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'पिंक' के लिए BIG B नहीं थे शूजित सरकार की पहली पसंद

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फिल्ममेकर शूजित सिरकार जल्द ही बॉलीवुड के ‘शहंशाह’ अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म ‘पिंक’ लाने वाले हैं, लेकिन शूजित का कहना है कि पहले वो इस फिल्म को अमिताभ के साथ नहीं बनाना चाहते थे।
शूजित का कहना है, ‘फिल्म में अमिताभ जो किरदार निभा रहे हैं, उसके लिए वो पहली च्वॉइस नहीं थे। हमारे जहन में कई और नाम थे, लेकिन बाद में मुझे लगा कि अमिताभ सर से अच्छा ये किरदार कोई नहीं निभा सकता इसलिए, मैंने उन्हें फोन किया तो उन्होंने मुझे फौरन बुला लिया। जब मैंने उन्हें स्क्रिप्ट सुनाई तो उन्होंने कहा कि इस पर जल्दी काम करते हैं। अमिताभ सर की एनर्जी देख कर हम भी चौंक गए थे, लेकिन उन्होंने इतनी पॉजिटिविटी दिखाई की हमारा कॉन्फिडेंस काफी बढ़ गया और इस तरह अमिताभ इस फिल्म का हिस्सा बने।’
शूजित ने पिछले साल अमिताभ को लेकर फिल्म ‘पीकू’ बनाई थी। ‘पीकू’ की सफलता के बाद शूजित अब अमिताभ को लेकर फिल्म ‘पिंक’ बनाई है। आपको बता दें कि फिल्म में अमिताभ ने वकील का किरदार निभाया है। शूजित के मुताबिक, ‘जब निर्देशक अनिरुद्ध रॉय चौधरी इसकी स्क्रिप्ट मेरे पास लेकर आए थे, तब वो इसे बांग्ला भाषा में बनाना चाहते थे। लेकिन मैंने जब ये स्क्रिप्ट पढ़ी, तो मुझे लगा कि ये फिल्म हिंदी में बननी चाहिए क्योंकि इसका विषय महत्वपूर्ण है।’
अनिरुद्ध रॉय चौधरी द्वारा निर्देशित इस फिल्म में अमिताभ के साथ तापसी पन्नू, कीर्ति कुलहारी और अंगद बेदी भी नजर आएंगे। फिल्म 16 सितंबर को रिलीज होगी।
अनिरुद्ध रॉय चौधरी द्वारा निर्देशित इस फिल्म में अमिताभ के साथ तापसी पन्नू, कीर्ति कुलहारी और अंगद बेदी भी नजर आएंगे। फिल्म इसी साल 16 सितंबर को रिलीज होगी।

डाँडी मार्च (नमक सत्याग्रह) : शुरुआती सत्याग्रहियों की सूची

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साबरमती आश्रम से डाँडी तट (नवसारी गाँव) तक गाँधीजी ने 12 मार्च 1930 को नमक-सत्याग्रह के रूप में ”डाँडी मार्च” निकाला| 80 लोगों के साथ शुरू हुई यह यात्रा 6 अप्रैल 1930 को 24 दिन में 400 मील दूर डाँडी तट पर पहुँची| डाँडी पहुँचने तक उसमें हज़ारों सत्याग्रही शामिल हो चुके थे| इस डाँडी यात्रा का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि इस यात्रा की शुरुआत में करीब ९७ % सत्याग्रही ३० वर्ष से काम आयु के थे l हम आपको इस यात्रा के प्रारंभिक समय में शामिल उन ८० लोगों के नाम बता रहे हैं, जिनमें से कुछ आगे चलकर विभिन्न क्षेत्रों में बड़ा नाम कियेl

