अमेरिका की प्रमुख रक्षा उपकरण कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने कहा है कि उसने अपने युद्धक विमान एफ-16 के अत्याधुनिक संस्करण एफ-16 ब्लॉक-70 की विनिर्माण सुविधा टेक्सास से भारत स्थानांतरित करने की पेशकश की है। उसका इरादा भारत से ही इन विमानों की स्थानीय और वैश्विक मांग को पूरा करना है।
लॉकहीड मार्टिन के पास एफ-16 ब्लॉक-70 विमान की अभी केवल एक ही उत्पादन लाइन है। हालांकि भारत के लिए की गई पेशकश के साथ शर्त यह है कि वह भारतीय वायुसेना के लिए इन विमानों का चयन करे।
कंपनी के एफ-16 कारोबार के प्रभारी रैंडल एल हॉवर्ड ने गुरुवार को यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, हमने भारत के सामने जो प्रस्ताव रखा है वह बेजोड़ है। हमने ऐसा प्रस्ताव कभी किसी के सामने नहीं रखा।
लेकिन उन्होंने साथ-साथ यह भी कहा कि उनकी कंपनी चाहती है कि एफ-16 ब्लॉक-70 विमान का भारत में भारत के लिए निर्माण हो और यहीं से इसका दुनिया में निर्यात किया जाए। पर उन्होंने इस सवाल को टाल दिया कि क्या वह यह आश्वासन देगी कि एफ-16 विमान पाकिस्तान को नहीं बेचे जाएंगे। उन्होंने बस इतना कहा कि यह बातें भारत और अमेरिका की सरकारों के बीच बातचीत का विषय होंगी।
यह पूछे जाने पर कि क्या इन विमानों का कारखाना फोर्ट वर्थ (अमेरिका) से भारत स्थानांतरित करने के लिए यह शर्त होगी कि भारतीय वायुसेना अपने बेड़े के लिए इन विमानों को चुनें तो इसके जवाब में भारत में कंपनी के कार्यकारी अभय परांजपे ने कहा, हां।
उन्होंने कहा कि यह पेशकश भारतीय वायुसेना की तरफ से सुनिश्चित ऑर्डर मिलने की शर्त पर है जो अपनी ताकत बढ़ाने के लिए नए लड़ाकू विमान खरीदने की फिराक में है।
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर कह चुके हैं कि भारत, भारतीय वायुसेना के लिए देश में ही विकसित तेजस विमान के अलावा मेक इन इंडिया के माध्यम से कम से कम एक और विमान चुनेगा।
भारतीय वायुसेना के ठेके लिए लॉकहीड मार्टिन को अमेरिका की ही अपनी प्रतिस्पर्धी कंपनी बोइंग (एफए-18ई), फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन (राफेल), स्वीडन की साब कंपनी के ग्रिपेन के अलावा यूरोफाइटर से भी प्रतिस्पर्धा मिल रही है। इन सभी कंपनियों ने भारत में अपना विमान कारखाना लगाने की पेशकश की है।
लॉकहीड मार्टिन के अधिकारी हॉवर्ड ने कहा, पर हम ना केवल अपनी एकमात्र उत्पादन सुविधा भारत में स्थानांतरित करने की पेशकश कर रहे हैं बल्कि उसी से हम दुनिया के बाकी बाजारों की जरूरत को भी पूरा करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय क्षेत्र के लिए एफ-16 ब्लॉक-70 सबसे अच्छा लड़ाकू विमान है। भारत के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वह एक ऐसा भागीदार चुने जो अपने वायदे को पूरा कर सके।
उन्होंने संकेत दिया कि इस पेशकश के बारे में बातचीत चल रही है। कंपनी भारत में सरकार और कंपनियों के साथ विभिन्न प्रकार की चर्चाएं कर रही है। उन्हें जाने को नहीं कहा गया है।
उन्होंने कहा कि इस विमान का विनिर्माण भारत में होने पर इसकी लागत कम होगी और इससे इसकी दुनिया में मांग बढ़ेगी।
F-16 फाइटर प्लेन बनाने वाली कंपनी ने भारत को दिया बेजोड़ प्रस्ताव
संसद में बोले राजनाथ, सार्क देशों के बीच वांटेड आतंकियों के प्रत्यर्पण की रखी मांग
