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अमेरिका के लेविस्टन में ताबड़तोड़ फायरिंग, 22 लोगों की मौत, कई घायल

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अमेरिका के लेविस्टन में एक व्यक्ति ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। इस गोलीकांड में अब तक 22 लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद से राज्य में अराजकता की स्थिति बनी हुई है। समाचार एजेंसी AP के अनुसार, दो कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में दर्जनों लोग घायल हुए हैं। लेविस्टन पुलिस ने इससे पहले फेसबुक पोस्ट में कहा, लगभग 4 मील दूर एक बॉलिंग एली, स्कीमेंजेस बार और ग्रिल और स्पेयरटाइम रिक्रिएशन में एक शूटर लोगों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर रहा है।

एंड्रोस्कोगिन काउंटी शेरिफ कार्यालय ने अपने फेसबुक पेज पर संदिग्ध की दो तस्वीरें जारी कीं, जिसमें एक बंदूकधारी अपने कंधे पर हथियार उठाए हुए गोलीबारी कर रहा है। अमेरिकी पुलिस के अनुसार, गोलीबारी करने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से बीमार है और वो शूटिंग में ही ट्रेनिंग देता था।  शूटर का नाम रॉबर्ट कार्ड बताया गया है। बता दें कि घटना की जानकारी राष्ट्रपति जो बाइडन को दे दी गई है।

पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की। पुलिस ने लोगों से अपील भी की कि वो आपात स्थिति से निपटने तथा घायलों को अस्पतालों तक पहुंचने के लिए सड़कों से दूरी बनाएं रखें। जानकारी के अनुसार, घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए हर तरह की व्यवस्था की जा रही है। लेजेंड्स स्पोर्ट्स बार एंड ग्रिल की मालिक मेलिंडा स्मॉल ने कहा कि जब एक ग्राहक ने शूटिंग के बारे में सुना तो कर्मचारियों ने तुरंत अपने दरवाजे बंद कर दिए और सभी 25 ग्राहकों और कर्मचारियों को दरवाजे से दूर कर दिया।

पुलिस कर्मी ने बताया कि, सच कहूं तो मैं सदमे की स्थिति में हूं। मैं भाग्यशाली हूं कि मेरी टीम ने तुरंत प्रतिक्रिया दी उनमें हर कोई सुरक्षित है। लेकिन इस घटना से मैं सुन्न महसूस कर रहा हूं। लेविस्टन के लिए अलर्ट रात 8 बजे के तुरंत बाद जारी किया गया था। जैसा कि शेरिफ कार्यालय ने बताया कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां “दो सक्रिय शूटर घटनाओं” की जांच कर रही थीं।

बयान में कहा गया, “जब तक अधिकारी पूरी तरह स्पष्ट नहीं कर देते, तब तक इस क्षेत्र से दूर रहें।” “क्षेत्र और किसी भी व्यवधान से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों की तलाश करें। यदि पहले से ही प्रभावित क्षेत्र में काम कर रहे हैं, तो स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी किए गए सभी निर्देशों का पालन करें, जिसमें आश्रय-स्थान आदेश भी शामिल है।

बिग बॉस OTT विनर एलविश यादव को धमकी, मांगी 1 करोड़ की रंगदारी, एक गिरफ्तार

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बिग बॉस OTT सीजन-2 के विजेता गुरुग्राम के एल्विश यादव से एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार सेक्टर 53 थाने में इसकी एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में एक आरोपित को भी गिरफ्तार किया गया है।

इसको लेकर एसीपी क्राइम वरुण दहिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देंगे। एल्विश यादव एक यूट्यूबर हैं और हाल ही में वह में बिग बॉस ओटीटी सीजन-2 में गए हुए थे और उन्होंने इस सीजन में जीत हासिल की।

पातालकोट एक्सप्रेस के दो डिब्बों में लगी आग, दो यात्री झुलसे

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आगरा के मलपुरा के भाड़ई रेलवे स्टेशन के पास पंजाब के फिरोजपुर से मध्य प्रदेश के सिवनी जाने वाली पातालकोट एक्सप्रेस (14624) के दो डिब्बों में आग लग गई। बुधवार दोपहर को हुई इस घटना के पीछे के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। सूत्रों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस आग की चपेट में दो यात्री आए हैं। ट्रेन में लगी आग से चीख-पुकार मच गई। प्रशासन को भी इसकी सूचना दे दी गई है।

जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों की मदद से रेलवे अधिकारी आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहे हैं। मौके पर फायर ब्रिगेड पहुंची है। साथ ही आनन-फानन थाना पुलिस और रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) भी पहुंच गई है। आग बुझाने में सभी कड़ी मशक्कत कर रहे हैं।