शुरुआती सत्याग्रहियों की सूची

1. Mohandas Karamchand Gandhi, Age 61, Gujarat. मोहनदास करमचंद गाँधी, आयु 61, गुजरात.
2. Pyarelal Nayyar. Age 30. Punjab. प्यारेलाल नैय्यर,आयु 30, पंजाब.
3. Chhaganlal Naththubhai Joshi. Age 35. Gujarat. छगनलाल नाथूभाई जोशी, आयु 35, गुजरात.
4. Pandit Narayan Moreshwar Khare. Age 42. Maharashtra पंडित नारायण मोरेश्वर खरे, आयु 42, महाराष्ट्र.
5. Ganpatrav Godshe. Age 25. Maharashtra. गनपतराव गोडशे, आयु 25, महाराष्ट्र.
6. Prathviraj Lakshmidas Ashar. Age 19. Cutch. पृथ्वीराज लक्ष्मीदास आशर, आयु 19, कच्छ.
7. Mahavir Giri. Age 20. Nepal. महावीर गिरी, आयु 20, नेपाल.
8. Bal Dattatreya Kalelkar. Age 18. Maharashtra. बाल दत्तात्रेय कालेलकर, आयु 18, महाराष्ट्र.
9. Jayanti Naththubhai Parekh. Age 19. Gujarat. जयंती नाथूभाई पारेख, आयु 19, गुजरात.
10. Rasik Desai. Age 19. Gujarat. रसिक देसाई, आयु 19, गुजरात.
11. Vitthal Liladhar Thakkar. Age 16. Gujarat. विठ्ठल लीलाधार ठक्कर,आयु 16, गुजरात.
12. Harakhji Ramjibhai. Age 18. Gujarat. हरखजी रामजीभाई, आयु 18, गुजरात.
13. Tansukh Pranshankar Bhatt. Age 20. Gujarat. Association. तनसुख प्राणशंकर भट्ट, आयु 20, गुजरात.
14. Kantilal Harilal Gandhi. Age 20. Gujarat. कांतिलाल हरिलाल गाँधी, आयु 20, गुजरात.
15. Chhotubhai Khushalbhai Patel. Age 22. Gujarat. छोटूभाई खुशालभाई पटेल, आयु 22, गुजरात.
16. Valjibhai Govindji Desai. Age 35. Gujarat. वालजीभाई गोविंदजी देसाई, आयु 35, गुजरात.
17. Pannalal Balabhai Jhaveri. Age 20. Gujarat. पन्नालाल बालाभाई झवेरी, आयु 20, गुजरात.
18. Abbas Varteji . Age 20. Gujarat. अब्बास वर्तेजी, आयु 20, गुजरात.
19. Punjabhai Shah. Age 25. Gujarat. पंजाभाई शाह, आयु 25, गुजरात.
20. Madhavjibhai Thakkar. Age 40. Cutch. माधवजीभाई ठक्कर, आयु 40, कच्छ.
21. Naranjibhai. Age 22. Cutch. नारानजीभाई, आयु 22, कच्छ.
22. Maganbhai Vora. Age 25. Cutch. मगनभाई वोरा, आयु 25, कच्छ.
23. Dungarsibhai. Age 27. Cutch.डूँगरशीभाई, आयु 27, कच्छ.
24. Somalal Pragjibhai Patel. Age 25. Gujarat. सोमालाल प्रागजीभाई, आयु 25, गुजरात.
25. Hasmukhram Jakabar. Age 25. Gujarat. हसमुखराम जकाबर, आयु 25, गुजरात.
26. Daudbhai. Age 25. Gujarat. दाऊदभाई, आयु 25, गुजरात.
27. Ramjibhai Vankar. Age 45. Gujarat. रामजीभाई वाँकड़, आयु 45, गुजरात.
28. Dinkarrai Pandya. Age 30. Gujarat. दिनकरराज पंड्या, आयु 30, गुजरात.
29. Dwarkanath. Age 30. Maharashtra. द्वारकानाथ, आयु 30, महाराष्ट्र.
30. Gajanan Khare. Age 25. Maharashtra. गजानन खरे, आयु 25, महाराष्ट्र.
31. Jethalal Ruparel. Age 25. Cutch. जेठालाल रुपारेल, आयु 25, कच्छ. 32. Govind Harkare. Age 25. Maharashtra. गोविंद हरकारे, आयु 25, माहाराष्ट्र.
33. Pandurang. Age 22. Maharashtra. पांडुरंग, आयु 22, महाराष्ट्र.
34. Vinayakrao Apte. Age 33. Maharashtra. विनायकराव आप्टे, आयु 33, महाराष्ट्र.
35. Ramdhirrai. Age 30. United Provinces. रामधीरराय, आयु 30, संयुक्त प्रांत.
37. Bhanushankar Dave. Age 22. Gujarat. भानुशंकर दवे, आयु 22, गुजरात.
38. Munshilal. Age 25. United Provinces. मुंशीलाल, आयु 25, संयुक्त प्रांत.
39. Raghavan. Age 25. Kerala. राघवन, आयु 25, केरल.
40. Ravjibhai Nathalal Patel, Age 30. Gujarat. रावजीभाई नाथालाल पटेल, आयु 30, गुजरात.