नई दिल्ली। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को संसद में सार्क सम्मेलन के दौरान हुई चर्चा का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने सार्क सम्मेलन में आतंकवाद का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि आतंकवाद अच्छा या बुरा नहीं होता, बल्कि आतंकवाद सिर्फ आतंकवाद ही होता है। गृहमंत्री ने बताया कि उन्होंने सार्क सम्मेलन को संबोधित करते हुए ये भी कहा कि आतंकवादियों का समर्थन करने वाले देशों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
गृहमंत्री ने ये भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकी संगठनों का सभी सदस्य देशों को सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक देश के घोषित आतंकी को दूसरे देश में शहीद के तौर पर देखना गलत है।
गृहमंत्री के बयान का स्वागत करते हुए राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अगर पाकिस्तान में प्रोटोकॉल के मुताबिक गृहमंत्री का स्वागत नहीं किया तो हम उसकी निंदा करते हैं।
इससे पहले गृहमंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को पाकिस्तान को उसी की धरती पर खरी-खरी सुना आए। नाम लिए बगैर उन्होंने आतंकवाद को संरक्षण देने और आतंकियों को महिमामंडित करने के लिए आड़े हाथ लिया। दिल्ली पहुंचने के तुरंत बाद राजनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने दौरे के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) की बैठक में उन्होंने आतंकवाद को संरक्षण देने वाले देशों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। वहीं पाकिस्तान भी भारत के खिलाफ बोलने से बाज नहीं आया।
पाकिस्तानी गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान ने कश्मीर की ताजा घटना की ओर इशारा करते हुए आम जनता के खिलाफ हिंसा को भी आतंकवादी कार्रवाई करार दिया। इस तनातनी से दोनों देश और दूर ही हो गए।
पिछले महीने कश्मीर में मारे गए आतंकी बुरहान वानी को शहीद बताने पर सार्क के गृह मंत्रियों के सम्मेलन में पाकिस्तान को आड़े हाथ लेते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि एक देश का आतंकवादी किसी अन्य देश के लिए किसी भी स्थिति में शहीद नहीं हो सकता है।
खुद आतंकवाद से पीड़ित होने के पाकिस्तान के दावे पर तंज कसते हुए राजनाथ ने कहा कि उसे अच्छे और बुरे आतंकी में फर्क करने की अपनी नीति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
किसी भी तरह के आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति की जरूरत बताते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद का समर्थन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वक्त आ गया है, चाहे वह कोई संगठन हो, व्यक्ति हो या देश हो।
राजनाथ ने मुंबई हमले के आरोपी हाफिज सईद और पठानकोट हमले के आरोपी अजहर मसूद के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के लिए भी पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाई। उन्होंने कहा कि जिन संगठनों और व्यक्तियों को दुनिया आतंकी घोषित कर चुकी है, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
उनका इशारा संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा लश्करे तैयबा, जमात उद दावा और जैश ए मोहम्मद को आतंकी संगठन और हाफिज सईद को आतंकी घोषित किए जाने की ओर था। उन्होंने कहा कि इन आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद ही मुंबई और पठानकोट हमले के पीड़ितों का न्याय मिल सकेगा।
हाफिज सईद मुंबई हमले का मास्टरमाइंड है, जबकि अजहर मसूद के जैश ए मोहम्मद के खिलाफ पठानकोट एयरबेस पर हमला करने के सुबूत हैं।
राजनाथ ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई के लिए सार्क देशों के बीच आतंकियों के प्रत्यर्पण के लिए पुख्ता प्रणाली बननी चाहिए। ताकि आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के बाद कोई सजा से बच नहीं सके।
