों को उनकी फसलों का सही कीमत मिल रहा है ? डीजल, पेट्रोल, कीटनाशक, खाद, बीज सब महंगा हो गया है। डीजल की मंहगे होते ही सब कुछ मंहगा हो जाता है और सरकार मंहगाई से मुक्ति की बात कर रही है।

नेता प्रतिपक्ष का आरोप है कि, बजट में इन्वेस्टमेंट पॉलिसी या उद्योग धंधे लगाने के लिए कोई राहत पैकेज नहीं किया गया। राज्य में यदि नया निवेश नहीं आयेगा और नए उद्योग स्थापित नहीं होंगे तो निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी नहीं बड़ेंगे। इस कारण महंगाई और बेरोजगारी की समस्या और अधिक बढ़ेगी इसी लिए कांग्रेस का आरोप है कि यह एक दिशाहीन और राज्य की आर्थिक वृद्धि पर चोट करने वाला बजट है। बजट में पर्वतीय अंचलों से हो रहे पलायन को रोकने के लिए कुछ खास नहीं है।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गैरसैंण में बजट सत्र के आयोजन के बाद भी ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण का नाम तक बजट भाषण में न लेना यह सिद्ध करता है कि सरकार को गैरसैंण और पर्वतीय क्षेत्र के विकास और उनकी भावनाओं की कोई परवाह नहीं है।

पंजाब में इंटरनेट अब 20 मार्च तक बंद, ये है बड़ा कारण

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पंजाब : पंजाब में मोबाइल नेटवर्क पर प्रदान की जाने वाली सभी डोंगल सेवाएं अब 20 मार्च तक बंद कर दी गई हैं। जनता के हित में यह फैसला लिया गया है। पंजाब के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र में सभी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं, सभी एसएमएस सेवाएं (बैंकिंग और मोबाइल रिचार्ज को छोड़कर) और वॉयस कॉल को छोड़कर इंटरनेट की सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं।

अमृतपाल सिंह और उसके समर्थकों पर हो रही कार्रवाई के बाद पंजाब में माहौल तनावपूर्ण है। किसी भी अनहोनी से बचने के लिए पंजाब में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। राज्य में इंटरनेट सेवाएं बढ़ाकर 20 मार्च तक के लिए बंद कर दी गई हैं। ADGP (लॉ एंड आर्डर) अर्पित शुक्ला ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। शुक्ला ने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है। राज्य के अलग-अलग जिलों में विशेषरूप से नाकेबंदी की गई है। इसका उद्देश्य नागरिकों को परेशान करना नहीं है, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।

देर रात्रि तक पुलिस ने जालंधर से लगभग 33 किलोमीटर दूर सरींह गांव में अमृतपाल की घेराबंदी कर दी है। सूत्रों के अनुसार पुलिस द्वारा पीछा करने पर अमृतपाल अपनी गाड़ी छोड़ आटो से गांव सरींह पहुंचा। रविवार सुबह तक उसे गिरफ्तार किया जा सकता है। अजनाला थाने पर हमले के मामले में पुलिस ने 24 फरवरी को अमृतपाल सहित ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद यह कार्रवाई की है।

BJP सांसदों और राहुल गांधी के बीच तीखी बहस, ये है पूरा मामला

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राहुल गांधी ने लंदन में दिए गए अपने बयानों को लेकर सफाई दी है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में इसको लेकर दावे किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने जी-20 की अध्यक्षता पर विदेश मंत्रालय की सलाहकार समिति की बैठक में खुलकर इस मसले पर अपनी बात रखी। इस दौरान कई बार भाजपा सांसदों से राहुल गांधी की तीखी झड़प भी हुई। भाजपा सांसदों ने राहुल गांधी का बिना नाम लिए उनके लंदन में दिए बयानों की तीखी आलोचना की। इसके बाद राहुल ने भी अपना बचाव किया। भारत में दूसरे देशों के हस्तक्षेप वाले कथित बयान पर राहुल ने कहा कि उन्होंने इस मामले में किसी विदेशी देश को हस्तक्षेप के लिए नहीं कहा। किसी भी देश को हमारे देश के अंदर हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक के दौरान राहुल गांधी ने लंदन में दिए गए अपने बयानों पर सफाई दी। कहा, ‘मैंने यह कहा था कि यह हमारा आंतरिक मामला है और हम इसका हल निकालेंगे।’ हालांकि, इस बीच उन्होंने भाजपा की केंद्र सरकार पर निशाना भी साधा। उन्होंने कहा, ‘यह तो स्पष्ट है कि भारतीय लोकतंत्र पर हमला हो रहा है। ईडी, सीबीआई जैसे संस्थानों का सरकार हथियार के रूप में विपक्ष पर प्रयोग कर रही है।’ उन्होंने हिंडनबर्ग और अदाणी के मसले पर भी अपनी बात रखी। कहा कि हिंडनबर्ग रिपोर्ट भारत पर हमला नहीं था, यह एक उद्योगपति गौतम अदाणी और उनके वित्तीय लेनदेन के खिलाफ था। अदाणी भारत नहीं हैं। राहुल जब सफाई दे रहे थे तो विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उन्हें टोका भी और कहा कि इस बैठक में केवल विषय पर चर्चा करनी चाहिए।