41. Shivabhai Gokalbhai Patel. Age 27. Gujarat. शिवाभाई गोकलभाई पटेल, आयु 27, गुजरात.
42. Shankarbhai Bhikabhai Patel. Age 20. Gujarat. शंकरभाई भीकाभाई पटेल, आयु 20, गुजरात..
43. Jashbhai Ishwarbhai Patel. Age 20. Gujarat. जशभाई ईश्वरभाई पटेल, आयु 20, गुजरात|
44. Sumangal Prakash. Age 25. United Provinces. सुमंगल प्रकाश, आयु 25, संयुक्त प्रांत.
45. Titus. Age 25. Kerala. टाइटस, आयु 25, केरल.
46. Krishna Nair. Age 25. Kerala. कृष्णा नायर, आयु 25, केरल.
47. Tapan Nair. Age 25. Tamilnadu. तपन नायर, आयु 25, तमिलनाडु.
48. Haridas Varjivandas Gandhi. Age 25. Gujarat. हरिदास वरजीवनदास गाँधी, आयु 25, गुजरात.
49. Chimanlal Narsilal Shah. Age 25. Gujarat. चिमनलाल नरसीलाल शाह, आयु 25, गुजरात.
50. Shankaran. Age 25. Kerala. शंकरन, आयु 25, केरल.
51. Subhramanyam. Age 25. Andhra. सुब्रह्मण्यम, आयु 25, आंध्र.
52. Ramaniklal Maganlal Modi. Age 38. Gujarat. रमणीकलाल मगनलाल मोदी, आयु 38, गुजरात.
53. Madanmohan Chaturvedi. Age 27. Rajputana. मदनमोहन चतुर्वेदी, आयु 27, राजपुताना.
54. Harilal Mahimtura. Age 27. Maharashtra. हरिलाल माहिमतुरा, आयु 27, महाराष्ट्र.
55. Motibasdas. Age 20. Orissa. मोतीबासदास, आयु 20, उड़ीसा.
56. Haridas Muzumdar. Age 25. Gujarat. हरिदास मज़ुमदार, आयु 25, गुजरात.
57. Anand Hingorani. Age 24. Sindh. आनंद हिगोरानी, आयु 24, सिंध.
58. Mahadev Martand. Age 18. Karnataka. महादीव मार्तंड, आयु 18, कर्नाटक.
59. Jayantiprasad. Age 30. United Provinces. जयंतीप्रसाद, आयु 30, संयक्त प्रांत.
60. Hariprasad. Age 20. United Provinces. हरिप्रसाद, आयु 20, संयुक्त प्रांत.
61. Girivardhari Chaudhari. Age 20. Bihar. गिरिवरधारी चौधरी, आयु 20, बिहार.
62. Keshav Chitre. Age 25. Maharashtra. केशव चित्रे, आयु 25, महाराष्ट्र.
63. Ambalal Shankarbhai Patel. Age 30. Gujarat. अंबालाल शंकरभाई पटेल, आयु 30, गुजरात.
64. Vishnu Pant. Age 25. Maharashtra. विष्णु पंत, आयु 25, महाराष्ट्र.
65. Premraj. Age 35. Punjab. प्रेमराज, आयु 35, पंजाब.
66. Durgesh Chandra Das. Age 44. Bengal. दुर्गेशचंद्र दास, आयु 44, ब़गाल.
67. Madhavlal Shah. Age 27. Gujarat. माधवलाल शाह, आयु 27, गुजरात.
68. Jyotiram. Age 30. United Provinces. ज्योतिराम, आयु 30, संयुक्त प्रांत.
69. Surajbhan. Age 34. Punjab. सूरजभान, आयु 34, पंजाब.
70. Bhairav Dutt. Age 25. United Provinces. भैरवदत्त, आयु 25, संयुक्त प्रांत.
71. Lalji Parmar. Age 25. Gujarat. लालजी परमार, आयु 25, गुजरात.
72. Ratnaji Boria. Age 18. Gujarat. रत्नाजी बोरिया, आयु 18, गुजरात.
73. Vishnu Sharma. Age 30. Maharashtra. विष्णु शर्मा, आयु 30, महाराष्ट्र.
74. Chintamani Shastri. Age 40. Maharashtra. चिंतामणि शास्त्री, आयु 40, महाराष्ट्र.
75. Narayan Dutt. Age 24. Rajputana. नारायन दत्त, आयु 24, राजपुताना.
76. Manilal Mohandas Gandhi. Age 38. Gujarat. मणिलाल मोहनदास गाँधी, आयु 38, गुजरात.
77. Surendra. Age 30. United Provinces. सुरेंद्र, आयु 30, संयुक्त प्रांत.
78. Haribhai Mohani. Age 32. Maharashtra. हरिभाई मोहानी, आयु 32, महाराष्ट्र.
79. Puratan Buch. Age 25. Gujarat. पुरातन बुच, आयु 25, गुजरात.
80. Kharag Bahadur Singh Giri. Age 25. Nepal. खड़ग बहादुर सिंह गिरि, आयु 25, नेपाल.
81. Satish (Shankar) Kalelkar. Age 20. Maharashtra.सतीश (शंकर) कलेलकर, आयु 20, महाराष्ट्र. +++