गौरतलब है कि पाकिस्तान में दाऊद इब्राहिम समेत लगभग चार दर्जन से अधिक आतंकी और अपराधी हैं, जिन्हें सौंपने की भारत लंबे समय से मांग करता रहा है।
कश्मीर को कभी पाकिस्तान का हिस्सा बनाने और बुरहान वानी को शहीद बताने वाले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ उद्घाटन भाषण में विवादित मुद्दे उठाने से बचे। उन्होंने सार्क प्रतिनिधियों को अपने यहां चलाए जा रहे आतंक विरोधी आपरेशन जर्ब-ए-अज्ब की जानकारी दी। उनका कहना था कि पाकिस्तान खुद आतंकवाद से पीड़ित है और उससे लड़ रहा है।
दोनों देशों के बीच संबंध कितने तनावपूर्ण हैं, यह तब बिल्कुल साफ हो गया जब गुरुवार को राजनाथ की पाकिस्तानी गृह मंत्री निसार अली खान से पहली बार मुलाकात हुई। उस समय दोनों नेताओं ने औपचारिकता में भी एक-दूसरे से हाथ किसी तरह मिलाया।
दरअसल होटल में पाकिस्तानी मंत्री जब मेहमानों की अगवानी कर रहे थे, तभी दोनों का आमना-सामना हुआ। दोनों ने जिस तरह हाथ मिलाया, उसमें गर्मजोशी तो दूर, औपचारिकता का भी निर्वाह नहीं दिखा। भारतीय मीडिया को फोटो भी नहीं लेने दिया गया। इस पर एक भारतीय अधिकारी की पाकिस्तानी अधिकारियों से बहस भी हो गई।
पाकिस्तानी गृह मंत्री खान ने मुख्य बैठक के बाद सार्क प्रतिनिधियों को लंच के लिए आमंत्रित किया था। लेकिन बैठक के बाद वह खुद ही वहां से चले गए। यह जानकारी मिलने के बाद राजनाथ भी लंच के लिए नहीं गए। उन्होंने होटल के अपने कमरे में अधिकारियों के साथ लंच किया और दिल्ली लौट आए।
गृहमंत्री राजनाथ ने पाकिस्तान को उसी के घर में खरी खरी सुनायी
नई दिल्ली: सार्क सम्मेलन के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे भारत के गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को आईना दिखाया। अपने संबोधन में राजनाथ ने आतंकवाद और इसका समर्थन करने वाले देशों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आतंकवादियों का ‘शहीदों’ की तरह महिमामंडन नहीं किया जाना चाहिए। पाकिस्तान में सार्क सम्मेलन के दौरान सूरत-ए-हाल पर गृहमंत्री शुक्रवार को संसद में अपना बयान देंगे।
गुरुवार को दक्षेस के गृह मंत्रियों की बैठक में राजनाथ ने कहा, ‘केवल आतंकवादियों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि इसका समर्थन करने वाले संगठनों, व्यक्तियों तथा देशों के खिलाफ भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। आतंकवादी अच्छे और खराब नहीं होते। आतंकवाद बस आतंकवाद है। आतंकवादियों का शहीदों की तरह महिमामंडन नहीं किया जाना चाहिए।’
कल के घटनाक्रम में गृह मंत्री राजनाथ सिंह पाकिस्तान के गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान की ओर से दिये गए भोज में तब शामिल नहीं हुए जब स्वयं मेजबान ही मौके से चले गए। खान ने दक्षेस देशों के गृह मंत्रियों के सातवें सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान आये गणमान्य व्यक्तियों के लिए भोज का आयोजन किया था। खान ने भोज मुख्य बैठक के बाद रखा था। यद्यपि पाकिस्तान के गृह मंत्री भोज के मेजबान होने के बावजूद बैठक के बाद कार्यक्रम स्थल से चले गए। सिंह ने उसके बाद भोज में शामिल नहीं होने का निर्णय किया। बाद में गृह मंत्री सिंह ने अपने होटल के कमरे में अपने साथ आये भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के साथ दोपहर का भोजन किया। भोजन करने के बाद सिंह भारत के लिए रवाना हो गए।
ट्रंप ने पूछा – परमाणु हथियारों का इस्तेमाल क्यों नहीं कर सकता US?