जी-20 को लेकर हुई बैठक में विदेश सचिव ने तैयारियों को लेकर प्रस्ताव रखा। इसके बाद सांसदों ने एक-एक करके अपनी बात रखी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दौरान भाजपा सांसदों ने बिना राहुल गांधी का नाम लिए उनपर निशाना भी साधा। भाजपा सांसद जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि भारत के ऐतिहासिक जी-20 अध्यक्षता को अस्थिर करने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। राव ने कहा, हिंडनबर्ग की रिपोर्ट, जॉर्ज सोरोस की टिप्पणी और बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री सभी भारत को कमजोर करने के लिए प्रेरित प्रयास थे।

राव ने भी राहुल गांधी का बगैर नाम लिए कहा, ‘कुछ लोगों ने विदेश की धरती पर जाकर भारत को बदनाम करने की कोशिश की है। बोला है कि भारत में लोकतंत्र पर हमले हो रहे हैं। लेकिन सही बात तो यह है कि भारतीय लोकतंत्र पर सबसे बड़ा धब्बा आपातकाल था।’ उद्धव ठाकरे गुट की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने तर्क दिया कि भारत एक आत्मविश्वासी राष्ट्र है और लोकतंत्र की जननी है। ऐसे में किसी व्यक्ति की टिप्पणी या बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री से कमजोर नहीं हो जाएगा।

राहुल गांधी और भाजपा सांसदों के बीच तीखी बहस भी हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जब राहुल लंदन में दिए अपने बयान पर सफाई देने लगे तो उन्हें विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने टोका। कहा कि वह बैठक के विषय पर ही अपनी बात करें। इस मसले पर संसद में अपनी बात रखें तो ज्यादा बेहतर होगा। इसपर राहुल ने कहा कि मुझसे पहले कई सांसदों ने विषय से हटकर अपनी बात रखी है। ऐसे में ये मेरा भी अधिकार बनता है। मनोनीत सांसद महेश जेठमलानी ने भी राहुल गांधी को टोका। उन्होंने राहुल से कहा कि वह अपने व्यक्तिगत मुद्दे को जी 20 बैठक में न लाएं।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने स्वीकार किया कि जी-20 को लेकर हुई बैठक में राजनीतिक टकराव भी हुए। उन्होंने कहा, ‘जी-20 में भारत की विदेश नीति के उद्देश्यों पर आज की एक अच्छी बैठक कुछ सदस्यों द्वारा अनावश्यक रूप से चर्चा का राजनीतिकरण करने से प्रभावित हुई। राहुल गांधी ने उन्हें कड़ा जवाब दिया।’

जी-20 की अध्यक्षता को लेकर विदेश मंत्रालय की सलाहकार समिति की बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, विदेश राज्यमंत्री मुरलीधरन, भाजपा सांसद जीवीएल नरसिंराव, महेश जेठमलानी, राहुल गांधी, शशि थरूर, शत्रुघन सिन्हा, प्रियंका चतुर्वेदी, अनिल हेगड़े मौजूद रहे।