रुड़की में रहस्यमयी बुखार, तीन बच्चियों की मौत, कई बच्चे चपेट में

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शहर से देहात तक रहस्यमयी बुखार से हर कोई खौफजदा है। रुड़की से सटे भंगेड़ी गांव में जहां बुखार से दो बच्चियों की मौत हो गई, वहीं लक्सर के बाखरपुर गांव में भी बुखार ने एक बच्ची की जान ले ली। इन दोनों इलाकों में कई अन्य बच्चों के भी बुखार से पीड़ित होने के कारण क्षेत्रवासी दहशत में हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुखार प्रभावित गांवों में टीम भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
भंगेड़ी गांव के पास मजदूर बस्ती में रहने वाले रामकेश की दो बेटियों सोनम (3) और खुशबू (2) को पिछले कई दिनों से बुखार था। दोनों का पास के किसी डॉक्टर का इलाज चल रहा था।
रविवार की देर शाम करीब सात बजे एक बच्ची को तेज बुखार आने पर रामकेश उसे सिविल अस्पताल रुड़की ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इसके थोड़ी देर बाद ही दूसरी बच्ची की भी घर पर ही सांसें उखड़ गईं। एक के बाद एक दो बच्चियों की मौत से परिजनों और ग्रामीणों में हाहाकार मच गया। देर रात ही दोनों बच्चियों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
ग्रामीणों के अनुसार मजदूर बस्ती में ही कई अन्य बच्चे भी रहस्यमयी बुखार से तप रहे हैं। रविवार देर शाम हुई इस घटना के 18 घंटे बाद भी स्वास्थ्य महकमा मामले से अनजान था। सोमवार को दोपहर बाद जानकारी मिली तो मुख्य चिकित्सा अधिकारी बीएस जंगपांगी ने संबंधित बस्ती में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजने के निर्देश दिए।
उधर, सुल्तानपुर से मिली जानकारी के मुताबिक लक्सर क्षेत्र के बाखरपुर गांव में भी चांदनी (10) की सोमवार को रहस्यमयी बुखार से मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार उसकी ताई के दो बच्चे राधा (13) और सुमित (9) भी बुखार से पीड़ित हैं।

मुंबई की "बेस्ट" को 905.3 करोड़ रुपये का घाटा, हर यात्री पर 8.5 रुपये उठाती है नुकसान

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मुंबईः मुंबई की बेस्ट की सेवा यात्रियों की संख्या लगातार घटने का असर उसकी आमदनी पर दिखाई दिया है और बेस्ट की आय में जबर्दस्त गिरावट आई है. साल 2015-2016 साल में 905.3 करोड़ रुपये का घाटा सहन करनेवाले बेस्ट का प्रति यात्री खर्च 21.41 रुपये है जबकि आय सिर्फ 12.88 रुपये प्रति व्यक्ति हो रही है. ये जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को बेस्ट प्रशासन ने दी हैं.
आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने बेस्ट प्रशासन से बेस्ट यात्री संख्या, आय और बस सेवा पर होनेवाले खर्च की जानकारी मांगी थी. बेस्ट प्रशासन ने अनिल गलगली को बताया कि साल 2015-2016 इस साल में बेस्ट की बस सेवा का फायदा लेने वाले यात्रियों की कुल संख्या 106 करोड़ 10 लाख 84 हजार हैं. बस सेवा से रु 1367.11 करोड़ रुपये की आय मिली है जबकि बस चलाने का कुल खर्च रु 2272.41 करोड़ रुपये हुआ हैं. इस तरह बेस्ट को साल 2015-16 में कुल घाटा 905.3 करोड़ रुपये का हुआ है. प्रति यात्री खर्च रु 21.41 रुपये और उसके मुकाबले आय सिर्फ रु 12.88 रुपये है. यानी हर यात्री की यात्रा पर बेस्ट बस सेवा को 8.53 रुपये का घाटा हो रहा है. दी गई जानकारी के तहत रोजाना औसतन 29 लाख 07 हजार 080 यात्री बेस्ट से यात्रा करते हैं.
बेस्ट प्रशासन ने साल 2014-15 इस दौरान विभिन्न टैक्स के तहत 139.68 करोड़ रुपये सरकार को अदा किए हैं वहीं साल 2015-16 के दौरान 136.75 करोड़ रुपये अन्य टैक्स करोड़ अदा किए हैं. बेस्ट प्रशासन ने साल 2010 से 2016 इन 7 सालों के बीच 11 बार नगर विकास, परिवहन, महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल को रोड टैक्स, यात्री टैक्स ,पोषण अधिभार, मोटर वाहन टैक्स एवं रजिस्टर लाइसेंस शुल्क और मूल्यवर्धित टैक्स रद्द करने की मांग की हैं. इन मांगों पर सरकार ने आज तक कोई घास नहीं डाली हैं.
साल 2014-15 में किराया वृद्धि से बचने के लिए मुंबई मनपा ने 150 करोड़ रुपये का अनुदान दिया था लेकिन बाद में मनपा ने अपनी जिम्मेदारी झटक दी. मनपा का अनुदान के साथ विभिन्न टैक्स की माफी मिलेगी तो बेस्ट को घाटे के सौदे से बाहर निकलने में मदद ही मिलेगी, यह बताते हुए अनिल गलगली ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अलावा मनपा आयुक्त को लिखित पत्र भेजकर मांग की हैं कि आम लोगों की ऐसी ‘बेस्ट’ सेवा को संकट के समय पर सरकार और मनपा संयुक्त तौर पर मदद करे. मुंबई की सार्वजनिक यातायात व्यवस्था को मजबूती देने के लिए सरकार को स्वतंत्र फंड की व्यवस्था कर बेस्ट सेवा को अपनी ममता की छांव देने की अपील अनिल गलगली ने की हैं.