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान के बाद विदेश नीति के जानकार सकते में आ गए हैं। इस बयान में ट्रंप ने परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की बात कही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बुधवार को एमएसएनबीसी टीवी पर प्रसारित एक ब्रीफिंग के दौरान डोनाल्ड ट्रंप विदेश नीति सलाहकार से लगातार पूछ रहे थे कि अमेरिका न्यूक्लियर हथियारों का इस्तेमाल क्यों नहीं कर सकता? टीवी शो मॉर्निंग जो के होस्ट जो स्कारबोरो के मुताबिक ट्रंप ने उनसे कई बार पूछा कि अमेरिका अपने परमाणु हथियारों का इस्तेमाल क्यों नहीं कर सकता। जो स्कारबोरो फ्लोरिडा से पूर्व रिपब्लिकन कांग्रेसी है।
हालांकि डोनाल्ड ट्रंप के खेमे ने इस बात को खारिज किया है। वहीं अमेरिका के लोग ट्रंप की मानसिक स्थिरता और इस बात को लेकर चिंतित है कि वो दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना संभाल भी पाएंगे या नहीं।
बताया जाता है कि रिपब्लिकन पार्टी के लोग भी ट्रंप की अनियमित सार्वजनिक घोषणाओं से परेशान हैं। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता तो ट्रंप के बीच में ही नॉमिनेशन छोड़ने की बात पर विचार कर रहे हैं। ट्रंप के आलोचक मानते हैं कि कई गंभीर मुद्दों पर भी उनका रवैया लापरवाह रहता है।
डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि जापान, दक्षिण कोरिया, सऊदी अरब जैसे देशों को अपने परमाणु हथियार खुद विकसित करने चाहिए। ट्रंप ने इस बात से भी इन्कार नहीं किया है कि वो यूरोप या इराक, सीरिया में आईएसआईएस के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेंगे।
ईरान ने 20 सुन्नी आतंकियों को दी फांसी की सजा
तेहरान। ईरान की सरकारी मीडिया ने रिपोर्ट दी है कि 20 सुन्नी आतंकियों को मंगलवार को मौत की सजा दी गई है। इन सभी ने महिलाओं और बच्चों की हत्या की, देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया। इसके साथ ही इन्होंने कुर्दिश इलाके के कुछ सुन्नी नेताओं को भी मारा था।
सरकारी अभियोजक जनरल मोहम्मद जावेद मोंतज़री ने ईरान के IRIB टेलीविजन में यह बात कही। उन्होंने बताया कि सभी दोषियों को मंगलवार को फांसी दी गई।
ईरान के खुफिया मंत्रालय ने वर्ष 2009 से 2011 के बीच हुए किए गए 24 हथियारबंद हमलों की सूची बुधवार को जारी की। इन सभी हमलों को कथित तौर पर एक ही गुट ने अंजाम दिया था, जिनमें बमबारी और डकैती भी शामिल हैं।
देश के पश्चिम प्रांतों में मारे गए 21 लोगों की मौत के लिए ‘तौहिद (एकेश्वरवादी) और जिहाद’ आतंकी संगठन जिम्मेदार था। मंत्रालय ने बयान में कहा कि इस आतंकी संगठन के 102 सदस्यों की पहचान की गई थी। इनमें से कुछ पुलिस मुठभेड़ में मारे गए, वहीं अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया था। पकड़े गए आंतकियों में से कुछ को फांसी और कुछ को आजीवन कैद की सजा सुनाई गई थी।
मोंतजरी ने बताया कि सभी दोषी विदेश से ईरान में आए थे और ‘तकफीरी’ विचारधारा (आमतौर पर सुन्नी जिहादियों को कहते हैं) को मानने वाले थे।
पाकिस्तान की निकृष्टता