अमृतपाल भगोड़ा घोषित, तलाश में जुटी पंजाब पुलिस, हाई अलर्ट

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पंजाब: खालिस्तान समर्थक और कट्टरपंथी अमृतपाल सिंह के खिलाफ पंजाब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अमृतपाल को भगोड़ा घोषित कर दिया है। उसकी दो कारों को जब्त करने के साथ ही उसके गनरों को पकड़ा है। उनके हथियारों की वैधता की जांच की जा रही है। जालंधर पुलिस कमिश्नर कुलदीप सिंह चहल के मुताबिक अमृतपाल सिंह को जल्द गिरफ्तार करने के लिए पंजाब पुलिस के जवान जुटे हुए हैं। अब तक 78 लोगों को गिरफ्तार किया गया और गहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पंजाब पुलिस के मुताबिक अमृतपाल के खिलाफ राज्य में बड़े पैमाने पर राज्यव्यापी तलाशी अभियान शुरू किया गया है। जबकि कई अन्य खालिस्तान समर्थकों को हिरासत में लिया गया है। अमृतपाल सिंह सहित कई अन्य फरार हैं और उन्हें पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है। वारिस पंजाब दे संगठन का मुखिया अमृतपाल कुछ साथियों संग भाग निकला है। गिरफ्तार आरोपियों से एक 315 बोर की राइफल, सात 12 बोर की राइफल, एक रिवाल्वर और विभिन्न कैलिबर के 373 कारतूस बरामद हुए हैं।
इस बीच, पूरे पंजाब में हाई अलर्ट है।

माहौल बिगड़ने की आशंका में पंजाब में रविवार दोपहर तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। अमृतसर, फाजिल्का, मोगा, बठिंडा और मुक्तसर समेत कई जिलों में धारा 144 लागू करने के साथ ही भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है। हिमाचल और जम्मू-कश्मीर से लगती पंजाब की सीमा को सील कर दिया गया है। अमृतपाल अजनाला थाने पर पुलिस पर हुए हमले में आरोपी है।

अमृतपाल का कार में बैठकर भागते हुए का एक वीडियो भी सामने आया। कार में उनके एक सहयोगी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि पुलिसकर्मी ‘भाई साब’ (अमृतपाल) के पीछे थे। एक अन्य समर्थक ने एक वीडियो साझा किया जिसमें वह दावा कर रहा था कि पुलिसकर्मी उसका पीछा कर रहे हैं।

पुलिस ने बताया कि शनिवार को सूचना मिली कि अमृतपाल जालंधर की शाहकोट मलसियां रोड पर साथियों के साथ पहुंचा हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने मौके से संस्था के सात लोगों को गिरफ्तार किया। इस बीच, अमृतपाल भाग निकला। उसके पीछे पुलिस की करीब 60 गाड़ियां लगीं थीं। पुलिस को पीछे देखकर उसका ड्राइवर गाड़ी लिंक रोड की तरफ मोड़कर भगा ले गया। जालंधर और मोगा पुलिस उसके पीछे लग गई। कई किमी पीछा करने के बाद भी पुलिस उसे दबोच नहीं पाई।

अमृतपाल पर दो मामले अमृतसर जिले के अजनाला थाने में हैं। अपने करीबी लवप्रीत सिंह की गिरफ्तारी से नाराज अमृतपाल ने 23 फरवरी को समर्थकों के साथ अजनाला थाने पर हमला कर दिया था। उस पर कार्रवाई न होने से पंजाब पुलिस की काफी आलोचना हो रही थी। अमृतपाल पर आरोप था कि वह श्रीगुरुग्रंथ साहिब की आड़ लेकर थाने पहुंचा था और भीड़ को हमले के लिए उकसाया। इसके अलावा उस पर भड़काऊ भाषण देने का केस भी दर्ज है।

उत्तराखंड : खेल मंत्री ने किया बड़ा दावा, मानसी नेगी ने खोल दी पोल

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देहरादून: खेल मंत्री रेखा आर्य ने सोशल मीडिया में एक दावा किया, जिस पर अब बवाल मचा हुआ है। खुद मानसी नेगी ने ही मंत्री के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खेल मंत्री की पोस्ट पर जब सवाल उठाने के बाद मंत्री का सोशल मीडिया सेल भी सक्रिय हो गया है। मानसी नेगी वॉक रेस में कई मेडल जीत चुकी हैं। उनके नाम नेशनल रिकॉर्ड हैं।

खेल मंत्री ने लिखा कि मानसी नेगी को 2017 में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में सलेक्ट किया गया था। जबकि, यह सेंटर ही 2019 में खुला था। मानसी नेगी सोशल मीडिया में खुल कर कह रही हैं कि वो 2018 में गोपेश्वर से देहरादून आई थी। बड़ा सवाल यह भी है कि जो सेंटर खुला ही नहीं था, उसमें किसी खिलाड़ी का चयन कैसे कर लिया गया। मानसी का कहना है कि उसने 2019 में पुरुषों के लिए शुरू किए गए सेंटर में ज्वाइन किया था।