उत्तराखंड: मात्र जड़ प्रकृति ही नहीं, चैतन्य स्वरूपा हैं माता जगदंबा : जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

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  • चैतन्य शक्ति हैं जगदम्बा।

  • बदरिकाश्रम में उर्वशी भगवती शक्ति के रूप में प्रतिष्ठित है।

  • पूज्यपाद ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘1008’ जी महारा।

चमोली: ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती 1008 ने कहा कि हम सभी जिन माता जगदम्बा की आराधना कर रहे हैं वे मात्र जड़ प्रकृति ही नहीं, चैतन्यस्वरूपा हैं। सभी प्राणियों में जो चैतन्य है वह अहम् अर्थात् मैं के रूप में उद्भासित हो रहा है। मैं के रूप में जो सब प्राणियों के हृदय में स्थित है वह क्षेत्रज्ञ ही चैतन्यस्वरूप है।

इसी क्षेत्रज्ञ को माता कहा जा रहा है। वही चैतन्य शक्ति जगदम्बा भगवती बदरिकाश्रम में उर्वशी देवी के रूप में पूजी जाती हैं, देवी भागवत के अनुसार देश के अलग अलग भाग में स्थित १०८शक्तिपीठ में से एक बदरिकाश्रम की आराध्या हैं भगवती उर्वशी देवी । नवरात्र के पावन पर्व में यहां देवी की आराधना माता उर्वशी की पूजा के साथ की जाती है ।

‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती 1008 ने अपने दशहरा सन्देश के रूप में बदरीनाथ धाम से अपने शिष्य मुकुन्दानन्द ब्रह्मचारी के माध्यम से सभी सनातनियों को प्रेषित किया।

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उन्होंने कहा कि वास्तव में जो परमात्मा है वह न तो पुल्लिंग है, न स्त्रीलिंग है और न ही नपुंसक लिंग है। अपनी-अपनी भावना के अनुसार जिस रूप में हम उनको देखना चाहें देख सकते हैं। दुर्गा सप्तशती में कहा है जो सब प्राणियों में माता के रूप में स्थित हैं उनको हम नमस्कार करते हैं। उन्हीं माता ने नव दुर्गा के रुप में स्वयं को भक्तों के उद्धार के लिए समय-समय पर प्रकट किया।

आज की सहस्र सुवासिनी पूजा में मुख्यरूप से उपस्थित रहे बी डी सिंह, बदरीनाथ केदारनाथ मन्दिर समिति के पूर्व मुख्य कार्याधिकारी और वर्तमान में सलाहकार – मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार, माणा गांव के प्रधान पीताम्बर सिंह मोल्फा, शिवानन्द उनियाल, पवन मिश्र, अरुण ओझा, विक्रम फर्स्वाण, धर्मेन्द्र नेगी, सारिका आदि अनेकों भक्त उपस्थित रहे।

‘लियो’ पर हुई नोटों की बारिश, अब तक इतने करोड़ कमाए

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थलापति विजय की फिल्म ‘लियो’ बॉक्स ऑफिस पर जलवा कायम किए हुई है। बुलेट की रफ्तार से आगे बढ़ रही ये फिल्म डोमेस्टिक बॉक्स ऑफिस के साथ ही ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर भी राज कर रही है। हर दिन नए मुकाम हासिल कर रही ये फिल्म एक-एक कर कई मूवीज के रिकॉर्ड तोड़ती जा रही है। पहले दिन ‘जवान’ और ‘आदिपुरुष’ जैसी फिल्मों का रिकॉर्ड तोड़ने के बाद ‘लियो’ ने अब कमल हासन की ‘विक्रम’ को भी पीछे छोड़ दिया है। यही नहीं, बल्कि फिल्म के छठे दिन का वर्ल्डवाइड कलेक्शन काफी शानदार है।

ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के अनुसार, लोकेश कनगराज के डायरेक्शन में बनी ‘लियो’ ने कमल हासन की फिल्म विक्रम के लाइफटाइम कलेक्शन से ज्यादा अर्निंग की है। जहां लोकेश सिनेमाटिक यूनिवर्स ते तहत बनी ‘विक्रम’ ने 415 करोड़ का लाइफटाइम कलेक्शन वर्ल्डवाइड किया था। वहीं, ‘लियो’ ने इस आंकड़े को बहुत कम दिनों में पार कर लिया है। थलापित विजय की फिल्म ने सोमवार को 415.50 करोड़ की कमाई की। वहीं, मंगलवार कलेक्शन की बात करें, तो फिल्म ने 450 करोड़ का बेंचमार्क क्रॉस कर लिया है।

