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भगवा यात्रा में बवाल, पत्थरबाजी और फायरिंग, गाड़ियां जलीं, कई लोग घायल

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हरियाणा के नूंह जिले में भगवा यात्रा के दौरान दो गुट आपस में भिड़ गए। राजस्थान के जुनैद नसीर हत्याकांड के आरोपी मोनू मानेसर ने वीडियो जारी कर मेवात आने की बात कही थी। उसने कहा था की वो इस यात्रा में शामिल होगा। इस वीडियो का कुछ लोग पिछले दो दिनों से विरोध कर रहे थे।

लोगों ने मोनू मानेसर के वीडियो को चैलेंज माना। जैसे ही भगवा यात्रा मेवात के नल्हड महादेव मंदिर से आते हुए नूंह झंडा पार्क पर पहुंची तो दोनों गुटों में पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस दौरान फायरिंग तथा यात्रियों की गाड़ी जलाने की बात भी सामने आ रही है।

पत्थरबाजी और फायरिंग के दौरान कई लोग घायल हो गए हैं। यात्रा से कुछ देर पहले दोनों गुटों के लोग नारे लगाते हुए भी दिखाई दिए। यह भी सुनने में आ रहा है की थोड़ी ही देर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी जाएंगी । फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

मेवात में हालात अभी हालात तनावपूर्ण है। आसपास के जिलों की पुलिस फोर्स बुलाई गई है। इसके साथ ही आईआरबी ने मोर्चा संभाल लिया है। कई गाड़ियों के शीशे टूटे हुए हैं और एक गाड़ी को आग के हवाले किया गया है। ये यात्रा नूंह से फिरोजपुर झिरका और पुनहाना आनी थी जिसे अब प्रशासन द्वारा रद्द कर दिया गया है।

मोनू मानेसर ने जारी किया था वीडियो

मोनू मानेसर भरतपुर जिले के घाटमिका गांव के 2 मुस्लिम युवकों को किडनैप कर बोलेरो में जिंदा जलाने के केस में पिछले 5 महीने से फरार है। नासिर-जुनैद हत्याकांड में वांटेड मोनू मानेसर की तलाश में पुलिस तलाश में जुटी है। दरअसल सोशल मीडिया पर मोनू मानेसर का एक वीडियो जारी हुआ है, जिसमें वो मेवात इलाके में होने वाली एक महारैली में शामिल होने का सभी को न्योता भेज रहा है। इतना ही नहीं मोनू मानेसर ने कहा कि मैं खुद भी इस रैली में शामिल होंगा।

मणिपुर वायरल विडियो पर SC की सख्त, CJI ने कहा- जो कुछ हुआ, उसे उचित नहीं ठहरा सकते

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Supreme Court

मणिपुर वायरल वीडियो मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में फिर सुनवाई हो रही है। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला सामने आया, लेकिन यह एकमात्र घटना नहीं है, जहां महिलाओं के साथ मारपीट या उत्पीड़न किया गया है। अन्य घटनाएं भी हैं।

CJI ने कहा कि हमें महिलाओं के खिलाफ हिंसा के व्यापक मुद्दे को देखने के लिए एक व्यवस्था भी बनानी होगा। इस व्यवस्था को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे सभी मामलों का ध्यान रखा जाए। उन्होंने पूछा कि तीन मई के बाद से, जब मणिपुर में हिंसा शुरू हुई थी, ऐसी कितनी एफआईआर दर्ज की गई हैं। SC ने कहा कि वह दोनों पक्षों को संक्षेप में सुनेगा और फिर कार्रवाई के सही तरीके पर फैसला करेगा। अभी हमारे पास कोई साक्ष्यात्मक रिकार्ड नहीं है।

मणिपुर की दो पीड़ित महिलाओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि महिलाएं मामले की CBI जांच और मामले को असम स्थानांतरित करने के खिलाफ हैं। इस पर सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हमने कभी भी मुकदमे को असम स्थानांतरित करने का अनुरोध नहीं किया है। तुषार मेहता ने कहा कि हमने यह कहा है कि इस मामले को मणिपुर से बाहर स्थानांतरित किया जाए। हमने कभी असम नहीं कहा।