मुंबई में शिव वड़ा का जवाब होगा बाटी चोखा

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मुंबई। पूर्वी उत्तरप्रदेश के कुछ हिस्सों में बाटी-चोखा मेहनतकश लोगों के पेट भरने का साधन माना जाता है। मगर, मुंबई में यही बाटी-चोखा उत्तरभारतियों को लुभाने का राजनीतिक प्रतीक बनने जा रहा है।
आगामी शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने मुंबई के 10,000 लोगों को बाटी-चोखा का न्योता दिया है। इनमें उत्तरभारतीय समाज की जानी-मानी हस्तियों से लेकर रेहड़ी-खोमचे वाले तथा ऑटो-टैक्सी ड्राइवर तक शामिल हैं।
गोरेगांव स्थित विशाल प्रदर्शनी मैदान में शाम को मुख्यमंत्री स्वयं उत्तरभारतियों के साथ मेज-कुर्सी पर पंगत में बैठकर बाटी-चोखे का स्वाद लेते दिखेंगे। आटे की लोई में चने का सत्तू भर कर गोबर के कंडे में सेंकी गई देशी घी में सनी बाटी तथा आलू-बैंगन के चटपटे चोखे का स्वाद मुंबईकर का दिल जीत लेगा।
दरअसल, इसके जरिये फडनवीस अगले साल की शुरुआत में होने जा रहे मुंबई महानगरपालिका एवं उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा को मुंबई के उत्तरभारतीयों की हितैषी एवं करीबी पार्टी सिद्ध करना चाहते हैं। मुंबई भाजपा के महासचिव अमरजीत मिश्र के अनुसार आयोजन का जिम्मा मुंबई भाजपा के अध्यक्ष आशीष शेलार का सौंपा गया है।
आयोजन में विनोद तावड़े एवं प्रकाश मेहता जैसे वरिष्ठ मंत्रियों के अलावा फड़नवीस मंत्रिमंडल में एकमात्र हिंदीभाषी मंत्री विद्या ठाकुर भी उपस्थित रहेंगी। उत्तरभारतियों को जोड़ने के लिए बाटी-चोखा का ही निमंत्रण क्यों ?
इसका जवाब देते हुए अमरजीत कहते हैं कि शिवसेना से अलग चुनाव लड़कर पिछले विधानसभा चुनाव में उससे करीब दोगुनी सीटें जीतकर लाने वाली भाजपा इस बार मुंबई महानगरपालिका चुनाव में भी अपने दम पर सत्ता में आने की रणनीति बना रही है।
फिलहाल करीब 20 वर्षों से लगातार मुंबई मनपा पर शिवसेना का कब्जा है। मुंबई की सत्ता ही शिवसेना की असली ताकत समझी जाती है। शिवसेना ज्यादातर मराठी वोट बैंक के भरोसे है, जिसका मेहनतकश समाज अक्सर सात से 15 रुपए के बीच मिलनेवाला वड़ा-पाव खाकर अपना गुजारा कर लेता है।
इस वर्ग का ख्याल रखते हुए ही शिवसेना ने मुंबई में जगह-जगह शिव वड़ा-पाव के ठेले लगवाकर मराठी युवकों को रोजगार देने का प्रयास भी किया है। भाजपा इसकी काट पूर्वी उत्तरप्रदेश में मेहनतकश वर्ग का विशेष आकर्षण समझी जानेवाली बाटी-चोखा से करना चाहती है। मुंबई के करीब 40 लाख हिंदी भाषियों में सर्वाधिक संख्या पूर्वी उत्तर प्रदेश के रहने वालों की ही है।

