अमृतपाल भगोड़ा घोषित, तलाश में जुटी पंजाब पुलिस, हाई अलर्ट

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पंजाब: खालिस्तान समर्थक और कट्टरपंथी अमृतपाल सिंह के खिलाफ पंजाब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अमृतपाल को भगोड़ा घोषित कर दिया है। उसकी दो कारों को जब्त करने के साथ ही उसके गनरों को पकड़ा है। उनके हथियारों की वैधता की जांच की जा रही है। जालंधर पुलिस कमिश्नर कुलदीप सिंह चहल के मुताबिक अमृतपाल सिंह को जल्द गिरफ्तार करने के लिए पंजाब पुलिस के जवान जुटे हुए हैं। अब तक 78 लोगों को गिरफ्तार किया गया और गहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पंजाब पुलिस के मुताबिक अमृतपाल के खिलाफ राज्य में बड़े पैमाने पर राज्यव्यापी तलाशी अभियान शुरू किया गया है। जबकि कई अन्य खालिस्तान समर्थकों को हिरासत में लिया गया है। अमृतपाल सिंह सहित कई अन्य फरार हैं और उन्हें पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है। वारिस पंजाब दे संगठन का मुखिया अमृतपाल कुछ साथियों संग भाग निकला है। गिरफ्तार आरोपियों से एक 315 बोर की राइफल, सात 12 बोर की राइफल, एक रिवाल्वर और विभिन्न कैलिबर के 373 कारतूस बरामद हुए हैं।
इस बीच, पूरे पंजाब में हाई अलर्ट है।

माहौल बिगड़ने की आशंका में पंजाब में रविवार दोपहर तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। अमृतसर, फाजिल्का, मोगा, बठिंडा और मुक्तसर समेत कई जिलों में धारा 144 लागू करने के साथ ही भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है। हिमाचल और जम्मू-कश्मीर से लगती पंजाब की सीमा को सील कर दिया गया है। अमृतपाल अजनाला थाने पर पुलिस पर हुए हमले में आरोपी है।

अमृतपाल का कार में बैठकर भागते हुए का एक वीडियो भी सामने आया। कार में उनके एक सहयोगी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि पुलिसकर्मी ‘भाई साब’ (अमृतपाल) के पीछे थे। एक अन्य समर्थक ने एक वीडियो साझा किया जिसमें वह दावा कर रहा था कि पुलिसकर्मी उसका पीछा कर रहे हैं।

पुलिस ने बताया कि शनिवार को सूचना मिली कि अमृतपाल जालंधर की शाहकोट मलसियां रोड पर साथियों के साथ पहुंचा हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने मौके से संस्था के सात लोगों को गिरफ्तार किया। इस बीच, अमृतपाल भाग निकला। उसके पीछे पुलिस की करीब 60 गाड़ियां लगीं थीं। पुलिस को पीछे देखकर उसका ड्राइवर गाड़ी लिंक रोड की तरफ मोड़कर भगा ले गया। जालंधर और मोगा पुलिस उसके पीछे लग गई। कई किमी पीछा करने के बाद भी पुलिस उसे दबोच नहीं पाई।

अमृतपाल पर दो मामले अमृतसर जिले के अजनाला थाने में हैं। अपने करीबी लवप्रीत सिंह की गिरफ्तारी से नाराज अमृतपाल ने 23 फरवरी को समर्थकों के साथ अजनाला थाने पर हमला कर दिया था। उस पर कार्रवाई न होने से पंजाब पुलिस की काफी आलोचना हो रही थी। अमृतपाल पर आरोप था कि वह श्रीगुरुग्रंथ साहिब की आड़ लेकर थाने पहुंचा था और भीड़ को हमले के लिए उकसाया। इसके अलावा उस पर भड़काऊ भाषण देने का केस भी दर्ज है।