दो पीड़ित महिलाओं की ओर से पेश हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि यह स्पष्ट है कि पुलिस उन लोगों के साथ सहयोग कर रही थी, जिन्होंने दोनों महिलाओं के खिलाफ हिंसा को अंजाम दिया। पुलिस ने इन महिलाओं को भीड़ में ले जाकर छोड़ दिया और भीड़ ने वही किया, जो वे करते थे। सिब्बल ने कहा कि पीड़ित महिलाओं में से एक के पिता और भाई की हत्या कर दी गई थी। हमारे पास अभी भी शव नहीं हैं। 18 मई को जीरो FIR दर्ज की गई। जब कोर्ट ने संज्ञान लिया, तब कुछ हुआ। तो फिर हम कैसे भरोसा करें? ऐसी कई घटनाएं होंगी। इसलिए हम एक ऐसी एजेंसी चाहते हैं, जो मामले की जांच करने के लिए स्वतंत्र हो।

सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता का कहना है कि अगर सुप्रीम कोर्ट मामले की निगरानी करेगा तो केंद्र को कोई आपत्ति नहीं है। वहीं, वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि केंद्र की स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक, 595 FIR दर्ज की गई हैं। इनमें से कितने यौन हिंसा से संबंधित हैं, और कितने आगजनी, हत्या से संबंधित हैं। इस पर कोई स्पष्टता नहीं है।

वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने कहा कि जहां तक कानून का सवाल है, दुष्कर्म की पीड़िताएं इस बारे में बात नहीं करतीं। वे अपने आघात के साथ सामने नहीं आतीं। पहली बात है आत्मविश्वास पैदा करना। आज हमें नहीं पता कि अगर CBI जांच शुरू कर दे तो महिलाएं सामने आ जाएंगी। उन्होंने कहा कि पुलिस की बजाय महिलाओं से घटना के बारे में बात करने में महिलाओं को सहूलियत होगी।

इंदिरा जयसिंह ने कहा कि एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति होनी चाहिए, जिसमें नागरिक समाज की महिलाएं हों जिनके पास बचे लोगों से निपटने का अनुभव हो। इंदिरा का कहना है कि हाई पावर कमेटी में सैयदा हमीद, उमा चक्रवर्ती, रोशनी गोस्वामी आदि शामिल हो सकते हैं। ये सभी समुदाय में इस मुद्दे से जुड़े हैं। उन्हें एक रिपोर्ट बनाने दीजिए और इसे इस अदालत में लाने दीजिए।

मणिपुर हिंसा मामले में कुकी पक्ष की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंसाल्वेस ने CBI जांच का विरोध किया और सेवानिवृत्त डीजीपी वाली एसआईटी से जांच की मांग की। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से मणिपुर के किसी भी अधिकारी को शामिल न करने की मांग की है। कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि हालांकि महिलाओं के खिलाफ हिंसा केंद्र में है, लेकिन उनके भाई और पिता आदि मारे गए हैं। इस पहलू पर भी गौर किया जाए।

एक वकील ने एक याचिका का जिक्र करते हुए कहा कि जो मणिपुर में हुआ, वैसी ही घटनाएं पश्चिम बंगाल और राजस्थान में भी हुईं। एक पंचायत उम्मीदवार का वीडियो आया, जिसे पश्चिम बंगाल में निर्वस्त्र कर घुमाया गया। पूरे भारत में बेटियों को सुरक्षित रखने की जरूरत है। इस पर CJI ने वकील से कहा, निस्संदेह देशभर में महिलाओं के खिलाफ अपराध हो रहे हैं, यह हमारी सामाजिक वास्तविकता है। हम सांप्रदायिक और सांप्रदायिक संघर्ष में महिलाओं के खिलाफ अभूतपूर्व हिंसा से निपट रहे हैं। मणिपुर में जो कुछ हुआ उसे हम यह कहकर उचित नहीं ठहरा सकते कि ऐसा कहीं और हुआ है। क्या आप कह रहे हैं कि सभी महिलाओं की रक्षा करें या किसी की भी रक्षा न करें?