मानसी नेगी को लेकर खेल मंत्री ने यह भी दावा किया कि मानसी को अब तक दो लाख 35 हजार रुपये दिए गए हैं। मानसी का लोकार्पण  और विजयपथ जैसे सोशल मीडिया डिजिटल चैनलों पर कहना है कि मेडल जीतने पर उनको कैश अवार्ड मिलता है। अवार्ड सभी तरह के दस्तावेज जमा करने के बाद ही पैसा मिलता है। उनको पहली किस्त के रूप में 48 हजार रुपये 2020 में मिला था। 2021 में मेडल आया था। उस वक्त कैश अवार्ड का पैसा 2022 में युवा महोत्सव के दौरान 87 हजार 750 रुपये मिले थे।

सवाल यह है कि जब मानसी मंत्री की हर बात को गलत बता रही है, तो मंत्री के मीडिया और सोशल प्रभारी तुषार गर्ग किस आधार पर लोगों को सोशल मीडिया में सूचना अधिकार में जानकारी मांगने का दावा कर रहे हैं। उनके अनुसार सारे दावे गलत हैं। जबकि, मानसी के अनुसार यह साफ़ है सेंटर ऑफ एक्सीलेंस 2017 में खुला ही नहीं था। अगर ऐसा ही रहा था, राज्य के कई खिलाड़ी दूसरे राज्यों से खेलते हुए नजर आएंगे। जैसे कई अन्य खिलाड़ी पहले भी दूसरे राज्यों का रुख कर चुके हैं। कई क्रिकेटर देश के लिए खेल चुके हैं। हम उनके लिए उत्तराखंड मूल का खिलाड़ी कहकर ही खुश होते हैं। आखिर इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

उत्तराखंड: जोशीमठ बचाओ रक्षा महायज्ञ संपन्न, दो माह से चल रहा था सहस्त्र चंडी महायज्ञ

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जोशीमठ: आदि गुरु शंकराचार्य की नगरी और प्राचीन ज्योतिर्मठ में दैवीय शक्तियों के जागरण हेतु ज्योतिष्पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती महाराज के आशीर्वाद से ब्रहमचारी मुकुंदानंद की ओर से संपूर्ण जोशीमठ के विद्वत जनों और गणमान्य लोगों के सहयोग से श्री नृसिंह पुराण परायण और महायज्ञ आयोजित किया गया। नृसिंह मंदिर के निकट मां दुर्गा मंदिर में 16 जनवरी से सहस्त्र चंडी सम्पुटित महायज्ञ प्रारंभ हुआ, जिसमें जोशीमठ भू धंसाव आपदा से रक्षा हेतु लाखों आहुतियां डाली गयी।

महायज्ञ का सफल समापन हो गया है। इस अवसर पर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष किशोर पंवार, पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, सेना के उच्च अधिकारियों के पारिवारिक जन, जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अतुल सती, थानाध्यक्ष केएस भट्ट, महिला मंगल दल, देव पुजाई समिति के अध्यक्ष भगवती प्रसाद नंबूदरी , नगरपालिका अध्यक्ष शैलेंद्र पंवार, पीठ पुरोहित आनंद सती, ज्योर्तिमठ प्रबंधक ब्रह्मचारी विष्णुप्रियानंद तथा पूर्णाहुति विधि सम्पन्न कराने के लिए काशी से कृष्णयजुर्वेद के विद्वान धनंजय दातार शास्त्री मौजूद रहे।

इस अवसर पर श्री नृसिंह मंदिर परिसर में भजन कीर्तन विशाल भंडारा भी आयोजित किया गया। ज्योतिर्मठ के प्रभारी ब्रहमचारी मुकुदानंद ने बताया कि पूज्यपाद शंकराचार्य महाराज के निर्देशन में जोशीमठ भू-धंसाव आपदा के दौरान शुरू हुए तथा दो माह तक चले धार्मिक सहस्त्र चंडी महायज्ञ हवन अनुष्ठान का समापन हो गया है ।

आपदा से सबकी रक्षा हेतु प्रार्थना की गयी। उन्होंने बताया कि विगत बृहस्पतिवार को चारधाम शीतकालीन यात्रा और आगामी चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों को संदेश पहुंचाने के लिए ज्योतिर्मठ शीतकालीन मंगल यात्रा आयोजित की गई, जहां व्यापक जन सहयोग मिला‌।

ज्योर्तिमठ में सहस्त्र चंडी महायज्ञ में सहयोगी और आचार्य गणों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया। आचार्य जनों को सम्मानित किया साथ ही जोशीमठ के सभी विद्वतजनों आमजनमानस के सहयोग हेतु आभार जताया।