‘लियो’ के आंकड़े को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि शुक्रवार तक फिल्म 500 करोड़ से ज्यादा कमा ले जाएगी। ये थलापति विजय की पहली फिल्म है, जिसने 400 करोड़ से ज्यादा की कमाई की है और अब 500 करोड़ की तरफ इसके कदम बढ़ चुके हैं। ‘लियो’ धड़ाधड़ आगे बढ़ती जरूर जा रही है, लेकिन कुछ फिल्मों से अब भी पीछे है। थलापति विजय की ये फिल्म कॉलीवुड की चौथी वो मूवी है, जिसकी एंट्री 400 करोड़ क्लब में हो चुकी है। हालांकि, ये मूवी ‘2.0’ रजनीकांत की ‘जेलर’ और मणि रत्नम की ‘पीएस 1’ से अब भी पीछे है।

उत्तराखंड : राज्य को जल्द मिलेगा नया डीजीपी, चयन प्रक्रिया शुरू

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देहरादून: उत्तराखंड में नए पुलिस महानिदेशक के चयन के लिए कबायद शुरू हो गई है। पुलिस महानिदेशालय के स्तर पर तीन नाम का पैनल शासन को भेज दिया गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही शासन इन तीन नामों को यूपीएससी को भेज देगा, जिसके बाद नवंबर में होने वाली बैठक के दौरान राज्य को 12वां नया पुलिस महानिदेशक मिल जाएगा।

प्रदेश में पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार के नवंबर में रिटायरमेंट से पहले नए डीजीपी के चयन की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। खास बात यह है की शान द्वारा पुलिस महानिदेशालय से तीन नाम का पैनल मांगे जाने के बाद अब महानिदेशालय के स्तर से वरिष्ठ तीन अधिकारियों के नाम शासन को भेज दिए गए हैं। खबर है कि जिन तीन अधिकारियों के नाम भेजे गए हैं, उनमें दीपम सेठ, पीवीके प्रसाद और अभिनव कुमार का नाम शामिल हैं।

दीपम सेठ फिलहाल प्रतिनियुक्ति पर हैं, जबकि पीवीके प्रसाद और अभिनव कुमार राज्य में सेवाएं दे रहे हैं। खबर है कि जल्द ही शासन इन तीनों नाम को यूपीएससी को भेजेगा, जिसके बाद नवंबर में होने वाली यूपीएससी की बैठक के दौरान इन तीनों नाम में से एक नाम को तय किया जाएगा। नवंबर में यह बैठक यूपीएससी के अध्यक्ष के नेतृत्व में होगी जिसमें उत्तराखंड के मुख्य सचिव समेत मौजूद पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार भी मौजूद रहेंगे।

अपर पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ 1995 बैच के अधिकारी हैं। फिलहाल प्रतिनियुक्ति पर है। उत्तराखंड में उन्होंने कई जिलों के कप्तान के तौर पर काम किया है। साथ ही गढ़वाल रेंज भी उनके द्वारा देखी जा चुकी है। पुलिस मुख्यालय स्तर पर एडीजी लॉ एंड ऑर्डर जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी उन्होंने संभाली है. साथ ही शासन में अपर सचिव गृह के तौर पर भी वे काम कर चुके हैं।

एडीजी पीवीके प्रसाद फिलहाल उत्तराखंड में सेवाएं दे रहे हैं. पीवीसी प्रसाद भी 1995 बैच के ही अधिकारी हैं और इस समय एडीजी पाक की कमान संभाल रहे हैं। विभिन्न जिलों में उन्होंने कप्तान के तौर पर जिम्मेदारी संभाली है और एक लंबे समय तक आईजी जेल के तौर पर भी काम किया।

तीसरा नाम एडीजी अभिनव कुमार का है जो इस सरकार में काफी पावरफुल रहे हैं और यह भी 1995 बैच के ही अधिकारी हैं। मुख्यमंत्री के विशेष सचिव के साथ ही फिलहाल वह इंटेलिजेंस की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। जिलों में कमान के तौर पर वह देहरादून और हरिद्वार जैसे बड़े जिलों के कप्तान रहे है।

आरक्षण की मांग करते हुए शख्स ने की आत्महत्या, पेड़ से लटकी मिली लाश

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महाराष्ट्र के सांगली जिले में धनगर समुदाय के लिए आरक्षण की मांग कर रहे 37 वर्षीय एक व्यक्ति आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मंगलवार ने (24 अक्टूबर) को कहा कि व्यक्ति ने कथित तौर पर एक पेड़ से लटककर आत्महत्या की। कवठे महाकाल तहसील के आबाचीवाड़ी निवासी बीरूदेव खारजे का शव रविवार दोपहर को उनके खेत में एक पेड़ से लटका हुआ मिला।