शासन में महिलाओं का प्रतिनिधित्व करने वाली वकील वृंदा ग्रोवर का कहना है कि इंफाल में दो महिलाएं कार धोने का काम कर रही थीं और भीड़ ने आकर उन पर अत्याचार किया, उनकी हत्या कर दी गई। परिवार शिविरों में हैं। मां ने FIR दर्ज कराई है और FIR दर्ज होने के बाद सब कुछ बंद हो गया. 18 साल की लड़की से सामूहिक दुष्कर्म भी हुआ. दोनों समुदायों के खिलाफ़ यौन हिंसा हो सकती है, लेकिन मुझे पता है कि कुकी महिलाओं, जो एक अल्पसंख्यक समुदाय है, के खिलाफ लक्षित हमला हो रहा है।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने ग्रोवर की दलील पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह समुदायों का जिक्र न करें। सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा न दें। इस पर ग्रोवर ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि राहत शिविरों की क्या स्थिति है, इस पर एक स्वतंत्र और निष्पक्ष रिपोर्ट आने दीजिए। पीड़ित दोनों महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट में केंद्र और मणिपुर सरकार के खिलाफ याचिका दायर कर मांग की है कि शीर्ष अदालत मामले में स्वत: संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच का आदेश दे। पीड़िताओं ने अपनी पहचान सुरक्षित रखने का भी अनुरोध किया है।।

उत्तराखंड : देहरादून में कूड़ेदान में मिला महिला का शव

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देहरादून: राजधानी देहरादून के पॉश इलाके हाथीबड़कला क्षेत्र में महिला का शव मिलने से सनसनी फैल गई है। पुलिस को जैसे मामले की जानकारी मिली, महकमें हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार महिला का शव कूड़ेदान में फेंका गया था।

पुलिस हत्या के बाद शव को फेंके जाने की आशंका जाहिर कर रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। जानकारी के अनुसार करीब 35 वर्षीय महिला का शव कूड़ेदान में पड़ा हुआ था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

वहीं, इस बात की आशंका भी जाहिर की जा रही है कि महिला के साथ रेप कर हत्या के बाद शव वहां फेंका गया होगा! हालांकि, अब तक इस मामले में पुलिस कुछ भी कहने का तैयार नहीं है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। कुछ लोगों से मामले में पूछताछ भी की जा रही है। पुलिस जल्द खुलासा भी कर सकती है।

शहीद ऊधमसिंह की 83वीं पुण्यतिथि, जनरल डायर को उतारा था मौत के घाट

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देश के शहीदों की लंबी लिस्ट है। उसी लिस्ट में एक नाम था शहीद सरदार ऊधमसिंह। सरदार ऊधमसिंह वो योद्धा थे, जिन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड कराने वाले जनरल डायर को इंग्लैंड में जाकर मौत के घाट उतारकर जलियांवाला बाग हत्याकांड को बदला लिया था।

स्वतंत्रता संग्राम की क्रांतिकारी धारा के अग्रणी प्रतिनिधि तथा मुहम्मद सिंह आज़ाद नाम रख कर हिंदू-मुस्लिम-सिख एकता का संदेश देने वाले अमर शहीद उधम सिंह थे। जनरल डायर की हत्याकर के जलियांवाला बाग नरसंहार में शहीद हुए सैकड़ों निर्दाेष भारतीयों के बलिदान का प्रतिशोध लिया था। महान क्रांतिवीर और स्वतंत्रता सेनानी क़ी 83वीं की पुण्यतिथि पर शहीद उधम सिंह को शत् शत् नमन।

सरदार ऊधम सिंह का जन्म 26 दिसम्बर 1899 को पंजाब के संगरूर जिले के सुनाम गांव में हुआ था। 1901 में ऊधमसिंह की माता और 1907 में उनके पिता का निधन हो गया। इस घटना के चलते उन्हें अपने बड़े भाई के साथ अमृतसर के एक अनाथालय में शरण लेनी पड़ी। ऊधमसिंह के बचपन का नाम शेर सिंह और उनके भाई का नाम मुक्तासिंह था जिन्हें अनाथालय में क्रमशरू ऊधमसिंह और साधुसिंह के रूप में नए नाम मिले।

अनाथालय में ऊधमसिंह की जिन्दगी चल ही रही थी कि 1917 में उनके बड़े भाई का भी देहांत हो गया। वह पूरी तरह अनाथ हो गए। 1919 में उन्होंने अनाथालय छोड़ दिया और क्रांतिकारियों के साथ मिलकर आजादी की लड़ाई में शमिल हो गए। ऊधमसिंह अनाथ हो गए थे, लेकिन इसके बावजूद वह विचलित नहीं हुए और देश की आजादी और डायर को मारने की अपनी प्रतिज्ञा को पूरा करने के लिए लगातार काम करते रहे।