पाकिस्तान के हुक्मरानों ने अपना असली रंग दिखा ही दिया। दहशतगर्दी को मदद देने की उनकी करतूतें दुनिया को सुनाई ना दें, इसके लिए उन्होंने ऐसा तरीका अपनाया जिसे अंतरराष्ट्रीय शिष्टाचार का उल्लंघन माना जाएगा। गृह मंत्री राजनाथ सिंह दक्षिण एशिया क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के गृह मंत्रियों के सम्मेलन में भाग लेने इस्लामाबाद गए थे। मगर राजनाथ सिंह के भाषण को मीडिया कवरेज से रोक दिया गया।
खबरों के मुताबिक राजनाथ सिंह से हाथ मिलाने से पाकिस्तान के गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान बचते रहे। यह शायद पहला मौका है, जब पाकिस्तान ने किसी भारतीय नेता की व्यक्तिगत तौर पर ऐसी अनदेखी की हो। इसे असभ्यता के अलावा और क्या कहा जाएगा! इस पर राजनाथ सिंह का खफा होना वाजिब ही था। शायद इसीलिए वे सम्मेलन स्थल पर मेजबान द्वारा आयोजित भोज में शामिल नहीं हुए। पाकिस्तान के इस सलूक से हर भारतीय की भावनाएं आहत हुई हैं। पाकिस्तान को इसका भरपूर जवाब दिया जाना चाहिए।
दरअसल, अब जरूरी हो गया है कि पाकिस्तान से संबंध व संपर्क रखने की अपनी नीति पर भारत सरकार पुनर्विचार करे। इस घटना से यह भी साफ हुआ है कि पाकिस्तान सार्क जैसी बहुपक्षीय बैठकों का मेजबान बनने योग्य नहीं है। बहुपक्षीय बैठकों का अलग संदर्भ होता है। यह तय करना मेजबान की जिम्मेदारी होती है कि किसी देश से उसके द्विपक्षीय तनाव का असर ऐसी बैठकों पर ना पड़े। अगर टीवी चैनलों ने वहां आए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भाषण का प्रसारण किया, तो अपेक्षित और तार्किक था कि उन्हें सभी नेताओं के भाषण को दिखाने की अनुमति मिलती। किंतु पाकिस्तान ने इस मूलभूत मर्यादा का उल्लंघन किया।
इसी वर्ष पाकिस्तान में सार्क शिखर सम्मेलन होने वाला है। जाहिर है, इस घटना के बाद उसमें भाग लेने के सवाल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दुविधा बढ़ जाएगी। बहरहाल, राजनाथ सिंह की तारीफ होनी चाहिए कि ऐसे प्रतिकूल माहौल में भी पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने में उन्होंने कोई हिचक नहीं दिखाई। दो-टूक कहा कि आतंकवादियों को शहीद बताकर उनका महिमामंडन नहीं किया जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले नवाज शरीफ ने कश्मीर में सुरक्षा बलों के हाथों मारे गए हिज्बुल मुजाहिदीन के दहशतगर्द बुरहान वानी को शहीद बताया था।
सार्क बैठक के एजेंडे में आतंकवाद भी एक मुद्दा है। अत: पाकिस्तानी नेताओं को अंदाजा था कि उनकी सीमापार आतंकवाद प्रायोजित करने की नीति पर राजनाथ अपनी बात रखेंगे। तो उन्होंने उनके भाषण का प्रसारण रोक दिया। लेकिन ऐसा करके उन्होंने अपने अपराधबोध का ही परिचय दिया। न सिर्फ सार्क देश, बल्कि पूरी दुनिया इसे इसी रूप में देखेगी। पाकिस्तान अब और ज्यादा बेपर्दा हो गया है।
टीम इंडिया की जीत में रोड़ा बने चेज, शानदार शतक से ड्रॉ कराया दूसरा टेस्ट
अपने दूसरे ही टेस्ट में रोस्टन चेज के शतक की बदौलत वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ दूसरे क्रिकेट टेस्ट के पांचवें और अंतिम दिन जोरदार वापसी करते हुए मैच ड्रॉ करवा लिया. दूसरी पारी में वेस्टइंडीज ने 6 विकेट पर 388 रन बनाकर मैच ड्रॉ करा बड़ी सफलता हासिल की. चेज 137 और कप्तान जेस होल्डर 64 रन बनाकर नाबाद लौटे.