उमडी पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने बीरूदेव खारजे की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसमें लिखा है कि धनगर समुदाय को आरक्षण मिलना चाहिए। इस समय फिलहाल धनगर या चरवाहा समुदाय को विमुक्त जाति और खानाबदोश जनजाति (VJNT) श्रेणी के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है। हालांकि, समुदाय एसटी श्रेणी के तहत कोटा के लिए विरोध-प्रदर्शन कर रहा है।

बीजेपी के एमएलसी गोपीचंद धनगर ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है जिसमें धनगर समुदाय के बीरूदेव खरजे ने आरक्षण के लिए अपनी जान दे दी। इसके अलावा कार्यकर्ता मनोज जारांगे ने कहा कि अगर महाराष्ट्र सरकार मंगलवार तक मराठा समुदाय को आरक्षण देने में विफल रहती है तो वह 25 अक्टूबर से आमरण अनशन शुरू करेंगे। महाराष्ट्र के जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आरक्षण की मांग पूरी होने तक मराठा समुदाय सांसदों और विधायकों सहित राजनीतिक नेताओं को राज्यभर के गांवों में प्रवेश नहीं करने देगा।

उत्तराखंड : यहां हुआ बड़ा हादसा, खाई में गिरा वाहन, 6 लोगों की मौत!

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पिथौरागढ़: धारचूला-गुंजी मोटर मार्ग पर गर्बाधार के समीप आदि कैलाश यात्रियों को ला रहा वाहन गहरी खाई में गिर गया, जिसमें चालक सहित 6 लोग सवार थे। इनमें चार बेंगलुरू के बताए जा रहे हैं। दुर्घटनास्थल के बेहद खतरनाक होने और भारी बारिश के चलते कल रेस्क्यू नहीं किया जा सका। आज रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार आदि कैलाश यात्रियों को लेकर धारचूला की ओर लौट रही जीप मंगलवार को करीब ढाई बजे गर्बाधार के पास 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई। सूचना पर धारचूला, पांगला थानों से पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके के लिए रवाना हुई। इसी दौरान क्षेत्र में बारिश होने से पहाड़ी से पत्थर गिरने लगे। इसके चलते जवान रेस्क्यू के लिए खाई में नहीं उतर सके।

दुर्घटनाग्रस्त जीप में जिन लोगों के सवार होने की बात कही जा रही है उनके नामों की सूची पुलिस को ITBP से मिली है। इस सूची के अनुसार जीप में बैंगलुरू निवासी आदि कैलाश यात्री सत्यवर्धा परीधा, नीलापा आनंद, मनीष मिश्रा और प्रज्ञा वारसम्या सवार थे। जबकि,  हिमांशु कुमार और वीरेंद्र कुमार स्थानीय बताए जा रहे हैं। हालांकि, इसकी पुष्टि शव बरामद होने के बाद ही हो पाएगी।

धारचूला-गुंजी मोटर मार्ग पर जीप दुर्घटनाग्रस्त हुई है। पुलिस और SDRF की टीम भेजी गई थी, लेकिन बारिश और अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू नहीं आप्रेशन शुरू सका। पहाड़ी से पत्थर गिरने से भी बाधा पहुंची। आईटीबीपी से मिली सूची के अनुसार जीप में छह लोग बताए जा रहे हैं।

उत्तराखंड: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत हादसे में घायल, देर रात हुआ हादसा

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पूर्व CM हरीश रावत मंगलवार देर रात को एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए.  जानकारी के अनुसार देर रात हल्द्वानी से काशीपुर की ओर जाते समय पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की कार हरियाणा मिष्ठान भंडार के समक्ष सड़क के बीच लगे डिवाइडर से उनकी गाड़ी सीधी टकरा गई.