ऊधमसिंह 13 अप्रैल 1919 को घटित जालियांवाला बाग नरसंहार के प्रत्यक्षदर्शी थे। राजनीतिक कारणों से जलियाँवाला बाग में मारे गए लोगों की सही संख्या कभी सामने नहीं आ पाई। इस घटना से वीर ऊधमसिंह तिलमिला गए और उन्होंने जलियांवाला बाग की मिट्टी हाथ में लेकर माइकल ओ डायर को सबक सिखाने की प्रतिज्ञा ली थी।

अपने मिशन को अंजाम देने के लिए ऊधम सिंह ने विभिन्न नामों से अफ्रीका, नैरोबी, ब्राजील और अमेरिका की यात्रा की। 1934 में ऊधम सिंह लंदन पहुंचे और वहां 9, एल्डर स्ट्रीट कमर्शियल रोड पर रहने लगे। वहां उन्होंने यात्रा के उद्देश्य से एक कार खरीदी और साथ में अपना मिशन पूरा करने के लिए छह गोलियों वाली एक रिवाल्वर भी खरीद ली। भारत का यह वीर क्रांतिकारी माइकल ओ डायर को ठिकाने लगाने के लिए उचित वक्त का इंतजार करने लगा।

ऊधम सिंह को जलियांवाला बाग कांड के निर्दोष शहीदों का बदला लेने का मौका 1940 में मिला। जलियांवाला बाग हत्याकांड के 21 साल बाद 13 मार्च 1940 को रायल सेंट्रल एशियन सोसायटी की लंदन के काक्सटन हाल में बैठक थी, जहां माइकल ओ डायर भी वक्ताओं में से एक था। ऊधम सिंह उस दिन समय से ही बैठक स्थल पर पहुंच गए थे।

अपनी रिवॉल्वर उन्होंने एक मोटी किताब में छिपा ली। इसके लिए उन्होंने किताब के पृष्ठों को रिवॉल्वर के आकार में उस तरह से काट लिया था, जिससे डायर की जान लेने वाला हथियार आसानी से छिपाया जा सके। बैठक के बाद दीवार के पीछे से मोर्चा संभालते हुए ऊधम सिंह ने माइकल ओ डायर पर गोलियां दाग दीं। दो गोलियां माइकल ओ डायर को लगीं, जिससे उसकी तत्काल मौत हो गई।

ऊधम सिंह ने वहां से भागने की कोशिश नहीं की और अपनी गिरफ्तारी दे दी। उन पर मुकदमा चला और 4 जून 1940 को ऊधम सिंह को हत्या का दोषी ठहराया गया। 31 जुलाई 1940 को उन्हें पेंटनविले जेल में फांसी दे दी गई।

(नोट : यह लेख प्रशांत सी बाजपेयी s/o (स्व. शशि भूषण स्वतंत्रता सेनानी “पद्म भूषण” संसद सदस्य:
4th & 5th लोकसभा ने लिखा है)

उत्तराखंड में फिर शुरू हुई चर्चाएं, दिल्ली दौरे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जब भी दिल्ली दौरे पर जाते हैं, उत्तराखंड में चर्चाओं का बाजार गर्म हो जाता है। हर बार मंत्रीमंडल में बदलाव की बात कही जाती है। नेताओं की धड़कनें भी तेज हो जाती हैं। दायित्व बंटवारे को लेकर भी हर बार बातें होती जरूर हैं, लेकिन आज तक कोई निर्णायक फैसला नहीं हो पाया। कहा जाता है कि हाईकमान के की ओर से हरीझंडी मिल चुकी है। बस घोषणा होनी बाकी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार दिल्ली दौरा कर रहे हैं। पिछले दो-तीन महीनों शायक चार-पांच बार दिल्ली दौरे पर जा चुके हैं। सीएम के हर दौरे पर यही चर्चाएं आम होती हैं। कभी मंत्रीमंडल में बदलाव और विस्तार की बातें, तो कभी दायित्व बंटवारे को हवा दी जाती है। यूसीसी की चर्चाएं भी लगातार हो ही रही हैं।