पहली पारी में 304 रन से पिछड़ने वाली वेस्टइंडीज पर पांचवे दिन हार का खतरा मंडरा रहा था. आखिरी दिन जब वेस्टइंडीज खेलने उतरा तब उसका स्कोर 48 रन पर 4 विकेट था, लेकिन जब पांचवे दिन मैच ड्रा पर खत्म हुआ तो उसका स्कोर 6 विकेट पर 388 रन था. मैच के आखिरी दिन शानदार बल्लेबाजी के दम मेजबान टीम ने हार हुए मैच को ड्रॉ में बदल दिया. अब तक शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय गेंदबाज आखिरी दिन बेअसर दिखे. दिनभर के खेल में वे सिर्फ दो विकेट ले सके और भारत को मिलने वाली आसान जीत नहीं दिला सके.
अपने दूसरे मैच में पांच विकेट और शतक जड़ने की उपलब्धि हासिल करने वाले चेज ने 269 गेंदों का सामना करते हुए 15 चौके और एक छक्का जड़ा. गैरी सोबर्स के लगभग 50 साल पहले किसी टेस्ट में पांच विकेट और शतक जड़ने के बाद चेज वेस्टइंडीज के पहले खिलाड़ी हैं जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है. चेज ने इससे पहले जर्मेन ब्लैकवुड (63) के साथ पांचवें विकेट के लिए 93 और शेन डाउरिच (74) के साथ छठे विकेट के लिए 144 रन की साझेदारी उस समय की जब वेस्टइंडीज की टीम 48 रन पर चार विकेट गंवाने के बाद संकट में थी और उस पर पारी की हार का खतरा मंडरा रहा था.
भारत की ओर से मोहम्मद शमी (82 रन पर दो विकेट) और अमित मिश्रा (90 रन पर दो विकेट) ने दो-दो विकेट चटकाए हैं जबकि इशांत शर्मा (56 रन पर एक विकेट) और रविचंद्रन अश्विन (114 रन पर एक विकेट) को एक-एक विकेट मिला.
'अंगुरी भाभी' लगाएंगी इस बॉलीवुड एक्टर के साथ ठुमके,
‘अंगुरी भाभी’ के फैन्स के लिये एक खुश खबरी है। ‘भाभी जी घर पर हैं’ से मशहूर हुई शिल्पा शिंदे जल्द ही ऋषि कपूर के साथ एक आइटम नंबर करने वाली हैं।
जी हां, आपने सही पढ़ा, शिल्पा को ‘अंगुरी’ का रोल छोड़ने के बाद टीवी इंडस्ट्री से बैन सहना पड़ा था, लेकिन लगता है अब ‘मराठी मुलगी’ एक्शन में आ गई हैं। वेब सीरीज ‘कॉन्ट्रोवर्शियल भाभी’ से वापसी के साथ वो अब फिल्म ‘पटेल की शादी’ में कैमियो करने वाली हैं।
शिल्पा शिंदे ने हाल ही में उनके पसंदीदा ‘चींटु जी’ यानी ऋषि कपूर के साथ ‘आइटम नंबर’ शूट किया है। कनिका कपूर द्वारा गाये इस गाने को गणेश आचार्य कोरियोग्राफ कर रहे हैं।
संजय छैल द्वारा निर्देशित इस फिल्म में ऋषि कपूर के अलावा परेश रावल और वीर दास भी हैं। इस गाने को ग्रेड लेवल पर जल्द ही मुंबई में लॉन्च किया जायेगा। ‘पटेल की शादी’ के मेन हाइलाइट ऋषि कपूर और परेश रावल हैं क्योंकि इससे पहले ये दोनों कभी साथ में नजर नहीं आये हैं।
फिल्म की कहानी ‘2 स्टेट्स’ से संबाधित है। फिल्म में ऋषि कपूर एक ‘पंजाबी पिता’ और परेश रावल ‘गुजराती पिता’ के किरदार में नज़र आएंगे। फिल्म में दोनों के बच्चे वीर दास और साउथ इंडियन एक्ट्रेस पायल घोष को प्यार हो जाता है और दोनों एक दूसरे के परिवार को मिलवाते हैं। उसके आगे की कॉमेडी ही फिल्म का प्लॉट है।