नाबालिग लड़कियों को ब्लेड से डराकर शिकार बनाने वाला सीरियल रेपिस्ट गिरफ्तार

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मुंबई: मुंबई से सटे वसई में पुलिस ने एक ऐसे शख्स को पकड़ा है, जिस पर फिलहाल दो नाबालिगों के साथ बलात्कार का मामला दर्ज हुआ है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक आरोपी सीरियल रेपिस्ट है जो ब्लेड के जरिए पीड़ितों को डरा धमकाकर उनका शारीरिक शोषण करता था.
मामला 7 अगस्त का है, जब आरोपी की तस्वीरें सीसीटीवी कैमरे में कैद हुईं. मुंबई से सटे वसई पश्चिम में तेज चाल से चलता यह शख्स पहले कैमरे की जद से बाहर गया. उसने 14 साल की एक बच्ची को पर्ची दिखाकर पता पूछा. फिर कैमरे ने उसकी तस्वीरें कैद कीं जिसमें बच्ची उसे पर्ची पर लिखा पता बता रही है.
पुलिस के मुताबिक आरोपी पीड़ित को फ्लैट दिखाने के बहाने अंदर ले गया. ब्लेड दिखाकर उसे डरा धमकाकर उसके साथ रेप किया. वसई से एडीशनल एसपी योगेश कुमार के मुताबिक “सात अगस्त को मामला आया था, फरियादी माइनर है. लड़के ने एड्रेस की स्लिप दिखाकर पता पूछा ब्लेड निकाला, उसका डर दिखाकर शारीरिक शोषण किया, उसका मोबाइल भी लेकर गया. आरोपी फरार था. उसे पकड़ने की हमारी कोशिश जारी थी 28 अगस्त को ट्रैप लगाया उसी हुलिए से मिलता-जुलता एक शख्स हमारी टीम को दिखा. फिर ट्रैप लगाकर हमने उसे अरेस्ट किया.”
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अपना जुर्म कबूल लिया है, लेकिन वह उससे पूछताछ कर यह जानने की कोशिश में जुटी है कि उसने और ऐसी कितनी वारदातों को अंजाम दिया है. एडीशनल एसपी का कहना है ” हमारे पास एक और मामला सामने आया है, जिसमें आरोपी वही है. दूसरे पीड़ित के साथ ब्लेड दिखाकर शारीरिक शोषण किया है.”
पोस्को एक्ट लागू होने से अब तक महाराष्ट्र में बच्चों के यौन शोषण के मामले छह गुने बढ़े हैं. लेकिन 11000 से ज्यादा मामले अदालतों में लंबित हैं. इस मामले में भी फिलहाल आरोपी को अदालत ने पुलिस हिरासत में भेज दिया है. उसके जुबान खोलने पर ही पता लगेगा कि कितने बच्चों को उसने अपना शिकार बनाया है.

यूपी में पूर्व मुख्यमंत्रियों को जिंदगी भर के लिए मिले सरकारी बंगले, विधानसभा में बिल पारित

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लखनऊ: उत्तरप्रदेश के सभी पूर्व मुख्यमंत्री अब जीवर भर सरकारी बंगलों में रह सकेंगे. यूपी विधानसभा ने आज एक बिल पारित करके इसे कानूनी जामा पहना दिया. पिछले दिनों इस बारे में सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका के जरिए राज्य सरकार को चुनौती दी गई थी. इस याचिका में कहा गया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को बिना किसी विधायी प्रावधान के ताउम्र सरकारी बंगले दे दिए गए हैं. इस पर सरकार ने आज एक बिल ही पास कर दिया.
इन बंगलों में सबसे महंगा आवास पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का है जो कि करीब दो लाख वर्ग फीट में लाल पत्थरों से बना है. यह लखनऊ के पॉश माल एवेन्यू इलाके में है. इस बंगले में मुख्य ब्लाक में 13 कमरे मायावती के इस्तेमाल के लिए हैं. उनके सचिव, सुरक्षा स्टाफ और घरेलू काम करने वालों के लिए अलग ब्लाक है. बंगले के बेसमेंट में 20 कारों की पार्किंग है…और दो कार सर्विस स्टेशन हैं. बंगले में मायावती, कांशीराम और बाबा साहब की विशाल मूर्तियां लगी हैं.
विधानसभा में सभी दलों के विधायक इस मुद्दे पर एक राय थे कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को किसी केंद्रीय स्थान पर इतना बड़ा घर जरूर मिलना चाहिए, जहां वे सामाजिक, राजनीतिक लोगों से मिल सकें और जनता के काम कर सकें. पीडब्लूडी मंत्री शिवपाल यादव कहते हैं ”जो इतने बड़े राज्य का मुख्यमंत्री रहा हो, उसका सामाजिक-राजनीतिक दायरा बहुत बड़ा होता है. और अगर मुख्यमंत्री के पद से हटने के बाद भी वह राजनीति में सक्रिय है तो उससे बहुत लोग मिलने आते हैं. ऐसे में उसे एक बड़े घर की जरूरत होती है. ”
लखनऊ में दूसरा आलीशान बंगला मुलायम सिंह यादव के पास है. यह मायावती के बंगले की तरह रेड सेंड स्टोन का नहीं है. यह पुराने प्रचलन की सफेद हवेली है. उनका पूरा परिवार यहीं रहता है.
यूपी में फिलहाल सात पूर्व मुख्यमंत्रियों के पास सरकारी बंगले हैं. वीर बहादुर सिंह को मिला सरकारी बंगला उनके निधन के बाद ”वीर बहादुर सिंह जनसेवा संस्थान” के नाम एलॉट कर दिया गया. नारायणदत्त तिवारी मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद केंद्र में मंत्री और आंध्रप्रदेश व उत्तराखंड के राज्यपाल भी रहे, लेकिन उनका बंगला कायम रहा. रामनरेश यादव मध्यप्रदेश के राज्यपाल बन गए लेकिन बंगला मौजूद है. इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह राजस्थान के राज्यपाल और पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह केंद्र में गृह मंत्री हो गए लेकिन उनके भी बंगले कायम हैं.
इस बारे में बीजेपी एमएलए और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी की राय अलग है. वे कहते हैं कि ”सारे पूर्व मुख्यमंत्रियों के लिए एक टॉवर बना दिया जाए, जिसमें उन सबको छह बेडरूमों के फ्लैट एलॉट कर दिए जाएं. और इसमें सबके लिए एक सिक्यूरिटी सिस्टम हो. इस तरह सबके बंगलों पर अलग सिक्योरिटी नहीं लगानी होगी.”