धामी कैबिनेट में फिलहाल चार मंत्री पद खाली हैं, जिनको भरने को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है। भीतरखाने विधायक डिमांड भी कर रहे हैं। पिछले दिनों सीएम धामी के दिल्ली दौरे के बाद बीएल संतोष उत्तराखंड दौरे पर आए थे, जिससे यह माना जा रहा था कि जल्द ही मंत्रीमंड विस्तार का ऐलान किया जाएगा। साथ ही दायित्व बंटवारा भी किया जाएगा। माना जा रहा है कि मंत्रीमंडल में बदलाव कर कुछ नए चेहरों को जगह मिल सकती है।

इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जल्द ही धामी सरकार के कैबिनेट में कुछ लोगों को जगह मिल सकती है। भाजपा फिलहाल 2024 लोसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है। लेकिन, उससे सपहले बागेश्वर विधानसभा उपचुनाव भी होना है। राजनीति जानकारों की मानें तो भाजपा उपचुनाव के बाद ही कुछ फैसला करेगी। हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि उससे पहले भी कोई फैसला संभव है।

कैबिनेट विस्तार को लेकर भाजपा सभी तरह के समीकरणों पर चर्चा कर रही है। लोकसभा चुनाव से पहले सभी पांचों क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने के साथ ही सभी वर्गों का भी ध्यान रखा जाएगा। जिन नए चेहरों को कैबिनेट में शामिल किए जाने की चर्चा है उनमें नैनीताल से बंशीधर भगत, हरिद्वार से आदेश चौहान, देहरादून से विनोद चमोली या खजानदास और टिहरी से शक्तिलाल शाह के नाम शामिल हैं।

इसके अलावा एक और समीकरण भी बनता हुआ नजर आ रहा है। इस बात की चर्चाएं भी हुई कि ऋतु खंडूड़ी को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी के कैबिनेट में शामिल होने की स्थिति में उनकी जगह किसी वरिष्ठ मंत्री किसी अन्य को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है।

बहरहाल यह केवल चर्चाएं हैं। इन चर्चाओं से पर्दा तभी हटेगा जब मंत्रीमंडल विस्तार पर मुहर लग जाएगी। दायित्व वितरण को लेकर भी साफ है कि नामों का ऐलान नहीं होने तक केवल अटकलें लगाई जाती रहेंगी। देखना होगा कि भाजपा इस पर कितनी जल्दी फैसला लेती है?

इनकम टैक्स जमा करने का आज आखिरी मौका, चूके तो भरना पड़ेगा जुर्माना!

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अगर आप भी इनकम टैक्स के दायरे में आते हैं तो आज ही ITR फाइल कर दें। आज यानी आखिरी दिन यानी 31 जुलाई है। अगर आप इस तारीख तक अपना आईटीआर जमा नहीं करते हैं तो आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है। इसके साथ ही आपकी फाइनेंसियल प्रोफाइल पर भी इसका नकारात्मक असर होगा।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, 30 जुलाई की शाम 6:30 बजे तक 6 करोड़ से ज्यादा लोग अपना आईटीआर जमा कर चुके थे। इसमें से करीब 26.76 लाख लोगों ने रविवार यानी 30 जुलाई को ही आईटीआर जमा किया था।

साथ ही शाम 6:30 बजे तक इनकम टैक्स के ई-फाइलिंग पोर्टल पर 1.30 करोड़ से ज्यादा लॉगिन देखने को मिले थे। इसके अलावा इनकम टैक्स विभाग की ओर से लोगों को सलाह दी जा रही है कि जल्द से जल्द आईटीआर रिटर्न जमा कर दें, जिससे आपको भविष्य में मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़े।

अगर कोई व्यक्ति देरी से अपना आईटीआर जमा करता है तो इनकम टैक्स के नियमों के मुताबिक, 31 दिसंबर, 2023 तक उसकी आय के मुताबिक उसे 5,000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। हालांकि, अगर किसी व्यक्ति की आय पांच लाख रुपये से कम है तो उसे 1,000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा।