 

पुलिस के अनुसार पूर्व सीएम हरीश रावत मंगलवार रात अपनी कार से कुछ कार्यकर्ताओं के साथ हल्द्वानी से काशीपुर जा रहे थे। देर रात करीब 12.05 बजे बाजपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास एक लोडर वाहन को ओवरटेक करने के प्रयास में उनकी कार डिवाइडर से टकरा गई। इस घटना में आगे की सीट पर बैठे पूर्व सीएम हरीश रावत घायल हो गए है।

 

सूचना मिलते ही एसएसपी के निर्देश पर सीओ बाजपुर भूपेंद्र सिंह भंडारी मौके पर पहुंचे। सीओ भंडारी ने बताया कि पूर्व सीएम हरीश रावत को काशीपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया हालांकि रात तीन बजे वो तमाम टेस्ट कराकर अपने होटल की तरफ चले गये।

 

हरीश रावत ने बताया कि हल्द्वानी से काशीपुर को जाते वक्त बाजपुर में मेरी गाड़ी थोड़ा सा डिवाइडर से टकरा गई तो थोड़े हल्के फुल्के झटके लगे हैं, तो उसके लिए हॉस्पिटल में चेकअप करवाया और डॉक्टर्स ने सब ठीक बताया है।

 

डिस्चार्ज कर दिया है। सोशल मीडिया में कुछ दोस्तों ने डाला है तो उससे कुल लोग चिंतित होंगे, कोई चिंता की आवश्यकता नहीं हैं, मैं बिल्कुन ठीक हूं और मेरे सहयोगी भी सब ठीक हैं।

उत्तराखंड: बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम कपाट बंद होने का मुहूर्त तय, शीतकाल काल के लिए इस दिन बंद होंगे कपाट

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चमोली/रुद्रप्रयाग: चारधाम यात्रा अब संपन्न होने की ओर बढ़ रही है। इस साल शीतकाल के लिए धामों के कपाट बंद करने की तिथि और मुहूर्त का ऐलान कर दिया गया है। बदरीनाथ धाम मंदिर के कपाट 18 नवंबर को दोपहर साढ़े 3 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। धाम में अब तक 16 लाख से अधिक श्रद्धालु ददर्शन कर चुके हैं।

विजयादश्मी पर्व पर 11वें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ, द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर और तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट बंद होने की तिथियां शीतकालीन गद्दी स्थलों में पंचाग गणना के अनुसार घोषित कर दी गई हैं। भगवान केदारनाथ के कपाट 15 नवंबर को (भैयादूज पर्व) वृश्चिक लग्न में सुबह 8ः30 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने के बाद भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली धाम से रवाना होगी और लिनचोली, जंगलचट्टी, गौरीकुंड, सोनप्रयाग, सीतापुर यात्रा पड़ावों से होते हुए प्रथम रात्रि प्रवास के लिए रामपुर पहुंचेगी।

16 नवंबर को पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली रामपुर से रवाना होकर शेरसी, बडासू, फाटा, नारायण कोटी और नाला सहित विभिन्न यात्रा पड़ावों पर भक्तों को आशीष देते हुए अंतिम रात्रि प्रवास के लिए विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंचेगी. इसके बाद 17 नवंबर को पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली गुप्तकाशी से रवाना होकर शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान होगी।

वहीं, भगवान तुंगनाथ के कपाट 1 नवंबर को 11 बजे धनु लग्न में शीतकालीन के लिए बंद कर दिए जाएंगे और कपाट बंद होने के बाद भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली सुरम्य मखमली बुग्यालों में नृत्य करते हुए प्रथम रात्रि प्रवास के लिए चोपता पहुंचेगी। 2 नवंबर को भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली चोपता से रवाना होकर बनियाकुंड, दुगलविट्टा, मक्कूबैंड हूंडू और बनातोली यात्रा पड़ावों पर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए भनकुंड पहुंचेगी और 3 नवंबर को शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ में विराजमान होगी।

भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ आगमन पर शै भोज का आयोजन किया जाएगा। इस बार मद्महेश्वर धाम के कपाट 22 नवंबर को सुबह आठ बजे वृश्चिक लग्न में शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे. भगवान मद्महेश्वर के कपाट बंद होने के बाद भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली धाम से रवाना होकर कूनचट्टी, नानौ, खटारा और बनातोली यात्रा पड़ावों पर भक्तों को आशीष देते हुए प्रथम रात्रि प्रवास के लिए गौंडार गांव पहुंचेगी।

23 नवंबर को भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली गौंडार से रवाना होकर द्वितीय रात्रि प्रवास के लिए राकेश्वरी मंदिर रासी पहुंचेगी. 24 नवंबर को भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली उनियाणा, राऊलैंक और मनसूना यात्रा पड़ावों पर भक्तों को आशीष देते हुए अंतिम रात्रि प्रवास के लिए गिरीया गांव पहुंचेगी और 25 नवंबर को विभिन्न यात्रा पड़ावों पर भक्तों को आशीष देते हुए शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान होगी। भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली के कैलाश से ऊखीमठ आगमन पर भव्य मेले का आयोजन किया जाएगा।