आरएसएस ने गोवा प्रमुख सुभाष वेलिंगकर को हटाया, सरकार के खिलाफ काम करने का आरोप

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नई दिल्ली: आरएसएस ने अपने गोवा प्रमुख सुभाष वेलिंगकर को हटा दिया है. उन पर बीजेपी सरकार के खिलाफ काम करने का आरोप है. वेलिंगकर पर अलग से चुनाव लड़ने की तैयारी के आरोप भी लगाए गए हैं. दरअसल, वेलिंगकर ने अगले चुनाव में बीजेपी के हारने की बात कही थी.
वेलिंगकर पर आरोप है कि भारतीय भाषा सुरक्षा मंच बनाकर अलग से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। भारतीय भाषा सुरक्षा मंच ने अक्तूबर में अलग राजनीतिक दल बनाने का ऐलान किया है. अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हार की भविष्यवाणी भी की थी.
यह मंच प्राथमिक शिक्षा में मातृ भाषा को अनिवार्य करने और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों को सरकारी मदद रोकने की मांग कर रहे हैं. इसी मंच के कार्यकर्ताओं ने पिछले हफ्के अमित शाह के काफिले को काले झंडे दिखाए थे.

आज पेश की जाएगी जस्टिस ढींगरा रिपोर्ट, बढ़ सकती हैं रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें

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हरियाणा में जमीन घोटाले को लेकर बनाए गए जस्टिस ढींगरा कमीशन की रिपोर्ट सियासी हलकों में बवाल मचाने जा रही है. सूत्रों के हवाले से पता चला है कि जस्टिस ढींगरा ने अपनी रिपोर्ट में अनेक सरकारी अधिकारियों को तमाम नियम कानूनों को ताक पर रख प्रभावशाली लोगों को फायदा पहुंचाने का जिम्मेदार ठहराया है. आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आपराधिक षंडयत्र सहित अनेक धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हो सकते हैं और इनमें सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की कंपनियों समेत पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ भी केस दर्ज हो सकता है.
एक बार फिर सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट और उससे जुड़ी दूसरी कंपनियां कानून के शिकंजे में फंसती नजर आ रही है. जस्टिस एसएन ढींगरा जांच आयोग की रिपोर्ट ने इस बार रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी और कांग्रेस के नजदीकी लोगों को निशाने पर लिया है .
सूत्रों के मुताबिक जस्टिस ढींगरा बुधवार को अपनी रिपोर्ट हरियाणा सरकार को सौंप रहे हैं. हरियाणा सरकार ने 14 मई 2015 को हरियाणा विशेषकर गुड़गांव और उसके आसपास की जमीनों को लेकर हुए घोटाले की जांच को लेकर जस्टिस एसएन ढींगरा आयोग की नियुक्ति की थी. इस आयोग को जून 2016 में अपनी रिपोर्ट दाखिल करनी थी लेकिन अंतिम समय पर आयोग के सामने कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज आ गए और उसके आधार पर आयोग को जांच के लिए आठ सप्ताह का और समय मिल गया. अब ये रिपोर्ट बुधवार को पेश होने जा रही है. सूत्रों के मुताबिक इस रिपोर्ट की बाइंडिंग का काम पूरा हो चुका है.
सूत्रों के मुताबिक इस रिपोर्ट में हरियाणा सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा समेत अनेक सरकारी अधिकारियों पर तमाम नियम कानूनों को ताक पर रख कर प्रभावशाली लोगों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया गया है और इसमें सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा की कंपनी भी शामिल बतायी जा रही है. सूत्रों के मुताबिक अपनी रिपोर्ट में जस्टिस ढींगरा ने साफ तौर पर कहा है कि अनेक प्रभावशाली कंपनियों को जिनमें वाड्रा की कंपनी भी शामिल है, उन्हें सीएलयू यानी चेंज आफ लैंड यूज सर्टिफिकेट जारी किए गए जिसके चलते जमीनों की कीमतें बढ़ गईं.
सूत्रों के मुताबिक जिन कंपनियों को ये सीएलयू सर्टिफिकेट दिए गए उनकी कीमतों में जिस दर से जमीन खरीदी गई थी. उनमें पांच सौ से लेकर आठ सौ प्रतिशत तक का इजाफा हुआ. मसलन एक कंपनी ने सात करोड़ रुपये की जमीन खरीदी थी लेकिन लैंड यूज चेंज होने के बाद उस कंपनी ने वही जमीन 55 करोड़ रुपये से ज्यादा में बेची. यही नहीं इस खरीद फरोख्त के दौरान सरकार को भी चूना लगाया गया. कंपनियों ने सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत के चलते स्टाम्प डयूटी में भी हेराफेरी.
अपनी जांच के दौरान ढींगरा आयोग ने रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी से सीधे नाता रखने वाली कंपनियों और अन्य लोगों से भी पूछताछ की और इनमें से अनेक लोगों के बयान गवाहों के तौर पर और अनेक लोगों के बयान पार्टी के तौर पर दर्ज किए गए हैं. आयोग ने 50 लोगों से ज्यादा लोगों से पूछताछ की और इनमें दो दर्जन सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं.
सूत्रों के मुताबिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट में हरियाणा के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं और इस विभाग के तत्कालीन मंत्री को भी कठघरे में खड़ा किया है. सूत्रों ने बताया कि आयोग की रिपोर्ट में अनेक मामलों में मुकदमा दर्ज किए जाने और जांच कराए जाने की सिफारिश की गई है. जिनके आधार पर आपराधिक षड्यंत्र समेत अनेक धाराओं के तहत आधा दर्जन से ज्यादा आपराधिक मुकदमें दर्ज कराए जा सकते हैं. इन एफआईआर में वाड्रा की कंपनी और पूर्व मुख्यमंत्री और अनेक सरकारी अधिकारियों के नाम शामिल हो सकते हैं
सूत्रों के मुताबिक आयोग ने गुड़गांव के सेक्टर 83 समेत शिकोहपुर, सिकदंरपुर, खेड़की दौला और सिही गांवों में जमीनों को वाण‍िज्यिक लाइसेंस दिए जाने की जांच की है. जस्टिस ढींगरा आयोग ने जांच के दौरान वाड्रा और हुड्डा को भी पेश होने के नोटिस जारी किए थे. लेकिन दोनों पेश नहीं हुए थे. अब इस रिपोर्ट की सिफारिशों पर सियासी बवाल मच सकता है.

जर्मनी तक पहुंची बलूचिस्तान की आवाज, पीएम मोदी के समर्थन में लगे नारे

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म्यूनिख। बलूचिस्तान की आजादी को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज होता जा रहा है। बलूचिस्तान के अलावा अब जर्मनी में भी पाकिस्तान सरकार के खिलाफ आवाज उठ रही है। बुधवार को जर्मनी के कई हिस्सों में लोगों ने रैली निकालकर पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों ने हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
वहीं बलूचिस्तान के अवारां में भी पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगे। बलोच रिपब्लिकन पार्टी ने पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों और बलूचिस्तान में चीनी घुसपैठ के विरोध में रैली निकाली।
जर्मनी में कई जगहों पर लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारेबाजी भी की। म्यूनिख में प्रदर्शनकारियों के हाथों में पोस्टर था जिसमें लिखा था, ‘पीएम मोदी बलूचिस्तान आपको प्यार करता है।’
इससे पहले सोमवार को भी पाकिस्तान के खिलाफ बलूचिस्तान में लोगों ने प्रदर्शन किया था। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में लोगों ने ‘आजाद करो’ के नारों के साथ एक विशाल जुलूस निकाला और अपने लिए अगल सिंधुदेश बनाने की मांग की।