2016 में शिल्पा खूब कॉन्ट्रोवर्सी में रहीं है। शो के निर्माता के साथ अनबन होने की वजह से उन्होंने ‘भाभी जी घर पर हैं’ बीच में छोड़ दिया था। उसके बाद वो वेब सीरीज की श्रेणी में चली गई और आज कल वो अपनी वेब सीरीज को प्रमोट करने में व्यस्थ हैं।
शिल्पा ने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत एक फ्लॉप फिल्म ‘ले चल मुझे संग’ से की लेकिन उसके बाद ‘भाभीजी घर पर हैं’ से उन्हें खूब लोकप्रियता मिली। अब देखना ये है कि क्या उनका ये आइटम नंबर उनके करियर को आगे बढ़ाएगा या नहीं। फिल्म इसी साल रिलीज होने वाली है।
शाहरुख के साथ एक बार फिर रोमांस करेंगी दीपिका पादुकोण
एक के बाद एक हिट फिल्में देने के बाद दीपिका पादुकोण के पास अच्छी फिल्मों की लाइन लगी हुई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक दीपिका ‘तनु वेड्स मनु’ के डायरेक्टर आनंद एल राय के साथ एक मूवी करने जा रहीं हैं और इसमें उनके को-स्टार शाहरुख खान होंगे.
शाहरुख-दीपिका की जोड़ी ‘ओम शांति ओम’, ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ और ‘हैप्पी न्यू ईयर’ के बाद चौथी बार बड़े पर्दे पर दिखाई देगी. फिलहाल दीपिका का करियर सुनहरे दौर से गुजर रहा है. हाल ही में दीपिका ‘पद्मावती’ के लिए 12.65 करोड़ लेकर बॉलीवुड की सबसे महंगी हिरोइन भी बन गईं हैं और इसके साथ ही वो विन डीजल के अपोजिट ‘xXx: The Return of Xander Cage’ के साथ हॉलीवुड में भी डेब्यू करने जा रहीं हैं
शाहरुख-दीपिका की आने वाली इस फिल्म से जुड़े सूत्र का कहना है, ‘दीपिका से फिल्म के बारे में बात हो गई है और वह जल्द ही यह फिल्म साइन कर लेंगी.’ आपको बता दें कि शाहरुख खान इस फिल्म में बौने के किरदार में नजर आएंगे.
'राब्ता' में एक्शन अवतार में नजर आएंगी कृति सनन
बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सनन अपनी आने वाली फिल्म ‘राब्ता’ में जोरदार एक्शन करती नजर आएंगी। उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा से एक्शन सिक्वेंसेज करना चाहती थी। मुझे वह आकषर्क लगते हैं, लेकिन वह काफी मुश्किल और शारीरिक रूप से थकाने वाले होते हैं। एक्शन सीन करने के लिए सबसे मुश्किल काम क्षमता बढ़ाना होता है, जो धीरे-धीरे हो पाता है।’
कृति इन दिनों दिनेश विजन के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘राब्ता’ में सुशांत सिंह राजपूत के साथ काम कर रही है। कृति ने वर्ष 2014 में प्रदर्शित फिल्म ‘हीरोपंती’ से बॉलीवुड में अपने करियर की शुरूआत की थी। इसके बाद कृति ने फिल्म ‘दिलवाले’ में काम किया।