  • ITR जमा नहीं करने से आपकी फाइनेंसियल प्रोफाइल पर नकारात्मक असर होता है।
  • शेयर बाजार में हुए नुकसान को कैरी फॉरवर्ड नहीं कर सकते हैं।
  • ITR में गैप होने के कारण लोन आदि मिलने में मुश्किल हो सकती है।
  • क्रेडिट स्कोर पर भी कम हो सकता है।

इन राज्यों में तीन अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, आज कैसा रहेगा मौसम

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IMD ने तीन अगस्त तक भारत के कई हिस्सों में बारिश की भविष्यवाणी की है। तीन अगस्त तक पूर्वी उत्तराखंड,  उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और ओडिशा में हल्की/मध्यम बारिश के साथ अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की भविष्यवाणी की गई है, जबकि पूर्वी राजस्थान में 31 जुलाई और दो अगस्त को इसी तरह की मौसम की स्थिति होने की संभावना है।

एक-तीन अगस्त तक उत्तराखंड में, एक और दो अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और दो और तीन अगस्त को दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में हल्की/मध्यम बारिश के साथ छिटपुट भारी बारिश की भी उम्मीद है।

  • मौसम कार्यालय ने तीन अगस्त तक उत्तर पश्चिम भारत में छिटपुट गरज और बिजली गिरने की भी भविष्यवाणी की है।
  • मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ में हल्की/मध्यम बारिश/आंधी और बिजली गिरने के साथ अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की भी भविष्यवाणी की है।
  • मौसम कार्यालय ने भी दो अगस्त तक गंगीय पश्चिम बंगाल और तीन अगस्त को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में इसी तरह की मौसम स्थिति की भविष्यवाणी की है।
  • अगले पांच दिनों के दौरान कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हल्की/मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की भी संभावना है।
  • तेलंगाना में एक अगस्त को हल्की/मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश होगी। दो अगस्त और तीन अगस्त को तटीय कर्नाटक में भी इसी तरह की मौसम की स्थिति होने की संभावना है।
  • मौसम कार्यालय ने 31 जुलाई को तमिलनाडु में गर्म और आर्द्र मौसम की भी भविष्यवाणी की है।

दो अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों के साथ-साथ दो अगस्त तक ओडिशा के कुछ हिस्सों में भी बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 31 जुलाई को झारखंड, दो और तीन अगस्त को अरुणाचल प्रदेश; एक- तीन अगस्त तक असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में इसी तरह का मौसम रहने की संभावना है।

बड़ी खबर: जयपुर-मुंबई ट्रेन में गोलीबारी, आरपीएफ ASI समेत चार को मारी गोली मारकर हत्या

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जयपुर मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन में गोलीबारी होने की खबर है। इस गोलीबारी में चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई हैं। घटना महाराष्ट्र के पालघर की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गोली आरपीएफ के जवान ने चलाई और मरने वालों में आरपीएफ के एएसआई समेत कुल चार लोग शामिल हैं। आरोपी आरपीएफ जवान को हिरासत में ले लिया गया है। जिस ट्रेन में गोलीबारी हुई, वह गुजरात से मुंबई जा रही थी।

जयपुर मुंबई एक्सप्रेस ने जब पालघर को पार किया, तभी आरपीएफ जवान ने गोलीबारी कर दी और जब ट्रेन दहीसर स्टेशन के नजदीक पहुंची तो आरोपी ट्रेन के कूदकर फरार हो गया। हालांकि बाद में मुंबई जीआरपी ने आरोपी को हथियार समेत दबोच लिया। पश्चिमी रेलवे ने यह जानकारी दी है।

 

INDIA Vs NDA : सामने आया ताजा सर्वे, कांग्रेस को होगा बड़ा फायदा

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2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए दो बड़े गठबंधन NDA और INDIA होने वाली चुनावी जंग को लेकर लोगों में अभी से जिज्ञासा बढ़ने लगी है. लोग जानना चाह रहे हैं अअअकि क्या विपक्षी गठबंधन बनने से कांग्रेस को फायदा होगा? कांग्रेस पहले से मजबूत होगी? जानें सर्वे के आंकड़े क्या कहते हैं.

इंडिया टीवी सीएनएक्स ने विपक्षी गठबंधन इंडिया बनने के बाद जनता का मूड जानने के लिए एक सर्वे किया है. सर्वे से आए नतीजे के मुताबिक, बीजेपी नेतृत्व वाला एनडीए को लोगों का सबसे ज्यादा समर्थन मिलने का अनुमान है. जबकि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ का प्रदर्शन काफी पीछे रहता दिख रहा है. अगर सिर्फ कांग्रेस की बात करें तो देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस की लोकसभा सीटों में लगभग एक तिहाई का उछाल देखने को मिल सकता है.

कांग्रेस को कितनी मिल सकती है बढ़त?

इंडिया टीवी के ताजा सर्वे को देखें तो इसमें कई ऐसे राज्य है जहां एनडीए और इंडिया गठबंघन के बीच कांटे की टक्कर होने के अनुमान है. सर्वे में बीजेपी की नेतृत्व वाली गठबंधन को 318 सीटों पर जीत मिलती दिख रही है. जबकी अन्य के खाते में 50 सीटें जाने का अनुमान सामने आया है. सर्वे में लोगों का मानना है कि कांग्रेस विपक्ष को एकजुट कर चुनाव में उतरती है तो इंडिया गठबंधन को कुल 175 सीटें मिल सकती है. इंडिया गठबंधन में कांग्रेस के पास सबसे ज्यादा सीटें रहने का अनुमान है.

कांग्रेस को पिछले लोकसभा चुनाव 2019 में 52 सीटें मिली थी. उससे पहले 2014 लोकसभा चुनाव में पार्टी सिर्फ 44 सीटों पर ही अटक गई थी. जबकि अगले साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए किए गए सर्वे के मुताबिक, कांग्रेस की सीटों में बढ़ोतरी हो सकते है. सर्वे में कांग्रेस को कुल 66 सीटों पर जीतने का अनुमान है. यानी कि 2019 की तुलना में कांग्रेस को करीब 30 प्रतिशत ज्यादा सीटों का फायदा होता दिख रहा है. लोकसभा में कुल सीटों की संख्या 543 है और सरकार बनाने के लिए जादुई अंक 272 है.

वोट फीसदी के आंकड़े?

इंडिया टीवी सीएनएक्स सर्वे में वोट शेयर को लेकर आए आंकड़े भी चौंकाने वाले है. इस सर्वे में अकेले बीजेपी को सबसे ज्यादा 42.5 फीसदी वोट शेयर मिल सकता है. जबकि विपक्षी पार्टियों की इंडिया गठबंधन का वोट शेयर अन्य को मिलने वाले वोट प्रतिशत से भी कम होने का अनुमान है. सर्वे के अनुसार, लोकसभा चुनाव 2024 में इंडिया को 24.9 फीसदी वोट शेयर मिल सकता है जबकि अन्य का वोट शेयर 32.6 फीसदी रहने का अनुमान है.

2 किलो टमाटर के लिए दो नाबालिगों को रखा गिरवी, यहां का है मामला

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कटक: देशभर में टमाटर के दाम आसमान छू रहे हैं. टमाटर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बाद तरह-तरह की घटनाएं भी सामने आ रही हैं. ताजा घटना ओडिशा के कटक में सामने आई है. यहां पर एक शख्स ने दो किलो टमाटर के लिए दो नाबालिगों को एक सब्जी विक्रेता के यहां गिरवी रख दिया. सब्जी विक्रेता ने भी दोनों बच्चों को करीब दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा. यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कटक में दो किलो टमाटर के लिए दो नाबालिगों को करीब दो घंटे तक बंधक बना कर रखा गया. यह घटना कटक के छत्र बाजार इलाके की है. नाबालिगों ने बताया कि एक शख्स उन्हें भुवनेश्वर से वॉशिंग मशीन को कहीं और शिफ्ट करने के लिए उन्हें 300 रुपये में लेकर आया था. उसके बाद वह शख्स टमाकर की दुकान पर गया और वहां पर 10 किलो टमाटर खरीदने की बात कही.

बाद में उस शख्स ने छत्र बाजार की दुकान से दो किलो टमाटर खरीदे और कहा कि वह पैला लाना भूल गया है. उसने दोनों नाबालिगों को सुरक्षा के तौर पर सब्जी विक्रेता के यहां छोड़ दिया और कहा कि वह कुछ देर में पैसे लेकर आ रहा है. उसके बाद वह शख्स दो किलो टमाटर लेकर फरार हो गया.